सल्फर कोटेड यूरिया को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. ICAR के पूर्व प्रधान वैज्ञानिक प्रो. वीरेंद्र सिंह लाठर ने चेतावनी दी है कि 50 किलो से 40 किलो किए गए यूरिया बैग और नाइट्रोजन की मात्रा घटने से किसानों पर खर्च का बोझ 37 प्रतिशत तक बढ़ गया है, जबकि ज्यादा सल्फर मिट्टी और फसलों के लिए खतरा बन सकता है.
नए सीड बिल 2025 को लेकर बहस तेज है. कृषि विशेषज्ञ रंजीत सिंह घुमन ने कहा कि बीज कानून लागू करने से पहले किसानों की चिंताओं को सुनना जरूरी है. उन्होंने सरकार को जल्दबाजी से बचने और भरोसे की खाई पाटने की सलाह दी.
महिला किसानों को सशक्त बनाने की बड़ी पहल, महाराष्ट्र सरकार–गोदरेज एग्रोवेट समझौते से 5,000 महिलाओं को खेती की नई तकनीक सिखाई जाएगी.
वसंत काल में मक्का की खेती किसानों के लिए कम समय में अधिक मुनाफे का एक शानदार मौका है क्योकि नई बायोफोर्टिफाइड किस्में एपीक्यूएच 1 और एपीक्यूएच 5 हर परिस्थिति में बंपर पैदावार देने के लिए तैयार की गई हैं. ये प्रजातियां न केवल आयरन और जिंक जैसे पोषक तत्वों से भरपूर हैं, बल्कि 8 टन प्रति हेक्टेयर तक की उपज भी देती हैं. इनकी सबसे बड़ी खूबी इनका जल्दी तैयार होना है, जिससे किसानों का खेत अगली फसल के लिए समय पर खाली हो जाता है.
UP News: योगी ने निर्देश दिया कि प्रदेश के सभी कृषि विज्ञान केंद्रों को बीज विकास कार्यक्रमों से सीधे जोड़ा जाए, ताकि अनुसंधान, प्रशिक्षण और खेत-स्तर पर तकनीक के प्रसार के बीच सुदृढ़ समन्वय स्थापित हो सके. उन्होंने कहा कि प्रदेश के नौ क्लाइमेटिक जोन के अनुरूप एक-एक कृषि विज्ञान केंद्र को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाए,
बिहार में रबी सीजन के दौरान उर्वरक कालाबाजारी पर कृषि विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए 118 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द किए हैं. हालांकि 17.79 लाख किसानों को बीज वितरण के सरकारी दावों के बावजूद किसान गुणवत्ता और वितरण प्रणाली से असंतुष्ट नजर आ रहे हैं.
Sesame Cultivation: अगर आप इस महीने किसी नकदी फसल की खेती करना चाहते हैं तो आपके लिए तिल की खेती बेस्ट है. बता दें कि किसानों के लिए राष्ट्रीय बीज निगम ऑनलाइन तिल की बेस्ट किस्मों के बीज बेच रहा है.
केद्र सरकार ने साल 2026 के बजट से पहले सल्फर कोटेड यूरिया के 40 किलो बैग को 254 रुपये में बेचने को मंजूरी देकर खेती की दिशा में एक बड़ा निर्णय लिया है, जिसका मुख्य उद्देश्य देश की लगभग 70 फीसदी मिट्टी में फैली सल्फर की गंभीर कमी को दूर करना है. सरकार ने यह कदम भावनाओं के बजाय वैज्ञानिक रिपोर्टों और मृदा स्वास्थ्य के आंकड़ों के आधार पर उठाया है, क्योंकि पारंपरिक यूरिया के अंधाधुंध उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता गिर रही थी और फसलें कमजोर हो रही थीं.
केंद्र सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए सल्फर कोटेड यूरिया की कीमत तय कर दी है. यह फैसला 1985 के उर्वरक (नियंत्रण) आदेश के तहत लिया गया है और आदेश जारी होने के दिन से लागू है.
