बोटा गांव में पानी की किल्लत ने ग्रामीणों की जिंदगी मुश्किल बना दी है. आदिवासी और संथाल समुदाय के लोग नाले और चुआ के पानी पर निर्भर हैं, जिसे छानकर उपयोग किया जाता है. गर्मी में स्थिति और खराब हो जाती है. तस्वीरों में देखिए ग्रामीणों के संघर्ष की स्थिति...
Madhya Pradesh Wheat Procurement: मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी के बीच खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने रायसेन के उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण किया. व्यवस्थाओं में ढिलाई पर कर्मचारियों को फटकार लगाई और पारदर्शिता के सख्त निर्देश दिए. जानें खरीद की ताजा स्थिति...
भगवती राठौर ने स्व-सहायता समूह से जुड़कर सब्जी खेती बढ़ाई और अब उनकी मासिक आय अच्छी हो गई है. सरकारी योजनाओं और समूह के सहयोग से भगवती राठौर ने कम जमीन में खेती सुधारकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की है. पढ़ें सक्सेस स्टोरी...
तेलंगाना में गेहूं और अन्य फसलों की खरीद को लेकर BRS नेता केटी रामा राव ने कांग्रेस सरकार को चेताया है. वारंगल की रैतु संग्राम सभा में उन्होंने किसानों की पूरी फसल खरीदने और वादों को निभाने की मांग की.
IMD और WMO ने अल नीनो को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है. मई से जुलाई के बीच अल नीनो एक्टिव हो सकता है, जिसका असर भारत समेत पूरे एशिया पर मजबूत रहने की आशंका है.
मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी में देरी और स्लॉट बुकिंग की परेशानी से किसान नाराज हैं. कांग्रेस और किसानों ने 7 मई को चक्काजाम आंदोलन का ऐलान किया है.
गर्मी में तरबूज, खरबूज, खीरा और ककड़ी खरीदते समय क्या देखें? सलाह मशवरा में जानिए आसान और जरूरी टिप्स, ताकि हर बार मिलें मीठे, ताजे और सुरक्षित फल.
मई के मौसम को लेकर नए अपडेट सामने आए हैं. एक्सपर्ट देवेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि इस महीने कब बारिश होगी और कब हीटवेव परेशान कर सकती है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
केंद्र सरकार ने गन्ने का FRP बढ़ाकर 365 रुपये किया, लेकिन किसान इसे नाकाफी बता रहे हैं. बढ़ती लागत, खाद-डीजल महंगे होने और भुगतान में देरी को लेकर किसान 400 रुपये FRP की मांग कर रहे हैं.
PM‑KISAN योजना की 23वीं किस्त जून या जुलाई में आने की उम्मीद है. किसानों को 2,000 रुपये मिलेंगे, लेकिन इसके लिए eKYC, आधार‑बैंक लिंक और रिकॉर्ड अपडेट होना जरूरी है.
Kapas Kanti Mission: मौजूदा समय में भारत की औसत कपास उत्पादकता करीब 440 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर है, जो वैश्विक मानकों के लिहाज से काफी कम मानी जाती है. इसी वजह से सरकार मानती है कि जब तक उत्पादकता नहीं बढ़ेगी, तब तक कुल उत्पादन, किसानों की कमाई और टेक्सटाइल सेक्टर-तीनों पर दबाव बना रहेगा.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today