असम के रहने वाले गोपेन राय ने छोटे किसानों की बड़ी समस्या का एक बहुत ही सस्ता और असरदार हल निकाला है. पारंपरिक तरीके से अनाज की सफाई यानि ओसावनी करने में बहुत मेहनत लगती है और किसान को हवा चलने का इंतज़ार करना पड़ता है, जिससे वक्त और सेहत दोनों का नुकसान होता है. गोपेन ने म कम लागत में एक लकड़ी का ओसावनी यंत्र तैयार किया है, जो बिजली के पंखे की मदद से चलता है.
गन्ने की खेती में उत्तर प्रदेश का देश में बड़ा योगदान है, इसलिए विभाग किसानों को बेहतर सुविधा देने के लिए लगातार काम कर रहा है. इस नए मोबाइल ऐप से किसानों को अच्छी क्वालिटी वाले बीज समय पर मिल सकेंगे.
मध्य प्रदेश के रायसेन में आयोजित किसान मेले में ‘किसान मित्र छड़ी’ लॉन्च की गई है, जो किसानों को रात के अंधेरे में भी सांप और जहरीले जीवों से सतर्क करेगी. यह IoT और वाइब्रेशन तकनीक पर आधारित डिवाइस 100 मीटर तक के दायरे में खतरे का संकेत देती है. सेंसर और इंफ्रारेड तकनीक से लैस यह छड़ी कंपन के जरिए अलर्ट देती है, जिससे खेतों में काम करने वाले किसानों की सुरक्षा बढ़ेगी.
अब बिना बिजली के भी फलों को सुखाया जा सकेगा, जिससे उनकी शेल्फ लाइफ बढ़ेगी. जियोथर्मल तकनीक की मदद से फल लंबे समय तक सुरक्षित रहेंगे और खराब नहीं होंगे. इससे किसानों को नुकसान कम होगा और उन्हें बेहतर दाम मिलेगा. यह नई तकनीक खेती को आसान और टिकाऊ बनाने की दिशा में बड़ा कदम है.
Solar Didi Story: सोलर दीदियां न केवल तकनीकी कार्य कर रहीं हैं, बल्कि वे जागरूकता अभियान का भी अहम हिस्सा हैं. वे ग्रामीणों को सौर ऊर्जा के फायदे समझाकर पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करने के लिए प्रेरित कर रही हैं. इससे ऊर्जा की बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है.
इथेनॉल और एलपीजी के बीच तुलना को लेकर AIDA के पत्र में इथेनॉल को एक स्वच्छ, सस्ता और घरेलू विकल्प बताया गया है. इसमें इथेनॉल आधारित कुकिंग को बढ़ावा देने, नीति बनाने, सुरक्षा मानक तय करने और चरणबद्ध तरीके से लागू करने की मांग की गई है. यह पहल देश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने, आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करने और बायोफ्यूल सेक्टर को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है.
रायसेन मेले में PZTM जैसी पराली-आधारित तकनीकें यहां लाइव डेमो के जरिए दिखाई जा रही हैं, जो किसानों को आकर्षित कर रही हैं क्योंकि मध्य प्रदेश में भी धान-गेहूं सिस्टम में पराली प्रबंधन की जरूरत है।
भारत के ट्रैक्टर उद्योग ने इस साल शानदार प्रदर्शन किया है. इस दौरान ट्रैक्टर की बिक्री पहली बार रिकॉर्ड आंकड़े को पार कर गई है. इसकी मुख्य वजह गांवों में बढ़ती मांग, जीएसटी में कमी और अच्छी कृषि पैदावार मानी जा रही है.
महिंद्रा ग्रुप की कंपनी Swaraj Tractors ने 21 अप्रैल 2026 से ट्रैक्टर की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है. इनपुट लागत बढ़ने के चलते अलग-अलग मॉडलों और क्षेत्रों के अनुसार दाम बढ़ेंगे.
किसान e-मित्र AI चैटबॉट किसानों के लिए सरकारी योजनाओं की जानकारी आसान बना रहा है. अब किसान बिना दफ्तर जाए PM-Kisan, फसल बीमा और अन्य योजनाओं की जानकारी, भुगतान स्थिति और शिकायत समाधान अपनी भाषा में तुरंत पा सकते हैं. यह तकनीक समय बचाकर किसानों को सशक्त और आत्मनिर्भर बना रही है.
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