कन्नौज में आयोजित ‘किसान तक’ किसान कारवां ने किसानों को फूल, आलू, मक्का और पशुपालन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी. कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने मिट्टी, उर्वरक, मेड़ तकनीक और रोग प्रबंधन पर जागरूक किया. नैनो यूरिया, डीएपी और आधुनिक टायर जैसे उपाय किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने में मदद कर रहे हैं.
एक हेल्दी गार्डन बनाने के लिए सिर्फ पौधे रोपना या फिर बीज बोना ही काफी नहीं होता है, बल्कि प्लांट की सही तरह से देखभाल करनी होती है. कुछ पौधे सदाबहार होते हैं तो कुछ मौसम के मुताबिक रोपे जाते हैं, लेकिन गार्डनिंग के कुछ कॉमन नियम हर प्लांट की ग्रोथ के लिए फॉलो करने होते हैं तो चलिए जान लेते हैं ऐसे ही 5 रूल.
कार्यक्रम के अंतर्गत लकी ड्रॉ द्वारा नकद राशि का वितरण और जादूगर सलमान द्वारा कृषि के संदेशों के साथ जादू दिखाए गए, जिससे किसान और उनके परिवार के सदस्य काफी खुश नजर आए.
उत्तर प्रदेश के महोबा जिले का सिजहरी गांव स्मार्ट विलेज के रूप में विकसित हो रहा है, जहां शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और स्वच्छता की बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध हैं. यह गांव ग्रामीण विकास की नई मिसाल पेश कर रहा है. आइए जानते हैं इस आदर्श गांव के बारे में.
'किसान कारवां' ने गुरुवार को अमेठी जिले के अशरफपुर गांव में अपना 27वां पड़ाव पार किया. इस दौरान जिले के किसानों ने बड़ी संख्या में कार्यक्रम में भाग लिया और इस अवसर पर उन्हें खेती से जुड़ी नई जानकारी दी गई.
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में गौरैया पक्षियों को बचाने के लिए एक अनोखी पहल की जा रही है. दरअसल, एक परिवार लुप्त होती चिड़ियों को बचाने के लिए 5 हजार से अधिक घोंसले तैयार करवाते हुए हजारों घोंसलों का वितरण कर दिए हैं.
रायबरेली के जमुरावां गांव में ‘किसान तक’ का किसान कारवां पहुंचा, जहां किसानों को आधुनिक खेती, पशुपालन, मिट्टी जांच और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई. विशेषज्ञों ने बताया कि उन्नत तकनीक, बायोफोर्टीफाइड बीज और एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाकर किसान कम लागत में आमदनी बढ़ा सकते हैं.
प्रदेश के 75 जिलों में चल रही इस विशेष कवरेज के तहत यह कारवां का 25वां पड़ाव रहा. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर आधुनिक खेती से जुड़ी जानकारियां हासिल कीं. इस अवसर पर कृषि विभाग के अधिकारियों, पशुपालन विभाग के अधिकारियों तथा कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई.
कार्यक्रम में मनोरंजन और जागरूकता का अनोखा संगम भी देखने को मिला. मैजिशियन सलमान ने अपने जादुई प्रस्तुतिकरण के माध्यम से किसानों और ग्रामीणों का मनोरंजन किया, साथ ही खेती के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया.
आज वैलेंटाइन डे है जिसके चलते जालना का फूल बाजार पूरी तरह से सज गया है. बाजार में लाल और गुलाबी रंग के आकर्षक गुलाब बिक्री के लिए बड़ी मात्रा में पहुंचे हैं.
जालना जिले के इस गांव में लगभग 50 प्रतिशत किसान खेती से जुड़े हुए हैं. वहीं, यहां के किसान बड़े पैमाने पर इस फसल की खेती करते हैं, जिससे महाशिवरात्रि के अवसर पर मांग बढ़ने से गांव में बड़ी आर्थिक हलचल देखने को मिलती है.
अगर आप चाहते हैं कि आपकी बालकनी हर मौसम में रंगीन, खूबसूरत और फ्रेश दिखे, तो आप इन 5 रंगीन पत्तियों वाले खास पौधों को अपनी बालकनी में लगा सकते हैं. आइए जानते हैं कौन से हैं वो पौधे.
नकली तूर यानी अरहर बीज के कारण एक किसान को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है, जिसको लेकर वो काफी परेशान है. वहीं, मुआवजा न मिलने पर आत्महत्या करने की धमकी दी है.
ललितपुर जिले के पिपरा गांव में ‘किसान तक’ का किसान कारवां पहुंचा. किसानों ने कृषि वैज्ञानिकों और अधिकारियों से नई खेती, ड्रिप सिंचाई, बागवानी, पशुपालन और सब्सिडी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की. कार्यक्रम में मज़ा और सीख दोनों थे. किसान अब नई तकनीक अपनाकर अपनी आय बढ़ा सकते हैं और खेती को व्यापार की तरह कर सकते हैं.
Fact Of The Day: क्या आप जानते हैं कि सरसों की फसल में मधुमक्खी पालन से 15–25% तक पैदावार बढ़ सकती है. वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि बेहतर परागण से दाने भरपूर बनते हैं, फूल झड़ना कम होता है और गुणवत्ता सुधरती है.
केसर की ऊंची कीमत के पीछे उसकी बेहद मेहनतभरी खेती छिपी है. लाखों फूलों से हाथों से धागे निकालकर ही 1 किलो केसर तैयार होता है. सीमित उत्पादन, नाजुक फसल और ज्यादा श्रम की वजह से केसर को “लाल सोना” भी कहा जाता है.
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