भारी बारिश और बेमौसम मौसम से प्रभावित महाराष्ट्र के 17.29 लाख किसानों को केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है. 2.66 लाख करोड़ रुपये के फसल लोन की रीस्ट्रक्चरिंग को मंजूरी मिली है, साथ ही लोन रिकवरी पर अस्थायी रोक और ब्याज सब्सिडी का लाभ भी दिया जाएगा.
अब दवा नहीं, खाना देगा असली ताकत. बायोफोर्टिफाइड बीज से भारत के आम अनाज में आयरन, जिंक और विटामिन जैसे पोषक तत्व बढ़ेंगे, जिससे बच्चों, महिलाओं और परिवार की सेहत मजबूत होगी. रोजमर्रा के खाने से मिलेगा प्राकृतिक पोषण.
Green Fodder and Silage हरे चारे की फसल का अगर पूरे साल इस्तेमाल करना है तो जरूरी है कि साइलेज बनाना आना चाहिए. क्योंकि हर फसल में इतना हरा चारा होता है कि पशु उसे लगातार नहीं खा सकते हैं. लेकिन साइलेज बनाकर उसे पूरे साल खिलाया जा सकता है.
इस राज्य में दो दिवसीय राष्ट्रीय अमरूद महोत्सव का भव्य आगाज किया गया. महोत्सव में 250 से अधिक स्टॉल लगाकर किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, प्राकृतिक खेती, आधुनिक यंत्र और उच्च क्वालिटी वाले बीजों की जानकारी दी गई.
साल 2026 में भारतीय खेती में इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर तेज़ी से लोकप्रिय हो रहे हैं. कम खर्च, आसान संचालन, सरकारी मदद और साफ पर्यावरण के कारण किसान डीज़ल ट्रैक्टर छोड़कर इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर अपना रहे हैं.
सरकार का कहना है कि VB–G RAM G कानून को लेकर कुछ समूह लगातार भ्रामक दावे फैला रहे हैं. इन दावों से ग्रामीण जनता को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है. सरकार ने ऐसे सभी आरोपों का तथ्यात्मक और कानूनी आधार पर खंडन किया है और साफ किया है कि नया कानून ग्रामीण अधिकारों को कमजोर नहीं बल्कि पहले से ज्यादा मजबूत करता है.
उत्तर भारत में सर्दियों की दस्तक के साथ मौसम पूरी तरह बदल चुका है और ठंड का असर साफ नजर आने लगा है. पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बढ़ती शीतलहर के बीच जनजीवन और खेती-किसानी की गतिविधियों पर असर पड़ रहा है. वहीं दक्षिण भारत में लगातार बारिश का दौर बना हुआ है. इस लाइव और लगातार अपडेट होते सेक्शन में आपको खाद-बीज से जुड़ी जानकारी, खेती और गार्डनिंग के उपयोगी टिप्स, किसानों के लिए जरूरी सरकारी योजनाएं और कृषि जगत से जुड़े बड़े राष्ट्रीय घटनाक्रम एक ही जगह मिलते रहेंगे. साथ ही बात करेंगे उन्नत क़िस्मों की बीजों के बारे में जिसका लाभ उठाकर किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.
उत्तर भारत में अगले हफ्ते दो पश्चिमी विक्षोभ के असर से 23 जनवरी को हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और आसपास के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना है. पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में हल्की बारिश के साथ घना कोहरा जारी रहेगा. मौसम विभाग ने ठंड और कोहरे को लेकर चेतावनी जारी की है.
देश के किसानों ने एक बार फिर एकता और संघर्ष की मिसाल पेश की है. इस वीडियो में अभिमन्यु कोहाड आपको कन्याकुमारी से कश्मीर तक किसानों की ऐतिहासिक यात्रा के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे. यह यात्रा सिर्फ एक पदयात्रा नहीं, बल्कि किसानों के हक, उनकी समस्याओं और खेती के भविष्य से जुड़ा बड़ा संदेश है.
