उत्तर प्रदेश में गो संरक्षण को नई दिशा देने की तैयारी है. योगी सरकार ने ‘गो संरक्षण मिशन’ को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ते हुए इसमें महिलाओं और किसान उत्पादक संगठनों की भागीदारी का रास्ता खोल दिया है. सरकार ने इसके लिए 2100 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई है.
Fertilizer Stock: खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव के बीच किसानों के मन में खाद की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ सकती थी, लेकिन सरकार ने खरीफ से पहले बड़ी तैयारी कर ली है. देश में उर्वरकों का भंडार पिछले साल से काफी ज्यादा बताया जा रहा है, जिससे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है. पढ़ें पूरी खबर...
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान 7 मार्च को चेन्नई में नारियल उत्पादक किसानों और उद्योग से जुड़े हितधारकों के साथ अहम बैठक करेंगे. बजट 2026-27 में घोषित नई नारियल संवर्धन योजना को लेकर सुझाव लिए जाएंगे. इस संवाद में किसानों की भागीदारी से भविष्य की नीति को दिशा मिलने की उम्मीद है.
भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (आईआईवीआर)ने सोनभद्र स्थित एसआरजीपी एग्रीटेक प्राइवेट लिमिटेड के साथ समझौता किया है, जिसके तहत संस्थान द्वारा विकसित 20 उन्नत सब्जी किस्मों के व्यावसायीकरण, बीज उत्पादन और विपणन के लिए लाइसेंस प्रदान किया गया है.
अमेरिका–ईरान युद्ध का सीधा असर भारत के बासमती चावल व्यापार पर दिखाई दे रहा है. अंतरराष्ट्रीय समुद्री रूट प्रभावित होने से करीब 4 लाख टन बासमती चावल बीच समुद्र में या बंदरगाहों पर फंसा हुआ है, जिससे निर्यात पूरी तरह ठप हो गया है. खाड़ी देशों विशेषकर ईरान में 1509, 1121, सुगंधा और शरबती जैसी किस्मों की भारी मांग रहती है, लेकिन मौजूदा तनाव और समुद्री जोखिम के कारण शिपिंग लाइनों ने रूट बदल दिए हैं और माल को सही जगह तक नहीं पहुंचा पा रही हैं.
पारादीप में इफको के सल्फ्यूरिक एसिड प्लांट का उद्घाटन करते हुए अमित शाह ने ने कहा कि उर्वरक क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने में यह प्लांट सहायक होगा. साथ ही उन्होंने गुजरात के अमूल मॉडल की तरह ओडिशा के गांव-गांव में भी डेयरी सहकारिता का मजबूत नेटवर्क विकसित करने की बात कही.
रमजान और ईद के दौरान खाड़ी देशों में बढ़ने वाली केला मांग ने हमेशा महाराष्ट्र के जलगांव और मध्य प्रदेश के बुरहानपुर के किसानों को अच्छी कमाई दिलाई है, लेकिन इस बार हालात पूरी तरह उलट गए हैं. ईरान–अमेरिकी लड़ाई के चलते खाड़ी देशों के रास्ते बंद होने, माल वापस लौट आने और जेबेल अली जैसे बड़े बंदरगाहों पर लोडिंग–अनलोडिंग रुक जाने से निर्यात प्रभावित हुआ है. हजारों टन केला खेतों, ट्रकों और कंटेनरों में फंसा है. कई खेप बीच रास्ते से वापस लौट रही है, जिससे किसानों पर भारी आर्थिक मार पड़ी है.
भारत में आम सिर्फ एक फल नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और किसानों की कमाई का बड़ा जरिया है. देश में करीब 22 लाख हेक्टेयर में आम की खेती होती है. लेकिन कई बार जानकारी की कमी के कारण किसान मंजर और फल बनने के समय कुछ गलतियां कर देते हैं, जिससे उत्पादन कम हो जाता है.
किसान कारवां यह कोई एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक लंबी और सार्थक यात्रा है, जो 29 दिसंबर 2025 से शुरू होकर मई 2026 के अंत तक प्रदेश भर के सभी 75 जिलों तक पहुंचेगी. किसान तक का किसान कारवां यूपी के हर जिले में पहुंचकर किसानों, ग्राम प्रधानों, प्रगतिशील किसानों और महिला किसानों को एक साझा मंच देगा.
इस विशेष अभियान के तहत 75 जिलों की कवरेज में सुल्तानपुर 34वां पड़ाव रहा. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और विशेषज्ञों से खेती से जुड़ी नई तकनीकों और योजनाओं की जानकारी प्राप्त की.
महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है. जिन किसानों का फसल ऋण 30 सितंबर 2025 तक बकाया था, उनका 2 लाख रुपये तक का कर्ज माफ किया जाएगा. वहीं, समय पर लोन चुकाने वाले किसानों को 50 हजार रुपये का प्रोत्साहन बोनस देने की घोषणा भी की गई है.
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