Agriculture Live Blogउत्तरी भारत के लोगों को आज से शुरू होने वाले अगले तीन दिनों में भीषण गर्मी से राहत मिलने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण आसमान में बादल छाए रहेंगे. इसके परिणामस्वरूप, दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार सहित कई राज्यों में 19-22 मार्च तक हल्की से मध्यम बारिश के साथ-साथ गरज, धूल भरी आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं. बादलों और हवाओं की मौजूदगी के कारण दिन और रात, दोनों के तापमान में गिरावट आएगी, जिससे गर्मी का एहसास कम होगा.
हरियाणा में गेहूं खरीद को लेकर सरकार के नए नियमों पर किसानों की चिंता बढ़ा दी है. निर्देश जारी किए गए हैं कि जिन किसानों के पास ट्रैक्टर-ट्रॉली है, उन्हें अपने ट्रैक्टर पर नंबर लिखवाना अनिवार्य होगा. अब मंडी में गेटपास तभी जारी होगा जब ट्रैक्टर की नंबर सहित फोटो e-खरीद पोर्टल पर अपलोड की जाएगी. बिना नंबर वाले ट्रैक्टर की फोटो को अमान्य माना जाएगा, जिससे गेटपास नहीं कटेगा. सरकार के इस फैसले का विरोध भी शुरू हो गया है और किसान नेता गुणी प्रकाश ने इसे सख्त और परेशानी बढ़ाने वाला कदम बताया है.
म्यूनिसिपल एरिया में मीट की दुकानें खोलने पर लगाया प्रतिबंध- शहरी स्थानीय निकाय मंत्री
आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ की जाएगी सख्त कार्रवाई
चंंडीगढ़: हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने नवरात्रों के पावन अवसर के दौरान राज्य की सभी म्युनिसिपल एरिया के संवेदनशील स्थानों के आसपास मीट की दुकानें खोलने पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश जारी किए है. शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि हरियाणा म्यूनिसिपल एक्ट 1976 के रेगुलेशन ऑफ सेल ऑफ मीट एक्ट के तहत धार्मिक, उपासना केंद्रों एवं शैक्षणिक स्थानों के आसपास मीट की दुकानों को खोलने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया गया है.
इसके अलावा, स्थानीय निकायों के लाईसेंस अधिकारी की अनुमति लिए बिना कोई भी मीट की दुकान नहीं खोली जा सकती. शहरी निकाय मंत्री ने कहा कि नवरात्रि के दौरान शहरी क्षेत्रों में पूर्ण रूप से शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह आदेश जारी किये गए है. जारी आदेशानुसार, नवरात्रों के दौरान म्यूनिसिपल एरिया में मीट की दुकान खोलने के लिए लाइसेंसिंग ऑथोरिटी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा. लाईसेंसिंग ऑथोरिटी की अनुमति के बिना दुकान खोलने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
अमरावती: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने गुरुवार को अधिकारियों से कहा कि वे किसानों को मौसम की स्थिति के बारे में नियमित रूप से जानकारी दें, ताकि फ़सलों का नुकसान कम हो सके. उनकी यह टिप्पणी छह ज़िलों में हुई बेमौसम बारिश के बाद आई है, जिससे 1,200 हेक्टेयर से ज़्यादा ज़मीन पर फ़सलों को नुकसान पहुंचा है, नायडू ने एक आधिकारिक बयान में कहा, "किसानों को मौसम के नियमित अपडेट देकर सतर्क करें और फ़सलों के नुकसान को कम करने के लिए कदम उठाएं."
