देश के लगभग हर हिस्से में किसान बैंगन की खेती बड़े पैमाने पर करते हैं, लेकिन इसकी फसल में रोग और कीटों का खतरा हमेशा बना रहता है. कई बार कीड़े और बीमारियां इतनी तेजी से फैलती हैं कि पूरी फसल को नुकसान पहुंचा देती हैं. आइए जानते हैं बचाव का उपाय.
अगर आप चाहते हैं कि आपकी बालकनी हर मौसम में रंगीन, खूबसूरत और फ्रेश दिखे, तो आप इन 5 रंगीन पत्तियों वाले खास पौधों को अपनी बालकनी में लगा सकते हैं. आइए जानते हैं कौन से हैं वो पौधे.
अगर आप भी नीलगाय और आवारा पशुओं के आतंक से परेशान हैं तो उनको भगाने का एक बेहतरीन उपाय है, जो बहुत ही आसान और सस्ता है. इसे कोई भी किसान अपनाकर अपनी फसलों को बर्बाद होने से बचा सकता है.
फरवरी के महीने में आमतौर पर सुबह और शाम को ठंडी हवाएं और सर्द मौसम रहता है, लेकिन इस साल मौसम के पैटर्न में तेज़ी से बदलाव देखा जा रहा है, जिससे गेहूं किसानों में काफी चिंता है. आइए जानते हैं गेहूं किसान फरवरी के महीने में क्या करें.
जायद सीजन में किसानों को मूंग के बजाय मूंगफली और उड़द की खेती करने की सलाह. कृषि विभाग ने उन्नत किस्मों, बुवाई समय और उत्पादन की पूरी जानकारी दी.
फरवरी का महीना किचन गार्डनिंग के लिए बेहद खास माना जाता है. इस समय मौसम न ज्यादा ठंडा होता है और न ही ज्यादा गर्म, जिससे सब्जियों की ग्रोथ अच्छी होती है. अगर आप घर की छत, बालकनी या गार्डन में ताजगी और हेल्दी सब्जियां उगाना चाहते हैं, तो फरवरी सही समय है.
गुलाब की खूबसूरती और इसकी लाजवाब खुशबू के कारण इसे फूलों का राजा भी कहते हैं. कई किसान गुलाब की खेती करके लाखों की आमदनी कमा रहे हैं. बता दें कि शहरों में भी कई लोग अपने घर के गार्डन में भी फूल लगाना काफी पसंद करते हैं, इससे उनके बागवानी के शौक भी पूरे हो जाते हैं और घर भी फूलों की खुशबू से महक उठता है.
जनवरी की ठंड के बाद फरवरी का सुहावना मौसम किसानों के लिए खेती का सुनहरा मौका लेकर आया है. गन्ना, सूरजमुखी, भिंडी, टमाटर समेत जायद और नकदी फसलों की बुवाई-रोपाई के साथ राज्यवार कृषि कार्यों की पूरी सलाह.
अगर आप भी चाहते हैं कि आपकी बालकनी या छत पर रखा हर गमला फूलों से लदा रहे और आपको माली की तरह घंटों मेहनत भी न करनी पड़े, तो आज इन 5 पौधे को अपनी नर्सरी में लगा सकते हैं.
गन्ने की खेती में सबसे बड़ी समस्या इसकी 12 महीने की लंबी अवधि है, जिसके कारण किसानों को अपनी कमाई के लिए साल भर इंतजार करना पड़ता है. ऊपर से चीनी मिलों द्वारा भुगतान में देरी किसानों की आर्थिक कमर तोड़ देती है. इसी समस्या का हल है फरवरी-मार्च में गन्ने के साथ इंटरक्रॉपिंग करना. अगर किसान गन्ने की दो लाइनों के बीच खाली जगह में कुछ खास फसलों को लगाते हैं, तो उन्हें मात्र 100 दिनों के अंदर नकद आमदनी मिलनी शुरू हो जाती है.
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