
पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के साथ ही राज्य का मौसम करवट लेना शुरू कर चुका है. जहां तीन से चार दिन पहले हवा की दिशा बदलने के साथ ही लोगों को ठंड से राहत मिली. वहीं एक बार फिर आने वाले दो दिनों के बाद न्यूनतम और अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री तक गिरावट आने की उम्मीद है. इसके साथ ही राज्य में 4 से 5 फरवरी के बीच बारिश होने की संभावना मौसम विभाग ने जारी की है. राज्य के उत्तरी मध्य और उत्तरी पूर्व भागों को छोड़ दिया जाए तो अन्य शेष इलाकों में बारिश होने की उम्मीद है. वहीं जनवरी की तुलना में फरवरी महीने में सामान्य से अधिक वर्षा होने की उम्मीद मौसम विभाग ने जारी की है.
मौसम विभाग की ओर से जनवरी महीने में न्यूनतम और अधिकतम तापमान सहित वर्षा को लेकर अपनी रिपोर्ट जारी की है. इसमें जनवरी महीने में सर्वाधिक औसत अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस नालंदा में दर्ज किया गया. वहीं सबसे कम औसत न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस सबौर में दर्ज किया गया. इसके साथ ही जनवरी महीने में 24 घंटे के दौरान सर्वाधिक वर्षा 23.2 मि.मी शेरघाटी गया में 6 जनवरी को हुई. इसके साथ ही जनवरी महीने में 18 दिन शीत दिवस और 15 दिन भीषण शीत दिवस दर्ज किया गया. इसके साथ ही इस महीने में संचयी रूप से कुल वर्षा एक मिमी दर्ज की गई,जो सामान्य से 90 प्रतिशत कम है.
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तीन फरवरी से एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के साथ वसंत ऋतु के महीने में ठंड का कहर एक बार फिर बढ़ने की उम्मीद है. इसके साथ ही आने वाले 4 से 5 फरवरी के बीच राज्य के कई इलाकों में हल्की बारिश होने की उम्मीद है जिसमें चार फरवरी को उत्तर पश्चिम बिहार, दक्षिण पश्चिम बिहार और दक्षिण मध्य बिहार में हल्की बारिश होने की उम्मीद है. इसके साथ ही पांच फरवरी को दक्षिण पश्चिम, दक्षिण पूर्व और दक्षिण मध्य बिहार में बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार फरवरी में जहां अधिकतम और न्यूनतम तापमान में वृद्धि देखने को मिल सकती है. इसके साथ ही सामान्य से अधिक वर्षा होने की भी उम्मीद है. वहीं इस महीने में सामान्य वर्षा 19.8 मिमी के बीच रहता है.
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बिहार में जहां शुरुआती दिनों में ठंड काफी कम पड़ी. वहीं मकर संक्रांति के बाद कड़ाके की ठंड के कारण सब्जी की फसल पर इसका नकारात्मक असर देखने को मिला. पटना शहर के गंगा किनारे दियरा इलाके में सब्जी की खेती करने वाले किसान गुड्डू सहित अन्य किसान कहते हैं कि कर्ज लेकर खेती की गई है. मगर महीने के मध्य के बाद पड़ी ठंड की वजह से टमाटर के पौधे सूख गए हैं. वहीं नेनुआ और लौकी का साइज़ बड़ा नहीं हो रहा है. इसकी वजह से सही दाम नहीं मिल रहा है.
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