यूपी में गन्ना खेती को बढ़ावा देने के लिए टिशू कल्चर तकनीक से उन्नत बीज तैयार करने और ड्रिप इरिगेशन को बढ़ाने पर जोर दिया गया है. इससे उत्पादन बढ़ने और लागत घटने की बात सामने आई है.
आंध्र प्रदेश के कुरनूल में प्याज की कीमतें लागत से नीचे गिर गई हैं, जिससे किसान भारी नुकसान झेल रहे हैं. निर्यात रुकने और मांग घटने से हालात ऐसे हैं कि किसान फसल फेंकने को मजबूर हैं.
शामली के थाना भवन में किसान कारवां का 69वां पड़ाव आयोजित हुआ, जिसमें किसानों को आय बढ़ाने के कई व्यावहारिक तरीके बताए गए. जैविक हल्दी खेती, मृदा जांच, उर्वरक प्रबंधन और मशीनीकरण जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने जानकारी दी. कार्यक्रम में सरकारी योजनाओं और नई सुविधाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई.
इस साल देश के गेहूं उत्पादन परिदृश्य पर मौसम की अनिश्चितताओं का गहरा साया रहा है, जिसे लेकर कृषि मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट की है. फसल के आखिरी पड़ाव पर, फरवरी के महीने में तापमान में अचानक हुई बेतहाशा बढ़ोतरी ने चिंताएं बढ़ा दी थीं, जिससे दाने भरने की कुदरती अवधि प्रभावित हुई है. इसके साथ ही, कई प्रमुख क्षेत्रों में पकने के समय हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने स्थानीय स्तर पर अनाज की गुणवत्ता और पैदावार को काफी नुकसान पहुंचाया है. सरकार का कहना है कि नई किस्मों और किसानों की सूझबूझ ने बड़े नुकसान को टाल दिया है. कुल मिलाकर, देश का अन्न भंडार सुरक्षित है.
पश्चिम बंगाल के सिंगुर में आलू की बंपर पैदावार किसानों के लिए संकट बन गई है. निर्यात पर रोक और भरे हुए कोल्ड स्टोरेज के कारण आलू सड़ रहे हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है.
नई इलेक्ट्रोलाइज़र तकनीक से अब पानी से चूल्हा चलाना संभव हो गया है. सिर्फ 100 ml पानी और थोड़ी बिजली से 6 घंटे तक खाना पकाने वाला यह इनोवेशन किचन का भविष्य बदल सकता है.
महाराष्ट्र के विदर्भ में भीषण गर्मी ने हालात गंभीर कर दिए हैं. अकोला और अमरावती में तापमान 46 डिग्री पार, हीट डोम के असर से हालात ऐसे कि धूप में 20 मिनट में खाना पक रहा है.
2025-26 में गेहूं उत्पादन को लेकर उठ रहे सवालों के बीच सरकार ने स्थिति को सामान्य बताया है. समय पर बुवाई और बेहतर प्रबंधन के चलते फसल सुरक्षित है और रकबा भी बढ़ा है.
जम्मू-कश्मीर में किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्र ने बड़ा पैकेज मंजूर किया है. सड़कों, आजीविका और कृषि योजनाओं के जरिए विकास को नई गति देने की तैयारी की गई है.
देश के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदलने वाला है. उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर तक आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे अगले कुछ दिनों तक मौसम अस्थिर बना रहेगा.
विदिशा में किसान की ट्रेन से कटकर हुई मौत का मामला अब संदिग्ध बन गया है, क्योंकि मौत से पहले बनाए गए वीडियो में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और विधायक मुकेश टंडन को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है.
शामली के थाना भवन में आयोजित ‘किसान तक’ किसान कारवां में किसानों को आधुनिक खेती, उन्नत बीज, मृदा स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई. विशेषज्ञों ने आय बढ़ाने के आसान तरीके बताए. कार्यक्रम में सफल किसानों को सम्मानित किया गया और नई तकनीकों से खेती सुधारने के लिए प्रेरित किया गया.
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने मक्का किसानों की खराब स्थिति पर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है. उन्होंने पत्र में किसानों को उचित कीमत और खरीद सुनिश्चित करने के लिए बड़े कदम उठाने की अपील की है.
बिहार सरकार ने 2026‑27 के लिए मखाना विकास योजना शुरू की. इस नई योजना में खेती, प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और एक्सपोर्ट तक सब्सिडी मिलेगी.
पंजाब में गेहूं खरीद को लेकर सियासत गरमा गई है, जहां केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र की पूरी तैयारी के बावजूद किसानों को मंडियों में परेशानी उठानी पड़ रही है और खरीद प्रक्रिया समय पर नहीं हो रही है.
594 किमी लंबा गंगा एक्सप्रेसवे यूपी के किसानों और कारोबार के लिए गेमचेंजर साबित होगा. 29 अप्रैल को पीएम मोदी इसके उद्घाटन के साथ कृषि उत्पादों को बाजार तक तेज कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देंगे.
वर्षों से पंजाब-हरियाणा के किसानों को यह कहकर कटघरे में खड़ा किया गया कि वे धान (चावल) उगाकर देश का भूजल 'पी' रहे हैं. उन्हें जल-स्तर गिरने का विलेन घोषित किया गया. दूसरी ओर सरकार उसी 'पानी-खोर' चावल को इथेनॉल की भट्टियों में स्वाहा कर रही है. अब इन इथेनॉल बनाने वाली कंपनियों को जल संकट के लिए विलेन क्यों नहीं घोषित किया जा रहा है?
चीन द्वारा भारतीय गैर-बासमती चावल की खेप में GMO के आरोप के बाद छत्तीसगढ़ के निर्यातकों ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है. तीन कंपनियों पर अस्थायी रोक और शिपमेंट रुकने से व्यापार प्रभावित हुआ है, जबकि ICAR ने भारतीय चावल को नॉन-GMO बताया है.
मई-जून का महीना मिट्टी की जांच के लिए सबसे बेहतरीन है क्योंकि रबी और खरीफ की फसलों के बाद जमीन को दोबारा पोषण की जरूरत होती है. जिस तरह खून की जांच से इंसान की सेहत का पता चलता है, ठीक उसी तरह सॉइल टेस्ट से मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी या अधिकता की असलियत सामने आती है. बिना जानकारी के अंधाधुंध केमिकल उर्वरकों का इस्तेमाल न केवल आपकी लागत बढ़ाता है, बल्कि खेत को भी बंजर बनाता है.
होर्मुज स्ट्रेट में सप्लाई बाधित होने से वैश्विक खाद कीमतों में उछाल आया है, जिससे भारत का खाद सब्सिडी बिल 2026 में 20% तक बढ़ सकता है. सरकार किसानों को राहत देते हुए MRP स्थिर रखेगी और बढ़ी लागत खुद वहन करेगी.
भारत और रूस मिलकर रूस में एक बड़ा यूरिया प्लांट बना रहे हैं, जो दो साल में तैयार हो सकता है. इस प्रोजेक्ट से हर साल 20 लाख टन यूरिया उत्पादन होगा और पूरा भारत लाया जाएगा. इससे किसानों को सस्ता और समय पर खाद मिलेगी और देश की आयात पर निर्भरता भी कम होगी.
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