ओलों और कीटों से अपनी फसल कैसे बचाएं, जानिए आसान और असरदार तरीके. गेहूं, चना और मक्का जैसी फसलों को मौसम और कीटों से सुरक्षित रखने के लिए कृषि विशेषज्ञों की सलाह और दवा छिड़काव के आसान उपाय. किसान इस गाइड से फसल की पैदावार बढ़ा सकते हैं और नुकसान से बच सकते हैं.
किसान तक के किसान कारवां कार्यक्रम के दौरान कृषि वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने किसानों को आधुनिक खेती, उन्नत तकनीक, फसल प्रबंधन और उत्पादन बढ़ाने के उपायों की जानकारी दी. विशेषज्ञों ने कम लागत में अधिक उत्पादन के लिए वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने की सलाह दी.
इस महीने पौधों की पत्तियां छोटी रह जाती हैं या पौधा धीरे-धीरे मुरझाने लगती हैं. अगर आपके पौधे के साथ भी यही हो रहा है तो आप महंगी खाद या केमिकल खाद न डालें, बल्कि आप इन 5 घरेलू खाद से भी पौधों को फिर से हरा-भरा और हेल्दी बना सकते हैं.
किसान कारवां कार्यक्रम के दौरान उन्नत कृषि तकनीक, फसल उत्पादन बढ़ाने के आधुनिक तरीके, मिट्टी स्वास्थ्य प्रबंधन, संतुलित उर्वरक उपयोग और बदलते मौसम के अनुरूप खेती पर विशेष जोर दिया गया.
अच्छी खेती केवल खाद और जुताई से नहीं, बल्कि जीवित मिट्टी से होती है. केंचुआ मिट्टी को भुरभुरा बनाता है, वर्मीकास्ट जैसी पोषक खाद देता है और जड़ों के लिए रास्ता तैयार करता है. वैज्ञानिक शोध मानते हैं कि जहां केचुए हैं, वहां मिट्टी ज़्यादा उपजाऊ और टिकाऊ होती है. फैक्ट ऑफ द डे स्टोरी में पढ़ें केंचुए से जुड़ी रोचक जानकारी...
सर्दियों के मौसम में नमी अधिक होने के कारण पौधों पर फंगस लगने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में आज हम आपको फंगस से बचाव का एक आसान और देसी तरीका बताएंगे, जिससे पौधों को सुरक्षित रखा जा सकता है.
किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से इंडिया टुडे ग्रुप के किसान तक द्वारा चलाया जा रहा किसान कारवां आज इटावा जनपद के सेहुआ गांव पहुंचा. प्रदेश के 75 जनपदों की कवरेज के तहत यह किसान कारवां का 13वां पड़ाव है
जालना जिले के एक किसान को देश की राजधानी नई दिल्ली में होने वाले 26 जनवरी 2026 के गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में शामिल होने का अवसर मिला है. बता दें कि इससे पहले बिहार की सोलर दीदी को भी आमंत्रण पत्र भेजा गया था.
फर्रुखाबाद के पुठरी गांव में किसान कारवां का 12वां पड़ाव आयोजित हुआ. कार्यक्रम में किसानों को आलू और मक्का की उन्नत किस्मों, बीज चयन, मिट्टी संरक्षण, प्राकृतिक खेती, नैनो यूरिया और आधुनिक खेती के तरीके बताए गए.
किसान अशोक डोंगरे ने लगभग 6 वर्षों से संजोई गई मौसंबी की बाग को जेसीबी से नष्ट कर दिया. अशोक डोंगरे ने करीब 6 साल पहले अपनी 4 एकड़ जमीन पर लगभग 300 से 350 मौसंबी के पेड़ लगाए थे.
Rose Gardening Tips : अगर आपके घर में पहले से ही गुलाब का पौधा है या गुलाब का पौधा मुरझा रहा है, तो आप इन घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल करके उसे आसानी से फिर से हरा-भरा कर सकते हैं.
शीतलहर के चलते मिट्टी की नमी भी धीरे-धीरे खत्म हो रही है, जिससे पौधों की बढ़वार रुक गई है और फल और पत्तियां गिरने लगी हैं. खासतौर पर टमाटर, बैंगन और मिर्च जैसे पौधे पाले के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं और जल्दी नुकसान झेलते हैं.
किसान कारवां कार्यक्रम के दौरान किसानों को खेती से जुड़ी नवीन तकनीकों, उन्नत बीज, मिट्टी स्वास्थ्य, संतुलित उर्वरक उपयोग और फसल संरक्षण के आधुनिक तरीकों की विस्तृत जानकारी दी गई. साथ ही किसानों को बदलते मौसम के अनुसार फसल चक्र और जल संरक्षण के महत्व से भी अवगत कराया गया.
उत्तर प्रदेश सरकार और इंडिया टुडे ग्रुप के संयुक्त प्रयास से चल रहा “किसान कारवां” अपने दसवें पड़ाव पर मथुरा जनपद की छाता तहसील के सुपाना गांव पहुंचा. कार्यक्रम में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और विशेषज्ञों से सीधा संवाद किया.
अगर आपके घर में मौजूद पौधे के साथ भी ऐसा हो रहा है, तो आज हम आपको बेहद आसान टिप्स बता रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप ठंड के मौसम में भी पौधों को हरा-भरा रख सकते हैं. आइए जानते हैं क्या है वो उपाय.
सेहत के लिए कौन सा नमक सही है – पिंक सॉल्ट या आयोडाइज्ड सॉल्ट? जानिए अंतर, फायदे और सावधानियां इस फोटो गैलरी में.
फिरोजाबाद के बाबाईंन गांव में किसान कारवां ने किसानों को आधुनिक खेती, फसल विविधीकरण, मिट्टी परीक्षण, जल प्रबंधन और कीट रोग नियंत्रण जैसी जानकारी दी. विशेषज्ञों ने सही बीज और सरकारी योजनाओं के उपयोग पर जोर दिया. यह कार्यक्रम किसानों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा, जिससे उनकी फसल और आमदनी बढ़ाने में मदद मिलेगी.
फतेहपुर शेखावाटी में कड़ाके की सर्दी का कहर जारी है. न्यूनतम तापमान माइनस 1.9 डिग्री दर्ज होने के कारण खेतों और पेड़-पौधों पर बर्फ जम गई है. तेज ठंडी हवाओं और पाले से सरसों, टमाटर, मिर्च और टिंडा जैसी फसलों को नुकसान होने का खतरा है. मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन सर्दी इसी तरह बनी रहेगी.
ताज नगरी आगरा के खंडोली ब्लॉक में किसान कारवां पहुंचा, जहां सैकड़ों आलू किसानों को आधुनिक खेती, पशुपालन, नैनो यूरिया, झुलसा रोग से बचाव और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई. कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों ने मार्गदर्शन किया और लकी ड्रॉ के जरिए किसानों को नकद पुरस्कार भी प्रदान किए गए.
बीड़ के सूखाग्रस्त आष्टी क्षेत्र की महिला किसान मंदाकिनी ताई ने जैविक कद्दू की खेती से कम लागत में बंपर पैदावार हासिल की. रासायनिक खाद के बिना, सिर्फ प्राकृतिक तरीकों से उगाए गए कद्दू की मांग महाराष्ट्र समेत 5 राज्यों में बढ़ गई है. कम पानी में भी सफलता की यह प्रेरणादायक कहानी है.
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