मौजूदा वित्त वर्ष में भी खाद की सप्लाई मजबूत बनी हुई है. 1 अप्रैल 2026 से 23 अप्रैल 2026 तक खाद की उपलब्धता किसानों की जरूरत से काफी ज्यादा रही. इससे साफ है कि आने वाले खरीफ सीजन के लिए सरकार ने अच्छी तैयारी कर ली है.
आंध्र प्रदेश सरकार ने बागवानी को 50 लाख एकड़ तक बढ़ाने और 250 एकड़ में कोको सिटी बनाने की योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं. किसानों की आय बढ़ाने के लिए मल्टी-क्रॉपिंग, प्राकृतिक खेती और नई फसलों पर फोकस किया जाएगा.
मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी को तेज करने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. अब खरीदी सप्ताह में 6 दिन होगी और स्लॉट बुकिंग की तारीख बढ़ा दी गई है. इस फैसले से छोटे, मध्यम और बड़े सभी किसानों को अपनी फसल बेचने का अवसर मिलेगा और खरीदी प्रक्रिया सुचारु होगी.
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 3-4 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है. वहीं 25 और 26 अप्रैल को सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान चलने का अनुमान है, जिसमें झोंकों की गति 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
कई राज्यों में लू का असर जारी रहने की चेतावनी दी गई है, जबकि पूर्वोत्तर क्षेत्रों में आंधी और बारिश का दौर बना रहेगा. मौसम विभाग ने अलग-अलग हिस्सों के लिए अलग अलर्ट जारी किए हैं.
लखनऊ में आयोजित उत्तर क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन में शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि खेती से जुड़े मुद्दों पर अब समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर अमल किया जाएगा. केंद्र और राज्यों के समन्वय से बीज, उर्वरक, खरीद और किसान हितों पर फोकस रहेगा.
छत्तीसगढ़ में खरीफ 2026 के लिए धान, दलहन और तिलहन फसलों के बीजों के नए रेट तय कर दिए गए हैं. अलग-अलग फसलों और किस्मों के अनुसार कीमतों में बदलाव किया गया है, जिससे किसानों को इस सीजन में बीज खरीद की पूरी जानकारी मिल सकेगी.
धान की खेती में बढ़ती लागत के बीच नील-हरित शैवाल किसानों के लिए उपयोगी विकल्प बनकर सामने आया है. वैज्ञानिकों के अनुसार इसके उपयोग से न केवल उत्पादन बढ़ता है, बल्कि रासायनिक उर्वरकों की जरूरत भी कम होती है.
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के चलते केंद्र सरकार ने गेहूं उत्पादन का अनुमान घटाया है. अब उत्पादन 110-120 मिलियन टन के बीच रहने की संभावना है, हालांकि पर्याप्त भंडार से सप्लाई पर असर सीमित रहेगा.
भारत के सबसे स्वादिष्ट 7 आमों की किस्मों के बारे में जानिए—अल्फोंसो से लेकर चौसा तक. स्वाद, मिठास और खुशबू के आधार पर तैयार खास रैंकिंग.
Edible Oil Crisis: जब दुनिया के दो सबसे बड़े पाम तेल उत्पादक देश अपने खाद्य तेल को रसोई से हटाकर गाड़ियों में इस्तेमाल करेंगे तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में पाम ऑयल का अकाल पड़ना और कीमतों का आसमान छूना तय है. अपनी जरूरत का 60 फीसदी तेल आयात करने वाला भारत इस 'विदेशी ऑयल गेम' में सबसे बुरी तरह फंसता दिखाई दे रहा है. आखिर इस चुनौती से कैसे निपटेगा देश?
2026 में मजबूत El Nino के उभरने की संभावना जताई गई है, जिससे एशिया में सूखा और गर्मी बढ़ सकती है, जबकि अमेरिका में बारिश ज्यादा हो सकती है. इसका असर कृषि और मॉनसून पर भी पड़ेगा.
ICAR-Indian Agricultural Research Institute पूसा कृषि ने कृषि स्टार्टअप्स के लिए UPJA और ARISE ग्रांट-इन-एड प्रोग्राम्स शुरू किए हैं, जिनके तहत चयनित उद्यमियों को फंडिंग, मेंटरशिप और तकनीकी सहायता दी जाएगी.
इंडिया टुडे ग्रुप और उत्तर प्रदेश सरकार की संयुक्त पहल से शुरू हुआ किसान कारवां प्रदेश के 75 जिलों की यात्रा में 66वें जनपद के तौर पर बिजनौर पहुंचा. बढ़ती गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच जनपद के नगीना गांव में महिला और पुरुष किसानों ने कारवां कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लिया.
यूपी में गंगा का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले जनपद बिजनौर में आयोजित किसान कारवां कार्यक्रम के दौरान केवल कृषि वैज्ञानिकों एवं कृषि अधिकारियों सहित पशुपालन से जुड़े अधिकारियों की सहभागिता ही नहीं रही, बल्कि उर्वरक के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान रखने वाले—इफ्फको, इफको एमसी, धानुका के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे.
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण भारत में गेहूं उत्पादन 5-10% तक घट सकता है. हालांकि पर्याप्त भंडार होने से सप्लाई पर असर सीमित रहने की उम्मीद है.
अप्रैल के आखिर में देश के कई हिस्सों में तापमान 43-44 डिग्री तक पहुंच गया है. इसी बीच नए मौसम मॉडल संकेत दे रहे हैं कि मॉनसून इस बार सामान्य से पहले आ सकता है और मई के अंत तक दक्षिण भारत में दस्तक देने की संभावना है.
राजस्थान में किसानों के रजिस्ट्रेशन (फार्मर रजिस्ट्री) के लिए नए नियम लागू किए गए हैं. अब जनाधार आधारित वेरिफिकेशन और ऑनलाइन गिरदावरी अनिवार्य होगी. RAJFED के निर्देशों के अनुसार सह-खातेदारों, बंटाईदारों और फसल विवरण से जुड़े नए प्रावधान भी लागू किए गए हैं.
Lucknow में आयोजित क्षेत्रीय Krishi Sammelan (उत्तर क्षेत्र) के शुभारंभ कार्यक्रम को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने संबोधित किया. सीएम योगी ने कहा कि हमारे पास वह सब कुछ है, बस पहल को नेतृत्व देने की आवश्यकता है.
लखनऊ में आयोजित उत्तर क्षेत्र कृषि सम्मेलन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि खाद, बीज और कीटनाशक से जुड़े नए कानून लगभग तैयार हैं और सरकार उन्हें अगले सत्र में पास कराने की तैयारी में है. सम्मेलन में राज्यों की भूमिका और कृषि सुधारों पर जोर दिया गया.
क्या इतिहास खुद को दोहराने वाला है? 140 साल बाद दुनिया पर एक बार फिर सबसे भीषण 'सुपर अल-नीनो' (Super El-Nino) का खतरा मंडरा रहा है. साल 1877 में इसी मौसम चक्र ने पृथ्वी की 4 फीसदी आबादी को खत्म कर दिया था, और अब वैज्ञानिकों ने 2026-27 के लिए वैसी ही चेतावनी जारी की है.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today