लखनऊ में पहली बार आयोजित दो दिवसीय उत्तर प्रदेश मीन महोत्सव और एक्वा एक्सपो 2026 ने मत्स्य पालन को आधुनिक तकनीक, निवेश और उद्यमिता से जोड़ने का मंच दिया. कार्यक्रम में केंद्रीय और प्रदेश सरकार की योजनाओं, नई तकनीकों और बाजार से सीधे जुड़ाव पर फोकस रहा. पढ़ें पूरी खबर...
वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि 2026 में अल नीनो बनने की संभावना दक्षिण-पश्चिम मॉनसून को प्रभावित कर सकती है, जिससे तटीय कर्नाटक में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है. 2015–17 जैसे पिछली अल नीनो वर्षों में कर्नाटक में बारिश काफी घटी थी. प्रशांत महासागर में बढ़ते समुद्री तापमान के कारण नमी वाले बादल दक्षिण एशिया से दूर जा सकते हैं. साथ ही मौसम विभाग ने शुरुआती हीटवेव का अलर्ट जारी किया है. शोध बताते हैं कि महासागर का खारापन भी अल नीनो को मजबूत या कमजोर करने में अहम भूमिका निभा सकता है.
Model Ponds in UP: इस कार्ययोजना के मुताबिक हर जिले के 100 तालाब ‘मेरा तालाब मेरी जिम्मेदारी’ अभियान से जोड़कर मॉडल स्वरूप में निखारे जाएंगे. अभियान को लेकर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के निदेशक की तरफ से सभी जिला पंचायत राज अधिकारियों को सर्कुलर जारी किया गया है.
उत्तर प्रदेश सरकार और इंडिया टुडे ग्रुप की पहल ‘किसान तक’ कारवां बाराबंकी पहुंचा, जहां किसानों ने आधुनिक खेती, उर्वरक प्रबंधन, पशु स्वास्थ्य और आय बढ़ाने के उपायों को करीब से समझा. कृषि विशेषज्ञों से लेकर प्रगतिशील किसानों तक ने अनुभव साझा किए. कार्यक्रम के अंत में लकी ड्रॉ के जरिए किसानों को नकद इनाम देकर सम्मानित किया गया.
केंद्र सरकार द्वारा मखाना बोर्ड बनाए जाने के बाद बिहार के पूसा में मखाना अनुसंधान एवं विकास केंद्र की शुरुआत की गई. केंद्रीय राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने इसका उद्घाटन किया. यह केंद्र किसानों को मखाना उत्पादन, बीज तकनीक, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और निर्यात जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान करेगा. विश्वविद्यालय ने 17 वैज्ञानिकों की टीम तैयार की है जो मखाना की पूरी वैल्यू चेन पर काम करेगी. दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में देश भर के वैज्ञानिक, किसान और उद्यमी शामिल हुए.
खरीफ प्याज के भंडारण के लिए सबसे ज्यादा किसानों को परेशान होना पड़ता है. ऐसे में बांदा कृषि विश्वविद्यालय ने एक ऐसा मॉडल तैयार किया है जिससे किसान घर बैठे ही बहुत कम लागत में अपनी प्याज को सड़ने से बचा सकेंगे.
Kisan Karwan In Barabanki: बाराबंकी के सलारपुर गांव में ‘किसान तक’ का किसान कारवां पहुंचा, जहां बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया. खेती, पशुपालन, जैविक कृषि, नैनो उर्वरक, मधुमक्खी पालन और नई तकनीकों पर विशेषज्ञों ने जानकारी दी. कार्यक्रम ने किसानों को आय बढ़ाने के नए रास्ते दिखाए.
बंगाल कैबिनेट ने अच्छी सर्दी के कारण संभावित बंपर आलू उत्पादन के बीच किसानों को राहत देने के लिए सीधे 9.50 रुपये प्रति किलो की दर पर 12 लाख टन आलू खरीदने को मंजूरी दी है. सरकार का लक्ष्य छोटे और सीमांत किसानों को कम कीमतों पर मजबूरन फसल बेचने से बचाना है. मामले का राजनीतिक महत्व भी है क्योंकि आलू उत्पादक जिलों का चुनावी प्रभाव बड़ा माना जाता है. इस बार 110–120 लाख टन उत्पादन का अनुमान है, जबकि कीमतें 5 रुपये प्रति किलो तक गिरने की आशंका थी.
पौधों की अच्छी ग्रोथ इस बात पर निर्भर नहीं करती कि आपने कितना महंगा पौधा खरीदा है, बल्कि इस पर निर्भर करती है कि आपने उसे किस तरह की मिट्टी में लगाया है. ऐसे में आइए जानते हैं गमलों में पौधे लगाने से पहले मिट्टी को कैसे तैयार करें?
महाराष्ट्र विधानसभा में बताया गया कि 2017 की कर्जमाफी योजना के तहत अब तक 44 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिल चुका है, जबकि 6.56 लाख पात्र किसानों के मामलों की प्रक्रिया जारी है. जानिए मंत्री ने और क्या कहा...
साल 2026 की होली की तारीख को लेकर लोगों के बीच बहुत ही ज्यादा कंफ्यूजन बना हुआ है. लोग असमंजस में हैं कि आखिर होली कब है. ऐसे में आइए जानते हैं कब मनाई जाएगी होली और क्या रहेगा होलिका दहन का सही मुहूर्त.
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