Tips for Animal Stress स्ट्रेस में आते ही बकरे-बकरी खाना पीना कम कर देती हैं. उनके रोजाना के व्यवहार में फर्क आ जाता है. दूध का उत्पादन हो या मीट का उस पर भी असर दिखाई देने लगता है. कई बार तो लगातार स्ट्रेस के चलते बकरे-बकरी बीमार हो जाते हैं.
तमिलनाडु के मदुरै जिले में ओलावृष्टि की वजह से धान की फसल खराब हो गई है. किसानों का कहना है कि पहले कम बारिश की वजह से उन्हें नुकसान हुआ था. इसके बाद दूसरी फसल में हालात सुधरने की उम्मीद थी, लेकिन बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से खेतों में पानी भर गया और फसल को नुकसान हुआ.
आम के पेड़ों में बौर झड़ने की समस्या से किसान परेशान रहते हैं, जिससे फल कम लगते हैं. सही पोषण, बोरान का उपयोग और कीट नियंत्रण से इस समस्या को रोका जा सकता है. आसान उपाय अपनाकर किसान आम के पेड़ों को स्वस्थ रख सकते हैं और अच्छी पैदावार के साथ ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं.
Wether and Fisheries बदलते मौसम के साथ ये जरूरी है कि पानी के तापमान में बदलाव होते ही ट्रीटमेंट करना शुरू कर दें. वहीं जरूरत पड़ने पर तालाब में पानी की मात्रा को भी बढ़ा दें. बदलते मौसम में सुबह-शाम पानी का तापमान चेक करते रहना चाहिए. आक्सीजन की मात्रा को भी कम न होने दें.
यूपी सरकार ने गेहूं के MSP में ₹160 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है. 25 मार्च से 15 जून 2026 तक 6500 केंद्रों पर खरीद होगी, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी.
नासिक में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से 4,500 हेक्टेयर से अधिक प्याज की फसल को नुकसान हुआ है. उत्पादन में 12-15% गिरावट की आशंका है, जबकि गिरती कीमतों से किसान पहले ही संकट में हैं.
सिसौली के किसान भवन में चार दिवसीय प्राकृतिक खेती शिविर की शुरुआत की गई. शिविर के पहले दिन प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक सुभाष पालेकर ने प्राकृतिक खेती के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने ‘जीरो बजट प्राकृतिक खेती’ के बारे में भी बताया.
लीची में स्टिंक बग, फ्लावर वेबर और मंजर-फल झुलसा जैसे नए कीट और रोग तेजी से नुकसान पहुंचा रहे हैं. इनके लक्षण, प्रभाव और समय पर प्रबंधन से बेहतर उत्पादन और क्वालिटी सुनिश्चित की जा सकती है.
ईरान-अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच AIDA ने सरकार को एक बड़ा प्रस्ताव दिया है. भारती बालाजी ने अपने पत्र में लिखा है कि अभी मध्य पूर्व में युद्ध जैसे हालात हैं और तेल की कीमतें बढ़ रही हैं. ऐसे समय में इथेनॉल इंडस्ट्री पेट्रोल में 20 फीसदी से ज्यादा इथेनॉल मिलाने के लिए तैयार है.
बेमौसम बारिश से किसानों की पकी हुई फसल को नुकसान पहुंच सकता है. गेहूं, सरसों और चने जैसी फसल भीग सकती है और मेहनत बर्बाद हो सकती है. कृषि वैज्ञानिकों के सरल उपाय अपनाकर आप फसल को सुरक्षित रख सकते हैं. सही सुखाने, भंडारण और सावधानी से नुकसान कम किया जा सकता है.
बुलंदशहर की रहने वाली कृष्णा यादव की कहानी एक मिसाल है कि कैसे लगन और हौसले से किस्मत बदली जा सकती है. एक वक्त था जब घर की माली हालत इतनी खराब थी कि उन्हें अपना मकान तक बेचना पड़ा. मजबूरी में वे दिल्ली आईं और दूसरों के खेतों में मजदूरी करने लगीं. लेकिन उनके दिल में कुछ बड़ा करने का जज्बा था. महज 500 रुपये से शुरू हुआ उनका सफर आज कई करोड़ों के टर्नओवर तक पहुंच चुका है.
