बिहार के अररिया में परिमार्जन के नाम पर रिश्वत लेते पकड़े गए राजस्व कर्मचारी को निलंबित कर सेवा से बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं, डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने सख्त चेतावनी दी है.
बिहार सरकार ने जेल में बंद कैदियों द्वारा बनाए गए उत्पादों को ‘मुक्ति’ ब्रांड के तहत बाजार में उतारा है, जो पटना के खादी मॉल और बिहार संग्रहालय में बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे.
ऑस्ट्रेलिया के BoM और IMD के अनुसार जून 2026 से अल नीनो एक्टिव हो सकता है, जिससे भारत में भीषण गर्मी, सूखा और मौसम में बड़े बदलाव की आशंका है.
Dairy Survey काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर (CEEW) की सर्वे रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि पशुपालकों को राष्ट्रीय पशुधन मिशन (एनएलएम) और संबंधित राज्यों की पशुधन से जुड़ी योजनाओं को अपनाना चाहिए. पशु चिकित्सा सेवाओं में सुधार, गोबर आधारित ऊर्जा और खाद जैसी गैर-दुग्ध मूल्य श्रृंखलाओं को प्रोत्साहन और प्रजनन विकल्पों, पशु आवासों में जलवायु से जुड़े सुझावों को भी जोड़ना शामिल है.
Save Camel India ऊंटों की कम हो रही संख्या वाकई में बहुत परेशान करने वाली बात है. देशभर की बात करें तो ऊंटों की संख्या में 37 फीसद की कमी आई है. राजस्थान के के इतिहास में अपनी गौरव गाथा दर्ज कराने वाले इस राज्य पशु को मौजूदा वक्त में संरक्षण की बहुत जरूरत है. वर्ना एक दिन रेगिस्तान का ये जहाज बीते वक्त की कहानी बनकर रह जाएगा.
उत्तर प्रदेश के कानपुर और प्रयागराज के आलू किसान इन दिनों 'स्कैब यानी चेचकरोग से बेहद परेशान हैं. यह बीमारी आलू की ऊपरी सतह पर बदसूरत धब्बे और गड्ढे बना देती है, जिससे आलू अंदर से ठीक होने के बावजूद बाहर से खराब दिखने लगता है. किसानों का सबसे बड़ा दर्द यह है कि इस बदसूरत दाग के चक्कर में उनकी साल भर की मेहनत मिट्टी में मिल रही है.
पटना के बिहिटा में बने बिहार के पहले ई-रेडिएशन सेंटर से मखाना, आम, लीची जैसे कृषि उत्पाद 6 से 12 महीने तक सुरक्षित रहेंगे और निर्यात होगा आसान.
Dairy Product Brand दूध का उत्पादन और डिमांड बढ़ाने के लिए दही, घी-मक्खन को लोकल ब्रांड बनाकर लोगों से जुड़ने की जरूरत है. साथ ही डेयरी प्रोडक्ट की पैकेजिंग पर भी खास ध्यान देने की जरूरत है. इससे मुनाफा भी बढ़ेगा और बाजार में डेयरी प्रोडक्ट की डिमांड भी आएगी. वहीं पशुपालकों को भी इस पेशे में रोकने के लिए ये सब बहुत जरूरी है.
Dairy Milking Tips केन्द्रीय पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर साफ-सुथरा दूध उत्पादन करने से जुड़ी कुछ टिप्स दी हैं. मंत्रालय की खास तीनों ही टिप्स पूरी तरह से पशु फार्म में गाय-भैंस के रखरखाव से जुड़ी हुई हैं. अच्छी बात ये है कि तीनों ही टिप्स को अपनाने पर पशुपालक की लागत भी भी कोई असर नहीं पड़ेगा.
Cow Milk Production भारत में भैंस के मुकाबले सबसे ज्यादा दूध उत्पादन गाय का होता है. कुल दूध उत्पादन में गाय की हिस्सेदारी ज्यादा है. यही वजह है कि साल 2023 में विश्वस्तर पर भी सबसे ज्यादा गाय के दूध का उत्पादन भारत में हुआ है. जबकि कई बड़े देश ऐसे हैं जहां भारत के मुकाबले उत्पादन कम भी है और उत्पादन दर घट भी रही है.
पिछले दिनों भारतीय अखबार में एक रिपोर्ट आई थी जिसे इंडोनेशिया के अखबारों ने प्रमुखता से छापा था. इस रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया था कि भारत से मलेशिया के पोर्ट क्लैंग होते हुए मूंगफली इंडोनेशिया पहुंच रही है. रिपोर्ट के अनुसार पहले माल मलेशिया भेजा जाता है और फिर छोटी नावों और बार्ज से इंडोनेशिया के दुमई पोर्ट पहुंचाया जाता है. वहां से सड़क के ज़रिये इसे जकार्ता और सुराबाया जैसे शहरों में ले जाया जाता है.
