बरसात का मौसम मुर्गीपालन के लिए थोड़ा चुनौतीपूर्ण होता है. इस दौरान नमी और गंदगी बढ़ने से मुर्गियों में बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, जिससे वजन और उत्पादन पर असर पड़ सकता है. ऐसे में सही देखभाल, साफ-सफाई और संतुलित आहार अपनाकर मुर्गीपालक बेहतर ग्रोथ और मुनाफा हासिल कर सकते हैं.
बरसात के मौसम में अगर इस पौधे की थोड़ी सी देखभाल कर ली जाए तो इसकी ग्रोथ बेहतर होने लगती है. बारिश के दिनों में सही जल निकासी, जैविक खाद और उचित देखभाल से गमले में लगा अंजीर का पौधा तेजी से बढ़ सकता है. ऐसे में आइए जानते हैं कम जगह में इस कीमती फल को गमले में उगाने का सही तरीका.
Paddy Farming: भारतीय किसान देश में बड़े स्तर पर धान की खेती करते हैं. ऐसे में किसानों की सुविधा के लिए ये सरकारी संस्था किसानों की सुविधा के लिए ऑनलाइन धान की उन्नत किस्म का बीच बेच रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 135वें एपिसोड में देशवासियों से बारिश का पानी बचाने, ‘कैच द रेन’ अभियान को मजबूत करने और पर्यावरण संरक्षण की अपील की. उन्होंने किसानों के लिए जल संरक्षण को जरूरी बताया. साथ ही आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी रक्षा उपकरण और लोकल कारीगरों को बढ़ावा देने का संदेश दिया.
पश्चिम बंगाल सरकार ने किसानों और चाय बागान से जुड़े लोगों को बड़ी राहत दी है. खेती और चाय उद्योग की जरूरतों को देखते हुए कंटेनर और बैरल में डीजल ले जाने पर लगी पाबंदियों में ढील दी गई है. इससे किसानों को सिंचाई और कृषि कार्यों में आसानी होगी.
तोतापुरी आम किसानों के लिए राहत भरी खबर है. केंद्र सरकार की बाजार हस्तक्षेप मूल्य योजना के तहत कर्नाटक में आम की सरकारी खरीद के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है. किसानों को कीमत गिरने से बचाने के लिए 1,750 रुपये प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य तय किया गया है.
भारतीय गुड़ आज दुनिया भर में अपनी मिठास का डंका बजा रहा है। वैश्विक बाज़ार में 70 फीसद से अधिक की हिस्सेदारी के साथ इसका निर्यात पिछले एक दशक में 106% से भी ज़्यादा बढ़ा है, जिससे इंडोनेशिया, अमेरिका और यूएई जैसे बड़े देश इसके मुरीद हो चुके हैं। सेहत के प्रति जागरूकता के कारण घरेलू बाज़ार में भी चीनी के मुक़ाबले गुड़ की मांग तेज़ी से बढ़ी है.केमिकल से दूर, प्राकृतिक उत्पाद को जीआई टैग और सरकारी योजनाओं का भी भरपूर साथ मिल रहा है. सही मायने में यह बढ़ता उद्योग लाखों ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोज़गार देकर हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई जान फूंक रहा है.
पंजाब में बिजली आपूर्ति को लेकर सियासत गरमा गई है. शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने AAP सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि बिजली कटौती से धान किसानों को सिंचाई में परेशानी हो रही है और खेती प्रभावित हो रही है.
भारत का एग्रीस्टैक कृषि क्षेत्र में डिजिटल क्रांति ला रहा है. यह सिस्टम किसानों की पहचान, फसल डेटा और जमीन रिकॉर्ड को एक मंच पर जोड़कर पारदर्शिता और तेजी सुनिश्चित करता है. इसके जरिए सरकारी योजनाओं, लोन और MSP भुगतान में आसानी होती है. यह खेती को आधुनिक, सुरक्षित और डेटा आधारित बनाकर किसानों को सशक्त कर रहा है.
खेती को स्मार्ट और आसान बनाने की दिशा में बड़ी पहल हुई है. चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा AI मॉडल तैयार किया है, जो उपग्रह तस्वीरों, मौसम की जानकारी और पुराने कृषि आंकड़ों के आधार पर फसल की पैदावार का अनुमान लगा सकेगा.
