पशुपालकों के लिए पशु की सेहत का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है. ऐसे में अगर आपके भी पशु में कोई संकेत दिख रहा है तो इन उपायों को अपनाकर पशुओं को बचा सकते हैं. आइए जानते हैं कैसे.
भारत में किसानों की जोत लगातार घटकर 0.96 हेक्टेयर रह गई है, जिससे खेती लाभहीन होती जा रही है. बढ़ती आबादी और बंटवारे ने संकट गहरा किया है. सरकार के अनुसार अब पारंपरिक खेती के बजाय विविधीकरण, पशुपालन और FPO मॉडल ही किसानों की आय बढ़ाने का रास्ता बन सकते हैं.
सोशल मीडिया पर Shivraj Singh Chouhan और Jitu Patwari के बीच तीखी जुबानी जंग देखने को मिली. पश्चिम बंगाल के किसानों के मुद्दे पर शिवराज द्वारा Mamata Banerjee सरकार पर निशाना साधने के बाद पटवारी ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि शिवराज को बंगाल के किसानों का दर्द तो दिखता है, लेकिन Madhya Pradesh के किसानों की परेशानी नजर नहीं आती.
भोपाल में MSP पर गेहूं खरीदी शुरू होते ही किसानों को 2625 रुपए प्रति क्विंटल का दाम मिल रहा है, जो मंडी से बेहतर है. केंद्रों पर तौल, भंडारण और सुविधाओं से किसान संतुष्ट नजर आए.
यूपी के शाहजहांपुर में भारी ओलावृष्टि हुई है. ओलावृष्टि से कई क्षेत्रों में सड़क और फसल पर बर्फ जैसी चादर बिछ गई. ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान हुआ है. गेहूं की फसल बुरी तरह से प्रभावित हुई है.
हरियाणा में किसान इन नियमों का विरोध कर रहे हैं और किसानों का साथ अबकी बार राजनीतिक संगठन भी दे रहे हैं. इस दौरान किसानों के इस विरोध प्रदर्शन को देखते हुए सोनीपत पुलिस के आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर तैनात रहे.
रायसेन में उन्नत कृषि महोत्सव का शुभारंभ करते हुए राजनाथ सिंह, शिवराज सिंह चौहान और मोहन यादव ने किसानों को अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया. इंटीग्रेटेड फार्मिंग, नई तकनीक और कृषि रोडमैप से आय बढ़ाने पर जोर दिया गया.
पंजाब में फसल बीमा को लेकर सियासत तेज हो गई है. बीजेपी नेता सुनील जाखड़ ने 13 अप्रैल के विशेष सत्र में योजना लागू करने की मांग उठाई है और किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से हो रहे नुकसान का मुद्दा सामने रखा है.
खेती-किसानी में इस महीने किसानों को क्या करना चाहिए इस बात का भी ध्यान रखना काफी जरूरी होता है. ऐसे में बिहार कृषि विभाग की ओर से इस महीने किन फसलों में क्या करना है उसकी जानकारी दी गई है. आइए जानते हैं कि किसान अप्रैल में क्या करें.
अमेरिका द्वारा घोषित Ceasefire और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती खाद की कीमतों के बीच भारत के किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने साफ कहा है कि किसी भी वैश्विक संकट का असर भारतीय किसानों पर नहीं पड़ने दिया जाएगा.
भारत के ट्रैक्टर उद्योग ने इस साल शानदार प्रदर्शन किया है. इस दौरान ट्रैक्टर की बिक्री पहली बार रिकॉर्ड आंकड़े को पार कर गई है. इसकी मुख्य वजह गांवों में बढ़ती मांग, जीएसटी में कमी और अच्छी कृषि पैदावार मानी जा रही है.
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