अगर पूरे भारत की बात करें तो नवंबर में छोटे किसानों का चाय उत्पान पांचवें हिस्से तक घटकर 70.19 लाख किलोग्राम रह गया है. जबकि बड़े किसानों का प्रोडक्शन लगभग दसवें हिस्से तक घटकर 54 लाख किलोग्राम पर आ गया है. यह गिरावट नॉर्थ इंडिया में प्रोडक्शन में बड़ी गिरावट की वजह से हुई है, जहां खराब मौसम की वजह से प्रोडक्शन करीब 18.5 प्रतिशत घटकर 104.68 लाख किलोग्राम रह गया.
Buffalo Milk Economics भैंस पशुपालक का चलता-फिरता एटीएम है. आज सड़कों पर और खेतों में गाय छुट्टा घूमती हुई दिख जाएगी, लेकिन तलाशने पर एक भी भैंस आपको छुट्टा घूमती हुई नहीं मिलेगी. क्योंकि गाय के मुकाबले इसकी कीमत भी ज्यादा होती है. गाय को भी दूध उत्पादक बना लिया जाए तो ये सड़क पर दिखना बंद हो जाएंगी.
महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में किसान द्वारा कर्ज चुकाने के लिए किडनी बेचने के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया है. इस केस की जांच के दौरान सामने आया है कि भारत में एक बड़ा और संगठित किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट सक्रिय है, जिसके तार दिल्ली और तमिलनाडु से जुड़े हुए हैं.
2025 में भारत का कॉफी निर्यात इतिहास रचते हुए 2 अरब डॉलर के पार पहुंच गया. वैश्विक बाजार में ऊंचे भाव और रूस से बढ़ी खरीद ने एक्सपोर्ट को जबरदस्त सहारा दिया. भले ही निर्यात मात्रा घटी हो, लेकिन प्रति टन कमाई में बड़ा उछाल आया. जर्मनी पीछे कैसे छूटा और कौन से देश मजबूत खरीदार बने? पढ़ें पूरी खबर...
Milk Production एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि कृषि और डेयरी क्षेत्रों में खेती के बढ़ते मशीनीकरण के साथ-साथ निर्माण उद्योग के कारण डेयरी पशुओं में हार्डवेयर रोगों की घटनाएं बढ़ रही हैं. एनिमल हॉस्िाणटल में भी लगातार ऐसे केस सामने आ रहे हैं. इसके चलते पशुपालक को पशु हानि हो होती ही है, साथ में उत्पादन पर भी इसका असर पड़ता है.
आईएमडी ने आने वाले महीनों की बारिश, ठंड और तापमान को लेकर अनुमान जारी कर दिए हैं. यह अनुमान न सिर्फ मौसम के मिजाज को समझने में मदद करने वाले हैं बल्कि बल्कि रबी की फसल और आगामी मॉनसून सीज़न के लिहाज से भी बेहद अहम माने जा रहे हैं. मौसम विभाग ने गुरुवार को बताया है कि जनवरी से मार्च के बीच दक्षिणी और मध्य भारत में अच्छी बारिश होने की संभावना है.
मुजफ्फरपुर जिले के सर्फुद्दीन गांव के किसान राजू कुमार चौधरी ने आधुनिक खेती की मिसाल पेश कर दी है. दरअसल, जिस आलू की खेती को इलाके में लंबे समय से घाटे का सौदा माना जाता रहा, उसी खेती को उन्होंने मुनाफे का जरिया बना दिया है.
Gehu Ki Kheti: गेहूं की पहली सिंचाई के तुरंत बाद खेत में बढ़ी नमी और मध्यम तापमान फसल के लिए सबसे बड़ा जोखिम बन जाता है. यही वह समय है जब पीला रस्ट, पत्ती झुलसा और जड़ सड़न जैसे खतरनाक रोग तेजी से फैलते हैं, जिससे फसल की पैदावार में 20 से 40 प्रतिशत तक की भारी गिरावट आ सकती है. पढ़ें पूरी जानकारी...
AnimalTagging पशुओं के कान में लगे ये टैग इंसानों की तरह से ही पशुओं का आधार कार्ड है. टैग पर लिखे 12 नंबर को बेवसाइट में डालते ही गाय-भैंस का पूरा चिठ्ठा खुल जाता है. टैग नंबर से पशुओं का इलाज, टीकाकरण से लेकर सरकारी योजनाओं का फायदा, बीमा आदि सभी तरह के काम हो जाते हैं. साथ ही पशु के चोरी होने पर टैग की मदद से पशु के मिलने की संभावना भी ज्यादा रहती है.
अगर आप किसान हैं और जनवरी महीने में किसी फसल की खेती करना चाहते हैं, तो आप ककड़ी की इस खास किस्म की खेती कर सकते हैं क्योंकि गर्मी के मौसम में मिलने वाली ककड़ी की खेती के लिए जनवरी का महीना उपयुक्त माना जाता है.
