पूर्व वैज्ञानिक डॉ. सुनील पब्बी के मुताबिक, ब्लू-ग्रीन एल्गी एक तरह का सूक्ष्म जीव है जो खेती में काफी फायदेमंद साबित हो सकता है. इसके अलावा ये लोगों की थाली में एक सुपरफूड के तौर पर भी शामिल हो रहा है. आइए जानते हैं ब्लू-ग्रीन एल्गी के फायदे के बारे में.
खेती में पानी की बचत बहुत जरूरी है. इस लेख में जानें 5 आसान देसी तकनीकें जैसे खेत में मेड़ बनाना, मल्चिंग करना और बारिश का पानी रोकना. इन उपायों से मिट्टी में नमी बनी रहती है, फसल सुरक्षित रहती है और पानी की बचत होती है. किसान इन तरीकों से खेत की उपज बढ़ा सकते हैं.
उत्तर प्रदेश के बांदा में बेमौसम बारिश और फसल नुकसान के कारण किसान उदय प्रताप की मौत हो गई. खेत देखकर लौटते समय उन्हें अटैक पड़ा. घटना से परिवार और गांव में कोहराम मच गया. प्रशासन ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और जांच शुरू कर दी. यह घटना किसानों की मुश्किलों की याद दिलाती है.
धौलपुर जिले की कृषि मंडी में हालात काफी खराब हो गए हैं. यहां किसानों को अपनी फसल बेचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इससे नाराज होकर किसानों ने मंडी प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया.
हल्की बारिश और कीटों से फसल को सुरक्षित रखने के आसान तरीके जानें. इस गाइड में किसान सीखेंगे कब और कैसे फसल काटें, बीज बुवें, कीट नियंत्रण करें और सब्जियों और अनाज की सही देखभाल करें. सही समय पर सही कदम उठाकर आप अपनी फसल का उत्पादन बढ़ा सकते हैं और नुकसान से बच सकते हैं.
भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान वाराणसी के द्वारा मटर की एक नई किस्म विकसित की गई है. इस मटर के छिलकों में भी है भरपूर पोषण है. आईआईवीआर की ओर से विकसित नई किस्म में पूरी फली यानी दाने और छिलके दोनों खाने योग्य हैं. आइए जानते हैं इस किस्म की अन्य खासितयों के बारे में.
कृषि मंत्री ने कहा कि योगी सरकार ने किसानों के लिए खजाना खोल दिया. योगी सरकार ने किसानों की जितनी मदद की, इतनी मदद पहले किसी सरकार ने नहीं की. 9 वर्ष पहले प्रदेश के किसान हर साल आत्महत्या करने पर मजबूर होते थे.
भारत में बढ़ती खाद कीमतें और आयात पर निर्भरता किसानों के लिए चिंता का विषय बन गई हैं. गलत उपयोग और मिट्टी की बिगड़ती सेहत से फसल पर असर पड़ रहा है. जैविक तकनीक और फर्टिलाइज़र बायोएडिटिव्स के जरिए पोषण दक्षता बढ़ाकर आयात कम किया जा सकता है और खेती को टिकाऊ बनाया जा सकता है.
बरेली के ICAR-IVRI संस्थान ने भारतीय पशुपालन के क्षेत्र में एक बड़ी मिसाल पेश की है। संस्थान के वैज्ञानिकों ने आधुनिक 'ओपीयू-आईवीएफ' तकनीक का इस्तेमाल करके साहिवाल गाय के पाँच तंदुरुस्त बछड़ों को जन्म दिलाने में सफलता हासिल की है। यह तकनीक इसलिए खास है क्योंकि इसमें बिना किसी भारी इंजेक्शन या नुकसान के, ज्यादा दूध देने वाली गायों के औसा्इट को लैब में फर्टिलाइज किया जाता है.इस कामयाबी का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब हमारे किसानों को साहिवाल और थारपारकर जैसी शुद्ध देसी नस्लें मिलेंगी, जो न केवल सेहतमंद होंगी बल्कि दूध भी बंपर देंगी यह भारत को डेयरी सेक्टर में नये बदलाव से पशुपालको की खुशहाली के लिए उम्मीद की एक नई किरण लेकर आई है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा पूर्वानुमान में जानकारी दी है कि देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज अगले कुछ दिनों तक बिगड़ा रहेगा. ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर भारत में 24 मार्च तक गरज-चमक, तेज हवाएं और बारिश जारी रहने की संभावना है. 22 मार्च को पूर्वोत्तर राज्यों असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है. वहीं, पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में बारिश और आंधी का असर जारी रहेगा.
