धौलपुर जिले की कृषि मंडी में हालात काफी खराब हो गए हैं. यहां किसानों को अपनी फसल बेचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इससे नाराज होकर किसानों ने मंडी प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया.
Pulses Price: देशभर में 1 से 19 मार्च के बीच बड़ी संख्या में मंडियों में चना, तुअर, मूंग और अन्य दालों के दाम MSP से नीचे दर्ज किए गए. कुछ चुनिंदा बाजारों को छोड़ दें तो किसानों को घोषित समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिल पाया, जिससे उनकी आय पर सीधा असर पड़ रहा है.
महाराष्ट्र की लासलगांव मंडी में रबी प्याज के दाम 1300 रुपये प्रति क्विंटल से ऊपर बने हुए हैं, जबकि खरीफ प्याज के भाव गिरकर 900 रुपये तक पहुंच गए हैं. उत्पादन लागत 1800 रुपये होने से किसान नुकसान में हैं और सरकार से सहायता की मांग कर रहे हैं.
ईरान–इजराइल संघर्ष का असर भारत के प्याज बाजार पर साफ दिख रहा है. LPG सप्लाई बाधित होने से होटल और रेस्टोरेंट बंद हो रहे हैं, जिसके कारण प्याज की खपत तेजी से घटी है. इस वजह से कर्नाटक में प्याज के दाम गिरकर 6–12 रुपये प्रति किलो रह गए हैं और किसान लागत मूल्य भी नहीं निकाल पा रहे. बढ़ी सप्लाई, महंगी बोरियां और नासिक की तुलना में कम कीमत मिलने से किसानों की परेशानी और बढ़ गई है. किसान सरकार से MSP और तत्काल खरीद जैसे राहत उपायों की मांग कर रहे हैं.
ईरान संकट के चलते भारत में सेब आयात रुक गया है, जिससे बाजार में सप्लाई घट गई है और कश्मीर के सेबों को बेहतर दाम मिलने लगे हैं. मौजूदा समय में घाटी के सेब ऊंचे भाव पर बिक रहे हैं और किसानों को राहत मिल रही है.
हैदराबाद में BRS ने मक्का किसानों के समर्थन में प्रदर्शन कर सरकार पर लापरवाही के आरोप लगाए. नेताओं ने कहा कि MSP न मिलने और खरीद व्यवस्था न होने से किसान मजबूरी में सस्ते दाम पर फसल बेच रहे हैं, इसलिए सब्सिडी, मुआवजा और सरकारी खरीद तुरंत शुरू की जाए.
महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में केले उगाने वाले किसान इस समय बहुत ही कठिन स्थिति में हैं. किसान दिग्गविजय मोरे बताते हैं कि पहले उन्हें एक किलो केले का 20 से 25 रुपये में मिलता था. लेकिन अब, युद्ध और अंतरराष्ट्रीय संकटों के कारण, उन्हें प्रति किलोग्राम केवल 5 से 9 रुपये मिल रहे हैं. यह सीधे किसानों की मेहनत पर चोट है. उन्होंने 6 एकड़ में खेती की थी और 10 लाख रुपये खर्च किए थे.
खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव का असर अब महाराष्ट्र के जालना जिले के तरबूज उत्पादक किसानों पर साफ दिखाई दे रहा है. ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच युद्ध जैसी स्थिति के कारण खाड़ी देशों में निर्यात पूरी तरह प्रभावित हुआ है. रमज़ान में बढ़ी उम्मीदों के बावजूद किसानों को केवल 7 रुपये प्रति किलो के आसपास भाव मिल रहे हैं. उत्पादन लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है. स्थानीय मंडियों में तरबूज की आवक बढ़ने से कीमतें और गिरी हैं. किसान सरकार से राहत और बाजार समर्थन की मांग कर रहे हैं.
हरियाणा सरकार द्वारा राज्य में गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होने की तारीख की घोषणा कर दी गई है. खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग के एक प्रवक्ता के अनुसार, भारत सरकार के निर्देशों के तहत राज्य में कुल 416 मंडियां और खरीद केंद्र बनाए गए हैं.
अल नीनो के अनुमान और वैश्विक सप्लाई जोखिमों के बीच सरकार अरहर और उड़द के ड्यूटी फ्री आयात की समय सीमा बढ़ाने पर विचार कर रही है. घरेलू उत्पादन में गिरावट और महंगाई के खतरे को देखते हुए कारोबारियों को उम्मीद है कि आयात नीति में जल्द विस्तार किया जाएगा.
मध्य प्रदेश के गुना की नानाखेड़ी कृषि उपज मंडी में फसल बेचने आए किसान का रोते हुए वीडियो वायरल हो गया. किसान बेटी की शादी के लिए पैसे की गुहार लगाता रहा, लेकिन मंडी में नीलामी विवाद और इंस्पेक्टर की कथित शराबखोरी से हंगामा मच गया. मामला सामने आने के बाद मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक कुमार पुरुषोत्तम (IAS) ने आरोपी कर्मचारी को निलंबित करने के आदेश दिए.
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और समुद्री मार्गों में बाधा के कारण नासिक से भेजे गए अंगूर और केले के कई कंटेनर पोर्ट पर फंस गए हैं या वापस लौट आए हैं. शिपिंग कंपनियों के वॉर रिस्क सरचार्ज और एक्सपोर्ट रुकने से किसानों और एक्सपोर्टरों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है. इससे फलों की कीमतों और व्यापार पर भी असर पड़ा है.
महाराष्ट्र सरकार ने नासिक और अहमदनगर से मॉरीशस को 1 लाख टन से अधिक प्याज निर्यात की योजना बनाई है, लेकिन किसानों ने इसे बेअसर बताते हुए नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि कम कीमत, निर्यात नीति और वैश्विक हालात के कारण प्याज उत्पादकों को लगातार नुकसान झेलना पड़ रहा है.
मिडिल ईस्ट में जारी अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध का असर अब भारत के कृषि बाजार पर भी दिखाई देने लगा है. निर्यात प्रभावित होने से बासमती चावल और प्याज की कीमतों में गिरावट आई है. खाड़ी देशों में मांग कम होने से माल बंदरगाहों पर अटक रहा है, जिससे किसानों को कम दाम मिल रहे हैं और उनकी आय पर सीधा असर पड़ रहा है.
Potato Mandi Rate: देश की मंडियों में आलू के दाम लगातार गिर रहे हैं और पांच महीनों में औसत कीमत करीब 37% तक लुढ़क गई है. इस मुद्दे पर अब सियासत भी तेज हो गई है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया है.
Banana Export: मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के केला उत्पादक किसान इस समय खाड़ी देश में युद्ध संकट से उपजे हालात की मार झेल रहे हैं. ईरान-इजरायल युद्ध और खाड़ी देशों में बढ़े तनाव के कारण निर्यात लगभग ठप पड़ गया है. किसानों को रमजान में मांग बढ़ने की उम्मीद थी, लेकिन बाजार सुस्त है और किसानों को केले के बेहद कम दाम मिल रहे हैं.
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