छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और ‘लखपति दीदी’ अभियान ने ग्रामीण इलाकों की महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव लाना शुरू कर दिया है. ऐसी ही एक मिसाल हैं, सरगुजा जिले के ग्राम सोनतरई की रहने वाली मति बाई, जो कभी मजदूरी करके किसी तरह घर चलाती थीं, लेकिन आज वो मुर्गी पालन के व्यवसाय से हर साल लाखों रुपये की कमाई कर रही हैं.
इस वीडियो में जानिए कार्बन क्रेडिट से किसान कैसे अतिरिक्त कमाई कर सकते हैं.आज के समय में बैंबू (Bamboo) को सबसे ज्यादा कार्बन क्रेडिट देने वाली फसल माना जा रहा है, जो किसानों के लिए एक नई आर्थिक क्रांति साबित हो सकती है.
मध्यप्रदेश के किसानों को गेहूं खरीद में जिस देरी का सामना करना पड़ा अब मोहन यादव सरकार उसकी पूरी भरपाई करने की तैयारी में है. अब किसानों को उपज बेचने के लिए कई और सुविधाएं दी जा रही है. इसे लेकर हाल ही में सीएम मोहन यादव ने प्रदेशवासियों के नाम एक संबोधन जारी किया. देखें किसानों के लिए क्या बड़े ऐलान किए गए.
नागपुर बेंच की जस्टिस उर्मिला जोशी फालके और जस्टिस निवेदिता मेहता ने कहा कि अगर किसानों को संरक्षित जानवरों या पक्षियों से हुए नुकसान का मुआवज़ा नहीं मिलेगा, तो किसान गुस्से में ऐसे कदम उठा सकते हैं जिनसे वन्यजीवों को नुकसान पहुंच सकता है.
भारत के सबसे स्वादिष्ट 6 आमों की किस्मों के बारे में जानिए अल्फोंसो से लेकर चौसा तक. स्वाद, मिठास और खुशबू के आधार पर तैयार खास रैंकिंग.
आज अखिलेश यादव का जिला गाजियाबाद में किसानों से संवाद का एक कार्यक्रम था. इसमें वह खुद पहुंच तो नहीं पाए लेकिन वर्चुअली जुड़कर उन्होंने किसानों से कई बड़े वादे कर दिए. देखें और जानें कि किसानों से जुड़े मुद्दे पर क्या कुछ बोले अखिलेश यादव
मौसम की खराब परिस्थितियों से हुए नुकसान की भरपाई काफी हद तक ज्यादा रकबे में बुवाई, समय पर बुवाई और बेहतर किस्मों के इस्तेमाल से हो जाएगी. इससे देश में गेहूं उत्पादन स्थिर रहने की उम्मीद है.
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि राज्य सरकार पशु चिकित्सा, पशुपालन और मछली पालन क्षेत्रों के विकास के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने भूरे अंडों और देसी असील नस्ल की मुर्गियों के लिए एक नए मार्केटिंग सेंटर का भी उद्घाटन किया.
यह लेख ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री Narendra Modi के संबोधन पर आधारित है, जिसमें बांस खेती, डेयरी और पवन ऊर्जा के जरिए किसानों की आय बढ़ाने के अवसर बताए गए हैं. उत्तर-पूर्व भारत में बांस उद्योग से रोजगार और महिलाओं की आत्मनिर्भरता बढ़ रही है.
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से एक बड़ी और अच्छी खबर सामने आई है,दरअसल जिले ने अंडा उत्पादन के मामले में पूरे उत्तर प्रदेश में पहला स्थान हासिल कर लिया है.बतादें कि यहां प्रतिदिन करीब 25 लाख अंडों का उत्पादन हो रहा है, जिससे न सिर्फ स्थानीय जरूरतें पूरी हो रही हैं बल्कि हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, उत्तराखंड और असम जैसे राज्यों तक अंडों की सप्लाई की जा रही है.
'संतुलित उर्वरक उपयोग अभियान' बड़ी सफलता के साथ आगे बढ़ रहा है. भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की ओर से 24 अप्रैल 2026 को साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, इस अभियान के जरिए लाखों किसानों तक सही तरीके से खाद के उपयोग करने का संदेश पहुंचाया गया है.
