महाराष्ट्र के जालना जिले के लिए गर्व की बात है. दरअसल, जालना जिले के एक किसान को देश की राजधानी नई दिल्ली में होने वाले गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में शामिल होने का अवसर मिला है.
किसान महंगे रासायनिक और जैविक खाद खरीदने की जगह अपने खेत में हरी खाद लगा सकते हैं. इससे किसानों की बंपर उपज होती है. इसलिए किसान बड़े स्तर पर इसकी खेती कर रहे हैं.
इस राज्य के किसानों के लिए खुशखबरी है. दरअसल, अब किसानों को खेत में एलिवेटेड सोलर सिस्टम लगाने के लिए NOC लेने की जरूरत नहीं है. ऐसे में किसानों को उनकी इनकम दोगुनी करने में मदद मिलेगी.
महिंद्रा ट्रैक्टर्स ने इस गणतंत्र दिवस 2026 पर तिरंगे से प्रेरित लिमिटेड-एडिशन Yuvo Tech+ 585 DI 4WD ट्रैक्टर लॉन्च किए हैं. मेटैलिक ऑरेंज, एवरेस्ट व्हाइट और मेटैलिक ग्रीन रंगों में उपलब्ध ये ट्रैक्टर भारतीय किसानों के लिए दमदार परफॉर्मेंस और एडवांस्ड खेती के फीचर्स देते हुए देशभक्ति का जश्न मनाते हैं.
मेवात के नूंह में खेती के क्षेत्र में एक नई शुरुआत देखने को मिल रही है. जिला बागवानी अधिकारी डॉ. अब्दुल रजाक चौहान ने बताया कि मेवात में पहली बार बड़े पैमाने पर आलू की खेती सफलतापूर्वक की जा रही है, जिससे किसानों के चेहरे खिले हुए हैं और उनकी आमदनी बढ़ने की पूरी उम्मीद है.
महाराष्ट्र के अकोला में कपास किसानों में अचानक खुशी की लहर दौड़ गई, कपास का सरकारी दाम कम मिलने से निराश किसानों को खुले बाजार में अच्छी कीमत मिल रही है. वर्तमान में कपास 8,400 से 8,500 रुपये प्रति क्विंटल के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जो बीते कुछ वर्षों का उच्चतम स्तर माना जा रहा है. आइए जानते हैं कपास के दाम में तेजी से उछाल का क्या कारण रहा?
MP Congress अध्यक्ष Jitu Patwari ने किस तरह सरकार और Shivraj Singh Chouhan पर किसानों के मुद्दे को लेकर तीखा तंज कसा. आप सुनेंगे भावांतर योजना को लेकर पूछे गए सवाल, सोयाबीन और गेहूं की कीमतों पर हुई बहस और किसानों से किए गए वादों को लेकर सरकार पर लगाए गए आरोप.
बिहार ने मखाना के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. दरअसल, पहली बार मिथिला मखाना को समुद्री रास्ते से दुबई के लिए सफलतापूर्वक निर्यात किया गया है.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि मोदी सरकार MGNREGA को उसी सोच के तहत खत्म करना चाहती है, जैसे उसने तीन कृषि कानून लागू किए थे. राष्ट्रीय MGNREGA मजदूर सम्मेलन में उन्होंने मजदूरों से किसानों की तरह एकजुट होकर सरकार पर दबाव बनाने की अपील की और दावा किया कि एकता के दम पर मनरेगा को उसके मूल अधिकार-आधारित स्वरूप में बहाल कराया जा सकता है.
किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से इंडिया टुडे ग्रुप के किसान तक द्वारा चलाया जा रहा किसान कारवां आज इटावा जनपद के सेहुआ गांव पहुंचा. प्रदेश के 75 जनपदों की कवरेज के तहत यह किसान कारवां का 13वां पड़ाव है
देश के कई हिस्सों में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है. आज यानी 22 जनवरी को कई इलाकों में तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है.
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