मध्य प्रदेश में मानसून का इंतजार कर रहे किसानों और आम जनमानस के लिए मौसम विभाग से बड़ी अपडेट सामने आई है. मौसम विभाग के अनुसार, अल नीनो के प्रभाव, कमजोर वेदर सिस्टम और हवाओं की मजबूती में कमी के कारण मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है.
गुजरात में मॉनसून के आने से पहले ही मौसम ने करवट ले ली है. बुधवार रात से राज्य के कई हिस्सों में जोरदार बारिश हो रही है. सुनिए इसको लेकर मौसम विभाग ने और क्या बताया.
मौसम विभाग ने देश के कई राज्यों के लिए भारी बारिश, तेज आंधी, बिजली गिरने और लू को लेकर अलर्ट जारी किया है. बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पूर्वोत्तर भारत और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है.
अल नीनो की संभावित चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए गुरुवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इसके प्रभाव से निपटने के लिए राज्य की पूरी तैयारी की समीक्षा करने के लिए एक सर्वग्राही और उच्च स्तरीय बैठक बुलाई. जिसनें किसानों और पशुपालकों के लिए खास प्लान तैयार किया गया.
देशभर में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने जा रहा है. एक तरफ पूर्वोत्तर भारत, बिहार और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, वहीं दूसरी ओर बिहार, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, विदर्भ और ओडिशा समेत कई राज्यों में लू का खतरा भी बना हुआ है.
UP Weather Today: वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि हाल के दिनों में मॉनसून की गति धीमी हो गई है क्योंकि अरब सागर से नमी का प्रवाह कमजोर पड़ गया है. उत्तर-पश्चिम भारत में गर्म और शुष्क पश्चिमी हवाओं का प्रभाव बना हुआ है. उन्होंने कहा कि आने वाला पश्चिमी विक्षोभ शुष्क हवाओं के असर को कम करेगा.
देश में मौसम का मिजाज अगले कुछ दिनों तक मिला-जुला रहने वाला है. पूर्वोत्तर भारत, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, केरल और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है, जबकि पूर्वी यूपी, पश्चिमी यूपी, विदर्भ और तेलंगाना में लू का असर बना रहेगा. मॉनसून अगले 4 से 5 दिनों में बिहार, झारखंड, ओडिशा और तेलंगाना के और हिस्सों में आगे बढ़ सकता है.
भारत में मॉनसून की रफ्तार धीमी पड़ने से 4 से 18 जून के बीच 41% बारिश की कमी दर्ज की गई है. IMD ने मॉनसून की कमजोरी के पीछे पांच प्रमुख कारण बताए हैं, जिनका असर खरीफ फसलों और कृषि पर पड़ सकता है. सरकार ने राज्यों को एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं.
मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री अब कुछ ही घंटों की दूरी पर है, लेकिन उससे पहले ही प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं. प्रदेश के कई जिलों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है. मौसम विभाग ने उत्तर और दक्षिण मध्य प्रदेश के कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है.
गुजरात में प्री-मॉनसून गतिविधियों के चलते कई जिलों में बारिश दर्ज की गई है. मौसम विभाग ने वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव से अगले दो दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है. 24 जून तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम सुहावना रहने की उम्मीद है, जिससे किसानों और आम लोगों को राहत मिलेगी.
देशभर में मौसम का दोहरा असर देखने को मिल रहा है, जहां एक ओर पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मॉनसून तेजी से सक्रिय हो रहा है और भारी बारिश का दौर जारी है, वहीं मध्य और दक्षिण भारत के कई हिस्से भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं. आईएमडी ने कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और हीटवेव को लेकर चेतावनी जारी की है. दिल्ली-एनसीआर में भी आने वाले दिनों में बारिश, तेज हवाएं और तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा.
मौसम विभाग ने देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, तेज आंधी और लू को लेकर चेतावनी जारी की है. 18 जून को अलग-अलग राज्यों में मिला-जुला मौसम रहने की संभावना है. किसानों को सतर्क रहने और फसलों की सुरक्षा के लिए विशेष सलाह दी गई है.
