मेरठ के मोदीपुरम में 23 अप्रैल को बासमती बीज मेला लगेगा, जहां किसानों को उन्नत और DNA प्रमाणित किस्में तय दर पर मिलेंगी. मेले में कई राज्यों से किसानों के पहुंचने की संभावना है और बीज पहले आओ-पहले पाओ आधार पर वितरित होंगे.
मुंबई के न्हावा शेवा पोर्ट पर DRI ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 132 कंटेनरों में छिपाकर लाई गई करीब 139 करोड़ रुपये की खेप जब्त की. जांच में तरबूज के बीज और हरी मटर को अरहर दाल बताकर आयात करने का मामला सामने आया. इस मामले में आयातक फर्म का संचालक गिरफ्तार हुआ है.
किसान अब तेजी से नकदी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं. इसके लिए कृषि मंत्रालय भी किसानों को प्रोत्साहित कर रही है. ऐसे में किसानों की सुविधा के लिए राष्ट्रीय बीज निगम ऑनलाइन खीरे की बेस्ट क्वालिटी का बीज बेच रहा है.
किसान नकदी फसलों की खेती बड़े पैमाने पर करने लगे हैं. कमाई के लिहाज से किसान बड़े स्तर पर इसकी खेती करते हैं. ऐसे में किसानों की सुविधा के लिए राष्ट्रीय बीज निगम ऑनलाइन हरी मिर्च के हाइब्रिड किस्म अर्का मेघना के बीज बेच रहा है.
एमपी के धार-खरगोन में करेले के अमानक बीज से फसल खराब होने पर बड़ा एक्शन हुआ है. कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश के बाद कंपनी पर एफआईआर दर्ज कर जांच तेज कर दी गई है और किसानों को मुआवजे का आश्वासन दिया गया है.
बिना छिलका वाले जौ DBWR-244 की बाजार में काफी अच्छी मांग है. किसानों की आय बढ़ाने में भी मददगार साबित होगी. बाजार में हेल्दी फूड की बढ़ती मांग के बीच छिलका रहित जौ किसानों की आमदनी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता हैं.
होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव ने वैश्विक खाद सप्लाई को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है. खाड़ी देशों से आने वाली नाइट्रोजन और फॉस्फेट खादों की आपूर्ति बाधित होने से खेती, फसल उत्पादन और खाद्य सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है. इस संकट के चलते दुनिया भर में खादों के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे महंगाई और भुखमरी का जोखिम भी बढ़ सकता है.
UP Agriculture News: कृषि मंत्री शाही ने आगे बताया कि कृषि में उत्पादकता बढ़ाने के लिए संकर बीजों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए 1,500 लाख रुपये (15 करोड़ रुपये) की सब्सिडी राशि स्वीकृत की गई है. बीजों के सुरक्षित भंडारण के लिए बोरियों की लागत और संबंधित व्यय के लिए 400 लाख रुपये (4 करोड़ रुपये) का प्रावधान किया गया है.
कुफरी उदय आलू की किस्म किसानों के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरी है. 70 दिन में अधिक उत्पादन, बेहतर पोषण और बाजार में उच्च मांग के चलते यह किस्म आने वाले समय में आलू उत्पादन के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकती है.
भिवाड़ी में यूरिया की कालाबाजारी के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कंपनी से 830 बैग संदिग्ध यूरिया जब्त किया. मुंडावर क्षेत्र के खाद विक्रेताओं में भी अनियमितताएं मिलीं. नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं और दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी है.
खाद की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया के तनाव का असर अब कॉफी उत्पादन पर दिखने लगा है. अंतरराष्ट्रीय कॉफी संगठन (ICO) के अनुसार आने वाले समय में उत्पादन घट सकता है और कीमतें बढ़ सकती हैं. हालांकि इस स्थिति में भारत को निर्यात बढ़ने का फायदा मिला है, जिससे वैश्विक बाजार में उसकी स्थिति मजबूत हुई है.
उत्तर प्रदेश, बिहार और उड़ीसा के धान उत्पादक किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है. बीएचयू के द्वारा विकसित मालवीय मनीला सिंचित धान 1 को उद्योग लाइसेंस मिल चुका है. इससे किसानों को बीज जल्द उपलब्ध होने की उम्मीद भी जताई जा रही है.
अंबाला में सब्सिडी घोटाले का बड़ा खुलासा हुआ है, जहां बागवानी विभाग के 5 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है. आरोप है कि उन्होंने किसानों के लिए मिलने वाली सरकारी सब्सिडी में गड़बड़ी कर लाखों रुपये का घोटाला किया. पुलिस मामले की जांच कर रही है और अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है.
कृषि निदेशक ने बताया कि बिहार में 2.84 लाख टन यूरिया उपलब्ध है. खादों की सही बिक्री, वैकल्पिक उर्वरक के उपयोग और कालाबाजारी रोकने के निर्देश दिए गए.
किसान मौजूदा समय में पारंपरिक फसलों को छोड़ नकदी फसलों की खेती बड़े पैमाने पर करने लगे हैं. वहीं, मौजूदा समय में पूरे साल करेले की मांग बाजारों में बनी रहती है. इसलिए किसान बड़े स्तर पर इसकी खेती कर सकते हैं. ऐसे में किसानों की सुविधा के लिए राष्ट्रीय बीज निगम ऑनलाइन करेले का बीज बेच रहा है.
पश्चिम एशिया के युद्ध हालातों ने भारत में खाद संकट का डर पैदा कर दिया है, क्योंकि हम अपनी जरूरत का 40 फीसदी हिस्सा वहीं से आयात करते हैं. फायदा उठाकर जमाखोरी और कालाबाजारी शुरू हो गई है .लेकिन असली समस्या सिर्फ सप्लाई नहीं, बल्कि यूरिया का अंधाधुंध इस्तेमाल है.
नई दिल्ली में इफको ने नैनो उर्वरक जागरूकता महा अभियान की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य किसानों में नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देना है. इस पहल को दिलीप संघाणी ने कृषि में बदलाव की दिशा में अहम बताया.
यूरिया के बढ़ते डायवर्जन को रोकने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. फर्टिलाइजर व्यवस्था पर सरकार ने कहा कि कच्चे माल की अंतरराष्ट्रीय कीमतें बढ़ने के बावजूद ये फैसला किया गया है कि यूरिया की बोरी 266 रुपये और डीएपी की बोरी 1350 रुपये में ही किसानों को मिलेगी.
किसान नकदी फसलों की खेती की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं. इससे किसानों की बंपर कमाई भी हो रही है. इसलिए किसान बड़े स्तर पर इसकी खेती कर रहे हैं. ऐसे में किसानों की सुविधा के लिए राष्ट्रीय बीज निगम ऑनलाइन तोरई की काशी रक्षिता किस्म का बीज बेच रहा है.
खाद उद्योग के लिए सरकार ने गैस सप्लाई बढ़ाकर 95% तक पहुंचा दी है, जिससे उत्पादन पर असर नहीं पड़ेगा. खरीफ सीजन से पहले यह फैसला किसानों के लिए राहत भरा माना जा रहा है, साथ ही एलपीजी और पीएनजी सप्लाई भी सामान्य बनी हुई है.
बिहार में डिजिटल कृषि निदेशालय की शुरुआत के साथ खेती को तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. इसके तहत किसानों को रियल टाइम सेवाएं, फसल डेटा प्रबंधन और डिजिटल क्रॉप सर्वे जैसी सुविधाएं मिलेंगी, जिससे उत्पादन और योजनाओं का लाभ अधिक सटीक तरीके से पहुंचेगा.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today