PM Kisan Yojana के लाभार्थी 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन भुगतान से पहले यह पक्का कर लें कि आपका नाम बेनिफिशियरी लिस्ट में है. जिनका नाम सूची में नहीं है, उन्हें 2,000 रुपये की किस्त नहीं मिलेगी. किसान पोर्टल पर जाकर अपना स्टेटस आसानी से चेक कर सकते हैं. साथ ही e-KYC, आधार लिंकिंग, और जमीन के रिकॉर्ड अपडेट रखना जरूरी है, वरना पेमेंट अटक सकता है.
आम के मंजर के समय चींटियों, मिज कीट और गुजिया कीट का खतरा बढ़ जाता है. किसानों के लिए कपूर की टिकिया एक सस्ता और असरदार उपाय है, जिसकी गंध से चींटियां और कई कीट दूर रहते हैं. साथ ही मिज कीट और गुजिया कीट से बचाव के लिए डायमेथोएट और संशोधित ट्री-बैंडिंग तकनीक बेहद प्रभावी साबित होती है. सही समय पर नियंत्रण से बंपर पैदावार सुनिश्चित की जा सकती है.
मौसम में उतार-चढ़ाव और नमी बढ़ने से गेहूं और सरसों की फसलों पर फंगल और वायरल बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को पीला रतुआ, लीफ ब्लाइट, पाउडरी मिल्ड्यू, व्हाइट रस्ट और डाउनी मिल्ड्यू की पहचान और नियंत्रण के लिए विशेष सलाह जारी की है. सही समय पर फफूंदनाशकों का प्रयोग, संतुलित खाद और नियमित निगरानी से फसल को नुकसान से बचाया जा सकता है.
रबी सीजन में बोई गई प्याज में फरवरी महीने में मौसम में बदलाव के कारण उखड़ा रोग लगने का खतरा बना रहता है. ये रोग प्याज की फसल के लिए बहुत खतरनाक होता है. जिससे फसलों को भारी नुकसान होता है. ऐसे में बिहार के प्यजा किसानों के लिए बिहार कृषि विभाग ने एक एडवाइजरी जारी की है.
इस समय आम के बाग में बौर आ रहे हैं. आने वाले दिनों में पेड़ों पर फल बनेंगे, लेकिन अक्सर कीटों, बीमारियों और तेज धूप की वजह से फलों पर दाग-धब्बे पड़ जाते हैं और वे बेरंग दिखने लगते हैं, जिसके कारण बाजार में किसानों को उनकी मेहनत का सही दाम नहीं मिल पाता. इस समस्या का सबसे आसान समाधान है 'फ्रूट बैगिंग', जो आम को जहरीले कीटनाशकों से बचाकर उसे पूरी तरह सुरक्षित और जहर-मुक्त बनाती है.
गेहूं की बुवाई से लेकर कटाई तक के सभी चरणों में ‘आखिरी सिंचाई’ सबसे महत्वपूर्ण होती है. ये वो समय होता है जब आप अपनी मेहनत का पूरा फल प्राप्त कर सकते हैं. यदि सही समय पर अंतिम पानी दिया जाए, तो दाने मोटे, चमकदार और वजनदार बनते हैं.
फरवरी आते ही जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, आम के बागों में बौर (मंजर) तेजी से निकलने लगे हैं. लेकिन ध्यान रहे, आम के घातक कीट आपके बाग पर घात लगाकर बैठे हैं. अगर इस नाजुक समय पर सावधानी नहीं बरती गई, तो ये रस चूसने वाले कीट पूरे साल की मेहनत को चंद दिनों में बर्बाद कर सकते हैं. समय रहते अगेती बौर को कीट और रोगों से बचाने का इंतजाम जरूर करें.
आम के मंजरों पर बुरा साया मंडरा रहा है. कभी फरवरी की अचानक बढ़ती गर्मी और कभी रातों की कड़ाके की ठंड ने किसानों की टेंशन बढ़ा दी है. इस बदलते मिजाज की वजह से मंजर समय से पहले पक रहे हैं या बीमारियों की भेंट चढ़ रहे हैं. डॉ. एस. के. सिंह की खास सलाह है कि ऐसे में घबराने के बजाय 'क्लाइमेट-स्मार्ट' तरीका अपनाएं. बागों में हल्की सिंचाई, मल्चिंग और बोरॉन-जिंक का सही छिड़काव करके आप इस नुकसान की छुट्टी कर सकते हैं.
खेती-किसानी में इस महीने किसानों को क्या करना चाहिए इस बात का भी ध्यान रखना काफी जरूरी होता है. ऐसे में बिहार कृषि विभाग की ओर से इस महीने किन फसलों में क्या करना है उसकी जानकारी दी गई है. आइए जानते हैं कि किसान फरवरी में क्या करें.
देश के लगभग हर हिस्से में किसान बैंगन की खेती बड़े पैमाने पर करते हैं, लेकिन इसकी फसल में रोग और कीटों का खतरा हमेशा बना रहता है. कई बार कीड़े और बीमारियां इतनी तेजी से फैलती हैं कि पूरी फसल को नुकसान पहुंचा देती हैं. आइए जानते हैं बचाव का उपाय.
अगर आप चाहते हैं कि आपकी बालकनी हर मौसम में रंगीन, खूबसूरत और फ्रेश दिखे, तो आप इन 5 रंगीन पत्तियों वाले खास पौधों को अपनी बालकनी में लगा सकते हैं. आइए जानते हैं कौन से हैं वो पौधे.
अगर आप भी नीलगाय और आवारा पशुओं के आतंक से परेशान हैं तो उनको भगाने का एक बेहतरीन उपाय है, जो बहुत ही आसान और सस्ता है. इसे कोई भी किसान अपनाकर अपनी फसलों को बर्बाद होने से बचा सकता है.
फरवरी के महीने में आमतौर पर सुबह और शाम को ठंडी हवाएं और सर्द मौसम रहता है, लेकिन इस साल मौसम के पैटर्न में तेज़ी से बदलाव देखा जा रहा है, जिससे गेहूं किसानों में काफी चिंता है. आइए जानते हैं गेहूं किसान फरवरी के महीने में क्या करें.
जायद सीजन में किसानों को मूंग के बजाय मूंगफली और उड़द की खेती करने की सलाह. कृषि विभाग ने उन्नत किस्मों, बुवाई समय और उत्पादन की पूरी जानकारी दी.
फरवरी का महीना किचन गार्डनिंग के लिए बेहद खास माना जाता है. इस समय मौसम न ज्यादा ठंडा होता है और न ही ज्यादा गर्म, जिससे सब्जियों की ग्रोथ अच्छी होती है. अगर आप घर की छत, बालकनी या गार्डन में ताजगी और हेल्दी सब्जियां उगाना चाहते हैं, तो फरवरी सही समय है.
गुलाब की खूबसूरती और इसकी लाजवाब खुशबू के कारण इसे फूलों का राजा भी कहते हैं. कई किसान गुलाब की खेती करके लाखों की आमदनी कमा रहे हैं. बता दें कि शहरों में भी कई लोग अपने घर के गार्डन में भी फूल लगाना काफी पसंद करते हैं, इससे उनके बागवानी के शौक भी पूरे हो जाते हैं और घर भी फूलों की खुशबू से महक उठता है.
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