प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के हल्दिया में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि अगर राज्य में विधानसभा चुनाव के बाद भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनती है तो किसानों और मछुआरों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी. उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस सरकार ने धान, आलू और पान की खेती करने वाले किसानों की अनदेखी की है, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा है.
महाराष्ट्र के विपणन मंत्री जयकुमार रावल ने कहा कि प्याज की कीमतों में उतार-चढ़ाव से किसानों को बचाने के लिए प्रोसेसिंग उद्योग को बढ़ावा दिया जाएगा. सरकार अतिरिक्त उत्पादन को वैल्यू एडेड उत्पादों में बदलकर किसानों की आय स्थिर करने की योजना पर काम कर रही है.
पंजाब में गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हो गई है, जहां किसानों को MSP 2,585 रुपये प्रति क्विंटल और 24 घंटे में भुगतान का भरोसा दिया गया है. सरकार ने खरीद के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं, लेकिन बेमौसम बारिश और तेज हवाओं से किसान चिंतित हैं. राज्य में 1.30 लाख एकड़ से अधिक गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है, जिसके चलते मुआवजे की मांग तेज हो गई है.
बिहार में डिजिटल कृषि निदेशालय की शुरुआत के साथ खेती को तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. इसके तहत किसानों को रियल टाइम सेवाएं, फसल डेटा प्रबंधन और डिजिटल क्रॉप सर्वे जैसी सुविधाएं मिलेंगी, जिससे उत्पादन और योजनाओं का लाभ अधिक सटीक तरीके से पहुंचेगा.
रायसेन जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. इस वर्ष सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की तारीख 9 अप्रैल तय की गई है. जानकारी के अनुसार, वेयर हाउस के अंदर और बाहर लगभग 10 हजार क्विंटल गेहूं पहुंच चुका है.
दिल्ली नगर निगम (MCD) ने गाजीपुर डेयरी में रोजाना 300 टन क्षमता वाले बायोगैस प्लांट को मंजूरी दी है. यह परियोजना डेयरी कचरे के बेहतर निपटान और उससे ऊर्जा उत्पादन के लिए एक बड़ा कदम है. इसके तहत राजधानी के कई इलाकों में बायोगैस और ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाएंगे, जिससे यमुना प्रदूषण को कम करने और स्वच्छता व्यवस्था सुधारने में मदद मिलेगी.
सागर की कृषि उपज मंडी में गुरुवार को उस वक्त हड़कंप मच गया. जब हम्मालों की हड़ताल के चलते खरीदी ठप हो गई और गुस्साए किसानों ने सड़क पर उतरकर चक्काजाम कर दिया. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जीतू पटवारी ने मौके पर ही सागर कलेक्टर संदीप जीआर को फोन लगाया.
भारत में मौसम का पैटर्न तेजी से बदल रहा है, जिससे बसंत ऋतु का समय छोटा होता नजर आ रहा है. IMD के अनुसार जेट स्ट्रीम में बदलाव और SAFAR के मुताबिक El Nino से La Nina के ट्रांजिशन के कारण सर्दी और गर्मी के बीच का संतुलन बिगड़ रहा है. विशेषज्ञ मानते हैं कि यह एक नया ट्रेंड बन सकता है, जिससे भविष्य में बसंत और भी कम समय के लिए महसूस होगा.
कश्मीर का ‘लाल सोना’ यानी केसर इन दिनों बड़े संकट से गुजर रहा है. पुलवामा के पंपोर इलाके में केसर की खेती करने वाले किसान नई मुसीबत से जूझ रहे हैं.जहां पहले मौसम और बाजार की मार थी, अब भारतीय धारीदार साही (इंडियन क्रेस्टेड पोर्क्यूपाइन) केसर फसल के लिए सबसे बड़ा खतरा बनकर सामने आया है.
जलवायु परिवर्तन का असर अब आम की खेती पर साफ दिखने लगा है. ठंड और तापमान में बदलाव के कारण मंजर आने में देरी हो रही है और कीटों का खतरा बढ़ रहा है, जिससे पैदावार और गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि “क्लाइमेट स्मार्ट” तकनीकों, संतुलित पोषण और आधुनिक खेती के तरीकों को अपनाकर ही किसान इस चुनौती से निपट सकते हैं और आम की मिठास बचा सकते हैं.
किसानों की फसल बर्बादी के मुद्दे पर Pargat Singh ने Bhagwant Mann पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि बेमौसम बारिश के कारण किसानों को भारी नुकसान हुआ है, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुन रही. परगट सिंह ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री किसान और आढ़तियों की बातों को नजरअंदाज कर रहे हैं.
पश्चिम बंगाल दौरे पर पहुंचे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने आलू किसानों को केंद्र की योजनाओं का लाभ नहीं दिया, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है.
देशभर में बेमौसम बारिश, आंधी और ओलावृष्टि ने गेहूं समेत कई फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है. पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात में खेतों से लेकर मंडियों तक फसल बर्बाद हो गई है. कटाई के मुहाने पर खड़ी फसल गिरने और भीगने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है. प्रभावित किसान सरकार से सर्वे और मुआवजे की मांग कर रहे हैं.
CM नायब सिंह सैनी ने कहा कि जिलों भर की मंडियों की नियमित निगरानी की ज़िम्मेदारी वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई है, और उपायुक्तों (DCs) को खरीद व्यवस्था का प्रभारी बनाया गया है. सीएम ने किसानों से इन उपायों को लागू करने में सहयोग देने की अपील की.
इस बार मौसम किसानों के लिए आफत बन गया है. पंजाब में लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है. मोगा जिले के धर्मकोट क्षेत्र के कई गांव इस प्राकृतिक आपदा से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं.
कश्मीर घाटी में यह ओलावृष्टि उस समय हुई जब पेड़ों पर फूल पूरी तरह खिले हुए थे. ओलों की वजह से पेड़ों से फूल गिर गए, जिससे जमीन फूलों से ढक गई. इस नुकसान की वजह से इस साल सेब की पैदावार काफी कम हो सकती है और किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है.
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की रबी फसल को भारी नुकसान हुआ है. ऐसे में ज़ैद फसल किसानों के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आई है. समय पर बोआई, सही सिंचाई, कीट नियंत्रण और नकली दवाओं से बचाव जैसे उपाय अपनाकर किसान नुकसान कम कर सकते हैं और अपनी आय को सुरक्षित रख सकते हैं.
अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर के बाद भारतीय खाद उद्योग को हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने से कच्चे माल, LNG और तैयार खाद की सप्लाई में सुधार की उम्मीद है. हालांकि कीमतों में कमी धीरे-धीरे दिखेगी. खरीफ सीजन से पहले सरकार और कंपनियां यूरिया उत्पादन, आयात और वितरण को मजबूत करने में जुटी हैं, जबकि सब्सिडी और स्थिर कीमतों से किसानों को राहत मिलने की संभावना है.
अमृतसर में बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी ने गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है. कई इलाकों में फसल जमीन पर गिर गई है और किसानों को 50 से 100 प्रतिशत तक नुकसान झेलना पड़ा है. बढ़ी लागत और कम दाम के बीच किसान आर्थिक संकट में फंस गए हैं.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के कई जनपदों में निरंतर हो रही बारिश पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में मौसम विपरीत है, ऐसे में प्रशासनिक अधिकारी निरंतर किसानों के संपर्क में रहें.
मथुरा में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसल बर्बादी के बाद एक किसान की मौत हो गई. किसान नेता ने हार्ट अटैक की आशंका जताई है, जबकि प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और राहत प्रक्रिया शुरू की है.
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