राजस्थान सरकार ने रबी सीजन में किसानों को मांग के अनुसार खाद उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है. कृषि विभाग खाद की कालाबाजारी, अवैध डायवर्जन और जबरन टैगिंग के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है. कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के मुताबिक, डीएपी की 14 रैक रास्ते में हैं, जिनके 14 अक्टूबर तक पहुंचने की संभावना है.
सुप्रीम कोर्ट में GM बासमती चावल की खेती को मंजूरी दिए जाने के आरोपों पर लंबित अवमानना याचिकाओं की जल्द सुनवाई की मांग की गई है. वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि इससे पारंपरिक बासमती चावल की शुद्धता प्रभावित होने का खतरा है.
उत्तर प्रदेश के किसानों में गन्ने की नई किस्म CoS.23232 की मांग तेजी से बढ़ रही है. उत्तर प्रदेश गन्ना अनुसंधान परिषद के पोर्टल पर 9 अक्टूबर को बुकिंग शुरू होने के पांच मिनट के भीतर ही 2 लाख बड्स बुक हो गए.
राजस्थान में रबी सीजन के दौरान किसानों को डीएपी और यूरिया की कमी नहीं होने देने का सरकार ने भरोसा दिया है. कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के मुताबिक, राज्य में 1.05 लाख टन से ज्यादा डीएपी और करीब 3.64 लाख टन यूरिया का स्टॉक उपलब्ध है.
HTBt कपास की व्यावसायिक खेती को मंजूरी देने की मांग तेज हो गई है. FSII और NSAI के मुताबिक, खरीफ 2025-26 में 65-72 लाख एकड़ में अनधिकृत HTBt कपास उगाई गई. संगठनों ने 1,500 करोड़ रुपये के अनौपचारिक बीज बाजार का दावा किया है. उनका कहना है कि नई तकनीक से कपास उत्पादन और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है.
दौसा जिले के सिकराय में खाद लेने के लिए किसानों की लंबी कतार लग गई. तेज धूप में किसान घंटों अपनी बारी का इंतजार करते रहे. इस दौरान धक्कामुक्की की स्थिति भी बनी और किसानों ने पुलिस पर धक्का देने के आरोप लगाए. खाद की कमी और वितरण व्यवस्था को लेकर किसानों ने प्रशासन से पर्याप्त स्टॉक और बेहतर व्यवस्था की मांग की.
युद्ध संकट और समुद्री मार्गों पर जोखिम के बीच खाद आयात महंगा हो रहा है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि बढ़े बीमा प्रीमियम से शिपिंग कंपनियों पर दबाव है. भारत ने खाद की खेप लाने वाली कंपनियों की मदद के लिए शिपिंग इमरजेंसी फंड बनाया है.
खरीफ 2026 में 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 222 जिलों में खाद की बिक्री 28 फीसदी घट गई. FFS व्यवस्था के तहत 46.97 लाख किसानों ने खाद खरीदी, लेकिन कुल बिक्री 13.35 लाख टन रही. इससे सरकार को करीब 1,470 करोड़ रुपये की सब्सिडी बचाने में मदद मिली. सरकार अब खाद के संतुलित इस्तेमाल पर जोर दे रही है.
उत्तर प्रदेश के हापुड़ में कृषि विभाग और पुलिस की टीम ने नकली पोटाश और खाद बनाने वाली अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. छापेमारी के दौरान मौके से 90 कट्टे तैयार नकली खाद, मिलावटी सामग्री और पैकिंग के उपकरण बरामद किए गए हैं.
राजस्थान के अलवर के रामगढ़ में DAP खाद लेने के लिए किसानों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. सरसों की बुआई के बीच किसान सुबह 6 बजे से लाइन में लगे रहे, लेकिन 600 कट्टे खाद का स्टॉक कम पड़ गया. पुलिस की निगरानी में खाद बांटा गया.
