महाराष्ट्र के अकोला जिले में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली खाद के अवैध कारोबार का भंडाफोड़ किया है. विभाग की टीम ने MIDC फेज-4 इलाके में एक गोदाम पर छापा मारकर करीब 92 लाख रुपये कीमत के 27 तरह के जैव उत्तेजक (बायो-स्टिमुलेंट) जब्त किए हैं.
Kharif season 2026: कृषि मंत्री शाही ने बताया कि खरीफ सीजन की प्रमुख फसलों के लिए निर्धारित लक्ष्यों के तहत धान के लिए 80,000 क्विंटल का लक्ष्य तय किया गया है, जिसमें से 64,228 क्विंटल उपलब्ध हो गया है और सर्वाधिक 2,634 क्विंटल इसी फसल के बीजों का वितरण हुआ है. इसके अतिरिक्त, तिलहन और दलहन फसलों पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है.
जैव उर्वरकों के बढ़ते इस्तेमाल से भारत रासायनिक खाद आयात पर निर्भरता घटा सकता है. एफएआई के महानिदेशक सुरेश कुमार चौधरी ने कहा कि संतुलित पोषण मॉडल ही मिट्टी की सेहत और टिकाऊ खेती का रास्ता है.
UP News: प्रदेश की गोशालाएं अब केवल पशु संरक्षण केंद्र नहीं रहेंगी, बल्कि जैविक कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के नए विकास मॉडल का आधार बनेंगी. गो आधारित अर्थव्यवस्था को वैज्ञानिक तकनीक और आधुनिक कृषि प्रणाली से जोड़कर उत्तर प्रदेश देश के सामने एक नई दिशा प्रस्तुत करने जा रहा है.
पिछले 10 सालों में देश में फसलों की रिकॉर्ड-तोड़ पैदावार तो हुई है, लेकिन इस बंपर सफलता के पीछे केमिकल फर्टिलाइजर का अंधाधुंध इस्तेमाल छिपा है. एक तरफ जहां हम इन महंगे केमिकल्स और खादों के लिए पूरी तरह विदेशों पर निर्भर होते गए, वहीं दूसरी तरफ हमारे अपने खेतों की मिट्टी अपना असली उपजाऊपन खोती रही. सरकार और कागजों पर 'प्राकृतिक खेती' को बढ़ावा देने के बड़े-बड़े दावे सिर्फ भाषणों तक ही सीमित रह गए. इस पूरे चक्र का सबसे कड़वा सच यह है कि रिकॉर्ड उत्पादन के नाम पर आज हम अपनी आने वाली पीढ़ी और जनता को शुद्ध खाने की जगह सिर्फ केमिकल से भरा भोजन परोस रहे हैं.
धान की फसल में यूरिया के विकल्प को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. ICAR के पूर्व प्रधान वैज्ञानिक का कहना है कि अमोनियम सल्फेट के ज्यादा इस्तेमाल से फसल और खाद्य सुरक्षा दोनों प्रभावित हो सकते हैं.
UP News: गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि शुरुआत में 50 किलोग्राम वाले ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर बैग तैयार करने की योजना है. खेतों में इसकी जरूरत लगभग 350 से 400 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर तक बताई गई है, जो पारंपरिक जैविक खाद की तुलना में बेहद कम है.
Fertilizer Distribution in UP: डॉ. त्रिपाठी ने आगे बताया कि अनुदानित उर्वरक का दुरुपयोग रोकने के लिये शासन द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है कि उर्वरकों का विक्रय किसान पहचान पत्र (फार्मर आईडी) उपलब्ध कराने वाले कृषकों को उनकी जोत सम्बन्धी अभिलेखों के आधार पर ही किया जाएगा
महाबीज ने खरीफ 2026 सीजन के लिए किसानों की मांग को देखते हुए करीब 2 लाख क्विंटल सोयाबीन बीज बाजार में उतारे हैं. कुल 2.65 लाख क्विंटल बीज वितरण की योजना बनाई गई है. इस बार बीज की गुणवत्ता और अंकुरण क्षमता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि किसानों को बेहतर उत्पादन और समय पर बीज उपलब्ध हो सके.
खरीफ सीजन की बुआई के समय बाजार में खाद-बीज की भारी मांग का फायदा उठाकर कुछ लालची दुकानदार किसानों को नकली, पुराना या मिलावटी सामान बेच देते हैं. इस ठगी से किसानों की मेहनत और पैसा दोनों बर्बाद हो जाते हैं. इससे बचने के लिए हमेशा असली बीज पहचानने के लिए पैकेट पर लगे सरकारी टैग का रंग जरूर देखें. ठगी से बचने और फसलों को सुरक्षित रखने के लिए खरीदारी के समय कुछ बेहद जरूरी सावधानियां रखनी चाहिए, जिनकी पूरी जानकारी इस खबर में बताई गई है.
