अरुणाचल प्रदेश के केयी पैन्योर जिले में भारी बारिश से आई अचानक बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी है. इस आपदा में 5 लोग लापता हो गए, 17 घायल हुए और कम से कम 18 घर नष्ट हो गए. कई जगहों पर नेशनल हाईवे-13 सहित सड़क संपर्क टूट गया है, जिससे जिले आपस में कट गए हैं. SDRF और प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं, जबकि NDRF को भी अलर्ट पर रखा गया है. लगातार बारिश के चलते स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है.
अल नीनो के बढ़ते प्रभाव के चलते भारत में खासकर मध्य और पश्चिमी हिस्सों में सूखे का खतरा बढ़ गया है. अगले 1–4 महीनों के अनुमान में मॉनसून कमजोर रहने और कृषि पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है, हालांकि उत्तर-पूर्वी भारत में बारिश जारी रह सकती है.
अरुणाचल प्रदेश के कीई पान्यो जिले में भारी बारिश के कारण फ्लैश फ्लड आ गया, जिससे NEEPCO प्रोजेक्ट क्षेत्र में 15 से अधिक आवासीय क्वार्टर क्षतिग्रस्त हो गए. एक महिला लापता है और कई लोग प्रभावित हुए हैं. SDRF-NDRF राहत कार्य में जुटे हैं, जबकि भूस्खलन से सड़कें भी बाधित हो गई हैं.
देश में 1 से 23 जून के बीच सामान्य से 42 कम बारिश हुई है,जिससे यूपी, बिहार और झारखंड सहित 17 राज्यों में खरीफ की फसलें ख़तरे में पड़ गई हैं। तापमान बढ़ने और बारिश न होने से फसलों पर नमी का तनाव बढ़ रहा है. इस भारी संकट को देखते हुए कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक हाई-लेवल इमरजेंसी मीटिंग बुलाकर प्रभावित 260 से अधिक जिलों के लिए फौरन 'कंटिनजेंसी प्लान' तैयार करने के निर्देश दिए हैं,दरअसल, प्रशांत महासागर में बन रहा 'सुपर एल-नीनो' लंबे सूखे और बेतहाशा गर्मी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था, मवेशियों और फसलों को तबाह कर सकता है, जिससे आने वाले दिनों में अनाज की किल्लत और भारी महंगाई की दोहरी मार पड़ना तय है.
अल नीनो को लेकर बढ़ती आशंकाओं के बीच विशेषज्ञों का कहना है कि भारत के लिए असली खतरा मौसमीय घटना नहीं, बल्कि उसके नाम पर फैलाया जाने वाला डर है. फसल उत्पादन के वास्तविक आंकड़ों से पहले ही सूखा और कमी की आशंकाएं बाजार में महंगाई बढ़ा सकती हैं, जिसका असर किसानों, उपभोक्ताओं और पूरी अर्थव्यवस्था पर पड़ता है.
देश में मौसम का दोहरा असर देखने को मिल रहा है. पश्चिमी तट, पूर्वोत्तर और कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और विदर्भ में लू का खतरा बना हुआ है. उधर मॉनसून मुंबई समेत कई नए इलाकों में आगे बढ़ चुका है और अगले कुछ दिनों में मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश के हिस्सों तक पहुंच सकता है.
UP News: संभावित अल्पवृष्टि अथवा सूखे की स्थिति के दृष्टिगत तैयारियों की समीक्षा करते हुए बताया गया कि कृषि विभाग द्वारा विभिन्न परिस्थितियों के लिए आकस्मिक कार्ययोजना तैयार की गई है. आवश्यकता पड़ने पर उर्द, मूंग, ज्वार, बाजरा, तिल तथा अन्य कम अवधि वाली फसलों के आच्छादन को बढ़ाया जाएगा.
सक्रिय अल नीनो और कम बारिश की आशंका के बीच केंद्र सरकार ने खेती की स्थिति की समीक्षा तेज कर दी है. केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने बताया कि कृषि मंत्रालय ने अल नीनो मॉनिटरिंग सेल बनाया है. आकलन के अनुसार 315 जिलों में कम वर्षा की आशंका है, जिनमें 111 जिले उच्च प्राथमिकता वाले हैं.
