तमिलनाडु में पोंगल त्योहार अब आने ही वाला है, लेकिन उससे पहले ही चेन्नई के कोयम्बेडु मार्केट में गन्ने और हल्दी की बिक्री बढ़ गई है. ये राज्य के लिए साल का सबसे अहम त्योहार है और इसके चलते लोगों की डिमांड को पूरा करने के लिए, तमिलनाडु के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी मात्रा में गन्ने और हल्दी के ट्रक आए हैं.
उत्तर भारत में ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है. हरिद्वार, उधम सिंह नगर, फतेहपुर और पहाड़ी क्षेत्र को शीतलहर और घने कोहरे ने पूरी तरह ढक लिया है. घाट खाली हैं, खेतों में बर्फ जैसी परत जम गई है. लोगों का जनजीवन ठिठुर गया है और किसान फसलों की चिंता में हैं.
Artificial Insemination एनिमल एक्सपर्ट के मुताबिक गाय-भैंस और भेड़-बकरी सभी का हीट में आने पर एआई किया जा सकता है. लेकिन एआई कराने से पहले वीर्य की क्वालिटी के बारे में भी जान लेना जरूरी है. इसके लिए एआई टेक्नीशियन के पास मौजूद दस्तावेज और सांड के कान में लगे ईयर टैग की मदद ली जा सकती है.
जबलपुर स्थित नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय में गोबर-गौमूत्र से रिसर्च के नाम पर मिले 3.5 करोड़ रुपये के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया है. जांच में किसानों को प्रशिक्षण और ठोस रिसर्च शून्य पाई गई, जबकि करोड़ों रुपये गाड़ियों, यात्राओं और सुविधाओं पर खर्च होने के आरोप लगे हैं.
सरकार ने सीड्स बिल 2026 (Seeds Bill, 2026) को अंतिम रूप दे दिया है और आगामी बजट सत्र के दौरान इसे लोकसभा में पेश करने के लिए उत्सुक है. बता दें कि इस बिल को लेकर किसान संगठनों ने विरोध किया है.
खेती में असली मुनाफा वही किसान कमाते हैं जो बाजार की चाल समझकर फसल को सही समय पर बाजार ले आते हैं. उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड के कारण अक्सर किसान पिछड़ जाते हैं, जिससे सीजन के समय फसल के दाम गिर जाते हैं. नीचे एक ऐसी 'स्मार्ट तकनीक' के बारे में विस्तार से बताया गया है, जिसकी मदद से किसान कड़ाके की ठंड में भी सब्जियों की अगेती खेती कर सकते हैं। यह तकनीक न केवल बीजों को खराब होने से बचाती है, बल्कि मार्च-अप्रैल जैसे महंगे बाजार वाले महीनों में बंपर पैदावार देने का भरोसा भी देती है. कैसे इस स्मार्ट तकनीक के जरिए किसान अपनी खेती की लागत घटाकर कमाई को दोगुना कर सकते हैं और नर्सरी बेचकर भी लाखों का लाभ उठा सकते हैं। पूरी जानकारी दी गई है
देश में रिकॉर्ड चीनी उत्पादन के बीच मांग में भारी गिरावट और इथेनॉल डायवर्जन कम होने से चीनी मिलों पर दबाव बढ़ा है. इसका सीधा असर किसानों के गन्ना भुगतान पर पड़ रहा है और कई राज्यों में बकाया लगातार बढ़ता जा रहा है.
Sea Food Export केन्द्रीय मत्स्य, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में सीफूड एक्सपोर्ट का आंकड़ा बढ़ गया है. ये आंकड़ा 35 हजार करोड़ रुपये के मुकाबले 42 हजार करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. भारत 130 देशों को करीब 350 सीफूड आइटम एक्सपोर्ट करता है.
केंद्र सरकार ने हाल ही में राजस्थान के नागौर जिले की प्रसिद्ध 'नागौरी अश्वगंधा' को भौगोलिक संकेतक (GI टैग) दिया है. न केवल स्थानीय किसानों की मेहनत को सम्मान देता है, बल्कि वैश्विक बाजार में इस औषधीय फसल को एक भरोसेमंद ब्रांड के रूप में स्थापित करेगा.
उर्वरक 3.0 के जरिए खाद के नियमों में डिजिटल बदलाव, आसान कानून और देश में उत्पादन बढ़ाने की नई पहल. जानिए इससे किसानों को क्या लाभ होगा.
शीतलहर और पाले से सर्दी के मौसम में रबी की सभी फसलों को नुकसान होता है. इसमें रबी की सबसे प्रमुख फसल गेहूं के लिए पाला को सबसे बड़ा दुश्मन माना जाता है. आइए आज हम आपको कुछ ऐसे तरीके बताते हैं, जिससे आप गेहूं की फसल को पाला से आसानी से बचा सकते हैं.
उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर निवासी किसान 40 साल के सुखवंत सिंह की जिंदगी इन्हीं सवालों के बीच रविवार सुबह हल्द्वानी के एक होटल के कमरे में खत्म हो गई. मौत से पहले उन्होंने फेसबुक पर अपना दर्द बयां किया जहां उन्होंने जमीन के सौदे में तीन करोड़ रुपये से अधिक की ठगी का आरोप कई लोगों पर लगाया. उन्होंने यह भी लिखा कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद जिला पुलिस ने उनकी सुनवाई नहीं की.
