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खाद-बीज News

गुलाब के फूलों में करें इस खाद का इस्तेमाल

Rose Farming: इस खाद से चमक उठेंगे गुलाब के फूल, कीड़ों का भी नहीं होगा अटैक 

Feb 26, 2024

अच्छी गुणवत्ता वाले फूलों के डंठल और अधिक उपज के लिए बड़ी मात्रा में पोषण की आवश्यकता होती है. उचित मात्रा में पोषण के लिए मिट्टी की समय-समय पर जांच करानी चाहिए. इसके पौधों की अच्छी वृद्धि और विकास के लिए नाइट्रोजन का बहुत महत्वपूर्ण योगदान होता है.

 गर्मियों में संजय खीरे की खेती करते हैं. (Photo-Kisan Tak)

Success Story: 25 हजार की लागत में 6 लाख की कमाई, मौसमी सब्जियों की खेती ने युवा किसान की आमदनी बढ़ाई

Feb 25, 2024

गर्मियों में संजय खीरे की खेती करते हैं. खीरे का इस्तेमाल सलाद और रायता बनाने में किया जाता है. दहीगंवा गांव के रहने वाले युवा किसान संजय राजपूत ने बताया कि खीरे की खेती से भी उनको अच्छा मुनाफा मिल जाता है. 

बाराबंकी में रामदाना की खेती करने वाली महिला किसान निर्मला देवी और युवा किसान विक्रम सिंह (Photo-Kisan Tak)

Ramdana Farming: बाराबंकी में 'रामदाने' की खेती से कई किसान हुए मालामाल, कम लागत में कर रहे मोटी कमाई

Feb 24, 2024

बाराबंकी जिले के बंकी ब्लाक के शुक्लाई गांव के रहने वाले युवा किसान विक्रम सिंह ने 3 साल पहले अपने गांव में एक बीघे में रामदाने की खेती की शुरुआत की थी. जिसमें उन्हें अच्छा लाभ देखने को मिला. आज वो करीब 4 बीघे में रामदाने की खेती कर रहे है.

क्या अब किसानों को कम कीमत पर मिलेगी खाद. (सांकेतिक फोटो)

अब चीनी मिलें 50 किलो के बैग में उर्वरक कंपनियों को बेच सकेंगी पोटाश, क्या इससे खाद होगी सस्ती?

Feb 24, 2024

केंद्रीय खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने कहा कि पीडीएम की पारस्परिक रूप से सहमत दर खाद्य और उर्वरक मंत्रालयों द्वारा सुविधाजनक बनाई गई थी. उन्होंने कहा कि चालू रबी सीज़न (अक्टूबर 2023-मार्च 2024) में, पोटाश पर सब्सिडी 2.3 रुपये प्रति किलो तय की गई है, जिसे अगले खरीफ सीजन के लिए कम संशोधित किया जा सकता है.

गेहूं की खेती

गेहूं में अधिक से अधिक फुटाव लेने के लिए क्या करें? कौन सी दवा डालें?

Feb 23, 2024

रबी सीजन की मुख्य फसल गेहूं की फसलों में फुटाव का समय आ गया है. ऐसे में किसानों के लिए ये जानना बेहद जरूरी है कि गेहूं में अधिक से अधिक फुटाव के लिए किसान क्या करें और कौन सी दवा डालें? आइए जानते हैं.

आम के पेड़ों में करें नीम तेल का छिड़काव

आम की पैदावार बढ़ा सकता है नीम तेल का छिड़काव, कब-कब करना है-जानिए

Feb 22, 2024

कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि आम का पेड़ बौना हो जाए और उसमें बीज निकलने लगे तभी नीम के तेल का छिड़काव करना चाहिए ताकि उसमें नमी बनी रहे और उसकी देखभाल की जा सके. कटाई के बाद जहरीले रसायनों का प्रयोग बिल्कुल नहीं करना चाहिए.

सुपर फॉस्फेट खाद

सुपर फॉस्फेट खाद कहीं नकली तो नहीं, इस आसान विधि से घर बैठे करें पहचान

Feb 22, 2024

मौजूदा समय में बाजारों में नकली खाद की बिक्री से किसानों को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है. कई राज्यों से नकली खाद बेचने का मामला भी सामने आया है. ऐसे में किसानों को खाद की पहचान करना आना चाहिए, ताकि वे नुकसान से बच सकें. अगर आप सुपर फॉस्फेट खाद का इस्तेमाल कर रहे हैं तो ये जान लें कि वो नकली तो नहीं है.

