संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने 10 मार्च से 13 अप्रैल तक देशभर में महापंचायतों और 23 मार्च को साम्राज्यवाद‑विरोधी दिवस मनाने का ऐलान किया है. MSP की कानूनी गारंटी, कर्जमाफी और भारत‑अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध प्रमुख मुद्दे रहेंगे.
केंद्र सरकार ने मार्केटिंग सीजन 2026‑27 के लिए कच्चे जूट का MSP बढ़ाकर 5,925 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है. यह पिछले सीजन से 275 रुपये ज्यादा है और किसानों को 61.8% लाभ सुनिश्चित करेगा.
केंद्र सरकार ने बिहार में धान खरीद की अंतिम तिथि 28 फरवरी से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी है. अब तक 4.28 लाख किसानों से 29.22 लाख टन धान खरीदा जा चुका है. MSP पर बेचने का किसानों को अधिक अवसर मिलेगा.
फरवरी के मौसम में बदलाव के कारण रबी प्याज में उखड़ा रोग (Root Rot) का खतरा बढ़ जाता है. यह रोग प्याज की जड़ों और कंद को नुकसान पहुंचाता है, जिससे पौधे आसानी से उखड़ जाते हैं और किसानों को भारी नुकसान होता है.
मध्य प्रदेश में 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ घोषित किया गया है. मोहन यादव ने बताया कि पिछले साल किसानों को 1500 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया. उन्होंने किसानों से फसल मंडियों में बेचने की अपील भी की.
ICAR‑ATARI कानपुर ने बिना जुताई और मल्चिंग आधारित प्राकृतिक खेती का सफल तीन वर्षीय प्रदर्शन किया है. छह सीजन से रेज्ड बेड पर फसलें उग रहीं हैं और मिट्टी में एक्टिनोमाइसीट की ‘जिंदा मिट्टी’ जैसी खुशबू मिल रही है. किसानों को छोटे ब्लॉक में प्राकृतिक खेती अपनाने की सलाह दी गई है.
कन्नौज में पारंपरिक तरीकों से बन रहा इत्र दुनिया भर में मशहूर है, लेकिन उद्योग नई चुनौतियों का सामना कर रहा है. वैभव पाठक ने बताया कि अगर किसान फूलों की खेती अपनाएं तो उन्हें पारंपरिक फसलों की तुलना में अधिक आय मिल सकती है.
केंद्र सरकार ने प्याज पर मिलने वाले RoDTEP एक्सपोर्ट कंसेशन को 50% घटा दिया है. इसके बाद भारतीय प्याज अंतरराष्ट्रीय बाजार में कम प्रतिस्पर्धी हो जाएगा और किसानों को भारी नुकसान की आशंका है. विशेषज्ञों का कहना है कि निर्यात घटने से देशभर में प्याज की कीमतें और टूट सकती हैं, जबकि किसानों को पहले से ही उत्पादन लागत से कम दाम मिल रहे हैं.
मध्य प्रदेश सरकार सरसों किसानों को भावांतर योजना का लाभ देने की तैयारी में है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि बाजार भाव और MSP के अंतर की भरपाई की जाएगी. इससे लाखों किसानों को फायदा होगा. वहीं लाड़ली बहना योजना में नई रजिस्ट्रेशन और राशि बढ़ाने को लेकर विधानसभा में चर्चा और विरोध भी देखने को मिला.
पंजाब में तापमान सामान्य से 3–5°C अधिक पहुंचने पर पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) ने किसानों को हल्की सिंचाई और पोटैशियम नाइट्रेट स्प्रे की सलाह दी है. विशेषज्ञों का कहना है कि दाने बनने के महत्वपूर्ण स्टेज पर बढ़ती गर्मी से गेहूं की पैदावार और क्वालिटी को नुकसान हो सकता है. 2022 जैसी स्थिति दोबारा न हो, इसलिए किसानों को सतर्क रहने की अपील की गई है.
फिरोजाबाद जनपद के साथी गांव के रहने वाले किसान सचिन राजपूत ने खेती में विविधीकरण का एक शानदार मॉडल पेश किया है. उन्होंने 10 बिस्वा में 27 तरह की फसलें लगाई हैं जिससे उनकी आमदनी में भी इजाफा हुआ है.
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