Paddy Price: देश की ज्यादातर मंडियों में नई धान की आवक शुरू होने के बाद भाव में नरमी आई है. एगमार्कनेट पोर्टल के अनुसार, एक महीने में थोक भाव 2,999.89 से घटकर 2,622.42 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गया है. राष्ट्रीय औसत भाव अब भी एमएसपी (2,441 और 2,461 रुपये) से ऊपर है, लेकिन मंडियों में और गिरावट दिख रही है.
भारत में आवश्यक कृषि उत्पादों की साप्ताहिक खुदरा कीमतों का मिलाजुला रुख है. जानें प्याज, टमाटर, चावल, दाल और खाद्य तेलों के दाम में कितना उतार-चढ़ाव आया है.
देश की मंडियों में तिलहन फसलों के दामों में जोरदार तेजी दर्ज की गई है. सरसों का भाव MSP से 1,700 रुपये से ज्यादा ऊपर पहुंचा, वहीं तिल और सोयाबीन के दामों ने भी आसमान छुआ है. देखें 20 अक्टूबर 2026 की विस्तृत मंडी समीक्षा रिपोर्ट.
महाराष्ट्र के जालना में स्वाभिमानी किसान संगठन ने गन्ने का अंतिम भाव 5 हजार रुपये प्रति टन करने की मांग को लेकर धुले-सोलापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रास्ता रोको आंदोलन किया. संगठन ने सूखे गन्ने की पहले कटाई और किसानों के भुगतान से कोई कटौती नहीं करने की मांग भी उठाई. आंदोलन के कारण हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं.
शिवपुरी जिले के सुमेला गांव में तेज बारिश और पानी के बहाव से किसान रंजीत यादव की करीब 70 क्विंटल मक्का बहकर नाले में चली गई. इस घटना से किसान को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है. ग्रामीणों की मदद से शेष मक्का को बचाया गया, लेकिन बारिश ने किसानों की अच्छी आमदनी की उम्मीदों को झटका दे दिया.
कर्नाटक के रायचूर में भीषण गर्मी और कम बारिश के कारण नारियल पानी की कीमतें बढ़कर 80 रुपये प्रति नग तक पहुंच गई हैं. छोटे नारियल 50-60 रुपये और मध्यम आकार के नारियल 70-80 रुपये में बिक रहे हैं. आपूर्ति घटने और मांग बनी रहने से आम उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ बढ़ गया है.
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने गन्ना किसानों की समस्याओं और राज्य में सूखे की स्थिति पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का समय मांगा है. किसान गन्ने का भाव 5,500 रुपये प्रति टन करने, चीनी की न्यूनतम बिक्री कीमत 60 रुपये प्रति किलो करने और एथेनॉल की कीमतों में बदलाव की मांग कर रहे हैं. सरकार किसानों की समस्याओं का समाधान निकालने की कोशिश में जुटी है.
देशभर में धान की थोक कीमतों में तेजी देखी जा रही है. 9 से 15 अक्टूबर 2026 के दौरान कर्नाटक में धान का औसत भाव ₹5,418.14 प्रति क्विंटल पहुंच गया, जबकि राजस्थान में ₹3,554.81 और मध्य प्रदेश में ₹3,450.16 रहा. अखिल भारतीय औसत भाव ₹2,791.72 प्रति क्विंटल दर्ज किया गया, जो पिछले साल की समान अवधि से करीब 19.2% अधिक है.
मंडियों में बासमती धान की आवक शुरू होते ही किसानों को पिछले साल के मुकाबले बेहतर कीमत मिल रही है. आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर 2026 में बासमती धान का औसत थोक भाव पिछले साल की तुलना में करीब 34.5% बढ़कर 3,810 रुपये प्रति क्विंटल से ज्यादा हो गया है.
हरियाणा की पुनहाना अनाज मंडी में हल्की बारिश के बाद जलभराव से किसान और आढ़ती परेशान हैं. जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से दुकानों के सामने पानी जमा हो रहा है, वहीं खुले में रखा अनाज भी भीग गया है.
राजस्थान की अलवर मंडी में कपास के भाव 8,700 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं, लेकिन इसके बावजूद किसान इसकी खेती से दूरी बना रहे हैं. आखिर अच्छे भाव मिलने के बाद भी किसान कपास की खेती में दिलचस्पी क्यों नहीं दिखा रहे हैं? जानिए इसकी वजह.
