आज जिस तरह इजराइल, ईरान और अमेरिका के दरमियान तनाव और जंग के हालात बने हुए हैं, उसने पूरी दुनिया की ऊर्जा सप्लाई की कमर तोड़ दी है. इस अस्थिरता की वजह से कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिसका सीधा असर हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था और देश की लोगों की जेब पर पड़ रहा है। अगर यह विवाद) लंबा खिंचा, तो आने वाले वक्त में ईंधन का बड़ा संकट पैदा हो सकता है। ऐसे नाजुक दौर में यह बेहद जरूरी है कि हम गैरों की मेहरबानी पर निर्भर रहने के बजाय अपनी सरजमीं संसाधनों पर भरोसा करें। खुशकिस्मती से, भारत एक खेतिहर देश है और यहाँ का गन्ना अब सिर्फ चीनी तक सीमीत नहीं है, बल्कि 'एनर्जी केन' के तौर पर मुल्क को आत्मनिर्भर बनाने की कुव्वत रखता है.गन्ने को केवल मीठे रस का जरिया न मानकर उसे देश की वास्तविक 'ऊर्जा शक्ति' के रूप में स्थापित किया जा सके.
महाराष्ट्र के जालना जिले में टमाटर किसानों को बाजार में बेहद कम दाम मिलने से आर्थिक संकट झेलना पड़ रहा है. किसानों ने विरोध स्वरूप अपनी फसल सड़क पर फेंक दी. प्रति किलो सिर्फ 4-5 रुपये मिलने से मेहनत और लागत भी नहीं निकल पा रही है. किसान सरकार से न्यूनतम समर्थन मूल्य और सीधे बाजार की सुविधा की मांग कर रहे हैं.
ईरान में जारी युद्ध का असर अब भारत के खाद्य तेल बाजार पर साफ दिखने लगा है. पाम और सोयाबीन तेल के आयात में कमी के चलते सरसों तेल की मांग तेजी से बढ़ रही है, जिससे इसके दाम में उछाल आया है. राजस्थान, खासकर अलवर, देश का प्रमुख सरसों तेल सप्लाई हब बनकर उभरा है, जहां से पूरे देश में आपूर्ति हो रही है. बढ़ती कीमतों से किसानों को फायदा हो रहा है, लेकिन लंबे समय तक हालात बने रहने पर आम उपभोक्ताओं पर महंगाई का दबाव बढ़ सकता है.
Goat Farming सेंट्रल गोट रिसर्च इंस्टीट्यूट (CIRG), मथुरा की ट्रेनिंग में सिखाया जा रहा है कि बिजनेस बढ़ाने के लिए बकरे-बकरियों की मार्केटिंग कैसे करें. मार्केटिंग के लिए सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफार्म का कैसे इस्तेमाल किया जाए. बकरे-बकरियों का प्रोफाइल कैसे बनाएं, प्रोफाइल में किन बातों को शामिल करें.
होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट के कारण तेल की कीमतों में उछाल के साथ वैश्विक स्तर पर खाद की कमी का खतरा बढ़ गया है. मध्य पूर्व के प्रमुख सप्लायर्स प्रभावित होने से यूरिया और अन्य उर्वरकों की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे भारत, ब्राजील और चीन जैसे बड़े कृषि देशों में फसल उत्पादन और वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है.
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वैश्विक संकट के बीच किसानों की सुरक्षा और कृषि व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उच्च स्तरीय बैठक की. बैठक में खाद, बीज और एग्रो-केमिकल्स की उपलब्धता, ‘फार्मर आईडी’ में तेजी, कालाबाजारी पर रोक और खरीफ सीजन की तैयारी पर विशेष जोर दिया गया. सरकार ने किसानों को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया.
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से भारतीय कृषि निर्यात को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. इस समझौते के तहत समुद्री उत्पाद, बासमती चावल, मसाले, चाय और कॉफी जैसे क्षेत्रों को अमेरिकी बाजार में टैरिफ रियायतों का लाभ मिलेगा, जबकि प्रमुख फसलों को सुरक्षा दी गई है. साथ ही सरकार ने किसानों को बढ़ते कर्ज वितरण, खाद्यान्न उत्पादन में वृद्धि और किसान ID जैसी डिजिटल पहलों की भी जानकारी दी है.
किसान परिवार की बेटी प्रियांशी सुंडा ने राजस्थान बोर्ड 10वीं परीक्षा में टॉप किया. उन्होंने 600 में से 599 अंक हासिल किए और अंग्रेजी को छोड़ सभी विषयों में शत-प्रतिशत अंक पाए. उनकी मेहनत, नियमित रिवीजन और माता-पिता के मार्गदर्शन ने उन्हें प्रदेश की शान बनाया. प्रियांशी की कहानी छात्रों के लिए प्रेरणा है.
Straw for Animal ये वो वक्त है जब पशुओं की खरीद-फरोख्त भी होती है. इसलिए इस बात का ख्याल रखना बड़ा जरूरी हो जाता है कि पशु बीमार न हो. बीमारी की रोकथाम के लिए पशुओं को नया भूसा न खिलाएं. नए पशु को खरीदकर लाने से पहले तीन टेस्ट जरूर करा लें. ये तीन टेस्ट कराने के बाद पशुओं को कई तरह की बीमारियों से बचाया जा सकता है.
