मौजूदा वित्त वर्ष में भी खाद की सप्लाई मजबूत बनी हुई है. 1 अप्रैल 2026 से 23 अप्रैल 2026 तक खाद की उपलब्धता किसानों की जरूरत से काफी ज्यादा रही. इससे साफ है कि आने वाले खरीफ सीजन के लिए सरकार ने अच्छी तैयारी कर ली है.
छत्तीसगढ़ में खरीफ 2026 के लिए धान, दलहन और तिलहन फसलों के बीजों के नए रेट तय कर दिए गए हैं. अलग-अलग फसलों और किस्मों के अनुसार कीमतों में बदलाव किया गया है, जिससे किसानों को इस सीजन में बीज खरीद की पूरी जानकारी मिल सकेगी.
लखनऊ में आयोजित उत्तर क्षेत्र कृषि सम्मेलन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि खाद, बीज और कीटनाशक से जुड़े नए कानून लगभग तैयार हैं और सरकार उन्हें अगले सत्र में पास कराने की तैयारी में है. सम्मेलन में राज्यों की भूमिका और कृषि सुधारों पर जोर दिया गया.
गार्डनिंग और सब्जियों की खेती की बढ़ती हुई डिमांड को देखते हुए राष्ट्रीय बीज निगम किसानों की सुविधा के लिए ऑनलाइन 'कैलिफोर्निया वंडर' शिमला मिर्च के बीज बेच रहा है. इस बीच को आप ओएनडीसी के ऑनलाइन स्टोर से खरीद सकते हैं.
मेरठ में आयोजित बासमती बीज वितरण मेले में देश के छह राज्यों से 800 से अधिक किसानों ने भाग लिया, जहां पहले दिन ही करीब 650 क्विंटल बीज वितरित किया गया जिसकी कीमत लगभग 60 लाख रुपये रही और उन्नत किस्मों को किसानों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया.
महाराष्ट्र में खाद-बीज को लेकर सख्त निगरानी के बीच एग्री-इनपुट सेक्टर में बड़ा विरोध सामने आया है. डीलर संगठनों ने अनिश्चितकालीन बंद का ऐलान किया है, जिससे किसानों को सप्लाई प्रभावित होने की आशंका है.
खरीफ सीजन से पहले सरकार ने राहत दी है कि यूरिया (45 किग्रा) 266.50 रुपये और डीएपी (50 किग्रा) 1350 रुपये की तय कीमत पर ही मिलेंगे. वैश्विक तनाव के बावजूद खाद की सप्लाई में कोई कमी नहीं होगी.
भारत जैसे कृषि प्रधान देश के लिए यह खबर अहम मानी जा रही है, क्योंकि यहां खेती के लिए यूरिया और अन्य उर्वरकों की मांग लगातार बनी रहती है. ऐसे में अगर इस देश से खाद का निर्यात होता है तो आने वाले खरीफ सीजन में खाद की कमी नहीं होगी.
खरीफ सीजन से पहले देश में यूरिया की कमी और कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी चिंता बढ़ा रही है. घटते स्टॉक को देखते हुए सरकार ने 25 लाख टन यूरिया आयात करने का फैसला लिया है. इसका मकसद किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना और फसल उत्पादन को सुरक्षित रखना है, ताकि किसी तरह का नुकसान न हो.
मेरठ के मोदीपुरम में 23 अप्रैल को बासमती बीज मेला लगेगा, जहां किसानों को उन्नत और DNA प्रमाणित किस्में तय दर पर मिलेंगी. मेले में कई राज्यों से किसानों के पहुंचने की संभावना है और बीज पहले आओ-पहले पाओ आधार पर वितरित होंगे.
मुंबई के न्हावा शेवा पोर्ट पर DRI ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 132 कंटेनरों में छिपाकर लाई गई करीब 139 करोड़ रुपये की खेप जब्त की. जांच में तरबूज के बीज और हरी मटर को अरहर दाल बताकर आयात करने का मामला सामने आया. इस मामले में आयातक फर्म का संचालक गिरफ्तार हुआ है.
किसान अब तेजी से नकदी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं. इसके लिए कृषि मंत्रालय भी किसानों को प्रोत्साहित कर रही है. ऐसे में किसानों की सुविधा के लिए राष्ट्रीय बीज निगम ऑनलाइन खीरे की बेस्ट क्वालिटी का बीज बेच रहा है.
किसान नकदी फसलों की खेती बड़े पैमाने पर करने लगे हैं. कमाई के लिहाज से किसान बड़े स्तर पर इसकी खेती करते हैं. ऐसे में किसानों की सुविधा के लिए राष्ट्रीय बीज निगम ऑनलाइन हरी मिर्च के हाइब्रिड किस्म अर्का मेघना के बीज बेच रहा है.
एमपी के धार-खरगोन में करेले के अमानक बीज से फसल खराब होने पर बड़ा एक्शन हुआ है. कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश के बाद कंपनी पर एफआईआर दर्ज कर जांच तेज कर दी गई है और किसानों को मुआवजे का आश्वासन दिया गया है.
बिना छिलका वाले जौ DBWR-244 की बाजार में काफी अच्छी मांग है. किसानों की आय बढ़ाने में भी मददगार साबित होगी. बाजार में हेल्दी फूड की बढ़ती मांग के बीच छिलका रहित जौ किसानों की आमदनी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता हैं.
होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव ने वैश्विक खाद सप्लाई को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है. खाड़ी देशों से आने वाली नाइट्रोजन और फॉस्फेट खादों की आपूर्ति बाधित होने से खेती, फसल उत्पादन और खाद्य सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है. इस संकट के चलते दुनिया भर में खादों के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे महंगाई और भुखमरी का जोखिम भी बढ़ सकता है.
UP Agriculture News: कृषि मंत्री शाही ने आगे बताया कि कृषि में उत्पादकता बढ़ाने के लिए संकर बीजों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए 1,500 लाख रुपये (15 करोड़ रुपये) की सब्सिडी राशि स्वीकृत की गई है. बीजों के सुरक्षित भंडारण के लिए बोरियों की लागत और संबंधित व्यय के लिए 400 लाख रुपये (4 करोड़ रुपये) का प्रावधान किया गया है.
कुफरी उदय आलू की किस्म किसानों के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरी है. 70 दिन में अधिक उत्पादन, बेहतर पोषण और बाजार में उच्च मांग के चलते यह किस्म आने वाले समय में आलू उत्पादन के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकती है.
भिवाड़ी में यूरिया की कालाबाजारी के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कंपनी से 830 बैग संदिग्ध यूरिया जब्त किया. मुंडावर क्षेत्र के खाद विक्रेताओं में भी अनियमितताएं मिलीं. नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं और दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी है.
खाद की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया के तनाव का असर अब कॉफी उत्पादन पर दिखने लगा है. अंतरराष्ट्रीय कॉफी संगठन (ICO) के अनुसार आने वाले समय में उत्पादन घट सकता है और कीमतें बढ़ सकती हैं. हालांकि इस स्थिति में भारत को निर्यात बढ़ने का फायदा मिला है, जिससे वैश्विक बाजार में उसकी स्थिति मजबूत हुई है.
उत्तर प्रदेश, बिहार और उड़ीसा के धान उत्पादक किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है. बीएचयू के द्वारा विकसित मालवीय मनीला सिंचित धान 1 को उद्योग लाइसेंस मिल चुका है. इससे किसानों को बीज जल्द उपलब्ध होने की उम्मीद भी जताई जा रही है.
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