Urea Price Hike Suggestion: Economic Survey 2025-26 में सरकार ने यूरिया सब्सिडी को लेकर बड़ा संकेत दिया है. किसान जरूरत से ज्यादा यूरिया इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे मिट्टी और पैदावार पर असर पड़ रहा है. समाधान के तौर पर कीमत और सब्सिडी सिस्टम में बदलाव का सुझाव दिया गया है.
आजकल लोग अपने गार्डन में कई ऐसी सब्जियों को उगाते हैं जिसकी डिमांड मार्केट में हमेशा रहती है. ऐसी ही एक सब्जी है टमाटर जिसे आप इस महीने अपने घर के गमले में उगा सकते हैं. इसके लिए ये सरकारी वेबसाइट लोगों को सस्ते में बीज बेच रही है.
UP News: नए स्टार्टअप्स को शुरुआत के समय सबसे ज्यादा जरूरत पूंजी और बाजार तक पहुंच की होती है. इसे ध्यान में रखते हुए योगी सरकार द्वारा सीड कैपिटल और मार्केटिंग सहायता प्रदान की जा रही है. इस योजना के तहत अब तक 376 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं.
इफको और इफको एमसी का जॉइंट वेंचर किसानों के लिए है. इसमें किसानों को फिक्स MRP वाले उत्पाद, आसान दवा, खाद और सुरक्षा बीमा की सुविधा मिलती है. किसानों का भरोसा और उनकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है.
Fetilizer Sale Data: अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच उर्वरक बाजार के आंकड़े चौंकाने वाले हैं. बिक्री बढ़ी है, लेकिन उत्पादन और आयात के पीछे की कहानी कुछ और इशारा कर रही है. पढ़िए FAI ने इसे लेकर क्या कहा...
बिहार में उर्वरक के साथ जबरन बंडलिंग पर सरकार ने सख्ती दिखाई है. किसानों की शिकायतों के बाद कृषि विभाग ने बड़ा आदेश जारी किया है. उर्वरक कंपनियों और विक्रेताओं पर कार्रवाई के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं.
रबी सीजन के बीच यूपी में उर्वरक सप्लाई को लेकर सरकार सख्त हो गई है. कृषि मंत्री की समीक्षा बैठक में साफ कहा गया कि किसी भी स्तर पर कमी बर्दाश्त नहीं होगी. लापरवाही बरतने वाली कंपनियों पर एफआईआर के निर्देश दिए गए हैं.
उर्वरक सब्सिडी का बोझ घटाने के लिए केंद्र सरकार डिजिटल रास्ता तलाश रही है. किसान आईडी और एग्री स्टैक के जरिए यूरिया बिक्री को ट्रैक करने की तैयारी है. क्या इससे बेवजह खपत रुकेगी और किसानों पर नई शर्तें लगेंगी? पढ़ेें पूरी खबर...
किसान महंगे रासायनिक और जैविक खाद खरीदने की जगह अपने खेत में हरी खाद लगा सकते हैं. इससे किसानों की बंपर उपज होती है. इसलिए किसान बड़े स्तर पर इसकी खेती कर रहे हैं.
भारत में एग्रो केमिकल का घरेलू बाजार करीब 26 हजार करोड़ रुपये का है, जिसका 1 फीसदी से कम ही कारोबार ई-कॉमर्स प्लेटफार्म पर हो रहा है. इसके बावजूद रेगुलेशन न होने की वजह से ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले कीटनाशकों के नकली होने की संभावना ज्यादा है. जिसकी वजह से किसानों को नुकसान होता है और इंडस्ट्री बदनाम होती है.
Wheat Crop Production: डॉ यादव ने किसानों को सलाह दी है कि गेहूं फसल में यूरिया और जिंक सल्फेट का उचित मात्रा व उचित समय पर प्रयोग अवश्य करें. साथ ही चौड़ी और सकरी पत्ती वाले खरपतवारों के लिए मेटासल्फ्यूरान और सल्फोसल्फ्यरान की 16 ग्राम के एक पैकेट को 200 लीटर पानी में घोलकर उचित नमी पर छिड़काव करें. जिससे किसानों को गेहूं उत्पादन से भरपूर लाभ प्राप्त हो सके.
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