फतेहपुर शेखावाटी में तेज सर्दी और कोहरे का असर बढ़ गया है. रात का तापमान माइनस 0.2 डिग्री तक पहुंचा. किसानों की सरसों, फलदार पौधे और सब्जियों की फसलों पर पाले और शीतलहर का खतरा बढ़ गया है. लो-टनल, कपड़ा या धुआं जैसी आसान उपाय अपनाकर किसान अपनी फसलों को बचा सकते हैं.
नीलगाय किसानों के लिए रबी सीजन में बड़ी समस्या बन गई है. कुछ किसानों ने अपने गेहूं के खेत की मेढ़ पर सूर्यमुखी लगाकर नीलगाय से फसल बचाने का आसान और देसी तरीका खोजा. यह पर्यावरण के अनुकूल तरीका बिना खर्चे के फसल सुरक्षित रखता है और अतिरिक्त आमदनी का भी मौका देता है.
ये सरकार टिश्यू कल्चर खेती को बढ़ावा दे रही है. ऐसे में सरकार आधुनिक बागवानी को प्रोत्साहन दे रही है. इस योजना के तहत सरकार की ओर से किसानों को टिश्यू कल्चर लैब बनाने पर 50 फीसदी बंपर सब्सिडी दी जा रही है. ऐसे में आइए जानते हैं कब तक है आवेदन की आखिरी डेट और कैसे उठा सकते हैं लाभ.
Calf Care in Winter सर्दियों के दौरान बछड़ों की देखभाल और खानपान का बहुत खास ख्याल रखना होता है. मौसम और तापमान के हिसाब से बछड़ों के चारे में बदलाव करना चाहिए. इतना ही नहीं पैदा होते ही बछ़ड़ों को पिलाया जाने वाला कोलोस्ट्रम भी अच्छी क्वालिटी का होना चाहिए. साथ ही पिलाते वक्त मात्रा का भी ख्याल रखना चाहिए.
मौजूदा समय में किसान नकदी फसलों की खेती बड़े पैमाने पर करने लगे हैं. ऐसे में कमाई के लिहाज से किसान बड़े स्तर पर मिर्च की खेती करते हैं. वहीं, किसानों की सुविधा के लिए राष्ट्रीय बीज निगम ऑनलाइन हरी मिर्च के उन्नत किस्म के बीज बेच रहा है.
राजस्थान में बेहतर बौनी गेहूं की किस्मों के बारे में आसान और उपयोगी जानकारी. जानें कि कौन सी किस्में सामान्य, देर से बुवाई या खारी मिट्टी के लिए उपयुक्त हैं. यह लेख किसानों और छात्रों दोनों को सही बीज और बेहतर तकनीकों का इस्तेमाल करके कम मेहनत में ज़्यादा पैदावार हासिल करने में मदद करेगा.
Animal Care गर्मी ही नहीं ठंड के मौसम में भी गाय-भैंस, भेड़-बकरी तनाव में आ जाते हैं. इसी के चलते पशुओं के बाड़े में खास तरह के इंतजाम करने के टिप्स दिए जाते हैं. खासतौर पर कम उम्र के बछड़ों के लिए. क्योंकि इसी मौसम में ब्रीडिंग भी होती है.
हाल में अलग-अलग जिलों से जुटाए गए आंकड़ों के विश्लेषण में सामने आया है कि कई किसान जरूरत से 50 से 100 प्रतिशत तक अधिक यूरिया का प्रयोग कर रहे हैं. किसानों में यह गलत धारणा बनी हुई है कि ज्यादा यूरिया डालने से उत्पादन बढ़ेगा जबकि इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है. अतिरिक्त यूरिया के कारण फसलों में केमिकल अवशेष रह सकते हैं. इससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ता है. साथ ही इससे मिट्टी प्रदूषित होती है और अनाज की गुणवत्ता भी गिरती है.
UP News: योगी आदित्यनाथ सरकार फूड स्टार्टअप, एमएसएमई और स्थानीय उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है. क्यूज़ीन क्लस्टर मॉडल के अंतर्गत फूड प्रोसेसिंग, पैकेजिंग यूनिट, कोल्ड चेन, गुणवत्ता परीक्षण और प्रशिक्षण सुविधाओं का विकास किया जाएगा, जिससे युवाओं और महिलाओं को उद्यमिता के नए अवसर मिलेंगे.
उत्तर भारत में सर्दियों की दस्तक के साथ मौसम पूरी तरह बदल चुका है और ठंड का असर साफ नजर आने लगा है. पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बढ़ती शीतलहर के बीच जनजीवन और खेती-किसानी की गतिविधियों पर असर पड़ रहा है. वहीं दक्षिण भारत में लगातार बारिश का दौर बना हुआ है. इस लाइव और लगातार अपडेट होते सेक्शन में आपको खाद-बीज से जुड़ी जानकारी, खेती और गार्डनिंग के उपयोगी टिप्स, किसानों के लिए जरूरी सरकारी योजनाएं और कृषि जगत से जुड़े बड़े राष्ट्रीय घटनाक्रम एक ही जगह मिलते रहेंगे. साथ ही बात करेंगे उन्नत क़िस्मों की बीजों के बारे में जिसका लाभ उठाकर किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.
