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अब गन्ने की कटाई और पराली की टेंशन खत्म, CNH की मशीनों से काम होगा आसान

अब गन्ने की कटाई और पराली की टेंशन खत्म, CNH की मशीनों से काम होगा आसान

Feb 11, 2026

पुणे के सीएनएच प्लांट की बनी मार्डन मशीनें, विशेष रूप से गन्ना हार्वेस्टर और बेलर्स, खेती की दो सबसे बड़ी समस्याओं का समाधान कर रही हैं. पहली, गन्ने की कटाई के लिए मजदूरों पर निर्भरता खत्म हो रही है, जिससे समय और लागत दोनों की बचत होती है. दूसरी, फसल कटने के बाद बची पराली को जलाने के बजाय, सीएनएच की बेलर मशीनें उसे उपयोगी गांठों में बदल देती हैं, जिसे बेचकर किसान अतिरिक्त कमाई कर सकते हैं.

राजस्थान के किसानों के लिए खुशखबरी, खेती की मशीनों पर 50% तक सब्सिडी

राजस्थान के किसानों के लिए खुशखबरी, खेती की मशीनों पर 50% तक सब्सिडी

Feb 08, 2026

राजस्थान सरकार की कृषि यंत्र अनुदान योजना के तहत SC किसानों को खेती की मशीनों पर 40 से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है. रोटावेटर, सीड ड्रिल और थ्रेशर जैसे मशीनों पर अनुदान मिलेगा. आवेदन की अंतिम तिथि 14 फरवरी है. किसान राज किसान साथी पोर्टल या ई-मित्र केंद्र से आवेदन कर सकते हैं.

तंगी से तरक्की तक, एक किसान के 12 गुना कमाई वाले फॉर्मूले ने बदली पूरे गांव की किस्मत

तंगी से तरक्की तक, एक किसान के 12 गुना कमाई वाले फॉर्मूले ने बदली पूरे गांव की किस्मत

Feb 08, 2026

महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में जहां किसान कपास और बाजरा की खेती में घाटा सह रहे थे, वहीं एक किसान ने रेशम कीट पालन को अपनाकर अपनी कमाई को 12 गुना बढ़ा लिया जो किसान साल भर में मुश्किल से 93 हजार रुपये कमा पाता था, वह आज सालाना 13 लाख रुपये से ज्यादा का टर्नओवर ले रहा है। उन्होंने ' वैज्ञानिक तरीके से रेशम के बीज तैयार किए, जिससे बाजार और मोटा मुनाफा दोनों पक्का हो गया,सदाशिव की इस सफलता ने पूरे इलाके में जोश भर दिया है,आज उनके गांव के 90 फीसदी किसान उन्हीं का 'रेशम मंत्र' अपनाकर लखपति बन चुके हैं.अब यह गांव तंगी के लिए नहीं, बल्कि अपनी खुशहाली और बंपर कमाई के लिए जाना जाता है

Usar land farming: उत्तर प्रदेश में बदल रही खेती की तस्वीर, अब ऊसर जमीन से भी मुनाफा कमाएंगे किसान

Usar land farming: उत्तर प्रदेश में बदल रही खेती की तस्वीर, अब ऊसर जमीन से भी मुनाफा कमाएंगे किसान

Feb 07, 2026

अब ऊसर या बंजर जमीन किसानों के लिए अभिशाप नहीं, बल्कि वरदान साबित हो सकती है. वैज्ञानिकों के अनुसार, सही तकनीक, ऊसर-सहनशील बीजों और 'हैलो मिक्स' जैसे नए जैविक फॉर्मूलेशन के इस्तेमाल से इन जमीनों पर भी धान-गेहूं के साथ-साथ फल, फूल और सब्जियों की बंपर पैदावार संभव है.

