जौनपुर के किसान बृजेश कुमार पटेल ने महज 10 बिस्वा जमीन पर वैज्ञानिक तरीके से सब्जी खेती कर लाखों की आय अर्जित की है. आधुनिक तकनीक और उद्यानिकी खेती अपनाकर उन्होंने यह साबित किया कि छोटी जोत में भी मेहनत और नई सोच से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है.
मध्यप्रदेश का दुर्लभ ‘नूरजहां’ आम इन दिनों फिर चर्चा में है। अपने विशाल आकार, खास मिठास और अनोखी खुशबू के लिए मशहूर यह आम इतना खास है कि फल पेड़ पर लगते ही लोग इसकी एडवांस बुकिंग करा लेते हैं. सीमित उत्पादन वाले इस आम की कीमत बाजार में एक फल के लिए करीब 2500 रुपए तक पहुंच जाती है.
पिता की कैंसर से मौत के बाद गुजरात के किसान कल्पेश पटेल ने रासायनिक खेती छोड़ प्राकृतिक खेती अपनाई. अब वह 50 से ज्यादा किस्म के केले उगाकर सालाना 10 से 12 लाख रुपये तक की कमाई कर रहे हैं.
उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के अखिलेश मौर्य ने ITI के बाद नौकरी छोड़कर खेती को अपनाया और ऑर्गेनिक खीरे की खेती से सिर्फ 23 दिनों में 1.5 लाख रुपये की कमाई की. ड्रिप इरिगेशन और रेज्ड-बेड तकनीक से कम लागत में ज्यादा मुनाफा हासिल कर उन्होंने एक सफल उदाहरण पेश किया है.
SUCCESS STORY: पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर रावत बताते हैं कि इस मॉडल की सबसे खास बात यह है कि यहां वृद्ध गोवंश को भी बोझ नहीं, बल्कि जिम्मेदारी माना गया है. उन्हें छोड़ा नहीं जाता, बल्कि संरक्षण का अभिन्न हिस्सा बनाया जाता है. हेता के उत्पाद आज भारत के अलावा अमेरिका, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, यूरोप, सिंगापुर, दुबई और अन्य मध्य-पूर्व व एशियाई देशों तक पहुंच रहे हैं.
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के किसान नवीन साव ने पारंपरिक धान खेती छोड़ ग्राफ्टेड बैंगन की खेती अपनाई और आधुनिक तकनीकों की मदद से प्रति एकड़ 155 क्विंटल तक उत्पादन हासिल किया. इस खेती से उन्हें लाखों रुपए का शुद्ध लाभ मिला.
जबलपुर के किसान संकल्प सिंह परिहार ने अपने बगीचे में दुनिया के सबसे महंगे मियाजाकी आम की खेती कर नई पहचान बनाई है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लाखों रुपये प्रति किलो तक बताई जाती है.
कर्नाटक के बेलगावी के डॉ. समीर नाइक ने खेती में कमाल कर दिखाया है. पेशे से आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. नाइक ने अपनी खेती के शौक को एक सफल बिजनेस में बदल दिया है. आइए जानते हैं उनकी सफलता की कहानी.
छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के किसान प्यारेलाल यादव ने दो गायों से डेयरी व्यवसाय शुरू किया था. लगातार मेहनत और बेहतर पशुपालन के दम पर आज उनके पास 8 गौवंशीय पशु हैं और डेयरी से उन्हें हर साल अच्छी आय मिल रही है.
जब महिलाओं का गाड़ी चलाना समाज के लिए अजूबा माना जाता था, उस दौर में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की सुखिया वर्मा ने न सिर्फ खुद ड्राइविंग सीखी, बल्कि हजारों लोगों को आत्मनिर्भर बनने की राह भी दिखाई. संघर्ष, मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई.
उत्तर प्रदेश सरकार की बकरी पालन योजना गांव के गरीब और बेरोजगार लोगों के लिए नई उम्मीद बन रही है. झांसी के कई किसान और महिलाएं इस योजना का लाभ लेकर बकरी पालन से अच्छी कमाई कर रहे हैं. सरकार की आर्थिक मदद और लोन सुविधा से लोग आत्मनिर्भर बन रहे हैं और गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं.