उत्तर-पश्चिम भारत में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है. IMD के अनुसार पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां हल्की बारिश और तेज हवाएं (50-60 किमी/घंटा) चलने की संभावना है.
मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री अब 24-25 जून तक टल सकती है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार कमजोर वेदर सिस्टम, नमी की कमी और अल नीनो के प्रभाव से मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है. प्रदेश में 1 से 16 जून के बीच सामान्य से 35% कम बारिश दर्ज की गई है.
देश में इस बार बारिश का पैटर्न उलटा दिख रहा है. जिन राज्यों में मॉनसून का इंतजार बना हुआ है, वहां अच्छी बारिश हो रही है, जबकि मॉनसून वाले कई क्षेत्र पीछे चल रहे हैं. पश्चिमी विक्षोभ की वजह से राजस्थान, दिल्ली-हरियाणा समेत उत्तर-पश्चिम भारत में सामान्य से ज्यादा वर्षा दर्ज की गई है और आने वाले दिनों में भी राहत जारी रहने के संकेत हैं.
El Nino 2026: लखनऊ के अमौसी स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार जब प्रशांत महासागर की सतह का तापमान सामान्य से 2 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक बढ़ जाता है तो उसे सुपर अल नीनो की श्रेणी में रखा जाता है. उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियां अल नीनो के और मजबूत होने की ओर इशारा कर रही हैं.
देशभर में मौसम का मिजाज बदलने लगा है. IMD ने कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और लू को लेकर अलर्ट जारी किया है. मॉनसून अगले कुछ दिनों में तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के और हिस्सों में आगे बढ़ सकता है. 18 जून को पूर्वोत्तर, बिहार, पश्चिम बंगाल, केरल समेत कई क्षेत्रों में बारिश और उत्तर भारत में गरज-चमक की संभावना है.
कृषि मंत्रालय अल नीनो के प्रभाव को लेकर सतर्क है और खरीफ फसलों पर संभावित असर का आकलन करने के लिए IMD के पूर्वानुमान का इंतजार कर रहा है. 326 जोखिम वाले जिलों की पहचान के साथ सरकार सिंचाई, बीज और आपात योजनाओं पर सक्रिय रूप से काम कर रही है.
इस बार 'अल नीनो का संकट पहले से कहीं ज़्यादा खतरनाक होने वाला है, जिससे दुनिया भर का मौसम बिगड़ेगा। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) की चेतावनी के मुताबिक, ग्लोबल वार्मिंग की वजह से इस बार रिकॉर्डतोड़ गर्मी और सूखा पड़ सकता है. इसका सबसे बुरा असर भारत सहित पूरे एशिया पर पड़ेगा, जहां कमजोर मानसून के कारण धान और मक्के जैसी फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है. पहले भी 2015 में इसके चलते भारी नुकसान हुआ था.इस बार किसानों पर दोहरी मार पड़ेगी; एक तरफ सूखे का खतरा है, तो दूसरी तरफ खाड़ी में सैन्य तनाव के कारण डीजल और खाद जैसी जरूरी चीजों की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे खेती की लागत बहुत बढ़ गई है.
UP Weather Update: उत्तर प्रदेश सरकार ने भीषण गर्मी और लू की स्थिति को देखते हुए राज्य के सरकारी स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश को 24 जून तक बढ़ा दिया है. स्कूल अब 25 जून से दोबारा खुलेंगे, जबकि शिक्षक शैक्षणिक तैयारियों को पूरा करने के लिए 22 जून से विद्यालयों में उपस्थित होंगे.
17 जून को देशभर में मौसम का मिला-जुला असर दिखेगा. उत्तर भारत में गरज-चमक और हल्की बारिश, बिहार-झारखंड में बारिश बढ़ने के आसार, जबकि तेलंगाना, विदर्भ और कुछ हिस्सों में लू बनी रह सकती है. 18 जून के बाद कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज होंगी.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today