देशभर के किसानों के लिए मौसम को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने अपने मासिक पूर्वानुमान में कहा है कि अगस्त और सितंबर के दौरान देश में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है. विभाग के मुताबिक मानसून के दूसरे चरण में बारिश लॉन्ग पीरियड एवरेज यानी LPA के 94 प्रतिशत से कम रह सकती है.
मॉनसून को लेकर बड़ी मौसम अपडेट सामने आई है. देश में बारिश का पैटर्न लगातार बदल रहा है. कहीं भारी बारिश से हालात बिगड़ रहे हैं तो कहीं कम बारिश के कारण किसान परेशान हैं. जुलाई महीने में कई राज्यों में बारिश की कमी दर्ज की गई है, जिसका सीधा असर खेती और फसलों पर पड़ रहा है.
छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश के बाद बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने के कारण महानदी उफान पर है. रायगढ़, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ के कई गांव प्रभावित हुए हैं. कई इलाकों में खेत जलमग्न हो गए हैं और सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसल को भारी नुकसान की आशंका है.
गुजरात के पाटण जिले के भाटसर गांव में बारिश के बाद जलभराव ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण गांव की करीब 80 फीसदी कृषि भूमि जलमग्न हो गई है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 1 अगस्त को गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ और पूर्वी राजस्थान में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. दिल्ली-एनसीआर में दिनभर बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगस्त-सितंबर 2026 के दौरान देशभर में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान जताया है. मॉनसून के दूसरे फेज में बारिश लॉन्ग पीरियड एवरेज (एलपीए) के 94 प्रतिशत से नीचे रहने की संभावना है.
देशभर में मॉनसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है. मौसम विभाग ने कई राज्यों के लिए भारी से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. इसकी सबसे बड़ी वजह है गहरा दबाव यानी डीप डिप्रेशन, जो लगातार पश्चिम की ओर बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में कई राज्यों में तेज बारिश करा सकता है.
31 जुलाई के लिए भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, आंधी, बिजली और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है. इस वीडियो में जानिए किन राज्यों में सबसे ज्यादा असर रहेगा, यूपी, दिल्ली-एनसीआर, बिहार, राजस्थान, उत्तराखंड समेत पूरे देश का ताजा मौसम अपडेट.
देश के कई हिस्सों में मॉनसून पूरी तरह सक्रिय है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 31 जुलाई के लिए गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, बिहार, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, तेलंगाना समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है.
तेलंगाना में कम बारिश और अल नीनो के संभावित असर को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है. एक्सपर्ट कमेटी ने किसानों को राहत देने के लिए ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई पर 75 से 90 प्रतिशत सब्सिडी, सूखा-रोधी फसलों को बढ़ावा देने की सिफारिश की है.
सरकार ने संसद में बताया है कि 2026 के दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सीजन के दौरान अल नीनो की स्थिति विकसित हो चुकी है. जून में कमजोर और जुलाई में मध्यम स्तर पर पहुंच चुका अल नीनो साल के अंत तक और मजबूत हो सकता है. हालांकि, भारतीय मॉनसून पर इसका अंतिम प्रभाव समुद्र और वायुमंडल की अन्य परिस्थितियों पर भी निर्भर करेगा. IMD लगातार निगरानी कर रहा है और नियमित पूर्वानुमान व चेतावनियां जारी कर रहा है.
मौसम को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. 30 जुलाई को देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय रहने वाला है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है.
30 जुलाई के लिए भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कई राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है. दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश समेत कई इलाकों में मौसम खराब रहने की संभावना है.
साल 2026 का मॉनसून किसी सस्पेंस फिल्म की कहानी जैसा साबित हो रहा है.मौसम के बदलते मिज़ाज और बादलों के बेकरारी से भरे इंतज़ार ने इस साल देश भर के किसानों को एक अजीब और चिंताजनक कशमकश में डाल दिया था.कभी आसमान की तरफ टकटकी लगाए किसान जून में निराश थे.लेकिन जूलाई बारिश में उनके चेहरों पर उम्मीद की मुस्कान ले आता है क्योकि 1 जून 2026 से लेकर 29 जुलाई 2026 के बीच के मौसम का फर्क एक ड्रामेटिक और चौंकाने वाला दृश्य पेश करता है.
उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए चिंता की खबर है. दरअसल, राज्य में इस मॉनसून अब तक सामान्य से 25 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है. इसका असर धान समेत खरीफ फसलों की बुवाई और बढ़वार पर पड़ सकता है.
असम में बाढ़ का संकट अभी भी बरकरार है. राज्य में अब तक 78 लोगों की जान जा चुकी है. सात जिले बाढ़ से प्रभावित हैं, जहां 3 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. करीब 21,523 हेक्टेयर फसल पानी में डूबी हुई है.
देश के कई राज्यों में 30 जुलाई को भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. पश्चिम मध्य प्रदेश में रेड अलर्ट है, जबकि राजस्थान, गुजरात, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में गरज-चमक, तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गई है.
बिहार में सामान्य से 37-40% कम बारिश के बीच मौसम विभाग ने 30 और 31 जुलाई को कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान जताया है. वहीं सावन से पहले चल रही पूर्वी हवा को लेकर घाघ की प्रसिद्ध कहावत किसानों की चिंता बढ़ा रही है.
असम में बाढ़ से हालात अभी भी गंभीर बने हुए हैं. पिछले 24 घंटे में 7 और लोगों की मौत के बाद मृतकों की संख्या 75 पहुंच गई है. राज्य के 7 जिले अब भी बाढ़ की चपेट में हैं और 3.32 लाख लोग प्रभावित हैं.
UP Weather Today, 29 July: उन्होंने बताया कि राजधानी लखनऊ में आज आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ बारिश होने की भी संभावना है. लखनऊ में बुधवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है.
देशभर में मानसून फिर से रफ्तार पकड़ चुका है. मौसम विभाग ने ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल के ऊपर बने डीप डिप्रेशन के असर के चलते 29 जुलाई को छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ समेत कई राज्यों में अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. पढ़ें देशभर में आज मौसम कैसा रहेगा...
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today