देशभर में मॉनसून सक्रिय हो गया है और दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में बारिश का दौर शुरू हो चुका है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, दिल्ली में 12 जुलाई तक रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है. वहीं मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र के कोंकण-गोवा क्षेत्र और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है. बिहार, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं.
El Nino के बावजूद मुंबई में रिकॉर्ड बारिश क्यों हो रही है? जानिए कैसे ग्लोबल वार्मिंग, अरब सागर से आने वाली नमी, पश्चिमी घाट और बदलते मॉनसून पैटर्न मिलकर तेज बारिश का कारण बन रहे हैं. आसान भाषा में समझें मुंबई में हो रही भारी बारिश के पीछे का पूरा विज्ञान.
महाराष्ट्र के सातारा जिले के अतीट गांव में बादल फटने जैसी तेज बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. पहाड़ियों से आए तेज पानी के कारण नाला उफान पर आ गया और कई घरों, खेतों व सड़कों में पानी भर गया. भारी बारिश से किसानों और ग्रामीणों को नुकसान हुआ है. प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है.
अल नीनो के संभावित असर को लेकर पीएमओ में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई. सरकार ने मॉनसून, खरीफ फसलों, फसल बीमा, पेयजल, उर्वरक, खाद्यान्न और बिजली व्यवस्था की तैयारियों की समीक्षा की. जानिए IMD ने बारिश को लेकर क्या अपडेट दिया और किसानों व राज्यों के लिए सरकार ने कौन-कौन से अहम निर्देश जारी किए.
UP Rain Alert: आमतौर पर यूपी में जून से सितंबर के बीच करीब 820 से 840 मिलीमीटर बारिश होती है. लेकिन इस साल 8 फीसदी से कम यानी लगभग 754 से 773 मिलीमीटर तक ही पानी बारिश होगी. वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 10 जुलाई तक अच्छी मॉनसूनी बारिश के आसार हैं.
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और अगले 2-3 दिनों में पूरे देश को कवर कर सकता है. 8 जुलाई को उत्तर भारत, पूर्वोत्तर, मध्य भारत और पश्चिमी तटीय राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है. दिल्ली-एनसीआर समेत कई इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है.
महाराष्ट्र के पुणे में भारी बारिश के कारण पहाड़ी का मलबा घर पर गिर गया. मावल के पाटण गांव में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई. प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है.
UP Weather Today: अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पूरे उत्तर प्रदेश में औसतन 73.4 मिमी बारिश हुई है. जबकि सामान्य तौर पर यह 134.5 मिमी होनी चाहिए थी. पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 जून से 6 जुलाई तक औसतन 69.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है. जबकि यहां की सामान्य बारिश 150.6 मिमी है.
बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन का असर देश के कई राज्यों में देखने को मिल रहा है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार यह सिस्टम झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की ओर बढ़ रहा है, जिसके प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड और ओडिशा समेत कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है. कई इलाकों में आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाओं का भी अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने मछुआरों को 7 जुलाई तक बंगाल की खाड़ी में न जाने की सलाह दी है.
महाराष्ट्र के विदर्भ जिले में पिछले 12 घंटे से लगातार हो रही झमाझम बारिश ने किसानों को बड़ी राहत दी है. लंबे इंतजार के बाद हुई इस बारिश से अमरावती समेत पूरे विदर्भ क्षेत्र में खरीफ फसलों को नई जिंदगी मिली है, जिससे किसानों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी और कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. गुजरात, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, तटीय कर्नाटक, पूर्वी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और सौराष्ट्र-कच्छ में तेज बारिश की संभावना है. कई क्षेत्रों में आंधी, बिजली गिरने और 40 से 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. IMD ने किसानों को धान, मक्का, सोयाबीन, सब्जियों और अन्य खरीफ फसलों की नर्सरी से अतिरिक्त पानी निकालने, जल निकासी की व्यवस्था मजबूत करने और भारी बारिश के दौरान बुवाई, रोपाई और कटाई संबंधी कार्यों में सावधानी बरतने की सलाह दी है. पकी हुई फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखने और बागवानी फसलों को नुकसान से बचाने के लिए विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है.
