खेती-किसानी में इस महीने किसानों को क्या करना चाहिए इस बात का भी ध्यान रखना काफी जरूरी होता है. ऐसे में बिहार कृषि विभाग की ओर से इस महीने किन फसलों में क्या करना है उसकी जानकारी दी गई है. आइए जानते हैं कि किसान अप्रैल में क्या करें.
जलवायु परिवर्तन का असर अब आम की खेती पर साफ दिखने लगा है. ठंड और तापमान में बदलाव के कारण मंजर आने में देरी हो रही है और कीटों का खतरा बढ़ रहा है, जिससे पैदावार और गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि “क्लाइमेट स्मार्ट” तकनीकों, संतुलित पोषण और आधुनिक खेती के तरीकों को अपनाकर ही किसान इस चुनौती से निपट सकते हैं और आम की मिठास बचा सकते हैं.
आम की बागवानी में भारत का दबदबा है, लेकिन आजकल 'रेड बैंडेड बोरर' नाम का कीट किसानों के लिए सरदर्द बन गया है. यह शातिर कीड़ा आम के फल में सुराख करके गुठली और गूदे को अंदर से चट कर जाता है, जिससे फल वक्त से पहले गिर जाते हैं और बागवानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है.
मार्च-अप्रैल की गर्मी में गेहूं की सूखी फसल में आग लगने का खतरा बढ़ जाता है. ट्रांसफार्मर, ढीले बिजली तार और कृषि मशीनों से निकलने वाली चिंगारी से बड़ा नुकसान हो सकता है. जानिए विशेषज्ञों के बताए आसान और असरदार उपाय, जिससे आप अपनी फसल को आग से सुरक्षित रख सकते हैं.
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