फर्रुखाबाद के पुठरी गांव में किसान कारवां का 12वां पड़ाव आयोजित हुआ. कार्यक्रम में किसानों को आलू और मक्का की उन्नत किस्मों, बीज चयन, मिट्टी संरक्षण, प्राकृतिक खेती, नैनो यूरिया और आधुनिक खेती के तरीके बताए गए.
किसान अशोक डोंगरे ने लगभग 6 वर्षों से संजोई गई मौसंबी की बाग को जेसीबी से नष्ट कर दिया. अशोक डोंगरे ने करीब 6 साल पहले अपनी 4 एकड़ जमीन पर लगभग 300 से 350 मौसंबी के पेड़ लगाए थे.
Rose Gardening Tips : अगर आपके घर में पहले से ही गुलाब का पौधा है या गुलाब का पौधा मुरझा रहा है, तो आप इन घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल करके उसे आसानी से फिर से हरा-भरा कर सकते हैं.
शीतलहर के चलते मिट्टी की नमी भी धीरे-धीरे खत्म हो रही है, जिससे पौधों की बढ़वार रुक गई है और फल और पत्तियां गिरने लगी हैं. खासतौर पर टमाटर, बैंगन और मिर्च जैसे पौधे पाले के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं और जल्दी नुकसान झेलते हैं.
किसान कारवां कार्यक्रम के दौरान किसानों को खेती से जुड़ी नवीन तकनीकों, उन्नत बीज, मिट्टी स्वास्थ्य, संतुलित उर्वरक उपयोग और फसल संरक्षण के आधुनिक तरीकों की विस्तृत जानकारी दी गई. साथ ही किसानों को बदलते मौसम के अनुसार फसल चक्र और जल संरक्षण के महत्व से भी अवगत कराया गया.
उत्तर प्रदेश सरकार और इंडिया टुडे ग्रुप के संयुक्त प्रयास से चल रहा “किसान कारवां” अपने दसवें पड़ाव पर मथुरा जनपद की छाता तहसील के सुपाना गांव पहुंचा. कार्यक्रम में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और विशेषज्ञों से सीधा संवाद किया.
अगर आपके घर में मौजूद पौधे के साथ भी ऐसा हो रहा है, तो आज हम आपको बेहद आसान टिप्स बता रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप ठंड के मौसम में भी पौधों को हरा-भरा रख सकते हैं. आइए जानते हैं क्या है वो उपाय.
सेहत के लिए कौन सा नमक सही है – पिंक सॉल्ट या आयोडाइज्ड सॉल्ट? जानिए अंतर, फायदे और सावधानियां इस फोटो गैलरी में.
फिरोजाबाद के बाबाईंन गांव में किसान कारवां ने किसानों को आधुनिक खेती, फसल विविधीकरण, मिट्टी परीक्षण, जल प्रबंधन और कीट रोग नियंत्रण जैसी जानकारी दी. विशेषज्ञों ने सही बीज और सरकारी योजनाओं के उपयोग पर जोर दिया. यह कार्यक्रम किसानों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा, जिससे उनकी फसल और आमदनी बढ़ाने में मदद मिलेगी.
फतेहपुर शेखावाटी में कड़ाके की सर्दी का कहर जारी है. न्यूनतम तापमान माइनस 1.9 डिग्री दर्ज होने के कारण खेतों और पेड़-पौधों पर बर्फ जम गई है. तेज ठंडी हवाओं और पाले से सरसों, टमाटर, मिर्च और टिंडा जैसी फसलों को नुकसान होने का खतरा है. मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन सर्दी इसी तरह बनी रहेगी.
ताज नगरी आगरा के खंडोली ब्लॉक में किसान कारवां पहुंचा, जहां सैकड़ों आलू किसानों को आधुनिक खेती, पशुपालन, नैनो यूरिया, झुलसा रोग से बचाव और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई. कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों ने मार्गदर्शन किया और लकी ड्रॉ के जरिए किसानों को नकद पुरस्कार भी प्रदान किए गए.