22 मार्च को हर साल विश्व जल दिवस के रूप में मनाया जाता है. जिसमें मीठे पानी के संरक्षण का संदेश दिया जाता है. अब जैसे-जैसे नई तकनीकें विकसित हो रही है, इसका फायदा बढ़ता जा रहा है. इसी क्रम में खेती में पानी बचाने की नई तकनीकों पर भी दुनिया का जोर बढ़ा है. सेंसर और AI आधारित सिंचाई सिस्टम अब मिट्टी की नमी और मौसम के डेटा के आधार पर तय करते हैं कि कब और कितना पानी देना है, जिससे पानी की बचत और बेहतर उत्पादन संभव हो रहा है.
देशभर में मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है, जहां कई राज्यों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है. पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में ज्यादा असर दिखेगा, जबकि दिल्ली-एनसीआर में हल्की राहत के साथ बदलाव जारी रहेगा.
बिहार के पटना में “बिहार नर्सरी और ग्रीन-टेक कॉन्क्लेव 2026” की शुरुआत हुई. इस मौके पर राज्य के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि यह कॉन्क्लेव बिहार की खेती को एक नई दिशा देने वाला है. उन्होंने बताया कि पहले खेती पारंपरिक तरीके से होती थी, लेकिन अब समय बदल गया है और खेती में तकनीक का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है.
Maharashtra के अंबाजो-गाई शहर के पास रहने वाले एक छोटे Farmer ने अपनी मेहनत और सटीक योजना से सफलता की नई इबारत लिख दी. बालासाहेब चोपणे नाम के इस किसान ने अपनी मात्र 4 गुंठा यानी करीब 4,000 वर्ग फुट जमीन में पुदीने (Mint) की ऐसी खेती की कि पिछले 5 सालों में 5 लाख रुपये से अधिक की कमाई की है.
Bihar के मुख्यमंत्री Nitish Kumar, समृद्धि यात्रा के दौरान गया जिला के फतेपुर प्रखंड के मायापुर गांव पहुंचे थे. यहां उन्होंने एक जनसभा को संबोधित किया. इस सभा में भारी संख्या में महिला और पुरुष पहुंचे थे. मगर जैसे ही बिहार के मुख्यमंत्री सभास्थल से बाहर निकले, वैसे ही वहां मौजूद सारी भीड़ सभा स्थल के बगल के खेत में घुस गई.
साल 2026 के बजट को हर वर्ग की जरूरतों और अपेक्षाओं के अनुसार तैयार करने के लिए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हाल ही में दिल्ली सचिवालय में गिग वर्कर्स, किसानों, ग्रामीणों के साथ बैठक की. इस दौरान दिल्ली देहात से भी कई किसान मीटिंग में मौजूद रहे.
मुजफ्फरपुर जिले में शुक्रवार से हो रही लगातार बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है. इस बेमौसम बारिश में गेहूं, आलू और लीची की फसल को भारी नुकसान हुआ है.
पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध का असर अब कपड़ा उद्योग पर भी साफ दिखने लगा है. कच्चे तेल के महंगा होने के कुछ ही दिनों में पॉलिएस्टर फाइबर की कीमतों में 10 से 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है. इसका सीधा फायदा कपास किसानों को मिल सकता है.
देश के कई राज्यों में बुधवार को मौसम में अचानक बदलाव हुआ और तेज हवा, बारिश, ओलावृष्टि देखने को मिली. इस अचानक बदले बेमौसम और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. हरियाणा के रेवाड़ी में जमकर हुई बरसात के कारण किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं.
Pulses Price: देशभर में 1 से 19 मार्च के बीच बड़ी संख्या में मंडियों में चना, तुअर, मूंग और अन्य दालों के दाम MSP से नीचे दर्ज किए गए. कुछ चुनिंदा बाजारों को छोड़ दें तो किसानों को घोषित समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिल पाया, जिससे उनकी आय पर सीधा असर पड़ रहा है.
19 मार्च को Ramlila Maidan में किसान महापंचायत आयोजित हुई, जिसमें देशभर के किसान MSP गारंटी कानून की मांग को लेकर एकजुट हुए. किसानों ने United States के साथ हुए व्यापार समझौते से कृषि को बाहर रखने की मांग की.
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