किसान कारवां कार्यक्रम के दौरान केवल कृषि वैज्ञानिकों एवं कृषि अधिकारियों सहित पशुपालन से जुड़े अधिकारियों की सहभागिता ही नहीं रही, बल्कि उर्वरक के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान रखने वाले इफको, इफको एमसी, धानुका और चंबल फर्टिलाइजर के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे.
गाजियाबाद में किसानों से संवाद के दौरान अखिलेश यादव ने MSP को कानूनी गारंटी देने और गन्ना किसानों को 24 घंटे में भुगतान का बड़ा वादा किया. साथ ही किसानों की आय, कर्ज और आलू-धान की समस्याओं पर भी अहम बातें कहीं.
World Veterinary Day: पोल्ट्री सेक्टर की पहचान अंडे और चिकन से होती है. हर साल ये सेक्टर करीब सात से नौ फीसद की रेट से बढ़ रहा है. अंडे एक्सपोर्ट भी किए जाते हैं. लेकिन आए दिन सोशल मीडिया की कुछ पोस्ट पोल्ट्री सेक्टर को झटका देती रहती हैं. लोग डर के चलते अंडा-चिकन खाना बंद कर देते हैं. जिसका सीधा असर छोटे पोल्ट्री फार्मर के कारोबार पर पड़ता है.
उत्तर भारत में भीषण गर्मी का दौर जारी है. मौसम विभाग (IMD) के अनुसार अगले 4-5 दिनों तक तापमान में कोई खास गिरावट देखने को नहीं मिलेगी, बल्कि 2-3 डिग्री तक और बढ़ सकता है. दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान में लू का असर बना रहेगा.
मुजफ्फरनगर के जानसठ में पहुंचे किसान कारवां में किसानों को खेती, पशुपालन और जलवायु बदलाव से जुड़ी नई जानकारी दी गई. कार्यक्रम में वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने उर्वरक, मछली पालन, पोषण और सरकारी योजनाओं पर विस्तार से जागरूक किया.
उत्तर प्रदेश का ये जिला अंडा उत्पादन में नंबर-1 बन गया है. यहां प्रतिदिन करीब 25 लाख अंडों का उत्पादन हो रहा है, जिससे न सिर्फ स्थानीय जरूरतें पूरी हो रही हैं बल्कि हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, उत्तराखंड और असम जैसे राज्यों तक अंडों की सप्लाई की जा रही है.
WMO ने अल नीनो को लेकर चेतावनी जारी की है, जिसमें वैश्विक तापमान बढ़ने और बारिश के पैटर्न में बदलाव की बात कही गई है. कई क्षेत्रों में मौसम का असर अलग-अलग दिख सकता है.
हाल के रबी सीजन ने किसानों के सामने एक नई चिंता खड़ी कर दी है. ज्यादा कमाई देने वाली हाई-वैल्यू फसलें यानी फल, सब्जियां, मसाले और प्रीमियम चावल अब जलवायु परिवर्तन की सबसे बड़ी मार झेल रही हैं.
उत्तर प्रदेश से महाराष्ट्र, दिल्ली, झारखंड और केरल तक सूरज मानो आग बरसा रहा हो. कई शहरों में पारा 45 डिग्री के करीब या उससे ऊपर पहुंच गया है, जिससे आम जनजीवन बेहाल नजर आ रहा है. सड़कों पर दोपहर में सन्नाटा पसरा है, स्कूलों के समय बदलने पड़े हैं और किसान फसलों को लेकर चिंता में हैं.
मौजूदा वित्त वर्ष में भी खाद की सप्लाई मजबूत बनी हुई है. 1 अप्रैल 2026 से 23 अप्रैल 2026 तक खाद की उपलब्धता किसानों की जरूरत से काफी ज्यादा रही. इससे साफ है कि आने वाले खरीफ सीजन के लिए सरकार ने अच्छी तैयारी कर ली है.
आंध्र प्रदेश सरकार ने बागवानी को 50 लाख एकड़ तक बढ़ाने और 250 एकड़ में कोको सिटी बनाने की योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं. किसानों की आय बढ़ाने के लिए मल्टी-क्रॉपिंग, प्राकृतिक खेती और नई फसलों पर फोकस किया जाएगा.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today