एक ही हफ्ते में दूसरी बार पेट्रोल-डीजल महंगा हो गया है. डीजल के दाम बढ़ने से खेती और सिंचाई की लागत बढ़ने की चिंता गहरा गई है. भीषण गर्मी के बीच किसानों को जनरेटर और पंप चलाने के लिए अब ज्यादा खर्च करना पड़ेगा.
देशभर में मौसम ने एक बार फिर दोहरे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं. एक तरफ दक्षिण-पश्चिम मॉनसून तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में भीषण लू से हालात गंभीर बने रहने की आशंका जताई गई है. मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि पूरे सप्ताह उत्तर-पश्चिम भारत और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में हीटवेव से लेकर गंभीर हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है. राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिम उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में दिन के तापमान में तेज बढ़ोतरी दर्ज होने की संभावना है.
अमेरिका और ईरान की जंग ने केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के परिवार के व्यापार को करोड़ों का नुकसान पहुंचाया है. नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने खुद बताया कि ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के कारण उनके परिवार के सैकड़ों केले और सेब का कंटेनर बीच रास्ते में फंस गए हैं.
शिवसेना (UBT) ने प्याज किसानों के समर्थन में रास्ता रोको आंदोलन किया. पार्टी के वरिष्ठ नेता अंबादास दानवे के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए. शिवसैनिकों ने समृद्धि महामार्ग पर जाम लगा दिया और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की.
सीएम विजय के मुताबिक, देश में कपास उत्पादन कम होने और व्यापारिक गतिविधियां बढ़ने की वजह से बाजार में कच्चे माल की कमी हो रही है. इसका सीधा असर कपड़ा उद्योग पर पड़ रहा है.
भारतीय किसान संघ ने सरकार से मांग की है कि सभी दालों और तिलहन फसलों की 100 फीसदी गारंटी के साथ खरीद की जाए. संगठन का कहना है कि साल 2016 में दालों की सीमित सरकारी खरीद से ही उत्पादन में बड़ा इजाफा देखने को मिला था.
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में चिंता जताते हुए कहा कि इस बढ़ते टैरिफ की वजह से राज्य के झींगा किसान और निर्यातक बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं और करीब 25 हजार करोड़ रुपये के निर्यात कारोबार पर खतरा मंडरा रहा है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के 26 मई के आसपास केरल पहुंचने की संभावना है. मौसम विभाग ने इसके लिए ±4 दिन का मॉडल एरर भी बताया है. वहीं अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में मॉनसून आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं. दूसरी ओर उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में सप्ताह के कई दिनों तक लू से लेकर भीषण लू चलने की आशंका जताई गई है.
घटती आबादी को लेकर अब सरकार अलर्ट मोड में नजर आ रही है. ऐसे में तीसरे और चौथे बच्चे पर आर्थिक मदद देने का ऐलान कर बड़े परिवारों को प्रोत्साहन देने की योजना को और आगे बढ़ा दिया.
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के 26 मई के आसपास केरल पहुंचने की संभावना है. मौसम विभाग ने इसके लिए ±4 दिन का मॉडल एरर भी बताया है. वहीं अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में मॉनसून आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं. दूसरी ओर उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में सप्ताह के कई दिनों तक लू से लेकर भीषण लू चलने की आशंका जताई गई है.
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वहां पर उपस्थित मुख्य अधिकारी को अंगूर संस्थान के बारे में बेसिक जानकारी भी नहीं थी. पहले मुझे फील्ड पर जाने से टाला गया, कहा कि अभी अंगूर नहीं है. वहां पहुंचने पर देखा कि नर्सरी में घास उगी हुई है. वहां के प्रमुख अधिकारी किसी भी सवाल का उचित जवाब नहीं दे पाए, मेरे पूछने पर कि एक्सपोर्ट के लिए क्या कर रहे है, रोगों से निपटने के क्या प्रबंध है, वैरायटी को बढ़ाने की योजना है, कोई भी जवाब संतोषजनक नहीं था....
किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि सरकार ने अधिकांश फसलों के MSP में जो बढ़ोतरी की है, वह महंगाई दर और सरकारी कर्मचारियों को दिए जा रहे महंगाई भत्ते से भी कम है.
शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि कृषि देश की बड़ी आबादी की जीविका का प्रमुख साधन है और भारतीय अर्थव्यवस्था को एक मजबूत आधार प्रदान करती है. बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के कामकाज और चल रही योजनाओं की गहराई से समीक्षा की.
महाराष्ट्र में आज यानी 16 मई से खरीफ सीजन के लिए बीज और खाद की बिक्री की औपचारिक शुरुआत हो गई है. इस अवसर पर अकोला की जिलाधिकारी वर्षा मीणा ने शहर के एक कृषि केंद्र का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया.
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के 26 मई के आसपास केरल पहुंचने की संभावना है. मौसम विभाग ने इसके लिए ±4 दिन का मॉडल एरर भी बताया है. वहीं अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में मॉनसून आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं. दूसरी ओर उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में सप्ताह के कई दिनों तक लू से लेकर भीषण लू चलने की आशंका जताई गई है.
पुणे के राष्ट्रीय अंगूर अनुसंधान केंद्र में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के औचक निरीक्षण में कई खामियां सामने आईं. नर्सरी की खराब हालत, किसानों के बीच असफल रही वैरायटी और क्लीन प्लांट सेंटर की धीमी रफ्तार पर मंत्री ने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई.
उत्तर प्रदेश में आंधी, तेज बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई है. ऐसे मुश्किल समय में योगी सरकार ने राहत और सहायता को लेकर बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा है कि आपदा की इस घड़ी में सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है.
देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है जहां उत्तर-पश्चिम भारत में गरज-चमक, तेज हवाओं और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की स्थिति बनी हुई है. वहीं दूसरी ओर राजस्थान, गुजरात और पश्चिम मध्य प्रदेश में अगले 4-5 दिनों तक कुछ इलाकों में लू चलने की स्थिति बनी रहेगी. इसके अलावा दक्षिण भारत में मौसम और अधिक सक्रिय होने जा रहा है जहां 15 से 17 मई के बीच केरल और माहे में और 15 से16 मई को तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है.
गुजरात के कई जिलों में किसान इन दिनों डीजल संकट से जूझ रहे हैं. खेतों में ट्रैक्टर खड़े हैं, सिंचाई का काम प्रभावित हो रहा है और किसान पेट्रोल पंपों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं. इस समय शादी-ब्याह और खेती दोनों का सीजन चल रहा है, इसलिए पेट्रोल और डीजल की मांग काफी बढ़ गई है.
शिवराज सिंह चौहान ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर जानकारी दी कि उनकी नई किताब ‘अपनापन’ लॉन्च होने वाला है. शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इस पुस्तक में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ काम करने के अपने अनुभवों, भावनाओं और प्रेरणाओं को साझा किया है.
बिजावर क्षेत्र के ढोढन-पलकोंआ गांव में 13 मई को उस समय तनाव फैल गया, जब अतिक्रमण हटाने पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम पर आदिवासी किसानों ने पथराव कर दिया. हालात ऐसे बने कि पुलिस और अधिकारियों को मौके से वापस लौटना पड़ा.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today