Sugarcane News: मार्च 2017 से अब तक प्रदेश में 4 नई चीनी मिलों की स्थापना की गई है, जबकि 7 बंद चीनी मिलों का पुनर्संचालन किया गया है. इसके अलावा 42 निजी क्षेत्र, 1 निगम क्षेत्र और 1 सहकारी क्षेत्र की चीनी मिलों में क्षमता विस्तार किया गया है. इन प्रयासों से 1,28,500 टीसीडी अतिरिक्त पेराई क्षमता का विस्तार हुआ है.
Agriculture News: उन्नत सिंचाई प्रबंधन के तहत केवल सायंकाल या रात में ही नाली अथवा बेसिन विधि से सिंचाई करने और पानी बचाकर केवल फसलों की क्रांतिक अवस्था पर ही सिंचाई करने को कहा गया है. वहीं ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई विधियों को अपनाने और मिश्रित खेती के तहत मक्का के साथ अरहर या मूंग उगाने पर जोर दिया गया है.
UP News: प्राधिकरण के अनुसार इस महायोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से शुरू कर दी गई है. इस परियोजना के धरातल पर उतरने से न केवल क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदलेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए लाखों की संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा.
UP Farmers News: उपकार के उप महानिदेशक डॉ. राजर्षि कुमार गौड़ ने बताया कि किसानों को अपने खाली खेतों की मिट्टी पलट हल से गहरी जुताई करने का सुझाव दिया गया है ताकि खरपतवार के बीज और कीट गर्मी से नष्ट हो जाएं. जिन किसानों ने हरी खाद के लिए सनई व ढैंचे की बुवाई की है, उन्हें 40 से 42 दिन की पौध होने पर उसकी पलटाई करने को कहा गया है.
Dhaincha Farming Story: आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, अयोध्या के वैज्ञानिक डॉ जसवंत सिंह ने बताया कि भूमि की उर्वरता बढ़ाने एवं टिकाऊ कृषि को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ढैंचा (हरी खाद) की खेती किसानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो रही है. उन्होंने बताया कि ढैंचा एक उत्कृष्ट हरी खाद फसल है.
UP News: कृषि मंत्री शाही के अनुसार, जल संरक्षण को लेकर खेत तालाब योजना का लक्ष्य बढ़ाने और प्रत्येक जनपद में विभाग के कार्यालय पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग बनाने के निर्देश दिए गए हैं. धान उत्पादक किसानों के लिए धान की बुआई डीएसआर यानी डायरेक्ट सीडेड राइस विधि से करने की सलाह दी गई है क्योंकि इससे पानी की खपत कम होती है और मजदूरी भी बचती है.
Mango Festival 2026: आम महोत्सव के माध्यम से किसानों, निर्यातकों, उद्यमियों एवं उपभोक्ताओं को एक मंच पर लाकर आम उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन एवं निर्यात को नई गति प्रदान करने का प्रयास किया जाएगा. उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी आम उत्पादक राज्य है.
भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (IIVR), वाराणसी ने किसानों और एफपीओ प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर निर्यातोन्मुख सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने की रणनीति पर चर्चा की. विशेषज्ञों ने मिर्च और अन्य सब्जियों के गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, सुरक्षित खेती और निर्यात मानकों की जानकारी दी.
UP News: कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान विपणन वर्ष 2026-27 में 2 केंद्रीय एवं 5 राज्य स्तरीय क्रय एजेंसियों के माध्यम से 313 क्रय केंद्र संचालित किए जा रहे हैं. इन केंद्रों पर 5 जून, 2026 तक 47,793 मीट्रिक टन मसूर, 4,791 मीट्रिक टन अरहर (तूर) तथा 1,214 मीट्रिक टन चना की खरीद की जा चुकी है, जिससे 14,332 किसानों को सीधे लाभ मिला है.
Dasheri Mango: उपेंद्र सिंह ने बताया कि ‘दशहरी आम' तो 6 जून से ही तोड़ा जाने लगा है. हालांकि, बाजार में मांग ज्यादा होने की वजह से 100 से 150 रुपए के भाव से बिक रहा है. लेकिन अभी ये आम उतने रसीले और मीठे नहीं हैं. वहीं मॉनसून की बारिश शुरू होने यानी करीब 25 जून तक मार्केट में अच्छी क्वालिटी का आम मिलेगा.
