चक्रवात मुरासु ने 3 नवंबर की सुबह आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट पर ओंगोल के पास दस्तक दी. इस दौरान हवा की रफ्तार 100-110 किमी प्रति घंटे रही और झोंके 120 किमी प्रति घंटे तक पहुंचे. IMD के मुताबिक, तूफान के आज रात तक कमजोर होकर गहरे अवदाब में बदलने की संभावना है.
UP Weather Today: अतुल कुमार सिंह के अनुसार आने वाले दिनों में कोहरे की स्थिति और गंभीर हो सकती है. उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रहने की आशंका है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है. वहीं, मौसम में बड़ा बदलाव 15 नवंबर के आसपास देखने को मिल सकता है.
आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले में चक्रवात 'मुरासु' की चेतावनी को देखते हुए कलेक्टर हिमांशु शुक्ला ने हाई अलर्ट जारी किया है. तट से टकराने के दौरान 120 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं और भारी बारिश होने की संभावना है. प्रशासन ने तटीय और निचले इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और जरूरी सावधानी बरतने की अपील की है.
चक्रवात अर्नब से प्रभावित ओडिशा के किसानों और परिवारों को सरकार आर्थिक मदद देगी. छोटे और सीमांत किसानों को फसल नुकसान पर 8,500 से 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर तक सहायता मिलेगी. खेतों से बालू हटाने के लिए 18 हजार रुपये और प्रभावित परिवारों को 50 किलो चावल के साथ 2,500 रुपये दिए जाएंगे.
चक्रवाती तूफान मुरासु के खतरे को देखते हुए NDRF ने राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं. तमिलनाडु से NDRF की तीन टीमें आंध्र प्रदेश भेजी गई हैं. IMD के मुताबिक, तूफान 2 नवंबर की रात से 3 नवंबर की सुबह के बीच नेल्लोर और नरसापुर के आसपास तट पार कर सकता है.
चक्रवाती तूफान 'मुरासु' के आज रात आंध्र प्रदेश के तट से टकराने का अनुमान है. IMD के मुताबिक, इस दौरान 100 से 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना और ओडिशा समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
UP News In Hindi: उपकार के महानिदेशक डॉ. संजय सिंह ने बताया कि गेहूं की सिंचित दशा में समय से बुवाई के लिए DBW-187, DBW-826, PBW-915, HD-3428 जैसी उन्नत किस्मों की बुवाई नवंबर के पहले सप्ताह में शुरू करने तथा पछेती सरसों के लिए आजाद महक एवं सुलेखा का चयन करने को कहा गया है.
नवंबर 2026 में देशभर में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है. IMD के मुताबिक, दक्षिण भारत में बारिश LPA के 77 फीसदी से नीचे रह सकती है. वहीं, देश के अधिकांश हिस्सों में दिन और रात का तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है.
आंध्र प्रदेश पर एक बार फिर चक्रवात का खतरा मंडरा रहा है. बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन 1 नवंबर तक चक्रवाती तूफान में बदल सकता है और 2 नवंबर की शाम तक तट के पास पहुंचने का अनुमान है. IMD ने कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और 100 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है.
गुजरात के अमरेली, जूनागढ़, जामनगर और गिर सोमनाथ जिलों में बेमौसम बारिश और तेज हवाओं से किसानों को भारी नुकसान हुआ है. खेतों में तैयार मूंगफली, कपास, सोयाबीन, प्याज और सब्जियों की फसलें प्रभावित हुई हैं.
1 नवंबर को देश के कई राज्यों में मौसम बदलने वाला है. बंगाल की खाड़ी में संभावित चक्रवाती तूफान के असर से आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु और केरल समेत कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट है. वहीं, दिल्ली-NCR में मौसम साफ रहने की संभावना है.
आंध्र प्रदेश में चक्रवात 'अर्नब' ने भारी तबाही मचाई है. शुरुआती आकलन के मुताबिक, राज्य को करीब 4,600 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. तूफान से सात लोगों की मौत हुई है, जबकि धान और नारियल की फसलें भी प्रभावित हुई हैं.
छत्तीसगढ़ में चक्रवात ‘अर्नब’ और बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों के लिए राहत की तैयारी तेज हो गई है.प्रदेश में अब तक फसल नुकसान की 59,666 सूचनाएं मिली हैं. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर कृषि विभाग ने सर्वे और बीमा भुगतान की प्रक्रिया तेज कर दी है.
IMD ने उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. 2-3 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. जानें दिल्ली, हरियाणा और मध्य भारत में मौसम का हाल.
चक्रवात अर्नब का असर कमजोर पड़ने के बाद भी देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है. दिल्ली-NCR से हिमाचल तक बारिश और ठंडी हवाओं ने लोगों की चिंता बढ़ाई है. वहीं, बंगाल की खाड़ी में नया कम दबाव का क्षेत्र बनने से एक और चक्रवात का खतरा मंडरा रहा है.
UP Weather Today: मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि आज प्रदेश के 13 जिलों में भारी वर्षा का येलो अलर्ट जारी किया गया है, इनमें आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, गोंडा, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, अयोध्या, अंबेडकर नगर शामिल है.
दक्षिण छत्तीसगढ़ और आसपास के दक्षिण ओडिशा के ऊपर बना डिप्रेशन उत्तर की ओर बढ़ रहा है. मौसम विभाग के अनुसार यह 29 अक्टूबर की शाम तक कमजोर होकर उत्तरी छत्तीसगढ़ और उत्तर-पश्चिम ओडिशा के ऊपर वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में बदल सकता है. ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. कई क्षेत्रों में 65 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाएं भी चल सकती हैं.
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने चक्रवात अर्नब से प्रभावित इलाकों में बिजली बहाल करने, राहत कार्य तेज करने और मुआवजा प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए. उन्होंने नुकसान का आकलन जल्द पूरा करने, जलभराव वाली फसलों को बचाने और उखड़े नारियल के पेड़ों को दोबारा लगाने की संभावनाएं तलाशने को कहा.
29 अक्टूबर 2026 को देशभर में मौसम कैसा रहने वाला है? मौसम विभाग (IMD) के ताजा अपडेट में जानिए जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, ओडिशा और दक्षिण भारत के मौसम का हाल.
ओडिशा में चक्रवात के दौरान कई घरों में बच्चों की किलकारियां गूंजीं. इस दौरान जन्मे बच्चों के माता-पिता ने उनके नाम अर्नब, वर्षा, तूफान और पवन जैसे रखे हैं. ये अनोखे नाम अब चर्चा में हैं.
चक्रवात अर्नब के संभावित असर को देखते हुए उत्तर प्रदेश के चंदौली में प्रशासन अलर्ट मोड पर है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 30 अक्टूबर तक तेज हवाओं, बारिश और आकाशीय बिजली की आशंका है.