हैदराबाद: तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने गुरुवार को कहा कि उनकी राज्य सरकार 22 मार्च से किसानों के लिए 'रायतु भरोसा' निवेश सहायता योजना के तहत फंड बांटना शुरू करेगी. यहां राज्य सरकार द्वारा आयोजित तेलुगू नव वर्ष 'उगादी' समारोह में बोलते हुए, उन्होंने यह भी कहा कि राजस्व विभाग जल्द ही 'सदा बैनामा' (सादे कागज पर बिना रजिस्ट्रेशन वाले ज़मीन के सौदे) तरीके से खरीदी गई कृषि ज़मीनों से जुड़ी समस्याओं का समाधान करेगा. 15 मार्च को राज्य सरकार ने घोषणा की थी कि 'रायथु भरोसा' योजना के तहत किसानों के बैंक खातों में 9,000 करोड़ रुपये जमा किए जाएंगे. (पीटीआई)
श्रीनगर: अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि कश्मीर के ऊंचे इलाकों के कई क्षेत्रों के साथ-साथ गुलमर्ग और सोनमर्ग जैसे पर्यटन स्थलों पर ताज़ा बर्फबारी हुई, जबकि मैदानी इलाके भारी बारिश से प्रभावित रहे. उत्तरी कश्मीर के बारामूला ज़िले में स्थित गुलमर्ग और मध्य कश्मीर के गांदरबल ज़िले में स्थित सोनमर्ग, दोनों ही जगहों पर ताज़ा बर्फबारी हुई, जो आखिरी रिपोर्ट मिलने तक रुक-रुककर जारी थी. अधिकारियों ने बताया कि पिछले दिन से अब तक गुलमर्ग रिज़ॉर्ट में लगभग पांच से छह इंच ताज़ी बर्फ जमा हो गई है. (पीटीआई)
दिल्ली के रामलीला मैदान में आज संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के बैनर तले किसान पंचायत आयोजित हुई, जिसमें देशभर से हजारों किसान पहुंचे. भारी बारिश के बावजूद किसानों का जोश कम नहीं हुआ. किसान नेताओं ने कहा कि वे कोई नई मांग नहीं लेकर आए हैं, बल्कि सरकार द्वारा किए गए वायदों की याद दिलाने आए हैं. पंचायत के बाद प्रतिनिधिमंडल ने पीएमओ में किसानों की मांगों की प्रतियां सौंपी. किसानों ने MSP, कर्ज माफी और भारत-अमेरिका ट्रेड डील में खेती, डेयरी और पोल्ट्री क्षेत्रों को बाहर रखने की जोरदार मांग की. कई राज्यों के प्रमुख किसान नेता इस अवसर पर मौजूद रहे.
बिहार में मशरूम खेती को अब कृषि श्रेणी में शामिल कर दिया गया है. बिहार विद्युत विनियामक आयोग (BERC) ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है. इसका फायदा छोटे किसानों को होगा, क्योंकि उन्हें कृषि दरों पर बिजली मिलेगी, जिससे उनकी उत्पादन लागत कम होगी और खेती और भी लाभकारी बन जाएगी. ध्यान देने वाली बात यह है कि सिर्फ मशरूम की खेती इस श्रेणी में आएगी; मशरूम की प्रोसेसिंग या मैन्युफैक्चरिंग को इसमें शामिल नहीं किया गया है. यह कदम राज्य के किसानों के लिए राहत और कृषि विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है.
रेवाड़ी में अचानक हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की चिंता बढ़ गई है. गेहूं की फसल खेतों में गिर गई और अनाज मंडी में खुले आसमान के नीचे रखी सरसों की फसल भीगी और कई खेतों की फसल पानी में बह गई. तेज धूल भरी आंधी के बाद शहर के कई इलाकों में भारी बारिश और ओले गिरे. किसान कह रहे हैं कि थ्रेसर और फसल लाने के खर्च के नुकसान के कारण उनकी आर्थिक स्थिति बुरी तरह प्रभावित हुई है. मंडी तीन दिन के लिए बंद है और बीमा राशि अभी तक नहीं मिली.
भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ किसानों का विरोध तेज हो गया है. किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने इसे तीन कृषि कानूनों से भी ज्यादा खतरनाक बताया. उनका कहना है कि इससे छोटे किसान, डेयरी सेक्टर और MSP व्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा तथा बहुराष्ट्रीय कंपनियों का नियंत्रण बढ़ सकता है. सस्ते आयात से किसानों को नुकसान होगा. चढूनी ने 23 मार्च को कुरुक्षेत्र में किसान-मजदूर जन क्रांति रैली का ऐलान किया. उन्होंने MSP की कानूनी गारंटी, कर्ज माफी और डील रद्द करने की मांग की. मांगें न मानी गईं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है.
