Natural Farming Tips:आज पूरी दुनिया में प्राकृतिक खेती के महत्व को पहचाना जा चुका है. यह खेती का ऐसा मॉडल है जिसमें लागत कम और शानदार कमाई की जा सकती है. अब वह उसे गांव वालों को भी अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं. मलिहाबाद के किसान गिरजा ने बताया कि एक एकड़ में वो अमरूद की बागवानी भी कर रहे हैं.
UP News: संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि हर किसान इस अभियान के दौरान आईआईवीआर के वैज्ञानिक से सीधी बातचीत करे, अपने खेत की समस्या बताए और वैज्ञानिक समाधान ले. उन्होंने बताया कि धरती को बचाने का अभियान-देश की सबसे बड़ी सेवा है. यहीं अभियान का मुख्य संदेश है.
UP News: सीएम योगी ने मक्का उत्पादन को बढ़ावा देने तथा उससे जुड़े उद्योगों के साथ समन्वय मजबूत करने के निर्देश दिए. उन्होंने किसानों को तकनीकी सहयोग, प्रशिक्षण और विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया. वर्ष 2026-27 में मक्का क्षेत्रफल 11.39 लाख हेक्टेयर रहने का अनुमान है तथा वर्ष 2027-28 तक 32.84 लाख मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है.
Flower Cultivation: उप निदेशक उद्यान अनूप कुमार चतुर्वेदी के मुताबिक, इस परियोजना से स्थानीय किसानों में फूलों की खेती के प्रति जागरूकता बढ़ेगी. वर्तमान में कई किसान पारंपरिक फसलों पर निर्भर हैं, लेकिन इस केंद्र के माध्यम से वे फूलों की खेती अपनाकर बेहतर आय अर्जित कर सकेंगे.
MYMV रोग प्रतिरोधी मूंग किस्म ‘विराट’ (IPM-205-7) 55-60 दिनों में तैयार होकर औसतन 12-15 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन दे रही है, जबकि कुछ किसानों को 18 क्विंटल तक उपज मिली है.
Wheat Production in UP: मुख्यमंत्री ने अल नीनो के संभावित प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि आगामी वर्षों में फसलों पर इसका असर पड़ सकता है, इसलिए प्रदेश को खाद्यान्न सुरक्षा के लिए अभी से तैयार रहना होगा. उन्होंने कहा कि राज्य के खाद्यान्न भंडार पर्याप्त और मजबूत होने चाहिए.
भीषण गर्मी में धान की नर्सरी को बचाना किसानों के लिए इन दिनों बेहद मुश्किल हो रहा है .नर्सरी में भरा जा रहा पानी काफी गर्म हो जा रहा है जिसके चलते अंकुरण पर इसका विपरीत असर पड़ रहा है. ऐसे में किसानों के लिए कृषि विशेषज्ञों की यह सलाह बहुत काम की है.
उत्तर प्रदेश सरकार और India Today Group के संयुक्त प्रयास से 126 दिनों तक चला किसान कारवां 75 जिलों में पहुंचा. 1 लाख से अधिक किसानों ने भाग लिया। कारवां में किसानों को आधुनिक खेती, जैविक खेती, पशुपालन, सिंचाई तकनीक, सह-फसली मॉडल और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई.
Agriculture News: उत्तर प्रदेश के कृषि निदेशक डॉ. पंकज कुमार त्रिपाठी के मुताबिक, वर्ष 2017 से 2025 के बीच कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां दर्ज की गई हैं. इस दौरान गेहूं की पैदावार में 16 प्रतिशत, अनाज उत्पादन में 17 प्रतिशत, तिलहन उत्पादन में 34 प्रतिशत और दलहन उत्पादन में 26 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है.
मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. सरकार के मुताबिक अब तक 80 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं खरीदा जा चुका है. किसानों को बोनस समेत भुगतान भी जारी है, जबकि खरीदी की अंतिम तारीख बढ़ाकर 23 मई कर दी गई है.
उत्तर प्रदेश सरकार और इंडिया टुडे के संयुक्त प्रयास से आयोजित ‘किसान तक का किसान कारवां’ प्रदेश के सभी 75 जिलों तक पहुंचा. अब शुरू हो रही है खास सीरीज ‘कहानी कारवां की’, जिसमें उत्तर प्रदेश के 9 एग्रोक्लाइमेटिक जोन्स की खेती, किसानों की सफलता, वैज्ञानिकों की सलाह और सरकारी योजनाओं के असर की कहानी दिखाई जाएगी. आज की कड़ी में जानिए North Eastern Plain Zone के किसानों की बदलती तस्वीर, जहां मछली पालन, मखाना, मधुमक्खी पालन और काला नमक धान किसानों की आय बढ़ाने का जरिया बन रहे हैं.
