सीएम नायडू ने बताया कि मक्का की पैदावार ज्यादा होने के कारण कीमतें न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP से नीचे चली गई हैं, जिसको लेकर उन्होंने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से एक खास अपील की है, ताकि किसानों को फसल का सही दाम मिल सके.
महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में मार्च की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं. अमरावती और अकोला में तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिससे यह दोनों जिले राज्य के सबसे गर्म इलाके बन गए हैं.
देश के मौसम में आने वाले दिनों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. पश्चिमी विक्षोभ के असर से हिमालयी क्षेत्रों और उत्तर-पश्चिम भारत में 31 मार्च तक बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियां जारी रह सकती हैं, जबकि पूर्वोत्तर और पूर्वी राज्यों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना है. वहीं दक्षिण और तटीय इलाकों में कुछ स्थानों पर गर्म और उमस भरे हालात भी बने रहेंगे.
देशभर में 28 मार्च को मौसम बदलने के संकेत हैं, उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश का दौर तेज होगा और कई राज्यों में आंधी-तूफान की गतिविधियां बढ़ेंगी. पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश का असर दिख सकता है.
गुजरात सरकार बायो-CNG प्लांट्स के जरिए डेयरी सेक्टर को स्वच्छ ऊर्जा और किसानों की आय बढ़ाने का बड़ा माध्यम बना रही है. गोबर से CNG, जैविक खाद और रोजगार सृजन के जरिए यह मॉडल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है.
संसद की कृषि संबंधी स्थायी समिति ने तिलहन और दालों की 100% MSP पर खरीद की सिफारिश की है ताकि आयात निर्भरता कम हो सके. रिपोर्ट में पाम तेल पर सुरक्षा शुल्क, उन्नत बीज तकनीकों में निवेश, मजबूत रेगुलेटरी सिस्टम और किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई अहम सुझाव दिए गए हैं.
इस समय किसानों के लिए जरूरी हो गया है कि वे ऐसी फसलों का चयन करें, जो कम पानी में भी अच्छी पैदावार दे सके. कई ऐसी फसलें हैं जो सूखे और कम सिंचाई वाले क्षेत्रों में आसानी से उगाई जा सकती हैं और बेहतर मुनाफा भी देती हैं.
Maharashtra के Akola शहर के तापमान में लगातार बढ़ोतरी के बीच बुधवार को एक बड़ी दुर्घटना टल गई. दरअसल, शहर से सटे गायगांव क्षेत्र में स्थित तेल डिपो के पास गेहूं के खेत में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे कुछ समय के लिए पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई.
देश के कई राज्यों में Avian Influenza यानी बर्ड फ्लू तेजी से फैल रहा है. Bilaspur में इसका गंभीर असर देखने को मिला, जहां करीब 55,000 पक्षियों की मौत हो चुकी है. रिपोर्ट में एवियन इन्फ्लुएंजा वायरस की पुष्टि हुई है.
मार्च-अप्रैल की गर्मी में गेहूं की सूखी फसल में आग लगने का खतरा बढ़ जाता है. ट्रांसफार्मर, ढीले बिजली तार और कृषि मशीनों से निकलने वाली चिंगारी से बड़ा नुकसान हो सकता है. जानिए विशेषज्ञों के बताए आसान और असरदार उपाय, जिससे आप अपनी फसल को आग से सुरक्षित रख सकते हैं.
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए एक नई योजना शुरू की है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य है कि किसान सरकारी केंद्रों पर अपना धान और गेहूं बेचें. इससे उन्हें सही कीमत मिलेगी और बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी.
लोकसभा में Deepender Singh Hooda ने सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग और कृषि क्षेत्र से जुड़े आंकड़े पेश करते हुए United Progressive Alliance और National Democratic Alliance सरकारों की तुलना की. हुड्डा ने कहा कि कृषि क्षेत्र में कार्यबल 42% से बढ़कर 46% हो गया है
Gujarat के Jamnagar में हापा मार्केटिंग यार्ड में चना और सरसों की समर्थन मूल्य पर खरीद का कल से शुभारंभ हो गया है. इस खरीद प्रक्रिया का शुभारंभ जिला भाजपा अध्यक्ष डॉ. विनुभाई भंडेरी ने किया, जिसके बाद 25 मार्च से आधिकारिक रूप से खरीद प्रक्रिया शुरू हो गई है.
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यसभा में बताया कि ICAR-CRIDA की तकनीकों और जल संरक्षण उपायों से किसानों की आय में प्रति एकड़ 6000 रुपये तक बढ़ोतरी हुई है. सरकार ड्राईलैंड खेती, जलवायु-अनुकूल किस्मों और श्री अन्न (मिलेट्स) को बढ़ावा देकर किसानों की आमदनी बढ़ाने पर जोर दे रही है.
UP News: मुख्यमंत्री योगी ने प्रमुख सचिव (कृषि) राहत आयुक्त को भी निर्देश दिया कि फील्ड स्तर पर कार्यरत अधिकारियों से सीधा संपर्क और समन्वय बनाए रखें. सभी सूचनाएं समय पर एकत्र कर शासन को उपलब्ध कराई जाएं, जिससे राहत कार्यों में देरी न हो.
पश्चिम एशिया में तनाव और समुद्री मार्गों पर जोखिम बढ़ने से भारत में खाद्य तेल आयात प्रभावित हुआ है. रिपोर्ट्स के अनुसार, मार्च में आयात घटा है और खरीदार नई खरीद टाल रहे हैं. इससे घरेलू बाजार में सोयाबीन की मांग बढ़ी है और किसानों को MSP से ऊपर दाम मिलने लगे हैं.
कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को विभिन्न योजनाओं से अवगत कराया, वहीं कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने उन्नत खेती, बेहतर बीज और फसल प्रबंधन के आधुनिक तरीकों पर मार्गदर्शन दिया. किसानों ने भी सक्रिय सहभागिता करते हुए अपने सवालों के समाधान पाए.
महाराजगंज के कानापार गांव में किसान कारवां के 49वें पड़ाव पर किसानों को आधुनिक खेती, सरकारी योजनाओं और उन्नत बीज-प्रबंधन की जानकारी दी गई. फार्मर रजिस्ट्री, सोलर पंप और सब्सिडी योजनाओं पर भी विस्तार से मार्गदर्शन मिला.
बेमौसम बारिश से कई राज्यों में फसलों को भारी नुकसान हुआ है. सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत 72 घंटे के भीतर नुकसान की सूचना दें ताकि बीमा क्लेम मिल सके. योजना का लाभ लेने के लिए रजिस्ट्रेशन और जरूरी दस्तावेज अनिवार्य हैं.
किसान मौजूदा समय में धान-गेहूं के अलावा दलहनी फसलों की खेती भी बड़े पैमाने पर करने लगे हैं. इसके लिए सरकार भी किसानों को प्रोत्साहित कर रही है और दहलन मिसन चला रही है. इससे किसानों की बंपर कमाई भी हो रही है.
ईरान‑इजरायल युद्ध से विदेशी तेल सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे भारत में खाद्य तेल महंगे हो रहे हैं. लेकिन तिलहन और सरसों किसानों को रिकॉर्ड भाव मिल रहे हैं. ऐसा कम ही होता है जब सरकारी खरीद के समय उपज के भाव किसानों को अच्छे मिलें.
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