राम जन्मभूमि अयोध्या में ‘किसान तक’ का किसान कारवां 75 जिलों की यात्रा के 33वें पड़ाव पर पहुंचा. कार्यक्रम में किसानों को आधुनिक खेती, प्राकृतिक खेती, पशुपालन और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई. कृषि विशेषज्ञों और कंपनियों ने भी मार्गदर्शन दिया. यह कारवां किसानों की आय बढ़ाने और खेती को मजबूत बनाने का प्रभावी मंच बना.
जनपद अयोध्या में जब ‘किसान तक’ का किसान कारवां पहुंचा, तो गांव के किसानों के चेहरों पर विशेष उत्साह देखने को मिला. कार्यक्रम के दौरान किसानों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं, जिनका समाधान विभागीय अधिकारियों ने विभिन्न चरणों में किया. इसके साथ ही जेके टायर, मुथूट फाइनेंस और हार्वेस्ट पल्स के प्रतिनिधियों द्वारा अपने उत्पादों और लोगो के लिए दी जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी दी.
छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों को बड़ी खुशखबरी दी है. लगभग 25 लाख किसानों के खातों में 10 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की धान खरीदी की अंतर राशि ट्रांसफर की गई. होली से पहले यह राशि किसानों के लिए एक बड़ी सौगात है. इससे उनके घरों में खुशियाँ बढ़ेंगी, आय बढ़ेगी और त्योहार और भी आनंदमय बनेगा.
मध्यप्रदेश में मिडवासा सिंचाई परियोजना को सरकार ने मंजूरी दी है. 300 करोड़ रुपये की इस योजना से लगभग 7200 हेक्टेयर खेती वाली जमीन को नियमित पानी मिलेगा. सुरखी, नरयावली और रहली के किसान अब बारिश पर निर्भर नहीं रहेंगे. इससे फसल बढ़ेगी, आय बढ़ेगी और क्षेत्र में रोजगार व आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी.
गेहूं के बंपर उत्पादन की चर्चा के बीच Pakistan को लेकर चिंता बढ़ गई है. अमेरिकी कृषि विभाग United States Department of Agriculture (USDA) की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल पाकिस्तान में गेहूं उत्पादन पिछले वर्ष की तुलना में 20–22 लाख टन कम रहने का अनुमान है। यह गिरावट वहां की सरकार के लिए बड़ी चुनौती मानी जा रही है
मौजूदा समय में किसान धान-गेहूं के अलावा कुछ खास चीजों की खेती भी बड़े पैमाने पर करने लगे हैं. इसके लिए सरकार भी किसानों को प्रोत्साहित कर रही है. इससे किसानों की बंपर कमाई भी हो रही है.
महाराष्ट्र की फसल पैदावार का हाल मिलाजुला है. जहां गन्ना और सोयाबीन बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं कपास, अनाज और मिलेट्स राष्ट्रीय औसत से पीछे हैं. सिंचाई की कमी, तकनीक का कम उपयोग और बारिश पर निर्भरता बड़ी वजह हैं. सही योजना और सुधार से किसानों की आय बढ़ सकती है और राज्य देश की कृषि में और मजबूत योगदान दे सकता है.
पूर्वी चम्पारण की ऐतिहासिक धरती एक बार फिर किसान आंदोलन की साक्षी बनी, जहां चम्पारण किसान मजदूर संघर्ष समिति के आह्वान पर बेतिया राज की जमीन से जुड़े कानून के विरोध में बड़ी संख्या में किसानों और मजदूरों ने ‘किसान अधिकार मार्च’ निकालकर बिहार सरकार की कथित नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया.
इस बेस्ट गार्डनिंग टिप्स से जमीन के ऊपर क्यारियां बनाकर बागवानी की जा सकती है. यह खराब मिट्टी और शारीरिक समस्याओं वाले लोगों के लिए बेस्ट है. सही धूप, 10-12 इंच गहराई और जैविक मिश्रण के साथ इस तकनीक से शानदार उपज ली जा सकती है.
करनाल में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ किसानों का गुस्सा फूट पड़ा. भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के बैनर तले किसानों ने जिला सचिवालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और Donald Trump का पुतला फूंका. किसानों का कहना है कि यह ट्रेड डील भारतीय कृषि और छोटे किसानों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है.
होली के अवसर पर Bhagalpur में खास पहल देखने को मिल रही है. यहां स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं ऑर्गेनिक गुलाल और रंग तैयार कर रही हैं. इन प्राकृतिक रंगों को बनाने में गाजर, गुलाब, लैवेंडर, चंदन और केवड़ा जैसी चीजों का इस्तेमाल किया जा रहा है.
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