Madhya Pradesh के Chhatarpur जिले में Ken-Betwa Link Project के विरोध में किसानों का प्रदर्शन लगातार तेज हो रहा है. किसान नेता Amit Bhatnagar के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन के चलते बांध निर्माण का काम पिछले 10 दिनों से पूरी तरह ठप पड़ा है.
Rampur में आग लगने की घटना से किसानों को भारी नुकसान हुआ है. इस हादसे में करीब 10 किसानों की तैयार फसल जलकर खाक हो गई. बताया जा रहा है कि घटना के समय कुछ बच्चे भी आसपास मौजूद थे, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती थी. एक किसान की 10 एकड़ से अधिक फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है, जिससे उसे बड़ा आर्थिक झटका लगा है.
Madhya Pradesh में आयोजित कृषि मेले को लेकर सियासत तेज हो गई है. Jitu Patwari ने आरोप लगाया कि उन्हें मेले में जाने से रोका गया, जबकि वे आयोजन का निरीक्षण करना चाहते थे. साथ ही उन्होंने गेहूं खरीदी में देरी का मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि इससे लाखों किसान आर्थिक संकट में आ गए हैं.
लखीमपुर खीरी के जंगलवाली पहाड़ियापुर गांव में किसान तक के किसान कारवां के दौरान किसानों को आधुनिक खेती, गन्ना और पुदीना जैसी फसलों से आय बढ़ाने के तरीके बताए गए. कार्यक्रम में डॉ. दिनेश कुमार सचान, विवेक चौधरी, रवि त्रिवेदी, अनुज सिंह तोमर और एजी चेतराम ने योजनाओं व तकनीकों की जानकारी दी.
Banaras Hindu University के जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग विभाग के वैज्ञानिक Shravan Kumar Singh ने धान की नई किस्म ‘मालवीय मनीला सिंचित धान-1’ विकसित की है. यह किस्म 115–120 दिनों में तैयार होकर प्रति हेक्टेयर 55 से 64 क्विंटल तक उपज देने में सक्षम है, जिससे किसानों की पैदावार और आय बढ़ने की उम्मीद है.
Bihar में पहली बार न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price) पर चना, सरसों और मसूर की खरीद शुरू होने जा रही है. अब तक Food Corporation of India जैसी केंद्रीय एजेंसियां राज्य में इन फसलों की खरीद नहीं करती थीं, जिसका मुख्य कारण विकेंद्रीकृत खरीद प्रणाली (DCP) और केंद्र-राज्य के बीच MoU का अभाव था. नई व्यवस्था से किसानों को बेहतर दाम और बाजार का भरोसा मिलने की उम्मीद है.
Samrat Choudhary को Bihar का नया मुख्यमंत्री चुना गया है. Bharatiya Janata Party विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर मुहर लगी, जो Shivraj Singh Chouhan की मौजूदगी में हुई. Nitish Kumar के इस्तीफे के बाद यह फैसला लिया गया, और अब राज्य में पहली बार बीजेपी अपने नेतृत्व में सरकार बनाने जा रही है.
मध्य प्रदेश सरकार ने पशुपालकों के लिए ‘गोरस मोबाइल ऐप’ तैयार किया है, जिससे गाय-भैंस के संतुलित आहार, नस्ल सुधार और उत्पादन बढ़ाने से जुड़ी जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध होगी. यह ऐप वैज्ञानिक पशुपालन को बढ़ावा देने और आय बढ़ाने में मदद करेगा.
Poultry Conclave in Lucknow: लखनऊ के अंडा कारोबारी नवाब अकबर अली ने बताया कि कुछ वर्षों पहले 1 करोड़ प्रतिदिन अंडों का उत्पादन हो रहा था, जो अब 2 करोड़ प्रतिदिन तक पहुंच गया है. उन्होंने बताया कि आने वाले वक्त में यह आंकड़ा 3 करोड़ से अधिक हो जाएगा. इसके लिए नई-नई तकनीक की जानकारी हासिल किया जा रहा हैं.
लखीमपुर खीरी, गोला गोकर्णनाथ चीनी मिल के कारण “चीनी का कटोरा” बनता जा रहा है. यहां गन्ने की खेती किसानों के लिए अच्छी आय का साधन बन चुकी है. पिछले कुछ वर्षों में पुदीना (मेंथॉल) की खेती भी तेजी से बढ़ी है. जंगलवाली पहाड़ियापुर में हुए किसान कारवां कार्यक्रम में किसानों को नई तकनीकों की जानकारी दी गई.
Madhya Pradesh में न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price) पर गेहूं खरीदी का अभियान तेजी से जारी है. अब तक 17 हजार से अधिक किसानों से 7.75 लाख क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है और करोड़ों रुपये सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं. राज्य सरकार ने 3000 से अधिक उपार्जन केंद्रों के जरिए खरीदी प्रक्रिया को सुचारू बनाया है, जबकि लाखों किसानों ने पहले ही स्लॉट बुक कर लिया है.