मध्य प्रदेश में मॉनसून की दस्तक अब करीब मानी जा रही है. भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार अगले 2 से 3 दिनों में राज्य के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून आगे बढ़ सकता है. महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में मॉनसूनी गतिविधियां तेज होने के बाद एमपी में भी बारिश की संभावना बढ़ी है, जिससे खरीफ बुवाई को गति मिलने की उम्मीद है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और महाराष्ट्र, तेलंगाना और ओडिशा समेत कई राज्यों को कवर कर चुका है. अगले कुछ दिनों में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार तक इसके पहुंचने के आसार हैं.
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज अल नीनो के संभावित प्रभावों पर उच्च स्तरीय बैठक करेंगे. इसमें सभी राज्यों के कृषि मंत्री, अधिकारी और मौसम विभाग के विशेषज्ञ शामिल होंगे. बैठक में कम वर्षा की स्थिति, फसलों पर असर और किसानों की सुरक्षा को लेकर विस्तार से चर्चा की जाएगी तथा जरूरी दिशा-निर्देश तय किए जाएंगे.
UP Weather Today: बढ़ती गर्मी को देखते हुए, मौसम विभाग और स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है. दिन के सबसे गर्म समय में, यानी दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच, अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है. यदि बाहर निकलना आवश्यक हो, तो हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें.
मॉनसून भारत में तेजी से आगे बढ़ रहा है और मुंबई समेत महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड व ओडिशा में बारिश की संभावना बढ़ गई है. पूर्वोत्तर भारत में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा का अलर्ट जारी है. वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और विदर्भ में भीषण लू का असर रहेगा. मौसम विभाग ने सतर्क रहने की सलाह दी है.
2026 में मुंबई में मॉनसून की देरी और बिहार में भारी बारिश ने भारतीय मॉनसून के बदलते पैटर्न को उजागर कर दिया है. इस साल मॉनसून का आगमन देर से हुआ है और देशभर में बारिश असमान रूप से दर्ज की जा रही है. IMD के अनुसार, भारत की कुल वार्षिक वर्षा का 70-90% हिस्सा मॉनसून पर निर्भर करता है, जिससे खेती, जल संसाधन और खाद्य कीमतें प्रभावित होती हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि अल नीनो और जलवायु परिवर्तन के कारण मॉनसून के समय, तीव्रता और बारिश की मात्रा में बदलाव आ रहा है, जो भविष्य में कृषि और अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है.
22 जून के मौसम को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के कई राज्यों में आंधी, बारिश, लू और गरज-चमक को लेकर अलर्ट जारी किया है. जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश का येलो अलर्ट है, जबकि राजस्थान में धूल भरी आंधी और बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 22 जून के मौसम को लेकर ताजा अलर्ट जारी किया है. देश के कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है, जबकि कुछ इलाकों में गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है.
मुंबई समेत देश के कई हिस्सों में मॉनसून तेजी से आगे बढ़ रहा है. मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून मुंबई पहुंच सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक, 22 जून 2026 को दक्षिण-पश्चिम मॉनसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक के बाकी हिस्सों में पहुंच चुका है.
देश में कमजोर मॉनसून का असर अब खेती पर दिखने लगा है. सामान्य से कम बारिश के कारण कई इलाकों में खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हुई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है. हालांकि, जलाशयों में बेहतर जलस्तर से सिंचाई के लिए कुछ राहत की उम्मीद बनी हुई है.
भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026 तेजी से आगे बढ़ रहा है. महाराष्ट्र, ओडिशा, बिहार और झारखंड में बारिश की संभावना बढ़ी है, जबकि पूर्वोत्तर में भारी वर्षा जारी रहेगी. कई राज्यों में लू, आंधी और बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है. मौसम में तेज बदलाव के कारण लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
Uttar Pradesh News: बैठक में मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग के दीर्घावधि पूर्वानुमान के अनुसार वर्ष 2026 के दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के दौरान उत्तर प्रदेश में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है. पूर्वी एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश दोनों क्षेत्रों में जून से सितंबर तक वर्षा सामान्य से कम रहने के संकेत प्राप्त हुए हैं.
भारत में इस साल मानसून की चाल बेहद सुस्त है, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं. पूरे देश में अब तक सामान्य से 40% कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि मध्य भारत में यह कमी 63% तक है. प्रशांत महासागर में अल नीनो का प्रभाव शुरू होने से नमी का प्रवाह कमजोर हुआ है.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today