मेरठ के मोदीपुरम में 23 अप्रैल को बासमती बीज मेला लगेगा, जहां किसानों को उन्नत और DNA प्रमाणित किस्में तय दर पर मिलेंगी. मेले में कई राज्यों से किसानों के पहुंचने की संभावना है और बीज पहले आओ-पहले पाओ आधार पर वितरित होंगे.
दिल्ली में पांच साल बाद फिर से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होने जा रही है. 24 अप्रैल से नरेला और नजफगढ़ मंडियों में खरीद होगी, जिससे करीब 21 हजार किसानों को MSP पर फसल बेचने का मौका मिलेगा.
संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रस्तावित भारत‑अमेरिका मुक्त व्यापार समझौता का कड़ा विरोध करते हुए केंद्र सरकार को चेताया है कि कृषि, डेयरी और पोल्ट्री सेक्टर से जुड़े किसी भी समझौते से भारतीय किसानों को नुकसान हो सकता है. संगठन ने कहा कि विदेशी दबाव में कोई फैसला न लिया जाए और किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जाए.
भारत सरकार की ओर से गेहूं निर्यात कोटा बढ़ाने का फैसला किसानों की आय बढ़ाने से ज्यादा भरे हुए सरकारी गोदामों के दबाव का नतीजा माना जा रहा है. विशेषज्ञों के अनुसार बफर से कई गुना अधिक स्टॉक, नई फसल की आवक और वैश्विक बाजार में अर्जेंटीना जैसे देशों से मुकाबले के चलते यह कदम उठाया गया, जिससे MSP खरीद और भंडारण व्यवस्था पर असर पड़ सकता है.
भारत सरकार ने 25 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त गेहूं के निर्यात को मंजूरी दी है. यह फैसला घरेलू कीमतों को स्थिर रखने और किसानों को बेहतर दाम दिलाने के उद्देश्य से लिया गया है, जो उत्पादन, स्टॉक और बाजार स्थिति की समीक्षा के बाद किया गया.
उधम सिंह नगर के बाजपुर क्षेत्र में गेहूं के खेत में लगी आग ने सैकड़ों एकड़ फसल को तबाह कर दिया. पहले बेमौसम बारिश से नुकसान झेल रहे किसानों पर अब आग की मार पड़ी है, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं.
रणदीप सुरजेवाला अंबाला की अनाज मंडी पहुंचे, जहां उन्होंने किसानों और आढ़तियों की समस्याएं सुनीं और नायब सिंह सैनी सरकार पर तीखा हमला बोला. गेहूं और सरसों की खरीद, पोर्टल सिस्टम और फसल उठान में गड़बड़ी को लेकर उन्होंने सरकार को पूरी तरह विफल बताया.
मुंबई के न्हावा शेवा पोर्ट पर DRI ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 132 कंटेनरों में छिपाकर लाई गई करीब 139 करोड़ रुपये की खेप जब्त की. जांच में तरबूज के बीज और हरी मटर को अरहर दाल बताकर आयात करने का मामला सामने आया. इस मामले में आयातक फर्म का संचालक गिरफ्तार हुआ है.
तलाला गिर के आम बाजार में मशहूर केसर आम की नीलामी की शुरुआत हो गई है. हर साल की तरह इस बार भी परंपरा निभाते हुए पहले तीन बॉक्स गौशाला को समर्पित कर उनकी बोली लगाई गई, जिसके बाद आम की नियमित नीलामी शुरू हुई.
कच्चे जूट की कीमतों में लगातार बनी तेजी के बीच सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए ट्रेडर्स और बेलर्स के लिए स्टॉक लिमिट शून्य कर दी है. इस फैसले के तहत तय समयसीमा में पूरा स्टॉक बाजार में उतारना होगा, ताकि उद्योगों को राहत मिल सके.
प्रशांत महासागर में 8046 किलोमीटर लंबी मरीन हीट वेव ‘द ब्लॉब’ फैल गई है, जो समुद्री तापमान को रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ा रही है. वैज्ञानिकों के अनुसार यह मेगा अल-नीनो का संकेत हो सकता है, जिससे 2026-27 में भीषण गर्मी, कमजोर मॉनसून और सूखे का खतरा बढ़ सकता है, जिसका असर भारत सहित दुनिया की खेती पर पड़ सकता है.