हरियाणा के करनाल में बेमौसम बारिश से धान किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. खेतों में तैयार फसल भीगने से धान में नमी बढ़ गई है. मंडियों में खरीद में देरी, सुखाने की जगह की कमी और राइस मिलर्स की कम मौजूदगी से किसान परेशान हैं. किसान सरकार से धान खरीद में राहत और उचित व्यवस्था करने की मांग कर रहे हैं.
पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब में तेज हवा, बारिश और ओलावृष्टि से हजारों एकड़ में धान की फसल प्रभावित हुई है. मुक्तसर अनाज मंडी में कई दिनों से किसान धान बेचने का इंतजार कर रहे हैं. खुले आसमान के नीचे रखी फसल पर बारिश का खतरा बना हुआ है. किसान फसल नुकसान के मुआवजे और सरकारी मदद का इंतजार कर रहे हैं.
देश के कई हिस्सों में अचानक हुई बारिश से किसानों को नुकसान हुआ है. पंजाब के अमृतसर और दिल्ली के नरेला की अनाज मंडियों में खुले में रखा अनाज भीग गया. किसानों ने मंडियों में पर्याप्त शेड की व्यवस्था करने और बारिश से खराब हुई फसल के लिए मुआवजे की मांग की है.
मध्य प्रदेश की प्रमुख कपास मंडियों में किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 8,267 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक भाव मिल रहे हैं. बुरहानपुर और खरगोन की मंडियों में कपास का मॉडल भाव 8,700 से 9,150 रुपये प्रति क्विंटल के बीच दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम भाव 9,500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया.
महाराष्ट्र के नासिक जिले की प्रमुख प्याज मंडियों में कीमतें मजबूत बनी हुई हैं. लासलगांव एपीएमसी में दो दिनों के भीतर प्याज का औसत थोक भाव 18 फीसदी बढ़कर 4,400 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया है. वहीं पिंपलगांव बसवंत मंडी में मॉडल भाव 4,400 रुपये और अधिकतम भाव 5,690 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया.
पश्चिम बंगाल सरकार मालदा को भारत की आम राजधानी बनाने की तैयारी कर रही है. इसके लिए पांच महीने की कार्ययोजना बनाई गई है, जिसके तहत आम का निर्यात बढ़ाने, किसानों की मदद, कोल्ड स्टोरेज और पैकेजिंग सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा. साथ ही, लंगड़ा, मल्लिका और आम्रपाली आम को जीआई टैग दिलाने की कोशिश भी की जा रही है.
राजस्थान के अलवर मंडी में खरीफ सीजन की प्रमुख फसल बाजरे की बंपर आवक शुरू हो गई है. मंडी में बाजरे के भाव 2600 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच रहे हैं. सीमावर्ती क्षेत्रों के कई किसान बेहतर दाम मिलने के कारण अपनी उपज हरियाणा की मंडियों में बेच रहे हैं. मुर्गी पालन उद्योग में बढ़ती मांग के चलते अलवर से बाजरे की सप्लाई देश के विभिन्न राज्यों तक की जा रही है.
कपास के दामों में तेज उछाल देखने को मिल रहा है. नई फसल की कम आवक और कम बारिश के कारण उत्पादन घटने की आशंका के बीच कपास की कीमतें एक सप्ताह में 3,000 से 4,000 रुपये प्रति कैंडी बढ़कर करीब 68,000 रुपये तक पहुंच गई हैं. बेहतर दामों की उम्मीद में किसान फिलहाल अपनी उपज बेचने की जल्दबाजी नहीं कर रहे हैं. वहीं, कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) ने भी 2025-26 सीजन के लिए अपनी नीलामी कीमतों में 500 रुपये प्रति कैंडी की बढ़ोतरी की है.
देशभर में प्याज की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है. खरीफ प्याज की नई फसल की आवक बढ़ने और सरकार की ओर से बफर स्टॉक से आपूर्ति जारी रहने से बाजार में उपलब्धता बेहतर हुई है. महाराष्ट्र की मंडियों में कीमतें करीब 13 फीसदी घटी हैं, जबकि 126 शहरों में खुदरा कीमतों में 1 से 21 रुपये प्रति किलो तक की गिरावट आई है.
हरियाणा के अंबाला, करनाल और रोहतक समेत कई इलाकों में बेमौसम बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई है. मंडियों में धान की बोरियां भीग गई हैं, जबकि खेतों में खड़ी फसल को भी नुकसान का डर है. किसानों ने जलभराव पर सवाल उठाए हैं. वहीं, कृषि मंत्री और मंडी अधिकारियों ने किसानों को मदद का भरोसा दिया है और जल्द समाधान का आश्वासन भी दिया है.
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