उत्तर प्रदेश के सहारनपुर और औरैया समेत कई जिलों में तेज हवा, बारिश और ओलावृष्टि ने गेहूं की तैयार फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है. खेतों में खड़ी फसल गिरने से पैदावार आधी होने की आशंका है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है.
देश में गर्मी की फसलों (जायद) की बुवाई में हल्की बढ़त दर्ज की गई है. दलहन, मोटा अनाज और तिलहन के रकबे में इजाफा हुआ है, जबकि धान की बुवाई में गिरावट देखी गई है. कृषि मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक कुल बुवाई क्षेत्र पिछले साल से थोड़ा अधिक है.
किसानों के लिए रबी फसल कटाई के बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है. दरअसल, किसानों की सुविधा और अनाज मंडियों में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सभी अनाज मंडियों और खरीद केंद्रों पर गेट पास की सुविधा अब 24 घंटे उपलब्ध रहेगी.
New Delhi में 7 अप्रैल को प्याज की कीमतों और निर्यात को लेकर अहम बैठक होने जा रही है, जिसमें सरकार और निर्यातक मिलकर गिरती कीमतों और भविष्य की रणनीति पर चर्चा करेंगे.
कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी. किसानों को बताया गया कि इन योजनाओं का लाभ उठाकर वे अपनी आय बढ़ा सकते हैं और खेती को अधिक लाभकारी बना सकते हैं.
चंदौली के बर्थराकला गांव में ‘किसान तक’ का किसान कारवां पहुंचा. कार्यक्रम में किसानों को आधुनिक खेती, उन्नत बीज, पशुपालन, मछली पालन और तकनीकी जानकारी दी गई. केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से किसानों की आय बढ़ाने के उपाय बताए गए. एफपीओ और नई तकनीक के जरिए किसान अपनी आमदनी और उत्पादन सुधार सकते हैं.
रविवार सुबह से ही नागपुर में मूसलाधार बारिश शुरू हुई. अचानक मौसम बदलने से और बारिश होने से लोगो को भीषण गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली है. लेकिन इस बेमौसम बारिश ने किसान के सामने फसल की बर्बादी का नया संकट खड़ा कर दिया.
मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब भारत के किचन तक पहुंचता नजर आ रहा है. कई इलाकों में LPG गैस की किल्लत और एजेंसियों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं.
एक तरफ कुदरत का कहर…और दूसरी तरफ वैश्विक हालात का असर… इन दोहरी मार के बीच महाराष्ट्र का किसान बुरी तरह फंस गया है.मामला है बीड जिले के पट्टीवडगांव का…जहां युवा किसान प्रवीण महादेव ने पारंपरिक खेती छोड़ तरबूज की खेती शुरू की थी.
बांदा जिले में अचानक बेमौसम बारिश, तेज आंधी और ओलों ने किसानों पर जमकर कहर बरपाया है. इस बारिश के बाद किसानों का कहना है कि खेतों में गेहूं की फसल पकी खड़ी है, चना, सरसों कटने की स्थिति में है.
Kushinagar के एक किसान ने इंटरनेट पर पढ़कर केले की खेती शुरू की, लेकिन तीन साल में भारी नुकसान झेलने के बाद खेती छोड़ने का फैसला करना पड़ा. यह कहानी खेती की वास्तविक चुनौतियों को उजागर करती है.
आज फल-सब्जी से ज्यादा डेयरी-पोल्ट्री प्रोडक्ट और फिश का उत्पादन बढ़ रहा है. जिसकी वजह है फूड सेक्टर का खास 38 फीसद ग्राहक. यही वो वर्ग है जो आज ई-कॉमर्स प्लेपटफार्म पर भी मौजूद और इसी के चलते आने वाले सात-आठ साल इन तीनों ही सेक्टर के हैं.
फसलों पर कीटों का प्रकोप होना आम बात है. इन कीटों से निपटने के लिए ज्यादातर किसान रासायनिक कीटनाशकों का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन जिस तरह से दुनिया भर में केमिकल और पेस्टीसाइड का अंधाधुंध उपयोग हो रहा है, उससे खेती और इंसान दोनों को बहुत नुकसान पहुंच रहा है.
पंजाब में बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि ने गेहूं की फसल को गंभीर नुकसान पहुंचाया है. सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर तुरंत फसल नुकसान का आकलन और राहत देने की अपील की है. किसानों की मदद के लिए FCI मानक में ढील और SDRF/NDRF से सहायता की मांग की गई.
इजरायल अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर भारत पर भी लगातार दिखाई दे रहा है और युद्ध के शुरुआती दिनों के बाद से ही एलपीजी का जो संकट पैदा हुआ था. लेकिन उत्तर प्रदेश का एक ऐसा गांव है, जहां के लोगों को इस समस्या का सामना नहीं करना पड़ रहा है.
भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI), इज्जतनगर (बरेली) को वर्ल्ड रैकिंग में एक खास पहचान मिली है. इसकी पहचान एनिमल साइंस एजुकेशन और रिसर्च के सेक्टर में है. आईवीआरआई विभिन्न विषयों में डिग्री देने के साथ ही मानव संसाधन विकास-कौशल निर्माण के तहत वोकेशनल कोर्स-सार्टिफिकेट और ट्रेनिंग भी देता है.
Dholpur में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं सहित रबी फसलों को भारी नुकसान हुआ है. किसानों के अनुसार करीब 50% तक फसल प्रभावित हुई है और मुआवजे की मांग उठ रही है.
Animal Feed-Fodder जब गाय-भैंस बीमार हो जाएं या फिर उन्हें चोट लग जाए तो उन्हें भूखा न छोड़ें. क्योंकि बीमार और चोटिल होते ही पशुओं की खुराक न के बराबर रह जाती है. ऐसे में जरूरी है कि हम उन्हें कुछ ऐसा बनाकर दें जिससे उनके शरीर की जरूरत पूरी हो सके.
Shimla में सरकार ने ‘गोपाल योजना’ के तहत 14.68 करोड़ रुपये जारी किए हैं, जिससे आवारा और बेसहारा मवेशियों की देखभाल और किसानों को फसल नुकसान से राहत मिल सके.
अमृतसर के मजीठा के एक गांव में गेहूं की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई और मक्का को भी नुकसान पहुंचा. इस बात की ओर इशारा करते हुए किसान मजदूर संघर्ष समिति के नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि नुकसान का आकलन करने के लिए अभी तक कोई भी अधिकारी वहां नहीं पहुंचा है.
Pune में पिछले कुछ दिनों से हो रही बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने तरबूज की खेती करने वाले किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है. जैविक खेती करने वाले किसानों की फसल लगभग पूरी तरह नष्ट हो गई है, जिससे उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है.
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