भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के कई राज्यों में बढ़ती गर्मी को देखते हुए हीटवेव का येलो अलर्ट जारी किया है. 19 अप्रैल के लिए उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, झारखंड, राजस्थान और छत्तीसगढ़ अलर्ट पर हैं. IMD के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 20 अप्रैल तक लू चलने की संभावना है, जबकि राजस्थान और ओडिशा में यह स्थिति 22 अप्रैल तक बनी रह सकती है. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में 19 अप्रैल को हीटवेव का असर रहेगा, वहीं झारखंड में 20 और 21 अप्रैल को लू चलने की आशंका है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लू के दौरान हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. लोगों को ज्यादा देर धूप में बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और खुद को हाइड्रेट रखने की सलाह दी गई है. साथ ही, IMD के ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने को कहा गया है.
देशभर में मौसम ने करवट ले ली है. कई राज्यों में लू का असर बढ़ रहा है, जबकि कुछ जगहों पर बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है. उत्तर भारत में तापमान तेजी से बढ़ेगा, वहीं पूर्वोत्तर और पहाड़ी इलाकों में बारिश का अलर्ट जारी है. मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने में डेयरी सेक्टर अहम भूमिका निभा रहा है. सरकार की योजनाओं, तकनीक और निवेश से किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ रही है. डेयरी उद्योग रोजगार के नए अवसर पैदा कर रहा है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहा है, जिससे प्रदेश तेजी से आर्थिक विकास की ओर बढ़ रहा है.
महाराष्ट्र में धान खरीदी केंद्रों पर लिमिट खत्म होने के कारण किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. किसान मांग कर रहे हैं कि धान खरीदी की लिमिट बढ़ाई जाए, खरीदे गए धान का समय पर उठाव हो और 25 दिन के भीतर भुगतान किया जाए.
पीलीभीत जिले की करीब 90 फीसदी आबादी के जीवन का आधार कृषि है, जिसमें नकदी फसल गन्ना के अलावा धान, गेहूं और दालों का व्यापक उत्पादन किसानों की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार है. किसान तक के किसान कारवां कार्यक्रम में जहां पशुपालन और कृषि से जुड़े अधिकारियों की उपस्थिति रही, वहीं केवीके के वैज्ञानिकों की भी उपस्थिति देखने को मिली.
पीलीभीत में आयोजित किसान कारवां कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए. यहां कृषि, पशुपालन और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई. केवीके वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने किसानों को नई तकनीकों के बारे में बताया. कार्यक्रम में मनोरंजन के साथ-साथ लकी ड्रॉ के जरिए किसानों को पुरस्कार भी दिए गए, जिससे यह आयोजन ज्ञान और उत्साह का केंद्र बना.
बैठक में बताया गया कि भारतीय मौसम विभाग के अनुसार साल 2026 में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सामान्य से कम रह सकता है. अनुमान है कि इस बार देशभर में बारिश दीर्घकालीन औसत का करीब 92 प्रतिशत हो सकती है.
अपनी चमक और व्यापार के लिए मशहूर सूरत शहर अब मिलावटखोरों का सुरक्षित ठिकाना बनता जा रहा है. सूरत शहर की एसओजी टीम ऑपरेशन शुद्धि के तहत कई इलाकों में छापामारी कर नकली सामान बनाने वाली फैक्ट्रियों में छापा मार रही है. इसी ऑपरेशन शुद्धि के तहत एसओजी टीम ने सचिन GIDC क्षेत्र में चल रहे एक ऐसे कारखाने का भंडाफोड़ किया है, जहां शुद्ध देशी गाय के घी के नाम पर 'धीमा जहर' तैयार किया जा रहा था.
केंद्र सरकार ने किसानों को राहत देते हुए यूपी में 20 लाख मीट्रिक टन आलू खरीद को मंजूरी दी है. साथ ही आंध्र प्रदेश में चना खरीद सीमा बढ़ाई गई और कर्नाटक में तूर खरीद की अवधि 15 मई 2026 तक बढ़ाई गई है. इन फैसलों से किसानों को उचित मूल्य मिलेगा और मजबूरी में सस्ते दाम पर बिक्री से बचाव होगा.
उत्तर प्रदेश दुग्ध विकास विभाग के 50 वर्ष पूरे होने पर राज्य में दुग्ध उत्पादन और प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए अहम कदम उठाए जा रहे हैं. वर्तमान में राज्य में केवल 17 प्रतिशत दूध का प्रसंस्करण होता है, जिसे 50 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है. डेयरी यूनिट स्थापित करने पर सरकार पूंजीगत निवेश पर 35 प्रतिशत तक की सब्सिडी दे रही है.
