BKU नेता राकेश टिकैत ने बिहार में राज्यव्यापी किसान आंदोलन का आह्वान किया है. उन्होंने किसानों की जमीन के उचित मुआवजे, बिहार शहर विकास अधिनियम को रद्द करने, कर्जमाफी, C2+50 फॉर्मूले पर MSP और किसानों-मजदूरों के लिए मासिक पेंशन की मांग उठाई है.
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के मुखिया के तौर पर 25 साल पूरे होने पर उन्हें बधाई दी. उन्होंने 7 अक्टूबर 2001 से शुरू हुए मोदी के सफर को राष्ट्रीय पुनर्निर्माण से विकसित भारत तक की यात्रा बताया और कोविड, एयर स्ट्राइक, सर्जिकल स्ट्राइक व ऑपरेशन सिंदूर जैसे फैसलों का जिक्र किया.
कर्नाटक कैबिनेट ने नंदिनी दूध की कीमत 8 रुपये प्रति लीटर बढ़ाने को मंजूरी दी है. नई कीमत 1 नवंबर से लागू होने की संभावना है. वहीं, मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के कारण बस किराया बढ़ाने का फैसला टाल दिया गया है. बेंगलुरु में पुलिस व्यवस्था में बदलाव करते हुए पांच पुलिस कमिश्नरेट बनाने का भी फैसला लिया गया है.
संगरूर में भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के नेतृत्व में किसान 13 मांगों को लेकर डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे हैं. प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय के तीनों गेट बंद कर अधिकारियों और कर्मचारियों की एंट्री रोक दी है.
अंबाला कैंट की अनाज मंडी में भारतीय किसान यूनियन (शहीद भगत सिंह) से जुड़े किसानों ने धान खरीद में आ रही दिक्कतों के विरोध में धरना दिया. किसानों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का पुतला फूंका और धान खरीद की सीमा 26.26 से बढ़ाकर 32 क्विंटल प्रति एकड़ करने की मांग की.
राजस्थान के कई जिलों में कम बारिश से सूखे जैसे हालात बन रहे हैं. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सरकार से पानी, चारा और रोजगार की व्यवस्था के लिए तुरंत आपात योजना बनाने की मांग की है. उन्होंने प्रभावित गांवों में राहत काम शुरू करने, किसानों का कर्ज माफ करने और लोगों व पशुओं के लिए पर्याप्त पानी और चारे का इंतजाम करने की मांग की है.
कर्नाटक में सूखे से किसान और आम लोग परेशान हैं. मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने केंद्र से 7,142.64 करोड़ रुपये की राहत मांगी है. राज्य के 177 तालुकों को आधिकारिक तौर पर सूखाग्रस्त घोषित किया गया है. सरकार के मुताबिक सूखे से करीब 46,324.50 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. केंद्रीय टीम तीन दिन राज्य का दौरा कर स्थिति का आकलन करेगी.
कर्नाटक में सूखे के चलते किसानों और ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर राज्य के लिए ₹3,705 करोड़ की राहत राशि मांगी है. उन्होंने केंद्र से 6 मांगें भी रखी हैं.
राजस्थान में ईसरदा से बांध बारेठा तक प्रस्तावित 189 किलोमीटर लंबी खुली नहर के लिए जमीन अधिग्रहण का किसान महापंचायत ने विरोध किया है. राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को ज्ञापन भेजकर भूमिगत पाइपलाइन से पानी पहुंचाने की मांग की है.
बीड के मांजरा क्षेत्र में फसल बर्बादी से नाराज किसानों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. किसानों ने सूखी सोयाबीन की फसल और सरकारी जीआर की होली जलाकर विरोध जताया. किसानों ने सोयाबीन नुकसान के लिए प्रति एकड़ 50 हजार और गन्ना किसानों के लिए एक लाख रुपये की सहायता की मांग की.
कर्नाटक में सूखे का संकट गंभीर हो गया है. राज्य में 177 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया गया है और करीब 47.09 लाख हेक्टेयर फसल क्षेत्र में नुकसान का अनुमान है. उप मुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने केंद्र से तत्काल मदद की मांग की है.
