CIMAP-CSIR Kisan Mela 2026: किसान मेला का उद्देश्य किसानों को उन्नत तकनीकों से जोड़ना, औषधीय और सुगंधित पौधों (एमएपी) की खेती को बढ़ावा देना और किसानों, उद्योग और अनुसंधान संस्थानों के बीच संबंधों को मजबूत करना है. बता दें कि सीमैप पिछले करीब डेड़ दशक से हर साल किसान मेले का आयोजन करता आ रहा था, जिसमें यूपी, बिहार, एमपी, उत्तराखंड, लेकिन दक्षिण भारत के की राज्यों के भारी संख्या में किसान शामिल होते थे.
Yogi Cabinet Meeting: मोरना स्थित किसान सहकारी चीनी मिल के विस्तारीकरण का कार्य शीघ्र प्रारम्भ होगा. पिछले कई सालों से किसान विस्तारीकरण की मांग कर रहे थे. मिल के विस्तारीकरण के बाद किसानों को पेराई के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा. इससे पहले मोरना चीनी मिल की वर्तमान क्षमता 2,500 टन प्रतिदिन (टीसीडी) है जो क्षेत्र में गन्ने के बढ़ते उत्पादन को देखते हुए नाकाफी है.
Potato Cultivation: बाराबंकी जिले के दौलतपुर गांव निवासी प्रगतिशील किसान पद्मश्री रामशरण ने बताया कि गोबर की सड़ी खाद और जल निकास की सही व्यवस्था ताकि फसल स्वस्थ रहे. क्योंकि हम खेती के दौरान केमिकल युक्त रासायनिक खादों की प्रयोग नहीं करते.
खरीफ 2026-27 से पहले यूपी सरकार ने किसानों को बड़ा संकेत दिया है. कृषि मंत्री की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक में धान समेत 10 प्रमुख फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है. इससे किसानों की आमदनी और फसल चयन पर सीधा असर पड़ सकता है.
Wheat Crop Production: डॉ यादव ने किसानों को सलाह दी है कि गेहूं फसल में यूरिया और जिंक सल्फेट का उचित मात्रा व उचित समय पर प्रयोग अवश्य करें. साथ ही चौड़ी और सकरी पत्ती वाले खरपतवारों के लिए मेटासल्फ्यूरान और सल्फोसल्फ्यरान की 16 ग्राम के एक पैकेट को 200 लीटर पानी में घोलकर उचित नमी पर छिड़काव करें. जिससे किसानों को गेहूं उत्पादन से भरपूर लाभ प्राप्त हो सके.
UP News: 2017 के पहले जिस उत्तर प्रदेश में किसान आत्महत्या करने पर मजबूर था, वहां 2017 के बाद किसानों का सम्मान होने लगा. पीएम मोदी के मार्गदर्शन में एक क्लिक पर किसानों को सम्मान निधि मिलने लगी, जिसमें यूपी अग्रणी भूमिका में रहा. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की जारी 21वीं किस्त तक उत्तर प्रदेश के किसानों को 94,668.58 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है.
Potato Farming Tips: उन्होंने कहा कि केंद्रीय एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसानों की आलू एक मुख्य फसल है. जिसका समय रहते हुए देखभाल न किया जाए तो नुकसान हो सकता है. दरअसल, आलू की फसल में झुलसा रोग बहुत गंभीर बीमारी है, जो सर्दी और कोहरे में तेजी से फैलती है. वहीं तापमान में गिरावट के कारण इस रोग के प्रकोप की आशंका ज्यादा बढ़ जाती है.
Tamatar ki Kheti: किसानों के लिए सब्जियों में टमाटर की खेती काफी फायदेमंद होती है. सब्जियों के उत्पादन में कम लागत और कम समय लगता है और मुनाफा भी अच्छा मिलता है. टमाटर की मांग पूरे साल रहती है, जिसके कारण यह काफी महंगा भी बिकता है.
उत्तर प्रदेश गन्ना अनुसंधान परिषद द्वारा विकसित ‘बिस्मिल’ नाम की नई अधिक पैदावार देने वाली गन्ना किस्म CoSha 17231 को अब यूपी के अलावा हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और राजस्थान में भी खेती की मंजूरी मिल गई है. रेड रॉट रोग प्रतिरोधी यह किस्म किसानों की आय और चीनी उत्पादन बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी.
Sugarcane Seed: इस सम्बन्ध में विभाग द्वारा बताया गया कि अब तक बीज गन्ना उत्पादक के रूप में 2823 कृषक पंजीकृत थे जिनमें से कुल 593 बीज उत्पादकों का पंजीकरण वैध पाया गया है तथा 2230 फर्जी गन्ना बीज उत्पादकों का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है.
