मीडिया को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमारे पास खाद का पर्याप्त भंडार है. हम खरीफ सीजन 2026 के लिए निश्चिंत हैं. उर्वरक विभाग ने एक बयान में कहा है कि घरेलू उत्पादन बढ़ाने और समझदारी से विदेशों से खरीद करने की रणनीति अपनाकर किसानों को वैश्विक संकट के असर से बचाने की कोशिश की जा रही है.
इफको ने Nano NPK Liquid (8-8-10) और Nano NPK Granular (20-10-10) लॉन्च किए हैं, जिन्हें FCO के तहत मंजूरी मिल गई है. ये नैनो उर्वरक फसल को पत्तियों और जड़ों दोनों के जरिए संतुलित पोषण देने के लिए तैयार किए गए हैं, जिससे पोषक तत्वों का बेहतर उपयोग और लागत में कमी संभव है.
यूरिया में आत्मनिर्भर बनने का 2025 का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका. गैस और कच्चे माल के आयात पर निर्भरता के चलते भारत में यूरिया संकट बना हुआ है, जबकि आयात रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रहा है.
CropLife India ने आसान भाषा का इस्तेमाल करके कीटनाशकों से जुड़ी आम गलतफहमियों को दूर किया है. यह स्पष्टीकरण मिथकों और तथ्यों के बीच का अंतर बताता है, जिससे किसान सुरक्षित तरीके से अपनी फसलों की सुरक्षा कर पाते हैं. कीटनाशकों के सही इस्तेमाल, सुरक्षा उपायों, पर्यावरण पर उनके असर और भोजन में बचे अवशेषों के बारे में पूरी जानकारी हासिल करें.
ईरान युद्ध के कारण होर्मुज स्ट्रेट में शिपमेंट बाधित होने से वैश्विक उर्वरक आपूर्ति प्रभावित हो रही है. सल्फर, यूरिया और फॉस्फेट जैसे प्रमुख रसायनों की कमी से भारत के कृषि क्षेत्र, उत्पादन लागत और खाद्य सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है.
उत्तर प्रदेश सरकार ने ऑनलाइन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर रैटोल पेस्ट और येलो/व्हाइट फॉस्फोरस युक्त खतरनाक कीटनाशक की बिक्री पर तुरंत रोक लगा दी है. सरकार ने सभी प्लेटफॉर्म्स को इन उत्पादों को हटाने और केवल वैध लाइसेंसधारी विक्रेताओं को ही कीटनाशक बेचने की अनुमति देने के सख्त निर्देश दिए हैं. यह कदम जनस्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए उठाया गया है.
अमरोहा के ललित कुमार सिंह ने पत्रकारिता छोड़कर UP23 Organics and Agro Farm की स्थापना की, जहां 120 बेड पर हर तीन महीने में करीब 120 टन वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन किया जा रहा है. यह पहल जैविक खेती, मिट्टी की सेहत और ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा दे रही है.
हरियाणा में पायलट प्रोजेक्ट के तहत उर्वरक बिक्री को डिजिटल और फसल-आधारित प्रणाली से जोड़ा गया. इससे यूरिया और डीएपी की खपत कम हुई, छोटे किसानों को अधिक लाभ मिला और बड़े खरीदारों की जरूरत से ज्यादा खरीद रोकी गई. केंद्र ने कहा कि अन्य राज्यों में रोलआउट में समय लगेगा.
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बताया कि अप्रैल महीने के लिए देश में 163 लाख मीट्रिक टन उर्वरक स्टॉक उपलब्ध है, जो पिछले साल के मुकाबले 26% ज्यादा है. सरकार उर्वरक सब्सिडी पर अतिरिक्त 19 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है और नए प्लांट्स के जरिए घरेलू यूरिया उत्पादन क्षमता भी बढ़ाई जा रही है.
मध्य पूर्व में अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध के बीच भारत सरकार ने प्राकृतिक गैस की सप्लाई को रेगुलेट करते हुए फर्टिलाइजर प्लांट को ‘प्राथमिकता क्षेत्र-2’ में रखा है. आंकड़ों के मुताबिक भारत का फर्टिलाइजर उद्योग 85% आयातित गैस पर निर्भर है, जिससे वैश्विक सप्लाई में बाधा का असर सीधे खाद उत्पादन पर पड़ सकता है.
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और गैस सप्लाई में आई बाधा का असर अब उर्वरक सेक्टर पर दिखने लगा है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने चीन से यूरिया निर्यात में राहत देने का अनुरोध किया है. अगर गैस संकट लंबा चला तो खरीफ सीजन से पहले खाद सप्लाई को लेकर नई चुनौती खड़ी हो सकती है.
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत ने उर्वरकों की सप्लाई सुरक्षित रखने के लिए पहले से तैयारी शुरू कर दी है. सरकार रॉक फॉस्फेट, सल्फर और अन्य जरूरी कच्चे माल के लिए नए आयात विकल्प तलाश रही है. फिलहाल देश में उर्वरकों की उपलब्धता सामान्य बताई गई है, लेकिन लंबा संघर्ष होने पर रणनीति बदल सकती है.
Sugarcane Crop: जिसका फायदा मध्य व पूर्वी उत्तर प्रदेश के किसानों को मिलेगा, उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद और बलरामपुर चीनी मिल के सहयोग से टिश्यू कल्चर तकनीक पर काम करने वाली चीनी मिलों के कार्मिकों को प्रशिक्षण एवं लैब संचालन के सम्बन्ध में तकनीकी आवश्यक सलाह भी उपलब्ध कराई जाएगी.
Fertilizer Production: खरीफ सीजन से पहले सरकार ने खाद की सप्लाई को लेकर बड़ा कदम उठाया है. नए गैस आपूर्ति नियम लागू कर उर्वरक उद्योग को प्राथमिकता दी गई है. साथ ही देश में खाद का स्टॉक भी तेजी से बढ़ा है. आखिर इससे किसानों को कितना फायदा होगा. पढ़ें पूरी खबर...
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अगर हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही बाधित होती है तो असर केवल तेल बाजार तक सीमित नहीं रहेगा. विशेषज्ञों के मुताबिक इससे यूरिया और अमोनिया जैसी खाद की वैश्विक आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिसका सीधा असर खेती और खाद्य सुरक्षा पर पड़ सकता है.
FACT के अनुसार भारत में फिलहाल खाद का पर्याप्त स्टॉक है, लेकिन अगर खाड़ी देशों में संघर्ष लंबे समय तक चला तो सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है. कंपनी ने खरीफ सीजन के लिए तैयारियां होने और किसानों को खाद उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है.
किसान नकदी फसलों की खेती की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं. इससे किसानों की बंपर कमाई भी हो रही है. इसलिए किसान बड़े स्तर पर इसकी खेती कर रहे हैं. ऐसे में किसानों की सुविधा के लिए ये संस्थान तिल की बेस्ट किस्म का बीज बेच रहा है.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today