Animal Pregnency पशुओं में बांझपन एक बड़ी परेशानी है, लेकिन पशुपालक अगर थोड़ा सा अलर्ट हो जाए तो गाय-भैंस के बांझपन को दूर किया जा सकता है. वर्ना बांझपन बीमारी पशुपालक के मुनाफे को कम कर देती हैं. गाय-भैंस, भेड़-बकरी जब तक हीट में नहीं आएंगी तो वो बच्चा नहीं देंगी और पशुपालक को मुनाफा बच्चे से ही होता है.
2026-27 के मार्केटिंग सीजन में गेहूं की सरकारी खरीद सुस्त बनी हुई है, जिसकी वजह बेमौसम बारिश, देरी से कटाई और सख्त क्वालिटी मानक हैं. पंजाब और हरियाणा जैसे प्रमुख राज्यों में खरीद कम होने से MSP अभियान प्रभावित हुआ है. हालांकि सरकार नियमों में ढील देने पर विचार कर रही है, लेकिन फिलहाल लक्ष्य के मुकाबले खरीद काफी पीछे है.
जब खेत की मिट्टी और पसीने से उपजा गेहूं मंडियों में अपनी कीमत के लिए सिसकने लगे, लेकिन बाजार में उसी गेहूं से बना आटे का पैकेट आपकी जेब काटने पर आमादा हो, तो समझ लीजिए कि व्यवस्था की चक्की में सिर्फ अनाज नहीं, बल्कि किसान और उपभोक्ता दोनों का भरोसा भी पिस रहा है. यह सिर्फ किसान की हार नहीं बल्कि आपकी थाली पर डकैती भी है.
एमपी में गेहूं खरीदी तेज हो गई है और अब तक करीब 19 लाख टन उपार्जन हो चुका है. सरकार ने स्लॉट बुकिंग की आखिरी तारीख तय कर दी है, ऐसे में किसानों के लिए समय रहते प्रक्रिया पूरी करना जरूरी हो गया है.
होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव ने वैश्विक खाद सप्लाई को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है. खाड़ी देशों से आने वाली नाइट्रोजन और फॉस्फेट खादों की आपूर्ति बाधित होने से खेती, फसल उत्पादन और खाद्य सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है. इस संकट के चलते दुनिया भर में खादों के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे महंगाई और भुखमरी का जोखिम भी बढ़ सकता है.
ITC को गेहूं और धान के लिए FSA 3.0 सर्टिफिकेट मिला है, जो सस्टेनेबल खेती का वैश्विक मानक है. इससे किसानों को बेहतर तकनीक, ज्यादा उत्पादन और अच्छा दाम मिलेगा. उत्तर प्रदेश और बिहार के हजारों किसान इससे जुड़े हैं. यह पहल पर्यावरण संरक्षण और किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद करेगी.
BioSecurity उत्पादन लागत कम करने और पशुओं को हेल्दी रखने के लिए नेशनल वन हैल्थ मिशन (NOHM) के तहत एनिमल फार्म पर बायो सिक्योरिटी का पालन किया जाता है. मिशन के तहत पशुपालन मंत्रालय की ओर से पशुपालकों को जागरुक किया जा रहा है. साथ ही डेयरी फार्म के रखरखाव से जुड़े टिप्स भी दिए जाते हैं.
उत्तर बंगाल के चाय बागान मजदूर चुनाव के बीच अपनी समस्याओं को लेकर संघर्ष कर रहे हैं. कम मजदूरी, अस्थायी रोजगार और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी उनकी बड़ी चिंता है. खासकर महिलाएं बेहतर वेतन और रोजगार के अवसर की मांग कर रही हैं. इन मजदूरों का वोट इस बार चुनाव परिणाम तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है.
कमजोर मानसून के अनुमान और वेस्ट एशिया में जारी तनाव के कारण आने वाले महीनों में महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है. खासतौर पर दाल, तिलहन और सब्जियों की कीमतों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि फिलहाल महंगाई नियंत्रण में बनी हुई है.
UP Agriculture News: कृषि मंत्री शाही ने आगे बताया कि कृषि में उत्पादकता बढ़ाने के लिए संकर बीजों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए 1,500 लाख रुपये (15 करोड़ रुपये) की सब्सिडी राशि स्वीकृत की गई है. बीजों के सुरक्षित भंडारण के लिए बोरियों की लागत और संबंधित व्यय के लिए 400 लाख रुपये (4 करोड़ रुपये) का प्रावधान किया गया है.
NLM Scheme पशुपालन को बढ़ावा देने और रोजगार के अवसर खोलने के लिए भारत सरकार ने केन्द्रीय मत्स्य, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के माध्यम से नेशनल लाइव स्टॉक मिशन (NLM) योजना की शुरुआत की थी. एनएलएम के तहत लाइव स्टॉक से जुड़े तीन अलग-अलग सेक्टर में सब्सिडी दी जाती है. योजना के लिए आनलाइन आवेदन करने की सुविधा दी गई है.
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