लखनऊ के गोधन समागम में पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने सपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि योगी सरकार के कार्यकाल में पशु संरक्षण और किसानों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है. 2017 के बाद स्लाटर हाउस बंद किए गए और डीबीटी के माध्यम से किसानों को सीधा लाभ पहुंचाया गया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव आया है.
इत्र की राजधानी कन्नौज में ‘किसान तक’ का किसान कारवां पहुंचा, जहां किसानों ने फूल, आलू, मक्का और पशुपालन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल कीं. कृषि विभाग ने मिट्टी में घटती ऑर्गेनिक कार्बन पर चिंता जताई, वहीं इफको, चंबल फर्टिलाइजर और जेके टायर ने अपने उत्पादों और तकनीकों की जानकारी दी. कृषि वैज्ञानिकों ने मेड़ तकनीक, रोग प्रबंधन और दवाओं के अंधाधुंध उपयोग के नुकसान के बारे में जागरूक किया. कार्यक्रम में लकी ड्रॉ व सम्मान समारोह भी आयोजित हुआ.
लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित गोधन समागम–2026 में पशुपालकों और किसानों को नई योजनाओं, नंद बाबा मिशन और डेयरी विकास कार्यक्रमों की जानकारी दी गई. कार्यक्रम में बेहतर गोशालाओं को सम्मानित किया गया और विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक पशुपालन पर मार्गदर्शन दिया. इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया.
लखनऊ में आयोजित गोधन समागम में आईटी सेक्टर के विशेषज्ञों ने गोपालन को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की पहल प्रस्तुत की. कर्नाटक से आए राम सुब्रमण्यन और राजेश पुरी ने बताया कि गोबर आधारित उत्पादों और स्वदेशी प्रणालियों के जरिए किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त किया जा सकता है. गो चेतना जैसे प्रोजेक्ट के माध्यम से उत्तर प्रदेश में इस मॉडल का विस्तार करने की योजना तैयार की गई है.
पूसा कृषि विज्ञान मेला 2026, नई दिल्ली में 25–27 फरवरी तक आयोजित किया जा रहा है. इस मेले का उद्देश्य किसानों को उन्नत फसल किस्में, जलवायु‑स्मार्ट तकनीक, डिजिटल कृषि नवाचार और पूसा बीजों की जानकारी सीधे प्रदान करना है. मेले में महिला‑युवा सशक्तिकरण, किसान नवाचार और वैज्ञानिक कृषि से जुड़े समाधान प्रदर्शित किए जाएंगे.
लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में गोधन समागम के दौरान पशुओं की बीमारी की जांच के लिए आधुनिक मशीन का प्रदर्शन किया गया. लॉर्ड्स मार्क इंडस्ट्रीज लिमिटेड के इंजीनियर प्रतीक पाटिल ने बताया कि यह मशीन तेरह तरह के जानवरों का इलाज आसानी से कर सकती है.
भारत‑अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में हरियाणा के किसान करनाल से कुरुक्षेत्र तक मार्च कर मुख्यमंत्री आवास के बाहर तीन दिन का महापड़ाव करेंगे. किसान नेताओं का कहना है कि यह ट्रेड डील किसानों को नुकसान पहुंचाएगी और खेती पर बुरा असर डालेगी. वहीं, किसान मंडियों में धान घोटाले की सीबीआई जांच की भी मांग कर रहे हैं.
संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में किसान नेताओं ने केंद्र और पंजाब सरकार दोनों पर किसान-मजदूर विरोधी नीतियां लाने का आरोप लगाया. बिजली संशोधन विधेयक 2025, बीज संशोधन विधेयक 2025, मनरेगा मजदूरों से जुड़े कानून, अमेरिका के साथ मुक्त व्यापार समझौता और बठिंडा थर्मल प्लांट की सैकड़ों एकड़ सार्वजनिक जमीन की बिक्री को लेकर तीखी आलोचना की गई.
अचानक मौसम में हो रहे बदलाव के कारण लीची के बाग में कीटों का हमला बढ़ गया है, जिससे मंजर और फल के उत्पादन पर असर पड़ता है. ये कीट लीची के लिए बहुत खतरनाक होता है, जिससे फलों को भारी नुकसान होता है.
गेहूं में करनाल बंट रोग को गेहूं का कैंसर कहा जाता है, जिसके लक्षण फूलों की अवस्था में दिखाई देते हैं और दानों के चारों ओर काला पाउडर बन जाता है. यह रोग बीज, मिट्टी और हवा से तेजी से फैलता है. जानें इसके लक्षण, रोकथाम, प्रतिरोधी किस्में, बीज उपचार और रासायनिक नियंत्रण के प्रभावी तरीके. साथ ही गेहूं में खरपतवार और लूज स्मट रोग से बचाव की जानकारी भी पढ़ें.
प्रोफेसर केसी बंसल ने किसान तक के इंटरव्यू में कहा, 1965 में अमेरिका द्वारा भारत को गेहूं के लिए ब्लैकमेल किए जाने का खुलासा किया. उन्होंने जीन एडिटिंग और जीएम फसलों की तकनीक को सरल भाषा में समझाया और बताया कि कैसे ये तकनीक भारत में फसलों की पैदावार बढ़ाकर किसानों और खाद्य सुरक्षा के लिए लाभकारी साबित हो सकती है.
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