मार्च के महीने में मौसम के बदलते मिजाज और अचानक हुई बारिश ने खेती के समीकरण बदल दिए हैं. पहले बढ़ती तपिश की वजह से फसल के वक्त से पहले पकने और पैदावार घटने का खौफ था, लेकिन अचानक मौसम में बदलाव और बारिश से मौजूदा हालात में किसानों को बहुत चौकन्ना रहने की जरूरत है. क्योंकि तेज हवाओं से गेहूं की फसल गिरने का डर और गेहूं के दानों में नमी स्तर बढ़ने का डर हो गया है.
केंद्र सरकार खरीफ सीजन से पहले बोलगार्ड I और II Bt कपास बीजों की अधिकतम खुदरा कीमत (MRP) नोटिफाई करने की तैयारी में है. पिछले साल कीमतों में बढ़ोतरी के बाद इस बार MRP स्थिर रह सकती है, हालांकि अंतिम फैसला उच्च स्तर पर लिया जाएगा. Bt कपास की उपज, गुलाबी इल्ली के बढ़ते प्रकोप और किसानों के बढ़ते कीटनाशक खर्च को लेकर भी चिंताएं सामने आई हैं.
ग्रामीण क्षेत्रों और शहरों में घर की छतों पर सब्जियों को उगाने का ट्रेंड और इसकी खेती की बढ़ती हुई डिमांड को देखते हुए राष्ट्रीय बीज निगम NSC किसानों की सुविधा के लिए ऑनलाइन बरसात के दिनों में उगाई जाने वाली हरी सब्जियों के बीज का किट बेच रहा है.
सिसौली के किसान भवन में चार दिवसीय प्राकृतिक खेती शिविर की शुरुआत की गई है. इस आयोजन के दूसरे दिन किसानों को वर्मी कंपोस्ट, पराली प्रबंधन और प्राकृतिक खेती के बारे में समझाया गया.
UP News: एसीएस पशुपालन मुकेश मेश्राम बताते हैं कि वैन में पशुओं के खून, गोबर समेत जांच के लिए एक छोटा लैब की सुविधा भी उपलब्ध है. इस एंबुलेंस सेवा में डॉक्टर और स्टाफ गांव तक पहुंचकर पशुओं का इलाज करते हैं. बड़े पशुओं के इलाज के लिए प्रति पशु 150 रुपये का शुल्क लिया जाता है.
असमय बारिश, आंधी और ओलावृष्टि ने पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में गेहूं की फसल को प्रभावित किया है. कई जगह फसल गिरने से किसानों को नुकसान का डर है. उत्पादन और गुणवत्ता दोनों पर असर पड़ सकता है, जिससे बाजार में कीमतें बढ़ने की आशंका है. किसान मौसम सुधरने का इंतजार कर रहे हैं.
Feed For Goats हर एक पशुपालक की कोशिश यही होती है कि बकरीद के लिए पाले गए बकरे तगड़े हों. हालांकि कहा ये जाता है कि पशु पालन सिर्फ गांव-देहात में ही हो सकता है. मतलब जब तक बकरे-बकरी खुले में नहीं चरेंगे तो हेल्दी नहीं बनेंगे. लेकिन घर पर पलने वाले बकरों को ध्यान में रखते हुए ही केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान (CIRG), मथुरा ने एक खास फीड तैयार किया है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा पूर्वानुमान में जानकारी दी है कि देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज अगले कुछ दिनों तक बिगड़ा रहेगा. ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर भारत में 24 मार्च तक गरज-चमक, तेज हवाएं और बारिश जारी रहने की संभावना है. पूर्वोत्तर राज्यों असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है. वहीं, पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में बारिश और आंधी का असर जारी रहेगा.
UP Agriculture News: इसी क्रम में कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख ने जायद अभियान के अंतर्गत उरद, मूंग, मूंगफली और मक्का के बीजों के वितरण की स्थिति की समीक्षा करते हुए इसे तत्काल पूर्ण करने के निर्देश दिए. साथ ही, पीएम-कुसुम योजना के तहत सोलर पम्पों और कृषि यंत्रों (SMAM एवं CRM) के भौतिक सत्यापन में तेजी लाने पर जोर दिया गया ताकि लाभार्थियों को समय से लाभ मिल सके.
IMD के अनुसार लगातार पश्चिमी विक्षोभों से उत्तर भारत में बारिश और तेज हवाएं होंगी, जिससे गेहूं, सरसों और दालों जैसी रबी फसलों को नुकसान का खतरा बढ़ गया है. किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
हिसार में आयोजित हरियाणा कृषि मेले में सीएम नायब सैनी ने सतत खेती, फसल विविधीकरण और डिजिटल तकनीक अपनाने पर जोर दिया. मेले में किसानों को नई तकनीकों और योजनाओं की जानकारी दी गई.
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