महोबा के कुलपहाड़ क्षेत्र में अज्ञात कारणों से लगी आग ने एक किसान की कटी हुई गेहूं की फसल को पूरी तरह जला दिया. करीब 7 बीघा फसल राख हो गई. दमकल की देरी से नाराज किसान और ग्रामीण अब प्रशासन से सर्वे कराकर जल्द मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं.
राज्य के कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उत्तरी महाराष्ट्र और पश्चिमी महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और विदर्भ के कुछ हिस्सों में इसका असर सबसे ज़्यादा रहा है, जिससे इतने हजार से ज़्यादा किसान प्रभावित हुए हैं.
भारत में मूंगफली की खेती को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. बेहतर दाम और स्थिर मांग के चलते किसान अब कपास जैसी पारंपरिक फसलों को छोड़कर मूंगफली जैसी ज्यादा मुनाफे वाली फसलों की ओर रुख कर रहे हैं.
देशभर में 4 अप्रैल का मौसम काफी बदलता हुआ नजर आ रहा है. मौसम विभाग (IMD) ने कई राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है. जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, वहीं हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है.
राजधानी जयपुर सहित कई जिलों में तेज आंधी, बारिश ने किसानों को चिंतित कर दिया है. जयपुर ग्रामीण के आसलपुर, जोबनेर और कालवाड़ समेत कई गांवों में बारिश के साथ गिरे बड़े-बड़े ओलों ने खेतों को सफेद चादर से ढक दिया.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 4 अप्रैल को उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर रहने की चेतावनी दी है. विभाग के अनुसार 6 अप्रैल तक दिन का तापमान सामान्य या सामान्य से कम रह सकता है. मौसम विभाग ने बताया कि 5 अप्रैल तक हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जिसमें अगले दो दिनों में ज्यादा असर दिखेगा. जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश, बर्फबारी, तेज हवाएं (40-60 किमी/घंटा) और बिजली गिरने की संभावना है. 4 अप्रैल यानी आज जम्मू-कश्मीर में कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है.
देश में 3 से 7 अप्रैल के बीच मौसम पूरी तरह बदलने वाला है, जहां दो पश्चिमी विक्षोभ के असर से कई राज्यों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी हुई है. उत्तर भारत से लेकर मध्य और पूर्वी हिस्सों तक तेज हवाओं और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा.
जालना जिले में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने फल बागान किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है. गाढेसावरगांव के किसान भागवत डोंगरे की केले, तरबूज और मौसंबी की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है. उत्पादन घटने और दाम गिरने से लाखों रुपये के नुकसान का अंदेशा है.
बिहार सरकार ने किसानों के लिए कृषि ऐप लॉन्च किया है, जिससे वे घर बैठे खाद की उपलब्धता, नजदीकी दुकानों और स्टॉक की जानकारी ले सकते हैं. यह ऐप कालाबाजारी रोकने के साथ किसानों को डिजिटल सुविधाएं और खेती से जुड़ी अहम जानकारी भी प्रदान करेगा.
Maize Mandi Rate: मक्का के दामों में गिरावट जारी है और अप्रैल के ताजा रुझानों में मंडियों में भाव और कमजोर दिखे हैं. MSP 2400 रुपये होने के बावजूद किसानों को बाजार में कम कीमत मिल रही है, जिससे उनकी आय पर दबाव बना हुआ है.
ICAR का बनाया हुआ सोलर पावर्ड यूनिवर्सल इंसेक्ट ट्रैप किसानों के लिए बिना केमिकल कीट नियंत्रण का नया समाधान है. यह तकनीक 24x7 काम करती है और फसलों के साथ अनाज भंडारण को भी सुरक्षित बनाती है.
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