ईरान युद्ध के कारण होर्मुज स्ट्रेट में शिपमेंट बाधित होने से वैश्विक उर्वरक आपूर्ति प्रभावित हो रही है. सल्फर, यूरिया और फॉस्फेट जैसे प्रमुख रसायनों की कमी से भारत के कृषि क्षेत्र, उत्पादन लागत और खाद्य सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है.
उत्तर प्रदेश सरकार ने ऑनलाइन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर रैटोल पेस्ट और येलो/व्हाइट फॉस्फोरस युक्त खतरनाक कीटनाशक की बिक्री पर तुरंत रोक लगा दी है. सरकार ने सभी प्लेटफॉर्म्स को इन उत्पादों को हटाने और केवल वैध लाइसेंसधारी विक्रेताओं को ही कीटनाशक बेचने की अनुमति देने के सख्त निर्देश दिए हैं. यह कदम जनस्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए उठाया गया है.
अमरोहा के ललित कुमार सिंह ने पत्रकारिता छोड़कर UP23 Organics and Agro Farm की स्थापना की, जहां 120 बेड पर हर तीन महीने में करीब 120 टन वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन किया जा रहा है. यह पहल जैविक खेती, मिट्टी की सेहत और ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा दे रही है.
हरियाणा में पायलट प्रोजेक्ट के तहत उर्वरक बिक्री को डिजिटल और फसल-आधारित प्रणाली से जोड़ा गया. इससे यूरिया और डीएपी की खपत कम हुई, छोटे किसानों को अधिक लाभ मिला और बड़े खरीदारों की जरूरत से ज्यादा खरीद रोकी गई. केंद्र ने कहा कि अन्य राज्यों में रोलआउट में समय लगेगा.
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बताया कि अप्रैल महीने के लिए देश में 163 लाख मीट्रिक टन उर्वरक स्टॉक उपलब्ध है, जो पिछले साल के मुकाबले 26% ज्यादा है. सरकार उर्वरक सब्सिडी पर अतिरिक्त 19 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है और नए प्लांट्स के जरिए घरेलू यूरिया उत्पादन क्षमता भी बढ़ाई जा रही है.
मध्य पूर्व में अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध के बीच भारत सरकार ने प्राकृतिक गैस की सप्लाई को रेगुलेट करते हुए फर्टिलाइजर प्लांट को ‘प्राथमिकता क्षेत्र-2’ में रखा है. आंकड़ों के मुताबिक भारत का फर्टिलाइजर उद्योग 85% आयातित गैस पर निर्भर है, जिससे वैश्विक सप्लाई में बाधा का असर सीधे खाद उत्पादन पर पड़ सकता है.
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और गैस सप्लाई में आई बाधा का असर अब उर्वरक सेक्टर पर दिखने लगा है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने चीन से यूरिया निर्यात में राहत देने का अनुरोध किया है. अगर गैस संकट लंबा चला तो खरीफ सीजन से पहले खाद सप्लाई को लेकर नई चुनौती खड़ी हो सकती है.
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत ने उर्वरकों की सप्लाई सुरक्षित रखने के लिए पहले से तैयारी शुरू कर दी है. सरकार रॉक फॉस्फेट, सल्फर और अन्य जरूरी कच्चे माल के लिए नए आयात विकल्प तलाश रही है. फिलहाल देश में उर्वरकों की उपलब्धता सामान्य बताई गई है, लेकिन लंबा संघर्ष होने पर रणनीति बदल सकती है.
Sugarcane Crop: जिसका फायदा मध्य व पूर्वी उत्तर प्रदेश के किसानों को मिलेगा, उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद और बलरामपुर चीनी मिल के सहयोग से टिश्यू कल्चर तकनीक पर काम करने वाली चीनी मिलों के कार्मिकों को प्रशिक्षण एवं लैब संचालन के सम्बन्ध में तकनीकी आवश्यक सलाह भी उपलब्ध कराई जाएगी.