भारत ने 2035 तक वैश्विक बीज कारोबार में अपनी हिस्सेदारी 1% से बढ़ाकर 10% करने का लक्ष्य रखा है. FSII ने इसके लिए बीजों पर रिसर्च बढ़ाने, नई तकनीक में निवेश, आसान नियामकीय प्रक्रिया और तेज अप्रूवल की मांग की है. संगठन के मुताबिक बेहतर बीज तकनीक किसानों की उत्पादकता और खेती की आय बढ़ाने में मदद कर सकती है.
सुपौल में किसानों को खरीफ फसलों को कीट और रोगों से बचाने के लिए जागरूक किया गया. 10 से 23 सितंबर 2026 तक जिले के सभी प्रखंडों में किसान बैठकें आयोजित हुईं. इसमें धान और सब्जियों में कीट-रोग की पहचान, संतुलित खाद के इस्तेमाल और एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन की जानकारी दी गई. किसानों से रासायनिक खाद और कीटनाशकों का अंधाधुंध इस्तेमाल नहीं करने की अपील की गई.
कृषि मंत्रालय में CIB&RC सचिव डॉ. सुभाष चंद ने कहा है कि राष्ट्रीय इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम यानी IPMS पूरी तरह लागू होने पर नकली कीटनाशकों की समस्या को खत्म करने में मदद मिल सकती है. उन्होंने उद्योग से ऐसा AI टूल या ऐप विकसित करने की अपील भी की, जो किसानों को कीट पहचानने और सही कीटनाशक, सही समय और सही मात्रा की जानकारी दे सके.
अल नीनो और जलवायु परिवर्तन से फसलों पर कीटों और रोगों का खतरा बढ़ रहा है. क्रॉपलाइफ इंडिया ने किसानों को नई फसल सुरक्षा तकनीकों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए नियामकीय ढांचे में सुधार की मांग की है. संगठन ने नए उत्पादों के लिए पांच वर्ष के रेगुलेटरी डेटा प्रोटेक्शन का प्रस्ताव रखा है.
चित्रकूट के कई किसान रासायनिक खाद और कीटनाशकों का खर्च कम करने के लिए जैविक और प्राकृतिक खेती अपना रहे हैं. गोबर की खाद, जीवामृत और घन जीवामृत से किसान फसल उगा रहे हैं. कुछ किसानों का दावा है कि इससे लागत कम हुई और आमदनी बढ़ी. कृषि विभाग भी किसानों को प्रशिक्षण और अनुदान देकर जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित कर रहा है.
काजरी, जोधपुर की मोठ बीन की चार नई किस्मों ने खरीफ 2026 में 35 दिनों तक बारिश नहीं होने के बावजूद बेहतर प्रदर्शन किया. काजरी मोठ-4, 5, 6 और 7 में सूखा सहने और कम नमी में फलियां बनाने की क्षमता देखी गई. संस्थान अब इन किस्मों के बीज उत्पादन को बढ़ा रहा है.
उत्तर प्रदेश सरकार तिलहन की खेती को बढ़ावा देने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए वाराणसी में मुफ्त तोरिया यानी लाही के बीज मिनीकिट बांटी गई. यह फसल करीब 90 से 95 दिन में तैयार हो जाती है, जिसके बाद किसान उसी खेत में गेहूं या दूसरी रबी फसल की बुवाई कर सकते हैं.
सीएम विष्णु देव साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से मुलाकात कर राजनांदगांव में गेल के प्रस्तावित गैस आधारित फर्टिलाइजर प्लांट पर चर्चा की. सीएम ने कहा कि यह प्रोजेक्ट क्षेत्र में रोजगार, सहायक उद्योगों और आर्थिक गतिविधियों को नई गति देगा.
केंद्र सरकार प्रस्तावित नए सीड बिल को अंतिम रूप देने से पहले देशभर के किसान संगठनों से सुझाव ले रही है. कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मौजूदा 1966 का कानून समय के साथ पुराना हो गया है और करीब 70 फीसदी बीज इसके दायरे से बाहर हैं.
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