Advertisement

खेती-बाड़ी टिप्स और ट्रिक्स News

बासमती धान की बंपर पैदावार का फॉर्मुला, नर्सरी से लेकर रोपाई तक अपनाएं ये टिप्‍स

बासमती धान की बंपर पैदावार का फॉर्मुला, नर्सरी से लेकर रोपाई तक अपनाएं ये टिप्‍स

Jun 09, 2026

बासमती धान की खेती में ज्यादा पैदावार और बेहतर क्वालिटी पाने के लिए सिर्फ अच्छा बीज काफी नहीं है. वैज्ञानिकों ने नर्सरी तैयार करने, बीज उपचार, पौधों की जड़ों की सुरक्षा और सही दूरी पर रोपाई को अहम बताया है. सही तकनीक अपनाकर किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन ले सकते हैं.

अल नीनो संकट में किसानों का 'वॉटर बैंक', सूखे में भी फसलों को रखेगा हरा-भरा!

अल नीनो संकट में किसानों का 'वॉटर बैंक', सूखे में भी फसलों को रखेगा हरा-भरा!

Jun 08, 2026

देश में गहराते जलसंकट और अल नीनो के कारण कम बारिश की आशंका के बीच 'पूसा हाइड्रोजेल' तकनीक किसानों के लिए बड़े काम की है. ग्वार फली से बना यह प्राकृतिक 'वॉटर बैंक' मिट्टी में मिलकर पानी को सोख लेता है और सूखे के समय सीधे पौधों की जड़ों को नमी देता रहता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि एक एकड़ में महज 1200 रुपये की लागत आती है और यह एक बार डालने पर खेतों में 5 साल तक काम करता है. धान, मक्का, गन्ना और सब्जियों जैसी ज्यादा पानी वाली फसलों में इसके इस्तेमाल से पानी की आधी बचत होती है.

धान छोड़ मक्का की ओर बढ़े किसान, 605 किसानों ने कमाए करोड़ों: 5 करोड़ से अधिक का पॉपकॉर्न मक्का खरीदा गया

धान छोड़ मक्का की ओर बढ़े किसान, 605 किसानों ने कमाए करोड़ों: 5 करोड़ से अधिक का पॉपकॉर्न मक्का खरीदा गया

Jun 05, 2026

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में फसल विविधीकरण का मॉडल किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रहा है। धान की जगह पॉपकॉर्न मक्का की खेती अपनाने वाले 605 किसानों ने 1763 एकड़ में उत्पादन कर 5 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री की।

ढैंचा की हरी खाद अपनाएं, मिट्टी मजबूत और यूरिया बिल घटाएं

ढैंचा की हरी खाद अपनाएं, मिट्टी मजबूत और यूरिया बिल घटाएं

Jun 05, 2026

हरी खाद के रूप में ढैंचा की खेती अपनाकर किसान मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के साथ रासायनिक उर्वरकों पर होने वाला खर्च भी कम कर सकते हैं.ढैंचा के उपयोग से भूमि में प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, जिससे प्रति हेक्टेयर 2 से 3 बोरी यूरिया की बचत होती है.

अल नीनो के संकट में किसानों के काम आएंगे ये 'कृषि हथियार', सूखे की मार होगी बेअसर

अल नीनो के संकट में किसानों के काम आएंगे ये 'कृषि हथियार', सूखे की मार होगी बेअसर

Jun 04, 2026

साल 2026 में अल नीनो के चलते सूखे और कम मॉनसून का बड़ा खतरा है, जिससे निपटने के लिए सरकारी तैयारियों के साथ-साथ किसानों को भी अपने स्तर पर कमर कसनी होगी. किसानों को पुरानी आदतें छोड़कर 'सक्रिय खेती' अपनानी होगी. जैसे कम पानी वाली फसलें चुनना, धान की सीधी बुवाई करना और समझदारी से सिंचाई करना. इन बदलावों और मौसम विभाग के सैटेलाइट अलर्ट और कृषि विज्ञान केंद्रों की सलाह पर पैनी नजर रखकर सूखे की मार से काफी हद तक बचा जा सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक इस साल बारिश करीब 10% कम होगी, लेकिन सही वैज्ञानिक तरीकों और सही समय पर बदलाव करके हम अपनी खरीफ फसलों को सुरक्षित रख सकते हैं.

