SKM ने कहा कि इस डील का मतलब है कि हर साल 4 अरब यूरो की सब्सिडी वाली EU डेयरी, प्रोसेस्ड फूड, वाइन और स्पिरिट के लिए रास्ते खुल जाएंगे. SKM ने इस बात पर जोर दिया कि EU की कॉमन एग्रीकल्चरल पॉलिसी (CAP) बहुत ज़्यादा, गलत सब्सिडी देती है, जिसकी बराबरी हमारे किसान कभी नहीं कर सकते.
Sugar Production: देश में चीनी उत्पादन ने रफ्तार पकड़ ली है. अक्टूबर से जनवरी के बीच चालू सीजन में उत्पादन में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक जैसे राज्यों से मिले बेहतर आंकड़ों ने बाजार को नया संकेत दिया है.
बच (Vacha) की खेती किसानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो रही है. बच एक औषधीय पौधा है, जिसका उपयोग आयुर्वेदिक दवाओं में बड़े पैमाने पर किया जाता है. किसानों की आय बढ़ाने के लिए छत्तीसगढ़ औषधीय पादप बोर्ड इसकी खेती को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहा है.
हिमाचल प्रदेश के शिमला में किसानों ने अपनी समस्याओं को लेकर मिल्क चिलिंग प्लांट के बाहर धरना प्रदर्शन किया. प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि हफ्ते भर से दूध की गाड़ी नहीं आई, जिससे उनका दूध खराब हो रहा है और उन्हें भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है.
कल यानी 31 जनवरी को कई जगहों पर तेज बारिश होने की संभावना है. साथ ही कई इलाकों में घना कोहरा भी छाया रह सकता है. इस वीडियो में विस्तार से जानेंगे कि कहां बारिश होगी, कहां कोहरे का ज्यादा असर रहने वाली है.
कोच्चि चाय नीलामी में ऑर्थोडॉक्स और CTC चाय की कीमतों में मजबूती देखी गई है. कम आवक और घरेलू व निर्यात मांग के चलते बाजार का रुख बदला है. क्या यह तेजी आगे भी जारी रहेगी और कौन-सा सेगमेंट सबसे ज्यादा फायदा उठा रहा है, जानिए पूरी खबर में...
धान खरीदी को लेकर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी ने कई जगहों पर सांकेतिक सड़क जाम किया. पार्टी ने दावा किया कि लाखों किसान अभी भी अपनी धान की फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर नहीं बेच पाए हैं.
हजारीबाग पुलिस ने पोस्ते के पौधे को नष्ट करने का व्यापक अभियान चलाया है. इस अभियान में अब तक 400 एकड़ से अधिक पोस्ते की फसल को ट्रेक्टर चला कर नष्ट किया गया है. हजारीबाग पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन द्वारा इस वर्ष शुरुआती दौर में ही व्यापक पैमाने पर पोस्ते के पौधों को नष्ट करने की कवायद तेज की गई है.
जम्मू-कश्मीर फ्रूट एंड वेजिटेबल्स प्रोसेसिंग एंड इंटीग्रेटेड कोल्ड चेन एसोसिएशन (JKPICCA) के एक अमीर सेब उत्पादक और प्रवक्ता इज़हान जावेद ने कहा कि यूरोपीय देशों में खेती बहुत ज़्यादा मशीनीकृत है, जिसमें लेबर कॉस्ट कम होती है और प्रोडक्टिविटी ज़्यादा होती है.
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बजट 2026 पर अपनी राय दी और किसानों के लिए ठोस कदम उठाने की सरकार से मांग की. उन्होंने कहा कि किसानों को सही भाव मिलना चाहिए, चाहे वह दूध का किसान हो, मछली का किसान हो, पोल्ट्री किसान हो या फसल किसान.
किसान उत्पादक संगठन के कारोबार में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है. दरअसल, पिछले साल सरकार की ओर से शुरू किए गए साप्ताहिक वेबिनार के बाद से FPO का कारोबार बी2सी की तुलना में बी2बी (B2B) व्यापार में काफी बढ़ गया है.
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