देश के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदलने वाला है. उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर तक आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे अगले कुछ दिनों तक मौसम अस्थिर बना रहेगा.
विदिशा में किसान की ट्रेन से कटकर हुई मौत का मामला अब संदिग्ध बन गया है, क्योंकि मौत से पहले बनाए गए वीडियो में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और विधायक मुकेश टंडन को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है.
शामली के थाना भवन में आयोजित ‘किसान तक’ किसान कारवां में किसानों को आधुनिक खेती, उन्नत बीज, मृदा स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई. विशेषज्ञों ने आय बढ़ाने के आसान तरीके बताए. कार्यक्रम में सफल किसानों को सम्मानित किया गया और नई तकनीकों से खेती सुधारने के लिए प्रेरित किया गया.
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने मक्का किसानों की खराब स्थिति पर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है. उन्होंने पत्र में किसानों को उचित कीमत और खरीद सुनिश्चित करने के लिए बड़े कदम उठाने की अपील की है.
बिहार सरकार ने 2026‑27 के लिए मखाना विकास योजना शुरू की. इस नई योजना में खेती, प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और एक्सपोर्ट तक सब्सिडी मिलेगी.
पंजाब में गेहूं खरीद को लेकर सियासत गरमा गई है, जहां केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र की पूरी तैयारी के बावजूद किसानों को मंडियों में परेशानी उठानी पड़ रही है और खरीद प्रक्रिया समय पर नहीं हो रही है.
594 किमी लंबा गंगा एक्सप्रेसवे यूपी के किसानों और कारोबार के लिए गेमचेंजर साबित होगा. 29 अप्रैल को पीएम मोदी इसके उद्घाटन के साथ कृषि उत्पादों को बाजार तक तेज कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देंगे.
वर्षों से पंजाब-हरियाणा के किसानों को यह कहकर कटघरे में खड़ा किया गया कि वे धान (चावल) उगाकर देश का भूजल 'पी' रहे हैं. उन्हें जल-स्तर गिरने का विलेन घोषित किया गया. दूसरी ओर सरकार उसी 'पानी-खोर' चावल को इथेनॉल की भट्टियों में स्वाहा कर रही है. अब इन इथेनॉल बनाने वाली कंपनियों को जल संकट के लिए विलेन क्यों नहीं घोषित किया जा रहा है?
चीन द्वारा भारतीय गैर-बासमती चावल की खेप में GMO के आरोप के बाद छत्तीसगढ़ के निर्यातकों ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है. तीन कंपनियों पर अस्थायी रोक और शिपमेंट रुकने से व्यापार प्रभावित हुआ है, जबकि ICAR ने भारतीय चावल को नॉन-GMO बताया है.
मई-जून का महीना मिट्टी की जांच के लिए सबसे बेहतरीन है क्योंकि रबी और खरीफ की फसलों के बाद जमीन को दोबारा पोषण की जरूरत होती है. जिस तरह खून की जांच से इंसान की सेहत का पता चलता है, ठीक उसी तरह सॉइल टेस्ट से मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी या अधिकता की असलियत सामने आती है. बिना जानकारी के अंधाधुंध केमिकल उर्वरकों का इस्तेमाल न केवल आपकी लागत बढ़ाता है, बल्कि खेत को भी बंजर बनाता है.
होर्मुज स्ट्रेट में सप्लाई बाधित होने से वैश्विक खाद कीमतों में उछाल आया है, जिससे भारत का खाद सब्सिडी बिल 2026 में 20% तक बढ़ सकता है. सरकार किसानों को राहत देते हुए MRP स्थिर रखेगी और बढ़ी लागत खुद वहन करेगी.
भारत और रूस मिलकर रूस में एक बड़ा यूरिया प्लांट बना रहे हैं, जो दो साल में तैयार हो सकता है. इस प्रोजेक्ट से हर साल 20 लाख टन यूरिया उत्पादन होगा और पूरा भारत लाया जाएगा. इससे किसानों को सस्ता और समय पर खाद मिलेगी और देश की आयात पर निर्भरता भी कम होगी.
