भुवनेश्वर में जारी किसान आंदोलन के बीच राकेश टिकैत को पुलिस द्वारा रोके जाने से विवाद बढ़ गया है. किसानों की जमीन, बिजली और फसल कीमतों से जुड़ी मांगों को लेकर आंदोलन तेज हो रहा है. टिकैत के समर्थन में देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं, जिससे मामला और गरमा गया है.
ग्रीन अमोनिया को लेकर पांच कंपनियों के बीच हुआ बड़ा समझौता खाद उद्योग के लिए अहम साबित होने वाला है. इस डील के तहत विभिन्न उर्वरक कंपनियों को हर साल लाखों टन सप्लाई सुनिश्चित की जाएगी, जिससे आयात निर्भरता घटाने की दिशा में ठोस कदम माना जा रहा है.
Green Fodder Sailage साइलेज और हे बनाकर हरे चारे को स्टोर किया जा सकता है. और इसे बनाने में कोई खास तकनीक भी इस्तेमाल नहीं होती है. घर पर भी साइलेज और हे बनाकर स्टोर कर सकते हैं. जरूरत है कि साइलेज और हे बनाने के दौरान कुछ खास बातों का ख्याल रखा जाए.
खरीफ 2026 के लिए देश में उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर सरकार ने भरोसा जताया है. मौजूदा स्टॉक, बढ़ते उत्पादन और आयात के सहारे 39 मिलियन टन मांग पूरी करने की तैयारी बताई गई है.
इस सप्ताह दो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है, जिसमें 4 अप्रैल को गतिविधियां अपने चरम पर रह सकती हैं. मौसम विभाग के अनुसार, 31 मार्च को मध्य और पूर्वी भारत और उत्तर प्रायद्वीपीय भारत में अलग-अलग स्थानों पर ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है. वहीं पूर्वोत्तर और आसपास के पूर्वी भारत में पूरे सप्ताह गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश का असर बना रह सकता है, जहां 31 मार्च और 1 अप्रैल को कुछ स्थानों पर भारी वर्षा संभव है. दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में भी सप्ताह भर रुक-रुक कर बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है, जबकि केरल में 31 मार्च से 1 अप्रैल के बीच कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है.
IMD के अनुसार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते देशभर में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का दौर जारी रहेगा, जिसकी तीव्रता 4 अप्रैल को चरम पर होगी. कई राज्यों में तेज हवाएं और बिजली गिरने की चेतावनी जारी.
बिहार में गन्ना आधारित उद्योग और चीनी मिलों के विकास के लिए बड़ा एमओयू हुआ है. इससे बंद मिलों के पुनरुद्धार, नई मिलों की स्थापना और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ेगा.
बिहार में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ है. सरकार ने 36 जिलों में क्षति का आकलन शुरू कर दिया है और प्रभावित किसानों को जल्द मुआवजा देने का आश्वासन दिया है.
रबी 2025-26 सीजन के लिए हरियाणा, यूपी और कर्नाटक में दाल और तिलहन की MSP पर खरीद को मंजूरी मिली है. इससे किसानों को उचित मूल्य मिलेगा और फसल बेचने में राहत मिलेगी.
पराली से बायो-बिटुमेन बनाने की नई तकनीक किसानों की आय बढ़ाने, प्रदूषण कम करने और आयात घटाने में मदद करेगी. यह पहल आत्मनिर्भर भारत और वेस्ट-टू-वेल्थ की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है.
कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने स्पष्ट कहा कि पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों को अपनाना समय की मांग है. उन्नत बीज, संतुलित खाद, वैज्ञानिक फसल प्रबंधन और कीट नियंत्रण के जरिए उत्पादन बढ़ाने के व्यावहारिक तरीके किसानों को समझाए गए.
कार्यक्रम की शुरुआत में कृषि विभाग के अधिकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित अलग-अलग योजनाओं की जानकारी दी. किसानों को बताया गया कि कैसे वे सब्सिडी, बीमा और उन्नत बीज योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी खेती को लाभकारी बना सकते हैं.
महाराष्ट्र के अमरावती जिले के मेलघाट में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं और मक्का की फसल को भारी नुकसान हुआ है. किसान मुआवजे और मंडी में जल्द खरीदी की मांग कर रहे हैं.
मुजफ्फरपुर की शाही लीची के लिए नई “नॉन-वॉवेन बैग” तकनीक से फल की क्वालिटी, मिठास और उत्पादन बढ़ेगा. इससे किसानों को बेहतर दाम मिलने और आय में वृद्धि की उम्मीद है.
हरियाणा में 1 अप्रैल से शुरू होने वाली गेहूं और सरसों की सरकारी खरीद प्रक्रिया नए नियमों और विवादों के बीच है. सरकार ने 'मेरी फसल मेरा ब्यौरा' पोर्टल पर पंजीकृत किसानों के लिए कई शर्तें लागू की हैं, जिसमें ट्रैक्टर-ट्रॉली पर नंबर प्लेट की अनिवार्यता और मंडी गेट पर उसकी फोटो अपलोड करना शामिल है.
PM रेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 132वें एपिसोड में छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के अभिनव जल संरक्षण मॉडल का जिक्र किया है. उन्होंने बताया कि किसानों ने अपने खेतों में छोटे रिचार्ज तालाब और सोखता गड्ढे बनाकर बारिश के पानी को खेतों में ही रोकने का प्रभावी उपाय किया है, जिससे भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है.
पश्चिम एशिया संकट के बावजूद भारत में खाद की आपूर्ति स्थिर बनी हुई है. IFFCO और सरकार ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि उत्पादन, स्टॉक और सप्लाई सामान्य हैं और खरीफ सीजन में कोई कमी नहीं होगी.
पश्चिम एशिया में युद्ध के असर से प्याज की कीमतों में भारी गिरावट आई है. महाराष्ट्र के किसान लागत से कम दाम मिलने पर संकट में हैं और सरकार से मार्केट इंटरवेंशन स्कीम लागू करने की मांग कर रहे हैं.
पश्चिम बंगाल के मोयना में मछली किसानों की समस्याएं चुनावी मुद्दा बन रही हैं। किसान ताजे पानी, बिजली सब्सिडी, कर्ज और लैब जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं, जो वर्षों से अधूरी हैं.
मध्य प्रदेश के रायसेन में 11 से 13 अप्रैल तक राष्ट्रीय किसान मेले का आयोजन होगा. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह राष्ट्रीय कृषि मेला कोई साधारण आयोजन नहीं है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और खेती को नई दिशा देने के उद्देश्य से तैयार किया गया एक बड़ा प्रयास है
खगड़िया जिले में किसानों की एक अहम बैठक में कई बड़ी समस्याओं को उठाया गया. बैठक में किसान नेता टोटू ने कहा कि वे लगातार जिला प्रशासन (DM) के संपर्क में हैं और प्रभावित इलाकों का निरीक्षण भी कराया गया है, ताकि जल्द समाधान निकल सके.
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