उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए ढैंचा बीज का समय पर न मिलना एक बड़ी समस्या बन गया है. रायबरेली से सहारनपुर से लेकर बलिया तक के किसानों का कहना है कि धान की रोपाई जून-जुलाई में शुरू होती है, लेकिन ढैंचा का बीज मई के अंत या जून में मिलता है. ढैंचा को हरी खाद के रूप में तैयार होने के लिए 50-60 दिन चाहिए, इसलिए देरी से बीज मिलने पर किसान इसका लाभ नहीं ले पाते.
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के एक गांव में करीब एक एकड़ ज़मीन पर अफीम की अवैध खेती का मामला सामने आया है. उन्होंने बताया कि एक गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची.
उत्तर प्रदेश में प्रदूषण कम करने के लिए केंद्र, राज्य सरकार और वर्ल्ड बैंक के बीच बड़ा समझौता हुआ है, जिसमें खेती, ट्रांसपोर्ट और उद्योग में बदलाव की तैयारी है. योजना के तहत किसानों को खाद के सही उपयोग, साफ ईंधन और नई तकनीकों पर जोर दिया जाएगा.
CM मान ने कहा कि खेती से होने वाली आमदनी घट रही है और फसलों की पैदावार एक ठहराव पर पहुंच गई है, इसलिए पैदावार बढ़ाने और प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव कम करने के लिए AI-आधारित तकनीकों को अपनाना जरूरी है.
मराठवाड़ा में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से हालात बिगड़ गए हैं, जहां 533 गांवों में बड़े पैमाने पर फसल नुकसान दर्ज किया गया है. 11,572 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है और हजारों किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं.
सागर जिले में अचानक बदले मौसम ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है. स्थानीय किसानों का कहना है कि इस बेमौसम बारिश ने उनकी सालभर की मेहनत बर्बाद कर दी है. कई किसान अब प्रशासन से फसल सर्वे और उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं.
सहारनपुर में तेज हवा और लगातार बारिश ने गेहूं की खड़ी फसल को गिरा दिया है. कई जगहों पर तैयार फसल जमीन पर बिछ गई है, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता पर असर पड़ने की आशंका है. किसानों का कहना है कि गिरने से पैदावार आधी रह सकती है और आर्थिक नुकसान बढ़ेगा.
Milk Supply जब बिजली व्यवस्था और ट्रांसपोर्टशन प्रभावित होता है तो शहरों में जरूरत की रोजमर्रा वाली चीजों की सबसे पहले सप्लाई बाधित होने लगती है. लेकिन ऐसे हालात यानि इमरजेंसी से निपटने के लिए सभी कारोबारी सेक्टर के पास अपना इमरजेंसी प्लान होता है. अगर विश्व के मौजूदा हालात के चलते तेल-गैस की सप्लाई पर असर पड़ता है तो हालात यानि इमरजेंसी से निपटने के लिए डेयरी सेक्टर के पास अपना इमरजेंसी प्लान होता है.
Gujarat Crop Damage: तेज आंधी और बारिश ने गुजरात के कई इलाकों में खेती को प्रभावित किया है. आम के बागों में बड़ी मात्रा में फल गिर गए हैं और खेतों में पड़ी रबी फसलें भी बर्बाद हुई हैं. उत्पादन घटने और आर्थिक नुकसान से किसान चिंतित हैं.
उत्तरी भारत के लोगों को आज से शुरू होने वाले अगले तीन दिनों में भीषण गर्मी से राहत मिलने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण आसमान में बादल छाए रहेंगे. इसके परिणामस्वरूप, दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार सहित कई राज्यों में 20-22 मार्च तक हल्की से मध्यम बारिश के साथ-साथ गरज, धूल भरी आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं. बादलों और हवाओं की मौजूदगी के कारण दिन और रात, दोनों के तापमान में गिरावट आएगी, जिससे गर्मी का एहसास कम होगा.
