केंद्र सरकार इथेनॉल उत्पादन बढ़ाने के लिए भारतीय खाद्य निगम से हर साल 90 लाख टन टूटा चावल उपलब्ध कराने की योजना बना रही है. इसके तहत PDS में टूटे चावल की हिस्सेदारी 25% से घटाकर 10% की जाएगी. सरकार इथेनॉल ब्लेंडिंग को 20% से आगे बढ़ाने, डीजल में ब्लेंडिंग और फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों को बढ़ावा देने पर भी विचार कर रही है, जिससे कच्चे तेल के आयात में कमी लाई जा सके.
Milk Production पैरासाइट पशुओं के खून में चिचड़ियों के माध्यम से प्रवेश कर जाते हैं. खून में जाकर रेड ब्लड सेल में अपनी संख्या बढ़ाने लगते है. जिसके चलते शरीर का हीमोग्लोबिन पेशाब के साथ बाहर निकलने लगता है. इस दौरान पेशाब लाल या गहरे भूरे रंग का हो जाता है.
गार्डनिंग करना आजकल ज्यादातर लोगों की पसंदीदा हॉबी बनती जा रही है. ज्यादातर लोग अपने घर में छोटा-सा गार्डन या खूबसूरत बालकनी में अपना किचन गार्डन बना रहे है और आर्गेनिक तरीके से घर पर ही साग-सब्जी उगाना पसंद कर रहे है. आइए जानते हैं क्या है ऑर्गेनिक गार्डनिंग और क्या है उसके फायदे.
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जहां बिरनो ब्लॉक की रहने वाली अंजू चतुर्वेदी ने "लुहरी काशी" नाम से फूड प्रोसेसिंग कंपनी की शुरुआत की और आज इसे एक बड़े स्तर तक पहुंचा दिया है. उनके साथ अब 1000 से ज्यादा महिलाएं जुड़ चुकी हैं, जो FPO (Farmer Producer Organization) के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं.
अमृतसर में किसान मजदूर मोर्चा के प्रदर्शन पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सरवन सिंह पंधेर सहित कई किसानों को हिरासत में लिया और धरना स्थल खाली करवाया. किसानों और पुलिस के बीच झड़प में कई लोग घायल हुए, जबकि किसान नेताओं ने सरकार पर आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी.
उत्तर प्रदेश सरकार और इंडिया टुडे ग्रुप की संयुक्त पहल के तहत प्रदेश के 75 जिलों में चल रहे इस विशेष अभियान में महिला और पुरुष किसानों ने भाग लिया और कृषि संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं. राप्ती और बूढ़ी राप्ती नदियों की गोद में बसे सिद्धार्थनगर की भूमि कृषि के लिए अत्यंत उपजाऊ मानी जाती है.
किसानों को आर्थिक सहायता देने के लिए सरकार के द्वारा चलाई जा रही किसान सम्मान निधि में बड़ी लापरवाही सामने आई है. उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के लगभग 14000 से ज्यादा किसान जिनमें ज्यादातर मृतक हैं या जिन्होंने जमीन बेच दी है, लगातार किसान सम्मान निधि की किस्त ले रहे थे. जांच के बाद कृषि विभाग ने सभी धनराशि को रोक दिया है.
कार्यक्रम में चंबल फर्टिलाइजर के प्रतिनिधि ने कंपनी के उत्पादों की जानकारी देते हुए उर्वरकों के संतुलित और सही उपयोग के बारे में किसानों को जागरूक किया. कार्यक्रम के अंत में लकी ड्रॉ के माध्यम से 12 किसानों को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, जिससे किसानों में विशेष उत्साह देखने को मिला.
Water for Animal गर्मी के मौसम में पशुओं के लिए साफ और ताजा पानी पीना जरूरी है. पानी ना पीने पर कई तरह की परेशानी हो सकती है. पानी की कमी और उससे होने वाली परेशानियों के लक्षण क्या हैं और परेशानी होने पर किस तरह के नुकसान उठाने पड़ सकते हैं ये सब इस खबर में बताया गया है.
पटना के अनुभवी किसान अमरजीत कुमार सिन्हा ने आम और अमरूद जैसे रसीले फलों को 'फल मक्खी' के जानलेवा हमले से बचाने के लिए एक बेहद सस्ता और 'असरदार' देसी जुगाड़ निकाला है. अक्सर ये मक्खियां फलों को अंदर से सड़ा देती हैं, जिससे बागवानों को 90 फीसदी तक का भारी नुकसान उठाना पड़ता है. इस समस्या के 'मुकम्मल' समाधान के लिए उन्होंने पके हुए केलों और बेकार प्लास्टिक की बोतलों से एक 'कीट जाल' तैयार किया है जिससे फल मक्खी खिंची चली आती हैं और जाल में फंसकर मर जाती हैं.
