अगले कुछ दिन कैसा रहेगा मौसम ये जानने के लिए देखें मौसम के जानकार देवेंद्र त्रिपाठी के साथ ये खास प्रोग्राम. जानें अगले कुछ दिनों के दौरान कहां होगी बारिश किन जगहों के लिए जारी किया गया है अलर्ट.
गर्मी का मौसम शुरू होते ही देश के कई राज्यों में मौसम ने ऐसी करवट ली कि मौसम का मिज़ाज ही बदल गया है. दरअसल, रविवार को देश के कई राज्यों में अचानक हुई तेज ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है. तेज आंधी और ओलों की बारिश से खेतों में खड़ी गेहूं और ज्वार की फसलों को भारी नुकसान हुआ है.
पंजाब में इस साल समय से पहले पड़ रही तेज गर्मी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. संगरूर जिले के गांव लड्डी में गेहूं और हरे मटर की फसल पर इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है. फरवरी महीने से ही तापमान में अचानक बढ़ोतरी होने के कारण फसलों का सही तरीके से विकास नहीं हो पा रहा है
नई दिल्ली में आयोजित GCWAS–2026 सम्मेलन का समापन महिलाओं को कृषि और खाद्य प्रणालियों में सशक्त बनाने के संकल्प के साथ हुआ. ICAR ने 900 से अधिक कृषि संस्थानों को जोड़ने वाले राष्ट्रीय जेंडर प्लेटफॉर्म की घोषणा की. सम्मेलन में महिलाओं की नेतृत्व भूमिका, तकनीक तक पहुंच और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ाने पर जोर दिया गया.
देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है. मौसम विभाग ने कई राज्यों में बारिश और आंधी-ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है. आज कई क्षेत्रों में बादल, बारिश और तेज हवाओं का असर दिख सकता है, जबकि दिल्ली-एनसीआर में भी मौसम करवट लेने के संकेत मिले हैं.
देश की राजधानी दिल्ली में फिर एक बार किसानों का जमावड़ा लगने वाला है. दरअसल, हरियाणा के सोनीपत जिले के किसान रेस्ट हाउस में संयुक्त किसान मोर्चा की मासिक बैठक हुई. बैठक में 19 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली किसान महापंचायत को सफल बनाने के लिए रणनीति तैयार की गई.
देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है. मौसम विभाग ने कई राज्यों में बारिश और आंधी-ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है. कल कई क्षेत्रों में बादल, बारिश और तेज हवाओं का असर दिख सकता है, जबकि दिल्ली-एनसीआर में भी मौसम करवट लेने के संकेत मिले हैं.
आईसीआरए लिमिटेड की एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में चीनी की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है. फरवरी 2025 में कच्ची चीनी की कीमत करीब 445 डॉलर प्रति मीट्रिक टन थी, जो फरवरी 2026 में घटकर 313 डॉलर प्रति मीट्रिक टन रह गई है.
हरियाणा में पायलट प्रोजेक्ट के तहत उर्वरक बिक्री को डिजिटल और फसल-आधारित प्रणाली से जोड़ा गया. इससे यूरिया और डीएपी की खपत कम हुई, छोटे किसानों को अधिक लाभ मिला और बड़े खरीदारों की जरूरत से ज्यादा खरीद रोकी गई. केंद्र ने कहा कि अन्य राज्यों में रोलआउट में समय लगेगा.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध किया है. उन्होंने खरीफ विपणन सत्र 2025-26 के लिए राज्य में चावल की खरीद के लक्ष्य को बढ़ाने की मांग की है.
मौसम के बदलते मिजाज का असर लीची की खेती पर देखने को मिल रहा है. ऐसे में कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, मौसम में अचानक हुए बदलाव के कारण लीची के पेड़ों की प्राकृतिक प्रक्रिया प्रभावित हुई है. जिससे किसानों को नुकसान हो सकता है.
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