इंडिया टुडे ग्रुप और उत्तर प्रदेश सरकार की पहल ‘किसान कारवां’ का 65वां पड़ाव मुरादाबाद के बिलारी ब्लॉक के विजयपुर गांव में आयोजित हुआ, जहां बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया. कार्यक्रम में कृषि, पशुपालन और उर्वरक प्रबंधन से जुड़ी जानकारी दी गई और विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में किसानों को जागरूक किया गया.
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में विकसित सेब की नई किस्म ‘कंवर मझोली सिलेक्शन-1’ को PPV&FRA से आधिकारिक मान्यता मिल गई है. यह किस्म एक प्रगतिशील किसान और नौणी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के संयुक्त प्रयास का परिणाम है. इस नई किस्म में बेहतर रंग और क्वालिटी जैसे गुण पाए गए हैं, जिससे किसानों को भविष्य में अधिक लाभ और नई संभावनाएं मिल सकती हैं.
UP News: उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम 24 अप्रैल को सुबह 9:30 बजे से प्रारम्भ होकर सायं 7:30 बजे तक प्रस्तावित है. पूरे दिन चलने वाले इस आयोजन में विभिन्न सत्रों के माध्यम से कृषि विकास और किसानों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं और चुनौतियों पर विस्तार से संवाद किया जाएगा.
कपास बाजार में तेज मांग के बीच CCI ने इस सीजन में खरीदे गए स्टॉक का आधे से ज्यादा हिस्सा बेच दिया है. कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बावजूद मिलों और व्यापारियों की खरीद बनी हुई है, जिससे बाजार की स्थिति मजबूत बनी हुई है.
लीची की फसल के शुरुआती चरण में कीटों का खतरा सबसे अधिक रहता है, जिससे फल गिरने और उत्पादन में भारी कमी हो सकती है. विशेषज्ञों के अनुसार लीची स्टिंक बग, दहिया कीट और लीची माइट से समय रहते बचाव जरूरी है. सही दवाओं के छिड़काव और बाग की देखभाल से किसान अपनी फसल को सुरक्षित रख सकते हैं और बेहतर क्वालिटी वाले फल प्राप्त कर सकते हैं.
ओडिशा में किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है जहां केंद्र सरकार ने मूंग, उड़द समेत पांच फसलों की MSP पर खरीद को मंजूरी दी है. करोड़ों रुपये की इस स्वीकृति से किसानों को सीधे फायदा मिलने की उम्मीद है और खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी रखने पर भी जोर दिया गया है.
पंजाब में गेहूं खरीद ने अचानक रफ्तार पकड़ ली है. गुणवत्ता मानकों में ढील मिलने के बाद सिर्फ पांच दिनों में खरीद कई गुना बढ़ गई. सांसद ने मंडियों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और किसानों से बातचीत कर मौजूदा हालात को समझा.
मुरादाबाद में ‘किसान तक’ किसान कारवां के पहुंचने पर किसानों में खासा उत्साह देखने को मिला. इस कार्यक्रम में कृषि, पशुपालन और सरकारी योजनाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई. विशेषज्ञों ने किसानों को नई तकनीकों, उर्वरकों के सही उपयोग और आय बढ़ाने के उपाय बताए, जिससे खेती को अधिक लाभकारी बनाने में मदद मिलेगी.
मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने अपनी कैबिनेट में आज एक महत्वपूर्ण फैसला लिया. विकास परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित की जाने वाली जमीन पर किसानों को चार गुना तक मुआवजा दिया जाएगा.
बिहार में बेमौसम बारिश, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के लिए सरकार ने बड़ी राहत दी है. 13 जिलों के 88 प्रखंडों और 1484 पंचायतों में फसल नुकसान झेलने वाले किसानों को कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत सहायता राशि दी जाएगी. किसान 5 मई तक आवेदन कर सकते हैं और अनुदान की राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी.
देश में कपास की बढ़ती कीमतों ने टेक्सटाइल उद्योग पर दबाव बढ़ा दिया है, जिससे स्पिनिंग मिलों और गारमेंट निर्यातकों की लागत प्रभावित हो रही है. उत्पादन और मांग के बीच अंतर को देखते हुए उद्योग ने सरकार से ड्यूटी-फ्री आयात की अनुमति देने की मांग तेज कर दी है.
