सरकार ने संसद में बताया है कि 2026 के दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सीजन के दौरान अल नीनो की स्थिति विकसित हो चुकी है. जून में कमजोर और जुलाई में मध्यम स्तर पर पहुंच चुका अल नीनो साल के अंत तक और मजबूत हो सकता है. हालांकि, भारतीय मॉनसून पर इसका अंतिम प्रभाव समुद्र और वायुमंडल की अन्य परिस्थितियों पर भी निर्भर करेगा. IMD लगातार निगरानी कर रहा है और नियमित पूर्वानुमान व चेतावनियां जारी कर रहा है.
मौसम को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. 30 जुलाई को देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय रहने वाला है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है.
30 जुलाई के लिए भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कई राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है. दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश समेत कई इलाकों में मौसम खराब रहने की संभावना है.
साल 2026 का मॉनसून किसी सस्पेंस फिल्म की कहानी जैसा साबित हो रहा है.मौसम के बदलते मिज़ाज और बादलों के बेकरारी से भरे इंतज़ार ने इस साल देश भर के किसानों को एक अजीब और चिंताजनक कशमकश में डाल दिया था.कभी आसमान की तरफ टकटकी लगाए किसान जून में निराश थे.लेकिन जूलाई बारिश में उनके चेहरों पर उम्मीद की मुस्कान ले आता है क्योकि 1 जून 2026 से लेकर 29 जुलाई 2026 के बीच के मौसम का फर्क एक ड्रामेटिक और चौंकाने वाला दृश्य पेश करता है.
उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए चिंता की खबर है. दरअसल, राज्य में इस मॉनसून अब तक सामान्य से 25 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है. इसका असर धान समेत खरीफ फसलों की बुवाई और बढ़वार पर पड़ सकता है.
असम में बाढ़ का संकट अभी भी बरकरार है. राज्य में अब तक 78 लोगों की जान जा चुकी है. सात जिले बाढ़ से प्रभावित हैं, जहां 3 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. करीब 21,523 हेक्टेयर फसल पानी में डूबी हुई है.
देश के कई राज्यों में 30 जुलाई को भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. पश्चिम मध्य प्रदेश में रेड अलर्ट है, जबकि राजस्थान, गुजरात, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में गरज-चमक, तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गई है.
बिहार में सामान्य से 37-40% कम बारिश के बीच मौसम विभाग ने 30 और 31 जुलाई को कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान जताया है. वहीं सावन से पहले चल रही पूर्वी हवा को लेकर घाघ की प्रसिद्ध कहावत किसानों की चिंता बढ़ा रही है.
असम में बाढ़ से हालात अभी भी गंभीर बने हुए हैं. पिछले 24 घंटे में 7 और लोगों की मौत के बाद मृतकों की संख्या 75 पहुंच गई है. राज्य के 7 जिले अब भी बाढ़ की चपेट में हैं और 3.32 लाख लोग प्रभावित हैं.
UP Weather Today, 29 July: उन्होंने बताया कि राजधानी लखनऊ में आज आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ बारिश होने की भी संभावना है. लखनऊ में बुधवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है.
देशभर में मानसून फिर से रफ्तार पकड़ चुका है. मौसम विभाग ने ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल के ऊपर बने डीप डिप्रेशन के असर के चलते 29 जुलाई को छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ समेत कई राज्यों में अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. पढ़ें देशभर में आज मौसम कैसा रहेगा...
असम में बाढ़ की स्थिति में सुधार जारी है. राज्य में प्रभावित लोगों की संख्या घटकर 4.45 लाख रह गई है और पिछले 24 घंटे में किसी नई मौत की सूचना नहीं मिली. कई इलाकों में जलस्तर घटने से राहत कार्य तेज हुए हैं.
बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव अब कई राज्यों में भारी बारिश का कारण बनेगा. IMD ने ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड समेत कई राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है. तेज हवाओं, बिजली गिरने और जलभराव की चेतावनी के बीच लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. मॉनसून अगले कुछ दिनों तक सक्रिय रहेगा.
UP Weather Today, 28 July: लखनऊ के अमौसी स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश में 30 जुलाई तक गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश हो सकती है. उन्होंने बताया कि मानसून टर्फ के उत्तर की ओर खिसकने और बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के मजबूत होने से मानसून की रफ्तार तेज होगी.
देशभर के मौसम को लेकर इस वक्त की सबसे बड़ी खबर...बंगाल की खाड़ी में बना मॉनसूनी सिस्टम अब डिप्रेशन में बदल चुका है और इसके और मजबूत होने की संभावना है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 4 से 5 दिन कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है.
बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र डिप्रेशन और डीप डिप्रेशन में बदलकर उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है. इसके प्रभाव से ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है. वहीं दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 28-29 जुलाई को भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है. मौसम विभाग ने तेज हवाओं, फ्लैश फ्लड, जलभराव और समुद्र में ऊंची लहरों को लेकर भी चेतावनी जारी की है.
Rain Alert in UP: मौसम वैज्ञानिक का कहना है कि एक अगस्त से बारिश में कमी आ सकती है. सिंह ने बताया कि बारिश के कारण तापमान में भी कमी आ सकती है. वहीं, तेज हवाओं और बिजली चलने के अलर्ट को देखते हुए लोगों से सतर्कता बरतने को कहा गया है.
आईएमडी ने बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन के डीप डिप्रेशन में बदलने की चेतावनी दी है. इसके असर से ओडिशा, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली समेत कई राज्यों में 1 अगस्त तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने की संभावना है. लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
गुजरात के पाटन जिले में भारी बारिश से हालात बिगड़ गए हैं. सांतलपुर में 15 इंच और राधनपुर में 13 इंच बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव हो गया है. घरों में पानी घुसने से नुकसान हुआ है, जबकि खेतों में पानी भरने से खरीफ फसलों पर संकट मंडरा रहा है. किसानों को बारिश से राहत और चिंता दोनों मिली है.
देशभर में मानसून फिर सक्रिय हो गया है. मौसम विभाग ने 26 जुलाई को ओडिशा, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड समेत कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. दिल्ली में भी हल्की बारिश और बादल छाए रहने की संभावना है.
आजकल मौसम का कोई भरोसा नहीं हैकभी बेमौसम बारिश हो जाती है तो कभी सूखा पड़ जाता है. ऐसे मुश्किल वक्त में 'प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए एक मजबूत ढाल का काम करती है.खरीफ फसलों का बीमा कराने की आखिरी तारीख आमतौर पर 31 जुलाई होती है. इस योजना में बीमे की रकम जिले के तय मानकों के हिसाब से मिलती है, ताकि किसानों के नुकसान की पूरी भरपाई हो सके.स बीमा योजना से किसान कर्ज़ के जाल में फंसने से बचते हैं
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today