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खाद-बीज News

लाल मिर्च में मेथामिडोफोस पेस्टिसाइड, चीन ने कैसे बढ़ाई भारत के मिर्च निर्यात की मुश्किलें?

लाल मिर्च में मेथामिडोफोस पेस्टिसाइड, चीन ने कैसे बढ़ाई भारत के मिर्च निर्यात की मुश्किलें?

Jun 11, 2026

भारत की सूखी मिर्च के निर्यात पर मेथामिडोफोस नाम के जहरीले कीटनाशक के अवशेषों के कारण संकट खड़ा हो गया है. जानिए यह क्या होता है, कैसे बनता है और इंसानी सेहत और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर इसका क्या असर पड़ता है.

MP Fertilizer Update: खाद लेने के लिए ई-टोकन अनिवार्य, जानिए पूरी प्रक्रिया

MP Fertilizer Update: खाद लेने के लिए ई-टोकन अनिवार्य, जानिए पूरी प्रक्रिया

Jun 11, 2026

खरीफ सीजन 2026 में मध्य प्रदेश सरकार ने खाद वितरण के लिए ई-विकास प्रणाली लागू कर दी है। अब किसानों को उर्वरक प्राप्त करने के लिए पहले ऑनलाइन ई-टोकन बुक करना होगा। फार्मर आईडी अनिवार्य होने से बिना आईडी वाले किसानों को खाद मिलने में परेशानी हो सकती है।

खरीफ सीजन में नकली कपास बीज का बड़ा मामला, नागपुर पुलिस ने 798 पैकेट किए जब्त, 2 आरोपी गिरफ्तार

खरीफ सीजन में नकली कपास बीज का बड़ा मामला, नागपुर पुलिस ने 798 पैकेट किए जब्त, 2 आरोपी गिरफ्तार

Jun 11, 2026

नागपुर में पुलिस ने नकली कपास बीज बेचने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए 798 पैकेट जब्त किए हैं और 2 लोगों को गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई वाडी क्षेत्र में की गई. जब्त बीजों की जांच कृषि विभाग कर रहा है. खरीफ सीजन में किसानों को ठगी से बचाने के लिए प्रशासन सख्त कार्रवाई कर रहा है.

एक तरफ खाद के लिए लाइनों में खड़े किसान, दूसरी तरफ सरकार कर रही पर्याप्त स्टॉक का दावा

एक तरफ खाद के लिए लाइनों में खड़े किसान, दूसरी तरफ सरकार कर रही पर्याप्त स्टॉक का दावा

Jun 11, 2026

पंजाब में खरीफ 2026 सीजन के लिए यूरिया की कोई कमी नहीं है. केंद्र सरकार ने बताया कि राज्य में मांग से अधिक 10.71 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध कराया गया है. पर्याप्त बफर स्टॉक और मजबूत आपूर्ति व्यवस्था के चलते किसानों को खाद की कोई दिक्कत नहीं होगी. सरकार ने निर्बाध सप्लाई का भरोसा दिया है.

बीजापुर में खाद वितरण की डिजिटल क्रांति: अब ई-टोकन से मिलेगी यूरिया-डीएपी, लंबी कतारों से किसानों को राहत

बीजापुर में खाद वितरण की डिजिटल क्रांति: अब ई-टोकन से मिलेगी यूरिया-डीएपी, लंबी कतारों से किसानों को राहत

Jun 11, 2026

बीजापुर जिले को केंद्र सरकार की एफएफएस (Framework for Fertilizer Sale) योजना के तहत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना गया है.नई डिजिटल व्यवस्था में किसान मोबाइल ऐप से यूरिया, डीएपी सहित अन्य उर्वरकों की एडवांस बुकिंग कर सकेंगे और ई-टोकन के जरिए खाद प्राप्त करेंगे. इससे लंबी कतारों, कालाबाजारी और वितरण संबंधी अनियमितताओं पर रोक लगेगी तथा किसानों को समय पर खाद उपलब्ध हो सकेगी.

