केंद्र सरकार ने ड्राफ्ट पेस्टिसाइड मैनेजमेंट बिल 2025 जारी किया है, जो इनसेक्टिसाइड्स एक्ट 1968 की जगह लेगा. नया कानून नकली कीटनाशकों पर रोक, डिजिटल ट्रैकिंग, किसानों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करेगा.
नया बीज बिल बीज कंपनियों को भारत में बड़ी छूट देता है. बिना गुणवत्ता जांच विदेशी बीजों की एंट्री से देसी बीज, छोटे किसान और पारंपरिक खेती खतरे में पड़ सकती है. इससे खेती की लागत बढ़ने, कॉरपोरेट कंट्रोल देश की खाद्य सुरक्षा पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है.
सरकार ने सीड्स बिल 2026 (Seeds Bill, 2026) को अंतिम रूप दे दिया है और आगामी बजट सत्र के दौरान इसे लोकसभा में पेश करने के लिए उत्सुक है. बता दें कि इस बिल को लेकर किसान संगठनों ने विरोध किया है.
उर्वरक 3.0 के जरिए खाद के नियमों में डिजिटल बदलाव, आसान कानून और देश में उत्पादन बढ़ाने की नई पहल. जानिए इससे किसानों को क्या लाभ होगा.
फर्टिलाइजर कंट्रोल ऑर्डर के तहत नोटिफाई किए गए सभी फर्टिलाइजर्स पर 5 प्रतिशत जीएसटी लागू करने, एक्स्ट्रा जीएसटी क्रेडिट के रिफंड में तेजी लाने और यूनियन बजट से पहले एक यूनिफाइड लाइसेंसिंग सिस्टम लागू करने की अपील की गई है. शेड्यूल 1G आइटम्स और उनके मिक्सचर पर GST को 12 परसेंट से घटाकर 5 परसेंट करना काफी महत्वपूर्ण है. इंडस्ट्री विशेषज्ञों के अनुसार मैन्युफैक्चरर्स को अब कुछ इनपुट पर इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर का सामना करना पड़ रहा है.
साल 2025 में भारत ने उर्वरक उत्पादन में बड़ी उपलब्धि हासिल की है. देश की कुल खाद जरूरत का 73 प्रतिशत हिस्सा अब घरेलू उत्पादन से पूरा हो रहा है. सरकार की नीतियों, नई फैक्ट्रियों और किसानों के समर्थन से भारत आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है.
भारत ने उर्वरक उत्पादन में नया रिकॉर्ड बनाते हुए 2025 में अपनी कुल जरूरत का करीब 73 प्रतिशत घरेलू स्तर पर पूरा किया है. पांच साल में उत्पादन में आई तेज बढ़त ने आयात निर्भरता घटाई है. यह उपलब्धि किसानों और कृषि अर्थव्यवस्था के लिए क्या मायने रखती है, जानिए पूरी रिपोर्ट में...
यूरिया की किल्लत को लेकर लगातार किसानों में गुस्सा देखा जा रहा है.कुछ ऐसी ही स्थिति उदयपुर जिले के मावली क्षेत्र के खेमली कस्बे में देखने को मिली, जहां खाद वितरण को लेकर उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जिसके बाद नाराज किसान ने मोटरसाइकिल जला दी.
उत्तर प्रदेश गन्ना अनुसंधान परिषद द्वारा विकसित ‘बिस्मिल’ नाम की नई अधिक पैदावार देने वाली गन्ना किस्म CoSha 17231 को अब यूपी के अलावा हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और राजस्थान में भी खेती की मंजूरी मिल गई है. रेड रॉट रोग प्रतिरोधी यह किस्म किसानों की आय और चीनी उत्पादन बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी.
सर्दी आते ही किसान सब्जी वाली फसलों की खेती करने लगे हैं. इस दौरान किसान बैंगन की खेती बड़े पैमाने पर करते हैं. लेकिन खेती के समय किसान कई बार इस सोच में पड़ जाते हैं कि किन किस्मों की खेती से अधिक पैदावार मिल सकती है. ऐसे किसानों के लिए आज हम बैंगन की एक खास किस्म के बारे में बताएंगे.
