राज्य में गेहूं खरीद ने रफ्तार पकड़ी है और लाखों किसानों को इसका लाभ मिला है. सरकार ने पारदर्शी व्यवस्था के जरिए किसानों के खातों में बड़ी राशि ट्रांसफर की है, जिससे प्रक्रिया आसान बनी है.
हरियाणा में गेहूं खरीद मानकों में ढील मिलने से किसानों को राहत मिली है. गुणवत्ता प्रभावित होने के बावजूद फसल अब आसानी से खरीदी जा सकेगी. कृषि मंत्री ने इसे किसानों के हित में बड़ा फैसला बताया और विपक्ष के आरोपों पर भी जवाब दिया.
ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर भारत में ईंधन की कीमतों पर पड़ सकता है. सरकारी सूत्रों के मुताबिक पेट्रोल और डीजल के दाम 4–5 रुपये प्रति लीटर बढ़ सकते हैं, जबकि घरेलू LPG सिलेंडर 40–50 रुपये तक महंगा हो सकता है. इससे पहले कमर्शियल LPG के दामों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी की जा चुकी है. सरकार हालात पर नजर रखे हुए है और अगले कुछ दिनों में इस पर फैसला लिया जा सकता है.
इस साल मॉनसून के कमजोर रहने और सामान्य से कम बारिश के अनुमान के बीच किसानों के लिए अलर्ट जारी किया गया है. कम बारिश से फसलों, खासकर बागवानी और सब्जी फसलों को नुकसान का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में किसानों को सही फसल चयन, उन्नत पौध उत्पादन, खेती की पद्धतियों में बदलाव, जैविक खाद के उपयोग और पोषक तत्वों के छिड़काव जैसे उपाय अपनाने की सलाह दी गई है, ताकि फसलों को सूखे से बचाया जा सके.
कारगिल में 10 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले डेयरी प्लांट की नींव रखी गई है. इस परियोजना के तहत डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर, मोबाइल मिल्क कलेक्शन और डिजिटल सिस्टम को मजबूत किया जाएगा, जिससे किसानों को बेहतर बाजार, समय पर भुगतान और आय बढ़ाने का अवसर मिलेगा.
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने किसानों को आधुनिक खेती तकनीकों, उन्नत बीज, और बेहतर उत्पादन के तरीकों के बारे में जागरूक किया. कार्यक्रम में मौजूद किसानों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और विशेषज्ञों से अपनी समस्याओं के समाधान प्राप्त किए.
गाजियाबाद के भोजपुर गांव में ‘किसान तक’ का 72वां किसान कारवां पहुंचा, जहां बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया. कार्यक्रम में कृषि, पशुपालन और केवीके विशेषज्ञों ने योजनाओं, आधुनिक तकनीक और मृदा परीक्षण की अहमियत बताई, जिससे किसानों को आय बढ़ाने की नई दिशा मिली.
महिंद्रा एंड महिंद्रा के फार्म इक्विपमेंट बिजनेस ने अप्रैल 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए घरेलू बाजार में 46,404 ट्रैक्टर बेचे, जो सालाना आधार पर 20% ज्यादा हैं. नवरात्रि न होने के बावजूद मजबूत बिक्री दर्ज की गई. कुल बिक्री 48,411 यूनिट रही, जिससे ग्रामीण मांग और खेती से जुड़े सेक्टर की मजबूती साफ नजर आती है.
ओडिशा के रायगड़ा में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कई ग्रामीण विकास योजनाओं की घोषणा करते हुए पीएमजीएसवाई-IV के तहत नई सड़कों, आवास और रोजगार योजनाओं के लिए बड़ी राशि मंजूर की. साथ ही उन्होंने लखपति दीदी अभियान का लक्ष्य बढ़ाने और किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया.
Animal Husbandry and Fodder देश में इस वक्त हरे और सूखे चारे समेत मिनरल्स मिक्चर की कमी देखी जा रही है. साथ ही कई वजह से डेयरी की लागत भी बढ़ गई है. पशुपालकों का मुनाफा कम हो गया है. लागत बढ़ने और मुनाफा कम होने से किसान पशुपालन छोड़ रहे हैं. लेकिन एक्सपर्ट के बताए टिप्स पर काम किया तो लागत कम होने के साथ ही मुनाफा भी बढ़ेगा.
महाराष्ट्र के नांदेड़ से किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है. दरअसल, PM फसल बीमा योजना के तहत नांदेड़ जिले में पहले चरण में ही 813.93 करोड़ रुपये के मुआवजे को मंजूरी दे दी गई है, जो पूरे राज्य में सबसे ज्यादा है.और खास बात ये है कि बाकी दावों के निपटारे के बाद ये रकम 900 करोड़ रुपये से भी ज्यादा पहुंच सकती है.