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के छोटे से गांव केकराखोली के रहने वाले पुरुषोत्तम राम मरकाम आधुनिक तकनीक के सहारे सफलता की नई कहानियां लिखी जा रही हैं. आज पुरुषोत्तम उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं, जो गांव में रहकर आधुनिक तकनीक से आत्मनिर्भर बनने का सपना देख रहे हैं.
मध्य प्रदेश की डिंडोरी जिले की लहरी बाई का नाम मिलेट क्वीन के तौर पर लिया जाता है .उन्होंने अब तक 150 से ज्यादा देसी किस्म के विलुप्त हो रहे मिलेट के बीज का संरक्षण किया है. उन्होंने पूरा जीवन संरक्षण के लिए समर्पित कर दिया.
मेरठ के किसान विनोद सैनी ने गन्ने के साथ मूंगफली की सहफसली खेती का एक मॉडल तैयार किया है. किसान का कहना है कि इससे गन्ने की पैदावार बढ़ी, रस की मात्रा बेहतर हुई और मिट्टी की सेहत में भी सुधार आया. मूंगफली की जड़ों में मौजूद राइजोबियम जीवाणु नाइट्रोजन स्थिरीकरण में मदद करता है, जिससे मृदा उर्वरता बढ़ती है और फसल को प्राकृतिक पोषण मिलता है.
मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में सीताफल महिलाओं की आजीविका का बड़ा साधन बन गया है. स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं सीताफल की पैकिंग, पल्प प्रसंस्करण और बिक्री का काम कर रही हैं. शादी-ब्याह में बढ़ती सीताफल रबड़ी की मांग से उनकी आय में बढ़ोतरी हुई है और वे आत्मनिर्भर बन रही हैं.
चित्तौड़गढ़ के किसान लाल सिंह मीणा ने पथरीली जमीन पर मशरूम खेती अपनाकर अपनी आय में बड़ा बदलाव किया. पारंपरिक खेती छोड़कर किए गए इस प्रयोग से उनकी कमाई तीन गुना तक बढ़ी और अब अन्य किसान भी इससे प्रेरित हो रहे हैं.
छत्तीसगढ़ में कृषि को नई दिशा देने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है. जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम बारगांव के किसान कुंवर सिंह मधुकर ने अपनी मेहनत और सोच से खेती की एक नई मिसाल पेश की है.
Success Story: अपर मुख्य सचिव पशुपालन मुकेश मेश्राम ने बताया कि योगी सरकार में उत्तर प्रदेश ने दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में रिकॉर्ड उपलब्धि हासिल की है. देश के कुल दुग्ध उत्पादन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी अब 16 प्रतिशत से अधिक पहुंच गई है. उन्होंने बताया कि राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों को पीछे छोड़ते हुए यूपी वर्तमान में देश का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक राज्य बन गया है.
भगवती राठौर ने स्व-सहायता समूह से जुड़कर सब्जी खेती बढ़ाई और अब उनकी मासिक आय अच्छी हो गई है. सरकारी योजनाओं और समूह के सहयोग से भगवती राठौर ने कम जमीन में खेती सुधारकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की है. पढ़ें सक्सेस स्टोरी...
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में किसान आनंदराम सिदार ने धान की जगह गेंदा की खेती अपनाकर अपनी आय में बड़ा इजाफा किया. 0.400 हेक्टेयर में 44 क्विंटल उत्पादन से 3 लाख रुपए से अधिक की कमाई ने उन्हें आत्मनिर्भर बनाया और यह मॉडल अब अन्य किसानों को भी आकर्षित कर रहा है.
राजस्थान के खैरथल‑तिजारा के किसान खेमचंद जांगिड़ ने प्राकृतिक और आधुनिक खेती अपनाकर सालाना 5.5 लाख रुपये की आय हासिल की है. जैविक खेती, वर्मीकंपोस्ट, पशुपालन, एग्रो फॉरेस्ट्री और सरकारी योजनाओं से उन्होंने खेती को लाभ का मॉडल बना दिया.
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