बासमती चावल निर्यातकों ने बढ़ते शिपिंग चार्ज को लेकर सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है. वेस्ट एशिया संकट के कारण कंटेनर शुल्क काफी बढ़ गया है, जिससे व्यापार करना मुश्किल हो गया है. छोटे निर्यातक सबसे ज्यादा प्रभावित हैं और कई को नुकसान उठाना पड़ रहा है. समय पर समाधान नहीं हुआ तो निर्यात पर असर पड़ सकता है.
देशभर में मौसम तेजी से बदल रहा है. कई राज्यों में जहां तेज गर्मी पड़ रही है, वहीं कई जगहों पर आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है. उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, उत्तराखंड और हिमाचल में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है, जबकि मध्य प्रदेश में गर्मी का असर ज्यादा रहेगा. दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश के आसार हैं, जिससे कुछ राहत मिल सकती है.
देशभर में मौसम तेजी से बदल रहा है. कहीं तेज गर्मी तो कहीं बारिश और आंधी का असर दिख रहा है. IMD ने 13 राज्यों में तूफान और बारिश का अलर्ट जारी किया है. दिल्ली-NCR में भी तापमान ऊंचा रहेगा, लेकिन हल्की बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है. आने वाले दिनों में मौसम ऐसे ही बना रह सकता है.
सहारनपुर के रामपुर मनिहारान में आयोजित किसान कारवां कार्यक्रम में किसानों को आधुनिक खेती, पशुपालन और नई तकनीकों की जानकारी दी गई. विशेषज्ञों ने आय बढ़ाने के आसान उपाय बताए. किसानों ने उत्साह से भाग लेकर अपनी समस्याओं का समाधान पाया और सरकारी योजनाओं की जानकारी हासिल की, जिससे उन्हें खेती में आगे बढ़ने की नई दिशा मिली.
किसान खेती के साथ-साथ पशुपालन भी करते हैं और इससे उनको अच्छा मुनाफा भी होता है.ऐसे में जरूरी है कि पशुपालक अपने पशुओं का खास ध्यान रखें, ताकि अच्छा मुनाफा मिल सके. खुरपका-मुंहपका (FMD) बीमारी से सिर्फ गाय-भैंस ही नहीं और इससे दूसरे जानवर भी पीडि़त हैं.
लीची के बागवानों के लिए अप्रैल का आखिरी हफ्ता और मई की शुरुआत सबसे 'सेंसिटिव' वक्त होता है. जब पारा 40 डिग्री के पार जाने लगे, तो तपती गर्मी और 'क्लाइमेट चेंज' से फसल को बचाना एक बड़ी चुनौती बन जाता है. इस दौरान नमी की कमी से फल फटने लगते हैं और कीड़ों के हमले से उनकी क्वालिटी गिर जाती है. डॉ. एस.के. सिंह का मशवरा है कि किसान इन 30 दिनों में सिंचाई, कीट प्रबंधन और सही पोषण पर खास ध्यान दें.
प्रगतिशील किसान सरदानंद प्रधान आज गुलाब, जरबेरा और लिली जैसे फूलों की खेती करते हैं और उन्हें देशभर के बाजारों में भेजते हैं. सरदानंद प्रधान बताते हैं कि अच्छी क्वालिटी के फूल उगाने में आधुनिक तकनीक की बड़ी भूमिका है.
कृषि मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार 2026 में गर्मी की फसलों (जायद) का कुल रकबा बढ़कर 72.30 लाख हेक्टेयर हो गया है. तिलहन और मोटे अनाज में खास बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि धान के रकबे में कमी आई है. यह रुझान खेती के बदलते पैटर्न को दर्शाता है.
वैश्विक कीमतें बढ़ने के बावजूद खरीफ सीजन में उर्वरकों की कमी नहीं होगी. भारत 64 लाख टन यूरिया आयात करेगा, कीमतें जस की तस रहेंगी.
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