ईरान युद्ध के कारण फारसी खाड़ी, खासकर UAE में खाने-पीने की चीजों की कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं. सब्जियां, फल और चावल की कमी के कारण महंगाई हुई है. बढ़ते माल ढुलाई खर्च और सप्लाई में रुकावट से व्यापार प्रभावित हो रहा है. व्यापारी वैकल्पिक मार्गों से माल ला रहे हैं, लेकिन उपभोक्ताओं को अब भी सीमित और महंगा सामान मिल रहा है.
पटना के गांधी मैदान में आयोजित एग्रो बिहार 2026 कृषि यंत्रीकरण मेले में किसानों ने आधुनिक कृषि यंत्रों की जमकर खरीदारी की. चार दिनों में 395 कृषि यंत्रों की बिक्री हुई, जिन पर सरकार ने 1.85 करोड़ रुपये का अनुदान दिया. मेले में 35 हजार से अधिक किसानों और आम लोगों ने भाग लेकर नई तकनीक और योजनाओं की जानकारी प्राप्त की.
Dairy in Delhi-NCR पंजाब की वेरका डेयरी के बाद अब राजस्थान की सरस देश की राजधानी दिल्ली में एंट्री कर रही है. जहां वो दही-घी और मक्खन के साथ दूध-खोया से बनी मिठाई भी बेचेगी. दिल्ली के साथ ही सरस यूपी-एमपी में भी 100 करोड़ रुपये की लागत से आउटलेट बनाने का काम करेगी.
देश के कई क्षेत्रों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है. मार्च में ही अप्रैल-मई जैसी तेज गर्मी से परेशान लोगों को रविवार को हुई हल्की बारिश ने काफी राहत दी. India Meteorological Department (आईएमडी) के अनुसार आने वाले दिनों में देश के अधिकांश हिस्सों में आंधी, बारिश, बिजली चमकने और कहीं-कहीं ओलावृष्टि जैसी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और ऊपरी हवा में बने विभिन्न साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण यह मौसम प्रणाली बन रही है, जिसका असर मैदानी इलाकों तक महसूस किया जाएगा. इसी वजह से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड सहित पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है.
मौसम विभाग के अनुसार 15 मार्च से देश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक, तेज हवा और ओलावृष्टि की संभावना है. असम, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम में भारी बारिश, उत्तर भारत में आंधी-तूफान और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का अलर्ट है. दिल्ली-एनसीआर और मध्य भारत में भी मौसम बदलने वाला है, लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
मार्च में पड़ने वाली गर्मी का असर बगीचों और पौधों पर भी दिखाई देने लगा है. बढ़ते तापमान की वजह से पौधों की मिट्टी जल्दी सूखने लगी है और पौधे मुरझाने भी लगे हैं. आइए जानते हैं मार्च में बढ़ती गर्मी में अपने गार्डन और पौधों की देखभाल कैसे करें.
Samastipur के पूसा में तीन दिवसीय कृषि मेले का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन केंद्रीय कृषि मंत्री Ram Kripal Yadav ने किया. 13 से 15 मार्च तक चलने वाले इस मेले में 200 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जहां किसानों को नई तकनीक, बीज और खेती से जुड़े नवाचारों की जानकारी दी जा रही है.
बिहार में नए चीनी मिल खोलने की घोषणा के साथ ही गन्ने की पैदावार बढ़ाने को लेकर रिसर्च शुरू हो गई है.डॉ राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के ईख अनुसंधान केंद्र में बीज के कई प्रभेदों पर वैज्ञानिक काम कर रहें है.
झारखंड के किसानों और कृषि वैज्ञानिकों से रांची को देश की ‘मिलेट राजधानी’ बनाने की अपील की गई है. कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने बताया कि राज्य सरकार ने ‘मडुआ क्रांति योजना’ शुरू की है. इसके तहत मडुआ (फिंगर मिलेट) की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 3,000 रुपये का प्रोत्साहन दिया जाता है.
गर्मी का मौसम शुरू होते ही देश के कई राज्यों में मौसम ने ऐसी करवट ली कि मौसम का मिज़ाज ही बदल गया है. दरअसल, रविवार को देश के कई राज्यों में अचानक हुई तेज ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है. तेज आंधी और ओलों की बारिश से खेतों में खड़ी गेहूं और ज्वार की फसलों को भारी नुकसान हुआ है.