Tomato Cultivation Tips: कृषि निदेशक डॉ पंकज त्रिपाठी के मुताबिक, टमाटर की फसल में सिंचाई नियमित रूप से करें और अनियमितता से बचें. वहीं बोरोन और कैल्शियम नाइट्रेट का छिड़काव करें ताकि पौधों को आवश्यक पोषक तत्व मिल सकें.
Millet Procurement in UP: यूपी में बाजरा, रागी और मक्का जैसे मोटे अनाजों की मांग बढ़ी है. वहीं, इनके दामों में भी उछाल आया है. सर्दी का असर बढ़ने के साथ ही मोटे अनाजों की मांग में तेजी आ गई है. पोषक तत्वों से भरपूर श्रीअन्न खाने में स्वादिष्ट होने के साथ शरीर को गर्माहट भी देने की खूबी के कारण ठंड में खूब पसंद किए जा रहे हैं.
UP News: राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन निदेशक दीपा रंजन ने बताया कि कृषि आजीविका सखियां खेत-खलिहान में बदलाव की असली ताकत बन चुकी हैं. ये महिलाएं किसानों को तकनीकी जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने का भी काम कर रही हैं.
पीलीभीत में एग्रीकल्चर एंड प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी (APEDA ), वाणिज्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा देश का दूसरा बासमती बीज उत्पादन और प्रशिक्षण केंद्र और जैविक प्रदर्शन फार्म स्थापित किया जा रहा है.
Kanpur News: जापानी प्रतिनिधिमंडल के साथ-साथ विश्वविद्यालय की ओर से निदेशक शोध डॉ आरके यादव, डॉ पीके सिंह, डॉ केशव आर्य, डॉ राजीव आदि वैज्ञानिकों की टीम द्वारा टोमैटेक कंपनी, जापान द्वारा फूल गोभी और मूली फसलों पर सूक्ष्म पोषक तत्वों के प्रभाव जानने के लिए लगाए गए शोध परीक्षणों का भी अवलोकन किया गया.
Women Success Story: यह पूरा प्रोजेक्ट एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF) के अंतर्गत संचालित किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के माध्यम से चल रहा है. एफपीओ ने प्राइमरी प्रोसेसिंग यूनिट्स स्थापित की हैं, जहां मोरिंगा की पत्तियों, बीजों और छाल से वैल्यू-एडेड उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं.
Varanasi News: इस अवसर पर डॉ डीपी सिंह ने सब्जी फसलों के उत्पादन में अधिकतम रूप से प्रयुक्त हो रहे हानिकारक कृत्रिम उर्वरकों एवं कृषि रसायनों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मानक अनुरूप सब्जी फसलों का उत्पादन समय की मांग है और इसी पद्धती से निर्यात की संभावनाएं बढ़ेंगी.
UP Farmers News: डॉ खलील ने आगे बताया कि राई, सरसों में नत्रजन की टॉप ड्रेसिंग करें, नमी कम होने पर हल्की सिंचाई करें. लीफ माइनर के नियंत्रण के लिए डाईमेथोएट 30 प्रतिशत ईसी 650 मिली प्रति हेक्टेयर या कार्बोफ्यूरान तीन प्रतिशत सीजी 66 ग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से 300 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें.
UP Paddy Procurment: उत्तर प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान MSP पर फसलों की खरीद ने रफ्तार पकड़ी है. धान की खरीद 25 लाख मीट्रिक टन के पार पहुंच गई है. 4 लाख से ज्यादा किसान अपनी फसल बेच चुके हैं.
UP News: कृषि वैज्ञानिक डॉ आदित्य कुमार सिंह ने बताया कि किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र में आमंत्रित कर उन्हें बीज, पौधे और उर्वरक प्रदान किए गए हैं. इन किसानों को पैदावार बढ़ाने के तौर-तरीके प्रदान करने के साथ ही निरंतर मार्गदर्शन भी प्रदान किया जा रहा है.
Maize Cultivation in UP: कृषि निदेशक डॉ. पंकज कुमार त्रिपाठी के मुताबिक, वर्तमान में प्रदेश में मक्का का क्षेत्रफल 10.85 लाख हेक्टेयर, उत्पादन 30.55 मीट्रिक टन तथा औसत उत्पादकता 28.15 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है. चूंकि प्रदेश का मुख्य फसल चक्र धान-गेहूं होने के कारण प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन, मृदा स्वास्थ्य खराब होने, खेती की लागत बढ़ने और किसानों को कम लाभ प्राप्त होने जैसी समस्याएं आ रही हैं.
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