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टिप्स और ट्रिक्स

टिप्स और ट्रिक्स News

आईएएस ऑफिसर के आइडिया को मिल रही तालियां

इस अनोखे विजिटिंग कार्ड से निकलता है गेंदे का पौधा, आईएएस ऑफिसर के अनोखे आइडिया ने किया कमाल 

Jun 14, 2024

बढ़ती गर्मी और हीटवेव ने लोगों के मन में पेड़ लगाने का ख्‍याल दिन पर दिन मजबूत होता जा रहा है. एक ऐसी दुनिया जहां पर हर कोई ससटेनेब्लिटी के बारे में बातें कर रहा है, एक आईएएस अधिकारी ने कुछ ऐसा किया है जो बदलाव लाने का अनोखा तरीका हो सकता है. आईएएस ऑफिसर शुभम गुप्ता ने गेंदे के पौधे के बीजों से युक्त विजिटिंग कार्ड पेश किए हैं.

PHOTOS: क्या है बैकयार्ड मुर्गीपालन, क‍िसानों के ल‍िए यह कितना है लाभदायक

Jun 14, 2024

आमतौर पर बैकयार्ड पोल्ट्री फार्मिंग के लिए दोहरे उद्देश्य वाली मुर्गियों का इस्तेमाल किया जाता है. इसमें मुर्गियां घर की चारदीवारी के भीतर घूमती हैं और अपना भोजन और पानी खुद ढूंढती हैं. बैकयार्ड पोल्ट्री फार्मिंग के लिए किसी खास घर की जरूरत नहीं होती. मुर्गियों को शिकारियों से बचाने के लिए आमतौर पर रात में बांस की टोकरियों या कार्डबोर्ड के बक्सों में रखा जाता है.

गेंदा फूल की खेती (सांकेतिक तस्वीर)

गेंदे की खेती में मुनाफा ही मुनाफा, बस इन 10 बातों का रख लें ध्यान

Jun 14, 2024

गेंदा फूल की खेती खरीफ सीजन की एक ऐसी खेती होती है जिसमें काम लागत में किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. इसकी खेती में रोग और कीट का प्रकोप बहुत कम होता है. यही वजह है कि खरीफ सीजन में पारंपरिक धान और मक्के की खेती करने वाले किसानों का झुकाव अब गेंदा फूल की खेती की तरफ हो रहा है.

घर के पिछले हिस्से में करें मुर्गी पालन

बैकयार्ड मुर्गीपालन क्या है, बाकी पोल्ट्री फार्मिंग से कितना है फायदेमंद?

Jun 14, 2024

आमतौर पर बैकयार्ड पोल्ट्री फार्मिंग के लिए दोहरे उद्देश्य वाली मुर्गियों का इस्तेमाल किया जाता है. इसमें मुर्गियां घर की चारदीवारी के भीतर घूमती हैं और अपना भोजन और पानी खुद ढूंढती हैं. बैकयार्ड पोल्ट्री फार्मिंग के लिए किसी खास घर की जरूरत नहीं होती. मुर्गियों को शिकारियों से बचाने के लिए आमतौर पर रात में बांस की टोकरियों या कार्डबोर्ड के बक्सों में रखा जाता है.

इस तरह गार्डेन को बनाएं हरा-भरा

चिलचिलाती गर्मी में भी गार्डेन को बनाएं हरा-भरा, इन आसान तरीकों से करें पौधों की देखभाल

Jun 13, 2024

गर्मी बढ़ने पर कई लोग अपने पौधों को ज़रूरत से ज़्यादा पानी देते हैं. लेकिन ऐसा करने से पौधों को नुकसान पहुँचता है. दरअसल, गर्मी और धूप के संपर्क में आने से पौधों में वाष्पोत्सर्जन शुरू हो जाता है और पत्तियां मुरझाने लगती हैं.

अरहर की फसल में फफूंग रोग यानी फायलोस्टिक्टा लीफ स्पॉट किसानों के लिए बड़ी समस्या.

Arhar Crop: अरहर के पौधे को फफूंदी रोग से बचाना जरूरी, इस विधि का इस्तेमाल करें किसान 

Jun 13, 2024

आमतौर पर देश में खरीफ सीजन के दौरान अरहर की बुवाई के लिए जून के अंतिम सप्ताह से जुलाई के दूसरे सप्ताह तक सही समय माना जाता है. अगर सिंचाई की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध हो तो जून के पहले हफ्ते में भी इसकी बुवाई कर सकते हैं.

धान के बकानी रोग के लक्षण - फोटो सौजन्य: IARI, पूसा, दिल्ली

Paddy disease: धान की खेती में बकानी रोग से रहें सतर्क, कृषि वैज्ञानिकों ने बताए बचाव के उपाय

Jun 12, 2024

धान की खेती करने वाले किसानों के लिए बकानी रोग एक गंभीर समस्या बनती जा रही है. पंजाब, हरियाणा, पश्चिम उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर सहित कई राज्यों में इस रोग का हर साल प्रकोप बढ़ता जा रहा है. अभी धान की खेती की तैयारी किसान शुरू कर चुके हैं. इससे बचने के लिए अभी से उपाय अपनाना जरूरी है, नहीं तो यह रोग धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा सकता है.

