Varanasi News: बीएचयू के कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि विश्वविद्यालय और एफपीओ के बीच इस तरह का सहयोग खेती को अधिक लाभकारी बना सकता है. इससे किसानों को नई तकनीक, बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिलेंगे, जिससे उनकी आय में ढ़ोतरी और कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है.
भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी (IIVR) के द्वारा सोमवार से 45 दिनों का किसानों के लिए जागरुकता अभियान शुरू किया गया. किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, टिकाऊ कृषि पद्धतियों और कम लागत वाली वैज्ञानिक खेती की ओर प्रेरित करना है.
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