उत्तर भारत में सर्दियों की दस्तक के साथ मौसम पूरी तरह बदल चुका है और ठंड का असर साफ नजर आने लगा है. पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बढ़ती शीतलहर के बीच जनजीवन और खेती-किसानी की गतिविधियों पर असर पड़ रहा है. वहीं दक्षिण भारत में लगातार बारिश का दौर बना हुआ है. इस लाइव और लगातार अपडेट होते सेक्शन में आपको खाद-बीज से जुड़ी जानकारी, खेती और गार्डनिंग के उपयोगी टिप्स, किसानों के लिए जरूरी सरकारी योजनाएं और कृषि जगत से जुड़े बड़े राष्ट्रीय घटनाक्रम एक ही जगह मिलते रहेंगे. साथ ही बात करेंगे उन्नत क़िस्मों की बीजों के बारे में जिसका लाभ उठाकर किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.
उत्तर भारत में अगले सात दिनों में मौसम ठंडा और बदलते हालात वाला रहेगा. पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी होगी. पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में घना कोहरा रहने की संभावना है. मैदानों में हल्की बारिश और तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी है. लोगों और किसानों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना चाहिए.
रबी सीजन में चना किसानों की प्रमुख नकदी फसल है, लेकिन अगर समय पर कीट नियंत्रण न किया जाए, तो मेहनत बेकार हो सकती है. खासकर फली बनने के समय कीटों का हमला पूरी फसल को नुकसान पहुंचा सकता है.
केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी चिट्ठी झूठ और फरेब से भरी हुई है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी झूठा प्रचार और भ्रम फैलाकर देश को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में लाई गई नई ‘विकसित भारत जी-राम-जी (G-RAM-G)’ योजना गरीबों, मजदूरों और गांवों के विकास के लिए एक मजबूत कदम है.
महाराष्ट्र के Jalna जिले से किसानों की बदहाली की एक दर्दनाक तस्वीर सामने आई है. इस वीडियो में आप देखेंगे कैसे एक किसान ने खुद अपने मौसंबी के खेत में JCB चलाकर करीब चार एकड़ में लगे बाग को नष्ट कर दिया. सही बाजार भाव न मिलने से दुखी किसान का कहना है कि मौसंबी की क्वालिटी बेहतरीन होने के बावजूद उसे उचित दाम नहीं मिला. बढ़ती लागत, खाद-दवा और मजदूरी के खर्च के कारण लागत तक नहीं निकल पा रही थी, जिससे वह पूरी तरह टूट गया.
ये वीडियो भारत में Ford ट्रैक्टर की पूरी कहानी बताता है – एक ऐसा ब्रांड जो कभी पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के खेतों में सबसे ज्यादा लोकप्रिय था. Ford 3600 और Ford 5000 जैसे नीले ट्रैक्टर मजबूती, भरोसे और कम में ज्यादा काम करने के लिए मशहूर थे. किसान उन्हें "किसान की मशीन" कहते थे. लेकिन अचानक यह ब्रांड बाजार से गायब हो गया. क्यों? इस वीडियो में जानें.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा से पहले बिहार का राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग एक्शन मोड में है. सिवान, मुजफ्फरपुर और वैशाली में भूमि से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए 15 वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की गई है. लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.
बिहार सरकार किसानों को आधुनिक और प्राकृतिक खेती से जोड़ने के लिए अंतरराज्यीय प्रशिक्षण एवं परिभ्रमण कार्यक्रम चला रही है. ICAR हजारीबाग और लखनऊ स्थित संस्थानों में किसानों को प्राकृतिक खेती और पुराने फलों के बागों के वैज्ञानिक जीर्णोद्धार की तकनीक सिखाई जा रही है.
फर्रुखाबाद के पुठरी गांव में किसान कारवां का 12वां पड़ाव आयोजित हुआ. कार्यक्रम में किसानों को आलू और मक्का की उन्नत किस्मों, बीज चयन, मिट्टी संरक्षण, प्राकृतिक खेती, नैनो यूरिया और आधुनिक खेती के तरीके बताए गए.
बिहार का मखाना आज ग्लोबल पहचान बना चुका है, लेकिन लाखों किसानों का मक्का MSP से नीचे बिक रहा है. इथेनॉल फैक्ट्रियां बंदी की कगार पर हैं और प्रोसेसिंग यूनिट्स का अभाव है. किसान सवाल पूछ रहे हैं—जब फूड प्रोसेसिंग मंत्रालय बिहार के पास है, तो मक्का अब तक लोकल क्यों है?
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