भारत दुनिया का सबसे बड़ा जूट उत्पादक देश है. जूट उद्योग से 40 लाख किसान परिवार और लाखों मजदूर जुड़े हैं. सरकार ने 2026-27 के लिए जूट का MSP 5,925 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, जिससे किसानों को बेहतर आय मिलने की उम्मीद है.
महाराष्ट्र के विदर्भ और मराठवाड़ा में लंबे सूखे ने सोयाबीन और कपास की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है. करीब 5000 गांवों और लाखों किसानों पर संकट गहरा गया है. किसान मुआवजा, फसल बीमा और कर्जमाफी की मांग कर रहे हैं, जबकि फसलों की पैदावार और क्वालिटी दोनों पर असर पड़ रहा है.
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) को मजबूत बनाने के वर्कप्लान की समीक्षा की. सरकार ने 2027 तक 300 प्राथमिकता वाले KVK के बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करने और दिसंबर 2028 तक सभी KVK में इनक्यूबेशन-सह-कौशल केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा है.
पंजाब में बिजली संकट के बीच मालवा क्षेत्र के धान किसानों को सिंचाई के लिए अनियमित बिजली आपूर्ति का सामना करना पड़ रहा है. किसान संगठनों ने बिजली कटौती और सप्लाई शेड्यूल की जानकारी नहीं मिलने पर नाराजगी जताई है.
पंजाब के संगरूर में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के कार्यक्रम में नशे के मुद्दे पर सवाल उठाने वाले किसान गुलजार सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई. परिजनों ने पंचायत पर दबाव और धमकी का आरोप लगाया है, जबकि सरपंच पक्ष ने इन दावों को खारिज किया है. घटना के बाद विपक्ष ने मान सरकार को घेरते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है.
मखाना को वैश्विक स्तर पर सुपरफूड के रूप में मिल रही पहचान के बीच बिहार सरकार ने इसकी खेती का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है. 'मखाना विकास योजना' के तहत 21 जिलों में मखाना उत्पादन, उन्नत बीज वितरण और आधुनिक प्रसंस्करण को बढ़ावा दिया जाएगा. किसानों, एफपीओ और महिला स्वयं सहायता समूहों को खेती विस्तार, बीज, मशीनरी और प्रोसेसिंग इकाइयों के लिए 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा. सरकार का लक्ष्य मखाना किसानों की आय बढ़ाने के साथ बिहार को मखाना उत्पादन और निर्यात का बड़ा केंद्र बनाना है.
बिहार में बाढ़ के बीच राहत की खबर सामने आई है. गंगा, गंडक, कोसी, सोन और पुनपुन समेत कई प्रमुख नदियों का जलस्तर अब स्थिर या घटने लगा है. पटना में पुनपुन नदी के जलस्तर में भी सुधार देखने को मिला है. हालांकि राज्य के 13 जिले अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं और करीब 29 लाख लोग इसकी चपेट में हैं. प्रशासन राहत शिविरों और कम्युनिटी किचन के जरिए प्रभावित लोगों की मदद कर रहा है.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सितंबर में सामान्य से कम बारिश और औसत से अधिक तापमान का अनुमान जताया है. अगस्त में कम बारिश के बाद यह स्थिति खरीफ और रबी दोनों सीजन की फसलों के लिए चिंता बढ़ा सकती है. विशेषज्ञों का मानना है कि कमजोर मॉनसून का असर कृषि उत्पादन, खाद्य महंगाई, आयात और RBI की नीतियों तक दिखाई दे सकता है.
फर्रुखाबाद में गंगा नदी एक बार फिर उफान पर है और जलस्तर खतरे के निशान 137.10 मीटर तक पहुंच गया है. करीब पांच दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में हैं और खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है.
UP Farmers News: उन्होंने बताया कि तोरिया के अतिरिक्त रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं के 10.45 लाख क्विंटल, चना के 69.96 हजार क्विंटल, मटर के 17.89 हजार क्विंटल, मसूर के 41.76 हजार क्विंटल तथा राई/सरसों के 15.94 हजार क्विंटल की बुकिंग प्रक्रियाधीन है, जिसके लिए किसानों से अधिकाधिक संख्या में बुकिंग कराने की अपील की है.
मसाला उद्योग में खाद्य सुरक्षा का फोकस अब खेती के स्तर तक पहुंच रहा है. ETO जांच को लेकर उठे सवालों के बाद कंपनियां IPM, कीटनाशक नियंत्रण, किसान प्रशिक्षण और ट्रेसबिलिटी पर जोर दे रही हैं.
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