विदर्भ के एकमात्र हिल स्टेशन चिखलदरा में अब खेती की तस्वीर तेजी से बदल रही है. पारंपरिक फसलों को पीछे छोड़ यहां के किसान अब नकदी फसल यानी स्ट्रॉबेरी की खेती की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे किसानों की लाखों की कमाई हो रही है.
उधमपुर जिला इन दिनों “स्ट्रॉबेरी क्रांति” से गुजर रहा है. यहां के युवा अब पारंपरिक खेती छोड़कर स्ट्रॉबेरी जैसी महंगी और ज्यादा कमाई वाली फसल की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं. सरकार की मदद और नई योजनाओं के कारण कई युवा अब खुद का काम शुरू कर रहे हैं.
करनाल के किसान सुरजीत सिंह ने खारी जमीन में गेहूं की सॉल्ट टॉलरेंट वैरायटी KRL‑210 की खेती कर रिकॉर्ड 71 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उपज हासिल की. कम बीज, कम खाद, जीरो टिलेज और पानी की बचत वाली तकनीक से उन्होंने लागत घटाकर अधिक मुनाफा कमाया. आईसीएआर‑सीएसएसआरआई द्वारा विकसित इस किस्म ने खारे खेतों में उपज की नई संभावनाएं खोली हैं.
किसान परिवार की बेटी प्रियांशी सुंडा ने राजस्थान बोर्ड 10वीं परीक्षा में टॉप किया. उन्होंने 600 में से 599 अंक हासिल किए और अंग्रेजी को छोड़ सभी विषयों में शत-प्रतिशत अंक पाए. उनकी मेहनत, नियमित रिवीजन और माता-पिता के मार्गदर्शन ने उन्हें प्रदेश की शान बनाया. प्रियांशी की कहानी छात्रों के लिए प्रेरणा है.
कानपुर देहात के रामशरण वर्मा की किस्मत सुकर पालन से बदल चुकी हैं. कम लागत में बड़ा मुनाफा देने वाला यह बिजनेस अब तेजी से किसानों की आय को दोगुना करने का साधन बन रहा है. आइए जानते हैं इनकी सफलता की कहानी.
बुलंदशहर की रहने वाली कृष्णा यादव की कहानी एक मिसाल है कि कैसे लगन और हौसले से किस्मत बदली जा सकती है. एक वक्त था जब घर की माली हालत इतनी खराब थी कि उन्हें अपना मकान तक बेचना पड़ा. मजबूरी में वे दिल्ली आईं और दूसरों के खेतों में मजदूरी करने लगीं. लेकिन उनके दिल में कुछ बड़ा करने का जज्बा था. महज 500 रुपये से शुरू हुआ उनका सफर आज कई करोड़ों के टर्नओवर तक पहुंच चुका है.
महाराष्ट्र के किसान रवींद्र मेतकर ने 3,000 रुपये से शुरू किए पोल्ट्री व्यवसाय को 15 करोड़ टर्नओवर तक पहुंचाया. अब उन्हें ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में अपने अनुभव साझा करने के लिए आमंत्रित किया गया है—जानिए उनकी प्रेरणादायक सफलता की कहानी.
महाराष्ट्र के अंबाजोगाई के किसान बालासाहेब चोपणे ने मात्र 4 गुंठा जमीन में ऑर्गेनिक पुदीने की खेती कर 5 लाख रुपये से अधिक की कमाई की. जानिए उनकी लो-कॉस्ट, हाई-प्रॉफिट खेती तकनीक और कैसे छोटे किसान भी इससे अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.
Lakhpati Didi Madhuri Janghel: संडी गांव की माधुरी जंघेल ने स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपनी आजीविका को नया रूप दिया. डेयरी, खेती और पशु आहार व्यवसाय के जरिए उनकी सालाना आय 5.50 लाख रुपये तक पहुंच गई है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आया है.
जम्मू-कश्मीर के ऊधमपुर जिले में एक किसान ने 95% सरकारी सब्सिडी पर मिले पॉलीहाउस की मदद से हाइब्रिड ‘राफेल’ टमाटर की खेती शुरू की है. आधुनिक तकनीक से उन्हें बंपर पैदावार मिल रही है और ग्राहक सीधे खेत पर आकर टमाटर खरीद रहे हैं. समग्र कृषि विकास कार्यक्रम के तहत यह बदलाव संभव हुआ है.
