IMD के अनुसार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते उत्तर और मध्य भारत में बारिश, बर्फबारी, तेज हवाएं, ओलावृष्टि और घने कोहरे की संभावना बनी हुई है. देश के उत्तरी राज्यों में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आने से मौसम एक बार फिर बदल गया है. पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी से कोई राहत नहीं है. IMD (इंडिया मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट) का अनुमान है कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के ज़्यादातर ऊंचे इलाकों में 3 फरवरी तक भारी बर्फबारी और बारिश जारी रहेगी. इस बीच, मैदानी इलाकों में सोमवार तक बादल छाए रहने, तेज़ हवाएं चलने, बिजली गिरने और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. ज़्यादातर राज्यों में कोहरा और शीतलहर की स्थिति बनी रहेगी.
फरवरी 2026 में उत्तर भारत और पहाड़ी इलाकों में मौसम बदलने वाला है. 1 से 3 फरवरी तक दो पश्चिमी विक्षोभ का असर रहेगा, जिसके चलते जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी और बारिश की संभावना है. पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में घना कोहरा और तेज हवा का अलर्ट है. 5 से 7 फरवरी तक तीसरा पश्चिमी विक्षोभ भी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा. बच्चों और घरवालों के लिए सावधानी जरूरी है.
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह बजट विकसित भारत के सपने को साकार करने का महाकाव्य है. यह समाज की समृद्धि और संकल्पों की सिद्धि का बजट है. यह डेवलप्ड इंडिया का डायनामिक बजट है.
‘किसान तक’ का किसान कारवां आज हमीरपुर जनपद के इकठौर गांव पहुंचा। 75 जिलों की व्यापक कवरेज के तहत यह किसान कारवां का 18वां पड़ाव रहा, जहां बड़ी संख्या में किसानों ने कार्यक्रम में भाग लिया और अपनी समस्याएं विशेषज्ञों के सामने रखीं.
खेती का एक अहम हिस्सा मिट्टी की सेहत भी बदलते मौसम से प्रभावित हो रही है. लगातार हर साल आ रहे बाढ़ और कटाव से कई जगह उपजाऊ मिट्टी बह जाती है, जबकि सूखे के कारण जमीन की ताकत कम हो जाती है और उसमें खारापन बढ़ने लगता है, इससे खेती जोखिम भरी होती जा रही है.
केंद्र सरकार महंगे बागवानी उपज जैसे अखरोट और बादाम आदि की पैदावार बढ़ाना चाहती है. बजट में इसका रोडमैप दिखाई दे रहा है. काजू और कोको के लिए विशेष कार्यक्रम चलाए जाएंगे. उच्च मूल्य वाली कृषि के माध्यम से कम जमीन में अधिक मुनाफा कमाने पर ध्यान दिया गया है.
हमीरपुर के इकठौर गांव में ‘किसान तक’ का किसान कारवां पहुंचा. किसानों को आधुनिक खेती, मिट्टी की सेहत, बीज चयन, कीटनाशक प्रबंधन और पशुपालन की जानकारी दी गई. फार्मर रजिस्ट्री, सॉइल हेल्थ कार्ड और सरकारी अनुदान की भी जानकारी साझा की गई. कार्यक्रम से किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने में मदद मिलेगी.
केंद्र सरकार ने जहां इस साल कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए खर्च किए जाने वाले बजट में कमी कर दी है वहीं पर ग्रामीण विकास के लिए रकम को बढ़ा दिया गया है. किसान कहां बजट बढ़ने की उम्मीद कर रहे थे और कहां बजट में कटौती करके उन्हें निराश कर दिया गया है.
Budget 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने खेती में तकनीक को बढ़ावा देने के लिए ‘भारत विस्तार’ मल्टीलिंगुअल AI टूल लॉन्च करने का ऐलान किया. साथ ही नारियल, काजू, कोको, चंदन जैसी हाई-वैल्यू फसलों और पशुपालन को सपोर्ट करने की योजनाएं पेश की गईं.
केंद्र सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए सल्फर कोटेड यूरिया की कीमत तय कर दी है. यह फैसला 1985 के उर्वरक (नियंत्रण) आदेश के तहत लिया गया है और आदेश जारी होने के दिन से लागू है.
Fish Cage Culture in Budget 2026 केज कल्चर तकनीक की मदद से मछली पालन करने के लिए केन्द्र सरकार प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत केज बनाने के लिए 40 से 60 फीसद तक की सब्सिडी दे रही है. यहां तक की केज की मरम्मत के लिए भी मदद दी जा रही है.
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