CCPA ने Amazon, Flipkart, Meesho और JioMart को कथित तौर पर बिना पंजीकरण वाले “Cyclosinone Herbicide” की ऑनलाइन बिक्री को लेकर नोटिस जारी किया है. जांच में उत्पाद की जरूरी जानकारी और लाइसेंस विवरण गायब पाए गए. सरकार ने इसे किसानों और उपभोक्ताओं की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी है.
उत्तर प्रदेश सरकार और India Today Group के संयुक्त प्रयास से आयोजित “किसान तक का किसान कारवां” किसानों के लिए जागरूकता और आधुनिक खेती का बड़ा मंच बनकर उभरा. 29 दिसंबर 2025 को अमरोहा से शुरू हुआ यह कारवां 4 मई 2026 को गौतम बुद्ध नगर पहुंचा. अब तक यह 68 जिलों में 4000 किलोमीटर से ज्यादा की यात्रा कर 55 हजार से अधिक किसानों तक पहुंच चुका है. कहानी कारवां की’ सीरीज में आज पढ़िए वेस्टर्न प्लेन जोन की खेती, किसानों के अनुभव और सरकारी योजनाओं के असर की कहानी.
कृषि विभाग की फ्लाइंग स्क्वॉड टीम ने नवीन मोंढा इलाके में एक गोदाम पर छापा मारकर करीब 18 लाख रुपये से ज्यादा कीमत का खाद जब्त किया. इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है.
महाराष्ट्र में आज यानी 16 मई से खरीफ सीजन के लिए बीज और खाद की बिक्री की औपचारिक शुरुआत हो गई है. इस अवसर पर अकोला की जिलाधिकारी वर्षा मीणा ने शहर के एक कृषि केंद्र का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया.
उत्तर प्रदेश सरकार और इंडिया टुडे ग्रुप के संयुक्त प्रयास से आयोजित ‘किसान तक का किसान कारवां’ 75 जिलों तक पहुंचकर किसानों के लिए जानकारी और बदलाव का बड़ा मंच बना.29 दिसंबर 2025 को अमरोहा से शुरू हुई यह यात्रा 4 मई 2026 को गौतमबुद्ध नगर में संपन्न हुई.‘कहानी कारवां की’ सीरीज में आज पढ़िए विंध्याचल जोन की खेती, किसानों के अनुभव और सरकारी योजनाओं के असर की कहानी.
ICAR-DMAPR को अनाज और बीजों को कीटों से बचाने वाली हर्बल बीज कोटिंग तकनीक का पेटेंट मिला है. प्राकृतिक तेलों और बायो-पॉलीमर से तैयार यह तकनीक बिना गुणवत्ता प्रभावित किए भंडारित अनाज की सुरक्षा में मदद करेगी.
आज भारतीय खेती केमिकल फर्टिलाइजर के एक ऐसे 'विदेशी मकड़जाल' में फंस गई है, जिसने मिट्टी को नशेड़ी बना दिया है. केवल केमिकल फर्टिलाइजर पर सब्सिडी मिलने से पंजाब, यूपी और बिहार जैसे राज्यों में यूरिया का इस्तेमाल तय मानकों से 5 गुना ज्यादा हो रहा है. जहां वैज्ञानिक अनुपात 4:2:1 होना चाहिए, वहां हम 20:5:1 तक पहुंच गए हैं. हैरानी की बात यह है कि इन खादों का कच्चा माल हमारे पास नहीं है; हम पूरी तरह विदेशी आयात और पश्चिम एशिया के रास्तों पर निर्भर हैं.
ईरान–इजरायल संघर्ष का असर अब सिर्फ कूटनीति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका सीधा असर दुनिया भर की उर्वरक सप्लाई चेन पर दिखने लगा है. यूपी सरकार ने फैसला किया है कि प्रदेश की करीब 7,500 गौशालाओं को अब सिर्फ पशु संरक्षण केंद्र नहीं, बल्कि जैविक खेती के बड़े केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा.
हरियाणा का ये जिला अब खेती में एक नई मिसाल बनकर उभर रहा है. यहां किसानों ने सिर्फ फसल उत्पादन पर ही नहीं, बल्कि समझदारी से उर्वरकों के इस्तेमाल पर भी ध्यान देना शुरू कर दिया है. दिलचस्प बात यह है कि कम यूरिया इस्तेमाल करने के बावजूद किसान संतुलित खेती की ओर बढ़े हैं.
महासमुंद में खाद वितरण में गड़बड़ी पर प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है. यूरिया बिक्री में नियम तोड़ने के आरोप में चार उर्वरक फर्मों पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं. इससे पहले 26 विक्रेताओं के लाइसेंस भी निलंबित किए जा चुके हैं.
देशभर में संतुलित उर्वरक उपयोग को लेकर केंद्र सरकार बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है. कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ICAR को जिम्मेदारी सौंपी है, जबकि 1600 टीमें गांवों में जाकर किसानों को जागरूक करेंगी.
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