धान की फसल में अंधाधुंध यूरिया डालने से किसानों की लागत बढ़ रही है और जमीन की सेहत खराब हो रही है. इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए वैज्ञानिक '4R' तकनीक अपनाने की सलाह दे रहे हैं. यह फॉर्मूला फसलों को यूरिया की सही खुराक, सही समय और सही तरीके से देने पर जोर देता है. इससे यूरिया की भारी बचत होती है और खेती का खर्च घटता है. कम खाद में भी धान की बंपर पैदावार हासिल की जा सकती है.
सूरजमुखी की खेती किसानों के लिए एक लाभदायक नकदी फसल का विकल्प बनती जा रही है. ऐसे में अगर आप इस खरीफ सीजन सूरजमुखी की खेती करने की योजना बना रहे हैं तो ये खास वैरायटी अपना सकते हैं.
खरीफ सीजन के बीच किसानों के लिए उर्वरकों की बढ़ती कीमतें नई चिंता बन गई हैं. सॉल्यूबल फर्टिलाइजर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SFAI) के अनुसार, अगर इस बार कई इलाकों में सामान्य से कम बारिश होती है तो पानी में घुलनशील उर्वरकों की मांग बढ़ सकती है.
महाराष्ट्र के अमरावती संभाग में सोयाबीन बीजों के अंकुरित नहीं होने की शिकायतों को प्रमुखता से उठाने के बाद 'किसान तक' की खबर का बड़ा असर देखने को मिला है. कृषि विभाग ने कार्रवाई करते हुए करीब 3.81 करोड़ रुपये के संदिग्ध सोयाबीन बीजों की बिक्री पर रोक लगा दी है.
उत्तर प्रदेश सरकार ने गन्ना किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया है. अब प्रदेश की सभी चीनी मिलें किसानों को केवल क्वालिटी जांच और प्रमाणित खाद, जैव उर्वरक और कीटनाशक ही उपलब्ध करा सकेंगी.
महाराष्ट्र के अकोला में सोयाबीन बीजों की खराब अंकुरण क्षमता को लेकर किसानों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया. पूर्व विधायक अमोल मिटकरी किसानों के साथ जिला कृषि अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और कथित तौर पर दफ्तर के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर धरने पर बैठ गए.
बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य में खाद की कोई कमी नहीं है और सभी जिलों में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है. किसानों से उर्वरक खरीदते समय रसीद लेने और अधिक कीमत, कालाबाजारी या अनियमितता मिलने पर हेल्पलाइन 0612-2233555 या व्हाट्सएप 7766085888 पर शिकायत करने की अपील की गई है.
मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी के दौरान सामने आई कमी के मामले पर सरकार ने सफाई दी है.खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि तुलाई, परिवहन और भंडारण के दौरान कुछ कमी आना सामान्य प्रक्रिया है. सभी जिलों में जांच के निर्देश दिए गए हैं और जहां वास्तविक कमी मिलेगी, वहां संबंधित समितियों व परिवहनकर्ताओं से वसूली की जाएगी.
Paraquat Dichloride Ban: जिस पैराक्वाट डाइक्लोराइड नामक हर्बिसाइड को दुनिया के 74 देश बैन कर चुके हैं, वह हमारे यहां कुछ कृषि वैज्ञानिकों और नौकरशाहों की सेटिंग के कारण धडल्ले से इस्तेमाल हो रहा है. साल 2020 में केंद्र ने 27 कीटनाशकों पर बैन लगाने का ड्राफ्ट निकाला था, लेकिन जब 2023 में फाइनल कॉपी आई तो खेल हो चुका था. उसमें से 24 कीटनाशक बैन से बाहर कर दिए गए थे. देखना यह है कि क्या इस बार पैराक्वाट बैन हो जाएगा या फिर एग्रो केमिकल कंपनियां कृषि मंत्रालय पर भारी पड़ जाएंगी?
छत्तीसगढ़ सरकार ने रायगढ़ जिले के 33,017 किसानों को 113.47 करोड़ रुपये की अग्रिम सहायता, खाद और बीज उपलब्ध कराए हैं.समय पर मिली इस मदद से खरीफ फसलों की बुवाई तेज हुई है और किसानों में बेहतर उत्पादन की उम्मीद बढ़ी है.