पॉलीहाउस लगाने से पहले जरूर कर लें ये काम, नहीं तो होगा जबर्दस्त नुकसान

पॉलीहाउस लगाने से पहले जरूर कर लें ये काम, नहीं तो होगा जबर्दस्त नुकसान

Jun 04, 2026

मिट्टी की गुणवत्ता खेती की सफलता में अहम भूमिका निभाती है. पॉलीहाउस तकनीक के साथ सही मिट्टी और पानी की जांच से फसल उत्पादन बढ़ता है. यह आधुनिक खेती का तरीका मौसम पर निर्भरता कम करता है और किसानों की आय बढ़ाने में मदद करता है. इससे कम जगह में अधिक और बेहतर गुणवत्ता की फसल प्राप्त होती है.

धान के खेतों में तैरेंगी मछलियां, किसानों की आय बढ़ाने की अनूठी पहल

धान के खेतों में तैरेंगी मछलियां, किसानों की आय बढ़ाने की अनूठी पहल

Jun 04, 2026

धान के खेत में मछली पालन कर कम लागत में दोगुनी आय कमाएं. पाटन के किसानों को कृषि विभाग ने दी धान-मछली एकीकृत खेती की सलाह, जो जैव विविधता बढ़ाने के साथ कीटनाशक उपयोग भी कम करती है.

लोगों ने कहा असंभव, किसान ने कर दिखाया संभव: नर्मदा तट पर लहलहा रहे 2 हजार नारियल के पेड़

लोगों ने कहा असंभव, किसान ने कर दिखाया संभव: नर्मदा तट पर लहलहा रहे 2 हजार नारियल के पेड़

Jun 04, 2026

जबलपुर के प्रगतिशील किसान अनिल पचौरी ने नर्मदा किनारे 10 एकड़ में 2 हजार नारियल के पेड़ लगाकर नारियल खेती की नई मिसाल कायम की है। वैज्ञानिक तकनीकों और निरंतर मेहनत के दम पर वे प्रतिदिन 300 से 400 नारियल का उत्पादन कर रहे हैं तथा सालाना 30 से 40 लाख रुपये तक की आय अर्जित कर रहे हैं।

नील हरित शैवाल से संवर रही खेती: छत्तीसगढ़ के किसान अपना रहे जैविक तकनीक, बढ़ रही मिट्टी की उर्वरता

नील हरित शैवाल से संवर रही खेती: छत्तीसगढ़ के किसान अपना रहे जैविक तकनीक, बढ़ रही मिट्टी की उर्वरता

Jun 03, 2026

छत्तीसगढ़ में नील हरित शैवाल (ब्लू-ग्रीन एल्गी) किसानों के लिए जैविक खेती का प्रभावी विकल्प बनकर उभर रहा है. यह प्राकृतिक जैव उर्वरक मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने, नाइट्रोजन की उपलब्धता सुधारने और रासायनिक खादों पर निर्भरता कम करने में मदद कर रहा है.

Intercropping Tips: खेत में गन्ना, मेड़ पर मूंगफली... एक्स्ट्रा कमाई का नया फॉर्मूला

Intercropping Tips: खेत में गन्ना, मेड़ पर मूंगफली... एक्स्ट्रा कमाई का नया फॉर्मूला

Jun 03, 2026

गन्ने की खेती को आमतौर पर बहुत अधिक पानी, भारी मात्रा में यूरिया और साल भर के लंबे इंतजार के बाद कमाई देने वाली फसल माना जाता है, जिससे किसान को बीच में पैसों की तंगी झेलनी पड़ती है. लेकिन गन्ने के साथ मूंगफली की सह-फसली खेती ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है और किसानों को आमदनी का एक 'फास्ट-ट्रैक' फॉर्मूला दे दिया है.

