Bihar में पहली बार न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price) पर चना, सरसों और मसूर की खरीद शुरू होने जा रही है. अब तक Food Corporation of India जैसी केंद्रीय एजेंसियां राज्य में इन फसलों की खरीद नहीं करती थीं, जिसका मुख्य कारण विकेंद्रीकृत खरीद प्रणाली (DCP) और केंद्र-राज्य के बीच MoU का अभाव था. नई व्यवस्था से किसानों को बेहतर दाम और बाजार का भरोसा मिलने की उम्मीद है.
Mushroom Farming Story: खास बात यह है कि पप्पू देवी की यह सफलता सिर्फ उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरने तक सीमित नहीं है. वे अब अपने गांव की अन्य स्थानीय महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध करा रहीं हैं. उनका यह मॉडल स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और ग्रामीण महिलाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन गया है.
Samrat Choudhary को Bihar का नया मुख्यमंत्री चुना गया है. Bharatiya Janata Party विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर मुहर लगी, जो Shivraj Singh Chouhan की मौजूदगी में हुई. Nitish Kumar के इस्तीफे के बाद यह फैसला लिया गया, और अब राज्य में पहली बार बीजेपी अपने नेतृत्व में सरकार बनाने जा रही है.
भारत में गेहूं और धान की खरीद पर बोनस पॉलिटिक्स आज कृषि अर्थशास्त्र और चुनावी राजनीति के केंद्र में है. केंद्र सरकार द्वारा घोषित MSP के ऊपर राज्यों द्वारा दिए जाने वाले बोनस ने किसानों के लिए मुनाफे का एक नया गणित तैयार कर दिया है. यह नीति क्रॉप डायवर्सिफिकेशन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है, क्योंकि किसान बोनस के लालच में दलहन और तिलहन जैसी जोखिम भरी फसलों से कतरा रहा है.
मध्य प्रदेश सरकार ने पशुपालकों के लिए ‘गोरस मोबाइल ऐप’ तैयार किया है, जिससे गाय-भैंस के संतुलित आहार, नस्ल सुधार और उत्पादन बढ़ाने से जुड़ी जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध होगी. यह ऐप वैज्ञानिक पशुपालन को बढ़ावा देने और आय बढ़ाने में मदद करेगा.
Poultry Conclave in Lucknow: लखनऊ के अंडा कारोबारी नवाब अकबर अली ने बताया कि कुछ वर्षों पहले 1 करोड़ प्रतिदिन अंडों का उत्पादन हो रहा था, जो अब 2 करोड़ प्रतिदिन तक पहुंच गया है. उन्होंने बताया कि आने वाले वक्त में यह आंकड़ा 3 करोड़ से अधिक हो जाएगा. इसके लिए नई-नई तकनीक की जानकारी हासिल किया जा रहा हैं.
लखीमपुर खीरी, गोला गोकर्णनाथ चीनी मिल के कारण “चीनी का कटोरा” बनता जा रहा है. यहां गन्ने की खेती किसानों के लिए अच्छी आय का साधन बन चुकी है. पिछले कुछ वर्षों में पुदीना (मेंथॉल) की खेती भी तेजी से बढ़ी है. जंगलवाली पहाड़ियापुर में हुए किसान कारवां कार्यक्रम में किसानों को नई तकनीकों की जानकारी दी गई.
Madhya Pradesh में न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price) पर गेहूं खरीदी का अभियान तेजी से जारी है. अब तक 17 हजार से अधिक किसानों से 7.75 लाख क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है और करोड़ों रुपये सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं. राज्य सरकार ने 3000 से अधिक उपार्जन केंद्रों के जरिए खरीदी प्रक्रिया को सुचारू बनाया है, जबकि लाखों किसानों ने पहले ही स्लॉट बुक कर लिया है.
Tuna Fish सीफूड एक्सपोर्ट बढ़ाने के लिए अंडमान-निकोबार द्वीप समूह टूना मछली का क्लस्टर घोषित हो चुका है. टूना के साथ ही यहां कुछ और भी ऐसी मछलियां हैं जिनकी मार्केट में डिमांड है. मछलियों के इसी भंडार का फायदा उठाने, खाने वालों की डिमांड को पूरा करने और मछुआरों की जिंदगी में बदलाव लाने के लिए सीफूड हब बनाने की तैयारी चल रही है.
हरियाणा की मंडियों में अव्यवस्था को लेकर नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार पर सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि किसानों को जटिल प्रक्रियाओं में उलझाया जा रहा है, जिससे फसल खरीद और MSP भुगतान प्रभावित हो रहा है और मंडियों में समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं.
Punjab के मोहाली जिले की मंडियों में गेहूं खरीद सुचारू रूप से जारी है, जहां किसानों को 17 करोड़ रुपये सीधे खातों में ट्रांसफर किए जा चुके हैं. वहीं Jalandhar में गेहूं की क्वालिटी और कम पैदावार को लेकर किसानों ने चिंता जताई है. सरकारी एजेंसियां—PUNGRAIN, MARKFED और PUNSUP—खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने में जुटी हैं.
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