हरियाणा सरकार द्वारा राज्य में गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होने की तारीख की घोषणा कर दी गई है. खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग के एक प्रवक्ता के अनुसार, भारत सरकार के निर्देशों के तहत राज्य में कुल 416 मंडियां और खरीद केंद्र बनाए गए हैं.
अल नीनो के अनुमान और वैश्विक सप्लाई जोखिमों के बीच सरकार अरहर और उड़द के ड्यूटी फ्री आयात की समय सीमा बढ़ाने पर विचार कर रही है. घरेलू उत्पादन में गिरावट और महंगाई के खतरे को देखते हुए कारोबारियों को उम्मीद है कि आयात नीति में जल्द विस्तार किया जाएगा.
मध्य प्रदेश के गुना की नानाखेड़ी कृषि उपज मंडी में फसल बेचने आए किसान का रोते हुए वीडियो वायरल हो गया. किसान बेटी की शादी के लिए पैसे की गुहार लगाता रहा, लेकिन मंडी में नीलामी विवाद और इंस्पेक्टर की कथित शराबखोरी से हंगामा मच गया. मामला सामने आने के बाद मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक कुमार पुरुषोत्तम (IAS) ने आरोपी कर्मचारी को निलंबित करने के आदेश दिए.
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और समुद्री मार्गों में बाधा के कारण नासिक से भेजे गए अंगूर और केले के कई कंटेनर पोर्ट पर फंस गए हैं या वापस लौट आए हैं. शिपिंग कंपनियों के वॉर रिस्क सरचार्ज और एक्सपोर्ट रुकने से किसानों और एक्सपोर्टरों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है. इससे फलों की कीमतों और व्यापार पर भी असर पड़ा है.
महाराष्ट्र सरकार ने नासिक और अहमदनगर से मॉरीशस को 1 लाख टन से अधिक प्याज निर्यात की योजना बनाई है, लेकिन किसानों ने इसे बेअसर बताते हुए नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि कम कीमत, निर्यात नीति और वैश्विक हालात के कारण प्याज उत्पादकों को लगातार नुकसान झेलना पड़ रहा है.
मिडिल ईस्ट में जारी अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध का असर अब भारत के कृषि बाजार पर भी दिखाई देने लगा है. निर्यात प्रभावित होने से बासमती चावल और प्याज की कीमतों में गिरावट आई है. खाड़ी देशों में मांग कम होने से माल बंदरगाहों पर अटक रहा है, जिससे किसानों को कम दाम मिल रहे हैं और उनकी आय पर सीधा असर पड़ रहा है.
Potato Mandi Rate: देश की मंडियों में आलू के दाम लगातार गिर रहे हैं और पांच महीनों में औसत कीमत करीब 37% तक लुढ़क गई है. इस मुद्दे पर अब सियासत भी तेज हो गई है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया है.
Banana Export: मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के केला उत्पादक किसान इस समय खाड़ी देश में युद्ध संकट से उपजे हालात की मार झेल रहे हैं. ईरान-इजरायल युद्ध और खाड़ी देशों में बढ़े तनाव के कारण निर्यात लगभग ठप पड़ गया है. किसानों को रमजान में मांग बढ़ने की उम्मीद थी, लेकिन बाजार सुस्त है और किसानों को केले के बेहद कम दाम मिल रहे हैं.
देशभर की मंडियों में गेहूं के भाव लगातार नरम पड़ रहे हैं और मार्च के पहले हफ्ते में ही औसत कीमत में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. कई राज्यों में बाजार भाव एमएसपी के आसपास या उससे नीचे पहुंच गए हैं, जबकि नई फसल की आवक भी शुरू होने वाली है. ऐसे में किसानों की चिंता बढ़ती दिख रही है.
Mustard Procurement: सरसों की फसल मंडियों में पहुंच चुकी है लेकिन सरकारी खरीद अब तक शुरू नहीं हुई है. किसान महापंचायत के अध्यक्ष रामपाल जाट ने इस देरी को किसानों के साथ अन्याय बताते हुए एमएसपी की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं. पढ़ें पूरी खबर...
Wheat Mandi Rate: देश में रिकॉर्ड उत्पादन के अनुमान और उपलब्धता के चले गेहूं के दाम फिसलते दिख रहे हैं. कई राज्यों में भाव MSP 2425 रुपये से नीचे चल रहे हैं. होली के दिन यूपी-राजस्थान में आवक सुस्त रही, पर मध्य प्रदेश और गुजरात में मंडियां अपेक्षाकृत सक्रिय रहीं. देखें गेहूं का ताजा मंडी भाव...
सोलापुर APMC में प्याज के घटते दामों से किसानों में नाराजगी फैल गई. स्वाभिमानी शेतकरी संघटना ने ‘बोंबाबोंब’ आंदोलन कर नीलामी प्रक्रिया को रोका और प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया. किसान मांग कर रहे हैं प्याज का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹4,500 प्रति क्विंटल, ₹3,000 का अनुदान और नीलामी में पारदर्शिता, ताकि उन्हें उचित मूल्य मिले.
खाड़ी संकट के कारण भारत में पिस्ता, अंजीर और किशमिश की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है. ईरान और अफगानिस्तान से सप्लाई प्रभावित होने से बाजार में अनिश्चितता बढ़ी है. हालांकि अखरोट के पर्याप्त स्टॉक के चलते इसकी कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं. आने वाले दिनों में सूखे मेवों के दाम और बढ़ सकते हैं.
अमरावती और अकोला में कपास संकट गहराता जा रहा है. एमएसपी से नीचे बाजार भाव और सीसीआई खरीदी केंद्र बंद होने से 7 हजार से अधिक किसान कपास बेचने के इंतजार में फंस गए हैं. खरीदी अवधि बढ़ाने की मांग तेज हो गई है.
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