सरकार के अनुसार भारत में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों का सकल मूल्य वर्धन (GVA) 2014–15 के 20.93 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2023–24 में 48.77 लाख करोड़ रुपये हो गया है. पिछले 10 वर्षों में इस क्षेत्र ने 8.83% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की है. यह जानकारी कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने लोकसभा में दी.
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री Piyush Goyal ने कहा कि इस समझौते से भारतीय किसानों के हितों को कोई नुकसान नहीं होगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने GM उत्पादों को भारत में लाने के लिए कोई ड्यूटी छूट या मार्केट एक्सेस नहीं दिया है.
ग्रेटर नोएडा में किसान के भुगतान में लापरवाही पर यमुना प्राधिकरण के CEO ने सख्त रुख अपनाया है. दरअसल एक किसान ने शिकायत की कि जमीन की रजिस्ट्री होने के बावजूद उसे अब तक भुगतान नहीं मिला है और वह लगातार प्राधिकरण कार्यालय के चक्कर लगा रहा है.
बिहार सरकार 1 अप्रैल 2026 से राजस्व प्रशासन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग शुरू करने जा रही है. हर जिले में 5 सदस्यीय एआई सेल बनेगा, अधिकारियों-कर्मचारियों को एआई प्रशिक्षण मिलेगा और दैनिक प्रशासनिक कार्यों में चैटजीपीटी के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा.
महाराष्ट्र सरकार ने नासिक और अहमदनगर से मॉरीशस को 1 लाख टन से अधिक प्याज निर्यात की योजना बनाई है, लेकिन किसानों ने इसे बेअसर बताते हुए नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि कम कीमत, निर्यात नीति और वैश्विक हालात के कारण प्याज उत्पादकों को लगातार नुकसान झेलना पड़ रहा है.
कृषि में महिलाओं की भूमिका के लिए ‘कृषि-खाद्य श्रृंखला में महिलाओं की भागीदारी पर वैश्विक सम्मेलन (GCWAS–2026)’ आयोजित किया जा रहा है. इस सम्मेलन का उद्घाटन भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी.
कार्यक्रम के दौरान कृषि अधिकारियों ने किसानों को सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी दी. वहीं, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने आधुनिक खेती और नई तकनीकों के बारे में विस्तार से बताया.
Inspirational Story: वंदना यादन की कहानी यह बताती है कि अगर हिम्मत और मेहनत हो, तो छोटी शुरुआत से भी बड़ा काम खड़ा किया जा सकता है. आज वह खुद भी आत्मनिर्भर हैं और अपने साथ कई महिलाओं को रोजगार देकर उन्हें भी आगे बढ़ने का मौका दे रही हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 मार्च 2026 को असम के गुवाहाटी से पीएम-किसान योजना की 22वीं किस्त जारी करेंगे. इसके तहत 9.32 करोड़ से अधिक किसान परिवारों के खातों में DBT के माध्यम से 18,640 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे. योजना के तहत अब तक किसानों को 4.09 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी जा चुकी है.
तेलंगाना के किसानों के लिए बड़ी खबर है. दरअसल, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तेलंगाना सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इस फैसले के तहत रबी सीजन 2026 में करीब 1,25,855 मीट्रिक टन फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर की जाएगी.
उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के मुस्तफाबाद गांव में ‘किसान कारवां’ पहुँचा. किसानों को आधुनिक खेती, मशरूम उत्पादन, मखाना खेती और संतुलित पशु आहार की जानकारी दी गई. कृषि और पशुपालन विभाग के विशेषज्ञों ने सरकारी योजनाओं, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और हरी खाद के फायदे बताए. कार्यक्रम में लकी ड्रा के माध्यम से किसानों को पुरस्कार भी वितरित किए गए.
पटना के ज्ञान भवन में आयोजित गन्ना प्रौद्योगिकी सेमिनार–2026 में विशेषज्ञों ने बिहार में गन्ना क्षेत्र बढ़ाने, बंद चीनी मिलों को फिर से शुरू करने और मिट्टी के बढ़ते पीएच जैसी समस्याओं पर चर्चा की. वैज्ञानिकों ने उन्नत बीज, नई तकनीक और जलवायु-अनुकूल खेती अपनाने पर जोर दिया.