मध्य प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग की फसल किसानों के लिए आय का महत्वपूर्ण स्रोत बनती जा रही है. बेहतर उत्पादन के साथ यह मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ाती है. हालांकि, कीट और रोगों के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए दलहन विकास निदेशालय ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है, जिसमें फसल की सुरक्षा और बेहतर उत्पादन के लिए जरूरी उपाय बताए गए हैं.
मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के रेहगांव गांव में एक किसान ने जमीन खरीद में कथित धोखाधड़ी और लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर कीटनाशक पीकर आत्महत्या कर ली. मौत से पहले किसान ने एक वीडियो जारी कर आरोपियों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की. घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया, जिसके चलते पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है.
मई से जुलाई के बीच अल-नीनो के आने की संभावना जताई गई है, जिससे मौसम में बड़ा बदलाव हो सकता है. इससे गर्मी बढ़ने और बारिश के पैटर्न में बदलाव के संकेत हैं. भारत में मानसून पर भी इसका असर पड़ सकता है, जिससे कहीं ज्यादा तो कहीं कम बारिश देखने को मिल सकती है.
सरकार ने नई चीनी मिलों के लिए न्यूनतम दूरी 15 किमी से बढ़ाकर 25 किमी करने का प्रस्ताव रखा है. इसका उद्देश्य गन्ने की उपलब्धता संतुलित रखना और उद्योग को व्यवस्थित करना है. घटती चीनी खपत और बढ़ती गुड़ मांग के बीच यह फैसला किसानों और मिलों दोनों को प्रभावित कर सकता है.
अप्रैल के महीने में उत्तर भारत के कई राज्यों में भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. हालात ऐसे हैं कि दिन में घर से बाहर निकलना भी चुनौती बन गया है. इसी बीच मौसम विभाग ने राहत भरी खबर देते हुए 13 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. खासकर पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में तेज बारिश के साथ आंधी-तूफान की संभावना जताई गई है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, त्रिपुरा, मणिपुर और मिजोरम में 22 से 25 अप्रैल के बीच भारी बारिश हो सकती है.
IMD Latest Weather Update: देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और हीटवेव का खतरा बढ़ गया है, जबकि पूर्वोत्तर में भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में तापमान तेजी से बढ़ने वाला है.
मेरठ के मोदीपुरम में 23 अप्रैल को बासमती बीज मेला लगेगा, जहां किसानों को उन्नत और DNA प्रमाणित किस्में तय दर पर मिलेंगी. मेले में कई राज्यों से किसानों के पहुंचने की संभावना है और बीज पहले आओ-पहले पाओ आधार पर वितरित होंगे.
दिल्ली में पांच साल बाद फिर से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होने जा रही है. 24 अप्रैल से नरेला और नजफगढ़ मंडियों में खरीद होगी, जिससे करीब 21 हजार किसानों को MSP पर फसल बेचने का मौका मिलेगा.
संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रस्तावित भारत‑अमेरिका मुक्त व्यापार समझौता का कड़ा विरोध करते हुए केंद्र सरकार को चेताया है कि कृषि, डेयरी और पोल्ट्री सेक्टर से जुड़े किसी भी समझौते से भारतीय किसानों को नुकसान हो सकता है. संगठन ने कहा कि विदेशी दबाव में कोई फैसला न लिया जाए और किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जाए.
भारत सरकार की ओर से गेहूं निर्यात कोटा बढ़ाने का फैसला किसानों की आय बढ़ाने से ज्यादा भरे हुए सरकारी गोदामों के दबाव का नतीजा माना जा रहा है. विशेषज्ञों के अनुसार बफर से कई गुना अधिक स्टॉक, नई फसल की आवक और वैश्विक बाजार में अर्जेंटीना जैसे देशों से मुकाबले के चलते यह कदम उठाया गया, जिससे MSP खरीद और भंडारण व्यवस्था पर असर पड़ सकता है.
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