पश्चिम बंगाल के नदिया (कृष्णा नगर) इलाके में इस बार लीची का शानदार उत्पादन देखने को मिला है. यहां 80 साल पुराने एक पेड़ से करीब 500 किलो तक फलन हुआ है, जबकि बिहार में सामान्य तौर पर एक पेड़ से 120 से 150 किलो तक ही उत्पादन होता है.
महाराष्ट्र के जालना जिले में भीषण गर्मी और पानी की भारी कमी के कारण मौसंबी, नींबू और अनार के बाग सूखने लगे हैं. किसान हजारों रुपये खर्च कर टैंकर के पानी से बागों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं. बढ़ती गर्मी, ईंधन संकट और गिरते उत्पादन के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है.
भीषण गर्मी और हीटवेव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. कई राज्यों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और लू के थपेड़ों से जनजीवन प्रभावित हो रहा है. नौतपा शुरू होने से पहले ही सूरज आग बरसा रहा है. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना जताई है तथा लोगों को दोपहर में सावधानी बरतने की सलाह दी है.
महाराष्ट्र के जालना जिले में पेट्रोल और डीजल की कमी से हालात गंभीर हो गए हैं. कई पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गई हैं और किसान कैन-ड्रम लेकर डीजल जुटाने पहुंच रहे हैं. ईंधन संकट का असर खरीफ खेती की तैयारियों पर भी पड़ रहा है. प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और जरूरत अनुसार ही ईंधन खरीदने की अपील की है.
नीदरलैंड की यात्रा पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को डच पीएम रॉब जेटन के साथ दुनिया के प्रसिद्ध अफ्सलाउटडाइक डैम का दौरा किया. इस दौरान दोनों देशों ने जल प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण से निपटने में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की.
बिहार के मुजफ्फरपुर की शाही लीची पूरी दुनिया में अपनी मिठास और स्वाद के लिए मशहूर है, लेकिन जिले की एक खास जगह ऐसी भी है जहां हर साल सबसे पहले लीची पकती है. वैज्ञानिकों और रिसर्च टीमों के लिए भी ये एक कौतूहल का विषय बना हुआ है.
जालना जिले के भोकरदन तहसील के केदारखेड़ा गांव में भीषण आग लगने से दो एकड़ क्षेत्र में लगे करीब 700 फलदार पेड़ फलों समेत जलकर खाक हो गए. दो एकड़ की फलबाग आग की चपेट में आम-इमली-जामुन के पेड़ नष्ट हो गए हैं.
आजकल बाजार में मिलने वाले फलों में केमिकल और मिलावट का डर बना रहता है. ऐसे में अपने हाथों से उगाए गए ताजे और ऑर्गेनिक फलों का स्वाद ही अलग होता है. अगर आप भी घर पर गार्डनिंग शुरू करने की सोच रहे हैं, तो हम आपको ऐसे 5 फलों के पौधों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें आप आसानी से गमलों में उगा सकते हैं.
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