बिहार में बनेंगे नए-नए गोदामबिहार के किसानों के लिए एक बड़ी राहत और सौगात की खबर आई है. राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत 24 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दे दी है. इसके तहत पूरे बिहार में 305 भंडारण गोदाम और 400 पक्का थ्रेसिंग फ्लोर बनाए जाएंगे. इस योजना से किसानों को अपनी उपज को सुरक्षित रखने और बेहतर दाम पर बेचने का मौका मिलेगा.
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि किसानों को फसल कटाई के तुरंत बाद कम दाम पर अपनी उपज बेचने की मजबूरी से मुक्ति दिलाना सरकार का लक्ष्य है. गोदाम निर्माण से किसान अपनी उपज को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकेंगे और बाजार में अच्छा मूल्य मिलने पर बेच सकेंगे. यह योजना ना सिर्फ फसल के नुकसान को कम करेगी, बल्कि कृषि आधारित उद्यमिता को भी बढ़ावा देगी. पक्का थ्रेसिंग फ्लोर से फसल सुखाने की प्रक्रिया स्वच्छ और आसान हो जाएगी, जिससे उपज की गुणवत्ता बनी रहेगी.
योजना के तहत 88 गोदाम 100 मीट्रिक टन क्षमता के और 217 गोदाम 200 मीट्रिक टन क्षमता के बनाए जाएंगे. इनकी कुल लागत 24 करोड़ रुपये है, जिसमें केंद्र का 14.40 करोड़ और राज्य का 9.60 करोड़ रुपये का योगदान है. साथ ही 400 पक्का थ्रेसिंग फ्लोर का निर्माण भी किया जाएगा, जिसकी प्रति इकाई लागत 1.292 लाख रुपये तय की गई है. ये सुविधाएं पूरे बिहार के सभी जिलों में बनाई जाएंगी, ताकि हर क्षेत्र के किसानों को लाभ मिल सके.
यह योजना ना सिर्फ भंडारण सुविधा देगी बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार भी पैदा करेगी. अनुमान है कि 88 छोटे गोदामों से 96,536 मानव दिवस, 217 बड़े गोदामों से 3,39,388 मानव दिवस और 400 थ्रेसिंग फ्लोर से 12,000 मानव दिवस रोजगार सृजित होंगे. कुल मिलाकर करीब 4.48 लाख मानव दिवस रोजगार का सृजन होगा. इससे स्थानीय मजदूरों, युवाओं और छोटे ठेकेदारों को काम मिलेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा.
कृषि मंत्री ने कहा कि सुरक्षित भंडारण से किसान अपनी उपज को सही समय पर बेच सकेंगे और बिचौलियों के चंगुल से मुक्त हो सकेंगे. इससे उनकी आय में वृद्धि होगी और कृषि क्षेत्र अधिक लाभकारी बनेगा. सरकार का लक्ष्य है कि कृषि उत्पादों का बेहतर प्रबंधन कर किसानों को आत्मनिर्भर बनाया जाए. यह योजना ना सिर्फ भंडारण सुविधा उपलब्ध कराएगी, बल्कि कृषि क्षेत्र को आधुनिक और टिकाऊ बनाने में भी मदद करेगी.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today