Bayer CropScience Limited ने FY 2025-26 और चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं. कंपनी की आय और मुनाफे में अच्छी बढ़त दर्ज हुई है और 60 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान किया गया है.
राजस्थान के जोधपुर में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 50 करोड़ रुपये की नकली और घटिया मूंगफली को बीज के नाम पर बेचने के गोरखधंधे का खुलासा किया. गोदामों पर छापेमारी कर अवैध भंडारण रोका गया और संबंधित फर्मों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.
पैराक्वाट डायक्लोराइड पर आंध्र प्रदेश के अस्थायी बैन के बाद विवाद तेज हो गया है. किसान संगठन इसे स्वास्थ्य के लिए खतरनाक बता रहे हैं, जबकि कंपनियां कह रही हैं कि इस पर रोक से किसानों की लागत बढ़ जाएगी और खेती प्रभावित होगी.
खाड़ी देशों में जारी तनाव और समुद्री रास्तों में रुकावट की वजह से इस साल खरीफ सीजन में खाद की भारी किल्लत का खतरा मंडरा रहा है. खेती में सही समय पर खाद डालना सबसे जरूरी होता है, और जून-जुलाई में धान की रोपाई के वक्त इसकी सबसे ज्यादा जरूरत पड़ती है. अगर शुरुआती हफ्तों में खाद न मिली, तो बाद में सप्लाई का कोई फायदा नहीं होगा. मुसीबत यह है कि एक तरफ 'अल नीनो' की वजह से सूखे या खराब मौसम का डर है, तो दूसरी तरफ खाड़ी संकट के कारण खाद की सप्लाई सालों तक प्रभावित रह सकती है. ऐसे में किसानों के पास कम खाद डालने या दूसरी फसल चुनने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा, जिससे पैदावार घटेगी और आने वाले दिनों में आम आदमी की थाली महंगी होना तय है.
मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश ने गैर-सब्सिडी खादों की बिक्री पर रोक लगा दी है, जिससे खेती और उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है. उद्योग ने इस फैसले पर चिंता जताई है.
पश्चिम एशिया संकट और बढ़ती वैश्विक कीमतों के चलते भारत में खाद सब्सिडी का बोझ तेजी से बढ़ सकता है, जो वित्त वर्ष 2027 में 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंचने का अनुमान है.
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में तेल और खाद की कोई कमी नहीं है. भारत के पास 78 दिनों से अधिक का ऊर्जा भंडार है और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक स्रोतों से सप्लाई सुनिश्चित की गई है.
आईआईवीआर वाराणसी द्वारा विकसित मटर की उन्नत किस्म ‘काशी नंदिनी’ अब नैफको के जरिए किसानों तक बड़े स्तर पर पहुंचेगी. यह हाई यील्ड किस्म कम समय में अधिक उत्पादन देने के साथ किसानों की आय बढ़ाने में मददगार साबित होगी.
किसान पारंपरिक फसलों को छोड़कर तिलहनी फसलों की खेती कर रहे हैं. कमाई के लिहाज से भी किसान बड़े स्तर पर इसकी खेती करते हैं. ऐसे में राष्ट्रीय बीज निगम ऑनलाइन सोयाबीन की किस्म के बीज बेच रहा है.
फर्टिलाइजर एसोसिएशन ऑफ इंडिया का कहना है कि सरकार का यह निर्देश किसानों को जबरन सब्सिडी वाले उर्वरकों के साथ दूसरे उत्पाद खरीदने से रोकने के लिए लाया गया है, लेकिन इसका असर कुछ जरूरी गैर-सब्सिडी वाले उर्वरकों पर भी पड़ सकता है.
आंध्र प्रदेश सरकार ने जहरीले खरपतवारनाशी पैराक्वाट डाइक्लोराइड 24% एसएल पर बड़ा एक्शन लिया है. बढ़ते स्वास्थ्य खतरे और मौतों के मामलों के बीच राज्य में इसकी खरीद, बिक्री और इस्तेमाल पर 60 दिनों की रोक लगा दी गई है.
गुजरात के आणंद जिले में किसानों के साथ बड़ा धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. अच्छी फसल और ज्यादा पैदावार का लालच देकर किसानों को नकली खाद बेची जा रही थी. ये धोखाधड़ी का खेल आणंद जिले के वडोद-नापाड रोड पर चल रहा था.
