योगी सरकार के बजट में पशुधन, मत्स्य और पर्यावरण पर बड़ा फोकस सामने आया है. निराश्रित गोवंश, मछुआरों की योजनाएं, पौधरोपण और सहकारिता से जुड़े प्रावधान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने की ओर इशारा कर रहे हैं.
उत्तर प्रदेश में खेती को नई मजबूती देने की तैयारी है. सरकार ने कृषि विश्वविद्यालयों और विभागीय ढांचे के लिए बड़ी वित्तीय मंजूरी दी है. बीज भंडारण से लेकर प्रशासनिक आधुनिकीकरण तक क्या-क्या बदलेगा, इससे किसानों को कैसे फायदा होगा, जानिए पूरी खबर में.
तमिलनाडु और कर्नाटक से भारी आवक के कारण तिरुचि में छोटे प्याज (शलोट) की कीमतें गिरकर 10–25 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई हैं. थोक बाजार में 300 टन प्याज की रोजाना सप्लाई हो रही है, जबकि जरूरत सिर्फ 200 टन की थी. दाम गिरने से जहां खरीदारों को फायदा हो रहा है, वहीं किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है. व्यापारियों के अनुसार यह मंदी दो महीने और जारी रह सकती है.
UP Budget Session: बजट पर विधानसभा में बोलते हुए उन्होंने कहा कि सिंचाई की क्षमता को बढ़ाया गया, विस्तार किया गया, सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना कब से लंबित पड़ी हुई थी,शिवपाल जी इसीलिए भाग गए, उनको मालूम था ये नाम आएगा, सिंचाई मंत्री के रूप में उन्होंने क्या काम किया है,कल वो टिप्पणी कर रहे थे स्वतंत्र देव जी पर..
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 2026-27 का कृषि बजट पेश करते हुए किसानों के लिए कई बड़े ऐलान किए. धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 3,100 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है. सिंचाई के लिए 2029 तक 15 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त क्षमता बनाने का लक्ष्य है. ब्लू इकोनॉमी, फिशरी, पशुपालन और स्मार्ट फार्म मार्केट जैसी नई परियोजनाओं को भी बजट में बढ़ावा दिया गया है.
PMFBY के तहत अब कटी फसल खराब होने पर भी किसानों को बीमा का पैसा मिलेगा. राजस्थान सरकार ने नई गाइडलाइन जारी की है, जिसके अनुसार नुकसान की स्थिति में किसान को 72 घंटे के अंदर टोल‑फ्री नंबर 1447 पर सूचना देनी होगी. बीमा कंपनी 48 घंटे में सर्वे करेगी और 10 दिनों में नुकसान का आकलन पूरा होगा. यह लाभ चक्रवात, ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से हुए नुकसान पर भी मिलेगा.
महाराष्ट्र सरकार खेती में AI को नई ताकत देने की दिशा में आगे बढ़ रही है. मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि राज्य में AI आधारित सलाह, डेटा सिस्टम और ट्रेसबिलिटी से किसानों की आय और खेती की स्थिरता मजबूत होगी. इसके लिए उन्होंने वैश्विक निवेशकों को साझेदारी का न्योता दिया.
PM Kisan Yojana के लाभार्थी 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन भुगतान से पहले यह पक्का कर लें कि आपका नाम बेनिफिशियरी लिस्ट में है. जिनका नाम सूची में नहीं है, उन्हें 2,000 रुपये की किस्त नहीं मिलेगी. किसान पोर्टल पर जाकर अपना स्टेटस आसानी से चेक कर सकते हैं. साथ ही e-KYC, आधार लिंकिंग, और जमीन के रिकॉर्ड अपडेट रखना जरूरी है, वरना पेमेंट अटक सकता है.
उत्तर प्रदेश के महोबा जिले का सिजहरी गांव, प्रधान नरेश राजपूत के नेतृत्व में विकास के एक मॉडल के रूप में उभरा है. प्रधान ने लगभग 42 बीघा अतिक्रमित सरकारी भूमि को मुक्त कराकर वहां खेल का मैदान, आरआरसी सेंटर और बारात घर जैसी सार्वजनिक सुविधाओं का निर्माण कराया है.
Uttar Pradesh के 75 जिलों में चल रहे Kisan Tak के 'किसान कारवां' ने गुरुवार को अमेठी जिले के अशरफपुर गांव में अपना 27वां पड़ाव पार किया. इस दौरान जिले के किसानों ने बड़ी संख्या में कार्यक्रम में भाग लिया और इस अवसर पर उन्हें खेती से जुड़ी नई जानकारी दी गई.
