संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) की किसान जागृति यात्रा के तहत बुलंदशहर में किसान पंचायत आयोजित हुई. बैठक में एमएसपी गारंटी कानून, धान खरीद घोटाले और गन्ना भुगतान पर चर्चा हुई. 19 मार्च को दिल्ली में किसान महापंचायत की घोषणा की गई, जिसमें हजारों किसानों के शामिल होने की तैयारी है.
राजस्थान के बाड़मेर जिले के काउखेड़ा गांव में किसान के खेत से अचानक क्रूड ऑयल निकलने से हड़कंप मच गया. पिछले कई घंटों से तेल का रिसाव जारी है. किसान जमीन बंजर होने और घरों में दरारें आने से डरे हुए हैं, जबकि कंपनी ने जांच कर जल्द समाधान का भरोसा दिया है.
Green Fodder Issue एक्सट्रा हरे चारे का हे बनाकर रखा जा सकता है. खास बात ये है कि सालभर में कई ऐसे मौके आते हैं जब हरे चारे की फसल काटी जाती है. हालांकि एनिमल एक्सपर्ट के मुताबिक उत्तर भारत में ‘हे’ तैयार करने का वक्त मार्च-अप्रैल में होता है. लेकिन अक्टूबर में भी कुछ फसलों से ‘हे’ तैयार किया जा सकता है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अपना ताजा बुलेटिन जारी किया है, जिसमें फरवरी के आखिरी हफ्ते के लिए मौसम में बदलाव की भविष्यवाणी की है. मौसम विभाग ने पूर्वानुमान में कहा है कि उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर बना रह सकता है, जिससे गर्मी का असर बढ़ेगा. वहीं, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में दो कमजोर पश्चिमी विक्षोभों के कारण हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है. मौसम विभाग के मुताबिक, 26 फरवरी को पंजाब और हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा छाने की संभावना है. इससे विजिबिलिटी 50 से 200 मीटर तक रह सकती है, जिसका असर सड़क और रेल यातायात पर पड़ सकता है.
Sugarcane Supply: किसानों से अपील है कि गन्ना आपूर्ति के समय डिग्रेड वैरायटी में परिवर्तित करने संबंधी किसी प्रकार की समस्या होने पर विभागीय टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800 121 3203 पर दर्ज करा सकते हैं. विभाग ने किसानों को भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचाने के लिए प्रजाति परिवर्तन के बारे में जागरूक और प्रेरित करने की भी बात कही है.
IMD Latest Weather Update: फरवरी के आखिरी हफ्ते में ही उत्तर-पश्चिम भारत में गर्मी तेज होने लगी है और तापमान सामान्य से 3-5 डिग्री ऊपर जा सकता है. पहाड़ों में हल्की बारिश-बर्फबारी और दिल्ली में लगातार बढ़ती गर्मी क्या असर डालेगी, पूरी रिपोर्ट पढ़ें...
पूसा कृषि विज्ञान मेला 2026 में क्रॉपलाइफ इंडिया ने किसानों को फसल संरक्षण उत्पादों के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग का संदेश दिया. नकली दवाओं के खतरे, सही खुराक और लेबल पालन पर जोर रहा. लोक गीत के जरिए तकनीकी बातें आसान भाषा में समझाई गईं.
पूसा कृषि विज्ञान मेले में केंद्रीय कृषि मंत्री ने साफ कहा कि अब किसान का पैसा रोकने की आदत नहीं चलेगी. एमएसपी, केसीसी, केवीके और खाद सब्सिडी तक हर व्यवस्था में समयबद्धता और जवाबदेही तय होगी. किसान केंद्र में होगा और सिस्टम को उसी हिसाब से बदला जाएगा.
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संकेत दिए हैं कि खाद सब्सिडी सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजने की दिशा में सरकार जल्द बड़ा कदम उठा सकती है. IARI किसान मेले में उन्होंने बताया कि वर्तमान में 1.70 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी कंपनियों को दी जाती है, जिसे किसानों को डायरेक्ट बेनिफिट के रूप में देने की संभावना पर काम चल रहा है. मंत्री ने अधिकारियों को इस बदलाव के लिए सिस्टम तैयार करने के निर्देश भी दिए.
कर्नाटक सरकार ने 2025-26 सीजन के लिए गन्ना किसानों को 300 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी की है. इस योजना के तहत किसानों के बैंक खातों में 50 रुपये प्रति टन सीधे जमा किए जाएंगे. यह राशि FRP के अलावा मिलने वाले 100 रुपये प्रति टन अतिरिक्त भुगतान का हिस्सा है, जिसमें 50 रुपये सरकार और 50 रुपये चीनी मिलें देंगी. राज्य में अब तक 521 लाख मीट्रिक टन गन्ने की पेराई हो चुकी है और सीजन के अंत तक 600 लाख मीट्रिक टन पेराई होने का अनुमान है.
