ICAR द्वारा विकसित नई उन्नत प्याज किस्में किसानों के लिए बेहतर उत्पादन और अधिक मुनाफे का अवसर लेकर आई हैं. इन किस्मों में 324 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उपज, 6 महीने तक भंडारण क्षमता तथा प्रमुख रोगों और कीटों के प्रति बेहतर सहनशीलता जैसी विशेषताएं हैं, जिससे विभिन्न जलवायु क्षेत्रों के किसानों को लाभ मिलेगा.
Fertilizer Booking by APP: कृषि निदेशक ने बताया कि इस नई डिजिटल व्यवस्था को सुचारू रूप से धरातल पर उतारने के लिए सरकार रिटेल काउंटर्स को भी तेजी से अपडेट कर रही है. दोनों जनपदों में सक्रिय कुल 3,758 उर्वरक खुदरा विक्रेताओं में से 296 रिटेलर्स के पीओएस (POS) उपकरणों को पहले ही दिन नवीनतम 3.77वी संस्करण में सफलतापूर्वक अपग्रेड कर दिया गया है.
वाराणसी में आईसीएआर-भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान में आयोजित बैठक में कृषि विशेषज्ञों, एफपीओ प्रतिनिधियों और किसानों ने खेत बचाओ अभियान, संतुलित उर्वरक उपयोग और प्राकृतिक खेती पर चर्चा की. गोपाल भाई सुतारिया ने कहा कि गाय आधारित प्राकृतिक खेती अपनाकर ही कृषि का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है.
केंद्र सरकार ने खरीफ 2026 सीजन के लिए देश में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता का भरोसा जताया है. मौजूदा स्टॉक 51% तक पहुंच चुका है, जबकि जैविक खाद की मांग में भी तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है.
खरीफ सीजन में उर्वरक कालाबाजारी पर बेमेतरा प्रशासन की बड़ी कार्रवाई. देवकर तहसील के ग्राम गाड़ाडीह में अवैध रूप से भंडारित 585 बोरी उर्वरक जब्त कर गोदाम सील किया गया. जब्त खाद के नमूने जांच के लिए लैब भेजे गए हैं.प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी
Acephate Insecticide: मधुमक्खियां केवल शहद की बूंदें नहीं, बल्कि हमारी फसलों की जीवन रेखा भी हैं. खेतों में गुनगुनाती ये नन्ही कड़ियां चुपचाप परागण का वो महायज्ञ करती हैं, जिससे पौधों को जीवन और इंसानों को भोजन मिलता है. यदि ये अनमोल मित्र न रहें, तो कृषि का ताना-बाना बिखर जाएगा और दुनिया भूख के संकट में आ जाएगी. इसलिए खेतों में ‘ऐसफेट’ जैसे जहर छिड़कना, सीधे अपनी थाली पर कुल्हाड़ी मारने जैसा है.
Uttar Pradesh News: डॉ. पंकज त्रिपाठी ने आगे बताया कि इस व्यवस्था के अंतर्गत आवेदन के लिए 3 श्रेणियां निर्धारित की गई हैं. प्रथम स्तर में आईडी धारक किसान शामिल हैं, जो अपनी किसान आईडी और आधार सत्यापन के माध्यम से आवेदन करेंगे. द्वितीय स्तर में आईडी विहीन किसान अपनी भूमि का विवरण दर्ज करके आवेदन कर सकते हैं.
अमरावती ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक निकेतन कदम को जिले में प्रतिबंधित और गैर-प्रमाणित एचटीबीटी कपास बीजों की बिक्री की सूचना मिली थी. सूचना के आधार पर उन्होंने सभी पुलिस थानों को ऐसे अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे.
इस समय अंतरराष्ट्रीय हालात और खाड़ी देशों से खाद आपूर्ति प्रभावित होने की आशंकाओं के बीच पंजाब में भी यूरिया की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ गई है. किसानों का आरोप है कि सहकारी समितियों में आधार कार्ड या पासबुक के आधार पर सीमित मात्रा में ही यूरिया दिया जा रहा है.
देशी और पारंपरिक बीजों के संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने बड़ा कदम उठाया है. नए मानकों के तहत सामुदायिक बीज बैंकों के प्रबंधन को बेहतर बनाया जाएगा, जिससे किसानों को स्थानीय और गुणवत्तापूर्ण बीज आसानी से मिल सकेंगे.
बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राज्य के किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा है कि किसान खेती पर ध्यान दें. राज्य में उर्वरकों की किसी भी तरह की कमी नहीं है. हाल के समय में खाद का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार संतुलित मात्रा में उर्वरक उपलब्ध किए जाएंगे.
