देश के किसानों ने एक बार फिर एकता और संघर्ष की मिसाल पेश की है. इस वीडियो में अभिमन्यु कोहाड आपको कन्याकुमारी से कश्मीर तक किसानों की ऐतिहासिक यात्रा के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे. यह यात्रा सिर्फ एक पदयात्रा नहीं, बल्कि किसानों के हक, उनकी समस्याओं और खेती के भविष्य से जुड़ा बड़ा संदेश है.
शीतलहर के चलते मिट्टी की नमी भी धीरे-धीरे खत्म हो रही है, जिससे पौधों की बढ़वार रुक गई है और फल और पत्तियां गिरने लगी हैं. खासतौर पर टमाटर, बैंगन और मिर्च जैसे पौधे पाले के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं और जल्दी नुकसान झेलते हैं.
हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से बारिश और बर्फबारी न होने के कारण किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है. किसानों का कहना है कि खेती पूरी तरह मौसम पर निर्भर है और बारिश के बिना फसलों का बच पाना मुश्किल हो जाता है. पिछले 4–5 वर्षों से राज्य में मनमुताबिक बारिश नहीं हो रही है, जिसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ रहा है.
उत्तराखंड में लंबे समय से शुष्क बने मौसम को लेकर अब लोगों की निगाहें आसमान की ओर टिकी हैं. खासतौर पर किसान, बागवान और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर बारिश और बर्फबारी का इंतजार कब खत्म होगा.
किसान कारवां कार्यक्रम के दौरान किसानों को खेती से जुड़ी नवीन तकनीकों, उन्नत बीज, मिट्टी स्वास्थ्य, संतुलित उर्वरक उपयोग और फसल संरक्षण के आधुनिक तरीकों की विस्तृत जानकारी दी गई. साथ ही किसानों को बदलते मौसम के अनुसार फसल चक्र और जल संरक्षण के महत्व से भी अवगत कराया गया.
अलवर में पड़ रही कड़ाके की सर्दी ने सरसों और सब्जियों की फसल को नुकसान पहुंचाया है. किसान पहले ही प्याज की फसल से परेशान हैं और अब मौसम की मार ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं. कृषि विभाग ने फसल बचाने के उपाय सुझाए हैं, लेकिन किसानों की चिंता अभी भी बनी हुई है.
मैनपुरी के डालूपुर गांव में किसान कारवां कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां किसानों को आधुनिक खेती, मृदा परीक्षण, नैनो उर्वरक, पशुपालन योजनाओं और सरकारी लाभों की आसान भाषा में जानकारी दी गई. यह कार्यक्रम किसानों के लिए बेहद लाभकारी रहा.
जनपद महोबा में किसानों को बागवानी की ओर प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हाईटेक नर्सरी की शुरुआत की गई है. इस आधुनिक नर्सरी को तैयार करने में करीब 1.28 करोड़ रुपये की लागत आई है. नर्सरी का मुख्य उद्देश्य बागवानी किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले और प्रमाणित पौधे उपलब्ध कराना है, ताकि उत्पादन बढ़े और किसानों की आय में सुधार हो सके.
पंजाब के किसानों के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद CM मान ने कहा कि इस कदम से हजारों एकड़ खेती की जमीन को पर बिना किसी रुकावट के खेती का रास्ता साफ हो जाएगा.
Chhatisgarh में Medicinal Plant Bord की मदद से औषधीय पौधों की खेती को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे खासतौर पर महिलाओं को रोजगार और आय का नया साधन मिल रहा है. महिलाओं ने बताया कि बोर्ड की ओर से क्लस्टर के माध्यम से खेती की पूरी ट्रेनिंग दी जाती है.
किसानों के मुद्दे को लेकर नितिन गडकरी ने बड़ा बयान दिया है. मध्य प्रदेश के विदिशा में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, गडकरी ने कहा कि उनके पास पौराणिक "द्रौपदी की थाली" है, जो सभी को खाना खिला सकती है.
बजट 2026 भारत की खेती में नई क्रांति लेकर आ सकता है. यह सिर्फ ट्रैक्टर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि किसानों को स्मार्ट मशीनें, पानी की बचत और बेहतर उपज देने वाले समाधान मुहैया कराएगा. किसान अब खेतों में हाई‑टेक तकनीक का फायदा उठाकर खेती को आसान, टिकाऊ और लाभकारी बना सकते हैं.
