तमिलनाडु चुनाव से पहले TVK प्रमुख विजय ने अपने घोषणापत्र में महिलाओं को 2500 रुपये मासिक सहायता, किसानों की कर्ज माफी, मुफ्त गैस सिलेंडर, धान के लिए 3500 रुपये MSP और युवाओं के लिए रोजगार और भत्ता जैसे बड़े वादे किए हैं. घोषणापत्र में शिक्षा, AI और सामाजिक कल्याण पर भी विशेष जोर दिया गया है.
बंगाल चुनाव के बीच उत्तर बंगाल के चाय बागान मजदूरों ने कम दिहाड़ी और खराब जीवन स्थितियों के खिलाफ आवाज उठाई है. 250 रुपये रोज़ की मजदूरी बढ़ाकर 350 रुपये करने और पेंशन समेत सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं में सुधार की मांग ने इस मुद्दे को चुनावी बहस का केंद्र बना दिया है.
देश में 2025-26 के शुगर सीजन में उत्पादन बढ़कर 273.9 लाख टन तक पहुंच गया है, जो पिछले साल की तुलना में करीब 8 फीसदी ज्यादा है. नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज लिमिटेड (NFCSF) के अनुसार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में बेहतर उत्पादन इस वृद्धि का मुख्य कारण रहा है.
छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत धोड़न बांध निर्माण के खिलाफ आदिवासी किसानों का विरोध तेज हो गया है. ग्रामीण फर्जी ग्राम सभाओं और जबरन बेदखली का आरोप लगाते हुए उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं. “चूल्हा बंद” और प्रतीकात्मक फांसी जैसे विरोध प्रदर्शनों के चलते परियोजना का काम पूरी तरह ठप पड़ गया है.
हिमाचल दिवस के अवसर पर धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम में कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने कांगड़ा के ढगवार में 225 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक मिल्क प्लांट स्थापित करने की घोषणा की. इस परियोजना से क्षेत्र के पशुपालकों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है और डेयरी सेक्टर को मजबूती मिलेगी.
पंजाब में भारतीय किसान यूनियन (डकौंदा) ने फसल नुकसान के बावजूद किसानों पर लगाए जा रहे जुर्माने के विरोध में ‘रेल रोको’ आंदोलन का आह्वान किया है. जगराओं रेलवे स्टेशन पर होने वाले इस प्रदर्शन से कई यात्री और मालगाड़ियां प्रभावित हो सकती हैं, जबकि किसान खराब मौसम के कारण हुए नुकसान पर राहत और नियमों में ढील की मांग कर रहे हैं.
उत्तर रेलवे ने बडगाम से नई दिल्ली के आदर्श नगर के बीच नई पार्सल-रैपिड कार्गो ट्रेन सेवा शुरू करने का ऐलान किया है. इस पहल से कश्मीर के फल उत्पादकों और हैंडीक्राफ्ट व्यापारियों को तेज, सुरक्षित और किफायती परिवहन सुविधा मिलेगी, जिससे सेब, चेरी और अन्य उत्पाद ताजा हालत में देश के बाजारों तक पहुंच सकेंगे.
दुनियाभर में बढ़ते डायबिटीज मरीजों के बीच चीनी का विकल्प बनकर उभर रहा स्टीविया अब तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. कम कैलोरी और ज्यादा मिठास के कारण इसे हेल्दी स्वीटनर माना जा रहा है, लेकिन इसके उपयोग को लेकर सावधानी भी जरूरी बताई गई है. पढ़ें पूरी खबर...
बकरी पालन प्रशिक्षण ने गांव के युवाओं और किसानों को आत्मनिर्भर बनने का नया रास्ता दिखाया है. 10 दिन की इस ट्रेनिंग में कम खर्च में व्यवसाय शुरू करने, बकरियों की देखभाल और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई. इससे प्रतिभागियों में आत्मविश्वास बढ़ा और वे अब अपनी कमाई के नए अवसर तलाश रहे हैं.
Green Fodder इस वक्त देश में हरे और सूखे चारे की कमी डिमांड की 25 फीसद से भी ज्यादा हो गई है. दूध उत्पादन के मामले में बेशक हमारा देश विश्व में नंबर वन है, लेकिन इंटरनेशनल मार्केट में डेयरी प्रोडक्ट की पोजिशन ठीक नहीं है. इसके पीछे भी बड़ी वजह चारा ही बताया जा रहा है.
