मौजूदा समय में किसान धान-गेहूं के अलावा सब्जी वाली फसलों की खेती भी बड़े पैमाने पर करने लगे हैं. इसके लिए सरकार भी किसानों को प्रोत्साहित कर रही है. इससे किसानों की बंपर कमाई भी हो रही है. इसलिए किसान बड़े स्तर पर इसकी खेती कर रहे हैं.
मुख्यमंत्री सैनी ने साफ़ किया कि हरियाणा में धान की खरीद भारत सरकार की गाइडलाइंस के हिसाब से ऑथराइज़्ड एजेंसियों के ज़रिए सख्ती से की जाती है और एक मज़बूत, मल्टी-लेयर्ड सिस्टम के तहत इसकी मॉनिटरिंग की जाती है.
देश के बड़े हिस्से में अब गर्मी का असर दिखने लगा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने अपने ताजा बुलेटिन में भी उत्तर-पश्चिम भारत के कई इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस ऊपर बने रहने की चेतावनी दी है. साथ ही दो कमजोर पश्चिमी विक्षोभों के असर से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में 3 और 4 मार्च को हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है.
देश के बड़े हिस्से में गर्मी का असर तेज होता जा रहा है. उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना रहेगा, जबकि पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में हल्की बारिश-बर्फबारी के संकेत हैं. दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आएगा.
लखनऊ में पहली बार आयोजित दो दिवसीय उत्तर प्रदेश मीन महोत्सव और एक्वा एक्सपो 2026 ने मत्स्य पालन को आधुनिक तकनीक, निवेश और उद्यमिता से जोड़ने का मंच दिया. कार्यक्रम में केंद्रीय और प्रदेश सरकार की योजनाओं, नई तकनीकों और बाजार से सीधे जुड़ाव पर फोकस रहा. पढ़ें पूरी खबर...
वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि 2026 में अल नीनो बनने की संभावना दक्षिण-पश्चिम मॉनसून को प्रभावित कर सकती है, जिससे तटीय कर्नाटक में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है. 2015–17 जैसे पिछली अल नीनो वर्षों में कर्नाटक में बारिश काफी घटी थी. प्रशांत महासागर में बढ़ते समुद्री तापमान के कारण नमी वाले बादल दक्षिण एशिया से दूर जा सकते हैं. साथ ही मौसम विभाग ने शुरुआती हीटवेव का अलर्ट जारी किया है. शोध बताते हैं कि महासागर का खारापन भी अल नीनो को मजबूत या कमजोर करने में अहम भूमिका निभा सकता है.
Model Ponds in UP: इस कार्ययोजना के मुताबिक हर जिले के 100 तालाब ‘मेरा तालाब मेरी जिम्मेदारी’ अभियान से जोड़कर मॉडल स्वरूप में निखारे जाएंगे. अभियान को लेकर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के निदेशक की तरफ से सभी जिला पंचायत राज अधिकारियों को सर्कुलर जारी किया गया है.
उत्तर प्रदेश सरकार और इंडिया टुडे ग्रुप की पहल ‘किसान तक’ कारवां बाराबंकी पहुंचा, जहां किसानों ने आधुनिक खेती, उर्वरक प्रबंधन, पशु स्वास्थ्य और आय बढ़ाने के उपायों को करीब से समझा. कृषि विशेषज्ञों से लेकर प्रगतिशील किसानों तक ने अनुभव साझा किए. कार्यक्रम के अंत में लकी ड्रॉ के जरिए किसानों को नकद इनाम देकर सम्मानित किया गया.
केंद्र सरकार द्वारा मखाना बोर्ड बनाए जाने के बाद बिहार के पूसा में मखाना अनुसंधान एवं विकास केंद्र की शुरुआत की गई. केंद्रीय राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने इसका उद्घाटन किया. यह केंद्र किसानों को मखाना उत्पादन, बीज तकनीक, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और निर्यात जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान करेगा. विश्वविद्यालय ने 17 वैज्ञानिकों की टीम तैयार की है जो मखाना की पूरी वैल्यू चेन पर काम करेगी. दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में देश भर के वैज्ञानिक, किसान और उद्यमी शामिल हुए.
खरीफ प्याज के भंडारण के लिए सबसे ज्यादा किसानों को परेशान होना पड़ता है. ऐसे में बांदा कृषि विश्वविद्यालय ने एक ऐसा मॉडल तैयार किया है जिससे किसान घर बैठे ही बहुत कम लागत में अपनी प्याज को सड़ने से बचा सकेंगे.
