मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि राज्य सरकार पशु चिकित्सा, पशुपालन और मछली पालन क्षेत्रों के विकास के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने भूरे अंडों और देसी असील नस्ल की मुर्गियों के लिए एक नए मार्केटिंग सेंटर का भी उद्घाटन किया.
यह लेख ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री Narendra Modi के संबोधन पर आधारित है, जिसमें बांस खेती, डेयरी और पवन ऊर्जा के जरिए किसानों की आय बढ़ाने के अवसर बताए गए हैं. उत्तर-पूर्व भारत में बांस उद्योग से रोजगार और महिलाओं की आत्मनिर्भरता बढ़ रही है.
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से एक बड़ी और अच्छी खबर सामने आई है,दरअसल जिले ने अंडा उत्पादन के मामले में पूरे उत्तर प्रदेश में पहला स्थान हासिल कर लिया है.बतादें कि यहां प्रतिदिन करीब 25 लाख अंडों का उत्पादन हो रहा है, जिससे न सिर्फ स्थानीय जरूरतें पूरी हो रही हैं बल्कि हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, उत्तराखंड और असम जैसे राज्यों तक अंडों की सप्लाई की जा रही है.
'संतुलित उर्वरक उपयोग अभियान' बड़ी सफलता के साथ आगे बढ़ रहा है. भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की ओर से 24 अप्रैल 2026 को साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, इस अभियान के जरिए लाखों किसानों तक सही तरीके से खाद के उपयोग करने का संदेश पहुंचाया गया है.
सबसे दिलचस्प बात यह है कि KLD सेब की किस्म वहां की स्थानीय जलवायु में अच्छी तरह ढल गई है. इतना ही नहीं, इस सेब को बाजार में उत्तरी राज्यों के पारंपरिक सेबों से ज्यादा कीमत भी मिल रही है. यानी आने वाले समय में आंध्र प्रदेश भारत के सेब बाजार में बड़ा नाम बन सकता है.
उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों की आय बढ़ने का दावा किया गया है. Surya Pratap Shahi के अनुसार, योगी सरकार में किसानों की आमदनी 52 हजार से बढ़कर 1.20 लाख रुपये तक पहुंची है. साथ ही किसानों को रिकॉर्ड भुगतान और बेहतर सुविधाएं मिलने से उनका भरोसा सरकार पर बढ़ा है.
केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने रायसेन में गेहूं खरीदी व्यवस्था की समीक्षा कर अधिकारियों को किसानों की सुविधा सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए. उन्होंने खरीदी केंद्र बढ़ाने, स्लॉट बुकिंग आसान बनाने और समय पर भुगतान पर जोर दिया, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो.
लगातार गेहूं-धान उगाने और केमिकल खाद के इस्तेमाल से हमारी मिट्टी बीमार हो रही है, जिससे खेती की लागत बढ़ रही है और मुनाफा घट रहा है. इसका सबसे सस्ता और सटीक समाधान 'ढैंचा' यानी हरी खाद है. ढैंचा कम पानी और खराब जमीन में भी आसानी से उग जाता है और मिट्टी को नाइट्रोजन व जरूरी पोषक तत्व देता है. इसे फूल आने से पहले खेत में जोतने से जमीन को 'ह्यूमस' मिलता है और मिट्टी फिर से उपजाऊ बन जाती है. कुल मिलाकर, ढैंचा अपनाकर किसान महंगी खाद का खर्चा बचा सकते हैं और अपनी जमीन की सेहत सुधार सकते हैं.
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 3-4 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है. वहीं 25 और 26 अप्रैल को सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान चलने का अनुमान है, जिसमें झोंकों की गति 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. 26 से 28 अप्रैल के बीच गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड और 26 और 27 अप्रैल को बिहार में भी तेज आंधी के साथ बारिश की संभावना जताई गई है. यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
देशभर में मौसम का डबल असर देखने को मिलेगा, जहां उत्तर और मध्य भारत में लू का कहर जारी रहेगा, वहीं पूर्वोत्तर और पूर्वी राज्यों में तेज बारिश और आंधी-तूफान का दौर चलेगा. दिल्ली-NCR में भी गर्मी के बीच हल्की राहत के संकेत हैं, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है.
राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (NDRI) करनाल ने गाय और भैंस पालन के क्षेत्र में उन्नत तकनीक का विकास किया है. इस तकनीक के माध्यम से ज्यादा दूध देने वाली देसी गायों की नस्ल में सुधार किया जा रहा है. संस्थान ने गिर गाय का क्लोन तैयार किया, जिसका नाम गंगा रखा गया.
Uttar Pradesh की राजधानी Lucknow में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा आयोजित उत्तर क्षेत्र कृषि सम्मेलन खेती-किसानी के नए विजन, नई कार्ययोजना और किसान-केंद्रित सोच का मजबूत मंच बनकर उभरा है. शिवराज ने कहा कि खरीफ और रबी सीजन की योजनाओं को अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बनाने के लिए क्षेत्रवार (रीजनल) कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है.
डॉ. एम.एल. जाट ने संस्थान में चल रहे वैज्ञानिक कार्यों की समीक्षा की और वैज्ञानिकों को किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए भविष्य के शोध कार्यों पर जोर देने की सलाह दी. उन्होंने उद्यमियों और किसानों से कहा कि फसल उत्पादन में रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल कम करें.
योगी सरकार ने बढ़ती गर्मी और लू को देखते हुए प्रदेश के सभी गौशालाओं में पशुओं की सुरक्षा को सबसे ज्यादा प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं. अधिकारियों से कहा गया है कि सभी गौशालाओं में गर्मी से बचाव के पूरे इंतजाम तुरंत किए जाएं.
केंद्र सरकार ने AgriStack के विस्तार के लिए राज्यों को 13,000 करोड़ रुपये का ब्याज-मुक्त कर्ज देने का फैसला किया है. योजना के तहत डिजिटल सिस्टम के जरिए उर्वरक वितरण, MSP खरीद और फसल बीमा को बेहतर बनाने पर जोर रहेगा, जिससे किसानों तक लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी.
Lucknow में आयोजित क्षेत्रीय Krishi Sammelan (उत्तर क्षेत्र) के शुभारंभ कार्यक्रम को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने संबोधित किया. सीएम योगी ने कहा कि हम 10 से 12 घंटे खेतों में किसानों को बिजली उपलब्ध भी करवा रहे हैं. उन्होंने बताया कि पहले जहां किसान साल में एक फसल लेते थे, वहीं अब सिंचाई और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण तीन-तीन फसलें ले रहे हैं.
Madhya Pradesh के Sagar जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान है. यहां एक किसान ने आरोप लगाया है कि उसकी 34 एकड़ में खड़ी फसल रातों-रात चोरी हो गई. जी हां, पूरी की पूरी फसल और वो भी एक ही रात में गायब हो गई.
किसान कारवां कार्यक्रम के दौरान केवल कृषि वैज्ञानिकों एवं कृषि अधिकारियों सहित पशुपालन से जुड़े अधिकारियों की सहभागिता ही नहीं रही, बल्कि उर्वरक के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान रखने वाले इफको, इफको एमसी, धानुका और चंबल फर्टिलाइजर के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे.
गाजियाबाद में किसानों से संवाद के दौरान अखिलेश यादव ने MSP को कानूनी गारंटी देने और गन्ना किसानों को 24 घंटे में भुगतान का बड़ा वादा किया. साथ ही किसानों की आय, कर्ज और आलू-धान की समस्याओं पर भी अहम बातें कहीं.
World Veterinary Day: पोल्ट्री सेक्टर की पहचान अंडे और चिकन से होती है. हर साल ये सेक्टर करीब सात से नौ फीसद की रेट से बढ़ रहा है. अंडे एक्सपोर्ट भी किए जाते हैं. लेकिन आए दिन सोशल मीडिया की कुछ पोस्ट पोल्ट्री सेक्टर को झटका देती रहती हैं. लोग डर के चलते अंडा-चिकन खाना बंद कर देते हैं. जिसका सीधा असर छोटे पोल्ट्री फार्मर के कारोबार पर पड़ता है.
मुजफ्फरनगर के जानसठ में पहुंचे किसान कारवां में किसानों को खेती, पशुपालन और जलवायु बदलाव से जुड़ी नई जानकारी दी गई. कार्यक्रम में वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने उर्वरक, मछली पालन, पोषण और सरकारी योजनाओं पर विस्तार से जागरूक किया.
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