कुरुक्षेत्र में यूरिया-DAP के लिए हाहाकार, पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के बावजूद किसानों को नहीं मिल रही खाद

कुरुक्षेत्र में यूरिया-DAP के लिए हाहाकार, पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के बावजूद किसानों को नहीं मिल रही खाद

Jun 11, 2026

हरियाणा में धान की रोपाई से पहले यूरिया और डीएपी खाद की कमी किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है. खेत और पौध तैयार होने के बावजूद किसानों को पर्याप्त खाद नहीं मिल रही. किसानों का कहना है कि समय पर खाद उपलब्ध नहीं होने से खेती प्रभावित हो सकती है. उन्होंने सरकार से जल्द समाधान की मांग की है.

किसानों की शिकायत पर बड़ा एक्शन: अघोषित गोदाम से 640 बोरी यूरिया जब्त, कालाबाजारी का भंडाफोड़

किसानों की शिकायत पर बड़ा एक्शन: अघोषित गोदाम से 640 बोरी यूरिया जब्त, कालाबाजारी का भंडाफोड़

Jun 10, 2026

सरगुजा जिले में किसानों की शिकायत पर कृषि विभाग और जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 640 बोरी यूरिया खाद जब्त की है। जांच में निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक बिक्री और अवैध भंडारण की अनियमितताएं सामने आईं

हरियाणा में खाद को लेकर हुई समीक्षा बैठक, कृषि मंत्री ने बताया कैसे होगा बंटवारा, जान लें ये जरूरी बातें

हरियाणा में खाद को लेकर हुई समीक्षा बैठक, कृषि मंत्री ने बताया कैसे होगा बंटवारा, जान लें ये जरूरी बातें

Jun 10, 2026

हरियाणा सरकार ने खरीफ सीजन से पहले खाद उपलब्धता को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं. कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों को खाद के लिए इंतजार न करना पड़े. सरकार ने स्टॉक, वितरण और जमाखोरी रोकने पर सख्ती के संकेत दिए हैं.

Ground Report: यूपी में खाद का संकट नहीं, फिर भी कई जिलों में कालाबाजारी से किसान परेशान

Ground Report: यूपी में खाद का संकट नहीं, फिर भी कई जिलों में कालाबाजारी से किसान परेशान

Jun 10, 2026

उत्तर प्रदेश में धान सीजन के बीच खाद की उपलब्धता को लेकर मिली-जुली स्थिति सामने आई है. जहां चंदौली, बांदा, सहारनपुर और देवरिया जैसे जिलों में पर्याप्त खाद उपलब्ध है, वहीं पीलीभीत में जरूरत के अनुसार सप्लाई नहीं मिल रही. फिरोजाबाद और मुजफ्फरनगर में कालाबाजारी की शिकायतें सामने आई हैं, जिससे किसान परेशान हैं. प्रशासन का दावा है कि राज्य में खाद की कमी नहीं है, लेकिन जमीनी स्तर पर वितरण और नियमों के कारण दिक्कतें बनी हुई हैं.

उन्नत धान बीजों से बढ़ेगी किसानों की पैदावार, ICAR-NIBSM ने 170 किसानों को वितरित किए उच्च गुणवत्ता वाले बीज

उन्नत धान बीजों से बढ़ेगी किसानों की पैदावार, ICAR-NIBSM ने 170 किसानों को वितरित किए उच्च गुणवत्ता वाले बीज

Jun 10, 2026

रायपुर में ICAR-NIBSM द्वारा अनुसूचित जाति उपयोजना के तहत 170 से अधिक किसानों को उन्नत धान बीज वितरित किए गए. किसानों को उच्च उत्पादन वाली धान किस्मों के साथ वैज्ञानिक खेती, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, नर्सरी एवं रोपाई तकनीकों की जानकारी भी दी गई.

अकोला में खाद संकट पर बड़ी राहत: ‘आज तक’ की रिपोर्ट के बाद प्रशासन हुआ सक्रिय

अकोला में खाद संकट पर बड़ी राहत: ‘आज तक’ की रिपोर्ट के बाद प्रशासन हुआ सक्रिय

Jun 10, 2026

महाराष्ट्र के अकोला में यूरिया खाद के लिए 8 दिनों से लाइन में खड़े किसानों को ‘आज तक’ की ग्राउंड रिपोर्ट के बाद बड़ी राहत मिली. खबर प्रसारित होते ही प्रशासन हरकत में आया और कूपन सिस्टम लागू किया गया. अब किसानों को व्यवस्थित तरीके से खाद मिल रही है, जिससे उनकी लंबे समय से चली आ रही परेशानी कम हुई है.

