जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश के बाद अचानक मॉनसून की रफ्तार थम गई है, जिससे किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ गई है. मौसम विभाग के अनुसार यह मॉनसून का सामान्य "ब्रेक फेज" है, जब मानसूनी ट्रफ पहाड़ी क्षेत्रों की ओर खिसक जाती है और मैदानी इलाकों में बारिश कम हो जाती है. हालांकि अगले कुछ दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत में फिर से बारिश की संभावना जताई गई है.
मॉनसून में मौसम विभाग की ओर से जारी ग्रीन, येलो, ऑरेंज और रेड अलर्ट सिर्फ रंग नहीं, बल्कि खतरे की अलग-अलग चेतावनी होते हैं. हर अलर्ट बारिश की तीव्रता और संभावित नुकसान का संकेत देता है. अगर इनका मतलब पहले से समझ लिया जाए तो किसान से लेकर आम लोग समय रहते जरूरी तैयारी कर सकते हैं और बड़े नुकसान से बच सकते हैं.
महाराष्ट्र के सतारा जिले के पूर्वी हिस्से में मॉनसून के दौरान भी सूखे जैसे हालात बने हुए हैं. बारिश की कमी से अनार, गन्ना, बाजरा और मक्का की फसलें सूख रही हैं. कई गांवों में पानी का संकट गहरा गया है और लोग टैंकरों पर निर्भर हैं. किसानों ने सरकार से मदद और मुआवजे की मांग की है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार उत्तर बंगाल की खाड़ी में बनने वाले कम दबाव के क्षेत्र के कारण 15 जुलाई को पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश तेज होगी. ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम और मेघालय में भी भारी बारिश की संभावना है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने ओडिशा में रेड अलर्ट जारी किया. पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अनुमान, जबकि उत्तर-पश्चिम और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में उमस और गर्मी का असर जारी रहेगा. किसानों और मछुआरों के लिए विशेष परामर्श.
उत्तराखंड के चकराता में मॉनसून की बारिश ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. पुल नहीं बनने से छजाड खेड़ा नखारी गांव के लोगों ने उफनती नदी पर पेड़ डालकर अस्थायी पुल बना लिया. जान जोखिम में डालकर नदी पार करते ग्रामीणों का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसने पहाड़ी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी की पोल खोल दी है.
UP News: मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आगामी कुछ दिनों तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना है, जबकि 17-18 जुलाई के बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश से मॉनसून के पुनः सक्रिय होने के संकेत हैं. कृषि मंत्री ने निर्देश दिए कि मौसम संबंधी प्रत्येक अपडेट तत्काल कृषि विभाग एवं जिला प्रशासन को उपलब्ध कराया जाए.
UP Weather Today: मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, मॉनसून के ठहर जाने से प्रदेश के कई जिलों में गर्मी और उमस का असर बढ़ेगा. दिन के साथ रात का तापमान भी बढ़ने की उम्मीद है. वहीं बारिश न होने का सीधा असर धान की फसल पर पड़ेगा.
देशभर में मॉनसून ने फिर रफ्तार पकड़ ली है. पांच वेदर सिस्टम एक साथ सक्रिय होने से दिल्ली, यूपी, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल समेत 21 राज्यों में भारी बारिश, आंधी और वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया है. जानिए आपके राज्य का ताजा मौसम अपडेट, IMD की चेतावनी और अगले 24 घंटे का पूरा पूर्वानुमान.
देशभर में मॉनसून की स्थिति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. इस वीडियो में जानिए 14 जुलाई के बाद बनने वाले नए वेदर सिस्टम का असर, मानसून ट्रफ में होने वाले बदलाव और 25 जुलाई तक किन राज्यों में अच्छी बारिश की संभावना है.
जून में सूखा रहा और जुलाई के पहले हफ्ते में खूब बारिश हुई. लेकिन दो चार दिन बाद मॉनसून छुट्टी पर चला गया. वैज्ञानिकों के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी के ऊपर कोई लो प्रेशर एरिया नहीं है, जिससे बारिश नहीं हो रही है. हालांकि उम्मीद है कि 15 जुलाई के बाद हालात बदलेंगे और बारिश दोबारा शुरू होगी.
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 13 जुलाई के लिए ताजा मौसम पूर्वानुमान जारी कर दिया है. देश के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि कुछ इलाकों में मानसून की गतिविधियां कमजोर रह सकती हैं.
देशभर में मॉनसून का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आ रहा है. IMD के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक पूर्वोत्तर भारत, और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. वहीं, कई राज्यों में बारिश की रफ्तार धीमी पड़ सकती है. आइए जानते हैं आज के मौसम का हाल.
भारत में मॉनसून अब पूरे देश को कवर कर चुका है, लेकिन बारिश का वितरण अभी भी असमान बना हुआ है. कहीं भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात हैं, तो कहीं अब भी बारिश की बड़ी कमी बनी हुई है.
इस वक्त की सबसे बड़ी खबर मौसम से जुड़ी हुई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने देश के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है.
टाइफून बावी ने चीन के पूर्वी तट पर दस्तक दे दी है. तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण प्रशासन ने रेड अलर्ट जारी किया है. झेजियांग समेत कई इलाकों में 20 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. कई उड़ानें रद्द हुई हैं और बाढ़ से बचाव के लिए आपातकाल लागू किया गया है.
लगातार कई दिनों तक हुई तेज बारिश के बाद अब देश के कई राज्यों में मॉनसून कुछ दिनों के लिए धीमा पड़ सकता है. मौसम विभाग के अनुसार अगले 5 से 7 दिनों तक कई इलाकों में बारिश कम रहने और उमस बढ़ने की संभावना है. इसका असर धान, सोयाबीन समेत खरीफ फसलों पर पड़ सकता है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है.
IMD Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 12 जुलाई के लिए बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, मेघालय, असम, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. वहीं दिल्ली में बारिश की संभावना कम रहने से उमस और गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है.
मुजफ्फरनगर के पुरकाजी खादर क्षेत्र में सोनाली नदी का जलस्तर बढ़ने से हजारों बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो गई है. रामनगर सहित कई गांवों के संपर्क मार्गों पर पानी भर गया है. प्रशासन ने नाव और ट्रैक्टर की व्यवस्था की है.
देश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी है, लेकिन अब Monsoon का पैटर्न बदलता नजर आ रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक मध्य उत्तर प्रदेश के उत्तरी हिस्से पर बना लो प्रेशर एरिया अगले 24 घंटे में कमजोर हो सकता है.
11 जुलाई को उत्तर भारत में मॉनसून का असर बना रहेगा. IMD ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है. बिहार, झारखंड और पूर्वोत्तर राज्यों में भी अच्छी बारिश की संभावना है.
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