Goat Care in Summer गर्मियों में भेड़-बकरियां हीट स्ट्रोक और हीट स्ट्रेस में आ जाती हैं. ऐसे में ये जरूरी है कि उनकी देखभाल करने के साथ पानी और चारे का इंतजाम किया जाए. खुले में चराने ले जा रहे हैं तो खासतौर पर उनका ख्याल रखें. अगर भेड़-बकरियों की सांस तेज चलने लगे, शरीर गर्म हो जाए तो फौरन ही बिना देर किए पशु चिकित्सक के पास ले जाएं.
देश के कई क्षेत्रों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है. मार्च में ही अप्रैल-मई जैसी तेज गर्मी से परेशान लोगों को रविवार को हुई हल्की बारिश ने काफी राहत दी. India Meteorological Department (आईएमडी) के अनुसार आने वाले दिनों में देश के अधिकांश हिस्सों में आंधी, बारिश, बिजली चमकने और कहीं-कहीं ओलावृष्टि जैसी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और ऊपरी हवा में बने विभिन्न साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण यह मौसम प्रणाली बन रही है, जिसका असर मैदानी इलाकों तक महसूस किया जाएगा. इसी वजह से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड सहित पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है.
IMD के अनुसार नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण 18–20 मार्च के बीच पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों और कई राज्यों में बारिश, तेज हवाएं, गरज-चमक और ओलावृष्टि की संभावना है. अगले एक हफ्ते तक तापमान सामान्य या सामान्य से कम रहने का अनुमान है.
पंजाब में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से अमृतसर समेत कई जिलों में गेहूं की फसल खेतों में गिर गई है. किसानों ने सरकार से तुरंत गिरदावरी और मुआवजे की मांग की है, क्योंकि उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका जताई जा रही है.
खाड़ी देशों में चल रही युद्ध जैसी स्थिति का असर अब महाराष्ट्र के तरबूज किसानों पर भी साफ तौर पर दिखाई देने लगा है. ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण खाड़ी देशों को होने वाला तरबूज निर्यात फिलहाल पूरी तरह ठप्प हो गया है.
LPG गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों, आपूर्ति बाधित होने और कालाबाजारी के आरोपों को लेकर आम आदमी पार्टी ने सोनीपत में जोरदार प्रदर्शन किया. हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष और आम आदमी पार्टी नेता डॉ. सुशील कुमार गुप्ता के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सुभाष चौक पर एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की.
इस साल लगातार हो रहे मौसम में बदलाव का असर लीची की खेती पर साफ दिखाई दे रहा है. देश के कई बागानों में पेड़ों पर मंजर तो आ गए हैं, लेकिन उनकी संख्या सामान्य सालों की तुलना में कम है. इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि यही मंजर आगे चलकर फल बनते हैं. अगर इस समय कोई समस्या आ जाए तो उत्पादन पर सीधा असर पड़ सकता है.
गर्मी का मौसम आते ही शरीर को पानी और तरल पदार्थों की अधिक जरूरत होती है. ऐसे समय में पानी से भरपूर फलों का सेवन भी बढ़ जाता है. इन फलों में तरबूज को नंबर वन माना जाता है, इसलिए गर्मियों में इसकी मांग भी काफी बढ़ जाती है.
अमरोहा के ललित कुमार सिंह ने पत्रकारिता छोड़कर UP23 Organics and Agro Farm की स्थापना की, जहां 120 बेड पर हर तीन महीने में करीब 120 टन वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन किया जा रहा है. यह पहल जैविक खेती, मिट्टी की सेहत और ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा दे रही है.
हिमाचल प्रदेश सरकार डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं. हिमाचल प्रदेश सरकार और एनडीडीबी के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर समारोह सोमवार को शिमला में आयोजित किया गया.
कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को खेती से संबंधित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी और उनसे कृषि और पशुपालन से जुड़ी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की. वहीं, पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने भी पशुपालन से जुड़ी सरकार की बहु उपयोगी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया.