बासमती की उन्नत किस्म

आंधी-बारिश में भी जमीन पर नहीं गिरती है बासमती की ये किस्म, बेहद कम सिंचाई में देती है अच्छी उपज, जानें

Jun 11, 2024

धान की भारत में अनग‍िनत क‍िस्में मौजूद हैं, ज‍िनमें बासमती सबसे खास मानी जाती है. इसका न स‍िर्फ खूब एक्सपोर्ट होता है बल्क‍ि महंबा ब‍िकने की वजह से इससे क‍िसान पैसा भी खूब कमाते हैं. बासमती में भी पूसा बासमती 1121 और 1509 सबसे खास है. इन दोनों क‍िस्मों की सबसे ज्यादा बुवाई होती है. इन दोनों की खूब मांग है इसल‍िए क‍िसान इसकी खेती करते हैं.

धान की खेती

Tips: धान की खेती को बर्बाद कर देते हैं ये कीट, जान‍िए क्या है इनसे न‍िपटने का उपाय

Jun 11, 2024

कृष‍ि वैज्ञान‍िकों का कहना है क‍ि धान की खेती में लगने वाले ज्यादातर कीटों का व्यवहार रात्रिचर है, इसलिए बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए छिड़काव शाम के समय किया जाना चाहिए. आईए जानते हैं क‍ि धान की खेती में कौन-कौन से प्रमुख कीट लगते हैं. 

धान के पौधों की बढ़ोत्तरी के लिए जिंक प्रमुख पोषक तत्व है.

धान में खैरा रोग से छुटकारा दिलाएगी ये दवा, पत्तियों पर पीले-काले धब्बे खत्म होंगे, किसानों को मिलेगी बंपर उपज 

Jun 10, 2024

धान किसानों के लिए खैरा रोग बड़ी समस्या बनता है. इससे पौधों का विकास रुक जाता है और पौधा बौना रह जाता है. खैरा रोग से बचाने के लिए इफको दवा लाई है, जो किसानों की इस समस्या को दूर कर बंपर उत्पादन दे सकती है.

पीएम कुसुम योजना (सांकेतिक तस्वीर)

एक ही खेत से डबल कमाई करेंगे किसान, खेती के साथ सोलर प्लांट से बढ़ेगी आमदनी

Jun 10, 2024

कृषि क्षेत्र में किसानों की समस्याओं को दूर करने के लिए सरकार ने पीएम कुसुम योजना शुरू की है. इसके तहत किसानों को अपने खेतों में सोलर पंप लगाने के लिए पैसे दिए जाते हैं. सरकार इस योजना के तहत 2 हॉर्स पावर से लेकर 5 हॉर्स पावर तक के सोलर पंप पर 90 परसेंट की सब्सिडी देती है.

बड़े काम की होती है मछली से बनी खाद

क्‍या आप जानते हैं मछली से बन सकती है खाद! अगर नहीं तो जानिए क्‍या है फिश फर्टिलाइजर और इसके फायदे

Jun 08, 2024

फिश फर्टिलाइजर पूरी मछली,  उसकी हड्डियों और त्वचा से तैयार होता है. ऐसी मछलियां जिनका कोई प्रयोग नहीं हो पाता है, उन्‍हें बर्बाद होने की जगह आप बगीचे के लिए पोषक तत्वों में इन्‍हें बदलकर प्रयोग कर सकते हैं. इस उर्वरक में कई तरह के पोषक तत्‍व होते हैं जो पौधों की जड़ों को फायदा पहुंचाते हैं. मछली से बनी खाद न सिर्फ आपके पौधों को बढ़ाती है बल्कि यह आपकी मिट्टी को भी मदद करती है.

पौधों को पानी देने का सही तरीका

कब, कैसे और कितना? जानिए पौधों को पानी देने का सही तरीका

Jun 08, 2024

गार्डनिंग में सबसे बड़ी गलती पौधों में पानी देने को लेकर होती है. अगर आप यह नहीं समझते है कि पौधों में कब, कितना और कैसे पानी देना है तो निश्चित ही आपका पौधा खराब हो जाएगा या सूख जाएगा. ऐसे में आज हम आपको पौधे में पानी देने को लेकर कुछ जरूरी टिप्स बताने जा रहे हैं.

मशरूम की खेती

शुरू करें मशरूम की इस किस्म की खेती...45 दिनों में होगा 10 गुना मुनाफा, जानिए कैसे?

Jun 08, 2024

अगर आप सफेद बटन मशरूम की खेती करना चाहते हैं तो उसके लिए केवल 1 एसी या हवादार कमरा या झोपड़ी की जरूरत होगी क्योंकि 18-25 डिग्री सेल्सियस के तापमान इसकी उपज अच्छी होती है. उसके बाद खेती के लिए गेहूं या चावल के भूसे और कुछ केमिकल्स को मिलाकर खाद तैयार कर लें.

