Donkey in NLM एक रिपोर्ट के मुताबिक अब बस उंगलियों पर गिनने लायक ही गधे बचे हैं. इसी को देखते हुए केन्द्र सरकार गधों की संख्या बढ़ाने, नस्ल सुधार और पालन के लिए योजना चला रही है. योजना के तहत गधे पालने के लिए 50 लाख रुपये तक की वित्तीय मदद दी जा रही है. इसी लिए गधों को नेशनल लाइव स्टॉक मिशन (एनएलएम) योजना में शामिल किया गया है.
कपास पर ड्यूटी फ्री आयात की मियाद खत्म होते ही किसानों को राहत की उम्मीद जगी है. MSP से नीचे चल रहे दामों को सहारा मिलने की संभावना बन रही है. महीनों के विरोध के बाद आखिरकार सरकार की इच्छा के मुताबिक तय मियाद खत्म होने के बाद अब बाजार का रुख बदल सकता है. लेकिन, टेक्सटाइल इंडस्ट्री फिर से शुल्क मुक्त कपास आयात की मियाद बढ़ाने की मांग कर रही है. पढ़ें पूरा मामला...
बिहार के गन्ना उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार ने शुक्रवार को विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की, जिसमें उन्होंने राज्य के छोटे गुड़ उत्पादकों और गन्ना किसानों को इस योजना का लाभ देने के निर्देश दिए.
Lado Laxmi Yojana: हरियाणा सरकार ने दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना का दायरा बढ़ाकर महिलाओं को बड़ी राहत दी है. अब तीन नई कैटेगरी जुड़ने से एक लाख से ज्यादा महिलाएं 2100 रुपये महीने की सहायता पाएंगी. किस योग्यता पर मिलेगा लाभ और क्या हैं नई शर्तें, जानिए पूरी डिटेल...
बिहार सरकार ने जमीन विवाद खत्म करने की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है. राज्य सरकार ने 27 दिसंबर से बिहार भूमि पोर्टल पर जमीन के रिकॉर्ड के बंटवारे और म्यूटेशन के लिए एक नया सिस्टम लागू किया है..अगले एक मिनट में जानें इस नए सिस्टम का मुख्य मकसद क्या है..
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के सर्फुद्दीन गांव के किसान राजू कुमार चौधरी ने आधुनिक खेती की मिसाल पेश कर दी है. दरअसल, जिस आलू की खेती को इलाके में लंबे समय से घाटे का सौदा माना जाता रहा, उसी खेती को उन्होंने मुनाफे का जरिया बना दिया है. राजू चौधरी ने इजरायली तकनीक से आलू की खेती कर न सिर्फ बेहतर उत्पादन हासिल किया है, बल्कि आसपास के किसानों के लिए भी उम्मीद की नई किरण जगा दी है.
जनवरी के महीने में पड़ने वाली ठंड में ही स्ट्रॉबेरी का पौधा अच्छी तरह बढ़ता है. यह फल स्वाद में बेहतरीन होने के साथ सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद है. लोग इसे महंगा फल समझकर घर में लगाने से कतराते हैं, जबकि सही तरीका अपनाने पर कम मेहनत में घर बैठे अच्छी पैदावार मिल सकती है. आइए जानते हैं कैसे.
बेर भारत में बड़े पैमाने पर पाया जाने वाला लोकप्रिय फल है, जो विटामिन C, कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन और पोटैशियम जैसे जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होता है. बेर फ्रूट प्रोसेसिंग से किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर दाम मिलता है और नुकसान भी कम होता है. यह इंडस्ट्री ग्रामीण इलाकों में महिला स्वयं सहायता समूहों, छोटे उद्यमियों और युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर पैदा कर सकती है.
UP News: प्रदेश में चयनित लाभार्थियों को वित्तीय वर्ष 2025-26 में अभी तक कुल 8.03 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न और मोटे अनाजों का आवंटन किया गया है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में अंत्योदय लाभार्थियों हेतु 36850.35 मीट्रिक टन चीनी का आवंटन किया जा चुका है.
पूरे दिन चले किसान कारवां के दौरान अलग-अल- चरणों में किसानों को खेती, पशुपालन और सरकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी दी गई. वहीं, प्रगतिशील किसानों ने अपने अनुभव साझा किए और आधुनिक कृषि पद्धतियों पर चर्चा की.
Tamatar Ki Kheti: टमाटर की खेती का सही समय शुरू हो चुका है. अगर बुआई से लेकर रोपाई और पोषक तत्व प्रबंधन में जरा सी चूक हुई तो मुनाफा प्रभावित हो सकता है. एक्सपर्ट्स ने टमाटर की बेहतर पैदावार के लिए कुछ अहम सलाह दी है, जिसे जानना हर किसान के लिए जरूरी है.