राजस्थान के पाली जिले के खैरवा गांव में अनाज व्यापारी ने ईमानदारी की मिसाल पेश करते हुए गेहूं के कट्टे में मिले करीब 15 लाख रुपये के सोने-चांदी के गहने किसान को लौटा दिए. ये गहने किसान की पत्नी ने टिफिन में छिपाकर रखे थे.
आम की फसल में ‘पुष्पीय मालफॉर्मेशन’ या गुच्छा रोग से 50–60% तक नुकसान हो सकता है. जानिए इसके लक्षण, कारण और वैज्ञानिक नियंत्रण के तरीके जैसे NAA स्प्रे, फफूंदनाशक और बाग प्रबंधन से कैसे बचाएं आम की पैदावार.
गोंडा जिले के महेवा नानकर गांव में ‘किसान तक’ का 43वां पड़ाव आयोजित हुआ. किसानों को खेती-बाड़ी, पशुपालन, सरकारी योजनाओं और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी गई. मछली पालन, फसल प्रबंधन और उर्वरक के सही इस्तेमाल पर विशेष मार्गदर्शन हुआ. कार्यक्रम ने किसानों की आय बढ़ाने और खेती को आधुनिक बनाने में मदद की.
कोच्चि का स्टार्टअप Rent A Tree लोगों को आम का पेड़ किराये पर लेने और बिना खेती किए प्राकृतिक रूप से पके, केमिकल-फ्री आम घर बैठे पाने की सुविधा देता है. ग्राहक ऑनलाइन पेड़ चुन सकते हैं और वीडियो अपडेट के जरिए उसकी ग्रोथ भी देख सकते हैं.
गुजरात सरकार ने राज्य के पशुपालकों के लिए एक अहम कदम उठाया है. जिससे किसान काफी और पशुपालक काफी खुश हैं. दरअसल, राज्य सरकार पशुओं को बीमारी से बचाने के लिए राज्यभर में टीकाकरण अभियान शुरू किया है.
डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के बीज निदेशालय की ओर से किसान मेले में किसानों के लिए फूलों और सब्जियों के बीज के पैकेट उपलब्ध कराए जा रहे है. ये बीज ऐसे हैं जिनसे किसान साल भर अलग-अलग तरह की सब्जियां और फूल उगा सकते हैं.
Goat Milk-Meat राजस्थान जिले का एक नाम सिरोही है. इसी जिले के नाम पर बकरे-बकरियों की एक खास नस्ल सिरोही नाम से जानी जाती है. छोटे किसानों के बकरी पालन के लिए इस नस्ल को बहुत अच्छी माना जाता है. क्योंकि देशभर में इसे कहीं भी पाल सकते हैं. इसकी पहचान दूध और मीट दोनों के लिए है.
Milk Consumption इसे डेयरी कंपनियों की स्ट्रेटेजी कहें या ग्राहकों की बढ़ती डिमांड की बाजारों में डेयरी प्रोडक्ट की डिमांड बढ़ रही है. गांवों के मुकाबले शहरों में दूध-दही और घी-मक्खन ज्यादा बिक रहे हैं. कुछ ही राज्य ऐसे हैं जहां अभी भी गांवों में दूध-दही की खपत शहरों के मुकाबले ज्यादा है. लेकिन दोनों के बीच का अंतर बहुत कम है.
बद्रीनाथ और औली में मार्च के मध्य अचानक बर्फबारी से पहाड़ों पर सफेद चादर बिछ गई. बढ़ती गर्मी के बीच लौट आई ठंडक, बद्रीनाथ धाम और हिमक्रीड़ा स्थल औली की वादियां एक बार फिर मनमोहक दिखने लगीं. पर्यटक और स्थानीय लोग बर्फबारी से बेहद खुश हैं.
महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में केले उगाने वाले किसान इस समय बहुत ही कठिन स्थिति में हैं. किसान दिग्गविजय मोरे बताते हैं कि पहले उन्हें एक किलो केले का 20 से 25 रुपये में मिलता था. लेकिन अब, युद्ध और अंतरराष्ट्रीय संकटों के कारण, उन्हें प्रति किलोग्राम केवल 5 से 9 रुपये मिल रहे हैं. यह सीधे किसानों की मेहनत पर चोट है. उन्होंने 6 एकड़ में खेती की थी और 10 लाख रुपये खर्च किए थे.
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