खेती-किसानी में सबसे बड़ी टेंशन यही होती है कि अगर फसल जल्दी नहीं बिकी, तो वह खराब हो जाएगी. सोलर ड्रायर इसी समस्या का पक्का समाधान है. इसमें फल और सब्जियों को सुखाकर उनकी नमी निकाल दी जाती है.
असम के रहने वाले गोपेन राय ने छोटे किसानों की बड़ी समस्या का एक बहुत ही सस्ता और असरदार हल निकाला है. पारंपरिक तरीके से अनाज की सफाई यानि ओसावनी करने में बहुत मेहनत लगती है और किसान को हवा चलने का इंतज़ार करना पड़ता है, जिससे वक्त और सेहत दोनों का नुकसान होता है. गोपेन ने म कम लागत में एक लकड़ी का ओसावनी यंत्र तैयार किया है, जो बिजली के पंखे की मदद से चलता है.
किसान नकदी फसलों की खेती बड़े पैमाने पर करने लगे हैं. कमाई के लिहाज से किसान बड़े स्तर पर इसकी खेती करते हैं. ऐसे में किसानों की सुविधा के लिए राष्ट्रीय बीज निगम ऑनलाइन हरी मिर्च के हाइब्रिड किस्म अर्का मेघना के बीज बेच रहा है.
मेरठ में नकली और मिलावटी पनीर बनाने वाले बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है. खाद्य विभाग और पुलिस की संयुक्त छापेमारी में दो भाइयों की फैक्ट्रियां सील की गईं और भारी मात्रा में नकली पनीर बरामद कर नष्ट किया गया. यह पनीर दिल्ली, एनसीआर और उत्तराखंड तक सप्लाई किया जा रहा था. आरोपी फरार हैं, जांच जारी है.
जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह जंडियाला की अनाज मंडी का दौरा करने पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि पहली बार ऐसा हो रहा है कि किसानों का गेहूं मंडियों में पहुंच चुका है, लेकिन न तो खरीद हो रही है.
Goat Breed for Meat नया-नया टैग मिलने के बाद से देश ही नहीं विदेशों में खास नस्ल के बकरों की डिमांड बढ़ गई है. ये नई नस्ल हैं सोजत, गुजरी और करोली. खास बात यह है कि तीनों ही नस्ल राजस्थान की हैं. अभी तक देशभर में 37 अलग-अलग नस्ल की बकरियां पाली जा रही हैं. लेकिन हमारे यहां बकरियों के मीट कारोबार पर खासा ध्यान दिया जाता है.
गन्ने की खेती में उत्तर प्रदेश का देश में बड़ा योगदान है, इसलिए विभाग किसानों को बेहतर सुविधा देने के लिए लगातार काम कर रहा है. इस नए मोबाइल ऐप से किसानों को अच्छी क्वालिटी वाले बीज समय पर मिल सकेंगे.
भारत मौसम विभाग के अनुसार पूर्वोत्तर भारत में आने वाले दिनों में मौसम सक्रिय रहने वाला है. 18 और 19 अप्रैल को अरुणाचल प्रदेश में गरज-चमक और तेज बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि 18 अप्रैल को असम और मेघालय तथा 18 अप्रैल को नगालैंड में भी ऐसी ही स्थिति बन सकती है. इसके साथ ही पूरे सप्ताह उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने के संकेत हैं. वहीं मध्य, पूर्व, पश्चिम और दक्षिण भारत के अलग-अलग हिस्सों में हीटवेव और गर्म व उमस भरा मौसम लोगों को परेशान कर सकता है.
मौसम विभाग के अनुसार, मध्य भारत के कई राज्यों में 17 से 19 अप्रैल के बीच लू चलने की संभावना है, जबकि पूर्वोत्तर भारत में 18 से 21 अप्रैल तक भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. 18 अप्रैल को देशभर में कई जगह तापमान 40 डिग्री से ऊपर रह सकता है.
पंजाब के मोगा जिले की मंडियों में गेहूं की आमद बढ़ने के बावजूद खरीद प्रक्रिया धीमी होने से किसान परेशान हैं. कई किसान 7-8 दिनों से मंडियों में फसल लेकर बैठे हैं, जबकि लिफ्टिंग भी बेहद धीमी है. बारिश से प्रभावित क्वालिटी के चलते एजेंसियां सैंपल जांच के बाद खरीद का इंतजार कर रही हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है.
मध्यप्रदेश में खरीफ 2026 से पहले कृषि विभाग ने ‘नवाचार प्रबंधन अभियान’ शुरू किया है, जिसके तहत किसानों को आधुनिक तकनीक, डिजिटल सेवाएं और जैविक खेती से जोड़ने की तैयारी है. सरकार का फोकस लागत घटाकर उत्पादन और आय बढ़ाने पर है.
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