"घर की छत पर करें बिजली की खेती, एमपी सरकार दे रही सब्सिडी; ‘सोलर चाचा’ बताएंगे आवेदन से लाभ तक का पूरा रास्ता"

"घर की छत पर करें बिजली की खेती, एमपी सरकार दे रही सब्सिडी; ‘सोलर चाचा’ बताएंगे आवेदन से लाभ तक का पूरा रास्ता"

Jun 02, 2026

मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरों की छत पर सोलर पैनल लगवाने के लिए आकर्षक सब्सिडी दी जा रही है. उपभोक्ताओं को आवेदन से लेकर योजना का लाभ लेने तक की पूरी जानकारी व्हाट्सऐप चैटबॉट ‘सोलर चाचा’ के माध्यम से आसानी से मिल रही है.

यूरिया की टेंशन खत्म! बिना ज्यादा खर्च के धान को मिलेगा भरपूर पोषण, जानिए एक्सपर्ट का फॉर्मूला

यूरिया की टेंशन खत्म! बिना ज्यादा खर्च के धान को मिलेगा भरपूर पोषण, जानिए एक्सपर्ट का फॉर्मूला

Jun 01, 2026

धान की खेती के मौसम में यूरिया की कमी से किसान परेशान हैं. ऐसे में कृषि वैज्ञानिकों ने गोबर की खाद, बायो-कल्चर और एनपीके खाद जैसे प्रभावी विकल्प सुझाए हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि इन तरीकों को अपनाकर किसान कम लागत में फसल को पूरा पोषण दे सकते हैं और यूरिया की कमी के बावजूद अच्छी पैदावार प्राप्त कर सकते हैं.

सावधान! केले के बागानों में घुस चुका है 'साइलेंट किलर', झुलसी पत्तियों को मामूली न समझें

सावधान! केले के बागानों में घुस चुका है 'साइलेंट किलर', झुलसी पत्तियों को मामूली न समझें

May 29, 2026

बदलती जलवायु, अंधाधुंध रासायनिक खादों और खारे पानी से सिंचाई के कारण खेतों में मिट्टी की लवणता लगातार बढ़ रही है, जो केले की खेती के लिए एक "साइलेंट किलर" साबित हो रही है. जमीन में सोडियम और क्लोराइड की मात्रा बढ़ने से 'शारीरिक सूखा की स्थिति पैदा होती है, जहां खेत में नमी होने के बावजूद पौधे की जड़ें पानी नहीं सोख पातीं और पौधा प्यासा रह जाता है. केले की पत्तियों का किनारों से पीला होकर झुलसना गंभीर चेतावनी है. अगर समय रहते मिट्टी की जांच कराकर इसका वैज्ञानिक प्रबंधन नहीं किया गया, तो पौधों का विकास रुक जाएगा, केले छोटे और कमजोर हो जाएगे, जिससे किसानों की आय और फसल की क्वालिटी पर भारी नुकसान पहुंचेगा.

मेड़ विधि से करें मक्का की बुवाई, इन 7 आसान टिप्स से कम लागत में मिलेगा बंपर उत्पादन

मेड़ विधि से करें मक्का की बुवाई, इन 7 आसान टिप्स से कम लागत में मिलेगा बंपर उत्पादन

May 29, 2026

खरीफ सीजन में मक्का की खेती करने वाले किसानों के लिए मेड़ विधि काफी फायदेमंद मानी जा रही है. बिहार कृषि विभाग ने किसानों को इस तकनीक से खेती करने की सलाह दी है. विशेषज्ञों के अनुसार, मेड़ विधि अपनाने से फसल को जलभराव से बचाया जा सकता है.

बढ़ती गर्मी और लू से मधुमक्खी पालन पर संकट, विशेषज्ञों ने बताए बचाव के आसान उपाय

बढ़ती गर्मी और लू से मधुमक्खी पालन पर संकट, विशेषज्ञों ने बताए बचाव के आसान उपाय

May 27, 2026

देश में तेज गर्मी और लू के बढ़ते प्रभाव से मधुमक्खी पालन प्रभावित हो रहा है. विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि देखभाल में लापरवाही से कॉलोनियां कमजोर हो सकती हैं और शहद उत्पादन घट सकता है.