पंजाब में इस साल समय से पहले पड़ रही तेज गर्मी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. संगरूर जिले के गांव लड्डी में गेहूं और हरे मटर की फसल पर इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है. फरवरी महीने से ही तापमान में अचानक बढ़ोतरी होने के कारण फसलों का सही तरीके से विकास नहीं हो पा रहा है
नई दिल्ली में आयोजित GCWAS–2026 सम्मेलन का समापन महिलाओं को कृषि और खाद्य प्रणालियों में सशक्त बनाने के संकल्प के साथ हुआ. ICAR ने 900 से अधिक कृषि संस्थानों को जोड़ने वाले राष्ट्रीय जेंडर प्लेटफॉर्म की घोषणा की. सम्मेलन में महिलाओं की नेतृत्व भूमिका, तकनीक तक पहुंच और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ाने पर जोर दिया गया.
देश की राजधानी दिल्ली में फिर एक बार किसानों का जमावड़ा लगने वाला है. दरअसल, हरियाणा के सोनीपत जिले के किसान रेस्ट हाउस में संयुक्त किसान मोर्चा की मासिक बैठक हुई. बैठक में 19 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली किसान महापंचायत को सफल बनाने के लिए रणनीति तैयार की गई.
आईसीआरए लिमिटेड की एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में चीनी की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है. फरवरी 2025 में कच्ची चीनी की कीमत करीब 445 डॉलर प्रति मीट्रिक टन थी, जो फरवरी 2026 में घटकर 313 डॉलर प्रति मीट्रिक टन रह गई है.
हरियाणा में पायलट प्रोजेक्ट के तहत उर्वरक बिक्री को डिजिटल और फसल-आधारित प्रणाली से जोड़ा गया. इससे यूरिया और डीएपी की खपत कम हुई, छोटे किसानों को अधिक लाभ मिला और बड़े खरीदारों की जरूरत से ज्यादा खरीद रोकी गई. केंद्र ने कहा कि अन्य राज्यों में रोलआउट में समय लगेगा.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध किया है. उन्होंने खरीफ विपणन सत्र 2025-26 के लिए राज्य में चावल की खरीद के लक्ष्य को बढ़ाने की मांग की है.
मौसम के बदलते मिजाज का असर लीची की खेती पर देखने को मिल रहा है. ऐसे में कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, मौसम में अचानक हुए बदलाव के कारण लीची के पेड़ों की प्राकृतिक प्रक्रिया प्रभावित हुई है. जिससे किसानों को नुकसान हो सकता है.
केला किसान राजेंद्रन ने बताया कि कई किसानों ने केले की खेती के लिए निजी बैंकों में अपने गहने और संपत्ति गिरवी रखकर कर्ज लिया था. उन्हें उम्मीद थी कि फसल बेचकर वे अपना कर्ज चुका देंगे.
हरियाणा के सोनीपत में गैस की किल्लत और बढ़ती महंगाई को लेकर आम आदमी पार्टी ने विरोध प्रदर्शन किया. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार गुप्ता ने केंद्र और हरियाणा सरकार पर इशारा साधते हुए कहा कि सरकार गैस की कमी से इनकार कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
LPG संकट के दौरान, अमृतसर के एक सरकारी स्कूल के शिक्षक ने धान के पुआल, कृषि अपशिष्ट और रसोई के कचरे का उपयोग करके पर्यावरण-अनुकूल बायोफ्यूल ब्रिकलेट्स (ईंधन की ईंटें) तैयार किए हैं. यह पहल छात्रों और ग्रामीण समुदायों को खाना पकाने के लिए टिकाऊ और कम लागत वाले ईंधन के विकल्पों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करती है, जिससे कचरा और प्रदूषण भी कम होता है.
भारत के कई हिस्सों में गर्मियों के शुरुआती संकेतों के बीच, रविवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार, 15 मार्च की आधी रात से उत्तर भारत सहित कई राज्यों में मौसम के मिजाज में पूरी तरह से बदलाव आ गया. जहां दिल्ली-NCR में गरज और बिजली कड़कने के साथ हुई बारिश ने वहां के निवासियों को भीषण गर्मी से राहत दिलाई है, वहीं उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए आंधी-तूफान और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की गई है.
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