मंदसौर कृषि उपज मंडी में कई किसानों का कहना है कि 9 दिन की छुट्टी के बाद आज मंडी खुली है, लेकिन मंडी फिर बंद रहेगी. उन्होंने सोसायटी से कर्ज लेकर और ब्याज पर पैसा लगाकर फसल तैयार की है.
भारत में कॉफी की फसल 2025-26 में मौसम और बारिश के कारण प्रभावित हुई है. अरबीका की फसल थोड़ी बढ़ी, लेकिन रोबस्टा कम हुई. इससे निर्यात पर असर पड़ सकता है. भारतीय कॉफी की उच्च गुणवत्ता और स्वाद के बावजूद कीमतें अधिक होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में चुनौतियां बढ़ गई हैं, खासकर यूरोप में.
हिमाचल प्रदेश के शिमला ज़िले में अप्रैल के महीने में हुई अचानक बर्फ़बारी से सेब के बागों को भारी नुक़सान पहुंचा है. बागों में जमा हुई बर्फ़ के वज़न से पेड़ों की डालियां टूट गईं और गुलाबी कलियों को भी नुक़सान पहुंचा. इस प्रतिकूल मौसम से किसान काफ़ी परेशान हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि इस साल सेब की फ़सल पर इसका बुरा असर पड़ेगा.
UP News: शाही ने बताया कि विण्ड्स पोर्टल के माध्यम से संकलित इस डाटा का उपयोग सरकार आपदा प्रबंधन, कृषि एडवाइजरी और अन्य जन-कल्याणकारी योजनाओं के लिए निःशुल्क करेगी. योजना के सफल संचालन के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश सरकार द्वारा 60 करोड़ रुपये की धनराशि का प्राविधान किया गया है.
पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों और बिहार पर नज़र डालें, तो वहां गेहूं की कटाई अभी भी अधूरी है. नतीजतन, लगातार हो रही बेमौसम बारिश ने किसानों की फसलों को पूरी तरह से तबाह कर दिया है. वहीं दूसरी ओर, मध्य प्रदेश और कुछ अन्य राज्यों में, जहां गेहूं की कटाई पूरी हो चुकी है, वहां भी किसान अपनी उपज बेच नहीं पा रहे हैं.
आईएमडी के मुताबिक, 9 अप्रैल को देश के कई हिस्सों में मौसम का असर जारी रहेगा. पूर्वोत्तर भारत में व्यापक स्तर पर बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला बना रहेगा, जबकि अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और त्रिपुरा में कुछ जगह भारी बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने कहा है कि दिल्ली-एनसीआर में 9 अप्रैल को आसमान साफ रहने की संभावना है, लेकिन तापमान सामान्य से नीचे बना रहेगा. अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री और न्यूनतम 14 से 16 डिग्री के बीच रह सकता है.
Milk Production in UP: एसीएस मुकेश मेश्राम ने बताया कि सीएम योगी के कार्यकाल में दुग्ध उत्पादन में जबरदस्त उछाल दर्ज हुआ है. वर्ष 2016-17 में जहां उत्पादन 277 लाख मीट्रिक टन था, वहीं वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 388 लाख मीट्रिक टन के पार पहुंच गया है.
पश्चिमी विक्षोभ के असर से कई राज्यों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का दौर जारी है. 9 अप्रैल को भी पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मौसम बिगड़ा रहेगा, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत में धीरे-धीरे सुधार दिखेगा.
धौलपुर में तेज बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. गेहूं की खड़ी और कटी फसल को भारी नुकसान पहुंचा है और कई खेतों में फसल भीगकर बिछ गई है. सब्जी फसलें भी प्रभावित हुई हैं, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों पर असर पड़ने की आशंका है.
महाराष्ट्र कांग्रेस ने मुंबई में ‘न्याय सत्याग्रह’ के दौरान केंद्र सरकार पर किसानों से किए वादे पूरा न करने का आरोप लगाया. कांग्रेस नेता ने कहा कि बढ़ती लागत और कम दाम से किसान संकट में हैं और नीतियों का असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर दिख रहा है.
गन्ना किसानों के लिए बीज उपलब्धता की जानकारी अब ऑनलाइन कर दी गई है, जिससे किसान अपने नजदीकी बीज धारकों, किस्मों और उपलब्ध मात्रा की जानकारी घर बैठे प्राप्त कर सकते हैं. इस पहल से पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों को राहत मिलेगी.
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