IMD ने 4 जून के लिए देशभर के कई हिस्सों में मौसम को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है. दक्षिण भारत से लेकर उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत तक गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है.
साल 2026 में अल नीनो के चलते सूखे और कम मॉनसून का बड़ा खतरा है, जिससे निपटने के लिए सरकारी तैयारियों के साथ-साथ किसानों को भी अपने स्तर पर कमर कसनी होगी. किसानों को पुरानी आदतें छोड़कर 'सक्रिय खेती' अपनानी होगी. जैसे कम पानी वाली फसलें चुनना, धान की सीधी बुवाई करना और समझदारी से सिंचाई करना. इन बदलावों और मौसम विभाग के सैटेलाइट अलर्ट और कृषि विज्ञान केंद्रों की सलाह पर पैनी नजर रखकर सूखे की मार से काफी हद तक बचा जा सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक इस साल बारिश करीब 10% कम होगी, लेकिन सही वैज्ञानिक तरीकों और सही समय पर बदलाव करके हम अपनी खरीफ फसलों को सुरक्षित रख सकते हैं.
सुपर अल नीनो को लेकर चर्चा तेज है और भारत समेत एशियाई देशों में इसके असर को लेकर नजर बनी हुई है. हालांकि पुराने रिकॉर्ड बताते हैं कि हर मजबूत अल नीनो का मतलब कमजोर मानसून नहीं होता. कई वर्षों में सामान्य या बेहतर बारिश भी दर्ज की गई, इसलिए सिर्फ इस टर्म से घबराने की जरूरत नहीं है.
मौसम विभाग (IMD) ने कई राज्यों में आंधी, बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया. मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण भारत से लेकर उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत तक कई इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ Rains की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं.
भारत में कमजोर मानसून और बढ़ते तापमान के बीच खरीफ फसलों की तैयारी चिंता का कारण बन रही है. वहीं थाईलैंड, इंडोनेशिया और दूसरे एशियाई देशों में भी सूखे जैसे हालात खेती और उत्पादन पर दबाव बढ़ाने की आशंका पैदा कर रहे हैं.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 4 जून 2026 को केरल में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के पहुंचने की पुष्टि कर दी है. इस बार मॉनसून सामान्य तारीख के मुकाबले कुछ देरी से आया है. पहले अनुमान 26 मई का था, लेकिन कमजोर हवाओं और बदलते मौसमीय हालात के कारण इसकी एंट्री टल गई. अब इसके साथ केरल समेत दक्षिण भारत में भारी बारिश का दौर शुरू होने की उम्मीद है.
देश के कई हिस्सों में मौसम बदलने वाला है. मौसम विभाग ने आंधी, बारिश, बिजली और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया है. 4 जून को दक्षिण भारत में बारिश और उत्तर, मध्य व पूर्वी राज्यों में बदलते मौसम का असर देखने को मिल सकता है. दिल्ली-एनसीआर में भी तेज हवाओं और हल्की बारिश के आसार हैं.
IMD Monsoon Update: दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अब केरल में एंट्री के बेहद करीब पहुंच गया है. अगले 24 घंटे के भीतर इसके केरल पहुंचने की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग ने दक्षिण भारत के कई इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. आने वाले दिनों में देश के दूसरे हिस्सों में भी मौसम तेजी से बदल सकता है.
पश्चिमी विक्षोभ के चलते जैसलमेर में तेज रेतीला तूफान आया, जिसकी रफ्तार करीब 80 किमी प्रति घंटा रही. सोनार किला धूल के बवंडर में घिर गया और तेज आंधी-बारिश से 18 लोग घायल हो गए, कई इलाकों में बिजली व्यवस्था ठप हो गई.
देश में मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है. मौसम विभाग ने 4 जून के आसपास केरल में मॉनसून पहुंचने के संकेत दिए हैं. 3 जून से कई राज्यों में बारिश, आंधी और तेज हवाओं का असर दिख सकता है. दिल्ली-एनसीआर में भी अगले कुछ दिन राहत के साथ गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है.
