UP Weather Today News: लखनऊ स्थित अमौसी मौसम केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव क्षेत्र के आगे बढ़ने और मॉनसून ट्रफ के साथ नमी की माैजूदगी से मंगलवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों में मध्यम से भारी बारिश देखने को मिलेगी.
देश में 1 सितंबर से कई राज्यों में बारिश का दौर तेज रहने वाला है. छत्तीसगढ़ में बेहद भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि बिहार, झारखंड, ओडिशा और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. जानें दिल्ली समेत देशभर में मौसम का ताजा अपडेट...
सितंबर 2026 में मॉनसून कमजोर पड़ने के आसार हैं. IMD के मुताबिक देशभर में मासिक बारिश सामान्य से कम रह सकती है, जबकि कई हिस्सों में सामान्य से ज्यादा गर्मी पड़ने की संभावना है.
उत्तर प्रदेश में मॉनसून का असंतुलित पैटर्न किसानों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है. बुंदेलखंड में सामान्य से कई गुना अधिक बारिश से दलहन फसलें बर्बाद हो रही हैं, जबकि पूर्वांचल में बारिश की भारी कमी से धान की फसल सूखने लगी है. जानिए कैसे बदलते मौसम ने खेती का संतुलन बिगाड़ दिया है.
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी एक बार फिर उफान पर है. पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के चलते नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब दो मीटर ऊपर पहुंच गया है. दो दिन पहले आई भीषण बाढ़ से रामघाट समेत 12 गांव प्रभावित हुए थे. पानी घटने के बाद लोग मलबा साफ ही कर रहे थे कि दोबारा बढ़ते जलस्तर ने उनकी चिंता बढ़ा दी.
देश में मॉनसून सीजन के लगभग तीन महीने पूरे होने के बाद बारिश में 13 फीसदी की कमी दर्ज की गई है. 2009 के बाद यह सबसे कमजोर मॉनसून साबित हो सकता है. अल नीनो के असर और कई राज्यों में कम बारिश के चलते खरीफ फसलों की बुवाई और उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है.
UP Weather Today: लखनऊ स्थित अमौसी मौसम केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि उत्तरी पश्चिमी बंगाल की खाड़ी व उत्तरी ओडिशा के तट पर बना निम्न दबाव क्षेत्र अगले 48 घंटों के दौरान मजबूत होकर पश्चिम-उत्तर दिशा में आगे बढ़ेगा, जो उत्तरी ओडिशा व गांगेय पश्चिम बंगाल के ऊपर से गुजर सकता है.
31 अगस्त को देश के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है. ओडिशा और छत्तीसगढ़ में बेहद भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, जबकि झारखंड, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी तेज बारिश की संभावना है.
कर्नाटक में कमजोर मॉनसून और बारिश की कमी से निपटने के लिए सरकार ने क्लाउड सीडिंग कार्यक्रम की तैयारी तेज कर दी है. कृत्रिम बारिश की योजना के प्रभावी संचालन, निगरानी और तकनीकी मूल्यांकन के लिए दो अलग-अलग समितियां गठित की गई हैं.
30 अगस्त को देश के कई राज्यों में बारिश का दौर तेज हो सकता है. उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी है. इसके अलावा झारखंड, बिहार, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भी बारिश और आंधी-बिजली का अलर्ट जारी किया गया है.
मॉनसून के सक्रिय होने से देश के कई राज्यों में भारी बारिश का दौर शुरू होने वाला है. मौसम विभाग ने ओडिशा में 30 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में भी भारी बारिश की संभावना है. कई राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट है.
IMD के मुताबिक 28 अगस्त को कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहेगा. यूपी, एमपी और राजस्थान के कुछ जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा है. दिल्ली में आंशिक बादल छाए रहेंगे और तापमान 34-36°C तक पहुंच सकता है.
UP Weather 28 August: इधर गुरुवार को बुंदेलखंड समेत प्रदेश के विभिन्न इलाकों में कहीं मध्यम तो कहीं भारी बारिश हुई है. मुरादाबाद में सर्वाधिक 161 मिमी बारिश दर्ज की गई, वहीं महोबा में 155 मिमी, बदायूं में 154 मिमी, गोंडा में 133 मिमी और बांदा में 101.8 मिमी बारिश हुई है.
कर्नाटक में बारिश की कमी से सूखे जैसे हालात बन गए हैं. 101 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित करने के योग्य पाया गया है. कम बारिश से फसलें सूख रही हैं और 132 तालुकों में भूजल स्तर नीचे चला गया है. सरकार ने पीने के पानी, पशुओं के चारे, फसल बीमा और ग्रामीण रोजगार के लिए तैयारी तेज कर दी है.
राजस्थान में मानसून की रफ्तार अब धीमी पड़ने वाली है. मौसम विभाग के अनुसार अगले एक सप्ताह में राज्य के ज्यादातर हिस्सों में बारिश कम होगी और कमजोर मानसूनी परिस्थितियां रहेंगी. हालांकि भरतपुर, कोटा और जयपुर संभाग में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.
नेपाल में आई फ्लैश फ्लड के बाद बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. बिहार सरकार ने अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. कोसी और गंडक नदी बेसिन के जिलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है. वहीं NDRF, SDRF, SSB और स्थानीय प्रशासन को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर रखा गया है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है. मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड समेत कई इलाकों में मौसम बिगड़ सकता है.
आंध्र प्रदेश में खरीफ 2026 की फसलों पर अल नीनो और कम बारिश का खतरा बढ़ गया है. राज्य में 51 फीसदी बारिश की कमी दर्ज हुई है. किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने पानी प्रबंधन, जलवायु अनुकूल खेती, सहायक क्षेत्रों की सुरक्षा और फसल बीमा पर आधारित 4-पिलर रणनीति लागू की है, ताकि फसल नुकसान कम हो सके.
27 अगस्त को देश के कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा है, जबकि मध्य प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में भी सतर्कता जरूरी है. दिल्ली-NCR में बादल छाए रहने और सुबह हल्की बारिश के आसार हैं.
UP News: योगी सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, लेकिन पूरी तरह सतर्क रहें. प्रशासन ने अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल सरकारी और आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की सलाह दी है. संभावित बाढ़ को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रखा गया है.
भारत में इस साल मॉनसून सामान्य से करीब 15% कमजोर रहने का अनुमान है, जो 2009 के बाद सबसे कम बारिश वाला सीजन हो सकता है. अल नीनो के असर से खरीफ फसलों, बांधों के जलस्तर, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर दबाव बढ़ने की आशंका है. सितंबर में बारिश की कमी कपास, सोयाबीन, मक्का और दालों की पैदावार को प्रभावित कर सकती है.
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