कपास इंपोर्ट ड्यूटी छूट खत्म होने से कीमतों में 5% से अधिक तेजी आई है. बांग्लादेश अगर भारतीय कॉटन यार्न पर 20% टैरिफ लगाता है तो किसानों और निर्यातकों को भारी नुकसान हो सकता है.
सरकार Seeds Bill 2025 पर आगे बढ़ रही है. 9,000 सुझावों के बाद फरवरी में बिल संसद में आ सकता है. इससे बीज कंपनियों और विक्रेताओं पर निगरानी बढ़ेगी, जबकि किसानों के अधिकार सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी. पढ़िए कृषि सचिव ने क्या कहा...
UP Agriculture News: उत्तर प्रदेश में किसान पाठशाला का आयोजन करने का मुख्य उद्देश्य किसानों को बेहतर तकनीक सीख कर अधिक उत्पादन करना है साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है. सरकार का लक्ष्य किसानों की आय को दोगुना करना है. बीते दिनों योगी आदित्यनाथ ने 12 दिसंबर को पद्मश्री किसान रामसरन वर्मा के गांव दौलतपुर, बाराबंकी से किसान पाठशाला का शुभारंभ किया था.
उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे से जनजीवन प्रभावित है. स्कूल बंद हैं और यातायात व्यवस्था पर असर पड़ा है. भीषण ठंड और कोहरे के चलते उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हो गया है. लोग घरों में रहने को मजबूर हैं.
Tips for Animal Shed पशुओं को सबसे ज्यादा ठंड बाड़े में परेशान करती है. अगर पशुओं को एनिमल एक्सपर्ट के मुताबिक खुराक दी जाए तो उन्हें ठंड कम लगेगी. वहीं अगर मालिश से लेकर दूसरी तरह की देखभाल अच्छी तरह से कर ली जाए तो पशुओं का उत्पादन कम नहीं होगा. यहां एक्सपर्ट कुछ ऐसे ही टिप्स दे रहे हैं.
राजस्थान के डूंगरपुर जिले के किसान अब्बासी चिखली ने मुर्गी पालन के क्षेत्र में एक कमाल का देसी और सस्ता इलाज खोजा है. उन्होंने रसोई में मिलने वाली चीजों जैसे — हल्दी, अदरक, लहसुन, अजवाइन, काली मिर्च और गुड़ का इस्तेमाल करके एक खास हर्बल काढ़ा तैयार किया है. यह काढ़ा मुर्गियों के लिए 'सुरक्षा कवच' का काम करता है और उन्हें रानीखेत व ई-कोलाई जैसी कई खतरनाक बीमारियों से बचाता है. सबसे बड़ी बात यह है कि 100 मुर्गियों की एक हफ्ते की खुराक का खर्च मात्र 45 रुपये आता है.
Gehu Mandi Bhav: गेहूं के दाम अब ऊंचाई से उतरने लगे हैं. अक्टूबर से दिसंबर 2025 के आंकड़े बताते हैं कि थोक बाजारों में लगातार नरमी बनी हुई है. बड़े उत्पादक राज्यों में कीमतें सालाना और मासिक दोनों आधार पर नीचे आई हैं.
भारतीय किसान यूनियन (एकता-सिद्धूपुर) में बड़ा विवाद सामने आया है. आठ जिलों के पदाधिकारियों ने अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाल को हटाने की मांग करते हुए दलबीर सिंह सिद्धूपुर को संयोजक घोषित किया है.
जनवरी का समय आम के पेड़ों के लिए 'प्री-फ्लावरिंग' यानी बौर आने से ठीक पहले का सबसे अहम चरण होता है. क्योंकि यही वह समय है जब पेड़ अपनी पूरी ऊर्जा फल देने के लिए जुटाता है. इस नाजुक अवधि में की गई थोड़ी सी मेहनत और सही वैज्ञानिक प्रबंधन यह तय करता है कि आपके बाग में बौर कितना आएगा और आने वाले फलों की क्वालिटी कैसी होगी. अगर किसान इस दौरान एक्सपर्ट द्वारा बताए गए कीट नियंत्रण मिट्टी की जुताई और पोषक तत्वों के छिड़काव जैसे उपायों को गंभीरता से अपनाते हैं, तो न केवल बौर स्वस्थ निकलता है, बल्कि फूलों के झड़ने की समस्या भी खत्म हो जाती है.
छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए 26 हजार क्विंटल धान की कमी सामने आई है. कीमत करीब 7 करोड़ रुपये. अधिकारी चूहे-दीमक को जिम्मेदार बता रहे हैं, जबकि फर्जी बिल और CCTV से छेड़छाड़ के आरोप भी लगे हैं.
हनुमानगढ़ के टिब्बी क्षेत्र में प्रस्तावित इथेनॉल फैक्ट्री के विरोध में किसानों का आंदोलन तेज हो गया है. संगरिया में महापंचायत के बाद धारा 163 लागू की गई और 30 घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट बंद किया गया.
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