जीरा की खेती में सिंचाई की जरूरत

जीरे की फसल में कब बंद कर देनी चाहिए सिंचाई, अच्छी उपज के लिए इन बातों का ध्यान रखना जरूरी

Feb 21, 2024

बुआई के तुरंत बाद हल्की सिंचाई कर देनी चाहिए. सिंचाई करते समय इस बात का ध्यान रखें कि पानी का बहाव तेज न हो, नहीं तो तेज बहाव के कारण बीज खराब हो जायेंगे. दूसरी हल्की सिंचाई बुआई के एक सप्ताह बाद जब बीज फूलने लगे तब करें.

IFFCO खाद बाज़ार सेंटर खोलने के लिए इन 5 शर्तों को पूरा करना ज़रूरी, अप्लाई करने का प्रोसेस भी जानिए

Feb 20, 2024

अगर आप इफको बाजार सेंटर खोलना चाहते हैं तो आपके पास जमीन होना जरूरी है. जगह इतनी बड़ी होनी चाहिए कि ऑफिस और गोदाम खोलने के लिए पर्याप्त जगह मिल जाए. गोदाम में सुरक्षा के पूरे इंतजाम होने चाहिए ताकि जो भी उत्पाद आप गोदाम में रख रहें हैं, वो सुरक्षित रहे.

साधन सहकारी समिति पर सस्ती दरों पर मिलेंगी दवाइयां. (सांकेतिक फोटो)

खाद बीज की दुकान पर अब सस्ती दवाइयां भी खरीद सकेंगे किसान, केंद्र की इस योजना का तुरंत उठाएं लाभ

Feb 19, 2024

लाइसेंस (khad beej licence) मिलते ही साधन सहकारी समिति मसकनवा पर जन औषधि केंद्र खुल गया है. यह यूपी की पहला समिति है, जो खाद-बीज के साथ-साथ दवाइयां भी बेचेगी. कहा जा रहा है कि समिति के केंद्र पर दवाओं की लॉट पहुंच चुकी है‌. उद्घाटन के बाद इसकी बिक्री शुरू हो जाएगी. 

 इस दशपर्णी अर्क को बनाना भी बेहद आसान है. (Photo-Kisan Tak)

सभी फसलों के लिए रामबाण हैं 10 पत्तों से तैयार जैविक कीटनाशक...कम लागत में बंपर पैदावार, जानें कैसे?

Feb 16, 2024

कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. एनपी गुप्ता ने बताया कि एक बार तैयार किया हुआ दशपर्णी अर्क को 6 महीने तक इस्तेमाल किया जा सकता है. दशपर्णी अर्क रासायनिक कीटनाशकों के मुकाबले बेहद सस्ता होता है.

ऐसे करें असली और नकली बीज की पहचान

बस एक सूती कपड़ा बताएगा बीज असली है नकली, जांच के लिए ये आसान विधि अपनाएं किसान

Feb 16, 2024

किसी भी फसल के गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के लिए अच्छे खाद और बीज की जरूरत होती है. यदि नकली या घटिया खाद और बीज का प्रयोग किया जाए तो फसल का उत्पादन तो घटता ही है साथ ही उसकी गुणवत्ता भी कम हो जाती है. इसलिए बाजार से अच्छे बीज खरीदते समय अच्छे बीजों का चयन करना बहुत जरूरी हो जाता है.

यूपी के इस जिले में किसानों को FREE में मिलेगा सब्जियों का बीज

यूपी के इस जिले में किसानों को FREE में मिलेगा सब्जियों का बीज, फटाफट करें रजिस्ट्रेशन, जानिए कैसे उठा सकेंगे लाभ

Feb 16, 2024

उन्होंने बताया कि इसमें हरी मिर्च, टमाटर, शिमला मिर्च और खीरे का बीज किसानों को निशुल्क दिया जा रहा है. किसान उद्यान विभाग में अपना रजिस्ट्रेशन कराकर एक एकड़ से अधिक का बीज यहां से प्राप्त कर सकते हैं.

कहीं नकली तो नहीं है पोटाश और सुपर फॉस्फेट खाद

कहीं नकली तो नहीं है पोटाश और सुपर फॉस्फेट खाद, बस कुछ मिनटों में कर सकते हैं जांच

Feb 16, 2024

वर्तमान समय में बाजारों में नकली खाद की बिक्री से किसानों को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है. कई राज्यों से नकली खाद बेचने का मामला भी सामने आया है. ऐसे में किसानों को खाद की पहचान करना आना चाहिए, ताकि वे नुकसान से बच सकें.