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है. बोचहा प्रखंड के ककराचक गांव की ‘सोलर दीदी’ के नाम से मशहूर देवकी देवी को राष्ट्रपति भवन से गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने का आमंत्रण मिला है.
दाल उत्पादक किसानों के लिए खुशखबरी है. दरअसल, बाजार में कीमतें न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे रहने के कारण , सरकार ने हस्तक्षेप करने और राज्य विपणन संघ (मार्केटिंग फेडरेशन) के माध्यम से तुअर अरहर की खरीद करने का निर्णय लिया है.
भारत ने नवंबर 2025 में तय समय से पहले ही पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिलाने का अपना लक्ष्य हासिल कर लिया. हालांकि, अब चीनी इंडस्ट्री को इथेनॉल के ओवरप्रोडक्शन और कम डिमांड की समस्या का सामना करना पड़ रहा है. शुगर मिलों में नई फैक्ट्रियां अपनी क्षमता से कम काम कर रही हैं, कीमतें स्थिर हैं, और किसानों और मिलों दोनों को नुकसान हो रहा है.
अमेरिका-भारत व्यापार संबंधों में अब एक नया मोड़ आया है. दरअसल, अमेरिकी सीनेटर्स ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पत्र लिखकर भारत से अमेरिकी दालों के निर्यात पर लगे 30 फीसदी टैरिफ को कम करने या फिर हटाने के लिए दबाव डालने की अपील की है.
Animal Pregnancy Care गाय-भैंस के गाभिन होने और बच्चा देने के बाद देशभाल इसलिए भी जरूरी है कि बच्चा हेल्दी होगा तो मुनाफा कराएगा. वहीं बच्चा आराम से हो गया और भैंस भी हेल्दी और स्वस्थ्य है तो फिर वो दूध उत्पादन भी भरपूर करेगी.
कच्चे जूट की बढ़ती कीमतों और कमी से जूट मिलें संकट में हैं. इंडियन जूट मिल्स एसोसिएशन ने सरकार से 1 अप्रैल के बाद निजी जूट व्यापार पर रोक लगाने की मांग की है, ताकि कीमतें नियंत्रित रहें और मिलों को समय पर जूट मिल सके.
उत्तर भारत में सर्दियों की दस्तक के साथ मौसम पूरी तरह बदल चुका है और ठंड का असर साफ नजर आने लगा है. पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बढ़ती शीतलहर के बीच जनजीवन और खेती-किसानी की गतिविधियों पर असर पड़ रहा है. वहीं दक्षिण भारत में लगातार बारिश का दौर बना हुआ है. इस लाइव और लगातार अपडेट होते सेक्शन में आपको खाद-बीज से जुड़ी जानकारी, खेती और गार्डनिंग के उपयोगी टिप्स, किसानों के लिए जरूरी सरकारी योजनाएं और कृषि जगत से जुड़े बड़े राष्ट्रीय घटनाक्रम एक ही जगह मिलते रहेंगे. साथ ही बात करेंगे उन्नत क़िस्मों की बीजों के बारे में जिसका लाभ उठाकर किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.
IMD ने बताया कि लगातार दो वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से 19 और 21 जनवरी, 2026 की रात से उत्तर-पश्चिम भारत प्रभावित हो सकता है. इसके मुताबिक, 22 और 23 जनवरी को पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की/मध्यम छिटपुट से लेकर बिखरी हुई बारिश और 23 जनवरी को पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तरी राजस्थान में बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग ने लोगों को घने कोहरे को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी है, खासकर सुबह और रात के समय यात्रा करने वालों को सतर्क रहने को कहा गया है.
मछली पालन को मुनाफे का सौदा बनाने के लिए भारत और इज़राइल ने एक ऐतिहासिक समझौते पर हाथ मिलाया है. इस साझेदारी का असली मकसद इज़राइल की स्मार्ट तकनीक के जरिए भारत की 'ब्लू इकोनॉमी' को नई रफ़्तार देना है. अब इज़राइली वैज्ञानिकों की मदद से मछलियों की ऐसी खास नस्लें तैयार होंगी जो बीमारियों से बची रहेंगी और बहुत तेजी से बढ़ेंगी, जिससे कम समय में किसानों को बंपर उत्पादन मिलेगा. सरकार का पूरा जोर इस आधुनिक तकनीक को गांव-गांव तक पहुंचाने और मछली के एक्सपोर्ट को बढ़ाने पर है.
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