मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों के ‘कृषक कल्याण वर्ष 2026’ की शुरुआत कर दी है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को भोपाल में कोकता बायपास स्थित आरटीओ कार्यालय से कृषि रथ और 1101 ट्रैक्टरों की विशाल रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.
सरकार ने किसानों और चावल निर्यातकों के लिए एक अच्छा फैसला लिया है. चावल निर्यातकों के लिए मंडी फीस में छूट को एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है, जिसका मकसद राज्य में चावल निर्यात को बढ़ावा देना है.
जनवरी की कड़ाके की ठंड गेहूं की फसल के लिए 'अमृत' साबित होगी या 'आफत', इसका फैसला मौसम की चाल और किसान की सतर्कता पर टिका है. एक तरफ वैज्ञानिक इसे दानों को चमकदार बनाने वाला 'टॉनिक' मान रहे हैं, तो दूसरी तरफ जनवरी 2026 की शुरुआत में गिरता पारा और पाले का डर किसानों की धड़कनें बढ़ा रहा है. सवाल यह है कि क्या यह रिकॉर्ड तोड़ सर्दी वाकई बंपर पैदावार की गारंटी देगी या अचानक बदलता मौसम मेहनत पर पानी फेर देगा? आपकी साल भर की कमाई और गेहूं का वजन इस महीने के तापमान में छिपे संकेतों पर निर्भर करता है, जिसे हर किसान के लिए समझना बेहद जरूरी है.
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi) के लाभुकों के लिए जरूरी सूचना. अगर आपके नाम पर जमीन की जमाबंदी और लगान रसीद नहीं है, तो मार्च 2026 से पीएम किसान की किस्त बंद हो सकती है. दादा, परदादा या पिता के नाम से संचालित जमीन पर अब योजना का लाभ नहीं मिलेगा. जानें कैसे अपने नाम पर जमाबंदी कराकर किस्त जारी रखी जा सकती है.
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से किसानों और ट्रैक्टर चालकों से अवैध वसूली का बड़ा मामला सामने आया है... यहां थाना सरसावा क्षेत्र में पुलिस ने टोल प्लाजा मालिक और कर्मचारियों के एक बड़े आपराधिक षड्यंत्र का भंडाफोड़ किया है. दरअसल, टोल प्लाजा चलाने वाले ये आरोपी फर्जी रसीदें तैयार कर हर एक ट्रैक्टर से 130 रुपये की अवैध वसूली की करते थे.
पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार पर किसानों को "धोखा देने" का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा है कि राज्य के किसानों को सरकारी मंडियों में अपना धान बेचने के लिए सर्दियों में खुले आसमान के नीचे रातें बिताने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.
बिहार में तिल की खेती को लेकर फैले अंधविश्वास किसानों की आमदनी बढ़ाने में बड़ी रुकावट हैं. इस खबर में आसान भाषा में जानेंगे कि तिल की खेती से जुड़े मजदूरों और जमीन को लेकर कौन-सी गलत धारणाएं हैं और उनकी सच्चाई क्या है. साथ ही तिल की उन्नत खेती के फायदे और सही जानकारी भी दी गई है.
महाराष्ट्र में सूखाग्रस्त जिले के रूप में पहचाने जाने वाले बीड की मिट्टी से 'सोना' कैसे उगाया जाता है, यह आष्टी तालुका की एक महिला किसान ने कर दिखाया है. कानडी खुर्द मेहकरी गांव की रहने वाली मंदाकिनी नानासाहेब गव्हाणे ने पारंपरिक खेती का रास्ता छोड़कर जैविक (Organic) कद्दू (डांगर भोपला) की सफल खेती की है..
आज यानी 11 जनवरी को फतेहपुर शेखावाटी शहर सहित सीकर जिले में सुबह से कोहरा छाया रहा. कोहरे के कारण विजिबिलिटी 30 मीटर के आसपास रही. वहीं, ग्रामीण इलाकों में कोहरे का असर ज्यादा देखने को मिला.
पीतल की घंटियों और घुंघरुओं की झनकार के साथ अपनी ऐतिहासिक और समृद्ध विरासत को संजोए जिला एटा में किसान तक का किसान कारवां अपने सातवें पड़ाव के दौरान सुल्तानपुर गांव पहुंचा. खेतों में मौसमी सब्जियों के साथ रबी फसलों के रूप में गेहूं और सरसों की लहलहाती फसलों के साथ खरीफ में धान सहित अन्य फसल इस जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूती देते हुए इसे कृषि प्रधान जनपद बनाती है.
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में प्रशासन ने हैबतपुर गांव की शमशान भूमि पर अवैध कब्जा हटाया. लेखपाल और पुलिस की टीम ने 20 बीघा भूमि पर उगाई गई फसल हटाकर जमीन को कब्जामुक्त कराया. प्रशासन की इस कार्रवाई से सरकारी और धार्मिक भूमि सुरक्षित हुई.
