नेफेड की प्याज खरीद योजना पड़ी धीमीमहाराष्ट्र में NAFED द्वारा प्याज खरीद की योजना बड़े लक्ष्य के साथ शुरू की गई थी, लेकिन किसानों के विरोध और कम कीमत के कारण यह योजना अब मुश्किल में नजर आ रही है. राज्य में 18 केंद्रों पर, जिनमें नाशिक जिले का लासलगांव भी शामिल है, प्याज खरीद की व्यवस्था की गई है. सरकार ने 30 जून तक 1 लाख मीट्रिक टन प्याज खरीद का लक्ष्य रखा था. लेकिन अब तक केवल 260 मीट्रिक टन ही खरीदा जा सका है, जिससे तय समय में लक्ष्य हासिल करना मुश्किल दिख रहा है.
किसानों का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा तय की गई खरीद दर 16.50 रुपये प्रति किलो बहुत कम है. इससे पहले यह दर 15.80 रुपये थी, जिसे थोड़ा बढ़ाया गया, लेकिन इससे किसानों को राहत नहीं मिली. उनका कहना है कि उत्पादन लागत ही करीब 20 रुपये प्रति किलो है, ऐसे में इस रेट पर बेचने से उन्हें नुकसान होगा.
महाराष्ट्र प्याज उत्पादक संघ के अध्यक्ष भारत दिघोले ने कहा कि सरकार की यह कीमत किसानों के साथ मजाक है. उन्होंने मांग की कि खरीद दर कम से कम 25 से 30 रुपये प्रति किलो होनी चाहिए. उन्होंने कहा, "अगर मार्केट (APMC) में कीमतें पहले से ही ज्यादा हैं, तो किसान सरकारी एजेंसियों को कम दाम पर बेचना पसंद नहीं करेंगे. राज्य सरकार को केंद्र के सामने यह मुद्दा उठाना चाहिए और खरीद की कीमतें कम से कम 25-30 रुपये प्रति किलो तक बढ़ाने की मांग करनी चाहिए."
किसानों ने खरीद की प्रक्रिया को लेकर भी चिंता जताई है और ज्यादा पारदर्शिता की मांग की है. प्याज उगाने वाले किसान निवृत्ति न्याहरकर ने कहा कि गड़बड़ियों को खत्म करने के लिए APMC के अंदर खुली नीलामी के जरिए खरीद होनी चाहिए. उन्होंने कहा, "APMC के बाहर की खरीद में अक्सर पारदर्शिता की कमी होती है. APMC के अंदर किसानों से सीधे खरीद करने से सही तरीके से काम होगा और बेहतर कीमत तय हो पाएगी."
किसानों का यह भी कहना है कि नाशिक के APMC मंडियों में अभी A और B ग्रेड प्याज की कीमत 18 से 25 रुपये प्रति किलो तक मिल रही है. ऐसे में वे सरकारी एजेंसियों को कम दाम पर क्यों बेचें. किसानों का कहना है कि खरीद सीधे APMC मंडियों के अंदर नीलामी के जरिए होनी चाहिए, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो और उचित कीमत मिल सके. कम कीमत और प्रक्रिया को लेकर असंतोष के कारण NAFED को अब सिर्फ 15 दिनों में अपना लक्ष्य पूरा करने की बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है.
APMC मंडियों में इस समय प्याज की कीमतें सरकारी खरीद दर से ज्यादा चल रही हैं. नाशिक जिले की APMC मंडियों में
यही कारण है कि किसान NAFED को 16.50 रुपये प्रति किलो के कम रेट पर प्याज बेचने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं, क्योंकि उन्हें खुली मंडी में ज्यादा कीमत मिल रही है.
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