बीड़ के सूखाग्रस्त आष्टी क्षेत्र की महिला किसान मंदाकिनी ताई ने जैविक कद्दू की खेती से कम लागत में बंपर पैदावार हासिल की. रासायनिक खाद के बिना, सिर्फ प्राकृतिक तरीकों से उगाए गए कद्दू की मांग महाराष्ट्र समेत 5 राज्यों में बढ़ गई है. कम पानी में भी सफलता की यह प्रेरणादायक कहानी है.
आज यानी 11 जनवरी को फतेहपुर शेखावाटी शहर सहित सीकर जिले में सुबह से कोहरा छाया रहा. कोहरे के कारण विजिबिलिटी 30 मीटर के आसपास रही. वहीं, ग्रामीण इलाकों में कोहरे का असर ज्यादा देखने को मिला.
फटे और रूखे होंठों से परेशान हैं? जानिए घर पर आसानी से अपनाने वाले असरदार उपाय जैसे नारियल तेल, शहद, घी और ऑलिव ऑयल, जिनसे दिन में दो बार लगाने से होंठ मुलायम और स्वस्थ बनेंगे. छोटे-छोटे घरेलू टिप्स से होंठों की देखभाल अब और आसान.
कार्यक्रम में काफी संख्या में ग्रामीण किसान पहुंचे. वहीं, किसान कारवां कार्यक्रम में आए कृषि वैज्ञानिक, कृषि और पशुपालन से जुड़े अधिकारियों सहित इफको और चंबल फर्टिलाइजर के प्रतिनिधियों द्वारा किसानों को खेती से जुड़ी जानकारी दिया गया.
सर्दियों में तुलसी के पौधों को सही देखभाल जरूरी हो जाती है. अगर आपके घर में मौजूद पौधे के साथ भी ऐसा हो रहा है, तो आज हम आपको 5 बेहद आसान टिप्स बता रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप ठंड के मौसम में भी तुलसी के पौधे को हरा-भरा रख सकते हैं.
यूरिया डालते ही फसल की पत्तियां हरी क्यों हो जाती हैं, इसके पीछे नाइट्रोजन और क्लोरोफिल का सीधा विज्ञान है. लेकिन, यही हरियाली कब नुकसान का संकेत बन जाती है, कौन सी फसल में कितना यूरिया सही है और ज्यादा देने से क्या खतरे होते हैं, आसान भाषा में जानिए इस Fact Of The Day स्टोरी में...
एक्सपर्ट्स का मानना है कि हवा में पॉल्यूशन का लेवल बढ़ने की वजह से हमारे फेफड़ों पर इसका असर सबसे ज्यादा पड़ता है. इसलिए हम यदि गुड़ को अपनी डाइट में शामिल करें, तो इसकी मदद से फेफड़ों को प्रदूषण से होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है. आइए जानते हैं कैसे?
किसान तक का किसान कारवां आज यूपी के कासगंज जिले के हुमायूंपुर गांव पहुंचा. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पुरुष किसानों के साथ महिला किसानों ने भी भागीदारी निभाई. राज्य के 75 जिलों की कवरेज में कासगंज जनपद किसान कारवां का छठवां पड़ाव रहा.
उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे से जनजीवन प्रभावित है. स्कूल बंद हैं और यातायात व्यवस्था पर असर पड़ा है. भीषण ठंड और कोहरे के चलते उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हो गया है. लोग घरों में रहने को मजबूर हैं.
क्या आप सोच सकते हैं कि एक बीज इंसानों से भी ज्यादा लंबी उम्र जी सकता है. वैज्ञानिकों ने 2000 साल पुराने खजूर के बीज से पौधा उगाकर यह साबित कर दिया. लेकिन हर बीज इतना ताकतवर नहीं होता. फलों, सब्जियों और अनाज के बीज कितने साल जिंदा रहते हैं और कहां नियम टूटता है, जानिए Fact of the Day स्टोरी में...
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