हरियाणा में जैविक और प्राकृतिक खेती को नई दिशा देने की तैयारी है. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ऑर्गेनिक फसलों के प्रमाणीकरण के लिए लैब स्थापित करने के निर्देश दिए हैं. स्मार्ट एग्रीकल्चर जोन, आय सुरक्षा और तकनीक पर सरकार का फोकस किसानों के लिए क्या बदलेगा, जानिए पूरी खबर में...
हरियाणा में औषधीय फसलों की खेती को लेकर सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हर्बल फेड को किसानों के लिए ठोस कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए हैं.
Wheat Mandi Rate: 28 जनवरी को गेहूं मंडियों में मिला-जुला रुख दिखा. कई बड़ी मंडियों में दाम एमएसपी से 150-190 रुपये तक ऊपर रहे, वहीं कुछ स्थानों पर भाव एमएसपी के आसपास या नीचे टिके रहे, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव साफ नजर आया.
एनिमल प्रोडक्ट के अच्छे दाम तब मिलते हैं जब वो बीमारियों से फ्री हो. बाजार में डिमांड भी तभी आती है जब ग्राहक को ये यकीन हो कि जो एनिमल प्रोडक्ट खरीद रहा है वो बीमारी से मुक्त है. इसी के चलते पशुओं की बीमारी और संक्रमण पर बहुत ध्यान देने को कहा जाता है. पशुओं का वैक्सीनेशन भी इसीलिए कराया जाता है. एक्सपोर्ट मार्केट और घरेलू बाजार में डिमांड बढ़ाने के लिए जरूरी है कि पशुओं का जरूरत के हिसाब से वक्त पर वैक्सीनेशन कराया जाए. तो तो आज के सलाह-मशवरा इस एपिसोड में जानें वैक्सीनेशन कराने के फायदे और टिप्स-
नासिक से मुंबई तक लॉन्ग मार्च कर रहे किसानों और आदीवासियों की सरकार से बातचीत हुई है... इस बातचीत से सकारात्मक संकेत मिले हैं... डेलीगेशन ने माना है कि सरकार के साथ चर्चा पॉजिटिव रही है, लेकिन अभी मार्च वापस लेने पर अंतिम फैसला नहीं किया गया है. ऑर्गनाइज़र का कहना है कि जब तक लिए गए फैसलों को ज़मीन पर लागू होता हुआ नहीं देखा जाता, तब तक लॉन्ग मार्च वापस नहीं लिया जाएगा. जेपी गावित ने कहा है कि मिनिस्टर गिरीश महाजन और संबंधित अधिकारी जब मार्च कर रहे लोगों के पास आकर फैसलों को लागू करने की स्पष्ट जानकारी देंगे, तभी मार्च वापस लेने पर निर्णय लिया जाएगा.
इफको और इफको एमसी का जॉइंट वेंचर किसानों के लिए है. इसमें किसानों को फिक्स MRP वाले उत्पाद, आसान दवा, खाद और सुरक्षा बीमा की सुविधा मिलती है. किसानों का भरोसा और उनकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है.
उत्तर प्रदेश के अमेठी में यूजीसी (UGC) के नए नियमों को लेकर सवर्ण समाज और किसान संगठनों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है. किसान मजदूर संगठन ने उपजिलाधिकारी (SDM) को ज्ञापन सौंपते हुए इसे 'काला कानून' करार दिया है. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नए प्रावधानों के तहत सवर्णों को झूठे आरोपों में फंसाया जा सकता है और उनकी सुनवाई नहीं होगी.
भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुई नई ट्रेड डील से पूरे देश के राज्यों को बड़ा फायदा मिलने वाला है. उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, केरल और असम जैसे प्रमुख राज्यों के उद्योग अब यूरोप में आसानी से अपने उत्पाद भेज सकते हैं. इस डील से चाय, मसाले, कपड़ा, ज्वैलरी, फार्मा, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, चमड़े के उत्पाद और समुद्री भोजन के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा. इससे न केवल व्यापार बढ़ेगा बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे. इस वीडियो में जानिए हर राज्य को भारत-EU ट्रेड डील से कितना फायदा होगा और कौन-कौन से सेक्टर सबसे ज्यादा लाभान्वित होंगे.
UP News: प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि इस हेल्पलाइन का उद्देश्य है कि किसानों को योजनाओं की जानकारी के लिए कहीं भटकना या चक्कर न लगाना पड़े. अपने मोबाइल से फोन करके ही वह विभाग द्वारा प्राप्त होने वाले अनुदान, योजनाओं, सोलर पंप समेत सभी जानकारी हासिल कर लें.
बिहार में मंडी व्यवस्था न होने के कारण मक्का किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है. पैक्स में धान और गेहूं की खरीद होती है, लेकिन मक्का अब भी सरकारी खरीद से बाहर है. जानिए नियम, किसानों की परेशानी और सरकार की उदासीनता की पूरी कहानी.
Fetilizer Sale Data: अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच उर्वरक बाजार के आंकड़े चौंकाने वाले हैं. बिक्री बढ़ी है, लेकिन उत्पादन और आयात के पीछे की कहानी कुछ और इशारा कर रही है. पढ़िए FAI ने इसे लेकर क्या कहा...
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