Agriculture Sector News: सबसे खास बात है कि गोरखपुर में गन्ने की नई किस्मों के प्रजनक बीज तैयार करने के लिए टिशू कल्चर प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी. इसके लिए 1.82 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई है. वहीं, मत्स्य विभाग की योजनाओं के लिए भी 7.91 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं.
मध्यप्रदेश में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में RUMSL और ADB के बीच समझौता हुआ.ओंकारेश्वर में 600 MW तक के फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट समेत तीन नवकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की तैयारी है.
grafted Brinjal Farming: डॉ. बहादुर ने किसानों को ग्राफ्टेड पौधों के चयन, रोपण, सिंचाई, पोषण प्रबंधन और नियमित निगरानी के बारे में विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने विशेष रूप से बताया कि पौध रोपण के समय ग्राफ्ट यूनियन (जोड़) मिट्टी के संपर्क में नहीं आना चाहिए, ताकि पौधों की रोग सहनशीलता का पूरा लाभ मिल सके.
सोनालिका ट्रैक्टर्स ने अगस्त 2026 में अब तक की सबसे ज्यादा मासिक बिक्री दर्ज की. कंपनी ने 12,581 ट्रैक्टर बेचे, जबकि होशियारपुर प्लांट में 18,067 ट्रैक्टरों का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ. कंपनी के मुताबिक, बिक्री की बढ़त ट्रैक्टर उद्योग की कुल वृद्धि से 1.9 गुना रही. त्योहारी सीजन से पहले कंपनी ने नए गोल्ड सीरीज ट्रैक्टरों और ऑफर पर भी जोर दिया.
महिंद्रा एंड महिंद्रा ने अगस्त 2026 में घरेलू बाजार में 27,595 ट्रैक्टर बेचे हैं. पिछले साल अगस्त के मुकाबले कंपनी की ट्रैक्टर बिक्री में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. कुल मिलाकर घरेलू बिक्री और निर्यात मिलाकर 29,507 ट्रैक्टर बिके. अच्छी बारिश, खरीफ बुवाई में सुधार, सरकारी योजनाओं और आने वाले त्योहारों से ग्रामीण बाजार को सहारा मिलने की उम्मीद है.
NABARD और IMD ने किसानों तक मौसम की सटीक और उपयोगी जानकारी पहुंचाने के लिए समझौता किया है. अब DiCRA प्लेटफॉर्म पर जिला और ब्लॉक स्तर के मौसम पूर्वानुमान, कृषि सलाह और मौसम अलर्ट मिलेंगे. मिट्टी की नमी, फसल की स्थिति और जलवायु जोखिम की जानकारी भी साथ मिलेगी, जिससे किसान समय पर खेती से जुड़े सही फैसले ले सकेंगे.
बालोद की चित्ररेखा साहू नमो ड्रोन दीदी योजना से जुड़कर किसानों के खेतों में ड्रोन से नैनो उर्वरकों का छिड़काव कर रही है. ड्रोन दीदी बनने के बाद उनकी आय बढ़ी, स्कूटी खरीदी, घर का निर्माण पूरा कराया और बेटी की बेहतर शिक्षा का सपना मजबूत हुआ.
Sugarcane Farmers: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार गन्ना किसानों के लिए बड़ी राहत और सहारा साबित हुई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर किसानों को समयबद्ध और नियमित गन्ना मूल्य भुगतान किया जा रहा है.पेराई सत्र 2025-26 में अब तक गन्ना किसानों को 30,831.81 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है.
लंदन की नौकरी छोड़कर भारत लौटे केमिकल इंजीनियर शुभम सिंह ने खेतों की पराली को अपना बिजनेस मॉडल बना लिया. मुरैना के क्रास्ट स्टार्टअप में पराली से पेपर, पैकेजिंग और ग्रीन बोर्ड तैयार किए जा रहे हैं. इससे किसानों को पराली से कमाई का मौका मिल रहा है.
