मध्यप्रदेश कैबिनेट ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए चना और मसूर की सरकारी खरीद के लिए अगले तीन वर्षों तक 3,174 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है. इस फैसले से दलहन उत्पादकों को MSP पर बिक्री का भरोसा मिलेगा और बाजार जोखिम कम होगा.
प्याज निर्यात और कीमतों को लेकर DoCA की बैठक में ठोस फैसला नहीं हो सका. निर्यातकों ने स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने की मांग की, जबकि सरकार ने जिम्मेदारी उद्योग पर डाल दी, जिससे प्याज बर्बादी का मुद्दा बरकरार है.
Poultry Farm Care मुर्गियों के बीमार पड़ने से पोल्ट्री फार्मर को दोहरा नुकसान उठाना पड़ता है.एक्सपर्ट का कहना है मुर्गियां बहुत सेंसेटिव होती हैं. मौसम में होने वाले जरा से बदलाव से भी परेशान हो जाती हैं. खासतौर से मौजूदा मौसम के चलते. जहां गर्मी, बारिश और ठंडक का एहसास भी है. जबकि पोल्ट्री फार्म में एक तय तापमान चाहिए होता है.
Guava Farming: सीआईएसएच के निदेशक डॉ. टी. दामोदारन ने बताया कि नीमैटोड कई अमरूद उत्पादक क्षेत्रों में रोपण सामग्री के माध्यम से फैल गया और संक्रमित बागों की उत्पादन क्षमता खराब दर्ज की गई या नए संक्रमित बागों में पौधे मर गए. हालांकि,अमरूद के उत्पादन के अंतर्गत आने वाला बहुत सा क्षेत्र अभी भी संक्रमित हैं.
बॉर्डर इलाकों में किसान BSF की निगरानी और कार्ड सिस्टम के बीच खेती करने को मजबूर हैं. लखीमरी गांव के किसानों ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में खेती करना रोजाना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है.
मौसम एजेंसी Skymet के अनुसार 2026 में भारत का मॉनसून सामान्य से कमजोर रह सकता है और LPA का लगभग 94% ही बारिश होगी. असमान वर्षा वितरण से खासतौर पर किसानों की चिंता बढ़ सकती है.
मध्य प्रदेश में गेहूं की सरकारी खरीद में देरी ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. समर्थन मूल्य का इंतजार करते-करते किसान कम दाम पर फसल बेचने को मजबूर हो रहे हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.
हॉर्मुज स्ट्रेट में तनाव के बीच खाद की कमी की आशंका जताई जा रही है, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में पर्याप्त सप्लाई मौजूद है. कालाबाजारी रोकने के लिए बिना खतौनी खाद नहीं दी जाएगी.
राजस्थान की किशनगढ़ मंडी में MSP पर खरीद न होने और बुनियादी सुविधाओं की कमी से नाराज किसानों ने चक्का जाम किया. चने के कम दाम और अव्यवस्थाओं को लेकर किसानों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया.
महिंद्रा ग्रुप की कंपनी Swaraj Tractors ने 21 अप्रैल 2026 से ट्रैक्टर की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है. इनपुट लागत बढ़ने के चलते अलग-अलग मॉडलों और क्षेत्रों के अनुसार दाम बढ़ेंगे.
जयपुर में हुए पश्चिमी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन में केंद्र और राज्यों ने मिलकर खेती को डिजिटल, पारदर्शी और लाभकारी बनाने का रोडमैप तय किया. फार्मर आईडी, MSP खरीद और आय बढ़ाने पर कई बड़े फैसले सामने आए.
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