कृषि मंत्रालय के अनुसार, 2022‑23 से 2024‑25 तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्याज किसानों को 701.54 करोड़ रुपये का बीमा क्लेम दिया गया है. इस अवधि में 27.21 लाख किसानों ने आवेदन किया, जिनमें महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश का हिस्सा सबसे ज्यादा रहा. PMFBY प्राकृतिक आपदाओं और मौसम से होने वाले नुकसान पर प्याज समेत कई फसलों के लिए वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है.
ओडिशा के कोरापुट जिले के आदिवासी किसानों ने अपनी बागवानी उपज—सूखी अदरक, ताजी अदरक और कालाजीरा चावल—को कर्नाटक, पंजाब और हरियाणा के बाजारों में भेजना शुरू कर दिया है. सरकारी संस्थाओं, पैलेडियम और प्रगति NGO की मदद से मिले मार्केट लिंकेज किसानों को 30–40% अधिक दाम दिला रहे हैं और ग्रामीण आय में बढ़ोतरी का नया अवसर पैदा कर रहे हैं.
भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड डील को लेकर किसान रोश में है. और हाल ही में उत्तर प्रदेश के बहराइच में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने इसे लेकर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा. भारत-अमेरिका- ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर टिकैत ने कहा कि इस समझौते से देश के किसानों के हित प्रभावित हो सकते हैं.
हरियाणा में धान खरीद में फर्जी गेट पास घोटाला सामने आया है. दरअसल, प्रशासन ने करनाल जिले की अलग-अलग मंडियों में हुए फर्जी धान खरीद घोटाले को उजागर किया है, घोटाले में 3 केस में करनाल के 4 अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया है.
बुंदेलखंड के Banda में खाली पड़ी जमीन पर खरीफ प्याज की खेती किसानों के लिए कमाई का नया जरिया बन रही है. Banda University of Agriculture and Technology में प्याज की उन्नत खेती और बेहतर भंडारण तकनीक पर व्यापक शोध कार्य जारी है.
Natural Farming in UP: श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि योगी सरकार किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों से जोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रही है. इससे प्राकृतिक कृषि प्रणाली को मुख्यधारा में लाने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिल रही है.
किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने भारत-अमेरिका डील को लेकर सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र के लिए ये मौत का समझौता है. पंढेर ने कहा कि हमें खालिस्तानी बता रहे हैं. किसान आंदोलन के समय हमें चीन और दूसरे देशों से भी जोड़ा.
किसान जागृति यात्रा को मिले भरपूर जनसमर्थन को देखते हुए ये स्पष्ट हो जाता है कि उपरोक्त सभी मांगों को पूरा करवाने के लिए मध्यप्रदेश के किसान भारी संख्या में इस तारीख को रामलीला मैदान, दिल्ली में कूच करेंगे.
कृषि उत्पादन में आगे होने के बावजूद बिहार में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर कमजोर है, जिसके कारण फल‑सब्जी और मक्का जैसी फसलों का बड़ा हिस्सा बर्बाद हो जाता है. लीची, मक्का, दूध, मखाना और सब्जियों में अपार संभावनाओं के साथ फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स, कोल्ड चेन और सरकारी मदद से किसान की आय बढ़ सकती है और पलायन में कमी आ सकती है.
'किसान कारवां' ने गुरुवार को अमेठी जिले के अशरफपुर गांव में अपना 27वां पड़ाव पार किया. इस दौरान जिले के किसानों ने बड़ी संख्या में कार्यक्रम में भाग लिया और इस अवसर पर उन्हें खेती से जुड़ी नई जानकारी दी गई.
भारत में मॉनसून पर अल नीनो का खतरा बढ़ रहा है और वैज्ञानिकों का अनुमान है कि जून–अगस्त के दौरान अल नीनो की संभावना 40% से 60% तक पहुंच सकती है. इससे मॉनसून कमजोर हो सकता है और कई राज्यों में बारिश की भारी कमी देखी जा रही है. तापमान बढ़ने और सूखे के जोखिम को देखते हुए किसानों को खेती की योजना सावधानी से बनाने की सलाह दी गई है.
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