करोड़ों का मुनाफा कूटने वाले पेस्टिसाइड सिंडिकेट की तिजोरियों पर जैसे ही फिल्म 'The India Story: Slow Poison in Progress' ने प्रहार किया, इस लॉबी के पेट में भयंकर दर्द शुरू हो गया और इन्होंने तुरंत सेंसर बोर्ड में फिल्म पर रोक लगाने की गुहार लगा दी. किसानों के हित का ढोंग रचने वाली यह इंडस्ट्री केमिकल के जानलेवा खतरों पर जागरुकता के नाम पर अंगूठा दिखा देती है, लेकिन जैसे ही कोई इनके 'जहर' के धंधे का भांडा फोड़ने की कोशिश करता है, तो इन्हें आग लग जाती है.
इस बरसात अगर आप मूली की खेती करने की सोच रहे हैं, तो इस बेहतरीन किस्म की खेती कर सकते हैं. यह किस्म गर्मी और बारिश दोनों मौसम में अच्छी पैदावार देती है. वहीं, इस किस्म के बीज को आप NSC के ONDC ऑनलाइन स्टोर से घर बैठे मंगवा सकते हैं.
मध्य प्रदेश में सरकारी उपार्जन केंद्रों से खरीदा गया करीब 86 हजार क्विंटल गेहूं गोदामों तक नहीं पहुंचा। करीब 23 करोड़ रुपये मूल्य के इस मामले में सरकार ने सभी जिलों में जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
विदिशा के किसान शिशुपाल सिंह ने एनएमईओ-ऑयलसीड्स योजना के तहत RH-761 उन्नत सरसों बीज से एक हेक्टेयर में 22.5 क्विंटल उत्पादन लेकर 1 लाख रुपये से अधिक का शुद्ध लाभ कमाया. जानिए उनकी सफलता की पूरी कहानी.
उर्वरक सब्सिडी व्यवस्था को लेकर स्पेशलिटी फर्टिलाइजर उद्योग ने सरकार से सुधार की मांग की है. किसानों को जबरन दूसरी खाद बेचने की शिकायत, टैगिंग पर सख्त कार्रवाई और डायरेक्ट सब्सिडी की मांग प्रमुख मुद्दे रहे.
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में प्रगतिशील किसान हिमांशु बंजारे ने ढैंचा की हरी खाद अपनाकर प्राकृतिक खेती का सफल उदाहरण पेश किया है.ढैंचा मिट्टी में प्राकृतिक नाइट्रोजन बढ़ाकर उर्वरता सुधारता है, रासायनिक खाद की जरूरत कम करता है और खेती की लागत घटाने में मदद करता है.
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद भारत के लिए खाद और उसके कच्चे माल से भरे 15 जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर चुके हैं. सरकार का कहना है कि देश में खाद का पर्याप्त भंडार मौजूद है, लेकिन वर्ल्ड बैंक ने चेतावनी दी है कि 2026 में यूरिया, DAP और MOP की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है. जानिए भारत में खाद की उपलब्धता, कीमतों और भविष्य की चुनौतियों की पूरी तस्वीर.
Farmers-Breeders प्लांट और बीज की नई किस्मों के विकास को बढ़ावा देने और नई किस्मों को बेहतर बनाने और उपलब्ध कराने में किसानों और ब्रीडर्स के योगदान को मान्यता देने के लिए प्रोटेक्शन ऑफ प्लांट-वैरायटी एंड फार्मर्स राइट्स एक्ट 2001 बनाया गया है. यही वो एक्ट है जो किसान और ब्रीडर्स को पैसा और नाम दोनों कमाने का मौका दिलाता है.
मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के भेरूंदा में मूंग खरीदी को लेकर किसानों का बड़ा प्रदर्शन हुआ.2 हजार से अधिक ट्रैक्टरों और 10 हजार किसानों ने 100% मूंग खरीदी की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. किसानों ने ई-टोकन व्यवस्था खत्म करने की मांग की और 9 जुलाई को भोपाल-नागपुर हाईवे जाम व विधानसभा घेराव की चेतावनी दी.
Atrazine herbicide: किसी भी केमिकल को बंद करने की बात करिए तो हमारे एग्रो केमिकल कंपनियां और हमारे कृषि वैज्ञानिक खाद्य सुरक्षा का मुद्दा आगे कर देते हैं. ऐसे लोगों से पूछा जाना चाहिए कि आखिर बड़ा क्या है? गोदामों में सड़ता हुआ वह सरकारी अनाज या इस देश के नागरिकों की सेहत? क्या चंद एग्रो-केमिकल कंपनियों का टर्नओवर लोगों की जिंदगी से भी ज्यादा कीमती हो चुका है?
भारत के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है. सरकार ने बताया कि 15 खाद जहाज सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर भारत की ओर आ रहे हैं. इनमें यूरिया, डीएपी और सल्फर शामिल हैं. सरकार का दावा है कि देश में खाद की पर्याप्त आपूर्ति है और किसानों को कोई कमी नहीं होगी.
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