Train Late ट्रेन से पशु के कटने पर रेलवे को कई तरह से नुकसान उठाना पड़ता है. हर साल हजारों ट्रेन लेट होती है सो अलग. इस परेशानी को देखते हुए ही रेलवे ने एक नया प्लान बनाया है. पशु प्रभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां ड्राइवर को लगातार सीटी बजाने के निर्देश दिए गए हैं. पशुपालकों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जा रही है.
Fish Waste Products अभी तक फेंके जाने वाले मछली के वेस्ट में साइंटिस्ट को बहुत सारी महत्वपूर्ण चीजें मिली हैं. सीफैट, कोच्चि के साइंटिस्ट का कहना है कि मछलियों के वेस्ट को अब कोलेजन, कैल्शियम कंपाउंड और बायोएक्टिव मॉलिक्यूल्स से भरपूर एक समृद्ध बायोलॉजिक रिसोर्स के रूप में देखा जा रहा है.
कुन्नूर टी ऑक्शन में सीमित निर्यात खरीद से बेहतर ग्रेड्स को सपोर्ट मिला, लेकिन ब्लेंडर्स की कमजोर मांग से कई कैटेगरी दबाव में रहीं. सीटीसी और डस्ट ग्रेड्स में मिला-जुला रुख दिखा. तापमान बढ़ने से सप्लाई घटी और कुल बिक्री प्रतिशत संतुलित स्तर पर रहा.
White Revolution 2 मूल वाइट रेवोलुशन की नींव सहकारी समितियों और दूध उत्पादन के विस्तार पर रखी गई थी. जबकि आज वाइट रेवोलुशन-2 हाईटेक टेक्नोलॉजी, क्लाइमेंट चेंज से निपटने और नए बाजार के मुताबिक डेयरी प्रोडक्ट की तेजी से बढ़ती मांग है. दूसरा चरण स्थिर पशु उत्पादकता, विकसित हो रही उपभोक्ता की प्राथमिकताएं और स्थिरता जैसी चुनौतियों का समाधान करने पर भी केंद्रित है.
राजस्थान में खरीफ-2026 सीजन के लिए बीटी कपास हाइब्रिड बीजों की बिक्री को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल गई है. 34 बीज कंपनियों को तय नियमों के तहत सप्लाई की अनुमति दी गई है. बीजों के परीक्षण, कीमत, क्वालिटी, QR कोड, और किसानों को प्रशिक्षण जैसे सख्त प्रावधान लागू किए गए हैं, जबकि कुछ जिलों में रोग-संवेदनशील बीजों की बिक्री पर रोक भी लगाई गई है.
संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में भारत की अर्थव्यवस्था के 6.4% की दर से बढ़ने की उम्मीद है. ग्रामीण मांग और सेवा क्षेत्र इसकी मुख्य ताकतें हैं. हालाँकि, कुछ चुनौतियाँ भी हैं, जैसे कि निर्यात में गिरावट. इसके बावजूद, भारत की आर्थिक स्थिति मज़बूत बनी हुई है, और लगातार तेज़ विकास की संभावनाएँ जताई गई हैं.
विदिशा क्षेत्र में गेहूं खरीदी व्यवस्था की समीक्षा के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने स्लॉट बुकिंग, बारदाना और तौल व्यवस्था को मजबूत करने की बात कही.
हरियाणा के करनाल में यूपी से गेहूं लेकर पहुंचे किसानों को ‘मेरी फसल, मेरा ब्योरा’ (MFMB) पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन न होने के कारण बॉर्डर पर रोक दिया गया. प्रशासन ने साफ किया है कि केवल रजिस्टर्ड किसानों को ही मंडियों में प्रवेश मिलेगा, जबकि किसानों ने नियमों के लागू करने में भेदभाव और तकनीकी दिक्कतों का आरोप लगाया है.
अखिलेश यादव 25 अप्रैल को गाजियाबाद में किसानों से सीधे संवाद करेंगे, जहां MSP, फसल नुकसान, लागत और आय जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी. समाजवादी पार्टी के इस कार्यक्रम में कृषि विशेषज्ञ, AI एक्सपर्ट और किसान संगठन शामिल होंगे, जिनके सुझावों के आधार पर पार्टी अपना किसान घोषणापत्र तैयार करेगी.
देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के दोहरे असर से स्थिति जटिल बनी हुई है. कहीं आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से नुकसान हो रहा है तो कहीं लू और उमस लोगों की परेशानी बढ़ा रही है. IMD ने किसानों और आम लोगों के लिए सतर्कता और बचाव की सलाह जारी की है.
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