ओडिशा के ढेंकानाल जिले के किसानों ने पहली बार ताज़ी स्ट्रॉबेरी लंदन भेजकर इतिहास रच दिया है. इस निर्यात से किसानों को स्थानीय बाज़ार की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत अधिक कीमत मिली है, जिससे उनकी आमदनी बढ़ी है.
Wheat Mandi Rate: 28 जनवरी को गेहूं मंडियों में मिला-जुला रुख दिखा. कई बड़ी मंडियों में दाम एमएसपी से 150-190 रुपये तक ऊपर रहे, वहीं कुछ स्थानों पर भाव एमएसपी के आसपास या नीचे टिके रहे, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव साफ नजर आया.
Onion Mandi Rate: जनवरी में प्याज की कीमतों ने दिसंबर के मुकाबले थोड़ी मजबूती दिखाई, मगर पिछले साल के स्तर से दाम अब भी नीचे हैं. ताजा मंडी रेट में कहीं भारी दबाव देखने को मिल रहा है तो कहीं लागत के अनुकूल भाव दिखाई दे रहे हैं.
अकोला जिले में कपास के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं. बाजार में कम आवक और अंतरराष्ट्रीय मांग के चलते कपास का भाव 8,500 रुपये प्रतिक्विंटल तक पहुंच गया है. जानें तेजी के कारण और किसानों के लिए क्या है सही बिक्री समय.
Wheat Export Ban: भारत में हर साल रिकॉर्ड गेहूं का उत्पादन हो रहा है. लेकिन बावजूद इसके मई 2022 से इसके एक्सपोर्ट पर बैन लगा हुआ है. सरकार अनाज भंडार भरे होने के बाद भी एक्सपोर्ट को मंजूरी नहीं दे रही है, जिससे किसानों को सीधे तौर पर घाटा हो रहा है. पढ़िए पूरी रिपोर्ट...
गेहूं बाजार में किसानों की चिंता बढ़ती दिख रही है. जनवरी 2026 में कई राज्यों में थोक भाव नए MSP 2,585 रुपये से नीचे या आसपास पहुंच गए हैं. पिछले साल के मुकाबले कमजोर दाम और रिकॉर्ड उत्पादन का अनुमान आगे और दबाव का संकेत दे रहा है.
CAI के नए आंकड़ों ने कपास बाजार की दिशा पर नई बहस छेड़ दी है. 2025-26 में उत्पादन अनुमान बढ़ा है और आयात भी रिकॉर्ड स्तर पर रहने के संकेत हैं. वहीं, खपत और निर्यात में गिरावट की बात कही जा रही है.
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