Sugarcane Seed: इस सम्बन्ध में विभाग द्वारा बताया गया कि अब तक बीज गन्ना उत्पादक के रूप में 2823 कृषक पंजीकृत थे जिनमें से कुल 593 बीज उत्पादकों का पंजीकरण वैध पाया गया है तथा 2230 फर्जी गन्ना बीज उत्पादकों का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है.
भारत सरकार ने कीटनाशक प्रबंधन विधेयक 2025 का मसौदा जारी किया है, जो कीटनाशक अधिनियम 1968 की जगह लेगा. विधेयक में ट्रेसबिलिटी, डिजिटल प्रक्रिया, नकली कीटनाशकों पर सख्त सजा और टेस्टिंग लैब की अनिवार्य एक्रेडिशन जैसे किसानों के हित वाले प्रावधान शामिल हैं. आम जनता 4 फरवरी 2026 तक सुझाव दे सकती है.
सरकार Seeds Bill 2025 पर आगे बढ़ रही है. 9,000 सुझावों के बाद फरवरी में बिल संसद में आ सकता है. इससे बीज कंपनियों और विक्रेताओं पर निगरानी बढ़ेगी, जबकि किसानों के अधिकार सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी. पढ़िए कृषि सचिव ने क्या कहा...
यूरिया की बढ़ती मांग के बीच सरकार ने 15 लाख टन आयात का फैसला किया. 425 डॉलर प्रति टन पर मिली सबसे कम कीमत, किसानों को मिलेगा फायदा.
वाराणसी स्थित IIVR ने 8 साल की मेहनत के बाद बासमती खुशबू वाली तोरई विकसित की है. VRSG 7-17 नाम की यह किस्म 55–60 दिनों में तैयार होती है और किसानों को ज्यादा मुनाफा देगी.
UP News: कृषि मंत्री शाही ने बताया कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उर्वरकों के वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में यूरिया, डीएपी और एनपीके की कुल उपलब्धता 140 लाख मीट्रिक टन से अधिक है.
Tomato Cultivation Tips: कृषि निदेशक डॉ पंकज त्रिपाठी के मुताबिक, टमाटर की फसल में सिंचाई नियमित रूप से करें और अनियमितता से बचें. वहीं बोरोन और कैल्शियम नाइट्रेट का छिड़काव करें ताकि पौधों को आवश्यक पोषक तत्व मिल सकें.
बगीचे में अगर सब्जियों की खेती कर रहे हैं तो आपको ऐसा उर्वरक चुनना होगा जिसमें नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटेशियम का उच्च स्तर हो. नाइट्रोजन हरी पत्तियों और तनों को बनाने में मदद करता है, फॉस्फोरस जड़ों के विकास में मदद करता है. वहीं पोटेशियम पौधे को गर्मी या ठंड से होने वाले तनाव का सामना करने में मदद करता है.
PAU ने जई की स्वदेशी किस्म OL16 विकसित की है, जो चारे और अनाज दोनों में बेहतर उत्पादन देती है. इसमें उच्च बीटा-ग्लूकान होने से यह किसानों के साथ उपभोक्ताओं के लिए भी खास मानी जा रही है.
अमरेली के मोटा अंकड़िया गांव में पुलिस और कृषि विभाग ने नकली खाद बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया. इस फैक्ट्री में घटिया क्वालिटी की खाद और खाली बैग पाए गए. किसानों को धोखा देने वाले इस गिरोह से सतर्क रहने की अपील की गई है.
रबी फसलों की अच्छी पैदावार के लिए सरकार ने पोषक-तत्व आधारित सब्सिडी (NBS) की नई दरों को मंजूरी दे दी है.यह नीति 1 अक्टूबर 2025 से 31 मार्च 2026 तक लागू रहेगी.इस बार सरकार डीएपी खाद पर पिछले साल की तुलना में 36 फीसदी ज्यादा सब्सिडी दे रही है. इसका मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती कीमतों के बावजूद किसानों को महंगाई से बचाना है.
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