NABARD सर्वे के मुताबिक गांवों में आय वृद्धि घटकर 32% के निचले स्तर पर आ गई है और निवेश भी कमजोर हुआ है. खर्च में हल्की तेजी दिखी है लेकिन बचत दबाव में है. अल्पकालिक उम्मीद कमजोर हुई है, जबकि महंगाई में राहत और लंबी अवधि की उम्मीद बनी हुई है.
उत्तर प्रदेश में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसल नुकसान के बाद सरकार राहत राशि वितरण को लेकर सख्त नजर आ रही है. जिलाधिकारियों को 24 घंटे में राहत राशि पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं और लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है.
हरियाणा में रबी खरीद सीजन 2026-27 को लेकर सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मंडियों में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो. सरसों की खरीद शुरू हो चुकी है और 1 अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू होगी.
इथेनॉल उत्पादन में तेजी से देश की तेल आयात निर्भरता घटी है और विदेशी मुद्रा की बड़ी बचत हुई है. पीएम मोदी ने कहा कि इसका सीधा फायदा किसानों को मिला है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है.
कार्यक्रम के दौरान कृषि अधिकारियों ने किसानों को सरकार की अलग-अलग योजनाओं की जानकारी दी और उनका लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया. वहीं, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने आधुनिक खेती की तकनीकों से किसानों को अवगत कराया, जिससे कम लागत में अधिक उत्पादन संभव हो सके.
गोरखपुर जनपद के राजपुर गांव में ‘किसान तक’ का किसान कारवां पहुंचा. उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में चल रहे इस विशेष अभियान के तहत यह 50वां पड़ाव रहा. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और नई जानकारियों को लेकर खासा उत्साह दिखाया.
यूपी में बीते दिनों हुई बेमौसम बारिश से फसलों को काफी नुकसान हुआ है. इसका संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को फील्ड में उतरकर राहत कार्यों को तेज करने और लगातार निगरानी बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए हैं.
महाराष्ट्र में प्याज की कीमतें ₹300 से ₹800 प्रति क्विंटल तक गिर गई हैं, जबकि लागत ₹1500 से ऊपर बताई जा रही है. इस अंतर ने किसानों को भारी नुकसान में धकेल दिया है. अब संगठन ने सरकार से तुरंत बाजार हस्तक्षेप योजना लागू करने की मांग उठाई है.
पूसा विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने IVF तकनीक से साहीवाल नस्ल की 4 बछियाओं का सफल जन्म कराया है. यह तकनीक देशी नस्लों के तेजी से सुधार और बेहतर दूध उत्पादन की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है.
संसद में कुछ सांसदों ने खाड़ी युद्ध (West-Asia War) के कारण उर्वरक (fertilizer) की कमी को लेकर सवाल उठाया और पूछा कि भारत सरकार किसानों को सस्ते दर पर खाद उपलब्ध कराने के लिए क्या नीति अपना रही है.
केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने शुक्रवार को राज्यसभा में शुष्क खेती, जलवायु-अनुकूल फसल किस्मों, श्री अन्न (मिलेट्स) और किसानों की आय बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर सरकार का पक्ष रखा. उन्होंने बताया कि नई तकनीकों और योजनाओं के जरिए किसानों की आय में बड़ा सुधार हुआ है.
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