पंजाब के फरीदकोट में विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां के आवास के बाहर चल रहे किसान धरने को पुलिस ने हटवा दिया. इस दौरान 200 से अधिक किसानों को हिरासत में लिया गया. किसान कर्ज माफी, शंभू-खनौरी आंदोलन के दौरान हुए नुकसान का मुआवजा और लैंड मॉर्गेज बैंकों की कथित अनियमितताओं समेत कई मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे.
आज देश की कृषि व्यवस्था दोहरे संकट में है. एक तरफ अंधाधुंध घातक केमिकल के इस्तेमाल से हमारी थाली परोसा हुआ जहर बन रही है, जिससे गंभीर बीमारियां फैल रही हैं. दूसरी तरफ विदेशों में भारतीय आम, चावल और मसालों के कंसाइनमेंट रिजेक्ट होने से वैश्विक बाजार में देश की साख धूल में मिल रही है. इस राष्ट्रीय आपदा के लिए कोई और नहीं, बल्कि हमारा लचर कृषि सिस्टम, सप्लाई चेन और एक्सपोर्ट से जुड़े विभाग सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं.
किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने 16 अगस्त से दाता सिंह वाला-खनौरी बॉर्डर से 228 किलोमीटर की किसान पदयात्रा शुरू करने का ऐलान किया है. यह यात्रा 29 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचेगी, जहां बड़ी किसान रैली होगी. किसानों की MSP गारंटी, रोजगार और अन्य मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की तैयारी है.
ओडिशा के उपमुख्यमंत्री केवी सिंह देव ने बागवानी अधिकारियों को काम में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है. 57 कोल्ड स्टोरेज में सिर्फ एक के पूरा होने पर उन्होंने नाराजगी जताई. सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए आधुनिक खेती, ऑयल पाम, हाई-वैल्यू फसलों, फूलों की खेती, पोस्ट-हार्वेस्ट मैनेजमेंट और बेहतर बाजार व्यवस्था पर जोर दे रही है.
केंद्र सरकार का दावा है कि किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं से देश के अन्नदाताओं की तरक्की हुई है. सरकार के मुताबिक, 2025-26 तक कुल अनाज का उत्पादन बढ़कर 376.56 मिलियन टन पहुंच गया है. एमएसपी पर भारी खरीदारी, करोड़ों किसानों को पीएम-किसान के तहत आर्थिक मदद, केसीसी के ज़रिए सस्ता क़र्ज़ और फसल बीमा योजना से किसानों को बहुत बड़ा सहारा मिला है.
अजमेर में सिंगला-रूपनगढ़ सिंचाई परियोजना के विरोध में चार गांवों के किसानों ने बड़ा प्रदर्शन किया. करीब 100 ट्रैक्टरों के साथ 52 किलोमीटर दूर से पहुंचे किसानों ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर जमीन अधिग्रहण का विरोध किया. किसानों ने करीब 3000 बीघा जमीन बचाने की मांग की. प्रशासन ने कमेटी बनाकर मामले की जांच का भरोसा दिया है.
भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर किसान संगठनों में मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं. भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी और एमएसपी कमेटी सदस्य गुणी प्रकाश ने वीडियो बयानों में एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं. जानें क्या है पूरा मामला...
दुनिया भर में इस मखाना सुपरफूड का डंका बज रहा है. पिछले 5 सालों में इसका एक्सपोर्ट 4 गुना पार कर गया था.लेकिन,अचानक इसकी तेज़ रफ़्तार पर बड़ा ब्रेक लग गया है.विदेशी बाज़ार में टैक्स और गिरती कीमतों से कारोबारियों को तगड़ा झटका लगा.ऐसे मुश्किल वक्त में हमारे देसी बाज़ार की बम्पर डिमांड ने इस कारोबार को भारी नुकसान से बचा लिया.अब आगे का मुनाफ़ा पूरी तरह बेहतरीन क्वालिटी और सही वेयरहाउस मैनेजमेंट पर ही टिका हुआ है.
E20 और इथेनॉल ब्लेंडिंग को लेकर राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल और केंद्र सरकार के बीच सियासी घमासान तेज है. 2013 के सरकारी रिकॉर्ड में 5 फीसदी ब्लेंडिंग लक्ष्य, घरेलू इथेनॉल की कमी और ग्लोबल टेंडर का जिक्र मिलता है. वहीं आज भारत में इथेनॉल उत्पादन क्षमता कई गुना बढ़ चुकी है. जानिए 2013 से 2026 तक पूरी कहानी.
