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तकनीक News

पराली पर उगाएं दुनिया में भारी डिमांड वाले 'किंग ऑयस्टर' मशरूम, वैज्ञानिकों ने खोजी तकनीक

पराली पर उगाएं दुनिया में भारी डिमांड वाले 'किंग ऑयस्टर' मशरूम, वैज्ञानिकों ने खोजी तकनीक

Feb 04, 2026

वैज्ञानिकों ने एक ऐसी तकनीक खोजी है जिससे धान की बेकार पराली अब किसानों के लिए कमाई का बड़ा जरिया बनेगी. अरुणाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में 'किंग ऑयस्टर मशरूम' की सफल खेती की गई है. इस मशरूम की विदेशों और बड़े होटलों में भारी डिमांड है, क्योंकि यह स्वाद और सेहत में लाजवाब होता है. इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह मात्र 30 से 35 दिनों में तैयार हो जाता है. किसान इसे धान के पुआल पर आसानी से उगा सकते हैं, जिससे पराली जलाने की समस्या भी खत्म होगी.

महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त गांवों में खेती की लागत 10 गुना घटी, किसानों का सहारा बना यह अभियान

महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त गांवों में खेती की लागत 10 गुना घटी, किसानों का सहारा बना यह अभियान

Feb 04, 2026

महाराष्ट्र के बीड जिले में ‘दिलासा संस्था’ और ‘एसबीआई फाउंडेशन’ की पहल से किसानों की खेती लागत 10 गुना तक घट गई है. किसान सेवा केंद्रों और ग्राम सक्षम अभियान ने सूखाग्रस्त गांवों में आय बढ़ाने और आत्महत्या संकट से उबरने की नई उम्मीद जगाई है.

गाजर और अरबी की सफाई में अब नहीं लगेंगे घंटों, किसान की स्वदेशी मशीन से मिनटों में होगा काम

गाजर और अरबी की सफाई में अब नहीं लगेंगे घंटों, किसान की स्वदेशी मशीन से मिनटों में होगा काम

Feb 04, 2026

गाजर की खेती में सबसे बड़ी मुसीबत फसल की कटाई के बाद शुरू होती है. खेत से निकली गाजर मिट्टी और कीचड़ से पूरी तरह ढकी होती है, इसे हाथों से रगड़-रगड़ कर धोना न केवल थका देने वाला काम है, बल्कि इसमें बहुत समय और दर्जनों मजदूरों की जरूरत पड़ती है. होशियारपुर के किसान गुरचरण सिंह ने इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए एक 'ब्रश वॉशिंग मशीन' तैयार की है. यह मशीन 1 घंटे में 1.5 टन गाजर को ऐसे चमका देती है जैसे वे हाथों से चुनी गई हों.

क्या है A-1 फार्मिंग सिस्टम, कम पानी में 200 टन प्रति एकड़ गन्ने की पैदावार बढ़ाने की क्रांतिकारी तकनीक

क्या है A-1 फार्मिंग सिस्टम, कम पानी में 200 टन प्रति एकड़ गन्ने की पैदावार बढ़ाने की क्रांतिकारी तकनीक

Feb 02, 2026

A-1 फार्मिंग सिस्टम गन्ने की खेती की आधुनिक तकनीक है, जिससे किसान कम पानी, कम खाद और ऑर्गेनिक तरीकों से 200 टन प्रति एकड़ तक गन्ने की पैदावार बढ़ा सकते हैं. जानिए वैज्ञानिक बुवाई, सिंचाई और उर्वरक प्रबंधन का पूरा तरीका.

कम पानी में ज्यादा धान, 26 जिलों के किसानों को सिखाया गया DDSR तकनीक

कम पानी में ज्यादा धान, 26 जिलों के किसानों को सिखाया गया DDSR तकनीक

Jan 27, 2026

किसानक्राफ्ट ने देश भर के 26 से ज़्यादा ज़िलों में DDSR (ड्राई डायरेक्ट सीडेड राइस) पर एक जागरूकता अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया. इस अभियान के ज़रिए, हज़ारों किसानों को कम पानी में चावल उगाने की एक नई और आसान तकनीक सिखाई गई, जिससे खेती ज़्यादा किफायती, फायदेमंद और पर्यावरण के लिए टिकाऊ बन गई.

आलू, सरसों और गेहूं के साथ गन्ने की 'एडवांस' तैयारी, कम बीज में ज्यादा पैदावार

आलू, सरसों और गेहूं के साथ गन्ने की 'एडवांस' तैयारी, कम बीज में ज्यादा पैदावार

Jan 23, 2026

वसंत ऋतु में जब किसान आलू, सरसों या गेहूं की कटाई का इंतजार करते हैं, तो गन्ने की बुवाई में 25 से 40 दिनों की देरी हो जाती है. इस देरी के कारण गन्ने को बढ़ने का पूरा समय नहीं मिलता, जिससे पैदावार काफी घट जाती है. साथ ही, गर्मी बढ़ने के कारण पारंपरिक बुवाई में गन्ने का जमाव भी कम होता है. इस समस्या का सबसे बेस्ट समाधान 'सिंगल बड नर्सरी' तकनीक है.

डेयरी के गंदे पानी से नेपियर घास की खेती, दूध उत्पादन बढ़ाने का वैज्ञानिक और सस्ता तरीका

डेयरी के गंदे पानी से नेपियर घास की खेती, दूध उत्पादन बढ़ाने का वैज्ञानिक और सस्ता तरीका

Jan 23, 2026

डेयरी से निकलने वाले गंदे पानी से नेपियर घास की खेती कर दूध उत्पादन बढ़ाएं. ICAR द्वारा प्रमाणित यह तकनीक कम लागत, अधिक मुनाफा और टिकाऊ डेयरी खेती का बेहतरीन समाधान है.

Tractor News: देशभक्ति और दमदार ताकत का मेल, महिंद्रा ने उतारा तिरंगा ट्रैक्टर

Tractor News: देशभक्ति और दमदार ताकत का मेल, महिंद्रा ने उतारा तिरंगा ट्रैक्टर

Jan 22, 2026

महिंद्रा ट्रैक्टर्स ने इस गणतंत्र दिवस 2026 पर तिरंगे से प्रेरित लिमिटेड-एडिशन Yuvo Tech+ 585 DI 4WD ट्रैक्टर लॉन्च किए हैं. मेटैलिक ऑरेंज, एवरेस्ट व्हाइट और मेटैलिक ग्रीन रंगों में उपलब्ध ये ट्रैक्टर भारतीय किसानों के लिए दमदार परफॉर्मेंस और एडवांस्ड खेती के फीचर्स देते हुए देशभक्ति का जश्न मनाते हैं.

मधुमक्खी पालकों को इस 'हाईटेक मशीन' से मिलेगी बड़ी राहत, CM योगी ने भी गोरखपुर के राजू सिंह को सराहा

मधुमक्खी पालकों को इस 'हाईटेक मशीन' से मिलेगी बड़ी राहत, CM योगी ने भी गोरखपुर के राजू सिंह को सराहा

Jan 21, 2026

Gorakhpur News: स्नातक स्तर की शिक्षा प्राप्त करने वाले राजू सिंह बताते हैं कि मशीन से शहद सीधे छत्ते से निकलने और हाथ न लगने के कारण 100 प्रतिशत शुद्ध रहता है. जहां पुराने तरीकों में शहद निकालने में घंटों का समय और कई मजदूरों की जरूरत पड़ती थी, लेकिन, इस नई तकनीक से एक किसान मात्र 5 से 10 मिनट में अकेले शहद निकाल सकता है.