Fertilizer Production: खरीफ सीजन से पहले सरकार ने खाद की सप्लाई को लेकर बड़ा कदम उठाया है. नए गैस आपूर्ति नियम लागू कर उर्वरक उद्योग को प्राथमिकता दी गई है. साथ ही देश में खाद का स्टॉक भी तेजी से बढ़ा है. आखिर इससे किसानों को कितना फायदा होगा. पढ़ें पूरी खबर...
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अगर हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही बाधित होती है तो असर केवल तेल बाजार तक सीमित नहीं रहेगा. विशेषज्ञों के मुताबिक इससे यूरिया और अमोनिया जैसी खाद की वैश्विक आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिसका सीधा असर खेती और खाद्य सुरक्षा पर पड़ सकता है.
FACT के अनुसार भारत में फिलहाल खाद का पर्याप्त स्टॉक है, लेकिन अगर खाड़ी देशों में संघर्ष लंबे समय तक चला तो सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है. कंपनी ने खरीफ सीजन के लिए तैयारियां होने और किसानों को खाद उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है.
किसान नकदी फसलों की खेती की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं. इससे किसानों की बंपर कमाई भी हो रही है. इसलिए किसान बड़े स्तर पर इसकी खेती कर रहे हैं. ऐसे में किसानों की सुविधा के लिए ये संस्थान तिल की बेस्ट किस्म का बीज बेच रहा है.
Fertilizer Stock: खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव के बीच किसानों के मन में खाद की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ सकती थी, लेकिन सरकार ने खरीफ से पहले बड़ी तैयारी कर ली है. देश में उर्वरकों का भंडार पिछले साल से काफी ज्यादा बताया जा रहा है, जिससे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है. पढ़ें पूरी खबर...
पारादीप में इफको के सल्फ्यूरिक एसिड प्लांट का उद्घाटन करते हुए अमित शाह ने ने कहा कि उर्वरक क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने में यह प्लांट सहायक होगा. साथ ही उन्होंने गुजरात के अमूल मॉडल की तरह ओडिशा के गांव-गांव में भी डेयरी सहकारिता का मजबूत नेटवर्क विकसित करने की बात कही.
मौजूदा समय में किसान धान-गेहूं के अलावा सब्जी की खेती बड़े पैमाने पर करने लगे हैं. इससे किसानों की बंपर कमाई भी हो रही है. इसलिए किसान बड़े स्तर पर इसकी खेती कर रहे हैं. किसानों की सुविधा के लिए राष्ट्रीय बीज निगम ऑनलाइन खरबूजे की बीज बेच रहा है.
ओडिशा दौरे पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह कई बड़ी परियोजनाओं की शुरुआत करने जा रहे हैं. पारादीप में इफको का सल्फ्यूरिक एसिड प्लांट राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा, जबकि भुवनेश्वर में सहकारिता, डेयरी और डिजिटल पहल से जुड़े कई अहम कार्यक्रम होंगे.
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल और LNG की कीमतों में उछाल आया है, जिससे भारत में यूरिया और DAP खाद के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं. आयात पर निर्भरता, होर्मुज जलडमरूमध्य संकट और सब्सिडी कटौती के बीच किसानों की लागत बढ़ने की आशंका है.
गुजरात सरकार ने किसानों की लगातार शिकायतों के बाद यूरिया की बोरी के साथ नैनो लिक्विड यूरिया की जबरदस्ती बिक्री पर रोक लगा दी है. एक साल में 41 शिकायतें मिलने के बाद सरकार ने 23 नोटिस जारी किए और 12 डीलरों के लाइसेंस रद्द कर दिए. नए सर्कुलर में साफ निर्देश दिया गया है कि डीलर पारंपरिक यूरिया के साथ नैनो यूरिया अनिवार्य रूप से न बेचें. नैनो यूरिया को आधुनिक और टिकाऊ विकल्प के तौर पर प्रचारित किया जा रहा है, लेकिन किसानों का आरोप है कि मजबूरन बिक्री से उनकी लागत बढ़ रही थी.
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