Natural Farming: उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि पहले चरण में चयनित गोशालाओं के 5 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले परिवारों को इस महाअभियान से जोड़ा जाएगा. इन परिवारों तक प्राकृतिक खेती से उपजे खाद्यान्न, ताजी सब्जियां, फल और पंचगव्य आधारित उत्पाद सीधे पहुंचाए जाएंगे.
वाराणसी में आईसीएआर-भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान में आयोजित बैठक में कृषि विशेषज्ञों, एफपीओ प्रतिनिधियों और किसानों ने खेत बचाओ अभियान, संतुलित उर्वरक उपयोग और प्राकृतिक खेती पर चर्चा की. गोपाल भाई सुतारिया ने कहा कि गाय आधारित प्राकृतिक खेती अपनाकर ही कृषि का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है.
उत्तर प्रदेश में गन्ना विकास विभाग और इफको की संयुक्त वर्चुअल कार्यशाला में स्मार्ट उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया. रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभाव कम करने, हर चीनी मिल क्षेत्र में ट्रायल लगाने और किसानों को अनुदान पर स्प्रेयर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए.
Natural Farming Tips:आज पूरी दुनिया में प्राकृतिक खेती के महत्व को पहचाना जा चुका है. यह खेती का ऐसा मॉडल है जिसमें लागत कम और शानदार कमाई की जा सकती है. अब वह उसे गांव वालों को भी अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं. मलिहाबाद के किसान गिरजा ने बताया कि एक एकड़ में वो अमरूद की बागवानी भी कर रहे हैं.
UP News: संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि हर किसान इस अभियान के दौरान आईआईवीआर के वैज्ञानिक से सीधी बातचीत करे, अपने खेत की समस्या बताए और वैज्ञानिक समाधान ले. उन्होंने बताया कि धरती को बचाने का अभियान-देश की सबसे बड़ी सेवा है. यहीं अभियान का मुख्य संदेश है.
UP News: सीएम योगी ने मक्का उत्पादन को बढ़ावा देने तथा उससे जुड़े उद्योगों के साथ समन्वय मजबूत करने के निर्देश दिए. उन्होंने किसानों को तकनीकी सहयोग, प्रशिक्षण और विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया. वर्ष 2026-27 में मक्का क्षेत्रफल 11.39 लाख हेक्टेयर रहने का अनुमान है तथा वर्ष 2027-28 तक 32.84 लाख मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है.
Flower Cultivation: उप निदेशक उद्यान अनूप कुमार चतुर्वेदी के मुताबिक, इस परियोजना से स्थानीय किसानों में फूलों की खेती के प्रति जागरूकता बढ़ेगी. वर्तमान में कई किसान पारंपरिक फसलों पर निर्भर हैं, लेकिन इस केंद्र के माध्यम से वे फूलों की खेती अपनाकर बेहतर आय अर्जित कर सकेंगे.
MYMV रोग प्रतिरोधी मूंग किस्म ‘विराट’ (IPM-205-7) 55-60 दिनों में तैयार होकर औसतन 12-15 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन दे रही है, जबकि कुछ किसानों को 18 क्विंटल तक उपज मिली है.
Wheat Production in UP: मुख्यमंत्री ने अल नीनो के संभावित प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि आगामी वर्षों में फसलों पर इसका असर पड़ सकता है, इसलिए प्रदेश को खाद्यान्न सुरक्षा के लिए अभी से तैयार रहना होगा. उन्होंने कहा कि राज्य के खाद्यान्न भंडार पर्याप्त और मजबूत होने चाहिए.
भीषण गर्मी में धान की नर्सरी को बचाना किसानों के लिए इन दिनों बेहद मुश्किल हो रहा है .नर्सरी में भरा जा रहा पानी काफी गर्म हो जा रहा है जिसके चलते अंकुरण पर इसका विपरीत असर पड़ रहा है. ऐसे में किसानों के लिए कृषि विशेषज्ञों की यह सलाह बहुत काम की है.
उत्तर प्रदेश सरकार और India Today Group के संयुक्त प्रयास से 126 दिनों तक चला किसान कारवां 75 जिलों में पहुंचा. 1 लाख से अधिक किसानों ने भाग लिया। कारवां में किसानों को आधुनिक खेती, जैविक खेती, पशुपालन, सिंचाई तकनीक, सह-फसली मॉडल और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई.
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