Sex-sorted semen सेक्स आधारित वीर्य क्या है, ये कहां मिलता है, क्या यह सभी कृत्रिम गर्भाधान (एआई) कराने वालों के पास मिल जाता है, इसकी कीमत क्या है, क्या यह सभी गायों की नस्लों और भैंसों में भी उपलब्ध है. ये कुछ ऐसे सवाल हैं जो ज्यादातर पशुपालकों के होते हैं. यहां ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब देने की कोशिश की गई है.
गढ़चिरौली जिले के मलांडा गांव के प्रोग्रेसिव किसान कृष्ण भागरथी भुरकुरिया ने अपनी मेहनत और दूरदर्शिता से वह कर दिखाया है जिसके बारे में लोग सिर्फ सोचते ही रह जाते हैं. उन्होंने यह साबित कर दिया है कि पारंपरिक खेती के साथ अगर वैल्यू एडिशन और इंडस्ट्री को जोड़ा जाए तो आर्थिक स्थिरता और आत्मनिर्भरता हासिल की जा सकती है. उन्होंने केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री माइक्रो फूड एंटरप्राइजेज अपग्रेडेशन (पीएमएफएमई) योजना का फायदा उठाया.
Working Bull सेंट्रल बफैलो रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीआईआरबी), हिसार, हरियाणा ने ब्रीडर के अलावा दूसरे काम में लगे भैंस बुल के लिए दो तरह की खुराक का चार्ट तैयार किया है. ऐसे काम करने वाले बुल को दो भागों में बांटा गया है. हल्का काम और भारी काम की दो कैटेगिरी बनाई गई हैं.
किसान कारवां तीसरे दिन बदायूं के लखनपुर गांव पहुंचा. इस दौरान गांव के किसानों के साथ केवीके से डॉ रौशन, कृषि विशेषज्ञ मनोज कुमार, पशुपालन से डॉ. अब्दुल, एफपीओ से अमन राठौड़ के साथ प्रगतिशील किसान राधेश्याम और निखिल शर्मा मौजूद रहे.
बाजार में स्ट्रॉबेरी की जबरदस्त मांग बनी हुई है. लेकिन मांग के मुकाबले सप्लाई कम होने की वजह से इसके दाम लगातार बढ़ रहे हैं. ग्रेड के हिसाब से रिटेल बाजार में एक किलो स्ट्रॉबेरी की कीमत 250 रुपये से लेकर 700 रुपये तक पहुंच गई है.महाराष्ट्र के महाबलेश्वर, वाई और पंचगनी इलाके स्ट्रॉबेरी उत्पादन के प्रमुख केंद्र माने जाते हैं. इसके अलावा नासिक जिले के कुछ हिस्सों में भी स्ट्रॉबेरी की खेती की जाती है.
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस साल अल नीनो के एक्टिव होने की संभावना जताई है. IMD के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि ENSO न्यूट्रल स्थितियां जून-जुलाई तक हावी रहने की संभावना है.
नया साल 2026 IFFCO के लिए वैश्विक विस्तार और नैनो तकनीक का साल बनने जा रहा है. MD केजे पटेल ने साफ किया है कि किसान-केंद्रित नवाचार, नैनो उर्वरक और विदेशों में नए प्लांट IFFCO की प्राथमिकता रहेंगे. ब्राजील में एक बड़ी शुरुआत होने जा रही है.
अगर पूरे भारत की बात करें तो नवंबर में छोटे किसानों का चाय उत्पान पांचवें हिस्से तक घटकर 70.19 लाख किलोग्राम रह गया है. जबकि बड़े किसानों का प्रोडक्शन लगभग दसवें हिस्से तक घटकर 54 लाख किलोग्राम पर आ गया है. यह गिरावट नॉर्थ इंडिया में प्रोडक्शन में बड़ी गिरावट की वजह से हुई है, जहां खराब मौसम की वजह से प्रोडक्शन करीब 18.5 प्रतिशत घटकर 104.68 लाख किलोग्राम रह गया.
Buffalo Milk Economics भैंस पशुपालक का चलता-फिरता एटीएम है. आज सड़कों पर और खेतों में गाय छुट्टा घूमती हुई दिख जाएगी, लेकिन तलाशने पर एक भी भैंस आपको छुट्टा घूमती हुई नहीं मिलेगी. क्योंकि गाय के मुकाबले इसकी कीमत भी ज्यादा होती है. गाय को भी दूध उत्पादक बना लिया जाए तो ये सड़क पर दिखना बंद हो जाएंगी.
महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में किसान द्वारा कर्ज चुकाने के लिए किडनी बेचने के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया है. इस केस की जांच के दौरान सामने आया है कि भारत में एक बड़ा और संगठित किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट सक्रिय है, जिसके तार दिल्ली और तमिलनाडु से जुड़े हुए हैं.
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