बिहार में सामान्य से 37-40% कम बारिश के बीच मौसम विभाग ने 30 और 31 जुलाई को कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान जताया है. वहीं सावन से पहले चल रही पूर्वी हवा को लेकर घाघ की प्रसिद्ध कहावत किसानों की चिंता बढ़ा रही है.
मॉनसून में मौसम विभाग की ओर से जारी ग्रीन, येलो, ऑरेंज और रेड अलर्ट सिर्फ रंग नहीं, बल्कि खतरे की अलग-अलग चेतावनी होते हैं. हर अलर्ट बारिश की तीव्रता और संभावित नुकसान का संकेत देता है. अगर इनका मतलब पहले से समझ लिया जाए तो किसान से लेकर आम लोग समय रहते जरूरी तैयारी कर सकते हैं और बड़े नुकसान से बच सकते हैं.
बिहार में मॉनसून आने के बावजूद कम बारिश और लगातार बढ़ते तापमान ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. कई जिलों में पारा 45 डिग्री तक पहुंचने से धान की नर्सरी बचाना बड़ी चुनौती बन गया है, जबकि किसानों को लगातार सिंचाई करनी पड़ रही है. मौसम विभाग ने जून में सामान्य से 40% कम बारिश का अनुमान जताया है, जिससे धान उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है.
जनवरी के आखिरी सप्ताह में बिहार के कई जिलों में हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक यह बारिश गेहूं, चना, मसूर और सरसों के लिए फायदेमंद हो सकती है, लेकिन आम के मंजर पर इसका नकारात्मक असर पड़ सकता है.
बिहार में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का कहर देखने को मिल रहा है. कई जिलों में घने कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. वहीं पटना जिला प्रशासन की ओर से सभी निजी सरकारी विद्यालयों, फ्री स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र सहित सभी कक्षा की शैक्षणिक गतिविधियों को पूर्वाह्न 10:00 से अपराह्न 3:30 बजे के बीच किया गया.
नवंबर में बिहार का मौसम रबी की खेती के लिए अनुकूल. 20 नवंबर को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह के दिन भी सामान्य रहेगा मौसम. रबी फसलों की बुवाई के लिए सलाह जारी.
मॉनसून सीजन समाप्ति की ओर, लेकिन अभी भी सामान्य से 31% कम बारिश. 22 सितंबर तक राज्य के अधिकांश जिलों में भारी से अति भारी और हल्की बारिश होने की संभावना.
दक्षिण से लेकर उतर बिहार के कई जिलों में 25 अगस्त तक भारी बारिश होने की संभावना. भारतीय मौसम मौसम विज्ञान विभाग द्वारा 26 अगस्त से राज्य में कम बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया गया है. वहीं, सोमवार को राज्य के 26 जिलों में भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है.
बिहार में भारी बारिश को लेकर अलर्ट. मौसम विभाग ने 21 से 24 अगस्त तक अच्छी बारिश को लेकर जारी किया पूर्वानुमान. बांका, भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, अररिया, सुपौल, मधेपुरा, मुंगेर, सहरसा और बेगूसराय जिले शामिल हैं.
समय से पहले आया मॉनसून इस बार किसानों के लिए खुशखबरी लेकर आया है. यदि किसान मौसम वैज्ञानिकों की सलाह मानकर समय पर तैयारी करते हैं, तो वे इस मौसम का पूरा लाभ उठा सकते हैं. अच्छी वर्षा के चलते धान की खेती में वृद्धि और लाभ की पूरी संभावना बन रही है. सही योजना और फसल का चुनाव किसानों को इस खरीफ सीजन में बेहतर मुनाफा दिला सकता है.
डीएमडी के अनुसार, गंगा के किनारे के लगभग 12 जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति है, जिससे निचले इलाकों में लगभग 13.56 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. इसमें कहा गया है कि कुल 376 ग्राम पंचायतें प्रभावित हुई हैं, जिनमें से कई लोगों को शिविरों में पहुंचाया गया है.
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग (डीएमडी) की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि गंगा के किनारे के 12 जिले बाढ़ जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं और निचले इलाकों में रहने वाले लगभग 12.67 लाख लोग बढ़ते जल स्तर से प्रभावित हुए हैं.
पटना जिले के रहने वाले किसान सूरज कहते हैं कि जो पुरुष धान की रोपनी करते हैं, उनकी मजदूरी पिछले साल की तुलना में बढ़ी है. इस साल 1600 रुपये प्रति बीघा है, जबकि बीते वर्ष 1500 रुपये प्रति बीघा था. वहीं खेत की जुताई दो साल से 1600 रुपये प्रति एकड़ ही चल रहा है. लेकिन तीन साल पहले 1280 रुपये प्रति एकड़ था.
बिहार मॉनसून की अच्छी बारिश के इंतजार में है. अभी तक जिन किसानों ने धान की नर्सरी नहीं डाली है, वे किसान मैट विधि से नर्सरी डाल सकते हैं. इसके अलावा वे सीधी बुवाई से कम खर्च में अधिक धान का उत्पादन ले सकते हैं.
बिहार का बदला मौसम का मिजाज राजधानी पटना में सुबह से ही आसमान में बादलों का साया. मौसम विभाग के अनुसार राज्य में नालंदा, नवादा, जमुई, शेखपुरा, लखीसराय, पटना, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय जिलों के एक या दो स्थानों मे ओलावृष्टि की संभावना है. वहीं जहानाबाद जिले में ओलावृष्टि होने से फसलों को काफी नुकसान.
मार्च महीने में फिर बदलेगा मौसम. मौसम विभाग ने दो मार्च से लेकर तीन मार्च के बीच राज्य के 26 जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट घोषित किया है. इसके साथ ही इस मौसम में पछेती फसलों में लाही कीट लगने की संभावना अधिक रहती है.
एक बार फिर बदला बिहार का मौसम. आने वाले 48 घंटों के दौरान राज्य के अधिकांश जिलों में बारिश होने की उम्मीद. कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार रबी फसल के लिए बारिश फायदेमंद. हालांकि किसानों को फसलों का ध्यान रखना भी है जरूरी.
बिहार में फिर बढ़ने वाली है ठंड. मौसम विभाग ने बारिश की संभावनाओं के बीच दो से चार डिग्री सेल्सियस तापमान गिरने की उम्मीद जताई. वहीं जनवरी में पड़ी ठंड की वजह से सब्जी की खेती प्रभावित हुई है. इससे किसानों का भारी नुकसान हुआ है.
बिहार के लोगों को जनवरी में ठंड से राहत नहीं मिलेगी. मौसम विभाग का कहना है कि फरवरी के आगमन के बीच लोग ऊनी कपड़ों के साथ हाथ में रखें छतरी क्योंकि एक से दो फरवरी तक बारिश होने की उम्मीद. इससे और भी ठंड बढ़ेगी और लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है.
बिहार में ठंड का कहर जारी है. मौसम विभाग ने 30 जनवरी तक सूबे में भीषण शीत दिवस और घना कोहरा छाए रहने की उम्मीद जताई है.
राज्य के अधिकांश भागों में बर्फीली ठंडी पश्चिमी और उत्तरी पश्चिमी हवा का प्रवाह जारी है, जिसके कारण 12 जनवरी से राज्य में शीतलहर और अति शीतलहर की स्थिति बनी हुई है. वहीं पिछले चौबीस घंटों के दौरान सर्वाधिक अधिक तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस फारबिसगंज में दर्ज किया गया.
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