बुंदेलखंड में केन–बेतवा लिंक परियोजना के खिलाफ किसानों का आंदोलन तेज हो गया है. मुआवजे में असमानता, पुनर्वास और विस्थापन के मुद्दों को लेकर पन्ना और छतरपुर के किसान पिछले कई दिनों से धरने पर डटे हैं. प्रशासन के साथ बैठक के बावजूद ठोस समाधान न निकलने से किसानों में नाराजगी बनी हुई है और वे मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने पर अड़े हैं.
छत्तीसगढ़ में 515 नई पैक्स समितियों की शुरुआत के साथ सहकारिता नेटवर्क मजबूत हुआ है. इन समितियों के जरिए किसानों को खाद, बीज और ऋण जैसी सुविधाएं अब स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी.
बिना छिलका वाले जौ DBWR-244 की बाजार में काफी अच्छी मांग है. किसानों की आय बढ़ाने में भी मददगार साबित होगी. बाजार में हेल्दी फूड की बढ़ती मांग के बीच छिलका रहित जौ किसानों की आमदनी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता हैं.
पंजाब में अब गेहूं की पराली किसानों के लिए कमाई का नया जरिया बन रही है. मशीनों के बढ़ते इस्तेमाल से पराली को इकट्ठा कर बेचना आसान हुआ है. इससे किसानों की आय बढ़ रही है और पराली जलाने की समस्या भी कम हो रही है. यह बदलाव खेती और पर्यावरण दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है.
महाराष्ट्र में अल्फांसो आम के किसानों पर इस बार दोहरी मार पड़ी है. बेमौसम बारिश से फसल प्रभावित हुई, वहीं ईरान युद्ध और हॉर्मुज स्ट्रेट में बाधा के कारण निर्यात ठप हो गया है. दुबई जैसे बड़े बाजारों में सप्लाई रुकने से किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है, जबकि घरेलू बाजार में आम के दाम बढ़ने से उपभोक्ताओं की खरीद भी घट गई है.
Buffalo Feed-Fodder भैंस को अच्छी खुराक देने के साथ-साथ पशुपालक को ये भी मालूम होना चाहिए कि एक भैंस को कब और कितना मिनरल मिक्चर और चारा खिलाना है. खासतौर से ये जानकारी ऐसे पशुपालकों के लिए होना बहुत जरूरी है जो ये सोचते हैं कि पशुओं का क्या है, उन्हें तो कुछ भी खिला दो सब हजम है.
Animal Pregnency पशुओं में बांझपन एक बड़ी परेशानी है, लेकिन पशुपालक अगर थोड़ा सा अलर्ट हो जाए तो गाय-भैंस के बांझपन को दूर किया जा सकता है. वर्ना बांझपन बीमारी पशुपालक के मुनाफे को कम कर देती हैं. गाय-भैंस, भेड़-बकरी जब तक हीट में नहीं आएंगी तो वो बच्चा नहीं देंगी और पशुपालक को मुनाफा बच्चे से ही होता है.
2026-27 के मार्केटिंग सीजन में गेहूं की सरकारी खरीद सुस्त बनी हुई है, जिसकी वजह बेमौसम बारिश, देरी से कटाई और सख्त क्वालिटी मानक हैं. पंजाब और हरियाणा जैसे प्रमुख राज्यों में खरीद कम होने से MSP अभियान प्रभावित हुआ है. हालांकि सरकार नियमों में ढील देने पर विचार कर रही है, लेकिन फिलहाल लक्ष्य के मुकाबले खरीद काफी पीछे है.
जब खेत की मिट्टी और पसीने से उपजा गेहूं मंडियों में अपनी कीमत के लिए सिसकने लगे, लेकिन बाजार में उसी गेहूं से बना आटे का पैकेट आपकी जेब काटने पर आमादा हो, तो समझ लीजिए कि व्यवस्था की चक्की में सिर्फ अनाज नहीं, बल्कि किसान और उपभोक्ता दोनों का भरोसा भी पिस रहा है. यह सिर्फ किसान की हार नहीं बल्कि आपकी थाली पर डकैती भी है.
एमपी में गेहूं खरीदी तेज हो गई है और अब तक करीब 19 लाख टन उपार्जन हो चुका है. सरकार ने स्लॉट बुकिंग की आखिरी तारीख तय कर दी है, ऐसे में किसानों के लिए समय रहते प्रक्रिया पूरी करना जरूरी हो गया है.
होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव ने वैश्विक खाद सप्लाई को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है. खाड़ी देशों से आने वाली नाइट्रोजन और फॉस्फेट खादों की आपूर्ति बाधित होने से खेती, फसल उत्पादन और खाद्य सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है. इस संकट के चलते दुनिया भर में खादों के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे महंगाई और भुखमरी का जोखिम भी बढ़ सकता है.
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