Wheat Procurement in UP: शिथिल मानकों के तहत खरीदे गए गेहूं को सामान्य गेहूं से अलग रखा जाएगा और उसका अलग लेखा-जोखा होगा. इस गेहूं का उपयोग केवल उत्तर प्रदेश के भीतर ही किया जाएगा, ताकि गुणवत्ता प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके.
Varanasi News: बीएचयू के कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि विश्वविद्यालय और एफपीओ के बीच इस तरह का सहयोग खेती को अधिक लाभकारी बना सकता है. इससे किसानों को नई तकनीक, बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिलेंगे, जिससे उनकी आय में ढ़ोतरी और कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है.
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