केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में बताया कि सरकार किसानों और पशुपालकों तक मौसम की सटीक जानकारी पहुंचाने के लिए पूर्वानुमान और चेतावनी व्यवस्था मजबूत कर रही है. Mission Mausam के तहत 2030 तक मौसम पूर्वानुमान की सटीकता 10-15 फीसदी सुधारने और 5 किमी रिजॉल्यूशन में चेतावनी देने का लक्ष्य है.
बंगाल की खाड़ी से जुड़े कम दबाव के क्षेत्र ने पश्चिम बंगाल तट पर डिप्रेशन का रूप ले लिया है. मौसम विभाग के अनुसार यह सिस्टम अगले 24 घंटों में पश्चिम बंगाल और झारखंड से होते हुए उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा. इसके प्रभाव से पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा और आसपास के क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज हवाएं और खराब समुद्री परिस्थितियां बनी रह सकती हैं.
हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में 11 अगस्त को आई फ्लैश फ्लड से कुछ खेतों में खड़ी फसलों और सिंचाई व्यवस्था को नुकसान पहुंचा है. मुंची-टिन्नो सड़क का करीब 700 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है, जबकि 63 मीटर सिंचाई पाइप और छोटी नहरें भी प्रभावित हुई हैं. वहीं, मौसम विभाग ने फिर भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है.
मध्य प्रदेश में मॉनसून फिर एक्टिव हो गया है. अगले 5-6 दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश के आसार हैं, जबकि बालाघाट, छिंदवाड़ा समेत कई जिलों में अलर्ट जारी किया गया है.
13 अगस्त को ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल में भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है. उत्तर भारत, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी भारी बारिश की संभावना है. पढ़ें देशभर के मौसम का हाल...
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल देश के 16 इलाकों में सामान्य से 20 से 38 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है. बिहार, पूर्वी यूपी, पंजाब और झारखंड जैसे कई प्रमुख राज्य बारिश की भारी कमी से जूझ रहे हैं, जिससे वहां सूखे जैसी नौबत आ गई है. 15 जुलाई के बाद कुछ हिस्सों में राहत तो मिली, लेकिन कई राज्यों में खरीफ फसलों और जल भंडारों पर गहरा संकट मंडरा रहा है, जिससे किसान बेहद परेशान हैं.
IMD ने 12 अगस्त को देश के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. पूर्वी राजस्थान, ओडिशा और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है. दिल्ली-NCR में बादल छाए रहेंगे और दोपहर से शाम के बीच हल्की बारिश हो सकती है. पढ़ें देशभर में कैसा रहेगा मौसम...
UP Weather Today: मौसम केंद्र लखनऊ की वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उसके पड़ोसी तटीय इलाकों के ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है जो समुद्र तल से 7.6 किमी की ऊंचाई तक फैला है.
11 अगस्त को देश के कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा. IMD ने पूर्वी राजस्थान, उत्तराखंड, पश्चिम राजस्थान, पश्चिम मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, गुजरात और कोंकण-गोवा में भारी बारिश की चेतावनी दी है. कुछ इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं का भी असर रहेगा.
तेलंगाना में कम बारिश और जलाशयों में घटते पानी ने किसानों और सिंचाई व्यवस्था की चिंता बढ़ा दी है. अच्छी बारिश की कामना को लेकर नलगोंडा के नागार्जुन सागर में ‘वरुण यज्ञ’ कराया गया.
इस साल मौसम का अजीब खेल देखने को मिल रहा है. जून के महीने में सूखा पड़ा, जिससे किसान बहुत परेशान हो गए. फिर जुलाई और अगस्त में मौसम बदला और कई जगह भारी बारिश हुई, जिससे बाढ़ जैसे हालात बन गए. लेकिन हैरानी की बात यह है कि इसी जुलाई और अगस्त में भारी बारिश के बावजूद देश के कई राज्यों में अभी भी सूखे जैसे हालात हैं.
असम में बाढ़ का संकट अभी भी बना हुआ है. पिछले 24 घंटों में दो और लोगों की मौत के बाद इस साल बाढ़ से मरने वालों की संख्या 100 पहुंच गई है. राज्य के सात जिलों में 1.37 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं.
UP Weather Today: वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पूर्वी तट पर बने निम्न दबाव क्षेत्र के पश्चिम-उत्तर-पश्चिमी दिशा में आगे बढ़ते हुए उत्तरी-पूर्वी मध्य प्रदेश पर पहुंचने से मानसूनी द्रोणी के अपनी सामान्य स्थिति से थोड़ा दक्षिण में खिसककर बीकानेर, ग्वालियर, उत्तरी पूर्वी मध्य प्रदेश पर केंद्रित है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 10 अगस्त के लिए कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, बिहार, ओडिशा और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में तेज बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है.
आंध्र प्रदेश सरकार ने संभावित सूखे जैसी स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं. मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कम बारिश की आशंका के बीच पेयजल आपूर्ति, जल संरक्षण, जलाशयों में भंडारण, उद्योगों को पानी उपलब्ध कराने और कम पानी वाली फसलों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए.
मॉनसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है और देश के कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी है. राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पहाड़ी राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में भी बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है.
देशभर में मॉनसून एक बार फिर सक्रिय हो रहा है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 8 से 12 अगस्त 2026 के बीच उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, असम, मेघालय, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है.
देशभर में मॉनसून एक बार फिर सक्रिय हो रहा है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 8 से 12 अगस्त 2026 के बीच उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, असम, मेघालय, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है.
6 से 12 अगस्त 2026 के दौरान देश के कई हिस्सों में मॉनसून सक्रिय रहेगा. उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तर प्रदेश में कम दबाव के क्षेत्र बनने से उत्तर भारत, मध्य भारत, पूर्वी भारत और पश्चिमी तटीय राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. किसानों को खेतों में जल निकासी की विशेष व्यवस्था करने की सलाह दी गई है.
सरकार ने कहा है कि अल नीनो का असर हर बार भारतीय मॉनसून को कमजोर नहीं करता. 1950 के बाद 16 अल नीनो घटनाओं में केवल 7 बार ही सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई. हालांकि 2026-27 के दौरान अल नीनो के बने रहने की संभावना को देखते हुए आईएमडी और अन्य एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं.
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 7 अगस्त के मौसम को लेकर बड़ा अपडेट जारी किया है. उत्तर, मध्य, पूर्व और दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. केरल, कर्नाटक, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड और ओडिशा समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट है.
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