राज्य सरकार ने दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए 5 साल की योजना को मंजूरी दी है. मिशन के तहत बीज वितरण, प्रशिक्षण और भंडारण-प्रसंस्करण सुविधाएं मजबूत की जाएंगी, ताकि किसानों को बेहतर उत्पादन और बाजार का फायदा मिल सके.
वैश्विक बाजार में तेजी के बाद CCI ने कपास की कीमतों में 2,900 रुपये प्रति कैंडी की बढ़ोतरी की है. ICE पर भी कपास के भाव दो साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचे, जिससे घरेलू बाजार और कपड़ा उद्योग पर असर पड़ा है.
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में किसान आनंदराम सिदार ने धान की जगह गेंदा की खेती अपनाकर अपनी आय में बड़ा इजाफा किया. 0.400 हेक्टेयर में 44 क्विंटल उत्पादन से 3 लाख रुपए से अधिक की कमाई ने उन्हें आत्मनिर्भर बनाया और यह मॉडल अब अन्य किसानों को भी आकर्षित कर रहा है.
केंद्र सरकार ने 2026‑27 सीजन के लिए गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) 365 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है. साथ ही कैबिनेट ने कपास किसानों के लिए कपास कांति मिशन को मंजूरी दी है, जिससे 32 लाख किसानों को 5 वर्षों तक फायदा मिलेगा.
चावल से इथेनॉल उत्पादन में पानी की भारी खपत को लेकर उठे विवाद के बीच ISMA ने 10,000 लीटर पानी के आंकड़े को खारिज किया है, लेकिन ठोस तर्क नहीं दिया. साथ ही उसने अपनी स्टडी में गन्ने से इथेनॉल को सबसे इफिशिएंट बताया है.
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है. अब प्रीपेड स्मार्ट मीटर पोस्टपेड की तरह काम करेंगे. उपभोक्ताओं को हर महीने बिल मिलेगा और भुगतान के लिए 15 दिन का समय मिलेगा. पुराने बकाया को 10 किस्तों में जमा करने की सुविधा भी दी गई है.
हाल ही में आए चुनाव परिणामों में भारतीय जनता पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया है. पश्चिम बंगाल और असम में पार्टी की ऐतिहासिक और असाधारण जीत ने पूरे पूर्वी भारत में कमल खिला दिया है. इसके साथ ही पुडुचेरी में एक बार फिर से एनडीए की सरकार बनने जा रही है और तमिलनाडु में भी विरोधियों को करारी शिकस्त मिली है. इस पर कृषि मंत्री ने खुशी-खुशी बड़ा बयान दिया है.
सूखे और पानी की कमी से परेशान किसानों ने प्याज की खेती में मल्चिंग पेपर तकनीक अपनाई है. नासिक समेत कई इलाकों में इस तकनीक से कम पानी में बेहतर फसल मिल रही है, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिली है.
गुजरात के तापी और डांग जिलों में किसान बिना रासायनिक खाद और कीटनाशक के प्राकृतिक तरीके से आम की खेती कर रहे हैं. देसी तरीके से उगाए गए ये आम बाजार में बेहतर दाम दिलाकर किसानों की आय का मजबूत जरिया बन रहे हैं.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन के गेहूं उपार्जन केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण कर वेयरहाउस क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए और किसानों के लिए बेहतर सुविधाएं व समय पर भुगतान सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
केंद्र सरकार गन्ना किसानों के लिए बड़ा फैसला ले सकती है. मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में गन्ने के एफआरपी (उचित और लाभकारी मूल्य) में बढ़ोतरी का ऐलान संभव है, जिससे करोड़ों किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है.
भीषण गर्मी के बीच दक्षिण‑पश्चिम मॉनसून के जल्दी आने के संकेत मिले हैं. IMD के अनुसार केरल में जून की शुरुआत में मॉनसून पहुंच सकता है, हालांकि इस साल सामान्य से कम बारिश और अल नीनो का असर पड़ने की आशंका जताई गई है.
