Paraquat Dichloride Ban: जिस पैराक्वाट डाइक्लोराइड नामक हर्बिसाइड को दुनिया के 74 देश बैन कर चुके हैं, वह हमारे यहां कुछ कृषि वैज्ञानिकों और नौकरशाहों की सेटिंग के कारण धडल्ले से इस्तेमाल हो रहा है. साल 2020 में केंद्र ने 27 कीटनाशकों पर बैन लगाने का ड्राफ्ट निकाला था, लेकिन जब 2023 में फाइनल कॉपी आई तो खेल हो चुका था. उसमें से 24 कीटनाशक बैन से बाहर कर दिए गए थे. देखना यह है कि क्या इस बार पैराक्वाट बैन हो जाएगा या फिर एग्रो केमिकल कंपनियां कृषि मंत्रालय पर भारी पड़ जाएंगी?
छत्तीसगढ़ सरकार ने रायगढ़ जिले के 33,017 किसानों को 113.47 करोड़ रुपये की अग्रिम सहायता, खाद और बीज उपलब्ध कराए हैं.समय पर मिली इस मदद से खरीफ फसलों की बुवाई तेज हुई है और किसानों में बेहतर उत्पादन की उम्मीद बढ़ी है.
करोड़ों का मुनाफा कूटने वाले पेस्टिसाइड सिंडिकेट की तिजोरियों पर जैसे ही फिल्म 'The India Story: Slow Poison in Progress' ने प्रहार किया, इस लॉबी के पेट में भयंकर दर्द शुरू हो गया और इन्होंने तुरंत सेंसर बोर्ड में फिल्म पर रोक लगाने की गुहार लगा दी. किसानों के हित का ढोंग रचने वाली यह इंडस्ट्री केमिकल के जानलेवा खतरों पर जागरुकता के नाम पर अंगूठा दिखा देती है, लेकिन जैसे ही कोई इनके 'जहर' के धंधे का भांडा फोड़ने की कोशिश करता है, तो इन्हें आग लग जाती है.
इस बरसात अगर आप मूली की खेती करने की सोच रहे हैं, तो इस बेहतरीन किस्म की खेती कर सकते हैं. यह किस्म गर्मी और बारिश दोनों मौसम में अच्छी पैदावार देती है. वहीं, इस किस्म के बीज को आप NSC के ONDC ऑनलाइन स्टोर से घर बैठे मंगवा सकते हैं.
मध्य प्रदेश में सरकारी उपार्जन केंद्रों से खरीदा गया करीब 86 हजार क्विंटल गेहूं गोदामों तक नहीं पहुंचा। करीब 23 करोड़ रुपये मूल्य के इस मामले में सरकार ने सभी जिलों में जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
विदिशा के किसान शिशुपाल सिंह ने एनएमईओ-ऑयलसीड्स योजना के तहत RH-761 उन्नत सरसों बीज से एक हेक्टेयर में 22.5 क्विंटल उत्पादन लेकर 1 लाख रुपये से अधिक का शुद्ध लाभ कमाया. जानिए उनकी सफलता की पूरी कहानी.
उर्वरक सब्सिडी व्यवस्था को लेकर स्पेशलिटी फर्टिलाइजर उद्योग ने सरकार से सुधार की मांग की है. किसानों को जबरन दूसरी खाद बेचने की शिकायत, टैगिंग पर सख्त कार्रवाई और डायरेक्ट सब्सिडी की मांग प्रमुख मुद्दे रहे.
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में प्रगतिशील किसान हिमांशु बंजारे ने ढैंचा की हरी खाद अपनाकर प्राकृतिक खेती का सफल उदाहरण पेश किया है.ढैंचा मिट्टी में प्राकृतिक नाइट्रोजन बढ़ाकर उर्वरता सुधारता है, रासायनिक खाद की जरूरत कम करता है और खेती की लागत घटाने में मदद करता है.
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद भारत के लिए खाद और उसके कच्चे माल से भरे 15 जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर चुके हैं. सरकार का कहना है कि देश में खाद का पर्याप्त भंडार मौजूद है, लेकिन वर्ल्ड बैंक ने चेतावनी दी है कि 2026 में यूरिया, DAP और MOP की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है. जानिए भारत में खाद की उपलब्धता, कीमतों और भविष्य की चुनौतियों की पूरी तस्वीर.
Farmers-Breeders प्लांट और बीज की नई किस्मों के विकास को बढ़ावा देने और नई किस्मों को बेहतर बनाने और उपलब्ध कराने में किसानों और ब्रीडर्स के योगदान को मान्यता देने के लिए प्रोटेक्शन ऑफ प्लांट-वैरायटी एंड फार्मर्स राइट्स एक्ट 2001 बनाया गया है. यही वो एक्ट है जो किसान और ब्रीडर्स को पैसा और नाम दोनों कमाने का मौका दिलाता है.
मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के भेरूंदा में मूंग खरीदी को लेकर किसानों का बड़ा प्रदर्शन हुआ.2 हजार से अधिक ट्रैक्टरों और 10 हजार किसानों ने 100% मूंग खरीदी की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. किसानों ने ई-टोकन व्यवस्था खत्म करने की मांग की और 9 जुलाई को भोपाल-नागपुर हाईवे जाम व विधानसभा घेराव की चेतावनी दी.
