WMO ने अक्टूबर-दिसंबर 2026 के दौरान अल नीनो के और मजबूत होने का अनुमान जताया है. भारत में सामान्य से कम बारिश के संकेत हैं, जबकि दिसंबर के आसपास अल नीनो चरम पर पहुंच सकता है.
UP Weather Today: इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की चेतावनी है. वहीं, लखनऊ में आज सुबह से रुक-रुककर गरज-चमक के साथ बारिश जारी है. सिंह ने बताया कि लखनऊ में आज अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस जाएगा तो न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस पहुंचेगा.
मॉनसून की विदाई के बीच देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है. 8 अक्टूबर को उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल-सिक्किम और दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट है. जानिए देशभर के मौसम का हाल...
UP News: राहत आयुक्त ने कहा कि किसान हित सर्वोपरि है और किसी भी प्रभावित किसान का अहित नहीं होना चाहिए. फसल क्षति का आकलन केवल लेखपाल और कानूनगो की रिपोर्ट के आधार पर नहीं होगा. जिलाधिकारी और अपर जिलाधिकारी स्वयं क्षेत्र में जाकर सर्वे की स्थिति देखेंगे और इसकी गुणवत्ता व पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे.
IMD Latest Weather Update: 7 अक्टूबर को देश के कई हिस्सों में मौसम बदलेगा. आईएमडी के मुताबिक, उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है, जबकि हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं. जानिए देशभर के मौसम का हाल...
6 अक्टूबर को पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है. पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं.
UP Farmers News: उन्होंने बताया कि मौसम की अनुकूलता और उचित नमी को देखते हुए किसानों को सरसों/राई की उन्नतशील व शोधित किस्मों जैसे पूसा सरसों-32, पूसा सरसों-34, पूसा डबल जीरो, सुरेखा, गिरिराज, वरुणा तथा नरेंद्र सरसों आदि की बुवाई करने के निर्देश दिए गए हैं.
मॉनसून की विदाई के बीच देश के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहेगा. मौसम विभाग ने 10 अक्टूबर तक कई राज्यों में बारिश का अनुमान जताया है. कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है. वहीं उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में भी बारिश और गरज-चमक की संभावना है.
दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में बारिश का दौर अभी जारी रहने वाला है. मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी दी है. वहीं, देश के कई हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी भी तेज हो गई है.
आईएमडी के अनुसार, दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश हो सकती है. तमिलनाडु, केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं का असर भी देखने को मिल सकता है.
दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. केरल में बहुत भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट है. वहीं मॉनसून की विदाई उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों से आगे बढ़ रही है. दिल्ली समेत उत्तर भारत में 2 अक्टूबर को मौसम मुख्य रूप से साफ रहने का अनुमान है.
विदर्भ में इस साल मॉनसून के दौरान सामान्य से करीब 27 फीसदी कम बारिश हुई है. कई जिलों में बारिश की कमी 40 फीसदी से ज्यादा रही. कम बारिश और घटती जमीन की नमी से खरीफ फसलों के बाद अब रबी सीजन की चिंता बढ़ गई है. भूजल स्तर और जल स्रोतों पर असर के चलते आने वाली गर्मियों में पानी की किल्लत का खतरा भी बढ़ा है.
अक्टूबर की शुरुआत में देश के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय रहेगा. 1 अक्टूबर को दक्षिण भारत में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. पूर्वोत्तर, मध्य भारत और पश्चिमी तट के कुछ हिस्सों में भी बारिश का दौर रहेगा, जबकि उत्तर भारत में मौसम ज्यादातर शुष्क रहने का अनुमान है.
भारत में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के दौरान सामान्य से 12.6 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है. सामान्य 868.6 mm के मुकाबले इस बार 759 mm बारिश हुई. अब IMD ने अक्टूबर में भी देशभर की बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान जताया है. जानिए यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों में अगले कुछ दिनों के मौसम का हाल.
दिल्ली-NCR में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण से निपटने के लिए CAQM ने संशोधित GRAP लागू कर दिया है. AQI के आधार पर चार चरणों में पाबंदियां लगेंगी. AQI 201 से 300 पर स्टेज-1 और 450 से ऊपर स्टेज-4 लागू होगा.
30 सितंबर से देश के कई राज्यों में बारिश और आंधी का दौर जारी रहेगा. IMD ने पूर्वोत्तर, दक्षिण भारत और कुछ मध्य भारतीय इलाकों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है. वहीं, उत्तर-पश्चिम भारत में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी आगे बढ़ रही है.
बंगाल की खाड़ी और म्यांमार तट के पास बना डिप्रेशन उत्तर-उत्तर पश्चिम दिशा में तेजी से बढ़ रहा है. मौसम विभाग के मुताबिक यह सिस्टम जल्द कमजोर होकर वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में बदल सकता है और मिजोरम, त्रिपुरा और बांग्लादेश की ओर बढ़ सकता है.
बिहार में मॉनसून सीजन के दौरान अब तक सामान्य से करीब 31 फीसदी कम बारिश हुई है. इसके बावजूद वापसी के समय गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से कई जिलों में फिर बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. पश्चिमी चंपारण समेत कई इलाकों में तटबंध क्षतिग्रस्त होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है.
मौसम विभाग के अनुसार, 29 सितंबर को अंडमान-निकोबार में डिप्रेशन के असर से भारी बारिश और 50-60 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं का अलर्ट है. जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी बारिश हो सकती है. दक्षिण और पूर्वी भारत के कई राज्यों में भी बारिश का दौर जारी रहेगा.
बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में मौसमी हलचल तेज हो गई है. उत्तरी अंडमान सागर और म्यांमार तट के पास बना डिप्रेशन अगले 12 घंटे में डीप डिप्रेशन में बदल सकता है.
उत्तरी अंडमान सागर और म्यांमार तट के पास बना सिस्टम डिप्रेशन में बदल गया है. IMD के मुताबिक अगले 12 घंटों में इसके डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना है. यह म्यांमार तट के पास से उत्तर-उत्तर पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी और बांग्लादेश तट की ओर बढ़ेगा. अंडमान-निकोबार में भारी बारिश और 70 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है.
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