दुनियाभर में अल नीनो को लेकर चिंता का माहौल है, इस बीच भारत में 197 जिलों पर इसके सबसे ज्यादा असर की आशंका है, जिससे खेती पर बुरा असर पड़ सकता है. जानिए सरकार की इस पर क्या तैयारी है...
अल नीनो के बढ़ते संकेतों के बीच भारत के मॉनसून के लिए राहत की उम्मीद भी बनी हुई है. ऑस्ट्रेलियाई मौसम एजेंसी के नए आकलन में हिंद महासागर की बदलती स्थिति पर खास नजर रखी गई है. अगस्त-सितंबर में बनने वाला एक पैटर्न बारिश की तस्वीर बदल सकता है.
बिहार में मॉनसून से पहले मौसम का मिजाज बदलने वाला है. 10 से 12 जून के बीच राज्यभर में बारिश के साथ आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और वज्रपात की संभावना जताई गई है. उत्तर और पूर्वी बिहार में भारी बारिश के आसार हैं, जबकि इससे तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है.
मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां कमजोर पड़ने से बुंदेलखंड और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में भीषण गर्मी और लू का असर बढ़ गया है. वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन सहित 35 जिलों में आंधी, गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है. मौसम विभाग ने 9-10 जून को हीटवेव का अलर्ट जारी किया है.
देशभर में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने करवट ली है. मौसम विभाग ने 17 राज्यों में बारिश, आंधी और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है. कई इलाकों में भारी वर्षा, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है. वहीं मॉनसून भी तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिससे आने वाले दिनों में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.
देश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून लगातार आगे बढ़ रहा है और कई राज्यों में बारिश ने दस्तक दे दी है. लेकिन इसी बीच अल-नीनो के मजबूत होने के संकेत भी चिंता बढ़ा रहे हैं. क्या इस साल मॉनसून सामान्य रहेगा? क्या किसानों को अच्छी बारिश मिलेगी या फिर अल-नीनो बिगाड़ सकता है खेल?
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 8 जून के लिए देशभर के मौसम को लेकर ताजा अपडेट जारी किया है. कहीं बारिश का अलर्ट है तो कहीं भीषण गर्मी लोगों को परेशान करेगी. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मौसम शुष्क रहने की संभावना है और बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है.
भारत मौसम विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटे और 8 जून के लिए देशभर में मौसम को लेकर बड़ा अपडेट जारी किया है. कहीं बारिश का कहर तो कहीं तेज गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है. जानिए राज्यवार पूरा हाल. उत्तर भारत के इन राज्यों में भीषण गर्मी का कहर जारी रहेगा.
देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से सक्रिय हो गया है और कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और पश्चिमी तटों पर तेज बारिश और आंधी का अलर्ट जारी है. कई जगहों पर बिजली गिरने, तेज हवाओं और जलभराव जैसी स्थितियां बन सकती हैं, जिससे सतर्क रहने की जरूरत है.
दुनियाभर के मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रशांत महासागर में विकसित हो रहा अल नीनो पिछले कई दशकों का सबसे शक्तिशाली अल नीनो साबित हो सकता है. इसकी संभावित ताकत को देखते हुए इसे 'गॉडज़िला अल नीनो' का नाम दिया गया है.
महाराष्ट्र सरकार की एडवाइजरी के अनुसार फिलहाल राज्य में ऐसी बारिश के संकेत नहीं हैं, जिसे खरीफ फसलों की बुवाई के लिए पर्याप्त माना जा सके. इसलिए किसानों को केवल गरज-चमक या कहीं-कहीं होने वाली हल्की बारिश देखकर बुवाई शुरू नहीं करनी चाहिए.
शनिवार दोपहर तक मॉनसून की उत्तरी सीमा महाराष्ट्र के देवगढ़, कर्नाटक के कोप्पल, आंध्र प्रदेश के अनंतपुरम, चेन्नई और मिजोरम की राजधानी आइजोल से होकर गुजरी. मॉनसून की इस तेज रफ्तार से कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिलने के साथ-साथ खरीफ फसलों की बुवाई को भी गति मिल सकती है.
दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में तेज बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है, वहीं दिल्ली समेत उत्तर भारत में अगले दिनों में तापमान बढ़ सकता है. मॉनसून ने रफ्तार पकड़ी है और कई नए क्षेत्रों में आगे बढ़ गया है. किसानों और मछुआरों के लिए भी मौसम विभाग ने सलाह जारी की है.
Kerala में Monsoon की एंट्री के बाद अब यह देश के अन्य राज्यों की तरफ तेजी से बढ़ रहा है. मौसम विशेषज्ञ Devendra Tripathi के अनुसार, 5 से 10 जून के बीच मानसून मुंबई, Maharashtra के कई हिस्सों और तेलंगाना तक पहुंच जाएगा.
दक्षिण-पश्चिम मानसून ने महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, गोवा, कर्नाटक और तमिलनाडु के कई हिस्सों में आगे बढ़ते हुए रफ्तार पकड़ ली है. मौसम विभाग ने अगले 7 दिनों तक दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. कई इलाकों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं.
देश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और कई राज्यों में मौसम ने बड़ा रूप ले लिया है. केरल में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, जबकि तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर भारत में लगातार भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है.
6 June को देश का मौसम(Weather) दो अलग तस्वीरें दिखा सकता है. एक तरफ दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर में बारिश (Rains) का प्रभाव बढ़ेगा, वहीं उत्तर और पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में तापमान फिर धीरे-धीरे बढ़ने के संकेत हैं. केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम और कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना है.
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने रफ्तार पकड़ ली है. मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट किया है. 6 जून को दक्षिण, पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में बारिश बढ़ सकती है, जबकि दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश और तेज हवाओं से राहत मिलने के संकेत हैं. पढ़ें मौसम का फुल अपडेट...
केरल में लगातार हो रही भारी बारिश और तेज हवाओं ने कई जिलों में जनजीवन प्रभावित कर दिया है. कोच्चि में जलभराव और कोझिकोड में नुकसान की घटनाएं सामने आई हैं. मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए ऑरेंज और वीकेंड के लिए रेड अलर्ट जारी किया है.
यूरोपियन सेंटर फॉर मीडियम-रेंज वेदर फोरकास्ट (ECMWF) के अनुसार अल नीनो के सक्रिय होने के संकेत मिल चुके हैं, जिससे वैश्विक तापमान में बढ़ोतरी देखी जा रही है. प्रशांत महासागर का तापमान सामान्य से अधिक हो गया है, जिसका प्रभाव आने वाले महीनों में और स्पष्ट होगा. इसका असर भारत के मॉनसून पर भी पड़ सकता है, जहां इस साल सामान्य से कम बारिश का अनुमान लगाया गया है. इससे जलाशयों में पानी का स्तर घटने की भी आशंका है.
आगामी मौसम में कम बारिश के अलर्ट को देखते हुए उपकार (UPCAR) ने किसानों को पारंपरिक खेती छोड़ आधुनिक तकनीकें अपनाने की सलाह दी है. इस सीजन में धान की पारंपरिक रोपाई के बजाय कम पानी वाली सीधी बुआई (DSR) और ड्रम सीडर तकनीक अपनाने पर जोर दिया गया है, जो कम लागत में बंपर मुनाफा दिलाएगी. इसके साथ ही, जहां पानी की किल्लत ज्यादा है, वहां धान की जगह कम पानी में तैयार होने वाली वैकल्पिक फसलें जैसे श्री अन्न, मक्का और अरहर लगाने का सुझाव है ताकि सूखे जैसे हालात में भी किसानों की फसलें सुरक्षित रहें.
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