महाराष्ट्र के बारामती में एग्रीकल्चर डेवलपमेंट ट्रस्ट और कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा आयोजित कृषि प्रदर्शनी में AI तकनीक से खेती का लाइव डेमो दिखाया जा रहा है. किसान यहां 1 एकड़ में 200 टन गन्ना उत्पादन, मक्का, तुवर और प्याज की हाईटेक खेती, वर्टिकल फार्मिंग, बिना मिट्टी खेती, आधुनिक कृषि मशीनें और पशुपालन की नई तकनीकें देख सकते हैं. देशभर से किसान इस 7 दिवसीय मेले में पहुंच रहे हैं.
कानपुर के CSA विश्वविद्यालय में शुरू हुए 'मृदा संकल्प अभियान' का मुख्य संदेश है कि खेती को बचाने के लिए मिट्टी में ऑर्गेनिक कार्बन बढ़ाना और आधुनिक तकनीक अपनाना अब अनिवार्य है. विशेषज्ञों के अनुसार, जलवायु परिवर्तन और घटती जोत के दौर में आत्मनिर्भर बनने के लिए पुरानी गलतियों को सुधारना होगा. मिट्टी की 'सूक्ष्म शक्ति' यानी मित्र जीवाणुओं को बचाने के लिए रसायनों का मोह छोड़कर जैविक खेती और ड्रिप इरिगेशन जैसी तकनीकों को अपनाना जरूरी है.
उत्तर प्रदेश के इटावा जिले की प्रगतिशील किसान मंत्रवती ने मेहनत और हुनर से अपनी पहचान बनाई है. मात्र आठवीं तक पढ़ी मंत्रवती आज लाभकारी और बाजारोन्मुख खेती कर रही हैं. उनकी सफलता के चलते उन्हें गणतंत्र दिवस 2026 पर नई दिल्ली में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है. यह कहानी हर किसान और महिला के लिए प्रेरणा है.
बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना ने गायों के बाद भैंसों में भी IVF तकनीक शुरू कर दी है. मुर्रा नस्ल की भैंसों में लैब में भ्रूण तैयार कर सरोगेट भैंसों में प्रत्यारोपण किया जा रहा है. इससे उच्च उत्पादक पशुओं की संख्या बढ़ेगी और दूध उत्पादन में सुधार होगा.
कृषि मंत्री ने बताया कि योजना के अंतर्गत सब्सिडी, यूनिट, प्रशिक्षण और कृषि विश्वविद्यालयों के तकनीकी सहयोग से किसानों और उद्यमियों को वैज्ञानिक तकनीक से मशरूम उत्पादन के लिए सक्षम किया जा रहा है.
किसान कारवां कार्यक्रम के दौरान उन्नत कृषि तकनीक, फसल उत्पादन बढ़ाने के आधुनिक तरीके, मिट्टी स्वास्थ्य प्रबंधन, संतुलित उर्वरक उपयोग और बदलते मौसम के अनुरूप खेती पर विशेष जोर दिया गया.
आज किसान कारवां औरैया जिले के बूढ़ा दाना गांव पहुंचा. प्रदेश के 75 जिलों की कवरेज के तहत चल रहे इस अभियान में औरैया 14वां पड़ाव रहा. कार्यक्रम में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और पूरे उत्साह के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई.
अच्छी खेती केवल खाद और जुताई से नहीं, बल्कि जीवित मिट्टी से होती है. केंचुआ मिट्टी को भुरभुरा बनाता है, वर्मीकास्ट जैसी पोषक खाद देता है और जड़ों के लिए रास्ता तैयार करता है. वैज्ञानिक शोध मानते हैं कि जहां केचुए हैं, वहां मिट्टी ज़्यादा उपजाऊ और टिकाऊ होती है. फैक्ट ऑफ द डे स्टोरी में पढ़ें केंचुए से जुड़ी रोचक जानकारी...
बिहार में बर्ड फ़्लू का खतरा देखा जा रहा है, जिसे देखते हुए पशु विभाग ने किसानों, पशुपालकों और आम लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है. बता दें कि यह बेहद खतरनाक वायरस जनित रोग है, जिसके कारण मुर्गी पालन व्यवसाय को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.
भारत ने कई दशकों से बढ़े हुए सिंचाई नेटवर्क, मूल्य समर्थन तंत्र और समय-समय पर जोखिम कम करने के उपायों के माध्यम से कृषि सहायता पद्धति में निवेश किया है. ऐसे में फसल बचाने से कमाई बढ़ाने के लिए किसानों को कारगर सलाह देने की जरूरत है.
