भारत सरकार के पौध किस्म एवं कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण (PPVFRA) ने ‘नागौरी पान मेथी’ को किसानों की सामुदायिक किस्म के रूप में रजिस्टर किया है. इससे नागौर के किसानों को बीजों पर कानूनी अधिकार मिला है और इस विशिष्ट मेथी को वैश्विक बाजार में नई पहचान और बेहतर दाम मिलने की संभावना बढ़ी है.
Potato Mandi Rate: देश की मंडियों में आलू के दाम लगातार गिर रहे हैं और पांच महीनों में औसत कीमत करीब 37% तक लुढ़क गई है. इस मुद्दे पर अब सियासत भी तेज हो गई है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया है.
साल 2026 में वैश्विक स्तर पर गेहूं के उत्पादन में 3% की गिरावट आने की आशंका है. FAO की रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें कम होने की वजह से यूरोपीय संघ, रूस और अमेरिका जैसे बड़े देशों के किसानों ने गेहूं की बुआई कम कर दी है. हालांकि, भारत इस मामले में दुनिया से आगे निकल रहा है. सरकारी प्रोत्साहन, बेहतर किस्में और बेहतर एमएसपी के चलते भारत में इस साल 6.13 लाख हेक्टेयर अधिक क्षेत्र में गेहूं बोया गया है. जहां दुनिया में कमी की चिंता है, वहीं भारतीय किसानों की मेहनत और रिकॉर्ड बुआई से देश के अन्न भंडार भरने और खाद्य सुरक्षा मजबूत होने की पूरी उम्मीद है.
जालना के किसान सुरज मद्दलवार ने पारंपरिक फसल छोड़कर फूलों की खेती से सफलता हासिल की है. 8–10 एकड़ में बिजली, गलांडा, गेंदे, निशिगंधा और डच रोज जैसे फूल उगा कर वे सालाना 15–20 लाख रुपये कमा रहे हैं. आधुनिक ड्रिप इरिगेशन और अंतरपीक तकनीक से फसल सुरक्षित और लाभदायक बनी हुई है, मांग पूरे साल बनी रहती है.
पश्चिम एशिया में जारी ईरान–इजरायल संघर्ष के कारण भारतीय फल निर्यात को भारी झटका लगा है. न्हावा शेवा बंदरगाह पर 1,250 से अधिक कंटेनर और कई हवाई खेप फंसी हुई हैं. रमजान के पीक सीजन में बाधा से निर्यातकों को भारी नुकसान की आशंका.
भारत में किसानों की मदद के लिए नई AgriAI डिवाइस आई है. यह स्मार्ट मशीन फसल में लगने वाले कीड़ों की पहचान करती है और तुरंत समाधान भी बताती है. किसान के मोबाइल पर सलाह भेजती है कि कौन-सी दवा कब और कितनी इस्तेमाल करनी है. इससे फसल सुरक्षित रहती है, कीटनाशक कम खर्च होते हैं और उत्पादन बढ़ता है.
भारत में इस साल गेहूं उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने की उम्मीद है. बेहतर मौसम और ज्यादा बुवाई के कारण उत्पादन करीब 120 मिलियन टन तक हो सकता है, जो पिछले साल से ज्यादा है. हालांकि कुछ जगहों पर बढ़ती गर्मी से देर से बोई गई फसल पर असर पड़ सकता है. ज्यादा उत्पादन से निर्यात बढ़ने की भी संभावना है.
Fish Feed हर प्रजाति की मछली अपने व्यवहार के हिसाब से तालाब में अपनी तय जगह पर रहती है. क्योंकि सबकी आदतें अलग होती हैं, जैसे वो तालाब में कहां रहेंगी, तालाब में दाना डाला जा रहा है तो वो उसे खाने कहां आएंगी. जैसे अगर किसी तालाब में तीन तरह की मछलियां हैं तो तीनों ही अपनी-अपनी जगह आकर घूमने लगती हैं.
ज़्यादातर राज्यों में मौसम गर्मी की तरफ़ बढ़ गया है. कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक, कम से कम और ज़्यादा से ज़्यादा तापमान तेज़ी से बढ़ रहा है. मौसम विभाग के मुताबिक, इस साल समय से पहले हीटवेव आ सकती है. इसलिए, मार्च का महीना नॉर्मल से ज़्यादा गर्म रहेगा और अगले दो महीने, यानी अप्रैल और मई, धूल भरी आंधी, बारिश, ओले और बिजली गिरने के खतरे के बीच गुज़रेंगे. अभी, पहाड़ों में एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव है, जिसकी वजह से अगले तीन दिनों तक उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ ऊंचाई वाले इलाकों में रुक-रुक कर बारिश और बर्फबारी होगी, जिससे मौसम बदलेगा और लोगों को ठंड का एहसास होगा.
IMD Latest Weather Update: देश के कई हिस्सों में मार्च की शुरुआत में ही गर्मी तेज हो गई है और कई राज्यों में हीटवेव का खतरा बढ़ गया है. वहीं दूसरी ओर पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ी इलाकों में मौसम अचानक बदलने वाला है. बारिश, बर्फबारी और तेज हवाओं को लेकर मौसम विभाग ने नया अपडेट जारी किया है.
कर्नाटक के तुमकुर में सैकड़ों किसान जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए. कर्नाटक राज्य किसान संघ के नेतृत्व में किसानों ने खेती की जमीन पर अधिकार देने, भूमि सुधार कानून में बदलाव का विरोध करने और कृषि भूमि को गैर-कृषि उपयोग से बचाने की मांग उठाई.
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