अंधा कानून, बहरे अध‍िकारी: WHO ने ज‍िसे 'कैंसरकारी' बताया, भारत में उसे 'वीआईपी' पास क्यों?

अंधा कानून, बहरे अध‍िकारी: WHO ने ज‍िसे 'कैंसरकारी' बताया, भारत में उसे 'वीआईपी' पास क्यों?

Jun 10, 2026

Glyphosate Files: भारत में खतरनाक एग्रो केम‍िकल ब‍िक रहे हैं तो इसके दो बड़े गुनहगार हैं. मल्टीनेशनल एग्रोकेमिकल कंपनियां और आंखें मूंदे बैठे सरकारी नियामक संस्थान और उसके अध‍िकारी. ये कंपनियां अपनी बोतलों पर चमकीले विज्ञापन छापती हैं, लेकिन कम पढ़े-लिखे किसानों को यह कभी नहीं सिखातीं कि इसका छिड़काव कैसे करना है. जब सरकार कहती है कि ग्लाइफोसेट के इस्तेमाल के ल‍िए ट्रेंड स्प्रेयर लाओ, तो ये अपनी ज‍िम्मेदारी से भागने लगती हैं.

भारत में खादों के इस्तेमाल का पैटर्न बदला, यूरिया से NPK की ओर मुड़े किसान

भारत में खादों के इस्तेमाल का पैटर्न बदला, यूरिया से NPK की ओर मुड़े किसान

Jun 10, 2026

भारत में खादों की खपत का पैटर्न बदल रहा है, जहां पारंपरिक यूरिया के बजाय संतुलित NPK खादों की मांग तेजी से बढ़ रही है, जिससे मिट्टी की सेहत सुधारने और फसल उत्पादन बढ़ाने में मदद मिल रही है.

Akola Urea Crisis: रात 3 बजे से लाइन में खड़े किसान, यूरिया की एक बोरी के लिए हो रहा संघर्ष

Akola Urea Crisis: रात 3 बजे से लाइन में खड़े किसान, यूरिया की एक बोरी के लिए हो रहा संघर्ष

Jun 10, 2026

महाराष्ट्र के अकोला जिले के अकोट में यूरिया खाद के लिए किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. खरीफ सीजन के बीच किसान रात 3 बजे से कृषि केंद्रों के बाहर लंबी कतारों में खड़े हैं. पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद बढ़ती मांग और कमी की आशंका से किसानों में चिंता और बेचैनी बढ़ गई है.

सक्ती में उर्वरक माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई: 3.87 टन यूरिया जब्त, किसानों के हित में प्रशासन सख्त

सक्ती में उर्वरक माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई: 3.87 टन यूरिया जब्त, किसानों के हित में प्रशासन सख्त

Jun 09, 2026

सक्ती जिले के ग्राम केसला में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से भंडारित 3.87 टन (86 बोरी) यूरिया उर्वरक जब्त किया है.किसानों को उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए प्रशासन लगातार सख्ती बरत रहा है.

Fertilizer Crisis के बीच ऑर्गेनिक खाद की बढ़ी मांग, पिछले साल के मुकाबले 3 गुना हुई बिक्री

Fertilizer Crisis के बीच ऑर्गेनिक खाद की बढ़ी मांग, पिछले साल के मुकाबले 3 गुना हुई बिक्री

Jun 09, 2026

खरीफ 2026 सीजन में किसानों के बीच ऑर्गेनिक खाद का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है. अब तक 11.17 लाख टन ऑर्गेनिक खाद खरीदी जा चुकी है, जो पिछले साल की तुलना में करीब 3.5 गुना ज्यादा है.

 Paraquat Dichloride: जिस हर्ब‍िसाइड को 'दुनिया' ने नकारा, उसे हमारे 'सिस्टम' ने खेतों में क्यों उतारा?

