2026 में मुंबई में मॉनसून की देरी और बिहार में भारी बारिश ने भारतीय मॉनसून के बदलते पैटर्न को उजागर कर दिया है. इस साल मॉनसून का आगमन देर से हुआ है और देशभर में बारिश असमान रूप से दर्ज की जा रही है. IMD के अनुसार, भारत की कुल वार्षिक वर्षा का 70-90% हिस्सा मॉनसून पर निर्भर करता है, जिससे खेती, जल संसाधन और खाद्य कीमतें प्रभावित होती हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि अल नीनो और जलवायु परिवर्तन के कारण मॉनसून के समय, तीव्रता और बारिश की मात्रा में बदलाव आ रहा है, जो भविष्य में कृषि और अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है.
22 जून के मौसम को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के कई राज्यों में आंधी, बारिश, लू और गरज-चमक को लेकर अलर्ट जारी किया है. जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश का येलो अलर्ट है, जबकि राजस्थान में धूल भरी आंधी और बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 22 जून के मौसम को लेकर ताजा अलर्ट जारी किया है. देश के कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है, जबकि कुछ इलाकों में गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है.
मुंबई समेत देश के कई हिस्सों में मॉनसून तेजी से आगे बढ़ रहा है. मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून मुंबई पहुंच सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक, 22 जून 2026 को दक्षिण-पश्चिम मॉनसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक के बाकी हिस्सों में पहुंच चुका है.
देश में कमजोर मॉनसून का असर अब खेती पर दिखने लगा है. सामान्य से कम बारिश के कारण कई इलाकों में खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हुई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है. हालांकि, जलाशयों में बेहतर जलस्तर से सिंचाई के लिए कुछ राहत की उम्मीद बनी हुई है.
भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026 तेजी से आगे बढ़ रहा है. महाराष्ट्र, ओडिशा, बिहार और झारखंड में बारिश की संभावना बढ़ी है, जबकि पूर्वोत्तर में भारी वर्षा जारी रहेगी. कई राज्यों में लू, आंधी और बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है. मौसम में तेज बदलाव के कारण लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
Uttar Pradesh News: बैठक में मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग के दीर्घावधि पूर्वानुमान के अनुसार वर्ष 2026 के दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के दौरान उत्तर प्रदेश में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है. पूर्वी एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश दोनों क्षेत्रों में जून से सितंबर तक वर्षा सामान्य से कम रहने के संकेत प्राप्त हुए हैं.
भारत में इस साल मानसून की चाल बेहद सुस्त है, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं. पूरे देश में अब तक सामान्य से 40% कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि मध्य भारत में यह कमी 63% तक है. प्रशांत महासागर में अल नीनो का प्रभाव शुरू होने से नमी का प्रवाह कमजोर हुआ है.
देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम का असर अलग-अलग रूप में देखने को मिलेगा. मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर भारत और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. वहीं मॉनसून की रफ्तार भी अब तेज होती दिख रही है.
दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में बारिश और गरज-चमक का दौर जारी है, लेकिन मॉनसून की रफ्तार अभी भी धीमी बनी हुई है. मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 21 जून तक दिल्ली में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं.
प्रशांत महासागर में एक बार फिर अल नीनो के मजबूत होने के संकेत मिल रहे हैं. नासा और अन्य वैज्ञानिक संस्थानों के उपग्रहों से मिले आंकड़ों में समुद्र के तापमान और जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर यह घटना तेज होती है, तो इसका असर दुनिया भर के मौसम और कृषि पर देखने को मिल सकता है.
21 जून को देशभर में बारिश, आंधी और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. दिल्ली-एनसीआर में भी हल्की बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है. अगले कुछ दिनों में दक्षिण और पश्चिम भारत में मॉनसूनी बारिश और तेज होने की संभावना जताई गई है.
मध्य प्रदेश में मानसून का इंतजार कर रहे किसानों और आम जनमानस के लिए मौसम विभाग से बड़ी अपडेट सामने आई है. मौसम विभाग के अनुसार, अल नीनो के प्रभाव, कमजोर वेदर सिस्टम और हवाओं की मजबूती में कमी के कारण मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है.
20 जून के मौसम को लेकर मौसम विभाग ने बड़ा अपडेट जारी किया है. पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में लू का असर बना रह सकता है.
IMD के मुताबिक, 20 जून को देश के कई हिस्सों में बारिश, आंधी और तापमान का मिश्रित असर दिखाई देगा. उत्तर-पश्चिम भारत में जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है. इस समय देश में मौसम के दो अलग-अलग रंग एक साथ देखने को मिल रहे हैं.
साल 2026 में जून के शुरुआती 2 हफ्तों में करीब 40% कम बारिश हुई है। देश के 22 राज्यों में बहुत कम बाऱिश से सुखे का डर हैं और तापमान भी अधिक गया है. इस गर्मी ने खेतों की नमी सोख ली है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई और सब्जियों के उत्पादन पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है. ऐसी गंभीर स्थिति में कृषि वैज्ञानिकों ने सलाह दी है कि किसान बुवाई में जल्दबाजी न करें और कम समय वाली फसलों को चुनें. सब्जियो में मल्चिंग और ड्रिप सिंचाई अपनाएं ताकि पानी की बचत हो.सब्जियों को लू से बचाने के लिए शाम को हल्की सिंचाई करें. मिट्टी में जैविक खाद बढ़ाकर पानी रोकने की क्षमता बढ़ाएं और इस संकट से निपटने के लिए आधुनिक'क्लाइमेट-स्मार्ट खेती'का रास्ता अपनाएं.
20 जून को देश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है. दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश और 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. किसानों को फसल सुरक्षित रखने, जलनिकासी और गर्मी वाले इलाकों में हल्की सिंचाई की सलाह दी गई है.
मध्य प्रदेश में मानसून का इंतजार कर रहे किसानों और आम जनमानस के लिए मौसम विभाग से बड़ी अपडेट सामने आई है. मौसम विभाग के अनुसार, अल नीनो के प्रभाव, कमजोर वेदर सिस्टम और हवाओं की मजबूती में कमी के कारण मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है.
गुजरात में मॉनसून के आने से पहले ही मौसम ने करवट ले ली है. बुधवार रात से राज्य के कई हिस्सों में जोरदार बारिश हो रही है. सुनिए इसको लेकर मौसम विभाग ने और क्या बताया.
मौसम विभाग ने देश के कई राज्यों के लिए भारी बारिश, तेज आंधी, बिजली गिरने और लू को लेकर अलर्ट जारी किया है. बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पूर्वोत्तर भारत और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है.
अल नीनो की संभावित चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए गुरुवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इसके प्रभाव से निपटने के लिए राज्य की पूरी तैयारी की समीक्षा करने के लिए एक सर्वग्राही और उच्च स्तरीय बैठक बुलाई. जिसनें किसानों और पशुपालकों के लिए खास प्लान तैयार किया गया.
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