मौसम विभाग के अनुसार 21 मार्च तक मध्य और पूर्वी भारत में गरज-चमक, तेज हवाएं और ओलावृष्टि की संभावना है. पश्चिमी विक्षोभ के असर से तापमान सामान्य से कम रहेगा और अगले एक सप्ताह तक हीटवेव की संभावना नहीं है.
Tree Fodder बकरी पालन में चारा कैसा हो और उसकी तेजी से ग्रोथ हो, ये दो बड़े सवाल होते हैं. इसीलिए एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि हरे चारे संग बकरियों को कुछ खास तरह की पत्तियां भी खिलानी चाहिएं. इनसे बकरे-बकरियों का उत्पादन बढ़ने के साथ ही बीमारी से भी बचे रहते हैं.
नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत यूपी में डेयरी सेक्टर को नई रफ्तार मिल रही है. सरकार तीन वर्षों में 204 डेयरी इकाइयों का लक्ष्य लेकर चल रही है और ऋण व अनुदान प्रक्रिया को तेज किया गया है.
Kashmir Weather: कश्मीर में असामान्य रूप से गर्म रहे सर्दी के बाद मौसम में बदलाव आया है और दिन का तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया है. हालिया बारिश और बर्फबारी से फसलों और बागवानी को राहत मिलने की संभावना जताई गई है. पढ़ें मौसम वैज्ञानिक ने क्या कहा...
Mamata Banerjee ने पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए 10 प्रतिज्ञाओं वाला घोषणा पत्र जारी किया, जिसमें 30,000 करोड़ रुपये का कृषि बजट, भूमिहीन मजदूरों को सहायता, सिंचाई मुफ्त और किसानों के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं का वादा किया गया है.
महाराष्ट्र के किसान रवींद्र मेतकर ने 3,000 रुपये से शुरू किए पोल्ट्री व्यवसाय को 15 करोड़ टर्नओवर तक पहुंचाया. अब उन्हें ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में अपने अनुभव साझा करने के लिए आमंत्रित किया गया है—जानिए उनकी प्रेरणादायक सफलता की कहानी.
गुणीप्रकाश ने कहा कि नए नियमों से किसान खेत और मंडी के बीच उलझ जाएगा और खरीद प्रक्रिया जटिल होगी. उन्होंने सरकार से नियम वापस लेकर किसानों को राहत देने और व्यवस्था सरल करने की मांग की है.
महाराष्ट्र की लासलगांव मंडी में रबी प्याज के दाम 1300 रुपये प्रति क्विंटल से ऊपर बने हुए हैं, जबकि खरीफ प्याज के भाव गिरकर 900 रुपये तक पहुंच गए हैं. उत्पादन लागत 1800 रुपये होने से किसान नुकसान में हैं और सरकार से सहायता की मांग कर रहे हैं.
आजकल गर्मी के मौसम में जब पारा 45 डिग्री के पार पहुंच जाता है, तो इंसान का बाहर निकलना दूभर हो जाता है. उन किसानों की हालत की कल्पना कीजिए जिनकी कमाई पान की कोमल बेलों पर टिकी है. पान का पत्ता इतना नाजुक होता है कि लू की एक ही लहर उसे पूरी तरह जलाकर राख कर देती है. बिहार के श्याम सुंदर ने एक खास तकनीक से एक देसी ढांचा खड़ा किया, जिससे न झुलसेंगे पत्ते, न होगी बीमारी और पान की पैदावार चार गुना बढ़ जाएगी.
केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संसद में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर पिछली यूपीए सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने सदन में एक कैबिनेट नोट का हवाला देते हुए दावा किया कि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के बावजूद तत्कालीन सरकार ने लागत पर 50 प्रतिशत मुनाफा देने से साफ इनकार कर दिया था.
धौलपुर जिले में मौसम विभाग के अलर्ट के बाद जिले में दो दिन से मौसम का मिजाज बदला हुआ है. वहीं, बारिश से किसानों की खेतों में खड़ी गेहूं फसल को भारी नुकसान होने की संभावना दिखाई दे रही है.
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