मिडिल ईस्ट में जारी अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध का असर अब भारत के कृषि बाजार पर भी दिखाई देने लगा है. निर्यात प्रभावित होने से बासमती चावल और प्याज की कीमतों में गिरावट आई है. खाड़ी देशों में मांग कम होने से माल बंदरगाहों पर अटक रहा है, जिससे किसानों को कम दाम मिल रहे हैं और उनकी आय पर सीधा असर पड़ रहा है.
Shrimp Care जैसे ही तापमान चढ़ता है तो तालाब का पानी गर्म होने लगता है और उसमे आक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है. यही वजह है कि आक्सीजन कम होते ही झींगा की तालाब में मौत होने लगती है. राजस्थान के चुरु में तो तापमान 50 डिग्री को भी पार कर जाता है. ऐसे में झींगा की और ज्यादा देखभाल बहुत जरूरी हो जाती है.
Poultry Feed इथेनॉल उत्पादन में मक्का की बढ़ती खपत पोल्ट्री सेक्टर में चिंता बढ़ा रही है. मक्का बाजार का हाल ये है कि भारत का चार करोड़ टन से ज्यादा का सालाना मक्का उत्पादन पोल्ट्री समेत देश की खाद्य सुरक्षा की जरूरत को पूरा करने में नाकाफी साबित हो रहा है. वहीं पोल्ट्री एक्सपर्ट की मानें तो फीड की इस परेशानी से घर पर फीड बनाकर बचा जा सकता है.
Goat Milk-Meat कुछ साल पहले तक ये माना जाता है कि बकरे-बकरी को मीट के लिए पालकर ही मुनाफा कमाया जा सकता है. लेकिन बीते कुछ साल में ही बाजार में बकरी के दूध की डिमांड बढ़ गई है. अब मीट के साथ-साथ पशुपालक दूध के लिए भी बकरी पालन कर रहे हैं. यही वजह है कि अब बकरियों की उन खास नस्ल पर ज्यादा बात हो रही है जो ज्यादा दूध और ज्यादा बच्चे देती है.
जालना जिले में शॉर्ट सर्किट की वजह से गेहूं की खड़ी फसल में भीषण आग लगने की घटना सामने आई है. जानकारी के अनुसार, आग लगते ही कुछ ही मिनटों में आग की लपटों ने पूरे खेत को अपनी चपेट में ले लिया.
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर पुणे के गुलटेकडी मार्केट यार्ड में फल और ड्राई फ्रूट व्यापार पर दिखने लगा है. ईरान से आयात प्रभावित होने के कारण सेब, कीवी, खजूर और पिस्ता की कीमतों में तेजी आई है, जबकि निर्यात में रुकावट से स्थानीय फलों की सप्लाई बढ़ने से किसानों की चिंता बढ़ गई है.
बिहार के बोधगया में गृहणियों को रसोई के लिए उपला बनाने और उसके धुएं की बदहाली से हमेशा-हमेशा के लिए छुटकारा मिल चुका है. दरअसल, गांव में बायो गैस प्लांट के लगने से गृहणियों को काफी कम कीमत पर रसोई के लिए बायो गैस मिल रहा है.
कश्मीर में इस साल मौसम ने सभी को हैरान कर दिया है. घाटी ने देर से आने वाली सर्दी को छोड़कर सीधे बसंत के फूलों की बहार में कदम रखा. तेज गर्मी और कम वर्षा ने किसानों और वैज्ञानिकों को चिंतित कर दिया है. अचानक ठंड या फ्रॉस्ट फसल को बर्बाद कर सकता है और ग्लेशियर के जल्दी पिघलने से पानी की समस्या भी हो सकती है.
मार्च महीने में ही देश के कई हिस्सों में मौसम का अलग-अलग रूप देखने को मिल रहा है. जहां उत्तराखंड के कुछ जिलों में बर्फबारी और ठंड का असर बना हुआ है, वहीं महाराष्ट्र के अकोला और जालना जिलों में भीषण गर्मी और हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है.
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