तेलंगाना कृषि एवं किसान कल्याण आयोग ने राज्य की लघु सिंचाई व्यवस्था में सुधार के लिए मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को रिपोर्ट सौंपी. आयोग ने जल उपयोग दक्षता बढ़ाने, तालाबों के संरक्षण और अतिक्रमण हटाने समेत कई सुझाव दिए.
भारत में खेती को AI और डिजिटल तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है. गेट्स फाउंडेशन के CEO मार्क सुज़मैन ने कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात के बाद कहा कि किसानों के लिए AI आधारित डिजिटल टूल को मजबूत करने पर भारत सरकार के साथ काम किया जाएगा.
राजस्थान सरकार ने खाद वितरण को पारदर्शी और किसान-केंद्रित बनाने के लिए 'फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल' प्रणाली को आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है. इस डिजिटल व्यवस्था के तहत किसान पहले खाद की बुकिंग करेंगे और 48 घंटे के टोकन के आधार पर अधिकृत विक्रेता से खाद ले सकेंगे. सरकार का दावा है कि इससे कालाबाजारी, जमाखोरी और अनियमित वितरण पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा.
UP Agriculture News: योगी ने कहा कि बहराइच में 1500 एकड़ का डीयू कंप्लाइन एंड एमआरएल मानकों के अनुरूप धान कलस्टर विकसित करने का प्रस्ताव है. किसान की प्रति एकड़ आय में 20-30 प्रतिशत वृद्धि, यूरिया के उपयोग को 25 फीसदी कम करने तथा श्रम व सिंचाई में 25-30 प्रतिशत की बचत का भी लक्ष्य रखा गया है.
Google DeepMind के AI मॉडल अब खेती को स्मार्ट बनाने में मदद कर रहे हैं. सैटेलाइट तस्वीरों से खेतों की पहचान, फसल की स्थिति, मौसम, पानी और कीटों से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है. इससे किसानों को बेहतर फसल सलाह, कृषि लोन और पानी के सही इस्तेमाल में मदद मिल सकती है. यह तकनीक अब भारत के साथ दूसरे देशों तक भी पहुंच रही है.
बलरामपुर में Digital Crop Survey के जरिए खेत-खेत पहुंचकर बोई गई फसल की वास्तविक जानकारी डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज की जा रही है. इससे फसलवार सटीक डेटा तैयार होगा और आगामी धान खरीदी को आसान, व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी.
नरसिंहपुर के गाडरवारा में युवा उद्यमी सोहिल मंसूरी ने पराली को समस्या नहीं, बल्कि कमाई और स्वच्छ ऊर्जा का जरिया बना दिया.ग्रीन इंडियो बायोफ्यूल्स के जरिए कृषि अवशेषों से बायोमास पेलेट तैयार किए जा रहे है. इस पहल से किसानों को अतिरिक्त आय, युवाओं को रोजगार और पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण को कम करने की दिशा में नई राह मिली है.
UP News: पीडीएस व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए राशन कार्डों की ई-केवाईसी भी कराई जा रही है. आंकड़ों के अनुसार अब तक करीब 93.5 प्रतिशत राशन कार्डों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है. इससे लाभार्थियों के रिकॉर्ड को अपडेट करने और वास्तविक पात्र लोगों की पहचान सुनिश्चित करने में मदद मिल रही है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेशनल स्पेस डे पर निजी स्पेस कंपनियों से खेती, पशुपालन, डेयरी और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में स्पेस टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल की संभावनाएं तलाशने को कहा. उन्होंने भारत को वैश्विक स्पेस टैलेंट और इनोवेशन का केंद्र बनाने पर भी जोर दिया.
महाराष्ट्र सरकार अब खेती में AI और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने जा रही है. सरकार शुरुआती चरण में 10 हजार किसानों को पायलट प्रोजेक्ट से जोड़ेगी. इसमें AI, ड्रोन, सैटेलाइट, IoT सेंसर और डेटा एनालिटिक्स की मदद से किसानों को फसल, सिंचाई, मौसम और कीट-बीमारियों से जुड़ी जानकारी दी जाएगी.