महाराष्ट्र के लातूर जिले में तेज आंधी, गरज और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ है. यह समय रबी फसलों की कटाई का है, जिसमें गेहूं, चना और ज्वार शामिल हैं. साथ ही आम, तरबूज, केला और सब्जियों की फसलें भी प्रभावित हुई हैं. देवनी क्षेत्र में 25 से 50 ग्राम वजन के ओलों ने खेतों को नुकसान पहुंचाया. शुरुआती जानकारी के अनुसार 52 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है. प्रशासन को नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं. विधायक अमित देशमुख ने किसानों के लिए जल्द मुआवजे की मांग की है. मौसम विभाग ने आगे और बारिश व ओलावृष्टि की चेतावनी दी है.
उत्तराखंड हाई कोर्ट ने उधम सिंह नगर के किसानों को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने प्रशासन के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें बिना अनुमति वाले ग्रीष्मकालीन धान की नर्सरी को नष्ट करने को कहा गया था. यह मामला गदरपुर के किसानों ने उठाया था. किसानों का कहना था कि उनकी जमीन जलभराव वाली नहीं है, फिर भी उन पर रोक लगाई गई. कोर्ट ने सुनवाई के बाद कहा कि अगली तारीख तक किसान धान की नर्सरी तैयार कर सकते हैं और खेती जारी रख सकते हैं. इस मामले की अगली सुनवाई 23 मार्च को होगी.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज अयोध्या पहुँचीं. उनके आगमन पर महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर मा. राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भव्य स्वागत किया. एयरपोर्ट और आसपास का क्षेत्र विशेष रूप से सजाया गया और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सुनिश्चित की गई. राष्ट्रपति के आगमन से शहर में उत्साह का माहौल बना. स्थानीय नागरिक, अधिकारी और गणमान्य लोग इस ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा बने. यह कार्यक्रम अयोध्या के लिए गर्व और सम्मान का अवसर माना जा रहा है.
एनसीआर क्षेत्र में बुधवार की शाम अचानक मौसम बदल गया. तेज आंधी और गरज के साथ बारिश शुरू हो गई. रेवाड़ी में भी तेज हवाओं के साथ जोरदार बरसात हुई. कई इलाकों में ओले भी गिरे, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है. बारिश के बाद शहर में जलभराव हो गया. सड़कों पर पानी इतना जमा हो गया कि वाहनों का चलना मुश्किल हो गया और कई जगह वाहन रुक गए. रेवाड़ी शहर के बड़ा तालाब के पास स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में भी बारिश का पानी घुस गया. इस तरह अचानक हुई बारिश और ओलों ने लोगों और किसानों दोनों के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं. प्रशासन और स्थानीय लोग स्थिति को संभालने में जुटे हुए हैं.
राजधानी दिल्ली का ऐतिहासिक रामलीला मैदान एक बार फिर किसानों की हुंकार से गूंजने वाला है. आज गुरुवार यानी 19 मार्च को यहां आयोजित होने वाली ‘किसान महापंचायत’ में देशभर से भारी संख्या में किसान जुट रहे हैं. इस महापंचायत में किसान कई मुद्दों पर चर्चा करेंगे.

उत्तराखंड हाई कोर्ट ने गर्मियों में धान की खेती से जुड़े एक प्रशासनिक आदेश पर रोक लगाकर ऊधम सिंह नगर ज़िले के किसानों को बड़ी राहत दी है.
जस्टिस पंकज पुरोहित ने इस मामले में गदरपुर तहसील के किसानों द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई की.
यह याचिका ऊधम सिंह नगर ज़िला प्रशासन के 4 फरवरी के आदेश को चुनौती देती है, जिसमें ज़िला मजिस्ट्रेट ने सभी सब-डिविज़नल मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिया था कि वे बिना इजाज़त वाली गर्मियों की धान की नर्सरियों (बोए गए बीजों से उगाए गए पौधे) को नष्ट कर दें और धान की खेती सिर्फ़ जलभराव वाले इलाकों में ही होने दें.