Varanasi News: रियल एग्री क्रिएशन प्राइवेट लिमिटेड की ओर से उत्तर विभाग के विपणन एवं विक्रय प्रमुख अरविंद कृष्णावत ने समझौते पर हस्ताक्षर किए. उन्होंने संस्थान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आईआईवीआर के साथ यह साझेदारी कंपनी के लिए महत्वपूर्ण और लाभकारी साबित होगी.
Sugarcane Farmers: मिनिस्ती एस. के मुतबिक, योगी सरकार ने पेराई सत्र 2025-26 में गन्ना मूल्य की दरों में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 30 रुपये प्रति कुंतल की वृद्धि भी की. अगेती प्रजातियों के लिए 400 रुपये व सामान्य प्रजातियों के लिए 390 रुपये प्रति कुंतल की दर निर्धारित की गई.
UP News: छुट्टा पशुओं के कारण किसानों की परेशानियां भी बढ़ गई हैं. रातभर खेतों की रखवाली करने के बावजूद फसलें बर्बाद हो रही हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है. वहीं सड़कों पर घूमते आवारा पशुओं के कारण दुर्घटनाओं की संख्या भी बढ़ रही है, जो आम लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन चुका है.
Agriculture News: शाही ने बताया कि वर्ष 2024-25 में सर्वाधिक 28,804 पम्पों का लक्ष्य पूर्ण किया गया. किसानों को 2 एचपी से 10 एचपी तक के पंपों पर 60 प्रतिशत अनुदान (30 प्रतिशत केंद्र तथा 30 प्रतिशत राज्य) प्रदान किया जा रहा है, जिससे कृषि लागत में कमी आ रही है.
Mango Cultivation: अवध आम उत्पादक एवं बागवानी समिति के महासचिव उपेंद्र सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश के आम उत्पादक किसानों का एक संगठित समूह है, जो विशेष रूप से अवध क्षेत्र के बागवानों के हितों की रक्षा, उन्नत बागवानी तकनीकों के प्रसार तथा किसानों की आय वृद्धि के उद्देश्य से कार्यरत है.
Dhaincha Farming: उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही का कहना है कि राज्य सरकार का लक्ष्य मिट्टी की उर्वरता को प्राकृतिक रूप से बढ़ाना है. रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने के लिए 'ढैंचा' जैसे हरी खाद वाले बीजों को प्राथमिकता दी जा रही है. इससे न केवल मिट्टी को नाइट्रोजन मिलता है, बल्कि आने वाली मुख्य फसल की पैदावार भी बेहतर होती है.
UP News: अपर गन्ना आयुक्त वीके शुक्ला ने बताया कि काला चिकटा चूसक कीट काले रंग का होता है. इसका प्रकोप अधिक तापमान व शुष्क मौसम समान्यतः अप्रैल से जून में पेड़ी में अधिक व बावक फसल में कम दिखाई देता. वहीं प्रभावित पौधों की पत्तियों पीली हो जाती हैं और उन पर कत्थई रंग के धब्बे पाए जाते हैं.
Crop Compensation: निदेशक कृषि सांख्यिकी एवं फसल बीमा, सुमिता सिंह ने बताया कि यह योजना ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित है, जिसमें खरीफ की प्रमुख फसलें जैसे धान, ज्वार, बाजरा, मक्का, उर्द, मूंग, अरहर, मूंगफली, सोयाबीन व तिल तथा रबी की फसलों में गेहूं, जौ, चना, मटर, मसूर, लाही-सरसों, अलसी व आलू को कवर किया गया है.
राज्य में गेहूं खरीद ने रफ्तार पकड़ी है और लाखों किसानों को इसका लाभ मिला है. सरकार ने पारदर्शी व्यवस्था के जरिए किसानों के खातों में बड़ी राशि ट्रांसफर की है, जिससे प्रक्रिया आसान बनी है.
Maize Farming Story: 24 साल के युवा किसान ने आगे बताया कि वर्तमान में 550 एकड़ में मक्का की खेती कर रहे है. वहीं हमारी FPO से 500 से अधिक किसान रजिस्टर्ड है, बाकी किसानों के जुड़ने का आंकड़ा प्रतिदिन बढ़ रहा है. यशवर्धन बताते हैं कि जैविक तरीके से मक्की की खेती करने का आइडिया हमको हमारे पिता जी से मिला है.
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