धौलपुर में तेज बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. गेहूं की खड़ी और कटी फसल को भारी नुकसान पहुंचा है और कई खेतों में फसल भीगकर बिछ गई है. सब्जी फसलें भी प्रभावित हुई हैं, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों पर असर पड़ने की आशंका है.
महाराष्ट्र कांग्रेस ने मुंबई में ‘न्याय सत्याग्रह’ के दौरान केंद्र सरकार पर किसानों से किए वादे पूरा न करने का आरोप लगाया. कांग्रेस नेता ने कहा कि बढ़ती लागत और कम दाम से किसान संकट में हैं और नीतियों का असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर दिख रहा है.
गन्ना किसानों के लिए बीज उपलब्धता की जानकारी अब ऑनलाइन कर दी गई है, जिससे किसान अपने नजदीकी बीज धारकों, किस्मों और उपलब्ध मात्रा की जानकारी घर बैठे प्राप्त कर सकते हैं. इस पहल से पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों को राहत मिलेगी.
पंजाब के मोगा और संगरूर समेत कई इलाकों में लगातार बारिश और ओलावृष्टि से हजारों एकड़ गेहूं और सब्जियों की फसल बर्बाद हो गई है. ठेके पर खेती करने वाले किसान कर्ज के बोझ तले दब गए हैं और सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने गेहूं खरीद प्रक्रिया 10 अप्रैल के बजाय 9 अप्रैल से शुरू करने का ऐलान किया है. छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने खरीद के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं.
जयपुर में आयोजित कृषि सम्मेलन में Shivraj Singh Chouhan ने किसानों से फार्मर आईडी बनवाने की अपील की और राज्यों को दो महीने में प्रक्रिया पूरी करने को कहा. उन्होंने खाद की पारदर्शी आपूर्ति और नकली उर्वरक-कीटनाशकों पर सख्ती की बात भी कही.
मिर्जापुर के दुबरा पहाड़ी गांव में ‘किसान तक’ किसान कारवां के दौरान किसानों को पशुपालन, बीज उपचार, आधुनिक खेती और सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई. कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों और वैज्ञानिकों ने आय बढ़ाने के उपायों पर जोर दिया.
राजस्थान में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं और सरसों की फसल को भारी नुकसान हुआ है. किसानों के अनुसार करीब 50% तक फसल बर्बाद हो चुकी है और मुआवजा न मिलने व गिरदावरी में गड़बड़ी के आरोपों से उनकी परेशानी और बढ़ गई है.
मध्य प्रदेश में किसान MSP का इंतजार करते हुए कम दाम पर गेहूं बेचने को मजबूर हैं. खराब मौसम से फसल की गुणवत्ता प्रभावित होने का डर और खरीद में देरी के कारण किसानों की आर्थिक परेशानी बढ़ गई है.
केंद्र सरकार ने खरीफ 2026 सीजन के लिए फॉस्फेटिक और पोटाशिक (P&K) उर्वरकों पर NBS सब्सिडी को मंजूरी दी है. इससे किसानों को DAP और अन्य खाद किफायती दरों पर मिल सकेंगी और खेती की लागत कम होगी.
महाराष्ट्र के जालना में एक युवा किसान ने मेक्सिको की ‘चिया’ फसल की खेती कर कम लागत में अच्छा मुनाफा कमाया है. बढ़ती बाजार मांग, कम खर्च और बेहतर उत्पादन के चलते चिया खेती किसानों के लिए लाभदायक विकल्प बनती जा रही है.
मिर्जापुर के दुबरा पहाड़ी गांव में ‘किसान तक’ कारवां पहुंचा. किसानों को आधुनिक खेती, पशुपालन, उद्यान और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई. अधिकारियों और वैज्ञानिकों ने फसल प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य, पशु देखभाल और FPO लाभ समझाए, जिससे किसान अपनी आय बढ़ा सकें और खेती में उन्नत तकनीक अपनाकर सतत विकास कर सकें.
Haryana Crop Procurement: हरियाणा में गेहूं और सरसों की खरीद को लेकर सियासत तेज हो गई है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार पर नए नियम थोपने का आरोप लगाते हुए मंडियों में किसानों की बढ़ती परेशानी का मुद्दा उठाया और दौरे का ऐलान किया.
2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले, कांग्रेस और TMC ने अपने घोषणापत्र जारी कर दिए हैं. कांग्रेस ने महिलाओं के लिए हर महीने 2,000 रुपये की आर्थिक मदद, पोस्ट-ग्रेजुएशन तक मुफ्त शिक्षा, किसानों के लिए हर साल 15,000 रुपये की सहायता, फास्ट-ट्रैक कोर्ट और स्वास्थ्य बीमा का वादा किया है.
पंजाब में बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान के जवाब में, सरकार ने 500 से अधिक कृषि अधिकारियों को तैनात किया है. ये अधिकारी प्रभावित सात जिलों का दौरा कर रहे हैं ताकि फसलों का सटीक आकलन किया जा सके और किसानों को मुआवज़ा दिलाने में मदद की जा सके. सरकार किसानों के साथ मज़बूती से खड़ी है और उन्हें हर संभव राहत प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है.
पंजाब में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से करीब 1.25 लाख एकड़ गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है. फाजिल्का और मुक्तसर समेत कई जिलों में फसल गिर गई या भीग गई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है और सरकार से मुआवजे की मांग तेज हो गई है.
गुजरात के वडोदरा, मेहसाणा, साबरकांठा समेत कई जिलों में बेमौसम बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई है. खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं, मंडियों में रखा माल भीग गया और किसानों को बड़े नुकसान का सामना करना पड़ रहा है.
Hitech Slaughtering सिर्फ मीट ही नहीं खाने-पीने की वस्तु समेत इस्तेमाल करने वाली चीजों पर हलाल का नियम लागू होता है. लेकिन, अगर मीट की बात करें तो इस पर हलाल के नियमों को लेकर बहुत बारिकी से नजर रखी जाती है, खासतौर पर भारत में. सोशल मीडिया समेत दूसरी जगहों पर भी ऐसा भ्रामक प्रचार किया जाता है कि मशीन से होने वाली स्लॉटरिंग का मीट हलाल नहीं होता है.
Egg Export देश में हर साल करीब 14 हजार करोड़ अंडों का उत्पादन होता है. एक्सपोर्ट होने वाले अंडे की संख्या कम है. ज्यादातर अंडा खाड़ी देशों में ही एक्सपोर्ट होता है. लेकिन वहां के मौजूद हालात के चलते उसका बड़ा असर अंडों पर पड़ रहा है. अंडे के कंटेनर रास्ते में फंस गए हैं. जो अंडा जा नहीं पा रहा है उसके दाम लगातार गिर रहे हैं.
केंद्र सरकार ने बिहार के इथेनॉल कोटे में बढ़ोतरी और कैप हटाने पर सहमति जताई है, जिससे राज्य के इथेनॉल उद्योग को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. इस फैसले से उत्पादन बढ़ेगा, किसानों की आय में सुधार होगा और 20% इथेनॉल ब्लेंडिंग लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी.
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में पान की खेती से जुड़े किसान बढ़ती लागत, बाजार की कमी और सरकारी सहयोग के अभाव जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं. परंपरागत रूप से लाभ देने वाला यह व्यवसाय अब घाटे का सौदा बनता जा रहा है, जिससे किसानों की संख्या भी लगातार घट रही है. पढ़िए ग्राउंड रिपोर्ट...
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