Goat Lamb गोट एक्सपर्ट की मानें तो अक्सर बकरी के बच्चे मौसमी बीमारियों की चपेट में आकर मर जाते हैं. सबसे बड़ी चुनौती बच्चों को सदियों में निमोनिया और गर्मी-बरसात में दस्त से बचाने की होती है. यही वजह है कि गोट साइंटिस्ट पशुपालकों से ये अपील करते हैं कि हीट में आने वाली बकरियों को एक खास तय वक्त पर ही गाभिन कराएं. जिससे बकरियों से मिलने वाले बच्चे भीषण गर्मी और कड़ाके की सर्दी से पहले मिल सकें.
पंजाब में गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होने से ठीक पहले आढ़तियों ने हड़ताल का ऐलान कर दिया है, जिससे मंडियों में खरीद और अन्य काम प्रभावित हो सकते हैं. कमीशन बढ़ाने और नियमों में बदलाव की मांग को लेकर शुरू हुई इस हड़ताल से किसानों को परेशानी होने की आशंका है.
बिहार सरकार पराली जलाने पर रोक लगाने और फसल अवशेष प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए स्ट्रॉ रीपर और बेलर जैसे कृषि यंत्रों पर 40 से 80% तक सब्सिडी दे रही है. इस पहल से वायु प्रदूषण कम होगा, मिट्टी की उर्वरता बढ़ेगी और किसानों की आय में भी इजाफा होगा.
आईएमडी के अनुसार अप्रैल-जून 2026 के दौरान देश के कई हिस्सों में लू के दिनों में बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि अधिकांश क्षेत्रों में बारिश सामान्य से अधिक रहने की संभावना है. बढ़ती गर्मी का असर फसलों पर पड़ सकता है, इसलिए किसानों को सिंचाई और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है.
1 अप्रैल से कई राज्यों में गेहूं खरीद शुरू होने जा रही है, जहां किसानों को MSP 2585 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा. सरकार ने भुगतान, मंडी व्यवस्था और खरीद प्रक्रिया को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं, जिससे किसानों को फसल बेचने में आसानी हो सके.
ईरान युद्ध के चलते बारदाने (पीपी बैग) की कमी होने से मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी बार-बार टल रही है. इससे किसान अपनी फसल बेच नहीं पा रहे हैं और खुले में रखे गेहूं को लेकर चिंता बढ़ गई है, जबकि सरकार को भंडारण और सप्लाई की बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है.
पश्चिम बंगाल में आलू की बंपर पैदावार के बीच किसानों और व्यापारियों की परेशानी बढ़ गई है. इसको देखते हुए ममता बनर्जी ने मुआवज़ा देने और राज्य से बाहर आलू बेचने की अनुमति दी है. सरकार खरीद और भंडारण की व्यवस्था भी कर रही है, जिससे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है.
Potato Mandi Price: आलू बाजार में इस बार उल्टा ट्रेंड देखने को मिला, जहां कम आवक के बावजूद दाम टूट गए. पिछले साल इसी अवधि में करीब तीन गुना ज्यादा आवक के बावजूद कीमतें मजबूत थीं, जबकि इस साल कई राज्यों में सालाना आधार पर 40-50% तक गिरावट दर्ज की गई है.
पंजाब के तरनतारन के हरप्रीत सिंह ने अपनी मेहनत और आधुनिक तकनीक के मेल से डेयरी फार्मिंग की दुनिया में एक नई 'इबारत' लिखी है. जहां लोग खेती को मुश्किल समझते थे, वहां उन्होंने AI के जरिए पशुओं की ऐसी देखभाल की कि बीमारियां पास भी नहीं फटकतीं. आज उनके फार्म पर साफ-सफाई और अनुशासन का वो आलम है कि दूध की शुद्धता देख बड़ी कंपनियां भी मुरीद हो गई हैं. चारे के लिए उन्होंने खुद का 'पौष्टिक खजाना' तैयार किया है, जिससे पशु साल भर तंदुरुस्त रहते हैं. कमाल की बात यह है कि इतनी बड़ी तादाद में मवेशियों को वे चंद मजदूरों के साथ 'स्मार्ट मैनेजमेंट' के जरिए बखूबी संभाल रहे हैं. हरप्रीत की यह कामयाबी देखकर अगर किसान नई सोच अपनाएं, तो डेयरी का पेशा वाकई तरक्की और खुशहाली का रास्ता बन सकता है.
MSP on Animal Product पशुपालन राजस्थान की बड़ी पहचान के साथ ही उनकी जरूरत भी है, क्योंकि पशुपालन का अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान है. राज्य में पशुपालन को बढ़ावा देने और युवाओं को पशुपालन से जोड़ने के लिए कई खास पहलूओं पर चर्चा हो रही है. इसमे एमएसपी का मुद्दा और भेड़-बकरों की बिक्री का मॉडल तैयार करने जैसे इश्यू भी शामिल हैं.