‘राष्ट्रीय प्याज भवन’ नासिक जिले के सिन्नर तालुका के जायगांव में स्थापित की जाएगी, जहां जल्द ही इसके निर्माण कार्य की शुरुआत होने वाली है. इस भवन को केवल एक प्रशासनिक ढांचे के रूप में नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे देश के सभी प्याज उत्पादक किसानों के लिए एक हेड क्वार्टर के रूप में विकसित करने की योजना है.
Goat Care बकरीद पर बकरे बेचने के लिए बकरों के साथ खेल किया जाता है. बकरों का पेट फूला हुआ दिखाने के लिए उन्हें बेसन और आटे का पानी पिलाया जाता है. लेकिन घर आते ही ऐसे बकरों के बीमार होने की आशंका बढ़ जाती है. क्योंकि घर पर बच्चे शौक-शौक में बकरे को हरा चारा और जौ-चने खिलाने लगते हैं. और यही ओवर डाइट बकरे के लिए जानलेवा बन जाती है.
पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त से पहले सरकार ने किसानों को जरूरी चेतावनी दी है. आधार, बैंक खाता, e-KYC या अधूरी जानकारी की वजह से लाखों किसान किस्त से वंचित हो सकते हैं. अब किसान पीएम किसान पोर्टल पर जाकर अपनी गलत या मिसिंग डिटेल्स खुद अपडेट कर सकते हैं, ताकि अगली किस्त का लाभ समय पर मिल सके.
IMD Weather Forecast: आईएमडी के मई 2026 आउटलुक में मौसम का मिला-जुला असर सामने आया है. कुछ इलाकों में ज्यादा गर्मी और लू, तो अधिकतर हिस्सों में अच्छी बारिश का अनुमान है. बदलते समुद्री संकेतों के बीच खेती पर असर पड़ सकता है, ऐसे में किसानों को जरूरी तैयारी करने की सलाह दी गई है.
अंतरराष्ट्रीय हालात का असर अब सीधे आम लोगों की जिंदगी पर दिखने लगा है. मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध की आंच अब झारखंड के रामगढ़ तक पहुंच गई है, जहां दिन-ब-दिन डीजल संकट गहराता जा रहा है. हालात ऐसे हो गए हैं कि कई पेट्रोल पंपों पर बिना सूचना के ही “नो स्टॉक” के बोर्ड लग गए हैं, जबकि कुछ पंपों ने अचानक डीजल बिक्री बंद कर दी है.
छत्तीसगढ़ के रायपुर में एक अनोखी पहल देखने को मिल रही है. यहां ग्रामीण क्षेत्रों में कमल रेशम का उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है, जो रोजगार का नया जरिया बन रहा है.खास बात ये है कि यह रेशम पारंपरिक रेशम की तरह कीड़ों से नहीं, बल्कि कमल के तनों से तैयार किया जाता है.
देश के कई राज्यों में डेयरी किसानों को राहत देते हुए दूध की खरीद कीमतों में बढ़ोतरी की गई है. ओडिशा में OMFED ने दूध के दाम 1 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए हैं, वहीं केरल में मिल्मा ने 4 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है. पंजाब में सरकार ने वेरका से जुड़े किसानों के लिए 20 रुपये प्रति किलो फैट की दर बढ़ाई है. इन फैसलों से लाखों किसानों को लाभ मिलेगा और बढ़ती उत्पादन लागत के बीच उनकी आमदनी में सुधार होने की उम्मीद है.
किसान वर्तमान समय में धान-गेहूं के अलावा सब्जी की खेती बड़े पैमाने पर करने लगे हैं. इससे किसानों की बंपर कमाई भी हो रही है. इसलिए किसान बड़े स्तर पर इसकी खेती कर रहे हैं. ऐसे में किसानों की सुविधा के लिए राष्ट्रीय बीज निगम ऑनलाइन कद्दू के बीज बेच रहा है.
पंजाब सरकार ने धान सीजन से पहले नहरों में 21 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किसानों से ट्यूबवेल पर निर्भरता कम करने की अपील की है. सरकार का कहना है कि इस कदम से सिंचाई आसान होगी और भूजल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा.
राजस्थान में चना किसानों को MSP पर पूरी उपज खरीद का वादा पूरा नहीं होने से भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है. किसान महापंचायत ने दालों की खरीद में तय SOP के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से हस्तक्षेप की मांग की है. किसानों का कहना है कि 40 क्विंटल की सीमा के कारण उन्हें अपनी उपज कम दाम पर बेचनी पड़ रही है, जिससे प्रति किसान 2.5 से 3 लाख रुपये तक का नुकसान हो रहा है.
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