मथुरा में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसल बर्बादी के बाद एक किसान की मौत हो गई. किसान नेता ने हार्ट अटैक की आशंका जताई है, जबकि प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और राहत प्रक्रिया शुरू की है.
पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियन ने बुधवार को केंद्र सरकार से आग्रह किया है. कृषि मंत्री ने राज्य में हाल ही में हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं और अन्य रबी फसलों को हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए तुरंत एक उच्च-स्तरीय टीम भेजे.
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट ने खेती की एक नई दिशा तय की है उन्होंने कहा कि अब हमारा पूरा जोर ऐसी तकनीकों पर है, जिनमें खाद का इस्तेमाल 25 फीसदी तक कम हो, लेकिन पैदावार में पोषक तत्व जैसे प्रोटीन और विटामिन पहले से कहीं ज्यादा हों. करनाल के रिसर्च सेंटर्स के दौरे के दौरान उन्होंने बताया कि इस साल गेहूं की रिकॉर्ड पैदावार की उम्मीद है, जिससे देश की खाद्य सुरक्षा और मजबूत होगी.
मंदसौर कृषि उपज मंडी में कई किसानों का कहना है कि 9 दिन की छुट्टी के बाद आज मंडी खुली है, लेकिन मंडी फिर बंद रहेगी. उन्होंने सोसायटी से कर्ज लेकर और ब्याज पर पैसा लगाकर फसल तैयार की है.
भारत में कॉफी की फसल 2025-26 में मौसम और बारिश के कारण प्रभावित हुई है. अरबीका की फसल थोड़ी बढ़ी, लेकिन रोबस्टा कम हुई. इससे निर्यात पर असर पड़ सकता है. भारतीय कॉफी की उच्च गुणवत्ता और स्वाद के बावजूद कीमतें अधिक होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में चुनौतियां बढ़ गई हैं, खासकर यूरोप में.
हिमाचल प्रदेश के शिमला ज़िले में अप्रैल के महीने में हुई अचानक बर्फ़बारी से सेब के बागों को भारी नुक़सान पहुंचा है. बागों में जमा हुई बर्फ़ के वज़न से पेड़ों की डालियां टूट गईं और गुलाबी कलियों को भी नुक़सान पहुंचा. इस प्रतिकूल मौसम से किसान काफ़ी परेशान हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि इस साल सेब की फ़सल पर इसका बुरा असर पड़ेगा.
UP News: शाही ने बताया कि विण्ड्स पोर्टल के माध्यम से संकलित इस डाटा का उपयोग सरकार आपदा प्रबंधन, कृषि एडवाइजरी और अन्य जन-कल्याणकारी योजनाओं के लिए निःशुल्क करेगी. योजना के सफल संचालन के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश सरकार द्वारा 60 करोड़ रुपये की धनराशि का प्राविधान किया गया है.
पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों और बिहार पर नज़र डालें, तो वहां गेहूं की कटाई अभी भी अधूरी है. नतीजतन, लगातार हो रही बेमौसम बारिश ने किसानों की फसलों को पूरी तरह से तबाह कर दिया है. वहीं दूसरी ओर, मध्य प्रदेश और कुछ अन्य राज्यों में, जहां गेहूं की कटाई पूरी हो चुकी है, वहां भी किसान अपनी उपज बेच नहीं पा रहे हैं.
आईएमडी के मुताबिक, 9 अप्रैल को देश के कई हिस्सों में मौसम का असर जारी रहेगा. पूर्वोत्तर भारत में व्यापक स्तर पर बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला बना रहेगा, जबकि अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और त्रिपुरा में कुछ जगह भारी बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने कहा है कि दिल्ली-एनसीआर में 9 अप्रैल को आसमान साफ रहने की संभावना है, लेकिन तापमान सामान्य से नीचे बना रहेगा. अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री और न्यूनतम 14 से 16 डिग्री के बीच रह सकता है.
पश्चिमी विक्षोभ के असर से कई राज्यों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का दौर जारी है. 9 अप्रैल को भी पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मौसम बिगड़ा रहेगा, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत में धीरे-धीरे सुधार दिखेगा.
धौलपुर में तेज बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. गेहूं की खड़ी और कटी फसल को भारी नुकसान पहुंचा है और कई खेतों में फसल भीगकर बिछ गई है. सब्जी फसलें भी प्रभावित हुई हैं, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों पर असर पड़ने की आशंका है.
महाराष्ट्र कांग्रेस ने मुंबई में ‘न्याय सत्याग्रह’ के दौरान केंद्र सरकार पर किसानों से किए वादे पूरा न करने का आरोप लगाया. कांग्रेस नेता ने कहा कि बढ़ती लागत और कम दाम से किसान संकट में हैं और नीतियों का असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर दिख रहा है.
गन्ना किसानों के लिए बीज उपलब्धता की जानकारी अब ऑनलाइन कर दी गई है, जिससे किसान अपने नजदीकी बीज धारकों, किस्मों और उपलब्ध मात्रा की जानकारी घर बैठे प्राप्त कर सकते हैं. इस पहल से पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों को राहत मिलेगी.
पंजाब के मोगा और संगरूर समेत कई इलाकों में लगातार बारिश और ओलावृष्टि से हजारों एकड़ गेहूं और सब्जियों की फसल बर्बाद हो गई है. ठेके पर खेती करने वाले किसान कर्ज के बोझ तले दब गए हैं और सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने गेहूं खरीद प्रक्रिया 10 अप्रैल के बजाय 9 अप्रैल से शुरू करने का ऐलान किया है. छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने खरीद के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं.
जयपुर में आयोजित कृषि सम्मेलन में Shivraj Singh Chouhan ने किसानों से फार्मर आईडी बनवाने की अपील की और राज्यों को दो महीने में प्रक्रिया पूरी करने को कहा. उन्होंने खाद की पारदर्शी आपूर्ति और नकली उर्वरक-कीटनाशकों पर सख्ती की बात भी कही.
मिर्जापुर के दुबरा पहाड़ी गांव में ‘किसान तक’ किसान कारवां के दौरान किसानों को पशुपालन, बीज उपचार, आधुनिक खेती और सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई. कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों और वैज्ञानिकों ने आय बढ़ाने के उपायों पर जोर दिया.
राजस्थान में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं और सरसों की फसल को भारी नुकसान हुआ है. किसानों के अनुसार करीब 50% तक फसल बर्बाद हो चुकी है और मुआवजा न मिलने व गिरदावरी में गड़बड़ी के आरोपों से उनकी परेशानी और बढ़ गई है.
मध्य प्रदेश में किसान MSP का इंतजार करते हुए कम दाम पर गेहूं बेचने को मजबूर हैं. खराब मौसम से फसल की गुणवत्ता प्रभावित होने का डर और खरीद में देरी के कारण किसानों की आर्थिक परेशानी बढ़ गई है.
केंद्र सरकार ने खरीफ 2026 सीजन के लिए फॉस्फेटिक और पोटाशिक (P&K) उर्वरकों पर NBS सब्सिडी को मंजूरी दी है. इससे किसानों को DAP और अन्य खाद किफायती दरों पर मिल सकेंगी और खेती की लागत कम होगी.
महाराष्ट्र के जालना में एक युवा किसान ने मेक्सिको की ‘चिया’ फसल की खेती कर कम लागत में अच्छा मुनाफा कमाया है. बढ़ती बाजार मांग, कम खर्च और बेहतर उत्पादन के चलते चिया खेती किसानों के लिए लाभदायक विकल्प बनती जा रही है.
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