LPG संकट पर कर्नाटक के CM सिद्धारमैया ने हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखा है. उन्होंने लिखा है कि कृपया मंत्रालय के उन निर्देशों के बाद कमर्शियल LPG की अनुपलब्धता से जुड़े हाल के घटनाक्रमों पर ध्यान दें, जिनमें घरेलू उपभोक्ताओं के लिए LPG आपूर्ति को प्राथमिकता दी गई है. भारत सरकार द्वारा जारी सांकेतिक दिशानिर्देशों के अनुरूप, कर्नाटक सरकार ने स्थिति को संभालने के लिए ज़रूरी क्षेत्रों को LPG आवंटन को विनियमित करने और प्राथमिकता देने के कदम उठाए हैं.
हालांकि, रेस्टोरेंट, होटल, कैटरिंग प्रतिष्ठानों और PG आवासों आदि से 50,000 LPG सिलेंडरों की मांग के मुकाबले, हम प्रतिदिन केवल 1000 सिलेंडरों की आपूर्ति कर पा रहे हैं. इसके परिणामस्वरूप, कमर्शियल LPG की अनुपलब्धता के कारण प्रतिष्ठानों के बंद होने में साफ़ तौर पर वृद्धि देखी गई है. इसका असर छात्रों, IT पेशेवरों, किसानों, डेयरी उत्पादकों के साथ-साथ जनता के एक बड़े वर्ग पर भी पड़ने लगा है, जो आतिथ्य क्षेत्र (hospitality sector) पर निर्भर हैं.
छत्रपति संभाजीनगर जिले में देर रात से हो रही मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है. कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है, जबकि कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी ठप है. शहर के निचले हिस्सों में पानी जमा होने के कारण लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, कई सड़कों पर पानी भरकर तालाब का रूप ले लिया है. इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से गर्मी से तो राहत मिली है, लेकिन किसानों की चिंता बढ़ गई है. कटाई के करीब फसलों को ओलों से नुकसान पहुंचने की आशंका है. इसके साथ ही छोटे व्यापारियों और सड़क किनारे लगे बाजारों पर भी असर पड़ा है. ईद के मद्देनजर खुले बाजार और दुकानें बारिश और ओलों के कारण बंद हो गईं, जिससे व्यापारियों को नुकसान होने की संभावना है. प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखी है और मौसम के बिगड़ने पर सतर्क रहने की चेतावनी दी है.
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में मोदी सरकार की किसान कल्याण योजनाओं और कृषि सुधारों पर विस्तार से बात की. उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ शासन नहीं चलाती, बल्कि किसान की जिंदगी और देश का भविष्य बदलती है. मोदी सरकार ने सिंचाई परियोजनाओं, नदी जोड़ो प्रोजेक्ट, प्राकृतिक खेती, गुणवत्तापूर्ण बीज और कीटनाशक, डिजिटल खेती और AI प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों को सीधे लाभ पहुँचाने का काम किया है. राज्यवार कृषि रोडमैप और तकनीकी प्रशिक्षण से किसान की आय बढ़ाई जा रही है. सरकार का लक्ष्य आत्मनिर्भर और विकसित भारत है.
एमपी में नए साल में विकास के नए संकल्प के साथ नई ऊर्जा और नवचेतना का संदेश लेकर आया है. इस अवसर पर कृषि विकास और किसानों की समृद्धि को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिल सके. साथ ही “जल गंगा संवर्धन अभियान” के माध्यम से जल संरक्षण को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे भविष्य में पानी की कमी को दूर किया जा सके. इसके अलावा प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने और आधुनिक तकनीकों के विस्तार पर भी ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, ताकि खेती अधिक लाभकारी, टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल बन सके.
एमपी सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है. इसी दिशा में वर्ष 2028 तक गेहूं की खरीद ₹2700 प्रति क्विंटल तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिल सके. इसके साथ ही अगले पांच वर्षों में 100 लाख हेक्टेयर तक सिंचित क्षेत्र का विस्तार करने की योजना है, ताकि खेती अधिक सुरक्षित और उत्पादक बन सके. सिंचाई सुविधाओं के बढ़ने से किसानों की लागत कम होगी और उत्पादन में भी वृद्धि होगी. इतना ही नहीं, किसानों के हित में ₹232 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात भी दी गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे और कृषि सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा. इन प्रयासों से किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार आने के साथ-साथ देश की कृषि व्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी.
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