मछली पालन को मुनाफे का सौदा बनाने के लिए भारत और इज़राइल ने एक ऐतिहासिक समझौते पर हाथ मिलाया है. इस साझेदारी का असली मकसद इज़राइल की स्मार्ट तकनीक के जरिए भारत की 'ब्लू इकोनॉमी' को नई रफ़्तार देना है. अब इज़राइली वैज्ञानिकों की मदद से मछलियों की ऐसी खास नस्लें तैयार होंगी जो बीमारियों से बची रहेंगी और बहुत तेजी से बढ़ेंगी, जिससे कम समय में किसानों को बंपर उत्पादन मिलेगा. सरकार का पूरा जोर इस आधुनिक तकनीक को गांव-गांव तक पहुंचाने और मछली के एक्सपोर्ट को बढ़ाने पर है.
गोरधनराम कहते हैं कि कोटा कोचिंग ने मेरी जिंदगी बदल दी. जहां उम्मीदें बहुत कम थीं, वहां मुझे आत्मविश्वास और दिशा मिली. मेरा सपना है कि एक अच्छा डॉक्टर बनकर अपने ज्ञान और सेवा भाव से लोगों की मदद कर सकूं. रेगिस्तान की तपिश, गरीबी, बीमारी और अपनों को खोने के दर्द के बीच गोरधनराम की यह कामयाबी बताती है.
उत्तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradesh Government) और इंडिया टुडे ग्रुप (India Today Group) के संयुक्त प्रयास से चल रहा “किसान कारवां” (Kisan Karwan Initiative) अपने दसवें पड़ाव (10th Outreach Program) पर मथुरा जनपद (Mathura District) की छाता तहसील (Chhata Tehsil) के सुपाना गांव (Supana Village) पहुंचा.
हिमाचल प्रदेश के सेब और अन्य गुठलीदार फलों की खेती इस समय गंभीर संकट के दौर से गुजर रही है. दरअसल प्रदेश के प्रमुख फल उत्पादक इलाकों में इस बार सर्दियां असामान्य रूप से सूखी साबित हो रही हैं.लंबे समय से बारिश और बर्फबारी न होने के कारण जमीन में नमी लगभग खत्म हो चुकी है, जिसका सीधा असर बागवानी कामों पर पड़ रहा है.बागवानों की चिंता दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है.
छत्तीसगढ़ में औषधीय पादप बोर्ड किसानों को मेडिसिनल प्लांट की खेती के लिए जागरूक कर रहा है. बोर्ड के अनुसार ब्राह्मी की खेती कीचड़ वाली जमीन में कटिंग के माध्यम से की जाती है और चार-चार महीने के अंतराल पर साल में तीन बार कटाई संभव है. एक एकड़ में इसकी खेती पर करीब 15–20 हजार रुपये खर्च आता है और यह आय का अच्छा साधन बन रही है.
बिहार के मुजफ्फरपुर की मशहूर ‘सोलर दीदी’ को राष्ट्रपति भवन से गणतंत्र दिवस समारोह 2026 में शामिल होने का आमंत्रण मिला है. राष्ट्रपति भवन से भेजा गया यह निमंत्रण पत्र डाक के माध्यम से उनके घर पहुंचा है.
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा कि उन्हें मीडिया रिपोर्ट्स से पता चला है कि कॉफी बोर्ड ने कॉफी को फसल बीमा योजना में शामिल करने के लिए वाणिज्य मंत्रालय को एक प्रस्ताव भेजा है. प्रियंका गांधी ने लिखा कि मैं आपसे यह भी अनुरोध करना चाहूंगी कि कॉफी किसानों की प्रोडक्टिविटी बेहतर बनाने में मदद करने के लिए मौजूदा स्कीमों में बताई गई शर्तों में बदलाव करने पर विचार करें.
कोच्चि में एक फूड टेस्टिंग लैब को चालू करने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के साथ हाथ मिलाया है. यह लैब NDDB सीएएलएफ लिमिटेड की एक शाखा के रूप में कार्य करेगी और इसकी अन्य टेस्टिंग लैबों में अपनाए जाने वाले कड़े क्वालिटी और व्यावसायिक मानकों का पालन करेगी.
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले से किसानों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है. करनवास थाना क्षेत्र में पुलिस ने Goenka company के नाम पर fake animal feed बेचने वाले एक व्यापारी को गिरफ्तार किया है. आरोपी सस्ते और घटिया पशु आहार को branded bags में भरकर उस पर fake seal लगाकर किसानों और पशुपालकों को बेच रहा था.
देश के ज्यादातर हिस्सों में इन दिनों ठंड कहर बरपा रही है. इस बीच उत्तर भारत और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में आज भी शीतलहर, घने कोहरे और कोल्ड डे की स्थिति बनी रहने वाली है. तो आइए इस वीडियो में जानते हैं कि कल यानी 17 जनवरी को मौसम कैसे रहने वाला है, कौन कौन सा अलर्ट जारी किया गया है.
