मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी और 48 डिग्री तक पहुंचे तापमान के बीच किसानों की नजर अब मॉनसून पर टिकी है. खरीफ फसलों की बुवाई और धान की रोपाई शुरू हो चुकी है, ऐसे में समय पर बारिश किसानों के लिए बेहद जरूरी है.
‘गॉडजिला’ अल नीनो क्या है और यह भारत के मॉनसून व खेती को कैसे प्रभावित करेगा—जानिए इस एक्सप्लेनर में. कमजोर बारिश, सूखा, बाढ़ और बढ़ती गर्मी के बीच 2026 का मॉनसून क्यों चिंता बढ़ा रहा है.
देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है. मौसम विभाग ने 11 और 12 जून के लिए कई राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है. उत्तर भारत के दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है.
IMD ने देश के कई राज्यों में बारिश और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया है. जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में शाम तक तेज बारिश की संभावना है. दिल्ली-एनसीआर में धूल भरी आंधी के साथ मौसम बदल सकता है.
देशभर में मौसम का मिजाज बदलने जा रहा है. 11 जून को उत्तर भारत के कई राज्यों में तेज आंधी, धूलभरी हवाएं, गरज-चमक और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि का अलर्ट है. वहीं पूर्वोत्तर, पूर्वी और दक्षिण भारत में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है. मॉनसून भी धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है.
उत्तर भारत में 11-12 जून के दौरान मौसम बदलने वाला है. वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से कई राज्यों में तेज आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और धूलभरी हवाओं की चेतावनी जारी की गई है. वहीं मॉनसून की आगे बढ़ने की रफ्तार भी बढ़ने के संकेत हैं.
Uttar Pradesh News: सीएम योगी ने कहा कि आजादी के बाद इस विषय पर अपेक्षित ध्यान न देने का परिणाम था कि अन्नदाता किसान अपेक्षित प्रगति नहीं कर पाए. प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली जनधन की हानि को रोकने वाले प्रयास भी अधूरे रहे. लेकिन, पिछले 12 वर्ष में जो अभियान प्रारंभ किया, उसका परिणाम सभी देख रहे हैं.
देशभर में मौसम का मिजाज बदलने लगा है. मॉनसून पूर्वोत्तर में आगे बढ़ गया है और अगले कुछ दिनों में कई नए राज्यों तक पहुंच सकता है. दक्षिण और पूर्वी भारत में भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि उत्तर भारत में 11 जून से आंधी, बारिश और तापमान में गिरावट के संकेत दिए गए हैं.
दुनियाभर में अल नीनो को लेकर चिंता का माहौल है, इस बीच भारत में 197 जिलों पर इसके सबसे ज्यादा असर की आशंका है, जिससे खेती पर बुरा असर पड़ सकता है. जानिए सरकार की इस पर क्या तैयारी है...
अल नीनो के बढ़ते संकेतों के बीच भारत के मॉनसून के लिए राहत की उम्मीद भी बनी हुई है. ऑस्ट्रेलियाई मौसम एजेंसी के नए आकलन में हिंद महासागर की बदलती स्थिति पर खास नजर रखी गई है. अगस्त-सितंबर में बनने वाला एक पैटर्न बारिश की तस्वीर बदल सकता है.
बिहार में मॉनसून से पहले मौसम का मिजाज बदलने वाला है. 10 से 12 जून के बीच राज्यभर में बारिश के साथ आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और वज्रपात की संभावना जताई गई है. उत्तर और पूर्वी बिहार में भारी बारिश के आसार हैं, जबकि इससे तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है.
मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां कमजोर पड़ने से बुंदेलखंड और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में भीषण गर्मी और लू का असर बढ़ गया है. वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन सहित 35 जिलों में आंधी, गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है. मौसम विभाग ने 9-10 जून को हीटवेव का अलर्ट जारी किया है.
देशभर में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने करवट ली है. मौसम विभाग ने 17 राज्यों में बारिश, आंधी और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है. कई इलाकों में भारी वर्षा, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है. वहीं मॉनसून भी तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिससे आने वाले दिनों में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.
देश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून लगातार आगे बढ़ रहा है और कई राज्यों में बारिश ने दस्तक दे दी है. लेकिन इसी बीच अल-नीनो के मजबूत होने के संकेत भी चिंता बढ़ा रहे हैं. क्या इस साल मॉनसून सामान्य रहेगा? क्या किसानों को अच्छी बारिश मिलेगी या फिर अल-नीनो बिगाड़ सकता है खेल?
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 8 जून के लिए देशभर के मौसम को लेकर ताजा अपडेट जारी किया है. कहीं बारिश का अलर्ट है तो कहीं भीषण गर्मी लोगों को परेशान करेगी. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मौसम शुष्क रहने की संभावना है और बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है.
भारत मौसम विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटे और 8 जून के लिए देशभर में मौसम को लेकर बड़ा अपडेट जारी किया है. कहीं बारिश का कहर तो कहीं तेज गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है. जानिए राज्यवार पूरा हाल. उत्तर भारत के इन राज्यों में भीषण गर्मी का कहर जारी रहेगा.
देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से सक्रिय हो गया है और कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और पश्चिमी तटों पर तेज बारिश और आंधी का अलर्ट जारी है. कई जगहों पर बिजली गिरने, तेज हवाओं और जलभराव जैसी स्थितियां बन सकती हैं, जिससे सतर्क रहने की जरूरत है.
दुनियाभर के मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रशांत महासागर में विकसित हो रहा अल नीनो पिछले कई दशकों का सबसे शक्तिशाली अल नीनो साबित हो सकता है. इसकी संभावित ताकत को देखते हुए इसे 'गॉडज़िला अल नीनो' का नाम दिया गया है.
महाराष्ट्र सरकार की एडवाइजरी के अनुसार फिलहाल राज्य में ऐसी बारिश के संकेत नहीं हैं, जिसे खरीफ फसलों की बुवाई के लिए पर्याप्त माना जा सके. इसलिए किसानों को केवल गरज-चमक या कहीं-कहीं होने वाली हल्की बारिश देखकर बुवाई शुरू नहीं करनी चाहिए.
शनिवार दोपहर तक मॉनसून की उत्तरी सीमा महाराष्ट्र के देवगढ़, कर्नाटक के कोप्पल, आंध्र प्रदेश के अनंतपुरम, चेन्नई और मिजोरम की राजधानी आइजोल से होकर गुजरी. मॉनसून की इस तेज रफ्तार से कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिलने के साथ-साथ खरीफ फसलों की बुवाई को भी गति मिल सकती है.
दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में तेज बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है, वहीं दिल्ली समेत उत्तर भारत में अगले दिनों में तापमान बढ़ सकता है. मॉनसून ने रफ्तार पकड़ी है और कई नए क्षेत्रों में आगे बढ़ गया है. किसानों और मछुआरों के लिए भी मौसम विभाग ने सलाह जारी की है.
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