Tuna Fish सीफूड एक्सपोर्ट बढ़ाने के लिए अंडमान-निकोबार द्वीप समूह टूना मछली का क्लस्टर घोषित हो चुका है. टूना के साथ ही यहां कुछ और भी ऐसी मछलियां हैं जिनकी मार्केट में डिमांड है. मछलियों के इसी भंडार का फायदा उठाने, खाने वालों की डिमांड को पूरा करने और मछुआरों की जिंदगी में बदलाव लाने के लिए सीफूड हब बनाने की तैयारी चल रही है.
हरियाणा की मंडियों में अव्यवस्था को लेकर नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार पर सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि किसानों को जटिल प्रक्रियाओं में उलझाया जा रहा है, जिससे फसल खरीद और MSP भुगतान प्रभावित हो रहा है और मंडियों में समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं.
Punjab के मोहाली जिले की मंडियों में गेहूं खरीद सुचारू रूप से जारी है, जहां किसानों को 17 करोड़ रुपये सीधे खातों में ट्रांसफर किए जा चुके हैं. वहीं Jalandhar में गेहूं की क्वालिटी और कम पैदावार को लेकर किसानों ने चिंता जताई है. सरकारी एजेंसियां—PUNGRAIN, MARKFED और PUNSUP—खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने में जुटी हैं.
Ken-Betwa Link Project के विरोध में Madhya Pradesh के छतरपुर और पन्ना जिलों में हजारों किसान प्रदर्शन कर रहे हैं. विस्थापन और मुआवजे को लेकर बढ़ते विवाद के बीच किसानों ने उचित पैकेज की मांग उठाई है, जबकि प्रशासन का कहना है कि भुगतान सरकारी नियमों के अनुसार किया जा चुका है. प्रदर्शन Panna Tiger Reserve के कोर एरिया तक पहुंच गया है, जिससे हालात और संवेदनशील हो गए हैं.
रामपुर में खेतों में लगी भीषण आग ने 10 एकड़ से ज्यादा फसल को चंद मिनटों में राख कर दिया. कई किसान प्रभावित हुए और लाखों का नुकसान हुआ. आग के कारणों की जांच जारी है, जबकि पीड़ित किसान प्रशासन से मुआवजे की मांग कर रहे हैं.
Shrimp Export भारत करीब 130 देशों को 350 सीफूड आइटम एक्सपोर्ट करता है. यूएसए सीफूड का एक बड़ा खरीदार है. बीते कुछ वक्त से बढ़ते टैरिफ की वजह से बाजार में हलचल देखी जा रही थी. लेकिन अब सीफूड एक्सपोर्ट के जो आंकड़े सामने आ रहे हैं वो बहुत राहत देने वाले हैं. ज्यादा टैरिफ के बाद भी झींगा मोटी कमाई कर रहा है.
उत्तर प्रदेश, बिहार और उड़ीसा के धान उत्पादक किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है. बीएचयू के द्वारा विकसित मालवीय मनीला सिंचित धान 1 को उद्योग लाइसेंस मिल चुका है. इससे किसानों को बीज जल्द उपलब्ध होने की उम्मीद भी जताई जा रही है.
Animal Feed-Fodder एकदम से चारे को बदलना और उसमे कमी-बढ़ोतरी करना सीधे पशुओं की खुराक और उनकी पाचन क्रिया पर असर डालता है. इसलिए एनिमल न्यूट्रीशन एक्सपर्ट ऐसा करते वक्त एक खास चीज को जरूर शामिल करने की सलाह देते हैं, और वो है सोडियम बाइकार्बोनेट (मीठा सोडा). लेकिन इसके साथ ही अलर्ट रहने की भी बहुत जरूरत होती है.
कश्मीर में अब ग्रीनहाउस में गुच्छी मशरूम की खेती संभव हो गई है. यह दुर्लभ मशरूम बाजार में 40 हजार रुपये प्रति किलो तक बिकती है. वैज्ञानिकों की इस नई तकनीक से किसानों को बड़ी कमाई का मौका मिलेगा और महंगी मशरूम की उपलब्धता भी बढ़ेगी.
Buffalo Care in Summer मौसम के चलते अगर भैंस के शरीर का तापमान 0.9 डिग्री फारेनहाइट हो तो गर्भाधान की दर 13 प्रतिशत तक घट सकती है. पशु को इस स्थिति से बचाने के लिए गर्मियों के दौरान खास इंतजाम तो करने ही चाहिए, इसके अलावा पशु के हीट साइकल की भी पूरी जानकारी होनी चाहिए. अगर ऐसा न हो तो पशु को गाभिन करा पाना मुश्किल हो सकता है.
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