Paddy Farming Tips: धान की फसल में बिना जांच खाद डालना नुकसानदायक साबित हो सकता है. विशेषज्ञों के मुताबिक मिट्टी परीक्षण, जैविक खाद और यूरिया की सही मात्रा अपनाकर किसान खर्च घटाने के साथ दानों की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों बढ़ा सकते हैं.
खरीफ सीजन की शुरुआत होते ही किसानों को झटका लगा है. दरअसल, कॉम्प्लेक्स उर्वरक (NPK) के कई वेरिएंट महंगे हो गए हैं. कंपनियों ने इनकी कीमतें बढ़ाकर लगभग 2250 रुपये से 2450 रुपये प्रति 50 किलो बैग कर दी है.
MYMV रोग प्रतिरोधी मूंग किस्म ‘विराट’ (IPM-205-7) 55-60 दिनों में तैयार होकर औसतन 12-15 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन दे रही है, जबकि कुछ किसानों को 18 क्विंटल तक उपज मिली है.
वाराणसी स्थित भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (IIVR) ने उन्नत करेला लाइन ‘वीआरबीटीजी-4’ के तकनीकी हस्तांतरण के लिए Comienzo Agriscience के साथ समझौता किया है. यह रोग सहनशील और उच्च उत्पादकता वाली किस्म है.संस्थान के अनुसार इससे किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज, बेहतर उत्पादन और अधिक आय का लाभ मिलेगा.
महाराष्ट्र के अकोला जिले में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली खाद के अवैध कारोबार का भंडाफोड़ किया है. विभाग की टीम ने MIDC फेज-4 इलाके में एक गोदाम पर छापा मारकर करीब 92 लाख रुपये कीमत के 27 तरह के जैव उत्तेजक (बायो-स्टिमुलेंट) जब्त किए हैं.
Kharif season 2026: कृषि मंत्री शाही ने बताया कि खरीफ सीजन की प्रमुख फसलों के लिए निर्धारित लक्ष्यों के तहत धान के लिए 80,000 क्विंटल का लक्ष्य तय किया गया है, जिसमें से 64,228 क्विंटल उपलब्ध हो गया है और सर्वाधिक 2,634 क्विंटल इसी फसल के बीजों का वितरण हुआ है. इसके अतिरिक्त, तिलहन और दलहन फसलों पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है.
जैव उर्वरकों के बढ़ते इस्तेमाल से भारत रासायनिक खाद आयात पर निर्भरता घटा सकता है. एफएआई के महानिदेशक सुरेश कुमार चौधरी ने कहा कि संतुलित पोषण मॉडल ही मिट्टी की सेहत और टिकाऊ खेती का रास्ता है.
UP News: प्रदेश की गोशालाएं अब केवल पशु संरक्षण केंद्र नहीं रहेंगी, बल्कि जैविक कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के नए विकास मॉडल का आधार बनेंगी. गो आधारित अर्थव्यवस्था को वैज्ञानिक तकनीक और आधुनिक कृषि प्रणाली से जोड़कर उत्तर प्रदेश देश के सामने एक नई दिशा प्रस्तुत करने जा रहा है.
पिछले 10 सालों में देश में फसलों की रिकॉर्ड-तोड़ पैदावार तो हुई है, लेकिन इस बंपर सफलता के पीछे केमिकल फर्टिलाइजर का अंधाधुंध इस्तेमाल छिपा है. एक तरफ जहां हम इन महंगे केमिकल्स और खादों के लिए पूरी तरह विदेशों पर निर्भर होते गए, वहीं दूसरी तरफ हमारे अपने खेतों की मिट्टी अपना असली उपजाऊपन खोती रही. सरकार और कागजों पर 'प्राकृतिक खेती' को बढ़ावा देने के बड़े-बड़े दावे सिर्फ भाषणों तक ही सीमित रह गए. इस पूरे चक्र का सबसे कड़वा सच यह है कि रिकॉर्ड उत्पादन के नाम पर आज हम अपनी आने वाली पीढ़ी और जनता को शुद्ध खाने की जगह सिर्फ केमिकल से भरा भोजन परोस रहे हैं.
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