IMD latest Weather Update: जनवरी के पहले सप्ताह में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे से जूझ रहे उत्तर भारत के लिए राहत की खबर है. पंजाब के पास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ से हवाओं का रुख बदलेगा.
यूरिया डालते ही फसल की पत्तियां हरी क्यों हो जाती हैं, इसके पीछे नाइट्रोजन और क्लोरोफिल का सीधा विज्ञान है. लेकिन, यही हरियाली कब नुकसान का संकेत बन जाती है, कौन सी फसल में कितना यूरिया सही है और ज्यादा देने से क्या खतरे होते हैं, आसान भाषा में जानिए इस Fact Of The Day स्टोरी में...
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 22वीं किस्त मार्च–अप्रैल 2026 में आने की उम्मीद है. सरकार ने PM Kisan का लाभ पाने के लिए OTP आधारित e-KYC को अनिवार्य कर दिया है. जानें e-KYC की पूरी प्रक्रिया, पात्रता शर्तें और जरूरी दस्तावेज.
उत्तर प्रदेश गन्ना अनुसंधान परिषद द्वारा विकसित ‘बिस्मिल’ नाम की नई अधिक पैदावार देने वाली गन्ना किस्म CoSha 17231 को अब यूपी के अलावा हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और राजस्थान में भी खेती की मंजूरी मिल गई है. रेड रॉट रोग प्रतिरोधी यह किस्म किसानों की आय और चीनी उत्पादन बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी.
एक्सपर्ट्स का मानना है कि हवा में पॉल्यूशन का लेवल बढ़ने की वजह से हमारे फेफड़ों पर इसका असर सबसे ज्यादा पड़ता है. इसलिए हम यदि गुड़ को अपनी डाइट में शामिल करें, तो इसकी मदद से फेफड़ों को प्रदूषण से होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है. आइए जानते हैं कैसे?
आलू एक ऐसी सब्जी है जिसका इस्तेमाल लगभग सभी घरों में होता है. लेकिन आजकल बाजारों में मिलने वाले आलू नकली भी हो रहे हैं, जिन्हें केमिकल की मदद से पकाया जा रहा है. ऐसे में आइए जानते हैं आखिर कैसे करें केमिकल वाले आलू की पहचान.
अब तक आपने आलू को धरती के नीचे मिट्टी में उगते देखा होगा, लेकिन हरियाणा के करनाल जिले के शामगढ़ स्थित आलू प्रौद्योगिकी संस्थान में आलू जमीन में नहीं, बल्कि हवा में उगाए जा रहे हैं. यह अनोखा प्रयोग एरोपोनिक तकनीक के जरिए किया जा रहा है, जिसे देखकर किसान और आम लोग हैरान हैं.
देश के कई राज्यों ठंड और कोहरे की पकड़ और मजबूत होने वाली है. IMD के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक शीत लहर और कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी रह सकती है.
किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने 132 दिन की भूख हड़ताल के बाद एक बार फिर किसान आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है. दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन्होंने केंद्र सरकार के प्रस्तावित सीड बिल, लीगल एमएसपी गारंटी और WTO से बाहर निकलने की मांग को लेकर फरवरी से देशव्यापी यात्रा और 19 मार्च को दिल्ली में बड़ी रैली की घोषणा की.
मक्का के बढ़ते उत्पादन और सरकारी दावों के बावजूद किसानों को सही दाम नहीं मिल पा रहा है. MSP 2400 रुपये होने के बाद भी बाजार भाव 2100 रुपये के आसपास अटके हैं. सालाना आधार पर 10 से 35 प्रतिशत तक गिरावट ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है.
NOHM in India नेशनल वन हैल्थ मिशन (NOHM) की मदद से जूनोटिक बीमारियों को कंट्रोल किया जा रहा है. जूनोटिक वो बीमारियां हैं जो पशु-पक्षियों से इसांनों में होती हैं. जी-20 महामारी कोष भी इन बीमारियों को कंट्रोल करने में मदद कर रहा है. इसके लिए बजट भी जारी किया गया है. केन्द्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय इस मिशन को चला रहा है.
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