Tree Fodder बकरी पालन में चारा कैसा हो और उसकी तेजी से ग्रोथ हो, ये दो बड़े सवाल होते हैं. इसीलिए एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि हरे चारे संग बकरियों को कुछ खास तरह की पत्तियां भी खिलानी चाहिएं. इनसे बकरे-बकरियों का उत्पादन बढ़ने के साथ ही बीमारी से भी बचे रहते हैं.
नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत यूपी में डेयरी सेक्टर को नई रफ्तार मिल रही है. सरकार तीन वर्षों में 204 डेयरी इकाइयों का लक्ष्य लेकर चल रही है और ऋण व अनुदान प्रक्रिया को तेज किया गया है.
Kashmir Weather: कश्मीर में असामान्य रूप से गर्म रहे सर्दी के बाद मौसम में बदलाव आया है और दिन का तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया है. हालिया बारिश और बर्फबारी से फसलों और बागवानी को राहत मिलने की संभावना जताई गई है. पढ़ें मौसम वैज्ञानिक ने क्या कहा...
Mamata Banerjee ने पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए 10 प्रतिज्ञाओं वाला घोषणा पत्र जारी किया, जिसमें 30,000 करोड़ रुपये का कृषि बजट, भूमिहीन मजदूरों को सहायता, सिंचाई मुफ्त और किसानों के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं का वादा किया गया है.
महाराष्ट्र के किसान रवींद्र मेतकर ने 3,000 रुपये से शुरू किए पोल्ट्री व्यवसाय को 15 करोड़ टर्नओवर तक पहुंचाया. अब उन्हें ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में अपने अनुभव साझा करने के लिए आमंत्रित किया गया है—जानिए उनकी प्रेरणादायक सफलता की कहानी.
गुणीप्रकाश ने कहा कि नए नियमों से किसान खेत और मंडी के बीच उलझ जाएगा और खरीद प्रक्रिया जटिल होगी. उन्होंने सरकार से नियम वापस लेकर किसानों को राहत देने और व्यवस्था सरल करने की मांग की है.
महाराष्ट्र की लासलगांव मंडी में रबी प्याज के दाम 1300 रुपये प्रति क्विंटल से ऊपर बने हुए हैं, जबकि खरीफ प्याज के भाव गिरकर 900 रुपये तक पहुंच गए हैं. उत्पादन लागत 1800 रुपये होने से किसान नुकसान में हैं और सरकार से सहायता की मांग कर रहे हैं.
आजकल गर्मी के मौसम में जब पारा 45 डिग्री के पार पहुंच जाता है, तो इंसान का बाहर निकलना दूभर हो जाता है. उन किसानों की हालत की कल्पना कीजिए जिनकी कमाई पान की कोमल बेलों पर टिकी है. पान का पत्ता इतना नाजुक होता है कि लू की एक ही लहर उसे पूरी तरह जलाकर राख कर देती है. बिहार के श्याम सुंदर ने एक खास तकनीक से एक देसी ढांचा खड़ा किया, जिससे न झुलसेंगे पत्ते, न होगी बीमारी और पान की पैदावार चार गुना बढ़ जाएगी.
केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संसद में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर पिछली यूपीए सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने सदन में एक कैबिनेट नोट का हवाला देते हुए दावा किया कि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के बावजूद तत्कालीन सरकार ने लागत पर 50 प्रतिशत मुनाफा देने से साफ इनकार कर दिया था.
धौलपुर जिले में मौसम विभाग के अलर्ट के बाद जिले में दो दिन से मौसम का मिजाज बदला हुआ है. वहीं, बारिश से किसानों की खेतों में खड़ी गेहूं फसल को भारी नुकसान होने की संभावना दिखाई दे रही है.
महाराष्ट्र के अंबाजोगाई के किसान बालासाहेब चोपणे ने मात्र 4 गुंठा जमीन में ऑर्गेनिक पुदीने की खेती कर 5 लाख रुपये से अधिक की कमाई की. जानिए उनकी लो-कॉस्ट, हाई-प्रॉफिट खेती तकनीक और कैसे छोटे किसान भी इससे अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.
