भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर हिमाचल प्रदेश में सेब उत्पादकों की चिंता बढ़ गई है. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि विदेशी फलों पर आयात शुल्क में कमी से राज्य की बागवानी आधारित अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है. वहीं, विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने भी केंद्र से किसानों और बागवानों के हित सुरक्षित रखने की मांग की.
भारत-अमेरिका संभावित ट्रेड डील को लेकर किसान नेता ठाकुर गुणी प्रकाश ने विरोध कर रहे किसान संगठनों और नेताओं पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि व्यापार समझौतों को किसानों के खिलाफ बताकर भ्रम फैलाया जा रहा है, जबकि किसानों के विकास के लिए तकनीक, खुले बाजार और निर्यात के अवसर जरूरी हैं.
Dairy-Poultry इंडिया-यूएस डील का विरोध एक बार फिर शुरू हो गया है. 23 जून को किसानों ने जंतर-मंतर, दिल्ली में एक दिन का सांकेतिक धरना भी दिया. ये धरना संयुक्त किसान मोर्चा ने आयोजित किया था. किसानों ने डील रद्द करने की मांग करते हुए सरकार को बड़ी चेतावनी दी है.
Side Effects of DSR: धान की सीधी बिजाई के नाम पर क्या भारत की खेती और यहां के किसानों को किसी साजिश का शिकार बनाया जा रहा है? हर्बिसाइड के ज्यादा इस्तेमाल की वजह से भविष्य में जब हमारे खेतों की मिट्टी ज्यादा जहरीली हो जाएगी तब क्या इस तकनीक को प्रमोट करने वाले कृषि वैज्ञानिक और अधिकारी अपने सिर नुकसान की जिम्मेदारी लेंगे? या फिर तब हरित क्रांति के साइड इफेक्ट्स की तरह ही व्यवस्था पल्ला झाड़ लेगी और ठीकरा किसान पर ही फूटेगा?
महाराष्ट्र विधानसभा के मॉनसून सत्र से पहले विपक्ष ने किसानों के मुद्दे को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. विपक्षी नेताओं ने किसानों की पूरी कर्जमाफी की मांग करते हुए कहा कि मौजूदा कर्जमाफी योजना की शर्तों को आसान बनाया जाना चाहिए, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसानों को इसका लाभ मिल सके.
किसानों को फसल नुकसान के बाद बड़ी राहत दी जा रही है. सरकार द्वारा डीबीटी के माध्यम से प्रभावित किसानों के खातों में 200 करोड़ रुपये की सहायता राशि सीधे भेजी जा रही है. ओलावृष्टि से हुई क्षति की भरपाई के लिए यह कदम उठाया गया है. इससे किसानों को समय पर आर्थिक मदद मिल रही है और उनकी परेशानियां कम हो रही हैं.
भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ने भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील का विरोध करते हुए इसे देश की खाद्य सुरक्षा, कृषि, डेयरी और किसानों की आजीविका के लिए खतरा बताया है. संगठन प्रमुख गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने 23 जून को देशभर में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन का आह्वान किया और सरकार से सभी प्रस्ताव सार्वजनिक करने की मांग की.
पंजाब में संयुक्त किसान मोर्चा ने राज्यपाल और चंडीगढ़ प्रशासक गुलाब चंद कटारिया को ज्ञापन सौंपकर किसानों से जुड़े मुद्दे उठाए. प्रतिनिधिमंडल ने MSP की कानूनी गारंटी, किसानों और कृषि मजदूरों के कर्ज राहत, जल संरक्षण, फसल बीमा, भूमि अधिग्रहण और किसान आंदोलन से जुड़े मामलों को वापस लेने की मांग की.
Kanpur News: सीएम ने कहा कि यह केवल व्यक्ति की गलती नहीं, बल्कि उस व्यवस्था का दोष है जो केमिकल फर्टिलाइजर व पेस्टीसाइड के उपयोग को बढ़ावा देती है. यदि किसान गो आधारित प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ते हैं तो प्रति एकड़ 10 से 12 हजार रुपये की सीधी बचत रासायनिक उर्वरकों व कीटनाशकों पर होने वाले खर्च में ही हो जाएगी.
गुजरात के मोरबी में खेतों में बिना मुआवजा दिए और बिना अनुमति के जबरन बिजली के खंभे लगाने के विरोध में किसान पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं. अपनी मांगों को लेकर किसान अब आमरण उपवास और प्रतीक धरने पर बैठ गए हैं. किसानों का आरोप है कि सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है. किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे अपनी आखिरी सांस तक लड़ेंगे और आने वाले समय में उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे.
