शोध संस्था की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर ईरान में युद्ध लंबे समय तक चलता है, तो इसका असर भारत के कृषि क्षेत्र पर पड़ सकता है. अगर शिपिंग और व्यापार में लगातार बाधा आती है, तो इसका सीधा असर किसानों और निर्यातकों पर पड़ सकता है.
महाराष्ट्र के किसानों के लिए एक्सपोर्ट से जुड़ी बड़ी परेशानी सामने आई है. दरअसल जलगांव से बड़ी मात्रा में केले खाड़ी देशों में भेजे जाते हैं, लेकिन ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव की वजह से एक्सपोर्ट रुक गया है. मुंबई के जेएनपीटी पोर्ट पर जलगांव के केलों के 100 से ज्यादा कंटेनर फंसे हुए हैं.
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में गैर-कानूनी अफीम की खेती का भंडाफोड़ हुआ है. पुलिस का कहना है कि खेत से करीब 50 हजार से ज्यादा पके हुए अफीम के पौधे मिले हैं. फिलहाल जमीन की पैमाइश की जा रही है और ड्रोन से आसपास के इलाकों की निगरानी की जा रही है.
देश के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदल रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत और दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में दिन और रात दोनों का तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है. बीते दिन कुछ इलाकों में लू (हीट वेव) की स्थिति भी दर्ज की गई है. वहीं, आज 8 मार्च को देश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है.
IMD Latest Weather Update: देश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर पहुंच गया है और कुछ क्षेत्रों में हीट वेव का खतरा बना हुआ है. वहीं 9 मार्च से सक्रिय होने वाला पश्चिमी विक्षोभ पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी ला सकता है. जानिए 8 मार्च को देशभर में कैसा रहेगा मौसम...
देशभर की मंडियों में गेहूं के भाव लगातार नरम पड़ रहे हैं और मार्च के पहले हफ्ते में ही औसत कीमत में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. कई राज्यों में बाजार भाव एमएसपी के आसपास या उससे नीचे पहुंच गए हैं, जबकि नई फसल की आवक भी शुरू होने वाली है. ऐसे में किसानों की चिंता बढ़ती दिख रही है.
Mustard Procurement: सरसों की फसल मंडियों में पहुंच चुकी है लेकिन सरकारी खरीद अब तक शुरू नहीं हुई है. किसान महापंचायत के अध्यक्ष रामपाल जाट ने इस देरी को किसानों के साथ अन्याय बताते हुए एमएसपी की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं. पढ़ें पूरी खबर...
आंवला की धरती प्रतापगढ़ में ‘किसान कारवां’ पहुंचा तो किसानों को आधुनिक खेती, पशुपालन और सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई. वैज्ञानिकों, अधिकारियों और विशेषज्ञों ने अलग-अलग चरणों में खेती की नई तकनीकों से लेकर पशुधन सुधार तक कई अहम बातें साझा कीं.
चेन्नई में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नारियल उत्पादक किसानों, वैज्ञानिकों और स्टेकहोल्डर्स के साथ पोस्ट बजट संवाद किया. बैठक में नारियल क्षेत्र की चुनौतियों, पुराने बागों की समस्या और रोगों से निपटने के उपायों पर चर्चा हुई.
देश में चीनी उत्पादन को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. उद्योग संगठन ने 2025-26 सीजन के लिए अपना अनुमान घटा दिया है. मौसम की मार और गन्ने की आपूर्ति से जुड़े बदलावों ने पूरे बाजार की दिशा बदल दी है.
कार्यक्रम में जिले के कृषि अधिकारियों ने किसानों को सरकार द्वारा चलाई जा रही अलग-अलग योजनाओं की जानकारी दी और उनसे खेती को अधिक लाभकारी बनाने की अपील की. वहीं, कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) के वैज्ञानिकों ने किसानों को उन्नत खेती की तकनीकों और नई फसल किस्मों के बारे में विस्तार से बताया.
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