यूपी में गन्ना खेती को बढ़ावा देने के लिए टिशू कल्चर तकनीक से उन्नत बीज तैयार करने और ड्रिप इरिगेशन को बढ़ाने पर जोर दिया गया है. इससे उत्पादन बढ़ने और लागत घटने की बात सामने आई है.
आंध्र प्रदेश के कुरनूल में प्याज की कीमतें लागत से नीचे गिर गई हैं, जिससे किसान भारी नुकसान झेल रहे हैं. निर्यात रुकने और मांग घटने से हालात ऐसे हैं कि किसान फसल फेंकने को मजबूर हैं.
शामली के थाना भवन में किसान कारवां का 69वां पड़ाव आयोजित हुआ, जिसमें किसानों को आय बढ़ाने के कई व्यावहारिक तरीके बताए गए. जैविक हल्दी खेती, मृदा जांच, उर्वरक प्रबंधन और मशीनीकरण जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने जानकारी दी. कार्यक्रम में सरकारी योजनाओं और नई सुविधाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई.
UP News: सुमिता सिंह बताती हैं कि यह योजना ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित है, जिसमें खरीफ की प्रमुख फसलें जैसे धान, ज्वार, बाजरा, मक्का, उर्द, मूंग, अरहर, मूंगफली, सोयाबीन व तिल तथा रबी की फसलों में गेहूं, जौ, चना, मटर, मसूर, लाही-सरसों, अलसी व आलू को कवर किया गया है.
इस साल देश के गेहूं उत्पादन परिदृश्य पर मौसम की अनिश्चितताओं का गहरा साया रहा है, जिसे लेकर कृषि मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट की है. फसल के आखिरी पड़ाव पर, फरवरी के महीने में तापमान में अचानक हुई बेतहाशा बढ़ोतरी ने चिंताएं बढ़ा दी थीं, जिससे दाने भरने की कुदरती अवधि प्रभावित हुई है. इसके साथ ही, कई प्रमुख क्षेत्रों में पकने के समय हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने स्थानीय स्तर पर अनाज की गुणवत्ता और पैदावार को काफी नुकसान पहुंचाया है. सरकार का कहना है कि नई किस्मों और किसानों की सूझबूझ ने बड़े नुकसान को टाल दिया है. कुल मिलाकर, देश का अन्न भंडार सुरक्षित है.
पश्चिम बंगाल के सिंगुर में आलू की बंपर पैदावार किसानों के लिए संकट बन गई है. निर्यात पर रोक और भरे हुए कोल्ड स्टोरेज के कारण आलू सड़ रहे हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है.
नई इलेक्ट्रोलाइज़र तकनीक से अब पानी से चूल्हा चलाना संभव हो गया है. सिर्फ 100 ml पानी और थोड़ी बिजली से 6 घंटे तक खाना पकाने वाला यह इनोवेशन किचन का भविष्य बदल सकता है.
महाराष्ट्र के विदर्भ में भीषण गर्मी ने हालात गंभीर कर दिए हैं. अकोला और अमरावती में तापमान 46 डिग्री पार, हीट डोम के असर से हालात ऐसे कि धूप में 20 मिनट में खाना पक रहा है.
2025-26 में गेहूं उत्पादन को लेकर उठ रहे सवालों के बीच सरकार ने स्थिति को सामान्य बताया है. समय पर बुवाई और बेहतर प्रबंधन के चलते फसल सुरक्षित है और रकबा भी बढ़ा है.
जम्मू-कश्मीर में किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्र ने बड़ा पैकेज मंजूर किया है. सड़कों, आजीविका और कृषि योजनाओं के जरिए विकास को नई गति देने की तैयारी की गई है.
देश के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदलने वाला है. उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर तक आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे अगले कुछ दिनों तक मौसम अस्थिर बना रहेगा.
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