Kisan Karwan In Barabanki: बाराबंकी के सलारपुर गांव में ‘किसान तक’ का किसान कारवां पहुंचा, जहां बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया. खेती, पशुपालन, जैविक कृषि, नैनो उर्वरक, मधुमक्खी पालन और नई तकनीकों पर विशेषज्ञों ने जानकारी दी. कार्यक्रम ने किसानों को आय बढ़ाने के नए रास्ते दिखाए.
बंगाल कैबिनेट ने अच्छी सर्दी के कारण संभावित बंपर आलू उत्पादन के बीच किसानों को राहत देने के लिए सीधे 9.50 रुपये प्रति किलो की दर पर 12 लाख टन आलू खरीदने को मंजूरी दी है. सरकार का लक्ष्य छोटे और सीमांत किसानों को कम कीमतों पर मजबूरन फसल बेचने से बचाना है. मामले का राजनीतिक महत्व भी है क्योंकि आलू उत्पादक जिलों का चुनावी प्रभाव बड़ा माना जाता है. इस बार 110–120 लाख टन उत्पादन का अनुमान है, जबकि कीमतें 5 रुपये प्रति किलो तक गिरने की आशंका थी.
पौधों की अच्छी ग्रोथ इस बात पर निर्भर नहीं करती कि आपने कितना महंगा पौधा खरीदा है, बल्कि इस पर निर्भर करती है कि आपने उसे किस तरह की मिट्टी में लगाया है. ऐसे में आइए जानते हैं गमलों में पौधे लगाने से पहले मिट्टी को कैसे तैयार करें?
महाराष्ट्र विधानसभा में बताया गया कि 2017 की कर्जमाफी योजना के तहत अब तक 44 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिल चुका है, जबकि 6.56 लाख पात्र किसानों के मामलों की प्रक्रिया जारी है. जानिए मंत्री ने और क्या कहा...
साल 2026 की होली की तारीख को लेकर लोगों के बीच बहुत ही ज्यादा कंफ्यूजन बना हुआ है. लोग असमंजस में हैं कि आखिर होली कब है. ऐसे में आइए जानते हैं कब मनाई जाएगी होली और क्या रहेगा होलिका दहन का सही मुहूर्त.
इंटरनेशनल स्पाइस कॉन्फ्रेंस 2026 की रिपोर्ट बताती है कि भारत में इस साल मसाला फसलों का मिला-जुला रुख देखने को मिलेगा. मौसम और रकबा घटने से मिर्च उत्पादन 35–40% तक घट सकता है, जबकि पिछले साल की कीमतों के बाद हल्दी उत्पादन में लगभग 15% बढ़ोतरी का अनुमान है. अदरक में कम पैदावार और चीन के बढ़ते एक्सपोर्ट दबदबे के कारण भारत के अदरक निर्यात में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है.
Milk Production दूध में नंबर वन भारत एक्सपोर्ट की टॉप 10 की लिस्ट में भी शामिल नहीं है. इसी को देखते हुए डेयरी एक्सपर्ट पशुपालन और डेयरी में खास 20 काम करने की सलाह दे रहे हैं. मिल्क रेव्युलेशन-2 के हिसाब से चलने की बात कही जा रही है. ऐसा इसलिए भी किया जा रहा है कि इंडियन डेयरी का ढांचा इस तरह का है कि उसके हिसाब से दूध उत्पादन को कभी भी बढ़ाया जा सकता है.
ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में 47 वर्षीय किसान त्रिलोचन नायक की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई. परिवार का आरोप है कि धान खरीद के दौरान PACS और प्राइवेट मिलर ने उन्हें तीन दिन तक परेशान किया, सही MSP नहीं दिया और आर्थिक बोझ बढ़ा. प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है, जबकि BJD ने इसे सरकार की विफलता बताया है.
IMD Weather Forecast: फरवरी के अंत के साथ ही मौसम का मिज़ाज तेजी से बदलने वाला है. IMD के ताजा अनुमान में अगले दो हफ्तों के दौरान गर्मी बढ़ने और बारिश सीमित रहने के संकेत हैं. मार्च की शुरुआत में किन राज्यों पर ज्यादा असर पड़ेगा, पढ़ें पूरी रिपोर्ट...
Bhopal में कांग्रेस पार्टी ने किसानों के मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया. इस दौरान Rahul Gandhi ने सरकार पर निशाना साधते हुए किसानों से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए. वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने राहुल गांधी पर पलटवार किया.
पाकिस्तान में इस बार गेहूं उत्पादन 20–22 लाख टन घटने का अनुमान है. सूखे, सिंचाई संकट, सरकार की देरी से घोषित सपोर्ट प्राइस और सिंधु जल समझौते में आई रुकावटों ने पंजाब जैसे प्रमुख कृषि क्षेत्रों को प्रभावित किया है. इससे आटे की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं और देश गंभीर खाद्य संकट की ओर बढ़ रहा है.
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