महाराष्ट्र में प्याज के दाम को लेकर विवाद तेज हो गया है. केंद्र द्वारा 15 रुपये/kg कीमत तय करने के बाद किसानों ने विरोध तेज कर दिया है, जबकि मुख्यमंत्री फडणवीस ने इसे राजनीतिक बताया है.
पेट्रोल-डीजल के बाद अब खाने के तेल, खासकर सरसों, की कीमतों में तेज उछाल देखा जा रहा है. जमाखोरी और वैश्विक संकट के चलते यह आम लोगों के किचन पर बड़ा असर डाल सकता है.
एमएसपी पर खरीद शुरू होने के बाद भी किसानों को गेहूं के बेहतर दाम नहीं मिल सके. मार्च, अप्रैल और मई 2026 में देश का औसत गेहूं भाव MSP 2585 रुपये प्रति क्विंटल से नीचे रहा. कई बड़े उत्पादक राज्यों में किसानों को निजी मंडियों में कम कीमत पर फसल बेचनी पड़ी.
किसानों का कहना है कि बड़ी मेहनत से तैयार की गई फसल मंडी तक पहुंचने के बाद खराब हो रही है, जबकि सब्जी व्यापारी भी नुकसान झेलने को मजबूर हैं. बढ़ती गर्मी ने किसानों और व्यापारियों दोनों की चिंता बढ़ा दी है.
ईरान संकट से जहां खाद्य तेल महंगे हुए, वहीं भारत में सरसों और अन्य तिलहन किसानों को इसका बड़ा फायदा मिला है. विदेशी तेल की सप्लाई घटने से घरेलू मांग बढ़ी और कीमतें MSP से ऊपर पहुंच गईं.
भारत में सोयामील के निर्यात में भारी गिरावट की आशंका जताई गई है, जिससे सोयाबीन किसानों की आय पर गंभीर असर पड़ सकता है. बढ़ती कीमतों और वैश्विक मुकाबले के कारण निर्यात घटकर आधा रहने का अनुमान है.
मंडी में कटौती को लेकर किसानों के लिए जरूरी अपडेट. MSP खरीद में कई संचालन खर्च खरीद एजेंसी और आढ़तियों के जिम्मे तय किए गए हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में किसान अक्सर पैसे दे देते हैं. गेहूं, धान और दूसरी फसलों पर कौन से चार्ज लागू हैं और किनकी वसूली नियमों के खिलाफ है? यहां जानें...
महाराष्ट्र में प्याज के दाम गिरने से किसान सड़कों पर उतर आए हैं. 1500 रुपये प्रति क्विंटल मुआवजे की मांग के साथ विरोध तेज हो गया है, जबकि सरकार के खरीद मूल्य को किसानों ने खारिज कर दिया है.
महाराष्ट्र में प्याज की कीमतें गिरकर 50-67 पैसे प्रति किलो तक पहुंच गई हैं, जिससे सोलापुर के एक किसान को अपनी खड़ी फसल जलानी पड़ी. इस किसान ने माता-पिता का मन रखने के लिए इंजीनियरिंग छोड़कर खेती शुरू की थी.
महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में प्याज का बेहद कम दाम मिलने से परेशान किसान भगवान साबळे ने अपनी 600 बोरी प्याज में आग लगा दी. किसान को बाजार में प्याज का भाव सिर्फ 1 रुपये किलो मिला. लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी सही कीमत न मिलने से किसानों में भारी नाराज़गी और चिंता का माहौल है.
महाराष्ट्र के नासिक जिले में प्याज की कीमतों में भारी गिरावट के विरोध में किसानों ने नंदगांव APMC के बाहर ट्रैक्टर‑भर प्याज फेंक दिया. किसानों ने APMC को भंग करने, 2,000 रुपये प्रति क्विंटल MSP तय करने और नुकसान के मुआवजे की मांग की है.
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले में एक किसान को प्याज के 25 बोरे बेचने पर सिर्फ 1,262 रुपये मिले, यानी 1 रुपये प्रति किलो. ट्रांसपोर्ट और अन्य कटौतियों के बाद किसान को उल्टा पैसा देने को कहा गया. यह घटना राज्य में गहराते प्याज संकट और किसानों की बदहाली को उजागर करती है.
रायसेन जिले में गेहूं खरीदी केंद्रों पर बारदाने की कमी और अव्यवस्थाओं से नाराज किसानों ने भोपाल-विदिशा मार्ग पर चक्काजाम किया. किसानों ने पानी, छाया और सही तौल जैसी सुविधाओं की कमी का आरोप लगाया. कई गांवों के किसान प्रदर्शन में शामिल हुए और प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की.
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