बुधनी में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसान मेला और राष्ट्रीय कृषि मशीनरी प्रदर्शनी में कहा कि बुधनी अब आधुनिक खेती और मशीनीकरण का आदर्श केंद्र बनेगा. किसानों को इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर, ड्रोन, रोबोट और नई तकनीक के माध्यम से अधिक आय और लाभकारी खेती का अवसर मिलेगा. ‘उदय एक्सपो’ से हर साल किसानों को प्रशिक्षण और जानकारी मिलेगी.
Tips for Dairy Farm केन्द्रीय पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की एडवाइजरी के टिप्स पूरी तरह से पशु फार्म में गाय-भैंस के रखरखाव से जुड़े होते हैं. तीनों ही टिप्स को अपनाने पर पशुपालक की लागत पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा. पशुपालक अगर इन्हें अपनाते हैं तो पशुओं के बीच बीमारी फैलने की संभावनाएं भी न के बराबर रह जाएंगी.
Crop Damage Survey: कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक प्रदेश के 67.52 लाख लाभान्वित किसानों को 5660.33 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति प्रदान की जा चुकी है. ताजा आंकड़ों के अनुसार, खरीफ 2025 में 20.68 लाख किसानों का बीमा किया गया है.
चीन द्वारा भारतीय गैर-बासमती चावल की तीन खेपें यह आरोप लगाते हुए लौटा दिए जाने के बाद एक व्यापारिक विवाद गहरा गया है कि उनमें GMOs (आनुवंशिक रूप से संशोधित जीव) मौजूद थे. हालाँकि भारत में GMO चावल की खेती नहीं की जाती है, फिर भी इस कदम से निर्यातकों के बीच चिंताएँ बढ़ गई हैं. APEDA और ICAR से इस मामले की जाँच करने और इसे सुलझाने की अपील की जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि चावल के निर्यात पर कोई बुरा असर न पड़े.
पूरे देश में मौसम का मिजाज बदल गया है. आज मौसम विभाग ने कई राज्यों में तेज हवाओं, धूल भरी आंधी और बारिश का अनुमान जताया है, जिससे गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है. पहाड़ों पर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव के चलते, अगले 72 घंटों के दौरान उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बारिश और बर्फबारी की संभावना है. दिल्ली-NCR में इस समय मौसम सुहावना बना हुआ है.
अगले हफ्ते भारत में मौसम अस्थिर रहने वाला है. दो लगातार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व भारत में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएँ चलने की संभावना है. वहीं, दक्षिण और पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में गर्म और उमस भरा मौसम बना रहेगा. किसान और जनता को सतर्क रहने और आवश्यक तैयारी करने की सलाह दी जाती है.
केंद्र सरकार इथेनॉल उत्पादन बढ़ाने के लिए भारतीय खाद्य निगम से हर साल 90 लाख टन टूटा चावल उपलब्ध कराने की योजना बना रही है. इसके तहत PDS में टूटे चावल की हिस्सेदारी 25% से घटाकर 10% की जाएगी. सरकार इथेनॉल ब्लेंडिंग को 20% से आगे बढ़ाने, डीजल में ब्लेंडिंग और फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों को बढ़ावा देने पर भी विचार कर रही है, जिससे कच्चे तेल के आयात में कमी लाई जा सके.
Milk Production पैरासाइट पशुओं के खून में चिचड़ियों के माध्यम से प्रवेश कर जाते हैं. खून में जाकर रेड ब्लड सेल में अपनी संख्या बढ़ाने लगते है. जिसके चलते शरीर का हीमोग्लोबिन पेशाब के साथ बाहर निकलने लगता है. इस दौरान पेशाब लाल या गहरे भूरे रंग का हो जाता है.
गार्डनिंग करना आजकल ज्यादातर लोगों की पसंदीदा हॉबी बनती जा रही है. ज्यादातर लोग अपने घर में छोटा-सा गार्डन या खूबसूरत बालकनी में अपना किचन गार्डन बना रहे है और आर्गेनिक तरीके से घर पर ही साग-सब्जी उगाना पसंद कर रहे है. आइए जानते हैं क्या है ऑर्गेनिक गार्डनिंग और क्या है उसके फायदे.
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जहां बिरनो ब्लॉक की रहने वाली अंजू चतुर्वेदी ने "लुहरी काशी" नाम से फूड प्रोसेसिंग कंपनी की शुरुआत की और आज इसे एक बड़े स्तर तक पहुंचा दिया है. उनके साथ अब 1000 से ज्यादा महिलाएं जुड़ चुकी हैं, जो FPO (Farmer Producer Organization) के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं.
अमृतसर में किसान मजदूर मोर्चा के प्रदर्शन पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सरवन सिंह पंधेर सहित कई किसानों को हिरासत में लिया और धरना स्थल खाली करवाया. किसानों और पुलिस के बीच झड़प में कई लोग घायल हुए, जबकि किसान नेताओं ने सरकार पर आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी.
उत्तर प्रदेश सरकार और इंडिया टुडे ग्रुप की संयुक्त पहल के तहत प्रदेश के 75 जिलों में चल रहे इस विशेष अभियान में महिला और पुरुष किसानों ने भाग लिया और कृषि संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं. राप्ती और बूढ़ी राप्ती नदियों की गोद में बसे सिद्धार्थनगर की भूमि कृषि के लिए अत्यंत उपजाऊ मानी जाती है.
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