Potato Farmer Success Story: पंजाब के फरीदकोट का एक 27 वर्षीय लॉ ग्रेजुएट किसान बैंगनी आलू की खेती से नई मिसाल बना रहा है. सामान्य आलू से अलग इस खास किस्म की फसल से प्रति एकड़ 20 लाख रुपये तक की कमाई हो रही है. अब 45 एकड़ में इसकी खेती कर यह किसान कई दूसरे किसानों के लिए प्रेरणा बन गया है.
Success Story: शिवानी ने बताया कि, एक समय था जब वह निजी क्षेत्र में नौकरी करती थीं लेकिन उनका मन अपना व्यवसाय करने का था. इसके बाद उन्होंने अपने सपनों को व्यावसायिक रूप देने का निर्णय लिया और मधुमक्खी के महज 5 बक्सों से अपने सफर की शुरुआत की.
उत्तर प्रदेश की महिलाएं अब मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के जरिए अपना व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकती हैं. प्रभनूर कौर जैसे उदाहरण दिखाते हैं कि कैसे महिलाओं ने बेकरी व्यवसाय और स्वरोजगार के जरिए सफलता पाई. योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध है.
संतोष चौहान, जिनके हाथ बचपन में कट गए थे, ने पैरों से पढ़ाई करके आंगनवाड़ी सुपरवाइजर का पद संभाला. उनके साहस और मेहनत की कहानी महिला सशक्तिकरण और नारी शक्ति के लिए प्रेरणा है. जानिए कैसे उन्होंने हर मुश्किल को पार किया और बच्चों व महिलाओं के लिए मिसाल बन गई.
जालौन की मंडोरी गांव के रहने वाले अशोक सिंह ने ये साबित कर दिया है कि जैविक विधि से न सिर्फ उत्पादन रासायनिक उर्वरक के मुकाबले ज्यादा होता है बल्कि मिट्टी की सेहत भी अच्छी बनी रहती है.
बुंदेलखंड की सूखी धरती में प्राकृतिक खेती का एक ऐसा मॉडल तैयार करना किसी चुनौती से कम नहीं है. सिंचाई विभाग के रिटायर्ड इंजीनियर ने इसे मूर्त रूप दे डाला. आज उनके इस मॉडल की तारीफ पूरे जनपद में हो रही है.
फिरोजाबाद जनपद के साथी गांव के रहने वाले किसान सचिन राजपूत ने खेती में विविधीकरण का एक शानदार मॉडल पेश किया है. उन्होंने 10 बिस्वा में 27 तरह की फसलें लगाई हैं जिससे उनकी आमदनी में भी इजाफा हुआ है.
Success Story: सलमा की कहानी उत्तर प्रदेश सरकार की उस सोच को साकार करती है जिसमें महिलाओं को परिवर्तन का भागीदार बनाया जा रहा है. सलमा को अपने संघर्ष पर नहीं, अपनी सफलता पर गर्व है. उनकी पहचान अब एक बेरोजगार युवती की नहीं, बल्कि एक सशक्त बैंक सखी और आत्मनिर्भर महिला की है.
पॉलीहाउस में सब्जियों की नर्सरी तैयार करके किसान अच्छी कमाई कर सकता है. फर्रुखाबाद के करमपुर के किसान प्रवीण सैनी ने इस मॉडल को अपना कर आज सब्जियों की नर्सरी से अच्छी कमाई कर रहे हैं.
गन्ने की मिठास सबको पसंद है. वहीं बाजार में बिकने वाले ऑर्गेनिक गुड़ की मांग दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. ऐसे में अब गन्ने की जैविक खेती भी तेजी से बढ़ रही है, जिससे किसानों को अच्छा फायदा हो रहा है. पढ़िए एक ऐसे ही एक किसान की कहानी जिसकी कमाई चार गुना बढ़ गई है...
चंदन की खेती से किसान मालामाल हो रहे हैं. चंदन के पौधे 10 से 12 सालों में तैयार होकर 300000 रुपये तक आसानी से बिक जाते हैं जो कि किसानों के लिए बेहतर आमदनी का एक जरिया बन रहा है.
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