इफको और इफको एमसी का जॉइंट वेंचर किसानों के लिए है. इसमें किसानों को फिक्स MRP वाले उत्पाद, आसान दवा, खाद और सुरक्षा बीमा की सुविधा मिलती है. किसानों का भरोसा और उनकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है.
Fetilizer Sale Data: अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच उर्वरक बाजार के आंकड़े चौंकाने वाले हैं. बिक्री बढ़ी है, लेकिन उत्पादन और आयात के पीछे की कहानी कुछ और इशारा कर रही है. पढ़िए FAI ने इसे लेकर क्या कहा...
बिहार में उर्वरक के साथ जबरन बंडलिंग पर सरकार ने सख्ती दिखाई है. किसानों की शिकायतों के बाद कृषि विभाग ने बड़ा आदेश जारी किया है. उर्वरक कंपनियों और विक्रेताओं पर कार्रवाई के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं.
रबी सीजन के बीच यूपी में उर्वरक सप्लाई को लेकर सरकार सख्त हो गई है. कृषि मंत्री की समीक्षा बैठक में साफ कहा गया कि किसी भी स्तर पर कमी बर्दाश्त नहीं होगी. लापरवाही बरतने वाली कंपनियों पर एफआईआर के निर्देश दिए गए हैं.
उर्वरक सब्सिडी का बोझ घटाने के लिए केंद्र सरकार डिजिटल रास्ता तलाश रही है. किसान आईडी और एग्री स्टैक के जरिए यूरिया बिक्री को ट्रैक करने की तैयारी है. क्या इससे बेवजह खपत रुकेगी और किसानों पर नई शर्तें लगेंगी? पढ़ेें पूरी खबर...
किसान महंगे रासायनिक और जैविक खाद खरीदने की जगह अपने खेत में हरी खाद लगा सकते हैं. इससे किसानों की बंपर उपज होती है. इसलिए किसान बड़े स्तर पर इसकी खेती कर रहे हैं.
भारत में एग्रो केमिकल का घरेलू बाजार करीब 26 हजार करोड़ रुपये का है, जिसका 1 फीसदी से कम ही कारोबार ई-कॉमर्स प्लेटफार्म पर हो रहा है. इसके बावजूद रेगुलेशन न होने की वजह से ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले कीटनाशकों के नकली होने की संभावना ज्यादा है. जिसकी वजह से किसानों को नुकसान होता है और इंडस्ट्री बदनाम होती है.
Wheat Crop Production: डॉ यादव ने किसानों को सलाह दी है कि गेहूं फसल में यूरिया और जिंक सल्फेट का उचित मात्रा व उचित समय पर प्रयोग अवश्य करें. साथ ही चौड़ी और सकरी पत्ती वाले खरपतवारों के लिए मेटासल्फ्यूरान और सल्फोसल्फ्यरान की 16 ग्राम के एक पैकेट को 200 लीटर पानी में घोलकर उचित नमी पर छिड़काव करें. जिससे किसानों को गेहूं उत्पादन से भरपूर लाभ प्राप्त हो सके.
मल से खाद बनाने का प्लांट चिरकुंडा में बनकर तैयार है, जहां उर्वरक का उत्पादन भी शुरू हो चुका है, जो बहुत जल्द ही बाजारों में उपलब्ध होगा. जैसा कि नाम है मल से उर्वरक खाद बनाना मतलब साफ है शौचालयों से निकलने वाले अपशिष्ट से ही खाद का निर्माण होता है. यह पूरी तरह से ऑर्गेनिक है.
मौजूदा समय में किसान धान-गेहूं के अलावा सब्जी की खेती बड़े पैमाने पर करने लगे हैं. इससे किसानों की बंपर कमाई भी हो रही है. इसलिए किसान बड़े स्तर पर इसकी खेती कर रहे हैं. किसानों की सुविधा के लिए राष्ट्रीय बीज निगम ऑनलाइन अजवाइन की ये खास किस्म का बीज बेच रहा है.
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने Seed Act 2026 की विशेषताओं को बताया. नए कानून के तहत हर बीज पर QR कोड, बीज ट्रेसिबिलिटी, कंपनियों का अनिवार्य पंजीकरण और नकली बीज बेचने पर 30 लाख रुपये तक जुर्माना और 3 साल की जेल का प्रावधान किया गया है. इसका उद्देश्य किसानों को क्वालिटी वाले और सुरक्षित बीज उपलब्ध कराना है.
मौजूदा समय में किसान धान-गेहूं के अलावा सब्जी की खेती बड़े पैमाने पर करने लगे हैं. इससे किसानों की बंपर कमाई भी हो रही है. इसलिए किसान बड़े स्तर पर इसकी खेती कर रहे हैं. किसानों की सुविधा के लिए राष्ट्रीय बीज निगम ऑनलाइन खरबूजे की ये खास किस्म का बीज बेच रहा है.
केंद्र सरकार ने ड्राफ्ट पेस्टिसाइड मैनेजमेंट बिल 2025 जारी किया है, जो इनसेक्टिसाइड्स एक्ट 1968 की जगह लेगा. नया कानून नकली कीटनाशकों पर रोक, डिजिटल ट्रैकिंग, किसानों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करेगा.
नया बीज बिल बीज कंपनियों को भारत में बड़ी छूट देता है. बिना गुणवत्ता जांच विदेशी बीजों की एंट्री से देसी बीज, छोटे किसान और पारंपरिक खेती खतरे में पड़ सकती है. इससे खेती की लागत बढ़ने, कॉरपोरेट कंट्रोल देश की खाद्य सुरक्षा पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है.
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