Dairy Milking Tips केन्द्रीय पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर साफ-सुथरा दूध उत्पादन करने से जुड़ी कुछ टिप्स दी हैं. मंत्रालय की खास तीनों ही टिप्स पूरी तरह से पशु फार्म में गाय-भैंस के रखरखाव से जुड़ी हुई हैं. अच्छी बात ये है कि तीनों ही टिप्स को अपनाने पर पशुपालक की लागत भी भी कोई असर नहीं पड़ेगा.
Wheat Crop Production: डॉ यादव ने किसानों को सलाह दी है कि गेहूं फसल में यूरिया और जिंक सल्फेट का उचित मात्रा व उचित समय पर प्रयोग अवश्य करें. साथ ही चौड़ी और सकरी पत्ती वाले खरपतवारों के लिए मेटासल्फ्यूरान और सल्फोसल्फ्यरान की 16 ग्राम के एक पैकेट को 200 लीटर पानी में घोलकर उचित नमी पर छिड़काव करें. जिससे किसानों को गेहूं उत्पादन से भरपूर लाभ प्राप्त हो सके.
Cow Milk Production भारत में भैंस के मुकाबले सबसे ज्यादा दूध उत्पादन गाय का होता है. कुल दूध उत्पादन में गाय की हिस्सेदारी ज्यादा है. यही वजह है कि साल 2023 में विश्वस्तर पर भी सबसे ज्यादा गाय के दूध का उत्पादन भारत में हुआ है. जबकि कई बड़े देश ऐसे हैं जहां भारत के मुकाबले उत्पादन कम भी है और उत्पादन दर घट भी रही है.
पिछले दिनों भारतीय अखबार में एक रिपोर्ट आई थी जिसे इंडोनेशिया के अखबारों ने प्रमुखता से छापा था. इस रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया था कि भारत से मलेशिया के पोर्ट क्लैंग होते हुए मूंगफली इंडोनेशिया पहुंच रही है. रिपोर्ट के अनुसार पहले माल मलेशिया भेजा जाता है और फिर छोटी नावों और बार्ज से इंडोनेशिया के दुमई पोर्ट पहुंचाया जाता है. वहां से सड़क के ज़रिये इसे जकार्ता और सुराबाया जैसे शहरों में ले जाया जाता है.
उत्तर भारत में सर्दियों की दस्तक के साथ मौसम पूरी तरह बदल चुका है और ठंड का असर साफ नजर आने लगा है. पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बढ़ती शीतलहर के बीच जनजीवन और खेती-किसानी की गतिविधियों पर असर पड़ रहा है. वहीं दक्षिण भारत में लगातार बारिश का दौर बना हुआ है. इस लाइव और लगातार अपडेट होते सेक्शन में आपको खाद-बीज से जुड़ी जानकारी, खेती और गार्डनिंग के उपयोगी टिप्स, किसानों के लिए जरूरी सरकारी योजनाएं और कृषि जगत से जुड़े बड़े राष्ट्रीय घटनाक्रम एक ही जगह मिलते रहेंगे. साथ ही बात करेंगे उन्नत क़िस्मों की बीजों के बारे में जिसका लाभ उठाकर किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.
Gorakhpur News: स्नातक स्तर की शिक्षा प्राप्त करने वाले राजू सिंह बताते हैं कि मशीन से शहद सीधे छत्ते से निकलने और हाथ न लगने के कारण 100 प्रतिशत शुद्ध रहता है. जहां पुराने तरीकों में शहद निकालने में घंटों का समय और कई मजदूरों की जरूरत पड़ती थी, लेकिन, इस नई तकनीक से एक किसान मात्र 5 से 10 मिनट में अकेले शहद निकाल सकता है.
उत्तर भारत में अगले सात दिनों में मौसम ठंडा और बदलते हालात वाला रहेगा. पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी होगी. पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में घना कोहरा रहने की संभावना है. मैदानों में हल्की बारिश और तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी है. लोगों और किसानों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना चाहिए.
रबी सीजन में चना किसानों की प्रमुख नकदी फसल है, लेकिन अगर समय पर कीट नियंत्रण न किया जाए, तो मेहनत बेकार हो सकती है. खासकर फली बनने के समय कीटों का हमला पूरी फसल को नुकसान पहुंचा सकता है.
केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी चिट्ठी झूठ और फरेब से भरी हुई है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी झूठा प्रचार और भ्रम फैलाकर देश को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में लाई गई नई ‘विकसित भारत जी-राम-जी (G-RAM-G)’ योजना गरीबों, मजदूरों और गांवों के विकास के लिए एक मजबूत कदम है.
महाराष्ट्र के Jalna जिले से किसानों की बदहाली की एक दर्दनाक तस्वीर सामने आई है. इस वीडियो में आप देखेंगे कैसे एक किसान ने खुद अपने मौसंबी के खेत में JCB चलाकर करीब चार एकड़ में लगे बाग को नष्ट कर दिया. सही बाजार भाव न मिलने से दुखी किसान का कहना है कि मौसंबी की क्वालिटी बेहतरीन होने के बावजूद उसे उचित दाम नहीं मिला. बढ़ती लागत, खाद-दवा और मजदूरी के खर्च के कारण लागत तक नहीं निकल पा रही थी, जिससे वह पूरी तरह टूट गया.
ये वीडियो भारत में Ford ट्रैक्टर की पूरी कहानी बताता है – एक ऐसा ब्रांड जो कभी पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के खेतों में सबसे ज्यादा लोकप्रिय था. Ford 3600 और Ford 5000 जैसे नीले ट्रैक्टर मजबूती, भरोसे और कम में ज्यादा काम करने के लिए मशहूर थे. किसान उन्हें "किसान की मशीन" कहते थे. लेकिन अचानक यह ब्रांड बाजार से गायब हो गया. क्यों? इस वीडियो में जानें.
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