बकरियों के लिए बनने वाले प्लास्टिक के दो मंजिला मकान में ऊपरी मंजिल की मेंगनी और बच्चों का यूरिन नीचे बड़ी बकरियों पर न गिरे इसके लिए बीच में प्लास्टिाक की एक शीट लगाई जाती है. शीट की इस छत का ढलान इस तरह से दिया जाता है कि यूरिन और मेंगनी मकान के किनारे की ओर गिरती हैं.
उत्तर प्रदेश में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए तूर, चना, मसूर और सरसों की सरकारी खरीद 7 अप्रैल से शुरू होगी. राज्य सरकार ने एजेंसियों के बीच लक्ष्य तय कर दिए हैं और किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य कर दी है, जिससे उन्हें एमएसपी का लाभ मिल सके.
केंद्र सरकार ने फार्मर आईडी को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए राज्यों को 100 फीसदी किसान और भूमि कवरेज का लक्ष्य दिया है. बैठक में स्पष्ट किया गया कि इसी आईडी के जरिए योजनाओं, एमएसपी और उर्वरक वितरण को पारदर्शी और लक्षित बनाया जाएगा, साथ ही कालाबाजारी रोकने पर जोर रहेगा.
IFFCO Profit: इफको ने वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड कर-पूर्व लाभ दर्ज करते हुए अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है. उत्पादन और बिक्री दोनों मोर्चों पर मजबूती दिखी, जबकि नैनो उर्वरकों की मांग में तेज बढ़त दर्ज की गई, जो कृषि में बदलाव के संकेत दे रही है.
प्रयागराज के बिंदव गांव में ‘किसान तक’ का किसान कारवां पहुंचा, जहां किसानों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर आधुनिक खेती, सरकारी योजनाओं और नई तकनीकों की जानकारी ली. विशेषज्ञों ने वैल्यू एडिशन, जलवायु बदलाव और मिट्टी सुधार पर भी जरूरी सुझाव दिए.
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण भारत के चावल निर्यात पर गंभीर असर पड़ा है. राइस मिलर्स एसोसिएशन ने सरकार से ईरान के साथ बार्टर ट्रेड, सब्सिडी और लॉजिस्टिक सहायता जैसे तत्काल राहत उपायों की मांग की है, ताकि निर्यातकों को भारी नुकसान से बचाया जा सके.
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (पूसा) ने 122वां स्थापना दिवस मनाते हुए डिजिटल तकनीक और जलवायु-अनुकूल खेती पर जोर दिया. संस्थान ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए नवाचार, शोध और सतत कृषि को बढ़ावा दे रहा है, साथ ही वैश्विक रैंकिंग में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है.
हरियाणा के करनाल की अनाज मंडी में गेहूं खरीद शुरू हो गई है. इस बार MSP 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है. बायोमेट्रिक सत्यापन, इलेक्ट्रॉनिक कांटे और ऐप आधारित ऑक्शन जैसी नई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं, जबकि किसानों को फसल सुखाकर लाने की सलाह दी गई है.
देश में आम की फसल पर “रेड बैंडेड बोरर” नाम का खतरनाक कीट तेजी से फैल रहा है, जिससे बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में 80-90% तक फसल नुकसान की आशंका है. किसानों के लिए यह बड़ा खतरा बन चुका है, ऐसे में समय रहते बचाव और सही प्रबंधन बेहद जरूरी है.
देश के कई हिस्सों में बेमौसम बारिश और तेज आंधी से किसानों को भारी नुकसान हुआ है. महाराष्ट्र के नांदेड़ में गेहूं और बाजरे की फसल बर्बाद हो गई है, जिससे किसानों को आर्थिक झटका लगा है. किसान सरकार से जल्द मुआवजे और सहायता की मांग कर रहे हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के डिब्रूगढ़ में चाय बागानों का दौरा किया और महिला श्रमिकों से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने कहा कि चाय बागान में काम करने वाली महिलाओं का आशीर्वाद खास होता है और अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बोले—“मैं भी चाय वाला हूं.”
मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है. सरकार ने समर्थन मूल्य पर खरीद की तारीख आगे बढ़ा दी है, जिसके बाद अब कई जिलों में 10 अप्रैल से तो कुछ जगह 15 अप्रैल से खरीदी शुरू होगी. इधर, प्रदेश में करीब 60 से 70 फीसदी गेहूं की फसल तैयार हो चुकी है और किसान मंडियों में बेचने के लिए तैयार बैठे हैं. लेकिन खरीदी में देरी के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
खाद संकट के बीच आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के किसानों ने धान की खेती में बिना यूरिया के देसी तकनीक अपनाई है. दलहन फसलों के जरिए मिट्टी में प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन बढ़ाकर खेती की लागत शून्य कर दी गई है. यह तरीका न केवल किसानों का खर्च बचा रहा है बल्कि मिट्टी की सेहत और पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद साबित हो रहा है.
तीर्थराज प्रयाग के बिंदव गांव में ‘किसान तक’ कारवां ने किसानों को आधुनिक खेती, नई तकनीक और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी. कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने फसल उत्पादन, उर्वरक, कुक्कुट पालन और पोषण जैसे विषयों पर मार्गदर्शन किया. किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आय बढ़ाने व मिट्टी सुधारने के नए उपाय सीखे.
केंद्र सरकार अप्रैल-मई 2026 में देशभर में जोनल कृषि कॉन्फ्रेंस आयोजित करेगी, जिसकी शुरुआत 7 अप्रैल को जयपुर से होगी. इन बैठकों में विभिन्न राज्यों के मंत्री, वैज्ञानिक और किसान योजनाओं की समीक्षा कर कृषि विकास की नई रणनीति तैयार करेंगे.
गुजरात के वलसाड जिले के एक किसान ने ग्राफ्टिंग तकनीक से सिर्फ 12 फीट ऊंचे एक पेड़ पर 80 किस्मों के आम उगाकर अनोखी मिसाल पेश की है. करीब 5 साल की मेहनत से हासिल इस उपलब्धि में फिलहाल 60 से ज्यादा किस्में सुरक्षित हैं, जिनमें कई पर फल भी आ चुके हैं. किसान का लक्ष्य एक ही पेड़ पर 100 किस्मों के आम उगाना है, जिससे यह प्रयोग देशभर में चर्चा का विषय बन गया है.
FMD Disease एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो गाय-भैंस और भेड़-बकरी की खुरपका-मुंहपका (FMD) बीमारी मीट, डेयरी प्रोडक्ट और मिल्क एक्सपोर्ट की बड़ी रुकावट है. जब तक भारत को एफएमडी फ्री जोन का सर्टिफिकेट नहीं मिलता तो तीनों चीजों का एक्सपोर्ट भी नहीं बढ़ेगा. इसके लिए वैक्सीनेशन ड्राइव चलाने के साथ ही और भी कोशिशें की जा रही हैं.
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब भारत तक पहुंच गया है. होर्मुज स्ट्रेट में बाधा से सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिससे खाद और कीटनाशकों की कीमतें बढ़ रही हैं और किसानों को खरीफ सीजन से पहले मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. बढ़ती लागत और कमी से फसल उत्पादन और किसानों की आय पर संकट गहराने की आशंका है.
Kishangarh Marble Site: राजस्थान के किशनगढ़ में मार्बल वेस्ट से बना सफेद डंपिंग साइट पर्यटन का आकर्षण बन गया है, लेकिन आसपास के गांवों के किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. खेतों पर जमा मार्बल धूल से मिट्टी की उर्वरता घट रही है और फसलों की पैदावार आधी तक गिरने की बात सामने आ रही है.
कोटा के किसान श्रीयुत किशन सुमन द्वारा विकसित ‘सदाबहार आम’ एक अनोखी किस्म है, जो साल में तीन बार फल देती है. इसका स्वाद अल्फांसो जैसा है और यह किसानों की आय बढ़ाने में मददगार साबित हो सकता है. इस नवाचार से प्रभावित होकर आनंद महिंद्रा ने भी किसान को समर्थन देने की इच्छा जताई है.
सरकार ने अरहर, उड़द और पीली मटर की आयात नीति को 31 मार्च 2027 तक बढ़ा दिया है, जिसमें अरहर और उड़द ड्यूटी फ्री रहेंगे जबकि पीली मटर पर 30% शुल्क जारी रहेगा. इस फैसले का मकसद महंगाई नियंत्रित करना है, लेकिन बढ़ते आयात से किसानों की आय और MSP पर असर पड़ने की आशंका भी जताई जा रही है.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today