शीतलहर के चलते मिट्टी की नमी भी धीरे-धीरे खत्म हो रही है, जिससे पौधों की बढ़वार रुक गई है और फल और पत्तियां गिरने लगी हैं. खासतौर पर टमाटर, बैंगन और मिर्च जैसे पौधे पाले के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं और जल्दी नुकसान झेलते हैं.
हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से बारिश और बर्फबारी न होने के कारण किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है. किसानों का कहना है कि खेती पूरी तरह मौसम पर निर्भर है और बारिश के बिना फसलों का बच पाना मुश्किल हो जाता है. पिछले 4–5 वर्षों से राज्य में मनमुताबिक बारिश नहीं हो रही है, जिसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ रहा है.
उत्तराखंड में लंबे समय से शुष्क बने मौसम को लेकर अब लोगों की निगाहें आसमान की ओर टिकी हैं. खासतौर पर किसान, बागवान और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर बारिश और बर्फबारी का इंतजार कब खत्म होगा.
किसान कारवां कार्यक्रम के दौरान किसानों को खेती से जुड़ी नवीन तकनीकों, उन्नत बीज, मिट्टी स्वास्थ्य, संतुलित उर्वरक उपयोग और फसल संरक्षण के आधुनिक तरीकों की विस्तृत जानकारी दी गई. साथ ही किसानों को बदलते मौसम के अनुसार फसल चक्र और जल संरक्षण के महत्व से भी अवगत कराया गया.
अलवर में पड़ रही कड़ाके की सर्दी ने सरसों और सब्जियों की फसल को नुकसान पहुंचाया है. किसान पहले ही प्याज की फसल से परेशान हैं और अब मौसम की मार ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं. कृषि विभाग ने फसल बचाने के उपाय सुझाए हैं, लेकिन किसानों की चिंता अभी भी बनी हुई है.
मैनपुरी के डालूपुर गांव में किसान कारवां कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां किसानों को आधुनिक खेती, मृदा परीक्षण, नैनो उर्वरक, पशुपालन योजनाओं और सरकारी लाभों की आसान भाषा में जानकारी दी गई. यह कार्यक्रम किसानों के लिए बेहद लाभकारी रहा.
जनपद महोबा में किसानों को बागवानी की ओर प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हाईटेक नर्सरी की शुरुआत की गई है. इस आधुनिक नर्सरी को तैयार करने में करीब 1.28 करोड़ रुपये की लागत आई है. नर्सरी का मुख्य उद्देश्य बागवानी किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले और प्रमाणित पौधे उपलब्ध कराना है, ताकि उत्पादन बढ़े और किसानों की आय में सुधार हो सके.
पंजाब के किसानों के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद CM मान ने कहा कि इस कदम से हजारों एकड़ खेती की जमीन को पर बिना किसी रुकावट के खेती का रास्ता साफ हो जाएगा.
Chhatisgarh में Medicinal Plant Bord की मदद से औषधीय पौधों की खेती को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे खासतौर पर महिलाओं को रोजगार और आय का नया साधन मिल रहा है. महिलाओं ने बताया कि बोर्ड की ओर से क्लस्टर के माध्यम से खेती की पूरी ट्रेनिंग दी जाती है.
किसानों के मुद्दे को लेकर नितिन गडकरी ने बड़ा बयान दिया है. मध्य प्रदेश के विदिशा में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, गडकरी ने कहा कि उनके पास पौराणिक "द्रौपदी की थाली" है, जो सभी को खाना खिला सकती है.
बजट 2026 भारत की खेती में नई क्रांति लेकर आ सकता है. यह सिर्फ ट्रैक्टर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि किसानों को स्मार्ट मशीनें, पानी की बचत और बेहतर उपज देने वाले समाधान मुहैया कराएगा. किसान अब खेतों में हाई‑टेक तकनीक का फायदा उठाकर खेती को आसान, टिकाऊ और लाभकारी बना सकते हैं.
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है. बोचहा प्रखंड के ककराचक गांव की ‘सोलर दीदी’ के नाम से मशहूर देवकी देवी को राष्ट्रपति भवन से गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने का आमंत्रण मिला है.
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