छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में प्रगतिशील किसान हिमांशु बंजारे ने ढैंचा की हरी खाद अपनाकर प्राकृतिक खेती का सफल उदाहरण पेश किया है.ढैंचा मिट्टी में प्राकृतिक नाइट्रोजन बढ़ाकर उर्वरता सुधारता है, रासायनिक खाद की जरूरत कम करता है और खेती की लागत घटाने में मदद करता है.
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद भारत के लिए खाद और उसके कच्चे माल से भरे 15 जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर चुके हैं. सरकार का कहना है कि देश में खाद का पर्याप्त भंडार मौजूद है, लेकिन वर्ल्ड बैंक ने चेतावनी दी है कि 2026 में यूरिया, DAP और MOP की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है. जानिए भारत में खाद की उपलब्धता, कीमतों और भविष्य की चुनौतियों की पूरी तस्वीर.
Farmers-Breeders प्लांट और बीज की नई किस्मों के विकास को बढ़ावा देने और नई किस्मों को बेहतर बनाने और उपलब्ध कराने में किसानों और ब्रीडर्स के योगदान को मान्यता देने के लिए प्रोटेक्शन ऑफ प्लांट-वैरायटी एंड फार्मर्स राइट्स एक्ट 2001 बनाया गया है. यही वो एक्ट है जो किसान और ब्रीडर्स को पैसा और नाम दोनों कमाने का मौका दिलाता है.
मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के भेरूंदा में मूंग खरीदी को लेकर किसानों का बड़ा प्रदर्शन हुआ.2 हजार से अधिक ट्रैक्टरों और 10 हजार किसानों ने 100% मूंग खरीदी की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. किसानों ने ई-टोकन व्यवस्था खत्म करने की मांग की और 9 जुलाई को भोपाल-नागपुर हाईवे जाम व विधानसभा घेराव की चेतावनी दी.
Atrazine herbicide: किसी भी केमिकल को बंद करने की बात करिए तो हमारे एग्रो केमिकल कंपनियां और हमारे कृषि वैज्ञानिक खाद्य सुरक्षा का मुद्दा आगे कर देते हैं. ऐसे लोगों से पूछा जाना चाहिए कि आखिर बड़ा क्या है? गोदामों में सड़ता हुआ वह सरकारी अनाज या इस देश के नागरिकों की सेहत? क्या चंद एग्रो-केमिकल कंपनियों का टर्नओवर लोगों की जिंदगी से भी ज्यादा कीमती हो चुका है?
भारत के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है. सरकार ने बताया कि 15 खाद जहाज सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर भारत की ओर आ रहे हैं. इनमें यूरिया, डीएपी और सल्फर शामिल हैं. सरकार का दावा है कि देश में खाद की पर्याप्त आपूर्ति है और किसानों को कोई कमी नहीं होगी.
मध्य प्रदेश में मूंग खरीदी को लेकर किसानों का विरोध तेज हो गया है। 25% खरीदी के फैसले के खिलाफ 6 जुलाई को हरदा में रेल रोको और भैरुंदा में ट्रैक्टरों के साथ बड़े आंदोलन की तैयारी है। किसान 100% समर्थन मूल्य पर खरीदी, ई-टोकन व्यवस्था खत्म करने और अन्य मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।
अगर आप जुलाई में कम लागत में अच्छी कमाई देने वाली फसल की तलाश कर रहे हैं, तो आपके लिए ये किस्म एक विकल्प हो सकती है. यह उन्नत किस्म अधिक उपज, बेहतर गुणवत्ता और कम खुजली वाले कंदों के लिए जानी जाती है. आइए जानते हैं इसकी खासियतें और कहां से किसान इसका बीज उचित कीमत पर खरीद सकते हैं.
जर्मनी ने जिस थीरम (Thiram) की शुरुआत की, उसने अपने नागरिकों के स्वास्थ्य और पर्यावरण को प्राथमिकता देते हुए इस पर पूरी तरह बैन लगा दिया. इसके विपरीत, भारत में सुरक्षित जैविक विकल्प मौजूद होने के बावजूद इस जहरीले फंगीसाइड का इस्तेमाल धड़ल्ले से जारी है. एग्रो कंपनियों के मुनाफे और तुरंत परिणाम की चाहत में इसे भारतीय खेतों में खपाया जा रहा है, जो हमारे पर्यावरण और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है.
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में मंत्री रामविचार नेताम ने 29 एकड़ में हो रही सफल मखाना खेती का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि मखाना खेती किसानों की आय बढ़ाने के साथ महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बनेगी। साथ ही प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और विपणन को सशक्त बनाने के निर्देश दिए
भारत और जापान ने इंडिया-जापान बायोगैस इनिशिएटिव के तहत भारत में 1,000 बायोगैस और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर प्लांट लगाने में सहयोग पर सहमति जताई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इससे गोवर्धन पहल को मजबूती मिलेगी और गांवों में स्थिरता, समृद्धि व ग्रामीण आजीविका को नई शक्ति मिलेगी.
