ICAR ने CRISPR-Cas तकनीक से भारत की पहली जीनोम-एडिटेड चावल की किस्में DRR राइस 100 (कमला) और पूसा DST राइस 1 विकसित की हैं. ये किस्में ज्यादा उपज, कम पानी की जरूरत और जलवायु परिवर्तन के प्रति बेहतर सहन करने की क्षमता देती हैं.
प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों के लिए राहत भरी खबर है. मुख्यमंत्री सुक्खू ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि किसानों का पूरा डेटा पोर्टल से जोड़ा जाए और उनकी फसलों की खरीद और ब्रांडिंग को और मजबूत किया जाए. हमीरपुर में होने वाला सम्मेलन कई संकेत देता है.
Future Milk बच्चे ही नहीं बड़ों की बहुत सारी बीमारियों में भी सीधे पीने पर बकरी का दूध फायदा पहुंचाता है. ऊंटनी के दूध के भी बहुत फायदे हैं. सभी तरह के दूध और दूध से बनने वाले प्रोडक्ट पर खास रिसर्च करने वाला नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (एनडीआरआई), करनाल भी फ्यूचर मिल्क को लेकर हो रही चर्चा में अहम रोल निभा रहा है.
पंजाब में तेजी से गिरते तापमान के बीच PAU ने शीतलहर, घने कोहरे और पाले को लेकर अलर्ट जारी किया है. जानिए फसलों, सब्जियों, बागों और पशुओं को पाले से बचाने के जरूरी उपाय और विशेषज्ञों की सलाह.
भारत से इंडोनेशिया में मूंगफली के अवैध निर्यात का मामला सामने आया है. बारिश और अफ्लाटॉक्सिन के कारण फसल प्रभावित हुई, जिससे नियम सख्त हो गए. व्यापारी मलेशिया के रास्ते नकद लेन-देन कर मूंगफली भेज रहे हैं. इससे इंडोनेशिया में कीमतें गिरी हैं और बड़े उद्योग सप्लाई की कमी का सामना कर रहे हैं. जानिए पूरी कहानी और व्यापार की चुनौतियां
नया बीज बिल बीज कंपनियों को भारत में बड़ी छूट देता है. बिना गुणवत्ता जांच विदेशी बीजों की एंट्री से देसी बीज, छोटे किसान और पारंपरिक खेती खतरे में पड़ सकती है. इससे खेती की लागत बढ़ने, कॉरपोरेट कंट्रोल देश की खाद्य सुरक्षा पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है.
Lumpy Disease गायों की लंपी बीमारी कभी भी और कहीं भी फैल सकती है. अभी लंपी के नए मामले फ्रांस में सामने आए हैं. जिसके चलते वहां सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं. भारत में भी लंपी बीमारी को कंट्रोल करने के लिए गायों का वैक्सीनेशन किया जा रहा है. जहां भी लंपी फैलती है वहां क्वराइंटाइन कर कंट्रोल करने की कोशिश की जाती है.
IMD के अनुसार जनवरी में उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है, जिससे गेहूं किसानों की चिंता बढ़ी है. हालांकि ICAR ने गर्मी सहनशील किस्मों के चलते फसल सुरक्षित रहने का भरोसा दिलाया है.
भारतीय मक्का अनुसंधान संस्थान (IIMR), लुधियाना ने मक्का की 10 नई बायोफोर्टिफाइड किस्में विकसित की हैं, जो खेती और सेहत दोनों के लिए गेम-चेंजर साबित होंगी. इन किस्मों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनमें आयरन और जिंक जैसे जरूरी पोषक तत्व प्राकृतिक रूप से मौजूद हैं. 'लैब टू लैंड' मिशन के तहत बनाई गई ये किस्में अलग-अलग राज्यों की जलवायु के अनुकूल हैं, जिससे फसल खराब होने का डर कम होगा और पैदावार अधिक मिलेगी.
ग्लाइफोसेट दरअसल एक रासायनिक खरपतवारनाशी (Herbicide) है. इसका प्रयोग इस्तेमाल खेतों में उगने वाले अनचाहे खरपतवार (जंगली घास) को खत्म करने के लिए किया जाता है. इसका सबसे ज्यादा प्रयोग धान, गेहूं, मक्का, सोयाबीन, कपास जैसी फसलों में होता है. यह पौधों में मौजूद एक खास एंजाइम को रोक देता है, जिससे खरपतवार सूखकर मर जाते हैं.
Stray Animals न तो देश में इतनी गौशालाएं हैं और जो हैं भी तो उनके अंदर इतनी जगह और संसाधन नहीं है कि वहां 50 लाख छुट्टा गाय-बैल को रखा जा सके. हालांकि कोर्ट के आदेश के बाद सड़क पर होने वाले एक्सीडेंट में कमी आएगी. सड़क पर राहगीरों को भी छुट्टा पशु निशाना नहीं बनाएंगे.
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