अकोला में हुई भारी बारिश के बाद नेशनल हाईवे-53 के शिवनी फ्लाईओवर पर जलभराव हो गया, जिससे वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. 1 से 2 फीट पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ और हादसे का खतरा बढ़ गया. ड्रेनेज व्यवस्था की खराबी से स्थिति और गंभीर हो गई.
अल नीनो और कमजोर मॉनसून का खरीफ फसलों पर क्या असर पड़ सकता है? CropLife India ने बताया कि अनिश्चित बारिश, कीटों और फसल रोगों का खतरा किसानों की चिंता बढ़ा सकता है. जानिए 119 लाख हेक्टेयर में हुई खरीफ बुवाई, IMD के मॉनसून अनुमान और विशेषज्ञों की सलाह से जुड़ी पूरी जानकारी.
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून के अगले 2 से 3 दिनों के दौरान गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के शेष इलाकों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ अन्य हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं. वहीं, अगले एक सप्ताह तक पश्चिमी तट, पूर्वोत्तर भारत तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है.
भारतीय मौसम विभाग ने देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों के लिए भारी बारिश और हीटवेव का अलर्ट जारी किया है. पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में अत्यंत भारी बारिश की संभावना है, जबकि उत्तर भारत में तेज गर्मी पड़ेगी. कई राज्यों में गरज-चमक, तेज हवाएं और जलभराव जैसी स्थिति बन सकती है. लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
जयपुर में डेयरी किसानों ने केंद्र सरकार की E20 एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति के खिलाफ 'M-20 आंदोलन' शुरू किया है. किसानों ने इस नीति को मिलावट से जोड़ते हुए इसे वापस लेने की मांग की है. साथ ही, उन्होंने BJP मंत्रियों को प्रतीकात्मक रूप से 'M-20 दूध' भेजने और नीति की स्वतंत्र जांच कराने की भी मांग उठाई है.
पंजाब सरकार ने बड़ा यू-टर्न लेते हुए 1 जुलाई 2026 से VB-G RAM G ग्रामीण रोजगार योजना लागू करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. यही योजना कुछ महीने पहले विधानसभा में विरोध का विषय बनी थी. सरकार के फैसले पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं, जबकि योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी.
किचन गार्डन में लगे पौधों के लिए बरसात का मौसम कई चुनौतियां लेकर आता है. अधिक नमी, सूरज की रोशनी की कमी और मिट्टी में फंगस लगने का खतरा, ये सब आपके पौधों को नुकसान पहुंचा सकते हैं. ऐसे में आप इन 5 गार्डनिंग टिप्स को अपनाकर पौधों को बचा सकते हैं.
मध्य प्रदेश के रीवा जिले के प्रसिद्ध जीआई टैग वाले सुंदरजा आम की विदेशों में मांग बढ़ रही है. पहली बार इसकी व्यावसायिक खेप UAE भेजी गई है, जिससे किसानों को स्थानीय बाजार के मुकाबले करीब 50 प्रतिशत तक ज्यादा कीमत मिली है.
जून में मानसून की सुस्ती और कम बारिश के कारण किसानों को सूखे की मार झेलनी पड़ रही है। ऐसे संकट में फसलों को बचाने के लिए किसानों को 'स्मार्ट' बनकर ऐसी आधुनिक तकनीकें अपनानी होंगी, जो खेतों में नमी को लंबे समय तक रोक कर रख सकें. फसलों के विकास और उनके जमीन से पोषक तत्व सोखने के लिए मिट्टी में नमी का होना सबसे जरूरी है। सही नमी से कम पानी में भी शानदार पैदावार मिलती है. इसके विपरीत, अगर जमीन सूख गई तो मिट्टी सख्त हो जाएगी,पौधों की जड़ें दम तोड़ देंगी, महंगी खाद-उर्वरक बेकार हो जाएंगे और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा.
केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी पर 1 करोड़ रुपये की सब्सिडी लेने के आरोपों को लेकर सियासत गरमा गई है. विपक्ष के आरोपों को मंत्री ने सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सब्सिडी सरकारी नियमों के अनुसार मिली है. उन्होंने बताया कि यह लाभ पारदर्शी प्रक्रिया और सत्यापन के बाद सभी किसानों की तरह उन्हें भी दिया गया.
काला नमक चावल सिर्फ स्वाद और खुशबू के लिए ही नहीं, बल्कि अपने पोषक गुणों के कारण भी खास पहचान रखता है. उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर की यह पारंपरिक धान किस्म प्रोटीन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर मानी जाती है.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today