2,4-D Herbicide: अमेरिकी लैब में जन्मा 2,4-D केमिकल किसी किसान की मदद के लिए नहीं, बल्कि इंसानों को भूखा मारने के लिए बना था. अमेरिका और ब्रिटेन ने मिलकर फसलों को पल भर में राख करने के लिए इसे एक खौफनाक 'जैविक हथियार' के तौर पर तैयार किया था. जिसका वियतनाम युद्ध में इस्तेमाल किया गया. एग्रोकेमिकल कंपनियों ने इसी 'जहर' को हमारी थाली तक पहुंचा दिया. आखिर इसकी कीमत कौन चुकाएगा?
पंजाब में कृषि विभाग ने बठिंडा में कार्रवाई करते हुए 140 क्विंटल अवैध उर्वरक जब्त किया है. मामले में एक कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. जांच में लाइसेंस और उर्वरक मानकों से जुड़े उल्लंघन सामने आने का दावा किया गया है.
यूरिया के वैश्विक दाम में आई तेज गिरावट भारत के लिए राहत लेकर आई है. सरकार अब 2026-27 के खाद सब्सिडी अनुमान की दोबारा समीक्षा करेगी. हालिया आयात टेंडर में कम कीमतों के संकेत मिले हैं, जिससे सब्सिडी पर संभावित बोझ घटने और खरीफ सीजन में आपूर्ति मजबूत रहने की उम्मीद बनी है.
रायगढ़ जिले के पुसौर में खाद की कालाबाजारी और स्टॉक में गड़बड़ी के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है.जांच के दौरान एक खाद दुकान से 9 टन यूरिया जब्त किया गया, जबकि दूसरी दुकान पर 21 दिनों तक उर्वरक बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
खेती में फसलों को बेहतर पोषण देने के लिए खादों का सही मिश्रण बेहद जरूरी है. DAP, SSP, यूरिया, पोटाश और अन्य सूक्ष्म पोषक तत्वों को बिना जानकारी के मिलाने से रासायनिक प्रतिक्रिया होकर पोषक तत्व बेअसर हो सकते हैं. कुछ कॉम्बिनेशन जैसे DAP-यूरिया और DAP-पोटाश सुरक्षित हैं, जबकि DAP-जिंक सल्फेट या SSP-यूरिया जैसे मिश्रण फसल को नुकसान पहुंचा सकते हैं. सही जानकारी और विशेषज्ञ सलाह से किसान अपनी लागत बचाकर फसल की पैदावार बढ़ा सकते हैं.
हरियाणा में धान की रोपाई का सीजन शुरू हो चुका है, लेकिन सोनीपत जिले के किसानों का कहना है कि उन्हें खाद नहीं मिल रही है. जिससे उन्हें डर है कि इसका असर कहीं धान की फसल पर ना पड़े.
एनएफएल के यूरिया आयात टेंडर में उम्मीद से काफी कम बोली मिलने के बाद सरकार तय मात्रा से ज्यादा खरीद पर विचार कर सकती है. कम कीमतों ने वैश्विक बाजार में हलचल बढ़ा दी है, जबकि अतिरिक्त मांग और रबी सीजन की जरूरत को देखते हुए आगे की रणनीति पर नजर बनी हुई है.
क्या देश का किसान और कंज्यूमर अनजाने में एक ऐसे जानलेवा चक्रव्यूह में फंस चुका है, जिससे निकलना उसके बस में नहीं है? जिस केमिकल को खरपतवार का काल माना गया, वह आज किसानों की सेहत का दुश्मन बनता जा रहा है. पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ जागरूकता की कमी है, या फिर एग्रो केमिकल कंपनियों के मुनाफे के आगे इंसानी जिंदगी को बौना समझने की सोची-समझी खामोशी?
भारत की सूखी मिर्च के निर्यात पर मेथामिडोफोस नाम के जहरीले कीटनाशक के अवशेषों के कारण संकट खड़ा हो गया है. जानिए यह क्या होता है, कैसे बनता है और इंसानी सेहत और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर इसका क्या असर पड़ता है.
खरीफ सीजन 2026 में मध्य प्रदेश सरकार ने खाद वितरण के लिए ई-विकास प्रणाली लागू कर दी है। अब किसानों को उर्वरक प्राप्त करने के लिए पहले ऑनलाइन ई-टोकन बुक करना होगा। फार्मर आईडी अनिवार्य होने से बिना आईडी वाले किसानों को खाद मिलने में परेशानी हो सकती है।
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