विदर्भ में इस साल मॉनसून के दौरान सामान्य से करीब 27 फीसदी कम बारिश हुई है. कई जिलों में बारिश की कमी 40 फीसदी से ज्यादा रही. कम बारिश और घटती जमीन की नमी से खरीफ फसलों के बाद अब रबी सीजन की चिंता बढ़ गई है. भूजल स्तर और जल स्रोतों पर असर के चलते आने वाली गर्मियों में पानी की किल्लत का खतरा भी बढ़ा है.
अक्टूबर की शुरुआत में देश के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय रहेगा. 1 अक्टूबर को दक्षिण भारत में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. पूर्वोत्तर, मध्य भारत और पश्चिमी तट के कुछ हिस्सों में भी बारिश का दौर रहेगा, जबकि उत्तर भारत में मौसम ज्यादातर शुष्क रहने का अनुमान है.
भारत में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के दौरान सामान्य से 12.6 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है. सामान्य 868.6 mm के मुकाबले इस बार 759 mm बारिश हुई. अब IMD ने अक्टूबर में भी देशभर की बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान जताया है. जानिए यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों में अगले कुछ दिनों के मौसम का हाल.
दिल्ली-NCR में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण से निपटने के लिए CAQM ने संशोधित GRAP लागू कर दिया है. AQI के आधार पर चार चरणों में पाबंदियां लगेंगी. AQI 201 से 300 पर स्टेज-1 और 450 से ऊपर स्टेज-4 लागू होगा.
30 सितंबर से देश के कई राज्यों में बारिश और आंधी का दौर जारी रहेगा. IMD ने पूर्वोत्तर, दक्षिण भारत और कुछ मध्य भारतीय इलाकों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है. वहीं, उत्तर-पश्चिम भारत में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी आगे बढ़ रही है.
बंगाल की खाड़ी और म्यांमार तट के पास बना डिप्रेशन उत्तर-उत्तर पश्चिम दिशा में तेजी से बढ़ रहा है. मौसम विभाग के मुताबिक यह सिस्टम जल्द कमजोर होकर वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में बदल सकता है और मिजोरम, त्रिपुरा और बांग्लादेश की ओर बढ़ सकता है.
बिहार में मॉनसून सीजन के दौरान अब तक सामान्य से करीब 31 फीसदी कम बारिश हुई है. इसके बावजूद वापसी के समय गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से कई जिलों में फिर बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. पश्चिमी चंपारण समेत कई इलाकों में तटबंध क्षतिग्रस्त होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है.
मौसम विभाग के अनुसार, 29 सितंबर को अंडमान-निकोबार में डिप्रेशन के असर से भारी बारिश और 50-60 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं का अलर्ट है. जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी बारिश हो सकती है. दक्षिण और पूर्वी भारत के कई राज्यों में भी बारिश का दौर जारी रहेगा.
बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में मौसमी हलचल तेज हो गई है. उत्तरी अंडमान सागर और म्यांमार तट के पास बना डिप्रेशन अगले 12 घंटे में डीप डिप्रेशन में बदल सकता है.
उत्तरी अंडमान सागर और म्यांमार तट के पास बना सिस्टम डिप्रेशन में बदल गया है. IMD के मुताबिक अगले 12 घंटों में इसके डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना है. यह म्यांमार तट के पास से उत्तर-उत्तर पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी और बांग्लादेश तट की ओर बढ़ेगा. अंडमान-निकोबार में भारी बारिश और 70 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है.
UP Weather Today: राहत आयुक्त के अनुसार 25 सितंबर से 27 सितंबर की सुबह तक प्रदेश में 66.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 7.6 मिलीमीटर है. इस तरह प्रदेश में सामान्य से 775 प्रतिशत अधिक बारिश हुई. प्रदेश के 75 जिलों में से 56 जिलों में अत्यधिक वर्षा दर्ज की गई.
उत्तर भारत में बारिश का दौर अभी जारी रहेगा. IMD ने 28 सितंबर को उत्तराखंड में भारी बारिश और हिमाचल प्रदेश में भी बारिश की संभावना जताई है. मध्य प्रदेश, बिहार, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश और गरज-चमक का सिलसिला बने रहने का अनुमान है.
ओडिशा में भारी बारिश के बाद 13 जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं. मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गंजाम और कोरापुट के प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया. हीराकुड बांध के 24 गेट से पानी छोड़ा जा रहा है. महानदी में 8 लाख क्यूसेक तक पानी पहुंचने की आशंका से कटक, पुरी, खुर्दा, जगतसिंहपुर और केंद्रापड़ा में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है.
27 सितंबर को भी कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा. उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश में बने डिप्रेशन के असर से दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है.
उत्तर प्रदेश में भारी बारिश, आंधी और आकाशीय बिजली के खतरे को देखते हुए योगी सरकार ने प्रशासन को अलर्ट कर दिया है. रेड अलर्ट और बाढ़ की आशंका वाले जिलों में अधिकारियों को फील्ड में रहने, संवेदनशील इलाकों पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं.
मौसम विभाग ने यूपी, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. 26 सितंबर से कई इलाकों में बारिश तेज हो सकती है. कुछ जगहों पर बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है. साथ ही आंधी, बिजली और तेज हवाओं को लेकर भी चेतावनी दी गई है.
देशभर के मौसम को लेकर जारी अपडेट के अनुसार, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के पास बना डीप डिप्रेशन अब आगे बढ़कर कमजोर हो रहा है, जिसके प्रभाव से दक्षिण ओडिशा और दक्षिण छत्तीसगढ़ में भारी बारिश, बाढ़ और फ्लैश फ्लड का बड़ा खतरा बना हुआ है. इसके अलावा उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर राज्यों में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
आंध्र प्रदेश के ऊपर बने डीप डिप्रेशन के असर से ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं. गंजाम, गजपति, मलकानगिरी, कोरापुट, रायगढ़ा और नबरंगपुर समेत कई इलाकों में जलभराव, भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बना हुआ है. ओडिशा सरकार ने 8,082 लोगों को संवेदनशील इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है. नबरंगपुर के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि कई अन्य जिले ऑरेंज और येलो अलर्ट पर हैं. उधर आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में येलेरू के बाढ़ के पानी से सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है और कई खेत पानी में डूब गए हैं.
देशभर में मौसम का मिजाज बदला हुआ है. उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा के पास बना डीप डिप्रेशन आगे बढ़ते हुए धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है. इसके असर से दक्षिण ओडिशा और दक्षिण छत्तीसगढ़ में बहुत भारी बारिश की चेतावनी है, साथ ही निचले इलाकों में बाढ़ और फ्लैश फ्लड का खतरा बना हुआ है.
राजस्थान के जैसलमेर और बाड़मेर में सितंबर के आखिरी दिनों में भीषण गर्मी पड़ रही है. जैसलमेर में अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री और बाड़मेर में 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ. कम बारिश और मॉनसून की विदाई के कारण नमी घटने से तापमान बढ़ रहा है. गर्मी का असर आम लोगों के साथ किसानों और फसलों पर भी पड़ रहा है.Jaisalmer
25 सितंबर से उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहेगा. IMD ने उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है. दिल्ली में 25 सितंबर को आंशिक बादल और 33-35 डिग्री तापमान रह सकता है.
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