सोनालीका ट्रैक्टर्स ने अप्रैल 2026 में 16,223 ट्रैक्टर बेचकर रिकॉर्ड बनाया और 35.6% की शानदार वृद्धि दर्ज की. कंपनी ने उद्योग की ग्रोथ को पीछे छोड़ते हुए किसानों के बीच अपनी मजबूत पकड़ बनाई है. नई तकनीक और बेहतर उत्पादों के जरिए सोनालीका खेती को आसान और लाभदायक बनाने पर लगातार काम कर रही है.
महाराष्ट्र के नासिक जिले में किसान प्याज की खेती के लिए मल्चिंग पेपर तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं. यह अनोखा प्रयोग उन इलाकों में काफी कारगर साबित हो रहा है जहां बारिश कम होती है और पानी की समस्या रहती है. मल्चिंग पेपर पर प्याज लगाने से सिंचाई में 70 से 80 प्रतिशत तक पानी की बचत हो रही है. इसके साथ ही फसल में लगने वाली बीमारियों में भी कमी आई है जिससे खेती की लागत घटी है. सह्याद्री बायोटेक के विशेषज्ञों के अनुसार, इस तकनीक से माइक्रोन्यूट्रिएंट्स और सिंचाई का सटीक प्रबंधन संभव हो पाता है.
इन दिनों लगातार खेती-बाड़ी के क्षेत्र में नए-नए प्रयोग देखने को मिलते हैं. आप भी किसान हैं और खेती को आधुनिक बनाने के साथ ढेरों फायदे चाहते हैं तो इस तकनीक को अपनाएं. इस तकनीक के बारे में ज्यादातर किसानों को अधिक जानकारी नहीं है. ऐसे में आज हम इस खबर में इसके लाभ के बारे में बताएंगे.
महिंद्रा एंड महिंद्रा के फार्म इक्विपमेंट बिजनेस ने अप्रैल 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए घरेलू बाजार में 46,404 ट्रैक्टर बेचे, जो सालाना आधार पर 20% ज्यादा हैं. नवरात्रि न होने के बावजूद मजबूत बिक्री दर्ज की गई. कुल बिक्री 48,411 यूनिट रही, जिससे ग्रामीण मांग और खेती से जुड़े सेक्टर की मजबूती साफ नजर आती है.
“फसल चक्रण” (Crop Rotation) एक ऐसा स्मार्ट तरीका बनकर सामने आया है, जो बिना अधिक खर्च के खेती को ज्यादा फायदेमंद बना सकता है. ऐसे में आइए जानते हैं उन 8 आसान तरीकों को जिनसे फसल चक्रण किसानों की किस्मत बदल सकता है.
Mango Cultivation: इस मौके पर वैज्ञानिकों और किसानों को संबोधित करते हुए मनोज कुमार सिंह ने बागवानी क्षेत्र के योगदान पर प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र उत्तर प्रदेश की कुल कृषि उत्पाद में 30 प्रतिशत से अधिक का योगदान देता है, और राज्य में उपलब्ध अलग-अलग प्रकार की मिट्टी और जलवायु परिस्थितियों के कारण यहां से फलों के निर्यात की अपार संभावनाएं मौजूद हैं.
गाजर घास किसानों की फसल का दुश्मन है. जहां इंसानों की भी पहुंच नहीं है वहां तक इसकी पहुंच हो चुकी है. अब इसके खात्मे में के लिए जबलपुर स्थित खरपतवार अनुसंधान निदेशालय ने एक कीट की खोज की है जिससे इसका नियंत्रण आसानी से होगा.
सीएम फडणवीस ने कहा कि NDDB ने दूध में यूरिया समेत दूसरी मिलावट पकड़ने के लिए टेस्ट स्ट्रिप्स बनाई हैं, लेकिन निगरानी और रोकथाम को और मजबूत करने के लिए अब ज्यादा आधुनिक सिस्टम की जरूरत है.
जयपुर में 23 से 25 मई तक ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-2026 आयोजित होगा, जिसमें किसानों, निवेशकों और विशेषज्ञों को एक मंच पर लाया जाएगा. कार्यक्रम का फोकस कृषि तकनीक, निवेश और प्रसंस्करण के जरिए किसानों की आय बढ़ाने पर रहेगा.
Mahindra EPC Irrigation Ltd. ने FY26 में शानदार प्रदर्शन किया. कंपनी की आय 14.5% बढ़कर ₹315.79 करोड़ पहुंची, जबकि मुनाफा 76% बढ़ा. मुश्किल हालात के बावजूद बेहतर रणनीति और लागत नियंत्रण से कंपनी ने मजबूत ग्रोथ हासिल की और भविष्य के लिए अच्छी संभावनाएं बनाई हैं.
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