छत्तीसगढ़ के सरकंडा में ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ के जरिए अब हितग्राहियों को लंबी कतारों में घंटों इंतजार नहीं करना पड़ रहा है.बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद मशीन स्क्रीन पर पात्रता के अनुसार मात्रा दिखाती है और निर्धारित राशन स्वतः थैले में भर देती है.
महिंद्रा OJA ट्रैक्टर रेंज ने बागवानी और विशेष खेती के लिए नई संभावनाएं खोली हैं. 21-30 HP की यह कॉम्पैक्ट रेंज 4WD तकनीक, बेहतर पकड़ और आधुनिक फीचर्स से लैस है. अंगूर, फल, गन्ना और कतार वाली फसलों के लिए तैयार OJA किसानों को कम जगह में आसानी से काम करने और खेती की लागत घटाने में मदद कर सकता है.
ग्राफ्टेड बैंगन की आधुनिक खेती ने किसान सुरेंद्र की कमाई बढ़ाने का नया रास्ता खोला.144 क्विंटल बैंगन उत्पादन से उन्हें ₹2.39 लाख का शुद्ध लाभ हुआ। कम लागत में बेहतर उत्पादन और अच्छी आमदनी के लिए ग्राफ्टेड तकनीक किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है.
वाराणसी के किसानों को आधुनिक खेती की ओर बढ़ाने के लिए भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान ने ग्राफ्टेड बैंगन के पौधे वितरित किए.जानिए ग्राफ्टेड बैंगन की खासियत, इससे मिलने वाले फायदे और किसानों के लिए यह तकनीक क्यों महत्वपूर्ण है.
हैदराबाद के विष्णु और उनकी पत्नी कविता ने अपनी बचत और कविता के सोने के गहने गिरवी रखकर Agri Phero Solutionz की शुरुआत की. कंपनी फेरोमोन ट्रैप, ल्यूर्स और सोलर ट्रैप जैसी तकनीक के जरिए किसानों को कीटों से बचाने में मदद कर रही है. इसका उद्देश्य अनावश्यक रासायनिक कीटनाशकों का इस्तेमाल घटाकर खेती की लागत कम करना और पर्यावरण को सुरक्षित बनाना है.
महाराष्ट्र के नासिक स्थित पिंपलगांव मंडी में ऑटोमेटिक प्याज ग्रेडिंग मशीन लगाई गई है. Agrograde की GradePlus Pro मशीन एक घंटे में 10 मीट्रिक टन तक प्याज की ग्रेडिंग कर सकती है. कंपनी के मुताबिक, मशीन 99 फीसदी सटीकता से ग्रेडिंग करती है और मैनुअल काम की तुलना में मजदूरों की जरूरत करीब 80 फीसदी तक कम हो सकती है.
राजस्थान में किसानों के लिए डिजिटल कृषि व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है. अब तक 87.44 लाख किसानों की किसान रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है. सरकार किसान आईडी को योजनाओं से जोड़ेगी. खाद वितरण, MSP खरीद और फसल सर्वे को भी डिजिटल किया जाएगा. सैटेलाइट और AI तकनीक से सर्वे में पारदर्शिता बढ़ाने की तैयारी है.
भारत में कपास का उत्पादन लगभग 450 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर है, जबकि वैश्विक औसत 800-850 किलोग्राम और चीन-ब्राजील जैसे देशों में यह 1500-2000 किलोग्राम तक है. देश के कपास किसानों की असली उन्नति केवल कॉटन पर इंपोर्ट ड्यूटी लगाने से नहीं होगी. उनकी तरक्की ज्यादा और बेहतरीन क्वालिटी के कपास उत्पादन से ही संभव है. इसके लिए पुराने बीजों को छोड़कर नई तकनीक, एआई आधारित स्मार्ट खेती और आधुनिक मशीनों को अपनाना होगा. तभी हमारे किसान दुनिया के बाजार में टिक कर मुनाफा कमा सकेंगे.
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