NFCSF ने बताया कि मौजूदा सीजन में 15 जनवरी तक 519 चालू शुगर मिलों ने 9.01 फीसदी के रिकवरी रेट के साथ 1,763.74 लाख टन गन्ने की पेराई की है, जबकि पिछले साल इसी समय 514 मिलों ने 8.80 प्रतिशत के रिकवरी रेट के साथ 1,484.04 लाख टन गन्ने की पेराई की थी.
केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने नए सीड एक्ट 2026 की विशेषताओं और किसानों पर इसके प्रभाव के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने कहा कि यह कानून किसानों की सुरक्षा, बीज की क्वालिटी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाला ऐतिहासिक कदम है.
बैट बनाने में इस्तेमाल होने वाली प्रमुख कच्ची सामग्री यानी विलो की पैदावार में पिछले कुछ दशकों में तेजी से गिरावट आई है. कश्मीर भारत का एकमात्र ऐसा क्षेत्र है जहां क्रिकेट के बल्ले बनाने के लिए उपयुक्त विलो लकड़ी का उत्पादन होता है.
हाल ही में, ट्रेड बॉडी कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (CAI) ने महाराष्ट्र और तेलंगाना में उम्मीद से ज़्यादा प्रोडक्शन की बात कही है. CAI ने इसका कारण, 2025-26 के लिए फसल के अनुमान को लगभग 2.5 प्रतिशत, यानी 170 किलोग्राम के 7.5 लाख गांठ, बढ़ाकर 317 लाख गांठ कर दिया है.
हिमाचल प्रदेश का मौसम इस बार किसानों के लिए चिंता का विषय बन गया है. दरअसल, समय पर बारिश और बर्फबारी न होने से कांगड़ा जिले में खेत सूखे की कगार पर पहुंच गए हैं. इस बीच, प्रदेश में चल रहे ड्राई स्पेल से फसलों पर बुरा असर पड़ा है.
केंद्र सरकार ने भारत से इतने लाख मीट्रिक टन आटे के निर्यात की अनुमति दे दी है. गेहूं की रिकॉर्ड खरीदारी और पर्याप्त स्टॉक के बीच यह कदम तीन साल बाद निर्यात में ढील दी गई है. सीमित निर्यात से वैश्विक आपूर्ति में मदद और भारतीय मिलों को अंतरराष्ट्रीय मांग का लाभ मिलेगा.
बिहार में इथेनॉल नीति में बदलाव के बाद 14 इथेनॉल प्लांट संकट में हैं. मक्का किसानों को उचित दाम न मिलने और बिचौलिया सिस्टम के हावी होने से परेशानी बढ़ी है. किसान मांग कर रहे हैं कि गन्ना मिलों की तरह इथेनॉल प्लांट भी मक्के की डायरेक्ट खरीद करें ताकि किसानों की आय, रोजगार और पलायन की समस्या पर काबू पाया जा सके.
दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. इस समय उत्तर भारत के कई इलाको में घना कोहरा है. दिल्ली में भी विजिबिलिटी बेहद कम है. ऐसा ही हाल अन्य राज्यों में भी है. आइए जानते हैं आज के मौसम का हाल.
उत्तर भारत में सर्दियों की दस्तक के साथ मौसम पूरी तरह बदल चुका है और ठंड का असर साफ नजर आने लगा है. पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बढ़ती शीतलहर के बीच जनजीवन और खेती-किसानी की गतिविधियों पर असर पड़ रहा है. वहीं दक्षिण भारत में लगातार बारिश का दौर बना हुआ है. इस लाइव और लगातार अपडेट होते सेक्शन में आपको खाद-बीज से जुड़ी जानकारी, खेती और गार्डनिंग के उपयोगी टिप्स, किसानों के लिए जरूरी सरकारी योजनाएं और कृषि जगत से जुड़े बड़े राष्ट्रीय घटनाक्रम एक ही जगह मिलते रहेंगे. साथ ही बात करेंगे उन्नत क़िस्मों की बीजों के बारे में जिसका लाभ उठाकर किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.
केंद्र सरकार की नई इथेनॉल नीति के तहत OMC द्वारा खरीद 50% किए जाने से बिहार के 14 डेडिकेटेड इथेनॉल प्लांट संकट में हैं. कई फैक्ट्रियां बंद या आधी क्षमता पर चल रही हैं, जिससे हजारों मजदूरों की नौकरी और मक्का किसानों की आमदनी पर गंभीर असर पड़ा है.
उत्तर प्रदेश सरकार और इंडिया टुडे ग्रुप के संयुक्त प्रयास से चल रहा “किसान कारवां” अपने दसवें पड़ाव पर मथुरा जनपद की छाता तहसील के सुपाना गांव पहुंचा. कार्यक्रम में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और विशेषज्ञों से सीधा संवाद किया.
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