केंद्र सरकार ने सब्सिडी वाली खाद की बिक्री को जमीन और फसल के आधार पर करने के लिए 20 राज्यों के 40 जिलों में पायलट परियोजना शुरू की है. सरकार का कहना है कि इससे जरूरत के अनुसार खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था अधिक पारदर्शी होगी.
हिमाचल प्रदेश के सेब बागानों में अल्टरनेरिया लीफ स्पॉट, मार्सोनिना लीफ ब्लॉच और अन्य रोगों के बढ़ते खतरे को देखते हुए नौणी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है. विशेषज्ञों ने रोग पहचान, संतुलित पोषण प्रबंधन, मिट्टी-पत्ती जांच, जल निकासी व्यवस्था और फफूंदनाशकों के सही उपयोग पर जोर देते हुए सेब उत्पादकों को समय रहते बचाव उपाय अपनाने की सलाह दी है.
केंद्र सरकार ने लोकसभा में स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसानों के बैंक खातों में सीधे खाद सब्सिडी भेजने की कोई योजना नहीं है. मौजूदा DBT प्रणाली के तहत आधार प्रमाणीकरण के बाद उर्वरक कंपनियों को ही सब्सिडी का भुगतान जारी रहेगा.
क्या हमारी थाली में परोसा जाने वाला खाना ही बीमारी की वजह बन सकता है? 'द इंडिया स्टोरी' इसी गंभीर सवाल को कोर्टरूम ड्रामा के जरिए उठाती है. श्रेयस तलपड़े और काजल अग्रवाल की यह फिल्म खाने में मिलावट, कीटनाशकों और बढ़ते कैंसर जैसे मुद्दों पर चर्चा करती है.
Glyphosate Files: जो केमिकल अमेरिका या यूरोप की जनता की सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है वो भारत के लोगों के लिए अच्छा कैसे हो सकता है? यही वो बुनियादी सवाल है जिससे एग्रो केमिकल लॉबी को बहुत डर लगता है. इसीलिए अब केंद्र सरकार के निशाने पर ग्लाइफोसेट जैसा विवादित खरपतवारनाशक है. कृषि विशेषज्ञों का साफ कहना है कि इंसानी सेहत और पर्यावरण को दांव पर लगाकर मुनाफे की खेती नहीं की जा सकती.
जहरीले पेस्टिसाइड और सुरक्षित भोजन का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है. आज सिनेमाघरों में रिलीज हो रही फिल्म 'द इंडिया स्टोरी' खेती में रासायनिक कीटनाशकों के बढ़ते इस्तेमाल और उसके संभावित स्वास्थ्य प्रभावों पर सवाल उठाती है.
नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी ने देश में उर्वरकों के असंतुलित उपयोग पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि NPK अनुपात 9.8:3.7:1 तक पहुंच गया है, जबकि 4:2:1 आदर्श माना जाता है. यूरिया के अधिक इस्तेमाल से मिट्टी की सेहत और फसलों की उत्पादकता प्रभावित हो रही है.
ओडिशा में खरीफ सीजन के दौरान खाद की उपलब्धता को लेकर सियासी विवाद बढ़ गया है. BJD ने भाजपा सरकार पर यूरिया और डीएपी की कमी, कालाबाजारी और किसानों को समय पर खाद नहीं मिलने का आरोप लगाया है.
बरसात का मौसम धनिया उगाने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है. अगर आप घर की बालकनी, छत या किचन गार्डन में ताजा और खुशबूदार धनिया उगाना चाहते हैं, तो ये किस्म आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकती है. जानिए इस उन्नत किस्म के बीज ऑनलाइन कहां मिलेंगे.
बायर ने कपास की फसल को रस चूसने वाले कीटों से बचाने के लिए नया कीटनाशक ‘ट्रांस’ लॉन्च किया है. यह माहू, जैसिड और सफेद मक्खी के निम्फ के नियंत्रण में प्रभावी बताया गया है. कंपनी का दावा है कि इससे फसल की सेहत बेहतर होगी, उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की लागत कम करने में मदद मिलेगी.
केंद्र सरकार ने संसद में बताया कि बीजों के आयात और निर्यात को आसान बनाने के लिए प्रक्रियाओं को सरल किया गया है. भारत का बीज निर्यात लगातार बढ़ रहा है और पिछले तीन वर्षों में आईसीएआर के 27 संस्थानों ने 1,317 लाइसेंसिंग समझौते किए हैं. सरकार बीज उद्योग में सार्वजनिक-निजी भागीदारी को भी बढ़ावा दे रही है.
छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के आर.एल. रिछारिया जैव विविधता संग्रहालय में देश का सबसे बड़ा धान जर्मप्लाज्म संग्रह मौजूद है.यहां 23,250 पारंपरिक धान किस्मों सहित कुल 30,875 फसल प्रजातियां संरक्षित हैं. संग्रहालय में सुगंधित, औषधीय और विलुप्त हो चुकी धान की दुर्लभ किस्में भी सुरक्षित रखी गई हैं.
UP News: प्रदेश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है और 20 जुलाई 2026 तक प्रदेश में कुल 15.98 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 5.02 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 4.93 लाख मीट्रिक टन एनपीके, 3.63 लाख मीट्रिक टन एसएसपी एवं 1.11 लाख मीट्रिक टन एमओपी उर्वरक उपलब्ध है. सहकारिता और निजी क्षेत्र दोनों के सेल पॉइंट्स पर पर्याप्त स्टॉक मौजूद है.
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खरीफ सीजन की समीक्षा बैठक में अल नीनो, मॉनसून, खरीफ बुवाई, खाद-बीज की उपलब्धता और बारिश की स्थिति का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने राज्यों को संवेदनशील जिलों की लगातार निगरानी और किसानों तक समय पर उर्वरक पहुंचाने के निर्देश दिए.
मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन कांग्रेस विधायक दल ने किसानों के मुद्दों पर जोरदार प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने खाद संकट, MSP, खरीदी में अनियमितता और मुआवजे को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
बरसात का मौसम सहजन (मोरिंगा) लगाने का सबसे अच्छा समय माना जाता है. अगर आप कम लागत में लंबे समय तक अच्छी कमाई देने वाला पौधा लगाना चाहते हैं, तो सहजन की उन्नत किस्म बेहतरीन विकल्प हो सकती है.
प्रदेश में किसानों को नकली बीज, खाद और कीटनाशकों से बचाने के लिए कृषि विभाग ने गुणवत्ता नियंत्रण अभियान तेज कर दिया है। लगातार निरीक्षण, सैंपल जांच और सख्त कार्रवाई के जरिए किसानों तक प्रमाणित कृषि आदान पहुंचाने तथा कृषि उत्पादकता और आय बढ़ाने पर फोकस किया जा रहा है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 'भारत NPK' नाम से बिक रहे अमोनियम सल्फेट उर्वरक को लेकर विवाद गहरा गया है. भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच, संदिग्ध खाद की बिक्री पर रोक और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. दूसरी ओर अमोनियम सल्फेट उर्वरक के बैग पर एनपीके (NPK) अंकित होने को लेकर उठ रहे सवालों के बीच हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (HURL) ने स्पष्टीकरण जारी किया है.
Side Effects of Pesticides: पैराक्वाट डायक्लोराइड को बैन करने का ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी हो गया है, लेकिम ग्लाइफोसेट का क्या होगा? क्या सरकार इसे भी बैन करने की हिम्मत दिखाएगी? ग्लाइफोसेट संभावित कैंसरकारी और हार्मोन बिगाड़ने वाला विलेन बताया गया है. यह महिलाओं के हार्मोनल सिस्टम को बुरी तरह डैमेज करता है. इस केमिकल के खिलाफ दुनिया भर की अदालतों में कैंसर के हजारों मामले चल रहे हैं, फिर भी भारत में इसे क्यों बेचा जा रहा है?
लद्दाख प्रशासन ने खेती को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए रासायनिक और सिंथेटिक खाद के इस्तेमाल, बिक्री और खरीद पर तत्काल रोक लगा दी है. नियम तोड़ने वालों पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा. प्रशासन का उद्देश्य लद्दाख को जैविक खेती वाला क्षेत्र बनाना, मिट्टी और जल संसाधनों की रक्षा करना है.
महाराष्ट्र सरकार ने बीज, उर्वरक और कीटनाशकों की गुणवत्ता से जुड़ी किसानों की शिकायतों के निपटारे के लिए नई व्यवस्था लागू की है. अब हर शिकायत की जांच सात दिनों के भीतर होगी. तालुका स्तर की समितियों का फिर से गठन किया गया है.
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