कर्नाटक के बिदादी में प्रस्तावित ग्रेटर बेंगलुरु इंटीग्रेटेड टाउनशिप (GBIT) परियोजना को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. जमीन अधिग्रहण के विरोध में किसानों के मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गई है. भाजपा ने सरकार पर किसानों पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है, जबकि कांग्रेस विकास परियोजना का समर्थन कर रही है.
महाराष्ट्र के बुलढाणा में कर्जमाफी की शर्तों के विरोध में किसान आंदोलन तेज हो गया. किसान नेता रविकांत तुपकर के अन्नत्याग आंदोलन के समर्थन में सैकड़ों किसान जिला अधिकारी कार्यालय पहुंचे. प्रदर्शन के दौरान एक युवा किसान ने खुद पर पेट्रोल डाल लिया, जबकि अन्य किसानों ने दूध बहाकर और सब्जियां फेंककर विरोध जताया.
कर्नाटक के बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट को लेकर सियासत तेज हो गई है. बीजेपी और जेडीएस ने राहुल गांधी से हस्तक्षेप की मांग की है, जबकि सीएम डीके शिवकुमार का दावा है कि अधिकांश किसानों ने सहमति दे दी है. भूमि अधिग्रहण, मुआवजे, किसानों के विरोध और पर्यावरणीय नुकसान को लेकर विवाद गहराता जा रहा है.
छत्तीसगढ़ सरकार ने बिजली दरों में औसतन 6.23 प्रतिशत बढ़ोतरी लागू करने का फैसला किया है, जो 1 जुलाई से प्रभावी होगी. कांग्रेस ने इस फैसले को जनता पर अतिरिक्त बोझ बताते हुए विरोध किया है, जबकि बिजली विभाग का कहना है कि राहत योजनाएं और सब्सिडी पहले की तरह जारी रहेंगी.
महाराष्ट्र के संभाजीनगर में ऑनलाइन फर्टिलाइजर बुकिंग ऐप के विरोध में कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया. किसानों को खाद नहीं मिलने की समस्या को लेकर चक्का जाम किया गया और सरकार से पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग उठी.
Lucknow News: योगी ने कहा कि जेवर अब पुराना जेवर नहीं रहा, इसने इतिहास रच दिया है. जेवर क्षेत्र 9 साल पहले उत्तर प्रदेश की आपराधिक गतिविधियों का केंद्र बन गया था. शाम होते आवागमन बंद हो जाता था. बेटी असुरक्षित थी, नौजवान के सामने भविष्य का संकट और किसानों के लिए कोई सुविधा नहीं थी.
नोएडा के जेवर क्षेत्र के 170 से अधिक किसान और खेतिहर मजदूर पहली बार हवाई जहाज से लखनऊ पहुंचे. जिन खेतों की जमीन पर एयरपोर्ट बना, वहीं से उड़ान भरना उनके लिए सपने के सच होने जैसा था. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों का स्वागत किया और उनके योगदान को प्रदेश की प्रगति का आधार बताया.
किसान कर्जमाफी योजना का शर्तों में बदलाव को लेकर अनशन पर बैठे रोहित पवार ने अपना भूख हड़ताल वापस ले लिया है. रविवार देर रात महाराष्ट्र सरकार के मंत्री गिरीश महाजन पंढरपुर पहुंचे और रोहित पवार से मुलाकात की. उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार किसानों की चिंताओं को गंभीरता से ले रही है और इस मुद्दे पर चर्चा के लिए बैठक आयोजित की जाएगी.
कृषि मंत्री भरणे ने जानकारी दी कि मंगलवार यानी 16 जून को कैबिनेट और सभी संबंधित विभागों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है. इस बैठक में रोहित पवार आएं और अपनी बात सीएम देवेंद्र फडणवीस के सामने रखें.
कर्नाटक के बेंगलुरु दक्षिण जिले में प्रस्तावित GBIT टाउनशिप प्रोजेक्ट को लेकर किसानों का विरोध तेज हो गया है. 499 एकड़ जमीन अधिग्रहण के फैसले के खिलाफ किसान संगठनों ने 22 जून को बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है.
रोहतक में हाईटेंशन लाइन के जमीन मुआवजे को लेकर किसानों ने पंचायत और मार्च किया. किसानों ने सरकार से मार्केट वैल्यू तय करने के लिए लागू लॉटरी व्यवस्था वापस लेने और 30 जनवरी 2026 की मुआवजा व्यवस्था लागू रखने की मांग उठाई.
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