भारत का चीनी उत्पादन अक्टूबर–फरवरी अवधि में 12.43% बढ़कर 247 लाख टन पहुंच गया है. महाराष्ट्र और कर्नाटक में बढ़ी उत्पादन क्षमता से कुल प्रोडक्शन में वृद्धि हुई है. गन्ना भुगतान बकाया बढ़ने और उत्पादन लागत में बढ़ोतरी के बीच ISMA ने चीनी के MSP में जल्द बढ़ोतरी की मांग की है. वहीं कच्चे तेल के दाम बढ़ने से चीनी की वैश्विक कीमतों में भी तेजी आई है.
Donkey in NLM देश में गधे, घोड़े और ऊंटों की संख्या घट रही है. इसे देखते हुए केन्द्र सरकार ने गधे-घोड़े और ऊंटों को भी नेशनल लाइव स्टॉक मिशन (एनएलएम) में शामिल किया है. गधी के दूध को फूड आइटम में शामिल करने के लिए FSSAI से मांगी जा रही मंजूरी. कॉस्मेटिक आइटम बनाने में भी गधी के दूध के दूध को बढ़ावा दिया जा रहा है. इनका पालन करने वालों को सरकार 50 लाख रुपये तक की मदद देगी.
ICAR के महानिदेशक के अनुसार, गेहूं और मक्का की नई उन्नत किस्में खेती को अधिक मुनाफेमंद और सुरक्षित बनाने के लिए तैयार की गई हैं, जो न केवल प्रति एकड़ पैदावार बढ़ाती हैं बल्कि बदलती गर्मी और रोगों को झेलने में भी सक्षम हैं. इन किस्मों में बहुत सी बायो-फोर्टिफाइड किस्में हैं, जिसमें आयरन, जिंक और विटामिन जैसे पोषक तत्व प्राकृतिक रूप से अधिक होंगे.
Male Goat Breed देश में बकरी पालन तेजी से बढ़ रहा है. बकरी पालन के लिए लोन लेने वालों की संख्यां में भी इजाफा हो रहा है. नेशनल लाइव स्टॉक मिशन के तहत लोन के लिए सबसे ज्यादा आवेदन बकरी पालकों के आ रहे हैं. बाजार में बकरों की डिमांड के चलते ये बदलाव आ रहा है. तीन खास नस्ल सिरोही, उस्मानाबादी और संगमनेरी नस्ल के बकरों की खूब डिमांड है.
ईरान में युद्ध और अमेरिका-इज़राइल के हमलों के कारण भारत में चीनी निर्यात कम हो सकता है. इससे देश में चीनी की उपलब्धता बेहतर रहेगी. फरवरी तक उत्पादन बढ़ा और स्टॉक पर्याप्त है. सरकार ने बिक्री को नियंत्रित किया है, जिससे घरेलू बाजार में कमी नहीं होगी और आम लोगों को चीनी आसानी से मिलती रहेगी.
खाड़ी संकट के कारण भारत में पिस्ता, अंजीर और किशमिश की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है. ईरान और अफगानिस्तान से सप्लाई प्रभावित होने से बाजार में अनिश्चितता बढ़ी है. हालांकि अखरोट के पर्याप्त स्टॉक के चलते इसकी कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं. आने वाले दिनों में सूखे मेवों के दाम और बढ़ सकते हैं.
Animal Care पशुपालन में गाय-भैंस को सबसे ज्यादा बीमारियां तो मौसम के हिसाब से होती हैं. मौसम में बदलाव हो रहा है तो इसका असर पशुओं पर पड़ता है. मौसम का उतार-चढ़ाव पशुओं में तनाव पैदा करता है. उत्पादन कम होने लगता है. कई बार तो पशु गंभीर रूप से बीमार तक पड़ जाते हैं.
Success Story: पूजा ने राजकीय कन्या महाविद्यालय से स्नातक किया. शुरू से उनकी इच्छा व्यवसाय करने की थी. ससुर और पति के प्रोत्साहन से उन्होंने डेयरी प्लांट में निवेश का निर्णय लिया. इतना ही नहीं, उन्होंने गांव-गांव जाकर महिलाओं को उन्नत पशुपालन के लिए प्रेरित भी किया और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी.
Animal Production गाय-भैंस की दिनभर की खुराक में वो पांच चीजें जरूर शामिल की जाएं जो उनको हेल्दी रखने के साथ ही उनके उत्पादन को भी बढ़ाती हैं. अक्सर पशुपालक ये गलती करते हैं कि पशुओं को हरा चारा ज्यादा खिलाते हैं, वो सोचते हैं कि हरा चारा ज्यादा देने से दूध मे पौष्टिकता आएगी. लेकिन ये सोच गलत है.
देश के बड़े हिस्से में अब गर्मी का असर दिखने लगा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने अपने ताजा बुलेटिन में भी उत्तर-पश्चिम भारत के कई इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस ऊपर बने रहने की चेतावनी दी है. साथ ही दो कमजोर पश्चिमी विक्षोभों के असर से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में 3 और 4 मार्च को हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है.
मार्च 2026 में पूरे उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में तापमान सामान्य से 4-6°C ज़्यादा रहने की उम्मीद है. जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की बारिश/बर्फबारी का अनुमान है. दिल्ली/NCR में तेज़ धूप और हवा चलने की उम्मीद है. किसानों को गेहूं, सरसों, चना और सब्ज़ियों की हल्की सिंचाई करने की सलाह दी जाती है. पशुओं और मुर्गियों को गर्मी से बचाने की ज़रूरत है.
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