इस महीने अदरक की खेती करके अच्छी कमाई कर सकते हैं. किसान बड़े स्तर पर मार्केट की डिमांड को देखते हुए इसकी खेती कर रहे हैं. ऐसे में किसानों की सुविधा के लिए ये सरकारी संस्थान इसके बेस्ट प्रकंद (बीज) बेच रहा है. इसको आप ऑनलाइन स्टोर से खरीद कर बंपर कमाई कर सकते हैं.
जलवायु संकट से जूझती वैश्विक खेती के बीच अमेरिका ने बड़ा दांव खेला है. अंतरराष्ट्रीय कृषि अनुसंधान संस्था CIMMYT को 40 मिलियन डॉलर की मदद दी गई है. यह फंडिंग खेती को ज्यादा टिकाऊ और जलवायु-अनुकूल बनाने की दिशा में अहम मानी जा रही है.
उत्तर प्रदेश के महोबा जिले का सिजहरी गांव स्मार्ट विलेज के रूप में विकसित हो रहा है, जहां शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और स्वच्छता की बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध हैं. यह गांव ग्रामीण विकास की नई मिसाल पेश कर रहा है. आइए जानते हैं इस आदर्श गांव के बारे में.
हिमाचल, कश्मीर और उत्तराखंड के सेब बागवानों के लिए 'एप्पल रूट बोरर' सबसे बड़ा दुश्मन रहा है. यह कीट पेड़ों को अंदर से खोखला कर देता है और इसका लार्वा चक्र 3 साल तक चलता है, जिससे करीब 35 लाख पेड़ों पर हमेशा खतरा बना रहता है. पारंपरिक तौर पर किसान इसे मारने के लिए महंगे और जहरीले कीटनाशकों का उपयोग करते थे, जो मिट्टी और पर्यावरण के लिए हानिकारक थे.
केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक बड़ी पहल की घोषणा की है. उन्होंने स्पष्ट किया कि अब उनके मंत्रालय और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के सभी कार्यक्रमों की शुरुआत पौधरोपण के साथ की जाएगी.
आम के मंजर के समय चींटियों, मिज कीट और गुजिया कीट का खतरा बढ़ जाता है. किसानों के लिए कपूर की टिकिया एक सस्ता और असरदार उपाय है, जिसकी गंध से चींटियां और कई कीट दूर रहते हैं. साथ ही मिज कीट और गुजिया कीट से बचाव के लिए डायमेथोएट और संशोधित ट्री-बैंडिंग तकनीक बेहद प्रभावी साबित होती है. सही समय पर नियंत्रण से बंपर पैदावार सुनिश्चित की जा सकती है.
ज़हीराबाद स्थित महिंद्रा ट्रैक्टर प्लांट ने बीएआईएफ और अन्य गैर-सरकारी संगठनों के सहयोग से रेनजिंथल प्राथमिक विद्यालय, हाई स्कूल और उर्दू माध्यम स्कूल में व्यापक मरम्मत एवं नवीनीकरण कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया है.
Milk Production देश के कुल दूध उत्पादन में यूपी और राजस्थान की बडी हिस्सेदारी है. इस मामले में यूपी नंबर वन है. लेकिन दूध उत्पादन के आंकड़ों में दोनों के बीच कोई बहुत ज्यादा अंतर नहीं है. दूध उत्पादन और चारा उत्पादन के आंकड़ों की बात करें तो राजस्थान कभी भी यूपी को पीछे छोड़ सकता है. यूपी में चारे की कमी का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है.
उत्तराखंड की सुसवा नदी कभी जीवनरेखा थी, आज वही गंदे पानी और सीवेज का रास्ता बन चुकी है. CPCB रिपोर्ट ने 12 नदियों के प्रदूषित होने की पुष्टि की है. खेतों तक पहुंच रहा यह पानी खेती और किसानों के भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है.
मौसम में उतार-चढ़ाव और नमी बढ़ने से गेहूं और सरसों की फसलों पर फंगल और वायरल बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को पीला रतुआ, लीफ ब्लाइट, पाउडरी मिल्ड्यू, व्हाइट रस्ट और डाउनी मिल्ड्यू की पहचान और नियंत्रण के लिए विशेष सलाह जारी की है. सही समय पर फफूंदनाशकों का प्रयोग, संतुलित खाद और नियमित निगरानी से फसल को नुकसान से बचाया जा सकता है.
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में देबराह गांव का खेती का माहौल बदल रहा है, क्योंकि यहां ऑर्गेनिक फूलगोभी की बंपर फसल हो रही है, जिससे मिट्टी में नई जान आ रही है और आस-पास के किसानों की रोज़ी-रोटी बढ़ रही है.
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