ओलों और कीटों से अपनी फसल कैसे बचाएं, जानिए आसान और असरदार तरीके. गेहूं, चना और मक्का जैसी फसलों को मौसम और कीटों से सुरक्षित रखने के लिए कृषि विशेषज्ञों की सलाह और दवा छिड़काव के आसान उपाय. किसान इस गाइड से फसल की पैदावार बढ़ा सकते हैं और नुकसान से बच सकते हैं.
भारतीय रसोई में बेसन का बहुत महत्व है, लेकिन हाल ही में बाजार में बेसन में मिलावट का पर्दाफाश हुआ है. इस आर्टिकल में हम आपको आसान और सुरक्षित तरीके बताएंगे, जिससे आप घर पर ही असली और नकली बेसन की पहचान कर सकते हैं. हाइड्रोक्लोरिक एसिड और नींबू जैसी सरल विधियों से मिलावटी बेसन से बचें और अपने परिवार के लिए हमेशा ताजा और सुरक्षित बेसन इस्तेमाल करें.
वसंत ऋतु में जब किसान आलू, सरसों या गेहूं की कटाई का इंतजार करते हैं, तो गन्ने की बुवाई में 25 से 40 दिनों की देरी हो जाती है. इस देरी के कारण गन्ने को बढ़ने का पूरा समय नहीं मिलता, जिससे पैदावार काफी घट जाती है. साथ ही, गर्मी बढ़ने के कारण पारंपरिक बुवाई में गन्ने का जमाव भी कम होता है. इस समस्या का सबसे बेस्ट समाधान 'सिंगल बड नर्सरी' तकनीक है.
अपने बगीचे और फसलों को खराब मौसम और कीड़ों से बचाना अब आसान है. यह आर्टिकल आसान तरीके और टिप्स बताता है जो बिना किसी तनाव के फलों, फूलों और सब्जियों की पैदावार बढ़ाने में आपकी मदद करेंगे.
ज्यादातर लोग मानते हैं कि गन्ने की पेड़ी में पैदावार कम होने लगती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि वैज्ञानिक तरीके से ली गई पेड़ी आपको मुख्य फसल से भी ज्यादा मुनाफा देती है? बिना खेत की जुताई और बिना बीज का एक भी पैसा खर्च किए, आप बंपर मुनाफा कमा सकते हैं. बस ज़रूरत है उन 'खास ट्रिक्स' को समझने की, जो मिट्टी के नीचे छिपी जड़ों में नई जान फूंक देती हैं.
आम के बागों में जनवरी-फरवरी का समय बेहद नाजुक होता है और यदि इस दौरान सही प्रबंधन न किया जाए, तो पूरे साल की मेहनत बेकार हो सकती है. इस समय की सबसे बड़ी लापरवाही संतुलित पोषण और कीट नियंत्रण की कमी है. आप समय पर दवाओं का छिड़काव नहीं करते, तो कोहरे और नमी के कारण 'पाउडरी मिल्ड्यू' जैसी बीमारियां और 'भुनगा' जैसे कीट पूरे मंजर को काला कर सुखा देते हैं.
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार दक्षिण गुजरात के कुछ जिलों में 21 जनवरी से 25 जनवरी तक बादल छाए रहने और हल्की बेमौसम बारिश की संभावना है. पूर्वानुमान को देखते हुए वलसाड के बागवानी उप निदेशक की तरफ से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में आम किसानों को खास सलाह दी गई हैं. इससे आम की फसल में फूल आने के समय किसानों को नुकसान हो सकता है.
इस समय चने की फसल में बड़े पैमाने पर कीटों का प्रकोप देखा जा रहा है. खासकर चने में लगने वाले फली छेदक (इल्ली) और कटुआ जैसे कीट और दीमक पौधों के फूल, फलियों और शुरुआती अवस्था में पौधों को गंभीर नुकसान पहुंचा रहे हैं. आइए जानते हैं बचाव के उपाय.
लहसुन की खेती में तना फटना किसानों की आम समस्या है. इसके कारण हैं- बोरॉन की कमी, ज्यादा यूरिया, गलत सिंचाई और गर्मी. हम इसे सुधारने के पक्के उपाय बता रहे हैं, ताकि लहसुन की क्वालिटी सुधरे और मंडी में बेहतर दाम मिले.
डायरेक्टोरेट ऑफ अनियन एंड गार्लिक रिसर्च (DOGR) की 5 नई उन्नत प्याज किस्मों—भीमा सुपर, भीमा डार्क रेड, भीमा रेड, भीमा श्वेता और भीमा शुभ्रा—को AINRPOG की राष्ट्रीय वर्कशॉप में देशभर के किसानों के लिए जारी करने की सिफारिश की गई है, जिससे खरीफ और रबी सीजन में प्याज उत्पादन बढ़ेगा.
क्या आप जानते हैं कि आम और लीची की भरपूर फसल का राज जनवरी की इन ठंडी रातों में छिपा है? जब जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है, तो पेड़ अपनी बाहरी बढ़ोतरी नए पत्ते निकालने को रोककर अपनी पूरी ताकत अंदर ही अंदर बौर (फूल) बनाने में लगा देते हैं. इसलिए, आम और लीची के पेड़ों में ढेर सारे बौर आने के लिए जनवरी की कड़ाके की ठंड बहुत जरूरी है.
घर की खाली जमीन को बेकार छोड़ने के बजाय उसे कृषि वैज्ञानिकों द्वारा सुझाए गए 'मॉडर्न हेल्दी किचन गार्डन' में बदलें. यह आधुनिक तरीका न केवल कम जगह में ज्यादा पैदावार देता है, बल्कि साल भर ताजी और ऑर्गेनिक सब्जियां सुनिश्चित करता है. वैज्ञानिकों के अनुसार, घर की उगी सब्जियां पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं, जो गंभीर बीमारियों से बचाकर आपको फिट रखती हैं. इस मॉडर्न तरीके को अपनाने से बाजार पर आपकी निर्भरता खत्म होगी और महीने का मोटा खर्चा बचेगा.
पंजाब में तेजी से गिरते तापमान के बीच PAU ने शीतलहर, घने कोहरे और पाले को लेकर अलर्ट जारी किया है. जानिए फसलों, सब्जियों, बागों और पशुओं को पाले से बचाने के जरूरी उपाय और विशेषज्ञों की सलाह.
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