उत्तर भारत में सर्दियों की दस्तक के साथ मौसम पूरी तरह बदल चुका है और ठंड का असर साफ नजर आने लगा है. पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बढ़ती शीतलहर के बीच जनजीवन और खेती-किसानी की गतिविधियों पर असर पड़ रहा है. वहीं दक्षिण भारत में लगातार बारिश का दौर बना हुआ है. इस लाइव और लगातार अपडेट होते सेक्शन में आपको खाद-बीज से जुड़ी जानकारी, खेती और गार्डनिंग के उपयोगी टिप्स, किसानों के लिए जरूरी सरकारी योजनाएं और कृषि जगत से जुड़े बड़े राष्ट्रीय घटनाक्रम एक ही जगह मिलते रहेंगे.
कोहरे के मौसम में वातावरण में नमी बहुत अधिक हो जाती है. यह नमी मिट्टी में लंबे समय तक बनी रहती है जिससे जड़ों में सड़न का खतरा बढ़ जाता है. इसके अलावा धूप कम मिलने से पौधे का फोटोसिंथेसिस प्रभावित होता है. फंगल इंफेक्शन, पत्तियों पर सफेद या काले धब्बे और तने का कमजोर होना, ये सभी समस्याएं सर्दियों में आम हैं. हल्दी को प्राकृतिक एंटीसेप्टिक और एंटीफंगल माना जाता है.
नए साल 2026 का पहला दिन उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के साथ शुरू होगा. यूपी, बिहार, पंजाब और हरियाणा में कोल्ड डे की स्थिति, जबकि पहाड़ों पर बर्फबारी और कुछ मैदानी इलाकों में हल्की बारिश के आसार हैं.
नए 2025-26 चीनी सीजन की शुरुआत में ही उत्पादन के आंकड़ों ने चौंकाया है. शुरुआती महीनों में देश की कई चीनी मिलों ने तेज पेराई दर्ज की है, लेकिन एक राज्य ने सबसे बड़ी छलांग लगाकर तस्वीर बदल दी है. आगे के महीनों में क्या रुझान रहेगा जानिए...
Fake Fertilizer: अमेठी के एक इंटर कॉलेज में महीनों से नकली कीटनाशक और खाद का कारोबार चल रहा था. शिकायत के बाद कृषि विभाग ने जाल बिछाकर भंडाफोड़ किया. मौके से पैकिंग मशीन, नकली दवाएं और खाद जब्त की गई हैं, अब जांच आगे बढ़ रही है.
कर्नाटक की प्रगतिशील महिला किसान श्रीमती पद्मिनी गौड़ा ने खेती की दुनिया में अपनी अनोखी सोच से क्रांति ला दी है. उन्होंने जमीन के 13.5 फीट नीचे एक विशेष 'सनकन चैंबर' तैयार किया है, जो बिना किसी महंगी मशीन के मशरूम के लिए जरूरी नमी और तापमान को प्राकृतिक रूप से बनाए रखता है .
पिछले एक हफ्ते से जारी कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच यदि डेयरी पशुओं की देखभाल में लापरवाही बरती गई, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। सबसे बड़ा नुकसान पशुओं की मृत्यु का खतरा है, जो अत्यधिक ठंड लगने के कारण हो सकती है .ठंड के तनाव से पशुओं की बीमारी से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है, जिससे वे जल्दी बीमार पड़ने लगते हैं .डेयरी मालिकों के लिए आर्थिक रूप से सबसे बड़ी चोट दूध उत्पादन में भारी गिरावट के रूप में आती है, इसलिए गाजियाबाद के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने सुझाव दिया है ताकि वे कड़ाके की ठंड और कोहरे के बीच डेयरी पशु सुरक्षित रहें और पशुपालकों को आर्थिक नुकसान न हो.
जयपुर में किसान महापंचायत की अन्नदाता हुंकार रैली ने किसान राजनीति को नई धार दे दी. सरसों के दाम, ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे और कृषि भूमि संरक्षण को लेकर किसानों ने बड़े फैसलों का ऐलान किया. रैली में साफ संदेश दिया गया कि अब अन्नदाता अपने हक खुद तय करेगा.
कर्ज से परेशान किसान की किडनी बेचने के मामले में पुलिस जांच ने कई चौंकाने वाले राज खोले हैं. SP ने बताया कि यह सिर्फ एक मामला नहीं, बल्कि देशभर में फैले बड़े रैकेट की ओर इशारा कर रहा है. इसके तार अब दिल्ली और तमिलनाडु से भी जुड़ गए हैं.
टमाटर की जड़ें गहरी जाती हैं, इसलिए कंटेनर कम से कम 12 से 15 इंच गहरा होना चाहिए. कंटेनर के नीचे पानी निकासी के लिए 3–4 छेद जरूर बनाएं, ताकि पानी जमा न हो. जमा पानी जड़ों को सड़ा सकता है. प्लास्टिक, मिट्टी या लोहे का कोई भी कंटेनर चल सकता है, बस वह साफ होना चाहिए. टमाटर के लिए हल्की, भुरभुरी और पोषक तत्वों से भरपूर मिट्टी जरूरी होती है.
Chickpea Farming Tips: चने की फसल में उकठा रोग किसानों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है. यह रोग धीरे-धीरे पूरे खेत में फैलकर पौधों को सुखा देता है. जानिए इस पर एक्सपर्ट ने क्या सुझाव दिए.
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