इस बार 'अल नीनो का संकट पहले से कहीं ज़्यादा खतरनाक होने वाला है, जिससे दुनिया भर का मौसम बिगड़ेगा। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) की चेतावनी के मुताबिक, ग्लोबल वार्मिंग की वजह से इस बार रिकॉर्डतोड़ गर्मी और सूखा पड़ सकता है. इसका सबसे बुरा असर भारत सहित पूरे एशिया पर पड़ेगा, जहां कमजोर मानसून के कारण धान और मक्के जैसी फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है. पहले भी 2015 में इसके चलते भारी नुकसान हुआ था.इस बार किसानों पर दोहरी मार पड़ेगी; एक तरफ सूखे का खतरा है, तो दूसरी तरफ खाड़ी में सैन्य तनाव के कारण डीजल और खाद जैसी जरूरी चीजों की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे खेती की लागत बहुत बढ़ गई है.
UP Weather Update: उत्तर प्रदेश सरकार ने भीषण गर्मी और लू की स्थिति को देखते हुए राज्य के सरकारी स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश को 24 जून तक बढ़ा दिया है. स्कूल अब 25 जून से दोबारा खुलेंगे, जबकि शिक्षक शैक्षणिक तैयारियों को पूरा करने के लिए 22 जून से विद्यालयों में उपस्थित होंगे.
17 जून को देशभर में मौसम का मिला-जुला असर दिखेगा. उत्तर भारत में गरज-चमक और हल्की बारिश, बिहार-झारखंड में बारिश बढ़ने के आसार, जबकि तेलंगाना, विदर्भ और कुछ हिस्सों में लू बनी रह सकती है. 18 जून के बाद कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज होंगी.
भारत में अल नीनो का असर दिखने लगा है, जिससे मॉनसून कमजोर पड़ सकता है. IMD और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के अनुमान के बीच बारिश कम रहने की आशंका बढ़ गई है, जिससे खेती, फसल उत्पादन और महंगाई पर असर पड़ सकता है.
महाराष्ट्र में जून के शुरुआती दिनों में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है. इसे देखते हुए सरकार ने किसानों को फिलहाल बुवाई शुरू नहीं करने की सलाह दी है. प्रशासन का कहना है कि पर्याप्त बारिश होने के बाद ही खेती का काम आगे बढ़ाना बेहतर होगा.
पुणे में इस साल जून के पहले 15 दिनों में 68 साल बाद पहली बार शून्य बारिश दर्ज की गई है. महाराष्ट्र में मॉनसून की रफ्तार धीमी पड़ने से 72% बारिश की कमी देखी गई है. अरब सागर की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण बारिश रुकी हुई है, जिससे गर्मी और सूखे जैसे हालात बन गए हैं. हालांकि आने वाले दिनों में बारिश की उम्मीद जताई गई है.
FAO ने चेतावनी दी है कि El Nino के प्रभाव से भारत का मानसून कमजोर पड़ सकता है, जिससे धान और मक्का जैसी खरीफ फसलों पर असर पड़ने की आशंका हैमॉनसून कम बारिश से किसानों की आय, कृषि उत्पादन और खाद्य सुरक्षा प्रभावित हो सकती हैमॉनसून विशेषज्ञों ने समय रहते तैयारी और मौसम की निगरानी पर जोर दिया है.
भारत में मॉनसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. उत्तर-पूर्व, पूर्वी और दक्षिण भारत में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना है. वहीं कुछ हिस्सों में लू और गर्मी का असर भी बना रहेगा. मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है.
हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश और ओलावृष्टि से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. मौसम विभाग ने इस साल कमजोर मॉनसून का अनुमान जताते हुए कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है.
15 जून को मौसम को लेकर भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बड़ा अलर्ट जारी किया है.देश के अलग-अलग हिस्सों में कहीं बारिश तो कहीं भीषण गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है. जम्मू से लेकर पंजाब, हरियाणा और दिल्ली तक गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा.
15 जून को देशभर में मौसम का मिजाज कैसा रहने वाला है? भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना है, जबकि कुछ इलाकों में गर्मी और उमस का असर बना रह सकता है.
मौसम विभाग ने देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, आंधी और हीटवेव का अलर्ट जारी किया है. पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में भारी बारिश की संभावना है, जबकि मध्य और पश्चिम भारत में गर्मी का असर रहेगा. लोगों को सावधानी बरतने और मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है. मॉनसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है.
देशभर में मानसून की रफ्तार फिलहाल सुस्त बनी हुई है. 1 जून से अब तक सामान्य से 26% कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है. वहीं मौसम विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों को लेकर बड़ा अपडेट जारी किया है.
देश के मौसम में इस समय एक साथ दो अलग-अलग तस्वीरें साफ देखी जा रही हैं. जहां एक ओर उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ का असर लगातार बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और लू जैसी स्थिति लोगों को परेशान कर रही है.
देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है. उत्तर भारत में आंधी, गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं, जबकि कुछ इलाकों में गर्मी का असर बना रहेगा. मॉनसून आगे बढ़ रहा है और कई राज्यों में अगले कुछ दिनों में बारिश बढ़ने के संकेत हैं.
Monsoon का इंतजार एक बार फिर लंबा हो गया है क्योंकि मौसम विभाग ने कई जिलों में ओले और तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है. कई जगहों पर बारिश के साथ बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है. आने वाले दिनों में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.
मौसम विभाग ने 13 जून के लिए बड़ा अपडेट जारी किया है. उत्तर-पश्चिम भारत से लेकर पूर्वी और दक्षिणी राज्यों तक मौसम का मिजाज बदलने वाला है. कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है.
देश में बारिश के इंतजार के बीच अल नीनो को लेकर चिंता बढ़ गई है. विशेषज्ञों के मुताबिक गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा और राजस्थान समेत कई राज्यों में सामान्य से कम बारिश की आशंका जताई जा रही है. इसका असर खेती, जल उपलब्धता और खाद्य कीमतों पर पड़ सकता है.
झारखंड में भीषण और उमस भरी गर्मी के बीच मौसम का मिजाज बदल गया है. राज्य में दक्षिण-पश्चिमी मॉनसून ने अपनी सामान्य तारीख 12 जून को दस्तक दे दी है. मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मॉनसून का प्रवेश झारखंड के पूर्वी हिस्से से हुआ है.
पश्चिमी विक्षोभ और मॉनसून की सक्रियता से देश के कई राज्यों में मौसम बदला हुआ है. 13 जून को उत्तर भारत में बारिश और तेज हवाओं से राहत मिल सकती है, जबकि पूर्व और दक्षिण भारत में मॉनसूनी बारिश बढ़ने के संकेत हैं.
भारतीय मौसम विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट में जून 2026 के लिए अल नीनो की पुष्टि की गई है. प्रशांत महासागर में तेजी से बदलते हालात मॉनसून को प्रभावित कर सकते हैं, जबकि हिंद महासागर में IOD अभी सामान्य बना हुआ है.
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