भारत ने 2035 तक वैश्विक बीज कारोबार में अपनी हिस्सेदारी 1% से बढ़ाकर 10% करने का लक्ष्य रखा है. FSII ने इसके लिए बीजों पर रिसर्च बढ़ाने, नई तकनीक में निवेश, आसान नियामकीय प्रक्रिया और तेज अप्रूवल की मांग की है. संगठन के मुताबिक बेहतर बीज तकनीक किसानों की उत्पादकता और खेती की आय बढ़ाने में मदद कर सकती है.
सुपौल में किसानों को खरीफ फसलों को कीट और रोगों से बचाने के लिए जागरूक किया गया. 10 से 23 सितंबर 2026 तक जिले के सभी प्रखंडों में किसान बैठकें आयोजित हुईं. इसमें धान और सब्जियों में कीट-रोग की पहचान, संतुलित खाद के इस्तेमाल और एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन की जानकारी दी गई. किसानों से रासायनिक खाद और कीटनाशकों का अंधाधुंध इस्तेमाल नहीं करने की अपील की गई.
कृषि मंत्रालय में CIB&RC सचिव डॉ. सुभाष चंद ने कहा है कि राष्ट्रीय इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम यानी IPMS पूरी तरह लागू होने पर नकली कीटनाशकों की समस्या को खत्म करने में मदद मिल सकती है. उन्होंने उद्योग से ऐसा AI टूल या ऐप विकसित करने की अपील भी की, जो किसानों को कीट पहचानने और सही कीटनाशक, सही समय और सही मात्रा की जानकारी दे सके.
अल नीनो और जलवायु परिवर्तन से फसलों पर कीटों और रोगों का खतरा बढ़ रहा है. क्रॉपलाइफ इंडिया ने किसानों को नई फसल सुरक्षा तकनीकों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए नियामकीय ढांचे में सुधार की मांग की है. संगठन ने नए उत्पादों के लिए पांच वर्ष के रेगुलेटरी डेटा प्रोटेक्शन का प्रस्ताव रखा है.
चित्रकूट के कई किसान रासायनिक खाद और कीटनाशकों का खर्च कम करने के लिए जैविक और प्राकृतिक खेती अपना रहे हैं. गोबर की खाद, जीवामृत और घन जीवामृत से किसान फसल उगा रहे हैं. कुछ किसानों का दावा है कि इससे लागत कम हुई और आमदनी बढ़ी. कृषि विभाग भी किसानों को प्रशिक्षण और अनुदान देकर जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित कर रहा है.
काजरी, जोधपुर की मोठ बीन की चार नई किस्मों ने खरीफ 2026 में 35 दिनों तक बारिश नहीं होने के बावजूद बेहतर प्रदर्शन किया. काजरी मोठ-4, 5, 6 और 7 में सूखा सहने और कम नमी में फलियां बनाने की क्षमता देखी गई. संस्थान अब इन किस्मों के बीज उत्पादन को बढ़ा रहा है.
उत्तर प्रदेश सरकार तिलहन की खेती को बढ़ावा देने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए वाराणसी में मुफ्त तोरिया यानी लाही के बीज मिनीकिट बांटी गई. यह फसल करीब 90 से 95 दिन में तैयार हो जाती है, जिसके बाद किसान उसी खेत में गेहूं या दूसरी रबी फसल की बुवाई कर सकते हैं.
सीएम विष्णु देव साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से मुलाकात कर राजनांदगांव में गेल के प्रस्तावित गैस आधारित फर्टिलाइजर प्लांट पर चर्चा की. सीएम ने कहा कि यह प्रोजेक्ट क्षेत्र में रोजगार, सहायक उद्योगों और आर्थिक गतिविधियों को नई गति देगा.
केंद्र सरकार प्रस्तावित नए सीड बिल को अंतिम रूप देने से पहले देशभर के किसान संगठनों से सुझाव ले रही है. कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मौजूदा 1966 का कानून समय के साथ पुराना हो गया है और करीब 70 फीसदी बीज इसके दायरे से बाहर हैं.
खरीफ 2026 सीजन के दौरान किसानों के लिए राहत की खबर है. सरकार के अनुसार देश में यूरिया, डीएपी, एमओपी, एनपीके और एसएसपी समेत सभी प्रमुख उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है. 28 अगस्त 2026 तक कुल 426.21 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध रही, जबकि किसानों की जरूरत 383.92 लाख मीट्रिक टन आंकी गई है. सरकार ने कहा है कि किसानों को खाद की कमी को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है.
छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन 2026 की बोनी लगभग पूरी हो चुकी है. अब तक 98% लक्ष्य हासिल किया जा चुका है.सरकार ने लक्ष्य से ज्यादा खाद का भंडारण किया है और किसानों को अब तक 12.71 लाख मीट्रिक टन खाद बांटी जा चुकी है.जानें पूरी रिपोर्ट में बोनी, खाद-बीज वितरण, बारिश और कृषि ऋण से जुड़ी पूरी जानकारी.
बलराम कृषि महोत्सव में CM मोहन यादव ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज और कृषि यंत्रों के इस्तेमाल पर जोर दिया. उन्होंने कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने और 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाए जाने की जानकारी दी.
इफको-एमसी क्रॉप साइंस प्राइवेट लिमिटेड ने अपना 12वां स्थापना दिवस मनाया. कंपनी ने पिछले 11 वर्षों में भारतीय कृषि को मजबूत बनाने, गुणवत्तापूर्ण फसल सुरक्षा उत्पाद उपलब्ध कराने और किसान कल्याण को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. इस अवसर पर इफको और मित्सुबिशी कॉर्पोरेशन के वरिष्ठ अधिकारियों ने किसानों के लिए इनोवेशन और टिकाऊ कृषि समाधानों पर जोर दिया.
किसानों को नकली और घटिया बीज से बचाने के लिए केंद्र सरकार नया और सख्त सीड एक्ट लाने की तैयारी कर रही है. कानून को अंतिम रूप देने से पहले कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान 10 सितंबर को किसान संगठनों के साथ बैठक कर उनकी राय और सुझाव लेंगे.
हिमाचल प्रदेश में जंगलों की वनस्पति नष्ट करने के लिए ग्लाइफोसेट के इस्तेमाल पर 44 सामाजिक और पर्यावरण संगठनों ने चिंता जताई है. संगठनों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को पत्र भेजकर ग्लाइफोसेट की बिक्री, भंडारण और छिड़काव पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है.
पाकिस्तान में बढ़ती कृषि लागत ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. DAP की कीमत करीब 17,500 पाकिस्तानी रुपये और यूरिया करीब 4,600 रुपये पहुंचने से खेती करना महंगा हो गया है.
मुरैना के किसानों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कई बड़े ऐलान किए हैं.कैलारस शुगर फैक्ट्री को फिर शुरू कराने, दिन में 10 घंटे बिजली देने के प्रयास, 30 लाख सोलर पंप की योजना और दुग्ध समितियों के जरिए किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया गया.
नई रिसर्च में खुलासा हुआ है कि दुनिया के करीब 46% किसान और खेतिहर मजदूर हर साल अनजाने में कीटनाशक के जहर का शिकार होते हैं. स्टडी के मुताबिक हर साल 4.33 करोड़ गंभीर मामले सामने आते हैं, जबकि करीब 11 हजार लोगों की मौत हो जाती है.
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