धान की खेती में बढ़ती लागत के बीच नील-हरित शैवाल किसानों के लिए उपयोगी विकल्प बनकर सामने आया है. वैज्ञानिकों के अनुसार इसके उपयोग से न केवल उत्पादन बढ़ता है, बल्कि रासायनिक उर्वरकों की जरूरत भी कम होती है.
गाजर घास किसानों की फसल का दुश्मन है. जहां इंसानों की भी पहुंच नहीं है वहां तक इसकी पहुंच हो चुकी है. अब इसके खात्मे में के लिए जबलपुर स्थित खरपतवार अनुसंधान निदेशालय ने एक कीट की खोज की है जिससे इसका नियंत्रण आसानी से होगा.
अप्रैल महीने में बढ़ती गर्मी ने लोगों के साथ-साथ किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है. खासकर लीची जैसी नाजुक और संवेदनशील फसल पर तेज गर्मी का असर अधिक दिखने लगा है. इसलिए इस समय लीची उत्पादक किसानों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. आइए जानते हैं कैसे.
अप्रैल का आखिरी सप्ताह आते ही गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है. यह मौसम आम लोगों के साथ-साथ किसानों के लिए भी परेशानी बढ़ाने वाला है. खासकर जायद फसलों की देखभाल इस समय बड़ी चुनौती बन जाती है. ऐसे में आइए जानते हैं फसलों को गर्मी से कैसे बचाएं.
लीची की फसल के शुरुआती चरण में कीटों का खतरा सबसे अधिक रहता है, जिससे फल गिरने और उत्पादन में भारी कमी हो सकती है. विशेषज्ञों के अनुसार लीची स्टिंक बग, दहिया कीट और लीची माइट से समय रहते बचाव जरूरी है. सही दवाओं के छिड़काव और बाग की देखभाल से किसान अपनी फसल को सुरक्षित रख सकते हैं और बेहतर क्वालिटी वाले फल प्राप्त कर सकते हैं.
मध्य प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग की फसल किसानों के लिए आय का महत्वपूर्ण स्रोत बनती जा रही है. बेहतर उत्पादन के साथ यह मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ाती है. हालांकि, कीट और रोगों के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए दलहन विकास निदेशालय ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है, जिसमें फसल की सुरक्षा और बेहतर उत्पादन के लिए जरूरी उपाय बताए गए हैं.
टमाटर के पौधों को तेज धूप और गर्मी से सबसे ज्यादा नुकसान होता है. गर्म हवा चलने पर पत्तियां मुरझा जाती हैं, फल गिरने लगते हैं या फिर टमाटर छोटे रह जाते हैं. ऐसे में अगर आप भी इस परेशानी से जूझ रहे हैं, तो चिंता करने की जरूरत नहीं है.
खेती-किसानी में इस महीने किसानों को क्या करना चाहिए इस बात का भी ध्यान रखना काफी जरूरी होता है. ऐसे में बिहार कृषि विभाग की ओर से इस महीने किन फसलों में क्या करना है उसकी जानकारी दी गई है. आइए जानते हैं कि किसान अप्रैल में क्या करें.
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