देश के कई राज्यों में घना कोहरा और कड़ाके की ठंड का असर जारी है. उत्तर भारत में शीत लहर, सर्द दिन और बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग ने यात्रियों, किसानों और मछुआरों को सावधानी बरतने की सलाह दी है.
विदिशा में आयोजित किसान-मजदूर चौपाल में कांग्रेस नेता जीतू पटवारी पहुंचे. उन्होंने किसानों से सवाल किया कि क्या वे उनकी आवाज उठाने की कोशिश देखते हैं. पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार ने धान-गेहूं का घोषित दाम नहीं दिया. लाडली बहना योजना को लेकर भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आवाज न उठाते तो यह योजना बंद हो जाती.
बिहार के कटिहार जिले में दबंगों द्वारा किसानों का पानी रोके जाने का मामला सामने आया है. जमीनी विवाद के चलते पूरे गांव की सिंचाई बाधित हो गई, जिससे 70–80 बीघा खेत सूखने की कगार पर हैं. किसानों को नदी पार करने से भी रोका जा रहा है. DM ने जबरदस्ती करने वालों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है.
रोहतक में मौसम ने अचानक करवट लेली है.कई दिनों से ठंड और हल्की धुंध के बाद हुई इस बारिश से मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिला. मौसम विभाग द्वारा पहले ही बारिश की संभावना जताई गई थी बतादें कि बारिश की तीव्रता ज्यादा नहीं रही.
संभल में तालाब की जमीन से अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई उस वक्त बड़ा प्रशासनिक घटनाक्रम बन गई, जब ड्यूटी पर जा रहे लेखपाल के साथ सरेआम मारपीट कर दी गई. सरकारी कर्मचारी पर हमले के बाद प्रशासन एक्टिव हुआ और जवाबी कार्रवाई में कुछ ही घंटों में बुलडोजर एक्शन पर उतर आया. कार्रवाई के दौरान तालाब से लेकर आरोपियों के गांव तक अवैध कब्जों पर कार्रवाई की गई. पूरा मामला संभल तहसील क्षेत्र के मातीपुर ग्राम पंचायत का है.
बाजार कीमतों में भारी गिरावट के कारण संकट में फंसे मक्का किसानों को बड़ी राहत की खबर आई है. दरअसल, इस राज्य सरकार ने किसानों को सही दाम दिलाने के लिए एक स्कीम लॉन्च किया है.
लगातार तापमान में उतार-चढ़ाव को लेकर कृषि विशेषज्ञों ने अहम जानकारी दी है. एक्सपर्ट के अनुसार फसलों में होने वाला झुलसा रोग पाले से नहीं, बल्कि फफूंद संक्रमण के कारण होता है. पिछले 20–25 वर्षों से पाला नहीं पड़ा, लेकिन झुलसा रोग 72 घंटे में आलू की फसल को नुकसान पहुंचा सकता है. बचाव के लिए धुआं और हल्की सिंचाई की सलाह दी गई है.
नए साल में प्रधानमंत्री का सपनों को साकार करने के लिए जमशेदपुर के किसानों ने कमर कस ली है. दरअसल, तिलहन की खेती को बढ़ावा प्रधानमंत्री का एक ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसके तहत देश तमाम गांव में 100 फीसदी सब्सिडी पर तिलहन की खेती के लिए बीज दिया गया है.
75 जिलों की इस कवरेज में यह चौथा जिला रहा, जहां सैकड़ों किसानों ने यूपी सरकार की योजनाओं की जानकारी हासिल की. इस दौरान कृषि वैज्ञानिकों और कृषि विभाग के अधिकारियों ने सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी.
शिवराज सिंह चौहान ने आज नई दिल्ली स्थित एनएएससी कॉम्प्लेक्स के ए. पी. शिंदे ऑडिटोरियम में 25 फसलों की 184 नई उन्नत किस्में किसानों को समर्पित की. कृषि मंत्री ने कहा कि भारत उच्च उत्पादक और जलवायु सहनशील बीजों के विकास के दम पर कृषि में नई क्रांति के दौर में प्रवेश कर चुका है.
अलीगढ़ में किसान तक किसान कारवां का आयोजन हुआ, जिसमें किसानों को खेती, बागवानी, पशुपालन और सरकारी योजनाओं की सरल और आसान जानकारी दी गई. बीज शोधन, मिट्टी जांच, जैविक और रासायनिक खाद के सही उपयोग सहित आधुनिक खेती के तरीकों को किसानों तक पहुंचाया गया.
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