हरियाणा में रबी 2026-27 की तैयारियों को लेकर बड़ा फैसला हुआ है. सरकार ने गेहूं भंडारण के लिए जूट और अन्य बैगों की खरीद को मंजूरी दी है, जिससे किसानों की फसल के सुरक्षित रख-रखाव को लेकर नई व्यवस्था मजबूत होगी.
Raisen Kisan Mela: मध्य प्रदेश के रायसेन में 11 से 13 अप्रैल तक राष्ट्रीय किसान मेले का आयोजन होगा, जिसका भूमिपूजन केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया. मेले में किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर बीज, खेती के नए तरीके और बाजार तक पहुंच की जानकारी दी जाएगी.
मार्च-अप्रैल में आम के बागों की सही देखभाल से बेहतर उत्पादन पाया जा सकता है. इस दौरान कीट और रोग नियंत्रण, सिंचाई और पोषण प्रबंधन बेहद जरूरी है. समय पर छिड़काव और सही तकनीक अपनाकर किसान आम की फसल को नुकसान से बचा सकते हैं और अधिक मुनाफा कमा सकते हैं.
पंजाब में खेती को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है, जहां एआई और डेटा आधारित फैसलों पर जोर दिया जा रहा है. 100 स्मार्ट वेदर स्टेशनों और बड़े स्किलिंग प्रोग्राम के जरिए किसानों को सटीक जानकारी और तकनीकी सहायता देने की तैयारी है.
प्रतापगढ़ की रहने वाली शांति मिश्रा आज सैकड़ों महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं.करीब 20 साल पहले उन्होंने BAIF (एक गैर सरकारी संस्था) से जुड़कर पशुपालन के क्षेत्र में काम शुरू किया था. अपनी मेहनत और लगन के दम पर आज वह BAIF सेंटर पर प्रोजेक्ट मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं.
किसानों लिए चलाई जा रही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में बड़ा घोटाला सामने आया है. जिला प्रशासन की जांच में खुलासा हुआ है कि 14 हजार से ज्यादा ऐसे लोग इस योजना का लाभ ले रहे थे, जिनकी मौत हो चुकी है.
उत्तर प्रदेश के देवरिया में योगी सरकार की नई पहल के तहत गेहूं-धान बेचने वाले किसानों को लॉटरी के माध्यम से पुरस्कार दिए गए. 29 किसानों को ट्रैक्टर, एलईडी टीवी और अन्य उपहार मिले. इस योजना का उद्देश्य किसानों को सरकारी खरीद केंद्रों पर उपज बेचने के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें उचित मूल्य दिलाना है.
ICAR‑IIMR द्वारा विकसित गन्ना–मक्का सहफसली खेती मॉडल किसानों के लिए गेम चेंजर साबित हो रहा है. इससे गन्ने की उपज 28% और मक्का उत्पादन 3.5–5 टन/हेक्टेयर बढ़ा है, जबकि मक्का की लागत 75% तक घट गई. यह तकनीक इथेनॉल प्लांट्स को सालभर कच्चा माल उपलब्ध कराते हुए किसानों की कमाई में 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तक अतिरिक्त बढ़ोतरी करती है.
करनाल के किसान सुरजीत सिंह ने खारी जमीन में गेहूं की सॉल्ट टॉलरेंट वैरायटी KRL‑210 की खेती कर रिकॉर्ड 71 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उपज हासिल की. कम बीज, कम खाद, जीरो टिलेज और पानी की बचत वाली तकनीक से उन्होंने लागत घटाकर अधिक मुनाफा कमाया. आईसीएआर‑सीएसएसआरआई द्वारा विकसित इस किस्म ने खारे खेतों में उपज की नई संभावनाएं खोली हैं.
IIT रोपड़ का ANNAM.AI सेंटर भारत में खेती में नई AI क्रांति ला रहा है. 100 मुफ्त स्मार्ट मौसम स्टेशन किसानों को सही मौसम जानकारी देंगे, ताकि फसल और अधिक सुरक्षित और उपजाऊ हो. साथ ही, 10,000 छात्रों और ग्रामीण युवाओं को AI ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे खेती में तकनीक का सही उपयोग और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.
खेती-किसानी में हो रहे लगातार बदलाव को देखते हुए कृषि क्षेत्र में कई नए काम किए जा रहे हैं. ऐसे में अब कृषि वैज्ञानिक भी खेती में अधिक उपज के लिए फसलों की नई किस्मों को तैयार कर रहे हैं. इसी दिशा में ICAR ने काजू की एक नई और उन्नत किस्म को विकसित किया है.
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