भारतीय प्याज निर्यात पर इस साल दोहरा दबाव दिख रहा है. बांग्लादेश और सऊदी अरब जैसे पारंपरिक खरीदार पीछे हट गए हैं, वहीं पाकिस्तान की सस्ती कीमतों ने मुकाबला कड़ा कर दिया है. रबी सीजन से पहले बाजार के संकेत क्या कहते हैं, पढ़ें पूरी रिपोर्ट...
Potato Seed Farmers Crisis: पंजाब के दोआबा क्षेत्र में एक बार फिर बीज आलू किसानों पर संकट मंडरा रहा है. भारी उत्पादन के बावजूद दाम गिरने से किसान लागत भी नहीं निकाल पा रहे हैं. जब देश में बीज की जरूरत स्थिर है तो हर कुछ साल में यह संकट क्यों लौट आता है?
ओडिशा सरकार ने डिस्ट्रिक्ट कलेक्टरों को किसानों को दिए गए टोकन की वैलिडिटी 15 दिन बढ़ाने की इजाज़त दी है. सरकार ने यह कदम ओडिशा में धान खरीद में मिसमैनेजमेंट को लेकर राज्य भर में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद उठाया है.
भारतीय कस्टम अधिकारियों ने 46 कंटेनर चीनी अखरोट जब्त किए, जिन्हें कुछ व्यापारी अफगानिस्तान का बताकर देश में लाए थे. जांच में ₹50 करोड़ की ड्यूटी चोरी का खुलासा हुआ. कस्टम ने सख्त कार्रवाई की और बताया कि गलत तरीके से आयात किए गए अखरोट पर 100% ड्यूटी लागू है, ताकि घरेलू उत्पादकों और सही व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.
केंद्र सरकार ने प्याज पर मिलने वाले RoDTEP एक्सपोर्ट कंसेशन को 50% घटा दिया है. इसके बाद भारतीय प्याज अंतरराष्ट्रीय बाजार में कम प्रतिस्पर्धी हो जाएगा और किसानों को भारी नुकसान की आशंका है. विशेषज्ञों का कहना है कि निर्यात घटने से देशभर में प्याज की कीमतें और टूट सकती हैं, जबकि किसानों को पहले से ही उत्पादन लागत से कम दाम मिल रहे हैं.
छत्तीसगढ़ में धान गायब होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. दरअसल, धान खरीद केंद्र से लगभग 900 बोरी धान गायब होने की खबर सामने आई है, जिसके बाद प्रशासन जांच में जुट गई है कि आखिर पूरा मामला क्या है.
देशभर की मंडियों में आलू के भाव अचानक लुढ़क गए हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है. कई इलाकों में किसानों को लागत से भी कम दाम मिल रहे हैं. हालात ऐसे बन गए हैं कि फसल निकालना घाटे का सौदा साबित हो रहा है.
कोच्चि चाय नीलामी में इस हफ्ते दाम सख्त बने रहे. सीमित आपूर्ति के बीच मजबूत मांग ने बाजार को सहारा दिया. ऑर्थोडॉक्स चाय में बढ़त और CTC डस्ट में स्थिरता देखी गई. CIS और मिडिल ईस्ट के खरीदारों की वापसी से बाजार का भरोसा बढ़ा है.
तमिलनाडु और कर्नाटक से भारी आवक के कारण तिरुचि में छोटे प्याज (शलोट) की कीमतें गिरकर 10–25 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई हैं. थोक बाजार में 300 टन प्याज की रोजाना सप्लाई हो रही है, जबकि जरूरत सिर्फ 200 टन की थी. दाम गिरने से जहां खरीदारों को फायदा हो रहा है, वहीं किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है. व्यापारियों के अनुसार यह मंदी दो महीने और जारी रह सकती है.
करनाल में बड़ा फर्जी धान गेट पास घोटाला सामने आया है. इसमें पूर्व अधिकारी समेत करीब अधिकारी कर्मचारियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार है. मामले में पुलिस की अलग-अलग एसआईटी की टीमें जांच कर रही हैं.
महाराष्ट्र में बड़ी मात्रा में कपास अब भी किसानों के पास है और खरीद बंद होने का खतरा बढ़ रहा है. इसी बीच मुख्यमंत्री ने केंद्र से CCI खरीद अवधि बढ़ाने की मांग कर किसानों को राहत देने का प्रयास किया है.
Potato Mandi Price: फरवरी में आलू के दामों में तेज गिरावट से किसानों की चिंता बढ़ गई है. उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल की मंडियों में बंपर फसल के अनुमान के चलते आवक लगातार बढ़ रही है. कई जगहों पर भाव लागत से नीचे चले गए हैं. जानिए किन मंडियों में कितना भाव और कहां सबसे ज्यादा आवक रही...
पश्चिम बंगाल में 2025-26 में आलू उत्पादन 140-150 लाख टन तक पहुंचने का अनुमान है. मौसम अनुकूल रहने से रिकॉर्ड पैदावार की उम्मीद है, लेकिन सीमित कोल्ड स्टोरेज क्षमता के चलते भंडारण संकट और किसानों पर दबाव बढ़ सकता है.
Wheat Mandi Rate: रिकॉर्ड बुवाई और मार्च-अप्रैल से नई आवक की तैयारी के बीच गेहूं के भाव दबाव में हैं. सरकार ने स्टॉक लिमिट हटाई, निर्यात को मंजूरी दी, लेकिन फिर भी बाजार में सुस्ती बनी है. पढ़ें पूरी खबर...
देश की प्रमुख मंडियों में चना की नई फसल की आवक तेज हो गई है, लेकिन बाजार में मांग कमजोर बनी हुई है. इसी कारण चना के दाम लगातार फिसलते नजर आ रहे हैं. कई राज्यों में भाव MSP से नीचे पहुंच चुके हैं.
NABARD और NCDEX की मूल्य सुरक्षा योजना किसानों के लिए आमदनी सुरक्षित करने और मुनाफा बढ़ाने का जरिया बन गई है. हल्दी, जीरा और धनिया उगाने वाले किसान अब ऑप्शन्स ट्रेडिंग के जरिए अपने उत्पाद का न्यूनतम मूल्य तय कर सकते हैं. योजना से FPOs का विश्वास बढ़ा और बाजार निर्णय आसान हुए.
खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग के प्रधान सचिव राहुल तिवारी ने बताया कि अगर मंडियों में बने शेडों को आखिरी समय में अस्थायी खुले चबूतरे में भी बदल दिया जाए, तो भी सिर्फ 1.2 से 1.5 लाख टन गेहूं रखने की अतिरिक्त जगह ही बन पाएगी.
देशभर में मक्का किसानों को लगातार कम दाम मिल रहे हैं. फरवरी के दूसरे हफ्ते में थोक भाव और गिरे हैं. कई राज्यों में भारी आवक से बाजार दबाव में है. मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की मंडियों में क्या रहा भाव और कहां सबसे ज्यादा आवक दर्ज हुई, जानिए पूरी रिपोर्ट...
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