केंद्र सरकार ने कर्नाटक में सूरजमुखी और महाराष्ट्र में चना खरीद बढ़ाकर किसानों को MSP का बड़ा सहारा दिया है. इस फैसले से हजारों किसानों को बेहतर कीमत मिलने का रास्ता खुला है और बाजार के दबाव से राहत मिलेगी.
महाराष्ट्र के जालना जिले के राजूर स्थित राजुरेश्वर गणपति मंदिर में अंगारकी चतुर्थी के अवसर पर भगवान गणपति को 2 क्विंटल 51 किलो केसर आमों से भव्य सजावट की गई. मंदिर में आकर्षक रोशनी और विशेष व्यवस्थाएं की गईं. इस अनोखी आरास को देखने और दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े.
वजह जो भी हो, लेकिन केन्द्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश में अभी तक गेहूं की खरीद शुरू नहीं हुई है. केन्द्र सरकार की एक बेवसाइट पर मध्य प्रदेश में गेहूं खरीद का आंकड़ा जीरो है. मार्च से रबी सीजन में गेहूं की खरीद हो रही है, लेकिन गेहूं खरीद के लक्ष्य का आंकड़ा अभी भी बहुत पीछे हे. आखिर ऐसा क्यों है?
राजस्थान के खैरथल‑तिजारा के किसान खेमचंद जांगिड़ ने प्राकृतिक और आधुनिक खेती अपनाकर सालाना 5.5 लाख रुपये की आय हासिल की है. जैविक खेती, वर्मीकंपोस्ट, पशुपालन, एग्रो फॉरेस्ट्री और सरकारी योजनाओं से उन्होंने खेती को लाभ का मॉडल बना दिया.
मध्यप्रदेश सरकार ने पशुपालकों को बढ़ावा देने के लिए 25 गायों की गौशाला पर 10 लाख रुपये की सब्सिडी देने की घोषणा की है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ग्वालियर सम्मेलन में डेयरी सेक्टर को मजबूत बनाने और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए कई अहम फैसले भी बताए.
Ethanol Price: जिन किसानों को मक्का बेचकर देश का 'ऊर्जादाता' बनने का हसीन ख्वाब दिखाया गया था, वे आज साल भर से अपने एमएसपी तक के लिए तरस रहे हैं. क्योंकि, कंपनियों के 'इथेनॉल' को सरकारी सुरक्षा का कवच मिला है, पर किसान के 'मक्के' को सरेआम लूटने की खुली छूट है. जब इथेनॉल का दाम फिक्स है, तो मक्के का रेट रिस्क में क्यों है? यह कैसी नीति बनाई गई है कि उद्योगपतियों का मुनाफा पक्का रहे, भले ही देश के किसान का घाटा हो जाए.
मार्च 2026 में देश का चाय उत्पादन घटकर 66.86 मिलियन किलोग्राम रह गया. उत्तर भारत जोन में गिरावट, खासकर असम में भारी कमी, कुल उत्पादन पर असर डाल रही है, जबकि दक्षिण भारत और पश्चिम बंगाल से कुछ राहत मिली है.
मध्य प्रदेश में गेहूं की सरकारी खरीद तेजी से जारी है. अब तक 39 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है और किसानों को 6490 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ है. सरकार ने समय सीमा बढ़ाने, तौल कांटे बढ़ाने और क्वालिटी मानकों में राहत देकर किसानों को बड़ी सुविधा दी है.
देश में चावल की सरकारी खरीद लक्ष्य से अधिक हो गई है, जिससे भंडार काफी बढ़ गया है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या ज्यादा स्टॉक के कारण बाजार में चावल की कीमतों में गिरावट आ सकती है. सरकार की बिक्री नीति और मांग की स्थिति आने वाले समय में कीमतों को प्रभावित कर सकती है.
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