भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (IIVR), वाराणसी ने किसानों और एफपीओ प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर निर्यातोन्मुख सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने की रणनीति पर चर्चा की. विशेषज्ञों ने मिर्च और अन्य सब्जियों के गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, सुरक्षित खेती और निर्यात मानकों की जानकारी दी.
अमेरिका-ईरान के बीच तनाव कम होने और होर्मुज स्ट्रेट खुलने से भारत को बड़ी राहत मिली है. खाद से लदे 16 जहाज, जो स्ट्रेट में फंसे हुए थे, अब भारत पहुंच सकेंगे. इससे खरीफ सीजन में यूरिया और डीएपी की कमी दूर होगी और किसानों को समय पर उर्वरक मिल पाएगा.
Dimethoate: डाइमेथोएट नाम का कीटनाशक बाजार में धड़ल्ले से बिक रहा है. किसानों के बीच लोकप्रिय है, क्योंकि नए सुरक्षित केमिकल की तुलना में यह बेहद सस्ता है. किसानों में इसकी दीवानगी की सबसे बड़ी वजह इसकी 'टू-इन-वन' मारक क्षमता है, जो पौधे के भीतर समाकर रस चूसने वाले कीड़ों के साथ-साथ सीधे संपर्क में आने वाले कीटों को भी एक ही झटके में साफ कर देती है. लेकिन क्या आपको पता है कि यह जहर डीएनए को भी नुकसान पहुंचा देता है.
राजस्थान के बारां जिले के छबड़ा कस्बे में खाद संकट और किसानों के विरोध के बाद प्रशासन ने नई व्यवस्था लागू की है. शुक्रवार से खेल मैदान में खाद के टोकन बांटे जा रहे हैं. आज के लिए कुल 2800 बैग खाद उपलब्ध कराई गई है.
खरीफ सीजन के बीच जालना सांसद कल्याण काले ने केंद्र सरकार से ‘फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल’ ऐप को अस्थायी रूप से रोकने की मांग की है. उनका कहना है कि तकनीकी दिक्कतों, किसानों की सीमित डिजिटल जानकारी और पर्याप्त प्रशिक्षण की कमी से उर्वरक बुकिंग और वितरण प्रभावित हो सकता है.
हैदराबाद स्थित भारतीय तिलहन अनुसंधान संस्थान (IIOR) ने एक नई सीड कोटिंग तकनीक विकसित की है. इस तकनीक से बीजों की क्वालिटी, अंकुरण क्षमता और पौधों की शुरुआती बढ़त को बेहतर किया जा सकता है.
बालोद जिले में खरीफ 2026-27 के लिए हल्दी और अदरक की खेती को बढ़ावा देने हेतु उद्यानिकी विभाग किसानों को 49,800 रुपये तक का अनुदान देगा. योजना का लाभ ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर मिलेगा.
Monocrotophos: विशेषज्ञ कमेटियों का गठन असल में किसी गंभीर मुद्दे को ठंडे बस्ते में डालने और खास लॉबी को 'राहत' देने का एक आजमाया हुआ प्रशासनिक नुस्खा सा लगता है. जब-जब इस जानलेवा जहर पर पूरी तरह बैन करने की बात उठी, तब-तब यह जानते हुए भी कि WHO ने इसे इंसानी सेहत के लिए 'अत्यंत घातक' घोषित किया हुआ है, 'समीक्षा' के नाम पर नया ड्राफ्ट लाकर कंपनियों को इससे कमाई करने के चोर-दरवाजे दे दिए गए.
ICAR द्वारा विकसित नई उन्नत प्याज किस्में किसानों के लिए बेहतर उत्पादन और अधिक मुनाफे का अवसर लेकर आई हैं. इन किस्मों में 324 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उपज, 6 महीने तक भंडारण क्षमता तथा प्रमुख रोगों और कीटों के प्रति बेहतर सहनशीलता जैसी विशेषताएं हैं, जिससे विभिन्न जलवायु क्षेत्रों के किसानों को लाभ मिलेगा.
Fertilizer Booking by APP: कृषि निदेशक ने बताया कि इस नई डिजिटल व्यवस्था को सुचारू रूप से धरातल पर उतारने के लिए सरकार रिटेल काउंटर्स को भी तेजी से अपडेट कर रही है. दोनों जनपदों में सक्रिय कुल 3,758 उर्वरक खुदरा विक्रेताओं में से 296 रिटेलर्स के पीओएस (POS) उपकरणों को पहले ही दिन नवीनतम 3.77वी संस्करण में सफलतापूर्वक अपग्रेड कर दिया गया है.