Atrazine herbicide: किसी भी केमिकल को बंद करने की बात करिए तो हमारे एग्रो केमिकल कंपनियां और हमारे कृषि वैज्ञानिक खाद्य सुरक्षा का मुद्दा आगे कर देते हैं. ऐसे लोगों से पूछा जाना चाहिए कि आखिर बड़ा क्या है? गोदामों में सड़ता हुआ वह सरकारी अनाज या इस देश के नागरिकों की सेहत? क्या चंद एग्रो-केमिकल कंपनियों का टर्नओवर लोगों की जिंदगी से भी ज्यादा कीमती हो चुका है?
भारत के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है. सरकार ने बताया कि 15 खाद जहाज सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर भारत की ओर आ रहे हैं. इनमें यूरिया, डीएपी और सल्फर शामिल हैं. सरकार का दावा है कि देश में खाद की पर्याप्त आपूर्ति है और किसानों को कोई कमी नहीं होगी.
मध्य प्रदेश में मूंग खरीदी को लेकर किसानों का विरोध तेज हो गया है। 25% खरीदी के फैसले के खिलाफ 6 जुलाई को हरदा में रेल रोको और भैरुंदा में ट्रैक्टरों के साथ बड़े आंदोलन की तैयारी है। किसान 100% समर्थन मूल्य पर खरीदी, ई-टोकन व्यवस्था खत्म करने और अन्य मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।
अगर आप जुलाई में कम लागत में अच्छी कमाई देने वाली फसल की तलाश कर रहे हैं, तो आपके लिए ये किस्म एक विकल्प हो सकती है. यह उन्नत किस्म अधिक उपज, बेहतर गुणवत्ता और कम खुजली वाले कंदों के लिए जानी जाती है. आइए जानते हैं इसकी खासियतें और कहां से किसान इसका बीज उचित कीमत पर खरीद सकते हैं.
जर्मनी ने जिस थीरम (Thiram) की शुरुआत की, उसने अपने नागरिकों के स्वास्थ्य और पर्यावरण को प्राथमिकता देते हुए इस पर पूरी तरह बैन लगा दिया. इसके विपरीत, भारत में सुरक्षित जैविक विकल्प मौजूद होने के बावजूद इस जहरीले फंगीसाइड का इस्तेमाल धड़ल्ले से जारी है. एग्रो कंपनियों के मुनाफे और तुरंत परिणाम की चाहत में इसे भारतीय खेतों में खपाया जा रहा है, जो हमारे पर्यावरण और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है.
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में मंत्री रामविचार नेताम ने 29 एकड़ में हो रही सफल मखाना खेती का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि मखाना खेती किसानों की आय बढ़ाने के साथ महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बनेगी। साथ ही प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और विपणन को सशक्त बनाने के निर्देश दिए
भारत और जापान ने इंडिया-जापान बायोगैस इनिशिएटिव के तहत भारत में 1,000 बायोगैस और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर प्लांट लगाने में सहयोग पर सहमति जताई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इससे गोवर्धन पहल को मजबूती मिलेगी और गांवों में स्थिरता, समृद्धि व ग्रामीण आजीविका को नई शक्ति मिलेगी.
यूपीएल और स्वाल ने अपने पेटेंटेड खरपतवार नाशक उत्पादों 'ट्रिस्केल' और 'त्रिशुक' की नकल कर बेचे जा रहे कथित उल्लंघनकारी उत्पादों के खिलाफ उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में व्यापक कार्रवाई की है. हालिया छापेमारी में संदिग्ध निर्माण इकाइयों से बड़ी मात्रा में सामग्री जब्त की गई और जांच के लिए महत्वपूर्ण सबूत जुटाए गए. कंपनी ने किसानों को केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही उत्पाद खरीदने की सलाह दी है और मिलते-जुलते नामों और पैकेजिंग वाले उत्पादों से सावधान रहने को कहा है. यूपीएल ने स्पष्ट किया है कि उसके बौद्धिक संपदा अधिकारों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और आर्थिक क्षतिपूर्ति की मांग की जाएगी.
Fertilizer Stock in UP: डॉ पंकज कुमार त्रिपाठी ने बताया कि उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी, ओवर रेटिंग और टैगिंग रोकने के लिए प्रदेश में कड़ी निगरानी रखी जा रही है. 1 अप्रैल, 2026 से 30 जून, 2026 तक कुल 4,091 छापे मारे गए, जिनमें 75 नमूने ग्रहित किए गए, 85 लाइसेंस निलंबित व 30 निरस्त किए गए, 1 दुकान पर बिक्री प्रतिबंधित हुई, 460 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए तथा 28 एफआईआर दर्ज की गई.
सिवनी के बबरिया गांव में आयोजित धान महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कीचड़ में उतरकर महिलाओं के साथ धान का रोपा लगाया. उन्होंने किसान परिवार के साथ आत्मीय संवाद किया, पारंपरिक 'सिदोरी' का स्वाद लिया और महिला किसानों के लिए सोलर पैनल लगाने के निर्देश भी दिए.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today