देश के कई राज्यों में आज घने से बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने कई इलाकों में कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. विजिबिलिटी कम होने से सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है. ठंड और शीतलहर का असर भी बना रह सकता है. इस वीडियो में जानेंगे कि किन राज्यों में ज्यादा असर रहेगा और कब तक राहत मिलेगी.
बिहार में उर्वरक के साथ जबरन बंडलिंग पर सरकार ने सख्ती दिखाई है. किसानों की शिकायतों के बाद कृषि विभाग ने बड़ा आदेश जारी किया है. उर्वरक कंपनियों और विक्रेताओं पर कार्रवाई के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं.
संभल की अनुपमा सिंह ने गाय के गोबर से उत्पाद बनाकर एक साल में 25 लाख रुपये का कारोबार किया और लखपति दीदी बनीं. गणतंत्र दिवस 2026 पर वे दिल्ली परेड ग्राउंड में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ मंच साझा करेंगी. अनुपमा आज 70 महिलाओं के साथ स्वयं सहायता समूह चलाकर ग्रामीण उद्यमिता और महिला सशक्तिकरण की मिसाल बन चुकी हैं.
कभी पहाड़ी, पथरीली और जंगली जमीन के रूप में पड़ी यह भूमि आज हरियाली से लहलहा उठी है और किसानों की खुशहाली की कहानी बयां कर रही है. राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी जल-जीवन-हरियाली योजना के तहत मिले सहयोग और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से 150 एकड़ बंजर भूमि खेती योग्य हो गई है.
सहारनपुर की कान्हा उपवन गौशाला में गोबर से बना प्राकृतिक पेंट अब लाखों की कमाई का जरिया बनता जा रहा है. तीन हजार लीटर से ज्यादा बिक्री के साथ यह पेंट बाजार में चर्चा का विषय है. इकोफ्रेंडली और सेहत के लिहाज से सुरक्षित बताए जा रहे इस पेंट की खासियतें इसे अलग पहचान दिला रही हैं.
तेलंगाना ने ऑयल पाम के क्षेत्र में देश को दिशा दिखाई है, लेकिन शुरुआती सफलता के बाद अब स्थिरता सबसे बड़ा सवाल बन गई है. किसानों की आय, भरोसे और नीति निरंतरता पर टिका यह मॉडल निर्णायक मोड़ पर है.
गुड़ उत्पादन को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से ये राज्य सरकार राज्य गुड़ उद्योग प्रोत्साहन कार्यक्रम के तहत गुड़ यूनिट लगाने पर बंपर सब्सिडी दे रही है.
लखनऊ में आज डॉ. सुधांशु सिंह को यूपी गौरव सम्मान 2026 से सम्मानित किया जाएगा. कृषि अनुसंधान और नवाचार में उनके वैश्विक योगदान ने उत्तर प्रदेश को नई पहचान दिलाई है. ISARC और जलवायु स्मार्ट खेती से जुड़ा उनका कार्य किसानों के लिए गेम चेंजर माना जा रहा है.
खरीफ 2026-27 से पहले यूपी सरकार ने किसानों को बड़ा संकेत दिया है. कृषि मंत्री की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक में धान समेत 10 प्रमुख फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है. इससे किसानों की आमदनी और फसल चयन पर सीधा असर पड़ सकता है.
Poultry Egg Rate केन्द्र सरकार ने अगर जल्द पोल्ट्री के संबंध में कुछ बड़े फैसले नहीं लिए तो आने वाले कुछ महीने पोल्ट्री के लिए बुरे साबित हो सकते हैं. खासतौर पर पोल्ट्री फीड के मामले में. आज देशभर के सबसे ज्यादा पोल्ट्री फार्मर इसी परेशानी का सामना कर रहे हैं. क्रेडिट रेटिंग इन्फॉर्मेशन सर्विसेज ऑफ इंडिया लिमिटेड (CRISIL) की रिपोर्ट भी खासी चौंकाने वाली है.
उत्तर भारत में सर्दियों की दस्तक के साथ मौसम पूरी तरह बदल चुका है और ठंड का असर साफ नजर आने लगा है. पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश और शीतलहर के बीच जनजीवन और खेती-किसानी की गतिविधियों पर असर पड़ रहा है. इस लाइव और लगातार अपडेट होते सेक्शन में आपको खाद-बीज से जुड़ी जानकारी, खेती और गार्डनिंग के उपयोगी टिप्स, किसानों के लिए जरूरी सरकारी योजनाएं और कृषि जगत से जुड़े बड़े राष्ट्रीय घटनाक्रम एक ही जगह मिलते रहेंगे. साथ ही बात करेंगे उन्नत क़िस्मों की बीजों के बारे में जिसका लाभ उठाकर किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.
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