पटना के गांधी मैदान में चार दिवसीय राज्य स्तरीय कृषि यांत्रिकरण मेला का भव्य उद्घाटन किया गया. ये मेला 15 मार्च तक चलेगा. कृषि मंत्री ने कहा कि 91 प्रकार के कृषि यंत्रों पर सरकार सब्सिडी दे रही है.
हरियाणा के सोनीपत से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक हर किसी का ध्यान खींचा है. दरअसल, सोनीपत के किसान रॉकी ने ट्रैक्टर में सनरूफ, कैमरा, रसोई और सोने तक की व्यवस्था कर उसे चलता-फिरता घर बना दिया है.
बिहार सरकार 1 अप्रैल 2026 से राजस्व प्रशासन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग शुरू करने जा रही है. हर जिले में 5 सदस्यीय एआई सेल बनेगा, अधिकारियों-कर्मचारियों को एआई प्रशिक्षण मिलेगा और दैनिक प्रशासनिक कार्यों में चैटजीपीटी के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा.
पटना के गांधी मैदान में 12 से 15 मार्च तक राज्य स्तरीय कृषि यांत्रिकरण मेला “एग्रो बिहार–2026” का आयोजन होगा. इस मेले में देश के कई राज्यों के कृषि यंत्र निर्माता आधुनिक मशीनों का प्रदर्शन करेंगे और किसानों को 91 प्रकार के कृषि यंत्रों पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी की जानकारी भी दी जाएगी.
भारत में किसानों की मदद के लिए नई AgriAI डिवाइस आई है. यह स्मार्ट मशीन फसल में लगने वाले कीड़ों की पहचान करती है और तुरंत समाधान भी बताती है. किसान के मोबाइल पर सलाह भेजती है कि कौन-सी दवा कब और कितनी इस्तेमाल करनी है. इससे फसल सुरक्षित रहती है, कीटनाशक कम खर्च होते हैं और उत्पादन बढ़ता है.
हरियाणा के अनुसूचित जाति के किसान एसबी-89 योजना के तहत ट्रैक्टर खरीदने पर 3 लाख रुपये तक का अनुदान प्राप्त कर सकते हैं. आवेदन विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन किए गए और लाभार्थियों का चयन ड्रॉ के माध्यम से किया गया. किसान 8 मार्च तक परमिट डाउनलोड कर ट्रैक्टर खरीद सकते हैं और 10 मार्च तक बिल अपलोड करें.
आमतौर पर फलों की ग्रेडिंग और छंटाई का काम पूरी तरह मैन्युअल यानी हाथों से किया जाता है. इसमें काफी समय लगता है और बड़ी संख्या में मजदूरों की जरूरत पड़ती है. लेकिन अब AI की मदद से ये काम मिनटों में होगा. आइए जानते हैं कैसे.
प्याज और लहसुन की खेती में सबसे बड़ी चुनौती फसल को खराब होने से बचाना है, क्योंकि उचित भंडारण न होने से नमी और गर्मी के कारण प्याज बहुत जल्दी सड़ने लगता है. इस सड़न के डर से किसानों को अपनी कड़ी मेहनत की फसल मजबूरन बाजार में बहुत कम और औने-पौने दामों पर बेचनी पड़ती है.
सोनालीका ट्रैक्टर्स ने फरवरी 2026 में 12,890 ट्रैक्टर बेचकर नया रिकॉर्ड बनाया है. 30 वर्ष पूरे होने के बीच आई यह उपलब्धि कंपनी के लिए खास मानी जा रही है.
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय ने मधुमक्खी पालन के लिए ‘बी हाइव स्ट्रिप हैंगर कम स्पेसर’ विकसित किया है, जिसे भारत सरकार ने पेटेंट प्रदान किया है. यह उपकरण वरोआ माइट की रोकथाम, शहद की क्वालिटी सुधार और मधुमक्खियों के प्राकृतिक काम में सहायता करता है.
बिहार सरकार ने बिहार कृषि ऐप का नया वर्जन लॉन्च किया है, जिसमें किसानों को घर बैठे फार्मर रजिस्ट्री, डिजिटल किसान पहचान पत्र, खाद की उपलब्धता की लाइव जानकारी, मौसम पूर्वानुमान, फसल प्रबंधन, बाजार मूल्य और एआई आधारित कृषि सलाह जैसी सुविधाएं मिलेंगी. इस ऐप से पीएम किसान सहित कई सरकारी योजनाओं में आवेदन और स्टेटस चेक करना भी आसान हो गया है.
रीपर बाइंडर मशीन किसानों के लिए एक बेहतरीन उपकरण है. यह सिर्फ एक घंटे में चार बीघा गेहूं की कटाई कर देती है और पुली भी बनाती है. खर्च केवल 90 रुपये प्रति घंटे है. सरकार 50% तक सब्सिडी भी देती है. इससे समय बचता है, मेहनत कम होती है और किसान अपनी फसल जल्दी बेच सकते हैं.
महिंद्रा ने किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखकर नई रोटावेटर सीरीज लॉन्च की है. बोल्ड लुक, मज़बूत मास्ट डिज़ाइन और भारी जुताई के लिए तैयार यह रेंज 4 से 9 फुट में उपलब्ध होगी. सीमित संस्करण और इंटेलिजेंट टेक्नोलॉजी ने इसे और खास बना दिया है.
खरीफ प्याज के भंडारण के लिए सबसे ज्यादा किसानों को परेशान होना पड़ता है. ऐसे में बांदा कृषि विश्वविद्यालय ने एक ऐसा मॉडल तैयार किया है जिससे किसान घर बैठे ही बहुत कम लागत में अपनी प्याज को सड़ने से बचा सकेंगे.
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