Paraquat Dichloride: जिस हर्ब‍िसाइड को 'दुनिया' ने नकारा, उसे हमारे 'सिस्टम' ने खेतों में क्यों उतारा?

Jun 09, 2026

क्या पैराक्वाट डाइक्लोराइड बनाने-बेचने वाली कंपनियों और नीति-न‍िर्माताओं की नजर में भारत के नागरिकों की सेहत की कोई कीमत नहीं है? जब आस्ट्र‍िया, यूनाइटेड क‍िंगडम, स्विट्जरलैंड और चीन अपने लोगों को बचाने के लिए इसे बैन कर सकते हैं, तो भारत के खेतों में इसे खुलेआम झोंकने की वकालत किस आधार पर की जा रही है? जानिए इस 'खतरनाक जहर' की पूरी कहानी

क्या सरकार का नया कानून लगा पाएगा नकली कीटनाशकों के सिंडिकेट पर लगाम?

क्या सरकार का नया कानून लगा पाएगा नकली कीटनाशकों के सिंडिकेट पर लगाम?

Jun 08, 2026

देश में करीब 30% पेस्टिसाइड बाजार नकली और घटिया उत्पादों के कब्जे में है. राजस्थान समेत कई राज्यों में ऐसे जहर जैसे केमिकल्स खुलेआम बिक रहे हैं, जिससे फसलें बर्बाद हो रही हैं और किसानों की जान जा रही है. बैन के बावजूद खतरनाक कीटनाशक बाजार में उपलब्ध हैं, जिससे सरकार की निगरानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

धान किसानों पर महंगाई की मार: डीजल-खाद महंगे, प्रति हेक्टेयर 1,500 रुपये तक बढ़ेगी लागत

धान किसानों पर महंगाई की मार: डीजल-खाद महंगे, प्रति हेक्टेयर 1,500 रुपये तक बढ़ेगी लागत

Jun 08, 2026

धान रोपाई का सीजन शुरू होने से पहले किसानों की चिंता बढ़ गई है। डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी, खाद की सीमित उपलब्धता और संभावित बिजली संकट के कारण खेती की लागत में इजाफा होने की आशंका है। विशेषज्ञों के अनुसार, इन परिस्थितियों में धान की खेती पर प्रति हेक्टेयर करीब 1,500 रुपये तक अतिरिक्त खर्च आ सकता है, जिससे किसानों का मुनाफा प्रभावित होगा।

कंपनियों का मुनाफा, किसानों का जनाजा: मौत के अंतरराष्ट्रीय 'सौदागरों' को भारत में खुली छूट क्यों?

कंपनियों का मुनाफा, किसानों का जनाजा: मौत के अंतरराष्ट्रीय 'सौदागरों' को भारत में खुली छूट क्यों?

Jun 08, 2026

Side Effects of Pesticides: कीटनाशकों से क‍िसानों की मौत की सबसे कड़वी हकीकत यह है कि मल्टीनेशनल कंपनियों ने भारत के ग्रामीण बाजारों में अपने जानलेवा केम‍िकल को बेचकर अरबों रुपये का मुनाफा तो कमाया, लेकिन कभी भी इसके सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर किसानों को जागरूक करने का देशव्यापारी कार्यक्रम नहीं चलाया. आखिर पैराक्वाट डाइक्लोराइड और ग्लाइफोसेट जैसे खतरनाक केमिकल भी भारत में बैन क्यों नहीं हो रहे? क्या हमारे देश में लोगों की सेहत की कोई कीमत नहीं है?

गुना में खाद संकट से परेशान किसान, 40 KM पैदल, खाली हाथ और आंखों में आंसू

गुना में खाद संकट से परेशान किसान, 40 KM पैदल, खाली हाथ और आंखों में आंसू

Jun 08, 2026

गुना जिले में खाद संकट के कारण किसानों की परेशानियां बढ़ गई हैं. नानाखेड़ी केंद्र पर दूर-दूर से पैदल आए किसानों को पर्याप्त खाद नहीं मिल रही है. एक किसान की भावुक तस्वीर सामने आई, जहां वह अपनी पीड़ा बताते हुए रो पड़ा. प्रशासन ने व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए हैं, लेकिन किसान अभी भी संकट में हैं.