Onion Mandi Rate: जनवरी में प्याज की कीमतों ने दिसंबर के मुकाबले थोड़ी मजबूती दिखाई, मगर पिछले साल के स्तर से दाम अब भी नीचे हैं. ताजा मंडी रेट में कहीं भारी दबाव देखने को मिल रहा है तो कहीं लागत के अनुकूल भाव दिखाई दे रहे हैं.
अकोला जिले में कपास के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं. बाजार में कम आवक और अंतरराष्ट्रीय मांग के चलते कपास का भाव 8,500 रुपये प्रतिक्विंटल तक पहुंच गया है. जानें तेजी के कारण और किसानों के लिए क्या है सही बिक्री समय.
Wheat Export Ban: भारत में हर साल रिकॉर्ड गेहूं का उत्पादन हो रहा है. लेकिन बावजूद इसके मई 2022 से इसके एक्सपोर्ट पर बैन लगा हुआ है. सरकार अनाज भंडार भरे होने के बाद भी एक्सपोर्ट को मंजूरी नहीं दे रही है, जिससे किसानों को सीधे तौर पर घाटा हो रहा है. पढ़िए पूरी रिपोर्ट...
गेहूं बाजार में किसानों की चिंता बढ़ती दिख रही है. जनवरी 2026 में कई राज्यों में थोक भाव नए MSP 2,585 रुपये से नीचे या आसपास पहुंच गए हैं. पिछले साल के मुकाबले कमजोर दाम और रिकॉर्ड उत्पादन का अनुमान आगे और दबाव का संकेत दे रहा है.
CAI के नए आंकड़ों ने कपास बाजार की दिशा पर नई बहस छेड़ दी है. 2025-26 में उत्पादन अनुमान बढ़ा है और आयात भी रिकॉर्ड स्तर पर रहने के संकेत हैं. वहीं, खपत और निर्यात में गिरावट की बात कही जा रही है.
कई महीनों की गिरावट के बाद लहसुन के थोक दामों में हल्की रिकवरी जरूर दिख रही है, लेकिन किसानों को अब भी राहत नहीं मिली है. प्रमुख उत्पादक राज्यों में भाव पिछले साल से काफी नीचे हैं. आगे कीमतें टिकेंगी या नहीं, पढ़ें रिपोर्ट...
ईरान में जारी उथल-पुथल और व्यापार बाधाओं के चलते भारत में बासमती चावल की कीमतों में गिरावट आई है. निर्यात जोखिम बढ़ने से आने वाले हफ्तों में दाम और टूट सकते हैं.
खोपरा की कीमतों में मजबूती के कारण नारियल तेल के दाम ऊंचे बने हुए हैं. MSP में बढ़ोतरी, वैश्विक उत्पादन में कमी और निर्यात मांग ने छोटे व्यापारियों और मिल मालिकों की चिंता बढ़ा दी है.
सरकार ने किसानों और चावल निर्यातकों के लिए एक अच्छा फैसला लिया है. चावल निर्यातकों के लिए मंडी फीस में छूट को एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है, जिसका मकसद राज्य में चावल निर्यात को बढ़ावा देना है.
पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार पर किसानों को "धोखा देने" का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा है कि राज्य के किसानों को सरकारी मंडियों में अपना धान बेचने के लिए सर्दियों में खुले आसमान के नीचे रातें बिताने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.
Soyabean Mandi Bhav: देशभर में किसानों को एक बार फिर एमएसपी से नीचे सोयाबीन बेचनी पड़ रही है. ज्यादातर राज्यों में कीमतें एमएसपी से काफी नीचे हैं. जानिए नवंबर और दिसंबर 2025 में किसानों को सोयाबीन का क्या भाव और अब जनवरी में क्या हाल है...
इस वर्ष भी पिछले साल की तरह आलू की अच्छी उपज होने की संभावना है. उत्पादन में बढ़ोतरी के कारण इस राज्य से देश के अन्य राज्यों के साथ-साथ विदेशों में भी आलू की आपूर्ति की जाती है. वहीं, इसको लेकर सूचना और जनसंपर्क विभाग द्वारा किसानों को सलाह दी गई है.
Maize Price: पिछले साल सुस्ती के बाद मक्का निर्यात में वापसी के संकेत मिले हैं. उत्पादन बढ़ने और कीमतें अनुकूल होने से विदेशी मांग सुधरी है. अप्रैल-अक्टूबर में शिपमेंट 20 प्रतिशत बढ़ा है.
मक्का के बढ़ते उत्पादन और सरकारी दावों के बावजूद किसानों को सही दाम नहीं मिल पा रहा है. MSP 2400 रुपये होने के बाद भी बाजार भाव 2100 रुपये के आसपास अटके हैं. सालाना आधार पर 10 से 35 प्रतिशत तक गिरावट ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है.
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