सबसे दिलचस्प बात यह है कि KLD सेब की किस्म वहां की स्थानीय जलवायु में अच्छी तरह ढल गई है. इतना ही नहीं, इस सेब को बाजार में उत्तरी राज्यों के पारंपरिक सेबों से ज्यादा कीमत भी मिल रही है. यानी आने वाले समय में आंध्र प्रदेश भारत के सेब बाजार में बड़ा नाम बन सकता है.
उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों की आय बढ़ने का दावा किया गया है. Surya Pratap Shahi के अनुसार, योगी सरकार में किसानों की आमदनी 52 हजार से बढ़कर 1.20 लाख रुपये तक पहुंची है. साथ ही किसानों को रिकॉर्ड भुगतान और बेहतर सुविधाएं मिलने से उनका भरोसा सरकार पर बढ़ा है.
केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने रायसेन में गेहूं खरीदी व्यवस्था की समीक्षा कर अधिकारियों को किसानों की सुविधा सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए. उन्होंने खरीदी केंद्र बढ़ाने, स्लॉट बुकिंग आसान बनाने और समय पर भुगतान पर जोर दिया, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो.
लगातार गेहूं-धान उगाने और केमिकल खाद के इस्तेमाल से हमारी मिट्टी बीमार हो रही है, जिससे खेती की लागत बढ़ रही है और मुनाफा घट रहा है. इसका सबसे सस्ता और सटीक समाधान 'ढैंचा' यानी हरी खाद है. ढैंचा कम पानी और खराब जमीन में भी आसानी से उग जाता है और मिट्टी को नाइट्रोजन व जरूरी पोषक तत्व देता है. इसे फूल आने से पहले खेत में जोतने से जमीन को 'ह्यूमस' मिलता है और मिट्टी फिर से उपजाऊ बन जाती है. कुल मिलाकर, ढैंचा अपनाकर किसान महंगी खाद का खर्चा बचा सकते हैं और अपनी जमीन की सेहत सुधार सकते हैं.
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 3-4 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है. वहीं 25 और 26 अप्रैल को सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान चलने का अनुमान है, जिसमें झोंकों की गति 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. 26 से 28 अप्रैल के बीच गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड और 26 और 27 अप्रैल को बिहार में भी तेज आंधी के साथ बारिश की संभावना जताई गई है. यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
देशभर में मौसम का डबल असर देखने को मिलेगा, जहां उत्तर और मध्य भारत में लू का कहर जारी रहेगा, वहीं पूर्वोत्तर और पूर्वी राज्यों में तेज बारिश और आंधी-तूफान का दौर चलेगा. दिल्ली-NCR में भी गर्मी के बीच हल्की राहत के संकेत हैं, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है.
राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (NDRI) करनाल ने गाय और भैंस पालन के क्षेत्र में उन्नत तकनीक का विकास किया है. इस तकनीक के माध्यम से ज्यादा दूध देने वाली देसी गायों की नस्ल में सुधार किया जा रहा है. संस्थान ने गिर गाय का क्लोन तैयार किया, जिसका नाम गंगा रखा गया.
Uttar Pradesh की राजधानी Lucknow में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा आयोजित उत्तर क्षेत्र कृषि सम्मेलन खेती-किसानी के नए विजन, नई कार्ययोजना और किसान-केंद्रित सोच का मजबूत मंच बनकर उभरा है. शिवराज ने कहा कि खरीफ और रबी सीजन की योजनाओं को अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बनाने के लिए क्षेत्रवार (रीजनल) कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है.
डॉ. एम.एल. जाट ने संस्थान में चल रहे वैज्ञानिक कार्यों की समीक्षा की और वैज्ञानिकों को किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए भविष्य के शोध कार्यों पर जोर देने की सलाह दी. उन्होंने उद्यमियों और किसानों से कहा कि फसल उत्पादन में रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल कम करें.
योगी सरकार ने बढ़ती गर्मी और लू को देखते हुए प्रदेश के सभी गौशालाओं में पशुओं की सुरक्षा को सबसे ज्यादा प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं. अधिकारियों से कहा गया है कि सभी गौशालाओं में गर्मी से बचाव के पूरे इंतजाम तुरंत किए जाएं.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today