वाराणसी में आईसीएआर-भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान में आयोजित बैठक में कृषि विशेषज्ञों, एफपीओ प्रतिनिधियों और किसानों ने खेत बचाओ अभियान, संतुलित उर्वरक उपयोग और प्राकृतिक खेती पर चर्चा की. गोपाल भाई सुतारिया ने कहा कि गाय आधारित प्राकृतिक खेती अपनाकर ही कृषि का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है.
केंद्र सरकार ने खरीफ 2026 सीजन के लिए देश में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता का भरोसा जताया है. मौजूदा स्टॉक 51% तक पहुंच चुका है, जबकि जैविक खाद की मांग में भी तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है.
खरीफ सीजन में उर्वरक कालाबाजारी पर बेमेतरा प्रशासन की बड़ी कार्रवाई. देवकर तहसील के ग्राम गाड़ाडीह में अवैध रूप से भंडारित 585 बोरी उर्वरक जब्त कर गोदाम सील किया गया. जब्त खाद के नमूने जांच के लिए लैब भेजे गए हैं.प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी
Acephate Insecticide: मधुमक्खियां केवल शहद की बूंदें नहीं, बल्कि हमारी फसलों की जीवन रेखा भी हैं. खेतों में गुनगुनाती ये नन्ही कड़ियां चुपचाप परागण का वो महायज्ञ करती हैं, जिससे पौधों को जीवन और इंसानों को भोजन मिलता है. यदि ये अनमोल मित्र न रहें, तो कृषि का ताना-बाना बिखर जाएगा और दुनिया भूख के संकट में आ जाएगी. इसलिए खेतों में ‘ऐसफेट’ जैसे जहर छिड़कना, सीधे अपनी थाली पर कुल्हाड़ी मारने जैसा है.
Uttar Pradesh News: डॉ. पंकज त्रिपाठी ने आगे बताया कि इस व्यवस्था के अंतर्गत आवेदन के लिए 3 श्रेणियां निर्धारित की गई हैं. प्रथम स्तर में आईडी धारक किसान शामिल हैं, जो अपनी किसान आईडी और आधार सत्यापन के माध्यम से आवेदन करेंगे. द्वितीय स्तर में आईडी विहीन किसान अपनी भूमि का विवरण दर्ज करके आवेदन कर सकते हैं.
अमरावती ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक निकेतन कदम को जिले में प्रतिबंधित और गैर-प्रमाणित एचटीबीटी कपास बीजों की बिक्री की सूचना मिली थी. सूचना के आधार पर उन्होंने सभी पुलिस थानों को ऐसे अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे.
इस समय अंतरराष्ट्रीय हालात और खाड़ी देशों से खाद आपूर्ति प्रभावित होने की आशंकाओं के बीच पंजाब में भी यूरिया की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ गई है. किसानों का आरोप है कि सहकारी समितियों में आधार कार्ड या पासबुक के आधार पर सीमित मात्रा में ही यूरिया दिया जा रहा है.
देशी और पारंपरिक बीजों के संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने बड़ा कदम उठाया है. नए मानकों के तहत सामुदायिक बीज बैंकों के प्रबंधन को बेहतर बनाया जाएगा, जिससे किसानों को स्थानीय और गुणवत्तापूर्ण बीज आसानी से मिल सकेंगे.
बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राज्य के किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा है कि किसान खेती पर ध्यान दें. राज्य में उर्वरकों की किसी भी तरह की कमी नहीं है. हाल के समय में खाद का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार संतुलित मात्रा में उर्वरक उपलब्ध किए जाएंगे.
2,4-D Herbicide: अमेरिकी लैब में जन्मा 2,4-D केमिकल किसी किसान की मदद के लिए नहीं, बल्कि इंसानों को भूखा मारने के लिए बना था. अमेरिका और ब्रिटेन ने मिलकर फसलों को पल भर में राख करने के लिए इसे एक खौफनाक 'जैविक हथियार' के तौर पर तैयार किया था. जिसका वियतनाम युद्ध में इस्तेमाल किया गया. एग्रोकेमिकल कंपनियों ने इसी 'जहर' को हमारी थाली तक पहुंचा दिया. आखिर इसकी कीमत कौन चुकाएगा?
पंजाब में कृषि विभाग ने बठिंडा में कार्रवाई करते हुए 140 क्विंटल अवैध उर्वरक जब्त किया है. मामले में एक कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. जांच में लाइसेंस और उर्वरक मानकों से जुड़े उल्लंघन सामने आने का दावा किया गया है.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today