केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संकेत दिए हैं कि खाद सब्सिडी सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजने की दिशा में सरकार जल्द बड़ा कदम उठा सकती है. IARI किसान मेले में उन्होंने बताया कि वर्तमान में 1.70 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी कंपनियों को दी जाती है, जिसे किसानों को डायरेक्ट बेनिफिट के रूप में देने की संभावना पर काम चल रहा है. मंत्री ने अधिकारियों को इस बदलाव के लिए सिस्टम तैयार करने के निर्देश भी दिए.
आज के दौर में किसान सिर्फ दूध बेचकर ही नहीं, बल्कि गोबर के सही बिजनेस से भी लखपति बन सकते हैं. इसका जीता-जागता उदाहरण उत्तर प्रदेश के एक प्रगतिशील किसान हैं, जिन्होंने गोबर के सही मैनेजमेंट से लाखों का बिजनेस खड़ा कर दिया है. हमारे देश में पशुधन की कोई कमी नहीं है, बस जरूरत है इसे कमाई में बदलने की.
किसान मौजूदा समय में धान-गेहूं के अलावा दलहनी फसलों की खेती भी बड़े पैमाने पर करने लगे हैं. इसके लिए सरकार भी किसानों को प्रोत्साहित कर रही है. इससे किसानों की बंपर कमाई भी हो रही है. इसलिए किसान बड़े स्तर पर इसकी खेती कर रहे हैं.
दुबई के जाफ्जा में अमरक केमिकल्स ने अत्याधुनिक सल्फर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शुरू की है. 60 हजार टन क्षमता वाला यह प्लांट भारत और वैश्विक बाजारों के लिए अहम साबित हो सकता है. CEPA के तहत ड्यूटी फ्री एक्सपोर्ट से किसानों तक असर दिखेगा.
इस महीने अदरक की खेती करके अच्छी कमाई कर सकते हैं. किसान बड़े स्तर पर मार्केट की डिमांड को देखते हुए इसकी खेती कर रहे हैं. ऐसे में किसानों की सुविधा के लिए ये सरकारी संस्थान इसके बेस्ट प्रकंद (बीज) बेच रहा है. इसको आप ऑनलाइन स्टोर से खरीद कर बंपर कमाई कर सकते हैं.
मंत्री मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि सीड पार्क के जरिए बीज उत्पादन, प्रॉसेसिंग, भंडारण, स्पीड ब्रीडिंग व हाइब्रिड लैब जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी. प्रदेश में अगले पांच वर्षों में प्रदेश में कम से कम 5 सीड पार्क विकसित किए जाएंगे. ये सीड पार्क बीज उत्पादन, प्रसंस्करण, गुणवत्ता परीक्षण और भंडारण की सभी आधुनिक सुविधाओं से युक्त एकीकृत परिसर वाले होंगे.
UP News: देश में पहली बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एम-पैक्स का सदस्यता महाअभियान शुरू किया. यह सदस्यता महाअभियान दो चरणों में चलाया गया. पहले चरण की शुरुआत सितंबर 2023 में की गई, जिसमें बड़े पैमाने पर नए सदस्य जुड़े. दूसरे चरण का शुभारंभ सितंबर 2025 में किया गया, जिसमें अभियान को और गति मिली.
Varanasi News: संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उनके मार्गदर्शन में तकनीक हस्तांतरण की प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाया गया. डॉ. कुमार ने कहा कि संस्थान का लक्ष्य अनुसंधान को केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित न रखकर उसे किसानों के खेतों तक पहुंचाना है.
UP News: अपर कृषि निदेशक (बीज एवं प्रक्षेत्र) अनिल कुमार पाठक ने बताया कि बीज उत्पादक संस्थाओं, कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) और बीज कंपनियों के प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित कर मास्टर ट्रेनर बनाया जा रहा है. अब ये प्रशिक्षक जनपद स्तर पर थोक व फुटकर विक्रेताओं को प्रशिक्षित करेंगे जिससे नई प्रणाली का सही ढंग से संचालन हो सकेगा.
आज उत्तर प्रदेश का गन्ना किसान 'लाल सड़न' यानी और खतरनाक कीटों से बेहद परेशान है. पुरानी किस्मों में बीमारी लगने से खड़ी फसल बर्बाद हो रही है, जिससे मेहनत और पैसा दोनों डूब रहे हैं. किसानों की इसी बड़ी टेंशन को दूर करने के लिए केंद्र सरकार की सेंट्रल वैराइटी रीलीज कमेटी (CVRC) ने गन्ने की 7 नई खास किस्मों को हरी झंडी दे दी है. ये कोई साधारण गन्ना किस्म या बीज नहीं हैं, बल्कि वैज्ञानिकों के कई सालों के कड़े परीक्षण और कठोर जांच के बाद तैयार किए गए हैं.
गार्डनिंग और सब्जियों की खेती की बढ़ती डिमांड को देखते हुए ये सरकारी संस्था किसानों की सुविधा के लिए ऑनलाइन गर्मी के दिनों में बोई जाने वाली सब्जियों के किट बेच रहा है. इस किट को आप ऑनलाइन खरीद सकते हैं.
मौजूदा समय में किसान धान-गेहूं के अलावा मोटे अनाज की खेती बड़े पैमाने पर करने लगे हैं. इससे किसानों की बंपर कमाई भी हो रही है. इसलिए किसान बड़े स्तर पर इसकी खेती कर रहे हैं. किसानों की सुविधा के लिए राष्ट्रीय बीज निगम ऑनलाइन मक्के की उन्नत किस्म का बीज बेच रहा है.
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