किसान कारवां यह कोई एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक लंबी और सार्थक यात्रा है, जो 29 दिसंबर 2025 से शुरू होकर मई 2026 के अंत तक प्रदेश भर के सभी 75 जिलों तक पहुंचेगी. किसान तक का किसान कारवां यूपी के हर जिले में पहुंचकर किसानों, ग्राम प्रधानों, प्रगतिशील किसानों और महिला किसानों को एक साझा मंच देगा.
राम जन्मभूमि अयोध्या में ‘किसान तक’ का किसान कारवां 75 जिलों की यात्रा के 33वें पड़ाव पर पहुंचा. कार्यक्रम में किसानों को आधुनिक खेती, प्राकृतिक खेती, पशुपालन और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई. कृषि विशेषज्ञों और कंपनियों ने भी मार्गदर्शन दिया. यह कारवां किसानों की आय बढ़ाने और खेती को मजबूत बनाने का प्रभावी मंच बना.
होली खुशियों और रंगों का त्योहार है, लेकिन बाजार के केमिकल वाले रंग स्किल को नुकसान पहुंचा सकते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि घर पर नेचुरल तरीके से होली के रंग कैसे बनाएं.
उत्तर प्रदेश सरकार और इंडिया टुडे ग्रुप की पहल ‘किसान तक’ कारवां बाराबंकी पहुंचा, जहां किसानों ने आधुनिक खेती, उर्वरक प्रबंधन, पशु स्वास्थ्य और आय बढ़ाने के उपायों को करीब से समझा. कृषि विशेषज्ञों से लेकर प्रगतिशील किसानों तक ने अनुभव साझा किए. कार्यक्रम के अंत में लकी ड्रॉ के जरिए किसानों को नकद इनाम देकर सम्मानित किया गया.
पौधों की अच्छी ग्रोथ इस बात पर निर्भर नहीं करती कि आपने कितना महंगा पौधा खरीदा है, बल्कि इस पर निर्भर करती है कि आपने उसे किस तरह की मिट्टी में लगाया है. ऐसे में आइए जानते हैं गमलों में पौधे लगाने से पहले मिट्टी को कैसे तैयार करें?
धान, गेहूं और गन्ना के साथ-साथ हाल के वर्षों में खस की खेती, डेयरी उद्योग और जैविक खेती की ओर बढ़ते कदमों के लिए पहचान बना रहा जनपद सीतापुर में जब ‘किसान तक’ का किसान कारवां पहुंचा, तो गांव के किसानों के चेहरों पर विशेष उत्साह देखने को मिला.
हरदोई के संडीला ब्लॉक के सरवा गांव में ‘किसान कारवां’ के 30वें पड़ाव पर किसानों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली. कार्यक्रम में खेती, पशुपालन, प्राकृतिक कृषि, नैनो उर्वरक और सरकारी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई. अधिकारियों और वैज्ञानिकों से संवाद के दौरान किसानों ने अपनी समस्याएं रखीं, जिनके समाधान भी बताए गए. लकी ड्रॉ और सम्मान समारोह ने आयोजन को खास बना दिया.
कन्नौज में आयोजित ‘किसान तक’ किसान कारवां ने किसानों को फूल, आलू, मक्का और पशुपालन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी. कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने मिट्टी, उर्वरक, मेड़ तकनीक और रोग प्रबंधन पर जागरूक किया. नैनो यूरिया, डीएपी और आधुनिक टायर जैसे उपाय किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने में मदद कर रहे हैं.
एक हेल्दी गार्डन बनाने के लिए सिर्फ पौधे रोपना या फिर बीज बोना ही काफी नहीं होता है, बल्कि प्लांट की सही तरह से देखभाल करनी होती है. कुछ पौधे सदाबहार होते हैं तो कुछ मौसम के मुताबिक रोपे जाते हैं, लेकिन गार्डनिंग के कुछ कॉमन नियम हर प्लांट की ग्रोथ के लिए फॉलो करने होते हैं तो चलिए जान लेते हैं ऐसे ही 5 रूल.
कार्यक्रम के अंतर्गत लकी ड्रॉ द्वारा नकद राशि का वितरण और जादूगर सलमान द्वारा कृषि के संदेशों के साथ जादू दिखाए गए, जिससे किसान और उनके परिवार के सदस्य काफी खुश नजर आए.
उत्तर प्रदेश के महोबा जिले का सिजहरी गांव स्मार्ट विलेज के रूप में विकसित हो रहा है, जहां शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और स्वच्छता की बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध हैं. यह गांव ग्रामीण विकास की नई मिसाल पेश कर रहा है. आइए जानते हैं इस आदर्श गांव के बारे में.
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