खाद भी होती है खराब, क्या इसकी भी होती है एक्सपायरी डेट?

Feb 15, 2024

खाद की कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती, लेकिन इसे लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रखा जाए, यह किसानों के लिए चुनौतीपूर्ण है. ऐसे में किसानों को कई बातों का ध्यान रखना होगा. इस पर सबसे ज्यादा ध्यान बरसात के मौसम में देना पड़ता है क्योंकि बरसात के दिनों में बोरी के भीगने का खतरा रहता है.

क्या खादों की भी एक्सपायरी डेट होती है

क्या खादों की भी एक्सपायरी डेट होती है, कब तक रख सकते हैं इसे?

Feb 15, 2024

खाद की कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती, लेकिन किसानों के लिए ये चुनौतीपूर्ण होता है कि उसे लंबे समय तक कैसे सुरक्षित रखा जाए. ऐसे में किसानों को कई बातों का ध्यान रखना होता है. इसमें सबसे अधिक ध्यान बरसात के मौसम में देना होता है क्योंकि बरसात के दिनों में बोरे में सीलन लगने का खतरा रहता है.

भारत से बासमती चावल के निर्यात में इजाफा

भारत से बासमती चावल के निर्यात में 19 फीसदी का इजाफा, सऊदी अरब और इराक में बढ़ी मांग  

Feb 15, 2024

सऊदी अरब और इराक जैसे देशों की मांग के कारण चालू वित्त वर्ष की पहली तीन तिमाहियों में बासमती चावल के निर्यात में इजाफा हुआ है. बासमती चावल के निर्यात में डॉलर के संदर्भ में 19 फीसदी का इजाफा हुआ है. यह अब  3.97 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है.

गुजरात से राज्‍यसभा जाएंगे बीजेपी अध्‍यक्ष नड्डा

गुजरात की चार राज्य सभा सीटों के लिए भाजपा ने अपने उम्मीदवारों का किया ऐलान, पार्टी अध्‍यक्ष नड्डा का नाम सबसे ऊपर 

Feb 14, 2024

गुजरात से राज्यसभा की चार सीटों के लिए आज भाजपा ने अपने चारों उम्मीदवार घोषित किये. जिसमें सबसे बड़ा चेहरा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का है. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अब राज्यसभा में गुजरात का प्रतिनिधित्व करेंगे. अब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी गुजरात का प्रतिनिधित्व करेंगे.

क्या है फोलियर स्प्रे फर्टिलाइजर जो मरे पौधों को भी जिंदा कर देता है, कैसे करते हैं इस्तेमाल

Feb 13, 2024

इसका छिड़काव पत्तियों में किया जाता है.  पत्तियों में इसका छिड़काव इसलिए किया जाता है क्योंकि पत्तियों पर छिड़काव करना तनों और जड़ों की तुलना में अधिक प्रभावी माना जाता है. इनका उपयोग पौधो की बढ़वार के दौरान किया जाता है. इसके इस्तेमाल से बेजान पौधों में भी जान आ जाती है.

क्या है मटका खाद और इसको बनाने का तरीका

बंपर उपज के लिए घर पर बनाएं मटका खाद, कई गुना बढ़ जाएगी पैदावार

Feb 13, 2024

रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग और अन्य कारणों से देश में खेती योग्य भूमि घटती जा रही है. किसान उत्पादन बढ़ाने के लिए रासायनिक उर्वरकों का उपयोग करते हैं, लेकिन यह खाद भूमि के स्वास्थ्य और उर्वरता को कम कर रही है. कई बार किसानों के पास इतने पैसे भी नहीं होते कि वे रासायनिक खाद खरीदकर फसलों पर छिड़क सकें. ऐसे में आप मटका खाद से कम खर्च में उत्पादन बढ़ा सकते हैं.

 मटर की खेती करने वाले हरदोई के किसान रामशंकर कुशवाहा (Photo- Kisan Tak)

Success Story: यूपी के इस किसान ने खास तकनीक से ली मटर की पैदावार, डबल हुई कमाई, जानें कैसे?

Feb 12, 2024

प्रगतिशिल किसान किसान रामशंकर कुशवाहा पारंपरिक तरीके से सिंचाई कर रहे थे. मगर उन्हें जानकारी मिली कि उद्यान विभाग द्वारा एक खास तकनीकी जो कि सिंचाई के काम मे लाभदायक है और जिसे स्प्रिंकलर कहा जाता है, उससे सिंचाई में बड़ी मदद मिलेगी. फिर कुशवाहा ने इस तकनीक की मदद ली.