राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका-भारत ट्रेड डील का जिक्र किया और कहा कि दुनिया भारत के साथ व्यापार के लिए उत्सुक है. पीएम मोदी ने किसानों और युवाओं को केंद्र में रखते हुए कांग्रेस पर विश्वासघात का आरोप लगाया और कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि के जरिए छोटे किसानों के खातों में 4 लाख करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए गए हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने साफ किया कि नई ट्रेड डील के बावजूद भारत के किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित हैं. विपक्ष के आरोपों और अफवाहों के बीच सरकार ने किसानों की आमदनी, फसल और डेयरी उत्पाद की सुरक्षा सुनिश्चित की है. टैरिफ घटने के बाद भी निर्यात बढ़ेगा और किसानों को नए अवसर मिलेंगे.
Punjab Farmers Protest: पंजाब में आज किसान-मजदूर संगठन KMM बड़ा विरोध दर्ज कराने जा रहा है. इस दौरान विधायकों, मंत्रियों और मुख्यमंत्री आवासों के सामने धरने दिए जाएंगे. जानिए संगठन ने कौन-सी मांगे उठाई है...
UP News: इससे पेराई में तेजी आएगी, किसानों को समय पर भुगतान होगा तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार व आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा. बीकेयू प्रवक्ता ने आगे कहा, यह कदम न केवल इस मिल की उत्पादन क्षमता, दक्षता और तकनीकी स्तर को आधुनिक बनाएगा, बल्कि क्षेत्र के हजारों गन्ना किसानों की आय, रोजगार और आर्थिक सुरक्षा को भी सुदृढ़ करेगा.
India-US Trade Deal को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा ने सरकार को सख्त चेतावनी दी है. SKM ने कहा है कि अगर समझौते में कृषि या डेयरी उत्पाद शामिल हुए तो देश फिर बड़े किसान आंदोलन की ओर बढ़ेगा. संगठन ने वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के दावों पर सवाल खड़े किए हैं.
संयुक्त किसान मोर्चा ने अमेरिका से आयात होने वाले कृषि उत्पादों पर शून्य शुल्क के फैसले को कृषि हितों से आत्मसमर्पण बताया है. SKM ने मोदी सरकार पर दबाव में निर्णय लेने का आरोप लगाते हुए देशव्यापी किसान आंदोलन का ऐलान किया है.
अमेरिका-भारत ट्रेड डील में GM सोयाबीन और मक्का पर भारत का रुख कायम, किसानों को बड़ी राहत, पारंपरिक फसल सुरक्षित रहेगी.
अमेरिका में टैक्स 18% होने की संभावना से भारतीय चावल निर्यात को बढ़ावा मिल सकता है. इससे बासमती और नॉन-बासमती चावल की मांग बढ़ेगी.
जानिए 2022 से 2025 तक भारत और अमेरिका के बीच कृषि व्यापार का पूरा विवरण. किस साल भारत ने अमेरिका से क्या खरीदा और अमेरिका को कौन से उत्पाद भेजे, जैसे बासमती चावल, मसाले, डेयरी उत्पाद, समुद्री उत्पाद और ताजा फल. किसानों और व्यापारियों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी.
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर सियासत गरमा गई है. विपक्ष इसे किसानों के लिए खतरा बता रहा है, जबकि सरकार इसे बड़े अवसर के रूप में पेश कर रही है. अखिलेश यादव से लेकर कांग्रेस नेताओं ने इस पर तीखी हमला बोलते हुए किसान विरोधी कदम बताया है.