अक्टूबर-दिसंबर 2025 के दौरान चावल की कुल खरीद 333.72 लाख टन तक पहुंच गई. यह पिछले साल इसी समय में 312.60 लाख टन थी. सरकार ने 2025-26 सीजन में खरीफ में उगाई गई फसल से 463.49 लाख टन चावल खरीदने का टारगेट रखा है. पूरे 2024-25 में पूरे भारत में असल चावल की खरीद 545.22 लाख टन थी. चावल का खरीद सीजन अक्टूबर से शुरू होता है और खरीद का समय हर राज्य में फसल के पैटर्न के आधार पर अलग-अलग होता है.
गुड़ पाउडर दरअसल पारंपरिक ठोस गुड़ का ही एक आधुनिक रूप है. इसे छोटे-छोटे दानों या पाउडर के रूप में तैयार किया जाता है जिससे इसे इस्तेमाल करना आसान हो जाता है. चाय, मिठाई, बेकरी प्रोडक्ट्स और घरेलू पकवानों में इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है. खास बात यह है कि गुड़ पाउडर में आयरन, कैल्शियम और मिनरल्स मौजूद रहते हैं, जो सफेद चीनी में नहीं होते.
उत्तर भारत में सर्दियों की दस्तक के साथ मौसम पूरी तरह बदल चुका है और ठंड का असर साफ नजर आने लगा है. पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बढ़ती शीतलहर के बीच जनजीवन और खेती-किसानी की गतिविधियों पर असर पड़ रहा है. वहीं दक्षिण भारत में लगातार बारिश का दौर बना हुआ है. इस लाइव और लगातार अपडेट होते सेक्शन में आपको खाद-बीज से जुड़ी जानकारी, खेती और गार्डनिंग के उपयोगी टिप्स, किसानों के लिए जरूरी सरकारी योजनाएं और कृषि जगत से जुड़े बड़े राष्ट्रीय घटनाक्रम एक ही जगह मिलते रहेंगे.
सोलर पैनल किसानों के लिए लंबे समय का निवेश है. सफाई में की गई छोटी-सी लापरवाही बड़ा नुकसान करा सकती है. अगर सही तरीके और सावधानी से सफाई की जाए तो सोलर पैनल सालों तक बेहतर प्रदर्शन देते हैं और किसानों को मुफ्त बिजली का पूरा लाभ मिलता है. धूल, मिट्टी, पक्षियों की बीट और परागकण पैनल की सतह पर जम जाते हैं. इससे बिजली उत्पादन 20 से 30 प्रतिशत तक कम हो सकता है.
2 जनवरी को उत्तर भारत में घना कोहरा और शीतलहर का अलर्ट है. दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और बिहार में ठंड बढ़ेगी. पहाड़ों पर हल्की बर्फबारी जबकि तमिलनाडु और केरल में बारिश की संभावना है.
साल 2024-25 के अपने बजट भाषण में, सीतारमण ने तीन साल के समय में किसानों और उनकी जमीन को कवर करने के लिए एग्रीकल्चर के लिए एक डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) शुरू करने का ऐलान किया था. इस मिशन का मकसद डीपीआई के तौर पर जानकारी का एक स्टैंडर्ड सिंगल सोर्स बनाना है. इसमें एग्रीस्टैक, कृषि डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (डीएसएस) और सॉइल प्रोफाइल मैप शामिल हैं.
नए साल की शुरुआत में सरकार ने उर्वरक सब्सिडी को लेकर बड़ा बदलाव किया है. करीब 2 लाख करोड़ रुपये की सब्सिडी अब पूरी तरह डिजिटल सिस्टम से प्रोसेस होगी. इससे भुगतान, निगरानी और पारदर्शिता में क्या बदलाव आएगा, किसानों और कंपनियों को कैसे होगा फायदा, पढ़ें पूरी डिटेल...
देश में रबी सीजन के दौरान गेहूं की बुवाई लगभग पूरी हो चुकी है और फसल की हालत को लेकर सरकार ने राहत की बात कही है. चना और सरसों के रकबे में बढ़ोतरी के संकेत भी मिले हैं. कृषि आयुक्त ने रबी उत्पादन को लेकर क्या अनुमान जताया है और आगे क्या असर पड़ेगा, पढ़ें पूरी रिपोर्ट...
Preganent Buffalo Care जब ये पक्का हो जाए कि भैंस गर्भ से है तो उनकी तीन तरह से देखभाल शुरू कर दें. गर्भवती भैंस के लिए अच्छा खानपान इसलिए जरूरी हो जाता है कि एक तो उसके गर्भ में बच्चा पल रहा होता है, दूसरे बच्चा देने के बाद उसे दूध भी देना है. इसलिए उसे बहुत सारे पोषक तत्वों की जरूरत होती है.
रोहतक में सुबह-सुबह हुई बारिश से गेहूं किसानों को राहत की उम्मीद जगी है. बढ़वार अवस्था में फसल को इससे लाभ मिलने की संभावना है, हालांकि जलभराव वाले इलाकों में नुकसान का डर भी बना है.
हरियाणा में PM Dhan-Dhanya Krishi Yojana को लेकर सरकार ने अहम फैसला लिया है. योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तर पर जिम्मेदारियां तय की गई हैं. किन अफसरों को क्या भूमिका मिली है और इससे किसानों को क्या फायदा होगा, पूरी तस्वीर सामने आने वाली है.
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