Raisen Kisan Mela: मध्य प्रदेश के रायसेन में 11 से 13 अप्रैल तक राष्ट्रीय किसान मेले का आयोजन होगा, जिसका भूमिपूजन केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया. मेले में किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर बीज, खेती के नए तरीके और बाजार तक पहुंच की जानकारी दी जाएगी.
मार्च-अप्रैल में आम के बागों की सही देखभाल से बेहतर उत्पादन पाया जा सकता है. इस दौरान कीट और रोग नियंत्रण, सिंचाई और पोषण प्रबंधन बेहद जरूरी है. समय पर छिड़काव और सही तकनीक अपनाकर किसान आम की फसल को नुकसान से बचा सकते हैं और अधिक मुनाफा कमा सकते हैं.
पंजाब में खेती को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है, जहां एआई और डेटा आधारित फैसलों पर जोर दिया जा रहा है. 100 स्मार्ट वेदर स्टेशनों और बड़े स्किलिंग प्रोग्राम के जरिए किसानों को सटीक जानकारी और तकनीकी सहायता देने की तैयारी है.
प्रतापगढ़ की रहने वाली शांति मिश्रा आज सैकड़ों महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं.करीब 20 साल पहले उन्होंने BAIF (एक गैर सरकारी संस्था) से जुड़कर पशुपालन के क्षेत्र में काम शुरू किया था. अपनी मेहनत और लगन के दम पर आज वह BAIF सेंटर पर प्रोजेक्ट मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं.
किसानों लिए चलाई जा रही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में बड़ा घोटाला सामने आया है. जिला प्रशासन की जांच में खुलासा हुआ है कि 14 हजार से ज्यादा ऐसे लोग इस योजना का लाभ ले रहे थे, जिनकी मौत हो चुकी है.
उत्तर प्रदेश के देवरिया में योगी सरकार की नई पहल के तहत गेहूं-धान बेचने वाले किसानों को लॉटरी के माध्यम से पुरस्कार दिए गए. 29 किसानों को ट्रैक्टर, एलईडी टीवी और अन्य उपहार मिले. इस योजना का उद्देश्य किसानों को सरकारी खरीद केंद्रों पर उपज बेचने के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें उचित मूल्य दिलाना है.
ICAR‑IIMR द्वारा विकसित गन्ना–मक्का सहफसली खेती मॉडल किसानों के लिए गेम चेंजर साबित हो रहा है. इससे गन्ने की उपज 28% और मक्का उत्पादन 3.5–5 टन/हेक्टेयर बढ़ा है, जबकि मक्का की लागत 75% तक घट गई. यह तकनीक इथेनॉल प्लांट्स को सालभर कच्चा माल उपलब्ध कराते हुए किसानों की कमाई में 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तक अतिरिक्त बढ़ोतरी करती है.
करनाल के किसान सुरजीत सिंह ने खारी जमीन में गेहूं की सॉल्ट टॉलरेंट वैरायटी KRL‑210 की खेती कर रिकॉर्ड 71 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उपज हासिल की. कम बीज, कम खाद, जीरो टिलेज और पानी की बचत वाली तकनीक से उन्होंने लागत घटाकर अधिक मुनाफा कमाया. आईसीएआर‑सीएसएसआरआई द्वारा विकसित इस किस्म ने खारे खेतों में उपज की नई संभावनाएं खोली हैं.
IIT रोपड़ का ANNAM.AI सेंटर भारत में खेती में नई AI क्रांति ला रहा है. 100 मुफ्त स्मार्ट मौसम स्टेशन किसानों को सही मौसम जानकारी देंगे, ताकि फसल और अधिक सुरक्षित और उपजाऊ हो. साथ ही, 10,000 छात्रों और ग्रामीण युवाओं को AI ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे खेती में तकनीक का सही उपयोग और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.
खेती-किसानी में हो रहे लगातार बदलाव को देखते हुए कृषि क्षेत्र में कई नए काम किए जा रहे हैं. ऐसे में अब कृषि वैज्ञानिक भी खेती में अधिक उपज के लिए फसलों की नई किस्मों को तैयार कर रहे हैं. इसी दिशा में ICAR ने काजू की एक नई और उन्नत किस्म को विकसित किया है.