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अल नीनो के संभावित प्रभावों और दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की स्थिति को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. उन्होंने अधिकारियों को मॉनसून पर लगातार नजर रखने, राज्यों के साथ बेहतर समन्वय बनाने और किसानों को समय पर सलाह व सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. बैठक में फसलों की सुरक्षा और नुकसान कम करने के उपायों पर भी चर्चा हुई.
देश में मॉनसून की दस्तक का इंतजार अब खत्म होने के करीब है. मौसम संकेतों के अनुसार, 4 जून के आसपास दक्षिण-पश्चिम मॉनसून केरल पहुंच सकता है. इसके साथ भारत में बारिश के मौसम की औपचारिक शुरुआत होगी और कई समुद्री व तटीय क्षेत्रों में गतिविधियां बढ़ सकती हैं.
जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ता तापमान, खासकर रात के समय की गर्मी, भारत के प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों में फसल उत्पादन और क्वालिटी को प्रभावित कर रही है. ‘व्हीट अंडर स्ट्रेस’ रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि फरवरी-मार्च की बढ़ती गर्मी और गर्म रातें दाने भरने की प्रक्रिया को प्रभावित कर रही हैं, जिससे पैदावार घट रही है. विशेषज्ञों ने खाद्य सुरक्षा बनाए रखने के लिए जलवायु-स्मार्ट कृषि रणनीतियों और किसानों को समर्थन देने की जरूरत बताई है.
नौतपा के अंतिम दिन मध्य प्रदेश का मौसम पूरी तरह बदल गया है.पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश के कई जिलों में बारिश, आंधी और गरज-चमक का दौर जारी है. धार और बड़वानी में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 45 जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना है.
मौसम विभाग ने देश के कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है. दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश की संभावना है, जबकि बिहार में लू चलने की चेतावनी दी गई है. वहीं दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अगले 2 से 3 दिनों में केरल पहुंच सकता है, जिससे कई क्षेत्रों में गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है.
देश के कई राज्यों में मौसम ने राहतभरा रुख अपनाया है. दिल्ली-एनसीआर में अगले एक हफ्ते तक मौसम सुहाना रहने और तापमान 40 डिग्री से नीचे रहने का अनुमान है, जबकि पश्चिमी विक्षोभ के कारण हल्की बारिश भी हो सकती है. मॉनसून में इस बार थोड़ी देरी है, लेकिन अगले 2-3 दिनों में इसके केरल, लक्षद्वीप और दक्षिण तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में पहुंचने की उम्मीद है. फिलहाल प्री-मॉनसून बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है.
देशभर के मौसम को लेकर भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 1 जून के लिए बड़ा अपडेट जारी किया है. कई राज्यों में भारी बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट घोषित किया गया है. वहीं कुछ पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बारिश के साथ मौसम साफ रहने की संभावना है.
1 जून के मौसम को लेकर मौसम विभाग (IMD) ने ताजा अपडेट जारी किया है. कई राज्यों में आंधी, बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है. कुछ इलाकों में ओलावृष्टि और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है. जानें कैसा रहेगा आपके गांव और शहर के मौसम का हाल.
मध्य प्रदेश में इस बार मानसून की रफ्तार धीमी पड़ सकती है. मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून 20 से 22 जून के बीच प्रवेश कर सकता है.जून में सामान्य से कम बारिश के आसार हैं, जबकि फिलहाल कई जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है.
मई के आखिर में तापमान में आई गिरावट से लोगों को गर्मी से राहत मिली है. मौसम विभाग के अनुसार 1 जून से कई राज्यों में आंधी, बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं. वहीं दक्षिण-पश्चिम मॉनसून भी आगे बढ़ रहा है, जिससे दक्षिण भारत में बारिश बढ़ने के संकेत हैं.
Rain Loss Compensation: योगी आदित्यनाथ ने जनता से भी अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतें, अनावश्यक रूप से खुले स्थानों में न जाएं तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है.
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