यूपीएल और स्वाल ने अपने पेटेंटेड खरपतवार नाशक उत्पादों 'ट्रिस्केल' और 'त्रिशुक' की नकल कर बेचे जा रहे कथित उल्लंघनकारी उत्पादों के खिलाफ उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में व्यापक कार्रवाई की है. हालिया छापेमारी में संदिग्ध निर्माण इकाइयों से बड़ी मात्रा में सामग्री जब्त की गई और जांच के लिए महत्वपूर्ण सबूत जुटाए गए. कंपनी ने किसानों को केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही उत्पाद खरीदने की सलाह दी है और मिलते-जुलते नामों और पैकेजिंग वाले उत्पादों से सावधान रहने को कहा है. यूपीएल ने स्पष्ट किया है कि उसके बौद्धिक संपदा अधिकारों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और आर्थिक क्षतिपूर्ति की मांग की जाएगी.
Fertilizer Stock in UP: डॉ पंकज कुमार त्रिपाठी ने बताया कि उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी, ओवर रेटिंग और टैगिंग रोकने के लिए प्रदेश में कड़ी निगरानी रखी जा रही है. 1 अप्रैल, 2026 से 30 जून, 2026 तक कुल 4,091 छापे मारे गए, जिनमें 75 नमूने ग्रहित किए गए, 85 लाइसेंस निलंबित व 30 निरस्त किए गए, 1 दुकान पर बिक्री प्रतिबंधित हुई, 460 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए तथा 28 एफआईआर दर्ज की गई.
सिवनी के बबरिया गांव में आयोजित धान महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कीचड़ में उतरकर महिलाओं के साथ धान का रोपा लगाया. उन्होंने किसान परिवार के साथ आत्मीय संवाद किया, पारंपरिक 'सिदोरी' का स्वाद लिया और महिला किसानों के लिए सोलर पैनल लगाने के निर्देश भी दिए.
खरीफ 2026 सीजन में किसानों के लिए खादों की उपलब्धता फिलहाल अच्छी बनी हुई है. 19 जून 2026 तक देश में यूरिया, डीएपी, एमओपी, एनपीके और एसएसपी खाद का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, जिससे बुवाई का काम प्रभावित होने की संभावना कम है.
Benfuracarb: बेनफुराकार्ब इंसानों में कैंसर बोने, सांसों के जरिए जान लेने और नर्वस सिस्टम को चंद मिनटों में ठप करने वाला एक खूनी केमिकल है. दुनिया के 28 देशों में वर्जित हो चुका यह रिजेक्टेड जहर आखिर एग्रोकेमिकल कंपनियों के अरबों के मुनाफे के लिए भारतीय किसानों और कंज्यूमर्स की थाली में क्यों परोसा जा रहा है? क्या हमारे देश के नागरिकों की जिंदगियों की कीमत कंपनियों के टर्नओवर से भी कम आंकी गई है?
Paddy Farming: भारतीय किसान देश में बड़े स्तर पर धान की खेती करते हैं. ऐसे में किसानों की सुविधा के लिए ये सरकारी संस्था किसानों की सुविधा के लिए ऑनलाइन धान की उन्नत किस्म का बीच बेच रहा है.
केंद्र सरकार ग्रीन यूरिया उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठा रही है. आंध्र प्रदेश के पुडिमदाका में 150 टीपीडी का पायलट प्लांट बनाया जाएगा. इसका उद्देश्य आयात पर निर्भरता कम करना और पर्यावरण के अनुकूल खाद तैयार करना है. यह परियोजना भारत को आत्मनिर्भर बनाने और नेट जीरो लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
किसान मौजूदा समय में धान-गेहूं के अलावा मोटे अनाजों की खेती भी बड़े पैमाने पर करने लगे हैं. इसके लिए सरकार भी किसानों को प्रोत्साहित कर रही है, जिससे किसानों की बंपर कमाई भी हो रही है. इसलिए किसान बड़े स्तर पर इसकी खेती कर रहे हैं.
भारत में ग्रीन यूरिया उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने रोडमैप पर काम तेज कर दिया है. ग्रीन यूरिया संयंत्र स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के तहत हर साल 7.24 लाख मीट्रिक टन ग्रीन अमोनिया खरीदने की योजना बनाई गई है.
Carbendazim: कृषि मंत्रालय ने मई 2020 के ड्राफ्ट नोटिफिकेशन में कार्बेंडाजिम को खुद इंसानी सेहत के लिए खतरनाक स्वीकार करते हुए इस पर बैन लगाने का फैसला किया था, लेकिन इसके बाद अरबों रुपये का टर्नओवर करने वाली कीटनाशक कंपनियों की लॉबी ने नीति निर्माताओं पर ऐसा चौतरफा दबाव बनाया कि सरकार ने जनता की सेहत पर पूरी तरह 'यू-टर्न' ले लिया. इस जानलेवा केमिकल को बैन की लिस्ट से चुपचाप बाहर करके करोड़ों भारतीयों की थाली में यह धीमा जहर परोसने की खुली छूट दे दी.
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