थाना सरसावा पर सरसावा टोल कर्मियों के विरुद्ध शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें की यह बताया गया था की नकली रसीद तैयार करके किसानों और ट्रैक्टर चालकों से अवैध तरीके से उगाई की जा रही थी, इसमें प्रारंभिक रूप से जांच की जा रही है.
फटे और रूखे होंठों से परेशान हैं? जानिए घर पर आसानी से अपनाने वाले असरदार उपाय जैसे नारियल तेल, शहद, घी और ऑलिव ऑयल, जिनसे दिन में दो बार लगाने से होंठ मुलायम और स्वस्थ बनेंगे. छोटे-छोटे घरेलू टिप्स से होंठों की देखभाल अब और आसान.
भारत का चावल निर्यात वर्ष 2025 में काफी तेजी से बढ़ा है. सरकार द्वारा सभी निर्यात प्रतिबंध हटाए जाने के बाद भारतीय चावल निर्यात में तेज उछाल दर्ज किया गया है. दुनिया के सबसे बड़े चावल निर्यातक भारत से आपूर्ति बढ़ने का असर वैश्विक बाजार पर भी साफ दिखा है.
बिहार में एग्रीस्टैक किसान रजिस्ट्री महाअभियान के तहत 10 लाख से अधिक किसानों का रजिस्ट्रेशन पूरा हुआ. जानें फार्मर आईडी, ई-केवाईसी, जिलों की प्रगति और किसानों को मिलने वाले सरकारी लाभ की पूरी जानकारी.
साल 2025 में भारत ने उर्वरक उत्पादन में बड़ी उपलब्धि हासिल की है. देश की कुल खाद जरूरत का 73 प्रतिशत हिस्सा अब घरेलू उत्पादन से पूरा हो रहा है. सरकार की नीतियों, नई फैक्ट्रियों और किसानों के समर्थन से भारत आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है.
अक्सर बाजार में मिलने वाली दूध निकालने वाली मशीनें विदेशी नस्ल की गायों के हिसाब से बनी होती हैं, जिनके कप देसी और छोटी गायों के थनों पर फिट नहीं बैठते. इससे न केवल दूध गिरता है बल्कि गायों को काफी दर्द भी होता है. इसी मजबूरी को खत्म करने के लिए असम के किसान मिलन ज्योति दास ने पशुपालकों की इस जमीनी समस्या को गहराई से समझा और इस बड़ी समस्या का समाधान कर दिया है. दास ने सस्ता और देसी जुगाड़ मशीन बना दी है. इससे दूध की बर्बादी रुक गई है, मजदूरों का खर्चा बचा है और सबसे बड़ी बात, अब देसी गायों को मिल्किंग के दौरान कोई तकलीफ नहीं होती है.
उत्तर भारत में सर्दियों की दस्तक के साथ मौसम पूरी तरह बदल चुका है और ठंड का असर साफ नजर आने लगा है. पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बढ़ती शीतलहर के बीच जनजीवन और खेती-किसानी की गतिविधियों पर असर पड़ रहा है. वहीं दक्षिण भारत में लगातार बारिश का दौर बना हुआ है. इस लाइव और लगातार अपडेट होते सेक्शन में आपको खाद-बीज से जुड़ी जानकारी, खेती और गार्डनिंग के उपयोगी टिप्स, किसानों के लिए जरूरी सरकारी योजनाएं और कृषि जगत से जुड़े बड़े राष्ट्रीय घटनाक्रम एक ही जगह मिलते रहेंगे. साथ ही बात करेंगे उन्नत क़िस्मों की बीजों के बारे में जिसका लाभ उठाकर किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. वहीं, आज किसान कारवां का मंच एटा में सजेगा.
मौसम विभाग ने बताया है कि बे ऑफ बंगाल में गहरा दबाव कमजोर पड़ रहा है. जिसके असर से उत्तर भारत में कोहरा और शीतलहर का लंबा दौर चलेगा और साथ ही तमिलनाडु में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा अगले 5 से 7 दिनों तक उत्तर-पश्चिम भारत और बिहार में सुबह के समय घना से बहुत घना कोहरा छाया रह सकता है.
तेल संपन्न होने के बावजूद वेनेजुएला में दूध, सब्जी और अनाज आम आदमी की पहुंच से बाहर हो चुके हैं. खेती-किसानी और डेयरी सिस्टम कमजोर पड़ने का असर सीधे थाली पर दिख रहा है.
खेती अब सिर्फ खेत तक सीमित नहीं है. बीज, खाद, चीनी मिल और फूड प्रोसेसिंग से जुड़ी कई कंपनियां शेयर बाजार में मौजूद हैं. आम बजट 2026 से पहले इन एग्री सेक्टर स्टॉक्स पर चर्चा तेज है. किसान और कोई भी आम व्यक्ति इनमें निवेश कर सकता है.
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