हरदोई के संडीला ब्लॉक के सरवा गांव में ‘किसान कारवां’ के 30वें पड़ाव पर किसानों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली. कार्यक्रम में खेती, पशुपालन, प्राकृतिक कृषि, नैनो उर्वरक और सरकारी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई. अधिकारियों और वैज्ञानिकों से संवाद के दौरान किसानों ने अपनी समस्याएं रखीं, जिनके समाधान भी बताए गए. लकी ड्रॉ और सम्मान समारोह ने आयोजन को खास बना दिया.
CM Yogi In Japan: मिंडा कारपोरेशन, जो स्पार्क मिंडा समूह का हिस्सा है, ऑटोमोटिव कंपोनेंट निर्माण में अग्रणी भारतीय कंपनी है. यह मैक्ट्रॉनिक्स, वायरिंग हार्नेस, प्लास्टिक इंटीरियर, सेंसर और ईवी समाधान उपलब्ध कराती है. जापान एविएशन इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री जिसे (JAE) के नाम से जाना जाता है.
गर्मी की शुरुआत के साथ लीची के पेड़ों पर मंजर आने लगे हैं, लेकिन इस समय स्टिंक बग का खतरा तेजी से बढ़ जाता है. मौसम में अचानक बदलाव के कारण ये कीट फूलों पर हमला कर देते हैं, जिससे मंजर झड़ने और फल उत्पादन में भारी कमी आ सकती है. इसलिए विशेषज्ञों ने किसानों को लीची के बागानों की विशेष देखभाल और नियमित निगरानी की सलाह दी है.
मौसम में अचानक बदलाव, तापमान में उतार-चढ़ाव और बढ़ी हुई नमी के बीच कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को गेहूं और सरसों की फसलों पर कड़ी निगरानी रखने की सलाह दी है. विशेषज्ञों के अनुसार इस मौसम में फंगल और वायरल बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. गेहूं में पीला रतुआ, लीफ ब्लाइट और पाउडरी मिल्ड्यू के लक्षणों को पहचानकर समय पर उपचार करना बेहद जरूरी है.
महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में बेमौसम बारिश और तेज तूफान से सैकड़ों हेक्टेयर में खड़ी गेहूं की फसल जमीन पर गिर गई. कई किसानों की 80 से 90 प्रतिशत फसल नष्ट हो गई है. पहले ही सोयाबीन की फसल खराब हो चुकी थी, ऐसे में अब गेहूं की बर्बादी ने किसानों के सामने परिवार के गुजर–बसर का गंभीर संकट खड़ा कर दिया है.
नई दिल्ली के पूसा परिसर में 25 से 27 फरवरी 2026 तक पूसा कृषि मेला आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्घाटन केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया. इस मेले में किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और एग्री-उद्यमियों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया. कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने बताया कि पिछले 10 वर्षों में देश में खाद्यान्न उत्पादन में 34% की बढ़ोतरी हुई है.
Buffalo Care in Summer एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो कई बार ऐसा होता है कि पशुओं के शरीर से गर्मी नहीं निकलती है और पशु को प्रसव में परेशानी होने लगती है. जब भैंस के शरीर में गर्मी अधिक बढ़ जाती है, तो इसकी वजह से एस्ट्रोजन हार्मोन में कमी आ जाती है. जिसके कारण पशुओं के हीट में आने के लक्षणों का पता नहीं चल पाता और पशु के शरीर में गर्मी अधिक बढ़ने की वजह से गर्भ भी नहीं ठहरता.
ISMA ने 2025–26 शुगर सीजन का तीसरा अनुमान जारी करते हुए बताया कि देश का ग्रॉस चीनी उत्पादन 324 लाख टन और नेट उत्पादन 293 लाख टन हो सकता है, जो पिछले साल से 12% अधिक है. यूपी में वैरायटी बदलाव के कारण पैदावार कम बताई गई है, जबकि महाराष्ट्र और कर्नाटक में शुरुआती पैदावार उम्मीद से कम रहने के पीछे मौसम और गन्ने में जल्दी फूल आने को कारण माना गया है.
नागपुर में पेशी से जुड़े समन अचानक रद्द होने के बाद भी यात्रा खर्च न मिलने से तमिलनाडु के किसानों का गुस्सा फूट पड़ा. तिरुचिरापल्ली रेलवे जंक्शन पर किसानों ने धरना देकर प्रशासन पर लापरवाही और बार-बार अपमानित करने का आरोप लगाया.
महाराष्ट्र के मलाड में दो फल विक्रेता फलों पर चूहे मारने की जहरीली दवा लगाते हुए पकड़े गए. शिकायत के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और दुकान सील कर दी. डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि ऐसी जहरीली दवा धोने के बाद भी फल के अंदर पहुंच सकती है, जो गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकती है और बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है.
हरदोई के सरवा गांव में ‘किसान तक’ का 30वां पड़ाव संपन्न हुआ. किसानों ने आधुनिक खेती, नैनो यूरिया, प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण और पशुपालन से आय बढ़ाने की जानकारियां हासिल कीं. कृषि विभाग, पशुपालन विभाग और प्रगतिशील किसानों ने सक्रिय भागीदारी निभाई. लकी ड्रॉ में किसानों को पुरस्कार भी प्रदान किए गए. यह कारवां किसानों को आय बढ़ाने और सुरक्षित खेती से जोड़ता है.
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