अगर आप भी नीलगाय और आवारा पशुओं के आतंक से परेशान हैं तो उनको भगाने का एक बेहतरीन उपाय है, जो बहुत ही आसान और सस्ता है. इसे कोई भी किसान अपनाकर अपनी फसलों को बर्बाद होने से बचा सकता है.
Crop Price: इंपोर्ट ड्यूटी कम करके, एक्सपोर्ट ड्यूटी बढ़ाकर और एक्सपोर्ट बैन करके फसलों का दाम गिराया जा रहा है. फसलों के सही दाम का संकट महज डिमांड-सप्लाई से जुड़ा नहीं है, बल्कि यह एक नीतिगत चक्रव्यूह है. फसल उत्पादन के लिए किसानों को उकसाकर सस्ते आयात की अनुमति देना पीठ में छुरा घोंपने जैसा है.
बैठक के बाद किसानों की मांगों से जुड़ा एक लिखित ज्ञापन (मेमोरेंडम) मुख्यमंत्री को सौंपा गया, जिसे मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने मीडिया के साथ भी साझा किया. कुल मिलाकर किसान संगठनों ने सरकार से साफ कहा कि अब किसानों को सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस और कानूनी फैसलों की ज़रूरत है.
काला नमक चावल उत्तर प्रदेश और नेपाल में उगाया जाने वाला एक खास और पौष्टिक चावल है, जिसे GI टैग प्राप्त है. यह एंटीऑक्सीडेंट, आयरन और फाइबर से भरपूर होता है. मधुमेह, हृदय स्वास्थ्य और वजन नियंत्रण में लाभकारी यह चावल स्वाद और सेहत का बेहतरीन संगम है.
Onion Mandi Rate: देश की मंडियों में प्याज की आवक घटने के बावजूद दामों में गिरावट देखने को मिली है. एक मंडी में 100 किलो प्याज का भाव महज 75 रुपये तक पहुंच गया. कम आवक के बाद भी कीमतें टूट हुई दिखी. देखें ताजा मंडी भाव...
लोकसभा में बजट सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने किसानों के मुद्दे पर सरकार से तीखे सवाल किए कहा- भारत के इतिहास में पहली बार, हमारे किसान तूफान का सामना कर रहे हैं. मक्का, सोयाबीन, लाल ज्वार और कपास जैसे कृषि उत्पादों के आयात के लिए आपने दरवाजा खोल दिया है.
महाराष्ट्र की APMC मंडियों में प्याज की आवक बढ़ने से कीमतें 500-700 रुपये प्रति क्विंटल तक गिरीं. लासलगांव APMC ने केंद्र और राज्य सरकार से निर्यात बढ़ाने, NAFED खरीद शुरू करने और किसानों को 500 रुपये प्रति क्विंटल सब्सिडी देने की मांग की.
भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों के गले पर तलवार रखकर यह समझौता किया गया है. पटवारी ने कहा कि अमेरिका के कृषि मंत्री के बयान के अनुसार भारत में जीरो टैरिफ पर कृषि उत्पाद भेजे जाएंगे
मछली पालन में सबसे बड़ी आफत तब आती है जब तालाब में ऑक्सीजन कम हो जाती है, जिससे रात भर में लाखों की मछलियां मर सकती हैं. खासकर सर्दियों में ऑक्सीजन गिरने से मछलियां बढ़ना बंद हो जाती हैं. बाज़ार में मिलने वाले पैडल-व्हील और बिजली वाले एरिएटर इतने महंगे हैं कि छोटा किसान उन्हें खरीदने की सोच भी नहीं पाता, और भारी बिजली बिल का डर अलग से सताता है. इसी लाचारी के कारण किसान हर साल भारी नुकसान झेलते हैं. इस समस्या को लुधियाना के किसान जसवीर सिंह औजला ने अपने 'देसी एरिएटर' से खत्म कर दिया है.
जयपुर में फूड सेफ्टी को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है. नामी ब्रांड के नाम से जुड़े करोड़ों के एक्सपायर्ड फूड प्रोडक्ट जब्त किए गए हैं. जांच में सामने आया कि तारीख बदलकर इन्हें बाजार में खपाने की तैयारी थी.
SBI की रिपोर्ट के अनुसार, करीब 1.035 अरब डॉलर के भारतीय कृषि उत्पाद अमेरिका में बिना टैक्स के जाएंगे, यानी उन पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा. इससे भारतीय किसानों और निर्यातकों को अपना उत्पादन और निर्यात बढ़ाने का बड़ा मौका मिलेगा.
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