वजह जो भी हो, लेकिन केन्द्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश में अभी तक गेहूं की खरीद शुरू नहीं हुई है. केन्द्र सरकार की एक बेवसाइट पर मध्य प्रदेश में गेहूं खरीद का आंकड़ा जीरो है. मार्च से रबी सीजन में गेहूं की खरीद हो रही है, लेकिन गेहूं खरीद के लक्ष्य का आंकड़ा अभी भी बहुत पीछे हे. आखिर ऐसा क्यों है?
राजस्थान के खैरथल‑तिजारा के किसान खेमचंद जांगिड़ ने प्राकृतिक और आधुनिक खेती अपनाकर सालाना 5.5 लाख रुपये की आय हासिल की है. जैविक खेती, वर्मीकंपोस्ट, पशुपालन, एग्रो फॉरेस्ट्री और सरकारी योजनाओं से उन्होंने खेती को लाभ का मॉडल बना दिया.
मध्यप्रदेश सरकार ने पशुपालकों को बढ़ावा देने के लिए 25 गायों की गौशाला पर 10 लाख रुपये की सब्सिडी देने की घोषणा की है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ग्वालियर सम्मेलन में डेयरी सेक्टर को मजबूत बनाने और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए कई अहम फैसले भी बताए.
Ethanol Price: जिन किसानों को मक्का बेचकर देश का 'ऊर्जादाता' बनने का हसीन ख्वाब दिखाया गया था, वे आज साल भर से अपने एमएसपी तक के लिए तरस रहे हैं. क्योंकि, कंपनियों के 'इथेनॉल' को सरकारी सुरक्षा का कवच मिला है, पर किसान के 'मक्के' को सरेआम लूटने की खुली छूट है. जब इथेनॉल का दाम फिक्स है, तो मक्के का रेट रिस्क में क्यों है? यह कैसी नीति बनाई गई है कि उद्योगपतियों का मुनाफा पक्का रहे, भले ही देश के किसान का घाटा हो जाए.
मार्च 2026 में देश का चाय उत्पादन घटकर 66.86 मिलियन किलोग्राम रह गया. उत्तर भारत जोन में गिरावट, खासकर असम में भारी कमी, कुल उत्पादन पर असर डाल रही है, जबकि दक्षिण भारत और पश्चिम बंगाल से कुछ राहत मिली है.
मध्य प्रदेश में गेहूं की सरकारी खरीद तेजी से जारी है. अब तक 39 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है और किसानों को 6490 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ है. सरकार ने समय सीमा बढ़ाने, तौल कांटे बढ़ाने और क्वालिटी मानकों में राहत देकर किसानों को बड़ी सुविधा दी है.
देश में चावल की सरकारी खरीद लक्ष्य से अधिक हो गई है, जिससे भंडार काफी बढ़ गया है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या ज्यादा स्टॉक के कारण बाजार में चावल की कीमतों में गिरावट आ सकती है. सरकार की बिक्री नीति और मांग की स्थिति आने वाले समय में कीमतों को प्रभावित कर सकती है.
Water for Goat-Sheep भेड़-बकरी पालकों की ख्वाहिश के बीच में पेट की बीमारियां आ जाती हैं. भेड़-बकरियों का पेट बहुत जल्दी खराब हो जाता है. हालांकि इसके पीछे बहुत सारी वजह हैं, लेकिन एक सबसे बड़ी और आम वजह है पीने का पानी. आपको सुनकर थोड़ा अजीब लगे, लेकिन पशु उत्पादन के घटने और बढ़ने में पीने का पानी एक अहम रोल निभाता है.
BKU नेता राकेश टिकैत ने सोनीपत की किसान महापंचायत में पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों पर सवाल उठाए, केंद्र सरकार पर दबाव की राजनीति का आरोप लगाया और अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील को किसानों के लिए खतरा बताया.
एक तरफ जहां सरकार खरीफ 2026 सीजन के लिए पूरी तरह तैयार है, वहीं पिछले सालों के आंकड़े सरकार के वादों पर सवाल खड़े करते नजर आ रहे हैं. सरकार सीजन शुरू होने से पहले किसानों को आश्वासन तो देती है, लेकिन जब असल समय आता है, तो किसानों को न सिर्फ़ खाद के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है, बल्कि उन्हें प्रशासन की लाठियां भी खानी पड़ती हैं. इसे देखते हुए यह सवाल उठता है कि अगर सच में देश में खाद की कोई कमी नहीं है, तो फिर सीज़न आने पर किसानों को अपनी फ़सलों के लिए ज़रूरी खाद क्यों नहीं मिल पाती?
Poultry Farm Care पोल्ट्री एक्सपर्ट की मानें तो मुर्गी अंडा देने वाली हो या चिकन के लिए पाला जाने वाला ब्रॉयलर मुर्गा, ये सभी 25 से 31 डिग्री तापमान में सामान्य रहते हैं. अगर तापमान 25 डिग्री से नीचे या फिर 31 से ऊपर जाता है तो पोल्ट्री फार्म के लिए ये अलर्ट हो जाने वाले हालात होते हैं. ऐसे में अगर जल्द ही कोई ठोस उपाय नहीं किए गए तो मुर्गे-मुर्गियों की मौत तय है.
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