मछली पालन में सबसे बड़ी आफत तब आती है जब तालाब में ऑक्सीजन कम हो जाती है, जिससे रात भर में लाखों की मछलियां मर सकती हैं. खासकर सर्दियों में ऑक्सीजन गिरने से मछलियां बढ़ना बंद हो जाती हैं. बाज़ार में मिलने वाले पैडल-व्हील और बिजली वाले एरिएटर इतने महंगे हैं कि छोटा किसान उन्हें खरीदने की सोच भी नहीं पाता, और भारी बिजली बिल का डर अलग से सताता है. इसी लाचारी के कारण किसान हर साल भारी नुकसान झेलते हैं. इस समस्या को लुधियाना के किसान जसवीर सिंह औजला ने अपने 'देसी एरिएटर' से खत्म कर दिया है.
Success Story: राजित राम कहते हैं कि मैंने लघु किसान के रूप में औद्यानिक फसलों से शुरुआत की थी. पहले आर्थिक स्थिति सामान्य थी, लेकिन नवीन तकनीकों और सरकारी सहायता से आय कई गुना बढ़ गई. अब हमारी परिवार की स्थिति पहले के मुकाबले बेहतर हो गई है. उनकी सफलता से सिहोरिया गांव और तारुन ब्लॉक के अन्य किसान भी प्रेरित हो रहे हैं.
Farmer Story: किसान देविंदर सिंह ने खेती को केवल विरासत के रूप में नहीं अपनाया, बल्कि इसे एक प्रोफेशनल एग्री-एंटरप्राइज के रूप में विकसित किया. उन्होंने समय के साथ यह समझा कि बदलते मौसम, बढ़ती लागत और बाज़ार की मांग को देखते हुए परंपरागत तरीकों में बदलाव ज़रूरी है.
Success Story: मध्य प्रदेश एक महिला ने बाजार की जरूरत को पहचान कर आइस प्लांट लगाया है. उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत सब्सिडी पाकर संभाग का सबसे बड़ा आइस प्लांट लगाया है. अब वे हर महीने 1 लाख की कमाई कर रही हैं.
गाजर की खेती में सबसे बड़ी मुसीबत फसल की कटाई के बाद शुरू होती है. खेत से निकली गाजर मिट्टी और कीचड़ से पूरी तरह ढकी होती है, इसे हाथों से रगड़-रगड़ कर धोना न केवल थका देने वाला काम है, बल्कि इसमें बहुत समय और दर्जनों मजदूरों की जरूरत पड़ती है. होशियारपुर के किसान गुरचरण सिंह ने इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए एक 'ब्रश वॉशिंग मशीन' तैयार की है. यह मशीन 1 घंटे में 1.5 टन गाजर को ऐसे चमका देती है जैसे वे हाथों से चुनी गई हों.
Women Success Story: जबकि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के प्रशिक्षण से उन्हें प्रोसेसिंग व पैकेजिंग की तकनीक मिली. धीरे-धीरे गांव और आस-पास के कस्बों में इन उत्पादों की मांग बढ़ी. आज गो आधारित ये उत्पाद उनके बिजनेस का मजबूत स्तंभ बन गए हैं.
आज गांवों में एक बड़ी समस्या यह है कि जब गाय दूध देना बंद कर देती है, तो लोग उसे लावारिस छोड़ देते हैं. इससे सड़कों पर परेशानी बढ़ती है और गोबर भी बेकार पड़ा रहता है. असम के मिलन ज्योति दास ने इस समस्या का शानदार हल निकाला है. उन्होंने साबित कर दिया कि गाय का गोबर भी 'सोना' है, जिससे दूध न देने वाली गाय भी कमाई का जरिया बन सकती है. मिलन ने मात्र ₹1500 की लागत से एक ऐसी मशीन बनाई है, जो बेकार गोबर और खेती के कचरे को कीमती नर्सरी गमलों में बदल देती है.
मुरादाबाद के बिलारी निवासी रघुपत सिंह एक ऐसे किसान थे जिन्होंने मिट्टी की सेवा को ही अपना धर्म माना. उन्हें मरणोपरांत पद्म श्री से सम्मानित किया गया है, जो उनके 40 वर्षों के कड़े परिश्रम का फल है. रघुपत सिंह का सबसे बड़ा योगदान 55 से अधिक विलुप्त हो चुकी सब्जियों को फिर से जीवित करना था. उन्होंने 7 फीट लंबी लौकी और आम के स्वाद वाला अदरक जैसी 100 से अधिक नई किस्में विकसित कीं. अपनी अद्भुत खोजों के कारण वे 'कृषि पंडित' के नाम से मशहूर हुए.