कावेरी जल विवाद फिर गरमा गया है. CWMA ने कर्नाटक को 12 अगस्त से अगले 15 दिनों तक तमिलनाडु के लिए रोजाना 12,000 क्यूसेक पानी छोड़ने का आदेश दिया है. कर्नाटक सरकार ने कानूनी विकल्पों पर विचार शुरू कर दिया है, जबकि किसान संगठनों और कन्नड़ समूहों ने विरोध प्रदर्शन और 13 अगस्त को कर्नाटक बंद का ऐलान किया है.
बिदादी किसानों की पदयात्रा को कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने समर्थन दिया है. उन्होंने पुलिस को किसानों को न रोकने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रखने देने के निर्देश दिए. किसानों की मुख्य मांग कुछ गांवों के लिए अधिसूचना जारी करना है, ताकि उन्हें मुआवजा मिल सके. जानिए क्या है पूरा मामला और किसानों की मांग पर सरकार का रुख.
चंडीगढ़ में आयोजित किसान विधानसभा में 16 किसान संगठनों ने E20 नीति का आंख बंद करके विरोध करने पर पंजाब सरकार की आलोचना की. संगठनों ने केंद्र से बातचीत, किसानों के लिए मुआवजा, फसलों की खरीद-गारंटी और MSP पर पारदर्शी व्यवस्था की मांग उठाई.
शरद पवार के घर सजी वीआईपी महफिल में एक शख्स पीएम मोदी को फोन में कुछ दिखाने लगा. सब हैरान थे कि दिग्गजों के बीच यह आम इंसान कौन है? ये कोई नेता नहीं, बल्कि किसान मिथिलेश हैं. लेकिन असली सस्पेंस यह है कि आखिर क्यों इन्होंने जर्मनी की नौकरी और यूपीएससी का ख्वाब ठुकरा दिया? ऐसा क्या कमाल किया कि आज ये 95 लाख रुपये कमा रहे हैं?
भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में मानसा में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसान संगठनों ने प्रदर्शन किया. डीसी दफ्तर के बाहर मांग पत्र लेने अधिकारी के नहीं पहुंचने पर किसान भड़क गए और बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की. इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों में धक्का-मुक्की हुई और एक महिला पुलिसकर्मी सड़क पर गिर गई. बाद में एडीसी ने मांग पत्र लिया.
बिहार के बांका में न्यूक्लियर पावर प्लांट लगाने की चर्चा के बीच किसानों और भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया. शंभूगंज में हुए धरने में सिंचाई व्यवस्था सुधारने, किसानों की समस्याओं का समाधान करने, भूमिहीनों को वासगीत का पर्चा देने और परियोजना पर रोक लगाने समेत 12 सूत्री मांगें उठाई गईं. प्रशासन ने लोगों से बातचीत जारी रखने की बात कही.
बाढ़ और ओलावृष्टि प्रभावित किसानों को मुआवजा देने का भरोसा, 15 अगस्त के बाद फिर होगी बैठक. DIG, DC और SSP के साथ बैठक के बाद किसानों ने लिया फैसला, मानांवाला में नहीं रोकी जाएंगी ट्रेनें.
केंद्रीय कृषि मंत्री ने देश के कृषि संस्थानों और कृषि विश्वविद्यालयों को कृषि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने का सख्त निर्देश दिया है. उन्होंने संस्थानों से ग्लोबल स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाने के लिए कार्य करने को कहा है और इसके लिए बाकायदा एक खास टारगेट भी सेट किया है.
अमृतसर में किसानों, मजदूरों, आंगनवाड़ी, आशा और मिड-डे मील वर्करों ने डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया. किसानों ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड एग्रीमेंट और केंद्र की नीतियों का विरोध किया. वहीं, आंगनवाड़ी वर्करों ने मानदेय, ऑनलाइन काम और फीड से जुड़ी समस्याएं उठाईं. संगठनों ने मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी.
दिल्ली में कथित "चावल घोटाले" को लेकर AAP और BJP आमने-सामने आ गई हैं. AAP ने आरोप लगाया कि गरीबों के लिए सब्सिडी वाला चावल हरियाणा की एक निजी कंपनी को बेचकर बड़ा खेल किया गया.
नर्मदा के खोपी गांव में जंगल की जमीन पर खेती को लेकर विवाद बढ़ गया है. आदिवासी किसान वर्षों से खेती करने का दावा करते हुए अपने हक की मांग कर रहे हैं. किसानों के समर्थन में BJP सांसद मनसुख वसावा और विधायक डॉ. दर्शना देशमुख धरने पर बैठे. वन विभाग के नियम और जमीन की सीमा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.
कर्नाटक में प्रस्तावित ग्रेटर बेंगलुरु इंटीग्रेटेड टाउनशिप (GBIT) परियोजना के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहण के विरोध में जेडी(एस) और भाजपा ने संयुक्त तीन दिवसीय पदयात्रा शुरू की. विपक्षी नेताओं ने सरकार पर किसानों की अनदेखी और रियल एस्टेट हितों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है.
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