भारत आज दुनिया की बड़ी 'एग्रो-पावर' बनने का सपना देख रहा है, लेकिन बजट 2026-27 के आंकड़े एक अलग ही कड़वी सच्चाई बयां कर रहे हैं. कृषि शिक्षा के बजट में 27% की भारी कटौती और रिसर्च (R&D) के मोर्चे पर सरकार का हाथ खींचना उसकी दूरदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है. एक तरफ विकसित देश अपनी खेती को आधुनिक बनाने के लिए रिसर्च पर पानी की तरह पैसा बहा रहे हैं, वहीं भारत अपनी कृषि जीडीपी का मात्र 0.33% ही रिसर्च पर खर्च कर रहा है. जबकि हकीकत यह है कि कृषि अनुसंधान पर निवेश किया गया ₹1 का खर्च, ₹11.69 का रिटर्न देता है.
India-US Trade Deal: अमेरिका हमारे कृषि उत्पादों के निर्यात के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. उम्मीद जताई जा रही है कि टैरिफ कम होने का फायदा भारतीय कृषि क्षेत्र को भी होगा. भारत में अमेरिका से सेब, अखरोट, बादाम, पिस्ता, कपास, ईथेनॉल और कुछ डेयरी उत्पाद आयात किए जाते हैं.
भेड़ाघाट में मूंग और उड़द का भुगतान न मिलने से किसान भड़के. सैकड़ों ट्रैक्टरों की रैली निकालकर किसानों ने वेयरहाउस के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और जल्द भुगतान की मांग की.
Trichy Farmers Protest: तिरुचिरापल्ली में किसानों ने सरकार के खिलाफ अनोखा विरोध दर्ज कराया. चूहा खाने का प्रतीकात्मक प्रदर्शन कर किसानों ने कर्जमाफी, उचित दाम और जल प्रबंधन की मांग उठाई. किसानों का आरोप है कि चुनावी वादे अब तक पूरे नहीं हुए.
धान खरीदी को लेकर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी ने कई जगहों पर सांकेतिक सड़क जाम किया. पार्टी ने दावा किया कि लाखों किसान अभी भी अपनी धान की फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर नहीं बेच पाए हैं.
उप मुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बीच सिंचाई घोटाले पर पुराने आरोप फिर चर्चा में हैं. भाजपा नेता ने कहा कि उन्हें क्लीन चिट मिलेगी, इसमें किसी काे कोई शक नहीं है. बीजेपी ने शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उनके इरादे पर सवाल उठाए.
ओडिशा में धान खरीद व्यवस्था को लेकर बुलाए गए बंद का असर मिला-जुला रहा. कई इलाकों में परिवहन और बाजार प्रभावित हुए, जबकि सरकार ने इसे नाकाम बताया. किसान संगठनों ने MSP, बिचौलियों और स्मार्ट मीटर जैसे मुद्दों पर नाराजगी जताई.
नासिक से मुंबई की ओर बढ़ रहा किसान मजदूर लॉन्ग मार्च तीसरे दिन भी जारी रहा. मंत्रालय में सरकार से बातचीत हुई, लेकिन जमीन और वन अधिकारों पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ. वहीं, आंदोलनकारी मांगों पर अमल से पहले लौटने को तैयार नहीं हैं.
उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में लोग और किसान संगठन यूजीसी गाइडलाइन के खिलाफ सड़क पर उतरकर विरोध कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों ने सरकार को ज्ञापन देकर कहा कि यह गाइडलाइन समाज और छात्रों के लिए हानिकारक है. युवा और किसान इसे खत्म करने या इसमें संशोधन करने की मांग कर रहे हैं.
महाराष्ट्र के छह बार उपमुख्यमंत्री रहे अजित पवार का राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव, विवादों और सत्ता संतुलन से भरा रहा. जानिए बारामती के जमीनी नेता के तौर पर उनका करियर, बयानबाजी, गठबंधन राजनीति और एनसीपी के भविष्य पर असर.
पुणे जिले में विमान हादसे की खबरों के बीच अजित पवार से जुड़ी चर्चाएं तेज हो गईं. जानिए किसानों के लिए उनकी भूमिका, बेमौसम बारिश से हुए नुकसान, मुआवजे पर सरकार का रुख और इस पूरे मुद्दे पर विपक्ष की प्रतिक्रिया.
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