बासमती धान की खेती

निर्यात के लिए बासमती उगा रहे हैं तो इन खास बातों का रखें ध्यान, नर्सरी से पहले जरूर करें ये काम

Jun 07, 2024

अगर आप निर्यात के लिए बासमती धान का उत्पादन कर रहे हैं, तो बेहतर गुणवत्ता वाले बासमती धान के बीज का चयन से लेकर धान की कटाई तक बेहतर मानकों और खेती की उचित प्रक्रियाओं का पालन करें. इससे आप अच्छी गुणवत्ता और मुनाफेदायक बासमती धान का उत्पादन कर सकते हैं और निर्यात के लिए तैयार हो सकते हैं. इससे ग्लोबल मार्केट में आपकी बासमती को बेहतर दाम मिल सकते हैं.

VIDEO: खेती-बाड़ी में भी बना सकते हैं करियर, यहां निकली नौकरी की बंपर भर्ती

Jun 07, 2024

सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए नौकरी पाने का सुनहरा मौका आया है. कृषि मंत्रालय, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय समेत कई मंत्रालयों में खाली पदों को भरने के लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने योग्य उम्मीदवारों से आवेदन मांगे हैं. यूपीएससी ने स्पेशिलस्ट ग्रेड III असिस्टेंट प्रोफेसर, डिप्टी सुपरिटेंडिंग आर्कियोलॉजिस्ट और सिविल हाइड्रोग्राफिक पदों पर भर्ती निकाली है.

मछली पालन

मछली पालन कैसे करें, कैसे बढ़ाएं कमाई? तमाम सवालों के जवाब देगा ये सरकारी ऐप

Jun 06, 2024

अगर कोई व्यक्ति मछली पालन कर रहा है या वो शुरू करना चाहता है तो उसके लिए केसीसी मत्स्य पालन योजना चलाई जा रही है. जिसमें व्यक्ति को एक कार्ड बनाकर दिया जाएगा जो केसीसी कार्ड की तरह ही होगा. उसके माध्यम से वो स‍िर्फ 4 प्रत‍िशत के दर पर 2 लाख रुपये का लोन लेकर अपना यह काम बढ़ा सकता है.

बबूने का फूल कैसे नीलगाय जैसे जानवरों को रखेगा दूर

छुट्टा जानवरों से मुक्ति दिलाएगा बबूने का फूल, खेत से दूर-दूर तक नहीं दिखेगी नीलगाय 

Jun 05, 2024

बबूने के फूल को कैमोमाइल के नाम से भी जानते हैं. इस फूल में एंटी-ऑक्सिडेंट्स होते हैं. साथ ही इसमें ऐंटी-फंगल, ऐंटी-बैक्टीरियल और ऐंटी-इनफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज होती हैं जो स्किन को हल्दी रखती हैं और उसमे मौजूद गंदगी को बाहर निकलती हैं. अब यह आपकी स्किन के साथ-साथ नीलगाय को भगाने में मददगार होगा. इसकी वजह है इसकी तेज खुशबू.

गर्मियों के मौसम में इस फल में खरपतवार का खतरा बढ़ जाता है

इस महीने आलू बुखारे में बढ़ जाती है खरपतवार,  अधिक उपज लेने के लिए इस टिप्स पर गौर करें किसान 

Jun 05, 2024

आलूबुखारा यानी प्लम वह फल है जो मई के मौसम में आना शुरू होता है और अक्‍टूबर तक बाजार में मिलता है. यह एक मीठा फल है जिसका पेड़ आमतौर पर 6 से 15 मीटर तक लंबा होता है.   भारत में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, कश्मीर और पंजाब के क्षेत्रों में इसकी खेती की जाती है. लेकिन इसमें खरपतवार लगना एक आम समस्‍या है.

लीची के फल को जून में फटने से कैसे बचाएं

जून में अचानक बारिश होने से फट सकती लीची, बचाव के लिए ये उपाय करें किसान 

Jun 05, 2024

मई में पौधें की 15 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करते रहना चाहिए ताकि लीची के फलों में नियमित तौर पर बढ़ोतरी होती रहे. बाकी फलों की तरह ही लीची के बगीचे का भी रेखांकन मई के महीने में कर लेना चाहिए. इसके बाद 3×3×3 फुट के गड्ढे खोदकर उसमें एक महीने बाद गोबर की खाद, रासायनिक खाद और मिट्टी की बराबर मात्रा से उसे भर देना चाहिए.

औषधीय मेंथा की खेती

औषधीय मेंथा से बंपर कमाई कर सकते हैं किसान, तेल निकालने के लिए घर में लगाएं प्लांट

Jun 05, 2024

घर में मेंथा का प्लांट लगाने पर कम रखरखाव की आवश्यकता होती है. जहां तक खेती की बात है तो इसे आप आसानी से किसी भी गमले में लगा सकते हैं. मेंथा का पौधा अच्छी जल निकास वाली मिट्टी और छाया में अच्छी तरह पनपता है. वहीं पौधा जब बड़ा हो जाता है तो उसमें नाइट्रोजन डालना चाहिए.