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने को कृषि क्षेत्र में नई दिशा देने वाला कदम बताया. बिहार इन्वेस्टर समिट 2026 में उन्होंने कहा कि इथेनॉल ब्लेंडिंग से किसानों के लिए नए बाजार और कमाई के अवसर बन सकते हैं. उन्होंने इथेनॉल मिले पेट्रोल से वाहनों को नुकसान पहुंचने के दावों को भी खारिज किया और करोड़ों वाहनों का जिक्र किया.
गेहूं MSP में 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी के बाद किसान नेता और MSP कमेटी के सदस्य गुणी प्रकाश ने सरकारी खरीद व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को पूरी उपज MSP पर बेचने की गारंटी नहीं मिलती और CACP, Commodity Act समेत मौजूदा सिस्टम में बदलाव की जरूरत है.
गेहूं के MSP में 25 रुपये की बढ़ोतरी को कांग्रेस महासचिव और सिरसा सांसद कुमारी सैलजा ने किसानों की बढ़ती लागत के मुकाबले बेहद कम बताया. उन्होंने केंद्र सरकार से गेहूं समेत अन्य फसलों की MSP और खरीद व्यवस्था की समीक्षा कर किसानों को उचित मूल्य सुनिश्चित करने की मांग की.
कर्नाटक में सूखा राहत को लेकर सियासत तेज हो गई है. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने कांग्रेस सरकार पर किसानों को पर्याप्त मदद नहीं देने का आरोप लगाया. उन्होंने 25 हजार रुपये प्रति एकड़ राहत की मांग पूरी नहीं होने पर सवाल उठाए. सरकार की ओर से सूखा प्रभावित किसानों को ₹2,500 की सहायता देने का फैसला किया गया है.
बांदा में किसान मजदूर महापंचायत में राकेश टिकैत ने बुंदेलखंड के किसानों की खराब स्थिति का मुद्दा उठाया. उन्होंने बारिश और जलभराव से बर्बाद फसलों के लिए सरकार से विशेष राहत पैकेज की मांग की. टिकैत ने प्रभावित किसानों को 10 हजार रुपये प्रति एकड़ मदद, फसल बीमा का लाभ और कर्ज राहत देने की मांग की.
संयुक्त किसान मोर्चा 3 से 23 अक्टूबर 2026 तक देशभर में ग्राम स्तरीय महापंचायतें आयोजित करेगा. 12 अक्टूबर को करनाल में राष्ट्रीय परिषद की बैठक में किसान आंदोलन की अगली रणनीति तय होगी.
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आने वाले महीनों में बड़े खाद्य संकट की आशंका जताई है. उन्होंने कहा कि यूक्रेन और ईरान-खाड़ी संघर्षों से ग्लोबल साउथ पर ऊर्जा, खाद और वित्तीय दबाव बढ़ा है. प्रमुख अनाज निर्यातकों और उर्वरक उत्पादक देशों में जारी संकट से वैश्विक खाद्य आपूर्ति प्रभावित हो सकती है.
कर्नाटक के हुबली में गन्ने के लाभकारी मूल्य की मांग को लेकर किसानों ने केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी के घर का घेराव किया. किसान गन्ने का FRP बढ़ाने और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मांग कर रहे हैं. जोशी ने किसान नेताओं को दिल्ली आकर बातचीत करने का प्रस्ताव दिया है.
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने महाराष्ट्र सरकार पर सूखा प्रभावित क्षेत्रों की सूची में राजनीतिक भेदभाव का आरोप लगाया है. उन्होंने दावा किया कि पहली सूची में 33 में से 28 मंत्रियों के तालुके शामिल हैं, जबकि विपक्षी क्षेत्रों को नजरअंदाज किया गया.
बिहार के नवादा के मोतनाजे-मधुबन में गंगाजल आपूर्ति योजना के तहत जलाशय निर्माण को लेकर किसान संगठनों ने आंदोलन तेज करने की तैयारी की है. संयुक्त किसान मोर्चा 7 अक्टूबर को किसान महापंचायत करेगा, जिसमें भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेता राकेश टिकैत किसानों को संबोधित करेंगे.
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