खरीफ सीजन से पहले खाद कंपनियां DAP, MOP और कॉम्प्लेक्स फर्टिलाइजर के अनुबंधों में फ्लोर और सीलिंग प्राइस लागू करने पर विचार कर रही हैं. वैश्विक कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव के बीच यह कदम लागत जोखिम कम करने की रणनीति माना जा रहा है.
छत्तीसगढ़ में भूमिहीन कृषि मजदूरों को बड़ी राहत मिली है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत 4.95 लाख से ज्यादा हितग्राहियों के खातों में 496 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए.
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में H5N1 बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद हड़कंप मच गया है. 5 हजार से अधिक पक्षियों की मौत के बाद प्रशासन ने पूरे पोल्ट्री फार्म को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया है और 5 किमी क्षेत्र में सख्त निगरानी शुरू कर दी गई है. महाराष्ट्र और केरल में भी मामले सामने आए हैं, जबकि कई राज्यों में अलर्ट जारी है. फिलहाल इंसानों में संक्रमण का खतरा कम बताया गया है, लेकिन एहतियात के तौर पर सर्विलांस, सैनिटाइजेशन और किलिंग जैसे कदम उठाए जा रहे हैं.
सिरसा में ‘ड्रोन दीदी’ योजना उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई. महिलाओं को सशक्त बनाने और ड्रोन से छिड़काव बढ़ाने की कोशिश सीमित रह गई. किसानों की हिचकिचाहट, कम समय, तकनीकी समस्याएं और अतिरिक्त लागत जैसी चुनौतियों के कारण योजना का प्रदर्शन कमजोर रहा. जागरूकता और बेहतर प्रशिक्षण से ही इसमें सुधार संभव है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत का चीनी क्षेत्र ऐसे दौर में प्रवेश कर रहा है, जहां उत्पादन में थोड़ी बढ़ोतरी होने के बावजूद कम स्टॉक कीमतों को सहारा दे रही है. हालांकि उत्पादन में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन यह पहले की उम्मीदों से कम है.
केला किसानों के समर्थन में आंध्र प्रदेश कांग्रेस की नेता वाईएसआर कडप्पा जिले में एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन सौंपने के बाद मीडिया से बात करते हुए शर्मिला रेड्डी ने केले के किसानों की स्थिति को गंभीर बताया और कीमतों में आई भारी गिरावट का जिक्र किया.
देश और दुनिया संकट के दौर से गुजर रही है. ऐसे समय में जब युद्ध की विभीषिका के कारण वैश्विक संकट के बादल छाए हैं, हमारे प्रधानमंत्री के सक्षम नेतृत्व में हर संकट को देश ने पहले भी पार किया है.
महाराष्ट्र में प्याज की कीमतों में बार-बार गिरावट और उतार-चढ़ाव से किसानों को काफी नुकसान हो रहा है. ऐसे में सरकार ने फैसला लिया है कि इसके लिए नई व्यवस्था बनाई जाए. सरकार सभी किसानों को तुरंत मदद भी देना चाहती है और साथ ही ऐसी व्यवस्था बनाना चाहती है जिससे आगे चलकर उन्हें बार-बार नुकसान न झेलना पड़े.
New Poultry Farm घरेलू बाजार में तो अंडे-चिकन की डिमांड है ही, अब तो एक्सपोर्ट बाजार में भी इंडियन पोल्ट्री के अंडों की डिमांड खूब आने लगी है. बीते दो साल में ही कई नए देशों ने अंडे खरीदना शुरू किया है. पोल्ट्री को बढ़ावा देने के लिए सरकार चिकन के लिए भी एक्सपोर्ट बाजार में रास्ते खोलने की तैयारी कर रही है.
उत्तर प्रदेश में इस समय आलू किसानों की हालत बेहद चिंताजनक बनी हुई है. इस साल आलू की पैदावार (Potato Production) तो अच्छी हुई, लेकिन किसानों को उनकी फसल का सही दाम (Potato Price) नहीं मिल पा रहा है. हालात ऐसे हैं कि कई किसान अपनी खड़ी फसल को खेतों में ही जुतवा रहे हैं.
मुजफ्फरनगर जिले सिसौली स्थित किसान भवन में आयोजित चार दिवसीय प्राकृतिक खेती शिविर के अंतिम दिन देशभर से आए किसानों को खेती से जुड़ी नई और आसान जानकारी दी गई. इस दौरान राकेश टिकैत ने कहा कि अब प्राकृतिक खेती को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर जन आंदोलन चलाया जाएगा.
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