इस रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी के मुख्य कारणों में पिछले दिनों हुई भारी बेमौसम बारिश से पानी का जमा होना, किसानों की कड़ी मेहनत, साथ ही सरकार की तरफ से दी गई खेती की गाइडेंस और अलग-अलग स्कीमों का अहम योगदान भी बड़ा कारण माना जा रहा है.
यूरिया खाद की किल्लत और कालाबाजारी को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने हाल ही में एक 'चिंतन शिविर' आयोजित किया, जिसमें इस संकट को दूर करने का एक ठोस मास्टर प्लान तैयार किया गया है. इस शिविर में यह रणनीति बनाई गई कि खाद के स्टॉक की डिजिटल निगरानी की जाएगी ताकि हर जिले में आपूर्ति पारदर्शी रहे और अवैध भंडारण पर तुरंत नकेल कसी जा सके.
Jaunpur News: बचपन से ही पूजा ने अभाव को काफी निकट से देखा. इन परिस्थितियों ने उन्हें कमजोर नहीं बनाया वरन उनकी इच्छा शक्ति को और प्रबल बनाने का काम किया. उन्होंने तय कर लिया था कि शिक्षा के माध्यम से वह न केवल अपना भविष्य संवारने का काम करेंगी, बल्कि अपने परिवार और गांव का नाम भी रोशन करेंगी.
महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में किसान द्वारा कर्ज चुकाने के लिए किडनी बेचने के मामले ने राज्य में आक्रोश पैदा कर दिया है. पीड़ित किसान रोशन कूड़े को न्याय दिलाने की मांग को लेकर प्रहार संगठन के अध्यक्ष किसान नेता बच्चू कडू ने मिन्थुर गांव से नागभीड़ तक करीब 7 किलोमीटर का विशाल जनाक्रोश मोर्चा निकाला, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए.
अगर आप होम गार्डनिंग का शौक रखते हैं तो प अपने पौधों में कुछ खास खादों को डाल सकते हैं, जो मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाकर पौधों को जड़ से मजबूत बनाती हैं. साथ ही ये खाद ठंडी और गर्म दोनों मौसम के लिए बेस्ट है, ताकि मौसम और पौधे की जरूरत के हिसाब से आप इन 5 खादों को चुनें.
यूपी के बदायूं में एक अनोखा आलू का खेत चर्चा में है, जहां फसल की सुरक्षा के लिए सिक्योरिटी गार्ड तैनात किए गए हैं. बंदरों से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए खेत को चारों ओर से जालियों से घेरा गया है. किसान सालाना चार लाख रुपये से अधिक सुरक्षा पर खर्च कर रहे हैं, जबकि गार्ड रोजाना 12 घंटे ड्यूटी करते हैं.
अप्रैल से नवंबर 2025 तक के आंकड़े बताते हैं कि भारत में खाद की मांग बढ़ी है, लेकिन यूरिया और डीएपी जैसे प्रमुख खादों का उत्पादन घट गया. इसी कमी को पूरा करने के लिए आयात तेजी से बढ़ा. वहीं, एनपी/एनपीके और एसएसपी जैसी खादों ने मजबूत बिक्री दिखाई, जिससे किसानों का संतुलित पोषण और स्वदेशी खाद पर भरोसा साफ नजर आता है.
डिजिटल कृषि मिशन 2.0 भारत की खेती में एक क्रांतिकारी बदलाव लेकर आया है, जहां अब हल के साथ-साथ मोबाइल और तकनीक खेतों की कमान संभालेंगे. नीति आयोग के अनुसार, इस मिशन का असली मकसद किसानों को 'स्मार्ट' बनाना है ताकि वे सटीक जानकारी के साथ बेहतर पैदावार ले सकें. जब तकनीक और मिट्टी का मेल होगा, तो खेती में लागत कम होगी और किसान की कमाई और समृद्धि बढ़ेगी. यह बदलाव न केवल किसानों की जिंदगी को आसान बनाएगा, बल्कि उनके बढ़ते कदमों से भारत दुनिया की एक बड़ी कृषि महाशक्ति बनकर उभरेगा.
जानें 5 जनवरी का मौसम कैसा रहेगा? इसे लेकर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने किस तरह का अपडेट जारी किया है.
इस राज्य सरकार ने धान किसानों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने धान की खरीद का काम कोऑपरेटिव सोसाइटियों को सौंपने का फैसला किया है, जिससे किसानों पर केंद्रित दो-स्तरीय सिस्टम लागू होगा.
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती 2025 में योगी सरकार ने अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है. अधिकतम आयु सीमा में एकमुश्त 3 वर्ष की छूट दी गई है, जिससे लाखों युवाओं को भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिलेगा.
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