Water for Animal फोडर एक्सपर्ट का कहना है कि एक किलो हरे चारे में औसत तीन से चार लीटर तक पानी होता है. अगर पशुओं को पानी पिलाने में कोई कोताही होती भी है तो हरा चारा उसकी भरपाई कर देता है. लेकिन हरा चारा खिलाने में भी बहुत ऐहतियात बरतने की जरूरत होती है. अगर पानी के साथ हरा चारा थोड़ा सा भी ज्यादा हो गया तो पशुओं को पेट संबंधी अफरा जैसी बीमारी हो जाती हैं.
पंजाब में 1 अप्रैल 2026 से गेहूं की खरीद 2,585 रुपये प्रति क्विंटल MSP पर शुरू होगी. राज्य ने 132 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य तय किया है और मंडियों, भंडारण और परिवहन के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं, ताकि किसानों को समय पर भुगतान और सुचारू खरीद सुनिश्चित हो सके.
पश्चिम बंगाल में आलू के दाम गिरकर 2-3 टका प्रति किलो तक पहुंच गए हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. जहां उपभोक्ताओं को सस्ता आलू मिल रहा है, वहीं किसानों के लिए लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है और वे मजबूरी में घाटे में फसल बेच रहे हैं.
विदर्भ में मौसम ने एक ही दिन में करवट बदलते हुए दिन में 41 डिग्री से ज्यादा गर्मी और शाम को तेज आंधी-बारिश का रूप दिखाया. जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं अचानक बदले मौसम ने खेतों में खड़ी रबी फसलों को नुकसान पहुंचा दिया.
वैश्विक कीमतों में मजबूती और घरेलू मांग बढ़ने के बीच CCI ने 2025-26 की कपास फसल के लिए फ्लोर प्राइस में 1,300 रुपये प्रति कैंडी की बढ़ोतरी की है. प्रमुख बाजारों में कपास की कीमतें MSP से ऊपर चल रही हैं और आगे भी तेजी की संभावना जताई जा रही है, जिससे किसानों को अगले सीजन में बुवाई बढ़ाने का प्रोत्साहन मिल सकता है.
नाबार्ड ने बिहार में प्राथमिकता क्षेत्र के लिए ₹2,80,393 करोड़ की ऋण क्षमता का आकलन किया. बिहार के मंत्री एवं विकास आयुक्त ने ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकों द्वारा ऋण प्रवाह बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया. वहीं नाबार्ड की ओर से कृषि के क्षेत्र में कुल ₹1,24,558 करोड़ रुपए की ऋण क्षमता आंकी गई.
तेलंगाना सरकार ने पैराक्वाट हर्बीसाइड पर बैन की मांग की है. यह जहरीला केमिकल किसानों और कृषि मजदूरों के लिए खतरनाक साबित हो रहा है, जिससे सांस और स्किन की गंभीर समस्याएं हो सकती हैं. सरकार ने केंद्र से इसके इस्तेमाल पर रोक लगाने और सुरक्षित विकल्प अपनाने की अपील की है.
कुन्नूर चाय नीलामी में कीमतों में गिरावट के बावजूद बिक्री प्रतिशत बढ़ा है. घरेलू खरीदारों और ब्लेंडर्स की सक्रियता ने बाजार को सहारा दिया. लीफ और डस्ट दोनों कैटेगरी में अच्छी बिक्री दर्ज हुई, जबकि अधिकतर ग्रेड्स में दाम कमजोर रहे.
रबी 2025-26 में भारत में रेपसीड-सरसों उत्पादन 3.64% बढ़कर 119.4 लाख टन रहने का अनुमान है. बुवाई के रकबे और उपज में सुधार के चलते यह वृद्धि संभव हुई है. बेहतर उत्पादन से देश में खाद्य तेल की उपलब्धता बढ़ने और आयात पर निर्भरता घटने की उम्मीद है, जिसमें राजस्थान सबसे बड़ा उत्पादक बना हुआ है.
Zoonotics Disease एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि जूनोटिक या फिर जूनोसिस बीमारी की कैटेगिरी में कोविड, इबोला, जीका वायरस, रैबीज और एवियन इंफ्लूंजा आदि बीमारी इसी कैटेगिरी में आती हैं. इनकी रोकथाम के लिए ही नेशनल वन हैल्थ मिशन (NOHM) के नाम से एक अभियान शुरू किया गया है.
भुवनेश्वर में जारी किसान आंदोलन के बीच राकेश टिकैत को पुलिस द्वारा रोके जाने से विवाद बढ़ गया है. किसानों की जमीन, बिजली और फसल कीमतों से जुड़ी मांगों को लेकर आंदोलन तेज हो रहा है. टिकैत के समर्थन में देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं, जिससे मामला और गरमा गया है.
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