परभणी जिले के जिंतूर तालुका के प्रगतिशील किसान श्रीरंग उर्फ दादा लाड को खेती में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2026 का पद्मश्री पुरस्कार दिया गया है. आइए जानते हैं उनकी सफलता की कहानी.
Republic Day 2026: यूपी से जाने वालीं 14 लखपति दीदी केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ कार्यक्रम में भी शामिल होंगी. इन्हें अन्य राज्यों से आई लखपति दीदियों के साथ दिल्ली भ्रमण भी कराया जाएगा. आज ये महिलाएं लखपति बनकर गांव-गांव में प्रेरणा का केंद्र बन रही हैं.
अक्सर बाजार में सही दाम न मिलने पर टमाटर, अदरक, मिर्च और हल्दी जैसी फसलें खराब हो जाती हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान होता है. नागालैंड के 26 वर्षीय युवा स्वयीवेज़ो डज़ुडो ने अपनी शिक्षा और समझदारी से एक ऐसा सोलर ड्रायर तैयार किया है, जो देश के फल, सब्जी और मसाला उत्पादक किसानों के लिए फायदेमंद सकता है. बहुत खर्च में बना यह यंत्र बांस, पुरानी कैन और बेकार पंखों जैसे स्थानीय सामानों से तैयार होता है. यह सोलर ड्रायर बिना बिजली के धूप की मदद से इन फसलों को 30 फीसदी तेजी से सुखाता है.
कभी पहाड़ी, पथरीली और जंगली जमीन के रूप में पड़ी यह भूमि आज हरियाली से लहलहा उठी है और किसानों की खुशहाली की कहानी बयां कर रही है. राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी जल-जीवन-हरियाली योजना के तहत मिले सहयोग और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से 150 एकड़ बंजर भूमि खेती योग्य हो गई है.
Women Success Story of UP: महिलाएं अब काम के लिए बाहर जाने के बजाय गांव में ही सम्मानजनक रोजगार पा रही हैं, जिससे सामाजिक माहौल में भी सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है. रितु का कहना है कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें प्रशिक्षण, अवसर और सम्मान, तीनों मिला.
Gorakhpur News: स्नातक स्तर की शिक्षा प्राप्त करने वाले राजू सिंह बताते हैं कि मशीन से शहद सीधे छत्ते से निकलने और हाथ न लगने के कारण 100 प्रतिशत शुद्ध रहता है. जहां पुराने तरीकों में शहद निकालने में घंटों का समय और कई मजदूरों की जरूरत पड़ती थी, लेकिन, इस नई तकनीक से एक किसान मात्र 5 से 10 मिनट में अकेले शहद निकाल सकता है.
Dry Animals 30 करोड़ पशुओं में से 10 करोड़ पशु दूध देते हैं. लेकिन जो दूध नहीं देते हैं वो भी चारा खाते हैं. ऐसे पशुओं से डेयरी की लागत बढ़ती है. साथ ही दूध उत्पादन बढ़ाने में भी कोई मदद नहीं मिलती है. इसी को देखते हुए ओवम पिक अप (OPU) इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) तकनीक का इस्तेमाल अब छुट्टा पशुओं पर भी किया जाएगा.
Lucknow Farmer Story: बीते दिनों एक घटनाक्रम को याद करते हुए सुरेश बताते हैं कि उनके अमरूद के बाग में पिछले दिनों कीड़े लग गए थे.पौधे की जड़ में कीड़े लगने की वजह से तमाम पौधे सूखने लगे. यह बेहद चिंता की बात थी. सुरेश कुमार भी चितिंत थे. उन्होंने उद्यान विभाग के तमाम वैज्ञानिकों से संपर्क किया. वैज्ञानिक उनकी बाग में आए और सभी ने केमिकल के जरिए कीड़ों को नष्ट करने की सलाह दी.
गोरधनराम कहते हैं कि कोटा कोचिंग ने मेरी जिंदगी बदल दी. जहां उम्मीदें बहुत कम थीं, वहां मुझे आत्मविश्वास और दिशा मिली. मेरा सपना है कि एक अच्छा डॉक्टर बनकर अपने ज्ञान और सेवा भाव से लोगों की मदद कर सकूं. रेगिस्तान की तपिश, गरीबी, बीमारी और अपनों को खोने के दर्द के बीच गोरधनराम की यह कामयाबी बताती है.
बिहार के मुजफ्फरपुर की मशहूर ‘सोलर दीदी’ को राष्ट्रपति भवन से गणतंत्र दिवस समारोह 2026 में शामिल होने का आमंत्रण मिला है. राष्ट्रपति भवन से भेजा गया यह निमंत्रण पत्र डाक के माध्यम से उनके घर पहुंचा है.
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