मार्च के महीने को लेकर इस बार कई तरह के मीम बन रहे हैं. कहा जा रहा है कि मार्च के महीने में एक साथ लोगों ने गर्मी, सर्दी और बरसात सारे मौसम देख लिए एक तरफ जहां मार्च में कई जगहों पर 42 डिग्री तक पहुंच गया था पारा, वहीं बीते कुछ दिनों से बारिश की वजह से लगातार ठंड का अहसास बढ़ रहा है.
नासिक अब भारत का वैश्विक अंगूर केंद्र बनने की राह पर है. DeHaat और राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB) ने एक 'अंगूर क्लस्टर विकास कार्यक्रम' शुरू किया है. इस पहल के ज़रिए किसानों को अंगूर की नई किस्मों, खेती की आधुनिक तकनीकों और वैश्विक बाज़ारों तक पहुँच मिलेगी. वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण के माध्यम से, नासिक से अंगूर का निर्यात बढ़ेगा और किसानों की आय में भी वृद्धि होगी.
22 मार्च को गोरखपुर के महंत दिग्विजय नाथ पार्क में एक रैली आयोजित हुई. लेकिन इस रैली ने एक राजनीतिक कार्यक्रम से बढ़कर भावनात्मक रूप ले लिया जब यहां एंट्री हुई यूपी सरकार के मत्स्य मंत्री डॉ.संजय निषाद की. उन्होंने बाइक रैली के साथ एंट्री की
बिहार के सहरसा जिले में बेमौसम बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है. इस मौसम ने गेहूं, मकई, दलहन और तिलहन की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है. खेतों में खड़ी फसलें जमीन पर गिर गई हैं, जिससे किसानों की आर्थिक हालत और भी खराब हो गई है.
मोतीपुर गांव ने आत्मनिर्भरता की अनोखी मिसाल पेश की है, जहां 120 परिवार पिछले 4 साल से बायोगैस प्लांट के जरिए बिना LPG गैस के जीवनयापन कर रहे हैं. गोबर से गैस और जैविक खाद बनाकर ग्रामीण न केवल खाना पका रहे हैं बल्कि अतिरिक्त आय भी कमा रहे हैं, जिससे यह मॉडल अन्य गांवों के लिए प्रेरणा बन गया है.
पश्चिम बंगाल में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे किसानों से जुड़े मुद्दों पर एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मी तेज होती जा रही है. आइए जानते हैं कि चुनाव में किसानों के कौन से मुद्दों पर हो रही है बात.
Animal Vaccination chart पशु-पक्षी के बीमार होते ही एंटी बायोटिक्स दवाई खिला दी जाती हैं. एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) की परेशानी खड़ी हो जाती है. चाहते हुए भी बहुत सारे देश भारत से बफैलो मीट नहीं खरीद पाते हैं. अंडे और डेयरी प्रोडक्ट की डिमांड भी इसी वजह से नहीं बढ़ पा रही है. पशुपालकों की लागत भी कम नहीं हो पा रही है. और इस सब का एक उपाय वैक्सीनेशन चार्ट का पालन है.
लोकसभा में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि एमएसपी पर रिकॉर्ड खरीद, पीएम-आशा, फसल बीमा और भावांतर जैसी योजनाओं के जरिए कई किसानों की आय दोगुनी हुई है. सरकार ने लागत से 50% अधिक MSP लागू करने, दलहन-तिलहन की खरीद बढ़ाने और मार्केट इंटरवेंशन स्कीम के माध्यम से किसानों को मूल्य सुरक्षा देने पर जोर दिया है.
रामपुर में बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने आम की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है. किसानों के अनुसार बौर और छोटी फलियां झड़ने से उत्पादन में 30 से 50 प्रतिशत तक गिरावट की आशंका है. फसल कम होने से बाजार में आम के दाम बढ़ सकते हैं और किसानों की चिंता बढ़ गई है.
पिछले दिनों हुई बारिश ने राजस्थान, यूपी, महाराष्ट्र, बिहार, गुजरात, हरियाणा और मध्य प्रदेश के कई इलाकों में तेज हवाओं, बारिश और ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी फसलों को गिरा दिया है. ऐसे में आइए जानते हैं कि आखिर इस बारिश से किन फसलों को ज्यादा नुकसान हुआ है.
महोबा के युवाओं ने अपनी पारंपरिक बैलगाड़ी को आधुनिक रूप दिया. लकड़ी की जगह स्टील और बाइक के टायर वाली हाईटेक बैलगाड़ी में भोला और भालू की जोड़ी ने झांसी बैलगाड़ी दौड़ में जिले का नाम रोशन करने की तैयारी शुरू की है. युवा परंपरा और आधुनिकता का संगम दिखा रहे हैं.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today