प्याज के रिकॉर्ड-निचले घरेलू दामों के बावजूद भारत की शिपमेंट्स में तेज गिरावट. बांग्लादेश, सऊदी और अन्य पारंपरिक खरीदार चीन–पाकिस्तान जैसे वैकल्पिक बाजारों की ओर मुड़े. निर्यात रोक नीतियों से खोया भरोसा, भारतीय बीज से पड़ोसी देश हो रहे आत्मनिर्भर.
महाराष्ट्र में सोयाबीन के गिरते दामों ने किसानों की कमर तोड़ दी है. एमएसपी 5328 रुपये होने के बावजूद बाजार में 4000–4400 रुपये प्रति क्विंटल तक भाव मिलने से किसान लागत भी नहीं निकाल पा रहे. खरीद केंद्रों की कमी, बारिश से नुकसान और व्यापारियों की मनमानी के चलते किसान भारी आर्थिक संकट झेल रहे हैं और कई खेती छोड़ने की बात कह रहे हैं.
महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में सोयाबीन की सरकारी खरीद भारी मात्रा में चल रही है, लेकिन नमी बढ़ने और दानों का रंग बदलने के कारण हजारों क्विंटल सोयाबीन वेयरहाउस से रिजेक्ट हो रहा है. सरकारी नियमों के चलते 12% से अधिक नमी वाली उपज स्वीकार नहीं की जा रही, जिससे किसानों में नाराजगी और नुकसान बढ़ रहा है. कई प्रमुख खरीद केंद्र अब भी बंद हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है.
Soyabean Mandi Rates: देशभर में कई कठिनाइयां झेलन के बाद सोयाबीन का उत्पादन किया लेकिन, इसके बाद अब मंडियों में कीमतें चुनौती बन गई हैं. महाराष्ट्र में कई जगह कीमतें MSP से 2300 रुपये तक नीचे पहुंच गईं. चंद्रपुर जैसे बाजारों में 1800 रुपये तक भाव गिरने से किसानों में निराशा बढ़ी है. जानिए ताजा भाव...
दुनिया भर में मशहूर महाराष्ट्र का प्याज इस वक्त किसी काम का नहीं रह गया है. लासलगांव और नासिक जैसी बड़ी मंडियों में दाम 1,100–1,300 रुपये प्रति क्विंटल तक गिर चुके हैं. बारिश, खराब क्वालिटी, बंपर आवक और एक्सपोर्ट बैन ने किसानों की उम्मीदें तोड़ दी हैं.
मप्र सरकार ने इस साल भी गेहूं 2600 रु. क्विंटल एमएसपी पर खरीदने का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि राज्य 15 रु. प्रोत्साहन राशि जोड़ेगा. सोयाबीन भावांतर और धान बोनस भी जारी रहेगा. नागरिक आपूर्ति निगम खरीदी करेगा, जिससे किसानों को राहत मिलेगी.
गुजरात सरकार 24 नवंबर से खरीफ मार्केटिंग सीजन 2025-26 के तहत किसानों से मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) पर सीधे धान, बाजरा, ज्वार, मक्का और रागी खरीदेगी. राजकोट में यह घोषणा करते हुए कृषि मंत्री जीतू वघानी ने कहा कि रजिस्टर्ड किसानों से प्रति हेक्टेयर 1,500 किलोग्राम धान खरीदा जाएगा.
मध्य प्रदेश में बेमौसम बारिश और फसलों के नुकसान के कारण सब्जियों के दाम तेजी से बढ़ गए हैं. भोपाल की मंडियों में टमाटर 80-100 रुपए प्रति किलो और अन्य सब्जियां भी महंगी हो गई हैं. सप्लाई कम और मांग ज्यादा होने से आने वाले दिनों में भी कीमतों में कमी की उम्मीद कम है.
बिहार के किसानों के लिए बड़ी खबर आई है. आपको बता दें कि बिहार के किसान अगले साल फरवरी तक अपना धान बेच सकते हैं. इस बार PACS और व्यापार मंडल किसानों से साधारण धान 2,369 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-A धान 2,389 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद रहे हैं. अब तक 3,165 किसानों से कुल 22,284 मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है.
Uttar Pradesh Paddy Procurment: यूपी में धान और बाजरा खरीद सत्र तेज है. अब तक 70 हजार से अधिक किसानों से 4.12 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया है. वहीं, भुगतान की गति पिछले वर्ष से बेहतर दिख रही है.
Onion Mandi Rate: महाराष्ट्र की कई मंडियों में प्याज 100 रुपये/क्विंटल तक बिक रहा है, जबकि औसत कीमत 800 से 1100 रुपये प्रति क्विंटल चल रही है. किसानों को 1000 रुपये/क्विंटल मिलना मुश्किल हो गया है. जानिए कीमतों का हाल बुरा क्यों बना हुआ है.
मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिले में प्याज़ के भाव पचास पैसे तक गिर जाने से किसान बेहद परेशान हैं. लागत भी न निकल पाने के कारण किसान प्याज़ को खेतों में छोड़ रहे हैं या सड़क पर फेंकने को मजबूर हैं. यह संकट किसानों की आर्थिक स्थिति पर बड़ा असर डाल रहा है.
देशभर की मंडियों में आज के ताजा फसल भाव की जानकारी. सिरसा मंडी में नरमा, कपास और धान के दाम स्थिर रहे, जबकि कुछ मंडियों में हल्का उतार-चढ़ाव देखा गया. किसानों के लिए हर फसल के सही रेट जानने का आसान तरीका.
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