देशभर में मॉनसून फिर सक्रिय हो गया है. IMD ने 25 जुलाई के लिए गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, ओडिशा, झारखंड समेत कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. दिल्ली में भी बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश की संभावना है. किसानों को खेतों से पानी की निकासी करने और फिलहाल उर्वरक व कीटनाशक का छिड़काव टालने की सलाह दी गई है.
UP News: बनासकांठा, गुजरात की गोमूत्र डेयरी के देवाराम पुरोहित ने बताया कि गुजरात के अबाला गांव में गोमूत्र के संग्रहण और वैज्ञानिक प्रसंस्करण को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़कर प्राकृतिक कृषि के लिए उपयोगी उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं. इसके माध्यम से स्थानीय ग्रामीण परिवारों को आय का अवसर मिलने के साथ प्राकृतिक एवं रसायनमुक्त कृषि को भी बढ़ावा मिल रहा है.
केंद्र सरकार ने BHAVYA-Rasayan Scheme को मंजूरी दे दी है. 3,030 करोड़ रुपये की इस योजना के तहत देश में तीन बड़े केमिकल पार्क बनाए जाएंगे. हर पार्क को 1,000 करोड़ रुपये तक की केंद्रीय सहायता मिलेगी, जिससे निवेश, रोजगार, निर्यात और रसायन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा.
केंद्र सरकार ने सब्सिडी वाली खाद की बिक्री को जमीन और फसल के आधार पर करने के लिए 20 राज्यों के 40 जिलों में पायलट परियोजना शुरू की है. सरकार का कहना है कि इससे जरूरत के अनुसार खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था अधिक पारदर्शी होगी.
बिहार सरकार ने ग्रामीण विकास कार्यों में पारदर्शिता बढ़ाने और लोगों की शिकायतों का तेजी से समाधान करने के लिए नया शिकायत पोर्टल लॉन्च किया है. इस पोर्टल के जरिए नागरिक गांव में चल रहे विकास कार्यों से जुड़ी अनियमितताओं की ऑनलाइन शिकायत कर सकेंगे, जिससे जवाबदेही और निगरानी दोनों मजबूत होंगी.
हिमाचल प्रदेश के सेब बागानों में अल्टरनेरिया लीफ स्पॉट, मार्सोनिना लीफ ब्लॉच और अन्य रोगों के बढ़ते खतरे को देखते हुए नौणी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है. विशेषज्ञों ने रोग पहचान, संतुलित पोषण प्रबंधन, मिट्टी-पत्ती जांच, जल निकासी व्यवस्था और फफूंदनाशकों के सही उपयोग पर जोर देते हुए सेब उत्पादकों को समय रहते बचाव उपाय अपनाने की सलाह दी है.
केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे की मांग को लेकर 18 दिनों से अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने अपनी मां के आग्रह पर नारियल पानी पीकर उपवास समाप्त कर दिया. उन्होंने प्रशासन के नए सर्वे और संयुक्त जांच दल के फैसले को सकारात्मक कदम बताया.
उत्तर प्रदेश में मॉनसून की गतिविधियां तेज होने के बीच उपकार ने किसानों के लिए नई फसल सलाह जारी की है. कम बारिश की स्थिति में धान, अरहर, उड़द, मूंग, तिल, गन्ना और मक्का की खेती के लिए जरूरी सुझाव दिए गए हैं. जानें जल संरक्षण, पोषण प्रबंधन, रोग-कीट नियंत्रण और अधिक उत्पादन के लिए विशेषज्ञों की अहम सलाह.
केंद्र सरकार ने लोकसभा में स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसानों के बैंक खातों में सीधे खाद सब्सिडी भेजने की कोई योजना नहीं है. मौजूदा DBT प्रणाली के तहत आधार प्रमाणीकरण के बाद उर्वरक कंपनियों को ही सब्सिडी का भुगतान जारी रहेगा.
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) गन्ना किसानों के लिए आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा दे रही है. सेट ट्रीटमेंट डिवाइस, टिश्यू कल्चर माइक्रोप्रोपेगेशन, सिंगल बड चिप तकनीक और मल्टीटास्कर शुगरकेन कटर प्लांटर जैसी इनोवेटिव तकनीकों से गन्ने की खेती अधिक लाभकारी बन रही है. इन तकनीकों से बीज की बचत, श्रम लागत में कमी, रोग नियंत्रण और उत्पादन में अच्छी वृद्धि हो रही है. वहीं AI और सैटेलाइट आधारित निगरानी से फसल प्रबंधन और कटाई की योजना भी अधिक प्रभावी हो रही है.
Calf Care in Monsoon बछड़ों की मृत्यु दर कम करने के लिए ही एनिमल साइंटिस्ट ने बछड़ों की देखभाल के लिए कुछ नियम बनाए हैं. अगर सभी तरीके से उन नियमों का पालन किया जाए तो फिर बछड़ों को बड़ी गाय-भैंस बनने से कोई नहीं रोक सकता है. एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि अच्छी देखभाल होने पर बछड़ा कई तरह की छोटी-बड़ी बीमारियों से बचा रहता है.
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