Shrimp Care जैसे ही तापमान चढ़ता है तो तालाब का पानी गर्म होने लगता है और उसमे आक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है. यही वजह है कि आक्सीजन कम होते ही झींगा की तालाब में मौत होने लगती है. राजस्थान के चुरु में तो तापमान 50 डिग्री को भी पार कर जाता है. ऐसे में झींगा की और ज्यादा देखभाल बहुत जरूरी हो जाती है.
Poultry Feed इथेनॉल उत्पादन में मक्का की बढ़ती खपत पोल्ट्री सेक्टर में चिंता बढ़ा रही है. मक्का बाजार का हाल ये है कि भारत का चार करोड़ टन से ज्यादा का सालाना मक्का उत्पादन पोल्ट्री समेत देश की खाद्य सुरक्षा की जरूरत को पूरा करने में नाकाफी साबित हो रहा है. वहीं पोल्ट्री एक्सपर्ट की मानें तो फीड की इस परेशानी से घर पर फीड बनाकर बचा जा सकता है.
Goat Milk-Meat कुछ साल पहले तक ये माना जाता है कि बकरे-बकरी को मीट के लिए पालकर ही मुनाफा कमाया जा सकता है. लेकिन बीते कुछ साल में ही बाजार में बकरी के दूध की डिमांड बढ़ गई है. अब मीट के साथ-साथ पशुपालक दूध के लिए भी बकरी पालन कर रहे हैं. यही वजह है कि अब बकरियों की उन खास नस्ल पर ज्यादा बात हो रही है जो ज्यादा दूध और ज्यादा बच्चे देती है.
जालना जिले में शॉर्ट सर्किट की वजह से गेहूं की खड़ी फसल में भीषण आग लगने की घटना सामने आई है. जानकारी के अनुसार, आग लगते ही कुछ ही मिनटों में आग की लपटों ने पूरे खेत को अपनी चपेट में ले लिया.
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर पुणे के गुलटेकडी मार्केट यार्ड में फल और ड्राई फ्रूट व्यापार पर दिखने लगा है. ईरान से आयात प्रभावित होने के कारण सेब, कीवी, खजूर और पिस्ता की कीमतों में तेजी आई है, जबकि निर्यात में रुकावट से स्थानीय फलों की सप्लाई बढ़ने से किसानों की चिंता बढ़ गई है.
बिहार के बोधगया में गृहणियों को रसोई के लिए उपला बनाने और उसके धुएं की बदहाली से हमेशा-हमेशा के लिए छुटकारा मिल चुका है. दरअसल, गांव में बायो गैस प्लांट के लगने से गृहणियों को काफी कम कीमत पर रसोई के लिए बायो गैस मिल रहा है.
कश्मीर में इस साल मौसम ने सभी को हैरान कर दिया है. घाटी ने देर से आने वाली सर्दी को छोड़कर सीधे बसंत के फूलों की बहार में कदम रखा. तेज गर्मी और कम वर्षा ने किसानों और वैज्ञानिकों को चिंतित कर दिया है. अचानक ठंड या फ्रॉस्ट फसल को बर्बाद कर सकता है और ग्लेशियर के जल्दी पिघलने से पानी की समस्या भी हो सकती है.
मार्च महीने में ही देश के कई हिस्सों में मौसम का अलग-अलग रूप देखने को मिल रहा है. जहां उत्तराखंड के कुछ जिलों में बर्फबारी और ठंड का असर बना हुआ है, वहीं महाराष्ट्र के अकोला और जालना जिलों में भीषण गर्मी और हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है.
महाराष्ट्र के अकोला में गर्मी का सितम जारी है. मार्च महीने में ही पारा 40 डिग्री पहुंच गया है. हालात ऐसे हैं कि मार्च के पहले ही सप्ताह में लोगों को अप्रैल और मई जैसी गर्मी का अहसास होने लगा है. आइए जानते हैं क्या है इसका कारण.
पंजाब के नंगल और बठिंडा में नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (NFL) के प्लांटों में गैस की कमी के कारण यूरिया उत्पादन बंद हो गया है. GAIL ने LNG आपूर्ति 40% घटा दी है. इससे किसानों को खरीफ मौसम में यूरिया की कमी का सामना करना पड़ सकता है. केंद्र सरकार अतिरिक्त आयात पर विचार कर रही है.
संयुक्त अरब अमीरात में टमाटर और प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, जिसे लेकर लोग काफी परेशान हैं, लोगों के इन्हीं परेशानियों को देखते हुए सरकार ने कीमतों पर नजर रखने के लिए सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है.
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