Poultry Chicks Care पोल्ट्री फार्म में नए चूजे लाने से पहले और बाद में कुछ काम जरूर करें, वर्ना अंडा हो या चिकन उसकी लागत बढ़ जाती है. क्योंकि बीमार होने पर चूजों की दवाई और वैक्सीन पर खर्चा करना होता है. इसलिए फीड, पानी, वैक्सीन, शेड मैनेजमेंट को लेकर अलर्ट हो जाएं. अगर इस मामले में टिप्स अपनाकर काम किया तो फिर लागत नहीं मुनाफा बढ़ेगा.
अमृतसर में किसानों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ झड़प होने से माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया. किसानों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने आए थे, लेकिन पुलिस की ओर से लाठीचार्ज किया गया.
Calf Care after Birth गाय-भैंस बच्चा दे और वो अगर बछिया है तो फिर पशुपालक के लिए दोहरी खुशी होती है. क्योंकि पशुपालन में दूध ही नहीं जन्म लेने वाला बछड़ा भी मुनाफा कराता है. लेकिन मुनाफा भी तब होता है जब बछड़ा कम से कम एक साल का हो जाए. क्योंकि बछड़े के जन्म लेने के बाद करीब छह महीने उसके लिए बहुत जोखिम भरे होते हैं.
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते भारत में यूरिया उत्पादन आधा हो गया है. गैस की कमी से कारखानों की क्षमता प्रभावित हुई है और ऊर्जा खर्च बढ़ा है. इससे किसानों को खाद की आपूर्ति में परेशानी आ सकती है, खासकर आने वाले खरीफ सीजन में. सरकार और कंपनियां इस संकट को हल करने की कोशिश कर रही हैं.
Agriculture News of UP: कृषि के दिशा में भी उत्तर प्रदेश ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. फल, सब्जी, दुग्ध, आलू, आम, मटर, मेंथा और शहद उत्पादन में प्रदेश का देश में प्रथम स्थान इस बात का संकेत है कि अब खेती केवल परंपरागत फसलों तक सीमित नहीं रही. प्रति वर्ष 400 लाख टन फल और सब्जियों का उत्पादन, यह दर्शाता है कि किसानों ने बाजार की मांग के अनुरूप खुद को ढाला है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा पूर्वानुमान में जानकारी दी है कि देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज अगले कुछ दिनों तक बिगड़ा रहेगा. ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर भारत में 24 मार्च तक गरज-चमक, तेज हवाएं और बारिश जारी रहने की संभावना है. पूर्वोत्तर राज्यों असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है. वहीं, पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में बारिश और आंधी का असर जारी रहेगा.
भारत में मौसम तेजी से बदल रहा है. 22 से 26 मार्च तक कई राज्यों में बारिश, आंधी, बिजली और तेज हवाओं का अलर्ट है, जबकि कुछ क्षेत्रों में गर्मी और उमस बढ़ेगी. उत्तर-पूर्व, उत्तर और पूर्व भारत में विशेष सतर्कता की जरूरत है. मौसम विभाग ने लोगों और किसानों को सावधान रहने की सलाह दी है.
कांग्रेस नेता Jitu Patwari ने केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan पर तीखा हमला बोला. उन्होंने किसानों के कर्ज के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि आज देश के 97 फीसदी किसान कर्ज में दबे हैं.
देशभर में बेमौसम बारिश से किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है. Saharanpur में तेज हवा और बारिश के कारण गेहूं की फसल गिर गई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है. फसल गिरने से दानों के सही तरीके से विकसित होने में दिक्कत आती है.
दरभंगा जिले में पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश और तेज आंधी-तूफान ने जहां मौसम को सुहाना बना दिया है, वहीं किसानों के लिए यह बारिश आफत बनकर आई है.
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