उत्तर भारत समेत कई राज्यों में तेज आंधी, तूफान, बारिश और आकाशीय बिजली ने भारी तबाही मचाई है. उत्तर प्रदेश, राजस्थान, झारखंड और महाराष्ट्र के कई जिलों में पेड़ गिरने, बिजली गिरने और आग लगने की घटनाओं में कई लोगों और मवेशियों की मौत हुई. कई जगह सड़कें बाधित हुईं, घर और वाहन क्षतिग्रस्त हुए, जबकि प्रशासन राहत कार्य में जुटा है.
देश में मॉनसून की रफ्तार बढ़ने लगी है और 16 मई के आसपास अंडमान सागर तक इसकी एंट्री के संकेत मिल रहे हैं. दूसरी तरफ कई राज्यों में भीषण लू, आंधी और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. जानिए 14 मई को दिल्ली समेत देशभर में कैसा रहेगा मौसम...
IMD ने किसानों के लिए AI आधारित नया हाइपर लोकल पूर्वानुमान सिस्टम लॉन्च किया है, जो मॉनसून से 10 दिन पहले ब्लॉक स्तर पर सटीक बारिश की जानकारी देगा.
महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में भीषण गर्मी का कहर जारी है. अकोला 45.6°C तापमान के साथ राज्य का सबसे गर्म शहर बन गया, जबकि अमरावती में भी पारा 45.4°C दर्ज किया गया. IMD ने 16 मई तक हीट वेव का अलर्ट जारी किया है. तेज गर्मी और लू के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है और प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत में पहाड़ी इलाकों में बारिश, बर्फबारी और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है. पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में भी आंधी और बारिश के आसार हैं. पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में कई जगह भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि दक्षिण और मध्य भारत में बारिश के साथ कुछ हिस्सों में लू का असर जारी रहेगा.
साल 2026 में अल नीनो के कारण भारतीय मॉनसून कमजोर होने और देश में गंभीर सूखे का बड़ा खतरा मंडरा रहा है. मॉनसून में देरी और जानलेवा लू का सीधा असर खेती पर पड़ेगा, खासकर यूपी, बिहार, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में जहां पानी की भारी किल्लत हो सकती है. पंजाब-हरियाणा में ज्यादा सिंचाई के कारण भूजल का स्तर पहले ही खतरनाक रूप से गिर चुका है. इस महासंकट से निपटने के लिए कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को अपनी रणनीति बदलने की सलाह दी है. अब धान की जगह कम पानी और कम समय में पकने वाली फसलें जैसे मक्का, बाजरा और दालें उगानी होंगी. साथ ही, पानी बचाने के लिए 'धान की सीधी बुवाई' और 'AWD' जैसी आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर ही इस साल खेती को सुरक्षित और टिकाऊ बनाया जा सकता है.
इस सप्ताह के अंत तक बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान‑निकोबार में दक्षिण‑पश्चिम मॉनसून की शुरुआत के अनुकूल हालात बन रहे हैं. वहीं पश्चिम राजस्थान में भीषण लू और गुजरात‑महाराष्ट्र में गर्मी जारी रहने की संभावना है. कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है.
हिमाचल प्रदेश में मौसम ने फिर करवट ले ली है. कई जिलों में बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक का दौर जारी है. मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला समेत कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है. लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है.
देशभर में मौसम तेजी से बदल रहा है. कई राज्यों में बारिश, आंधी, बिजली और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है. दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर में भारी बारिश की संभावना है, जबकि राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश में लू का असर बना रहेगा. मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी है.
कमजोर प्री‑मॉनसून बारिश से कर्नाटक सहित दक्षिण भारत में आम की फसल को भारी नुकसान हुआ है. ला नीना और कमजोर मॉनसून की आशंका के चलते किसान धान छोड़कर कम पानी वाली फसलों की ओर रुख करने पर मजबूर हैं.
मौसम को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. 11 मई के लिए मौसम विभाग (IMD) ने देश के कई राज्यों में अलग-अलग अलर्ट जारी किए हैं.जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में तेज बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि हिमाचल प्रदेश में मौसम साफ रहने वाला है.
अगले 24 घंटे में देशभर के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. IMD ने कई राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है. जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में बारिश का ऑरेंज अलर्ट है, वहीं बिहार, झारखंड और बंगाल में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है.
अकोला के कवठा गांव में भीषण पानी संकट ने लोगों की जिंदगी मुश्किल कर दी है. नदी और बांध होने के बावजूद ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए सूखी जमीन में गड्ढे खोदने को मजबूर हैं. खारा पानी पीने से बीमारियां बढ़ रही हैं. वर्षों से अधूरी जल योजनाओं के बीच गांव वाले आज भी साफ और मीठे पानी का इंतजार कर रहे हैं.
देशभर में मौसम का मिजाज बदलने वाला है. मौसम विभाग ने कई राज्यों में बारिश, तेज आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है. वहीं राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में लू का खतरा बना रहेगा. दक्षिण भारत के राज्यों में भारी बारिश की संभावना है, जबकि उत्तर भारत में तेज हवाएं चल सकती हैं.
देशभर के मौसम को लेकर बड़ी खबर..IMD के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में 11 से 14 मई के बीच गरज-चमक और 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं का नया दौर शुरू होगा. दक्षिण भारत के केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अगले 7 दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है.
किसान तक के इस मौसम पूर्वानुमान बुलेटिन में मानसून 2026 और देशभर के मौसम की ताज़ा स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई है. बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के बीच एक सर्कुलेशन बन रहा है, जो 12-13 मई के आसपास कम दबाव के क्षेत्र में बदल सकता है. इसका सीधा असर मानसून के आगमन और उसकी गति पर पड़ सकता है.
देशभर में मौसम तेजी से बदलने के संकेत हैं जहां कई राज्यों में बारिश, आंधी और तेज हवाओं का असर रहेगा, वहीं कुछ इलाकों में लू का खतरा बना हुआ है. आने वाले दिनों में उत्तर से दक्षिण तक अलग-अलग तरह के मौसम की स्थिति देखने को मिल सकती है.
देशभर में मौसम ने अचानक करवट ले ली है. IMD ने कई राज्यों के लिए बड़ा अलर्ट जारी किया है. उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में आज आंधी, तेज हवाएं और बारिश के आसार हैं. 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं.
India Meteorological Department ने देशभर के लिए अहम मौसम चेतावनी जारी की है. विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में 11 से 14 मई के बीच आंधी-तूफान, बिजली और 40-60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है.
देशभर में 9 मई को मौसम मिला-जुला रहेगा, जहां पूर्वी और दक्षिणी राज्यों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है, वहीं उत्तर भारत में मौसम साफ बना रहेगा. पश्चिम राजस्थान और गुजरात में तापमान 40-45°C तक पहुंचने के साथ हीटवेव का असर जारी रहने का अनुमान है.
कई इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाएं और बारिश की संभावना जताई गई है. IMD ने कई क्षेत्रों के लिए अलर्ट जारी किया है. जानिए आपके इलाके में कैसा रहेगा मौसम और कब हो सकती है बारिश. पूरी अपडेट देखने के लिए वीडियो अंत तक जरूर देखें.
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