जलवायु-अनुकूल खेती की नई राह: डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR) पर निवेश क्यों है जरूरी

जलवायु-अनुकूल खेती की नई राह: डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR) पर निवेश क्यों है जरूरी

Feb 05, 2026

डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR) पर IRRI के अध्ययन से पता चला है कि यह तकनीक कम पानी, कम लागत और बेहतर पैदावार के साथ जलवायु-अनुकूल खेती का मजबूत विकल्प है. नई उन्नत किस्में किसानों की आय बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण और भारत की खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने में मदद करेंगी.

पराली पर उगाएं दुनिया में भारी डिमांड वाले 'किंग ऑयस्टर' मशरूम, वैज्ञानिकों ने खोजी तकनीक

पराली पर उगाएं दुनिया में भारी डिमांड वाले 'किंग ऑयस्टर' मशरूम, वैज्ञानिकों ने खोजी तकनीक

Feb 04, 2026

वैज्ञानिकों ने एक ऐसी तकनीक खोजी है जिससे धान की बेकार पराली अब किसानों के लिए कमाई का बड़ा जरिया बनेगी. अरुणाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में 'किंग ऑयस्टर मशरूम' की सफल खेती की गई है. इस मशरूम की विदेशों और बड़े होटलों में भारी डिमांड है, क्योंकि यह स्वाद और सेहत में लाजवाब होता है. इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह मात्र 30 से 35 दिनों में तैयार हो जाता है. किसान इसे धान के पुआल पर आसानी से उगा सकते हैं, जिससे पराली जलाने की समस्या भी खत्म होगी.

महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त गांवों में खेती की लागत 10 गुना घटी, किसानों का सहारा बना यह अभियान

महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त गांवों में खेती की लागत 10 गुना घटी, किसानों का सहारा बना यह अभियान

Feb 04, 2026

महाराष्ट्र के बीड जिले में ‘दिलासा संस्था’ और ‘एसबीआई फाउंडेशन’ की पहल से किसानों की खेती लागत 10 गुना तक घट गई है. किसान सेवा केंद्रों और ग्राम सक्षम अभियान ने सूखाग्रस्त गांवों में आय बढ़ाने और आत्महत्या संकट से उबरने की नई उम्मीद जगाई है.

गाजर और अरबी की सफाई में अब नहीं लगेंगे घंटों, किसान की स्वदेशी मशीन से मिनटों में होगा काम

गाजर और अरबी की सफाई में अब नहीं लगेंगे घंटों, किसान की स्वदेशी मशीन से मिनटों में होगा काम

Feb 04, 2026

गाजर की खेती में सबसे बड़ी मुसीबत फसल की कटाई के बाद शुरू होती है. खेत से निकली गाजर मिट्टी और कीचड़ से पूरी तरह ढकी होती है, इसे हाथों से रगड़-रगड़ कर धोना न केवल थका देने वाला काम है, बल्कि इसमें बहुत समय और दर्जनों मजदूरों की जरूरत पड़ती है. होशियारपुर के किसान गुरचरण सिंह ने इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए एक 'ब्रश वॉशिंग मशीन' तैयार की है. यह मशीन 1 घंटे में 1.5 टन गाजर को ऐसे चमका देती है जैसे वे हाथों से चुनी गई हों.

क्या है A-1 फार्मिंग सिस्टम, कम पानी में 200 टन प्रति एकड़ गन्ने की पैदावार बढ़ाने की क्रांतिकारी तकनीक

क्या है A-1 फार्मिंग सिस्टम, कम पानी में 200 टन प्रति एकड़ गन्ने की पैदावार बढ़ाने की क्रांतिकारी तकनीक

Feb 02, 2026

A-1 फार्मिंग सिस्टम गन्ने की खेती की आधुनिक तकनीक है, जिससे किसान कम पानी, कम खाद और ऑर्गेनिक तरीकों से 200 टन प्रति एकड़ तक गन्ने की पैदावार बढ़ा सकते हैं. जानिए वैज्ञानिक बुवाई, सिंचाई और उर्वरक प्रबंधन का पूरा तरीका.