Tips for Milk Production इंडियन डेयरी एसोसिएशन (आईडीए) ने भी पशुपालकों की इनकम बढ़ाने के मकसद से कुछ टिप्स दिए हैं. वहीं उनका कहना है कि डेयरी सेक्टर में काम करने वाली महिलाओं को सशक्त बनाया जाए तो इस सेक्टर की लागत को कम किया जा सकता है.
फर्टिलाइजर कंट्रोल ऑर्डर के तहत नोटिफाई किए गए सभी फर्टिलाइजर्स पर 5 प्रतिशत जीएसटी लागू करने, एक्स्ट्रा जीएसटी क्रेडिट के रिफंड में तेजी लाने और यूनियन बजट से पहले एक यूनिफाइड लाइसेंसिंग सिस्टम लागू करने की अपील की गई है. शेड्यूल 1G आइटम्स और उनके मिक्सचर पर GST को 12 परसेंट से घटाकर 5 परसेंट करना काफी महत्वपूर्ण है. इंडस्ट्री विशेषज्ञों के अनुसार मैन्युफैक्चरर्स को अब कुछ इनपुट पर इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर का सामना करना पड़ रहा है.
UP News: प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसी महिलाएं हैं जो सीमित आय और बढ़ती पारिवारिक जिम्मेदारियों के बावजूद आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लेकर उसे साकार भी कर रही हैं. प्रदेश की ऐसी 14 लखपति दीदियों को गणतंत्र दिवस पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में विशेष अतिथि के रूप में शामिल होने का भी मौका मिलने जा रहा है.
उत्तर भारत में सर्दियों की दस्तक के साथ मौसम पूरी तरह बदल चुका है और ठंड का असर साफ नजर आने लगा है. पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बढ़ती शीतलहर के बीच जनजीवन और खेती-किसानी की गतिविधियों पर असर पड़ रहा है. वहीं दक्षिण भारत में लगातार बारिश का दौर बना हुआ है. इस लाइव और लगातार अपडेट होते सेक्शन में आपको खाद-बीज से जुड़ी जानकारी, खेती और गार्डनिंग के उपयोगी टिप्स, किसानों के लिए जरूरी सरकारी योजनाएं और कृषि जगत से जुड़े बड़े राष्ट्रीय घटनाक्रम एक ही जगह मिलते रहेंगे. साथ ही बात करेंगे उन्नत क़िस्मों की बीजों के बारे में जिसका लाभ उठाकर किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. आज किसान कारवां का सातंवा पड़ाव एटा पहुंचेगा.
UP News: योजना के पूरी तरह ऑनलाइन हो जाने से किसानों को बार-बार तहसील या जिला कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और भ्रष्टाचार की संभावनाएं भी समाप्त हो जाएंगी. विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पोर्टल के अपडेशन का कार्य चल रहा है और इसे फरवरी 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा.
IMD ने बताया कि 12 और 13 जनवरी को राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में शीतलहर से लेकर गंभीर शीतलहर की स्थिति बनी रहने की बहुत संभावना है. साथ ही 14 जनवरी को कुछ इलाकों में शीतलहर की स्थिति रहेगी, जिसके बाद इसमें कमी आएगी. अगले 5 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत और बिहार में सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की बहुत संभावना है. मौसम विभाग ने लोगों को शीतलहर और घने कोहरे को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है. खासकर सुबह और देर रात यात्रा करने वालों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है.
मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों के ‘कृषक कल्याण वर्ष 2026’ की शुरुआत कर दी है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को भोपाल में कोकता बायपास स्थित आरटीओ कार्यालय से कृषि रथ और 1101 ट्रैक्टरों की विशाल रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.
सरकार ने किसानों और चावल निर्यातकों के लिए एक अच्छा फैसला लिया है. चावल निर्यातकों के लिए मंडी फीस में छूट को एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है, जिसका मकसद राज्य में चावल निर्यात को बढ़ावा देना है.
जनवरी की कड़ाके की ठंड गेहूं की फसल के लिए 'अमृत' साबित होगी या 'आफत', इसका फैसला मौसम की चाल और किसान की सतर्कता पर टिका है. एक तरफ वैज्ञानिक इसे दानों को चमकदार बनाने वाला 'टॉनिक' मान रहे हैं, तो दूसरी तरफ जनवरी 2026 की शुरुआत में गिरता पारा और पाले का डर किसानों की धड़कनें बढ़ा रहा है. सवाल यह है कि क्या यह रिकॉर्ड तोड़ सर्दी वाकई बंपर पैदावार की गारंटी देगी या अचानक बदलता मौसम मेहनत पर पानी फेर देगा? आपकी साल भर की कमाई और गेहूं का वजन इस महीने के तापमान में छिपे संकेतों पर निर्भर करता है, जिसे हर किसान के लिए समझना बेहद जरूरी है.
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