विदेश में अपने चावल में अलग पहचान बनाने वाला बूंदी का चावल इन दोनों गोदाम तक ही सीमित रह गया है. Iran-Israel के बीच हो रहे War ने चावल के व्यापार पर ब्रेक लगा दिया है. Rajasthan के बूंदी की अगर बात करें तो यहां का चावल खास तौर से ईरान और इजरायल में चल रहे युद्ध के चलते इसका व्यापार थम सा गया है.
गुड़ी पड़वा के शुभ अवसर पर महाराष्ट्र के कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि ने कहर बरपाया. सतारा के कराड दक्षिण क्षेत्र में तेज हवाओं, बिजली और ओलों के साथ अचानक मौसम बदला, वहीं जालना जिले में भी जोरदार ओलावृष्टि से गेहूं, चना और फल-बागवानी को भारी नुकसान हुआ. किसान संकट में हैं और सरकार से तात्कालिक राहत की मांग कर रहे हैं.
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसल नुकसान को लेकर केंद्र सरकार सक्रिय हुई है. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने समीक्षा बैठक में वैज्ञानिक आकलन, बीमा क्लेम और किसानों को त्वरित राहत देने पर जोर दिया. साथ ही उन्होंने दालों की खरीद पर भी बड़ा बयान दिया.
Cow Milk Production राजस्थान, यूपी, मध्य प्रदेश में गायों की संख्या ज्यादा है. यहां देसी नस्ल की गाय बड़ी संख्या में पाली जाती हैं. यही वजह है कि गाय के दूध उत्पादन के मामले में भी देशभर में राजस्थान और यूपी सबसे ऊपर हैं. और दूसरे राज्यों के मुकाबले मध्य प्रदेश में भी बड़े पैमाने पर उत्पादन हो रहा है. जबकि गुजरात की हालत ठीक नहीं है.
उत्तर प्रदेश और बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार 'आम की फसल' इस समय मौसम की दोहरी मार झेल रही है. मार्च के महीने में अचानक हुई बेमौसम बारिश, छिटपुट ओलावृष्टि और बढ़ती नमी ने पेड़ों पर आए शानदार 'बौर' के लिए गंभीर खतरा पैदा कर दिया है, जिससे 'झुलसा रोग' और 'खर्रा रोग' लगने की प्रबल संभावना है. पौध सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. एस. के. सिंह के अनुसार, अगर इस समय किसान सावधानी नहीं बरतते हैं, तो पैदावार में भारी गिरावट आ सकती है.
मीडिया को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमारे पास खाद का पर्याप्त भंडार है. हम खरीफ सीजन 2026 के लिए निश्चिंत हैं. उर्वरक विभाग ने एक बयान में कहा है कि घरेलू उत्पादन बढ़ाने और समझदारी से विदेशों से खरीद करने की रणनीति अपनाकर किसानों को वैश्विक संकट के असर से बचाने की कोशिश की जा रही है.
अचानक बढ़ी गर्मी, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से ठप पड़ा कृषि उत्पादों का निर्यात और बेमौसम बारिश—इन तीनों ने भारत के किसानों की कमर तोड़ दी है. गेहूं से लेकर आलू, प्याज, दालें और बागवानी फसलें तक सभी गंभीर रूप से प्रभावित हैं.
ओडिशा सरकार ने पारंपरिक फसलों और भूले-बिसरे खाद्यान्नों को फिर से बढ़ावा देने के लिए 247.024 करोड़ रुपये की योजना शुरू की है. यह पहल 15 जिलों के 25 जैव-विविधता क्षेत्रों में लागू होगी, जिससे देशी बीजों का संरक्षण और किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है.
Bihar में Litchi का सीजन शुरू हो गया है. इस सीजन में Muzaffarpur में इस बार एक अलग ही रौनक देखने को मिल रही है. बेहतर मंजर और अनुकूल मौसम की वजह से देश के अलग-अलग प्रदेशों से मधुपालक यहां पहुंच रहे हैं और लीची के फूलों से शहद तैयार कर मोटी कमाई कर रहे हैं.
चालू वित्त वर्ष में चीन ने भारत से ऑयलमील की खरीद में बड़ा इजाफा किया है, जो 20 गुना से अधिक बढ़कर 7.79 लाख टन तक पहुंच गया है. सस्ती कीमतों और कनाडा पर टैरिफ के कारण भारत को फायदा मिला, लेकिन अब टैरिफ हटने से प्रतिस्पर्धा बढ़ने की आशंका है.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today