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई, ठाणे और रायगढ़ के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका जताई गई है. मौसम विभाग ने आम लोगों के साथ-साथ किसानों के लिए भी जरूरी सलाह जारी की है.
महाराष्ट्र में भारी बारिश और तेज हवाओं का असर बढ़ गया है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है. पेड़ गिरने, भूस्खलन और हादसों के बीच विधानसभा की कार्यवाही भी स्थगित कर दी गई. सरकार राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई है.
दुनिया के महासागर जून महीने में अब तक के सबसे गर्म स्तर पर पहुंच गए हैं और उन्होंने 2023-24 के अल नीनो वर्षों का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है. वैज्ञानिकों के अनुसार, समुद्र की सतह का औसत तापमान अब 21 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच चुका है, जो औद्योगिक युग से पहले के स्तर से काफी अधिक है. महासागरों में बढ़ती गर्मी के कारण समुद्री हीटवेव, भीषण गर्मी, भारी बारिश, बाढ़ और शक्तिशाली चक्रवातों का खतरा बढ़ रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि विकसित हो रहा अल नीनो आने वाले महीनों और वर्षों में मौसम की चरम घटनाओं को और तेज कर सकता है.
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 6 जुलाई के लिए देश के कई राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है. उत्तर, मध्य, पूर्व और पश्चिम भारत के कई हिस्सों में अच्छी बारिश की संभावना है.
अल नीनो के सक्रिय होने से मौसम शुष्क और गर्म हो जाता है, जिससे मॉनसून सुस्त पड़ने के कारण खरीफ फसलों विशेषकर धान और गन्ना को पानी की भारी किल्लत, सूखा और भीषण तपन का सामना करना पड़ता है. यह प्रतिकूल मौसम न केवल पौधों के विकास को रोकता है, बल्कि माहू, सफेद मक्खी, तंबाकू की इल्ली और तना छेदक जैसे रस चूसने वाले घातक कीटों और लीफ कर्ल वायरस, पीला मोज़ेक व पत्ती झुलसा जैसी गंभीर बीमारियों के फैलने के लिए मुफीद माहौल तैयार करता है. इस संकट से निपटने के लिए वैज्ञानिक तौर-तरीके अपनाने की जरूरत है.
UP Weather News Today: मौसम वैज्ञानिक का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से नमी लेकर आने वाली हवाएं और बारिश कराने वाले मौसमी सिस्टम कमजोर पड़ गए हैं. इस वजह से मॉनसून बारिश जैसा माहौल नहीं बन पा रहा है, हालांकि, यह स्थिति अस्थायी है. वहीं, 7 जुलाई से मॉनसून फिर सक्रिय होगा.
बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन के कारण देशभर में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. ओडिशा, गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में 5 से 7 जुलाई तक तेज बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है. मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित रहने की सलाह दी है. मॉनसून ने कई क्षेत्रों में रफ्तार पकड़ ली है.
क्या इस बार अल नीनो भारत के मॉनसून को कमजोर कर देगा? क्या धान, सोयाबीन, कपास और दूसरी खरीफ फसलें प्रभावित होंगी? इस एक्सप्लेनर में जानिए अल नीनो क्या है, इसका भारतीय मानसून पर क्या असर पड़ता है.
देशभर में मॉनसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है. बंगाल की खाड़ी में इस सीजन का पहला लो प्रेशर एरिया बनने के बाद मौसम विभाग (IMD) ने कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है.
मध्य प्रदेश के सभी 55 जिलों में मॉनसून पहुंच चुका है और मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किए हैं. पिछले कुछ घंटों में प्रदेश में जमकर बारिश हुई है और अगले चार से पांच दिनों तक व्यापक वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है.
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