बिहार में बाढ़ (फाइल फोटो)बिहार की राजधानी के कई इलाकों में गंगा नदी लगातार खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. इसे देखते हुए पटना जिला प्रशासन ने एहतियातन सोमवार को छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए ग्रामीण इलाकों में 76 सरकारी स्कूलों को बंद करने की अवधि 26 सितंबर तक बढ़ा दी है. पटना के जिला मजिस्ट्रेट चन्द्रशेखर सिंह की तरफ से जारी किए गए एक आदेश में कहा गया है कि पटना जिले के आठ प्रखंडों में कुल 76 सरकारी स्कूल गंगा के ऊंचे जल स्तर के कारण बंद रहेंगे.
जिला प्रशासन के एक बयान में कहा गया है कि सुबह छह बजे तक, गंगा गांधी घाट, हाथीदह और दीघा घाट पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी.अन्य जिलों की कई नदियों में बढ़ते जल स्तर का असर निचले इलाकों पर पड़ रहा है. राज्य आपदा प्रबंधन विभाग (डीएमडी) ने कहा कि अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने स्थिति का आकलन करने और जल स्तर में संभावित वृद्धि के लिए तैयारी सुनिश्चित करने के लिए 12 जिलों के अधिकारियों के साथ एक ऑनलाइन समीक्षा बैठक की.
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डीएमडी के अनुसार, गंगा के किनारे के लगभग 12 जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति है, जिससे निचले इलाकों में लगभग 13.56 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. इसमें कहा गया है कि कुल 376 ग्राम पंचायतें प्रभावित हुई हैं, जिनमें से कई निवासियों को शिविरों में पहुंचाया गया है. अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ प्रभावित 12 जिलों में बक्सर, भोजपुर, सारण, वैशाली, पटना, समस्तीपुर, बेगुसराय, लखीसराय, मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर और कटिहार शामिल है.
इधर बिहार में बाढ़ को लेकर बिहार के कृषि सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने कहा है कि गंगा के किनारे के जिलों में गंगा का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में पानी घुस गया है. हालांकि पानी का क्रम थोड़ा कम हो रहा है लेकिन कई जगहों पर बाढ़ के कारण फसल नुकसान होने की सूचना मिली है. इसे देखते हुए विभाग से सभी जिलों के कृषि पदाधिकारी और प्रखंड कृषि पदाधिकारी और किसान सलाहकारों को निर्देश दिया है कि सभी लोग अपने-अपने क्षेत्रों में जाएं और जहां पर किसानों को किसी प्रकार की भी मदद की आवश्यकता है वहां पर किसानों को मदद उपलब्ध कराएं. इसके साथ ही जैसे की पानी कम होता है किसानों की वास्तविक क्षति का आकलन करें. उन्होंने कहा कि नुकसान के आधार पर सभी को मुआवजा दिया जाएगा इसके अलावा रबी फसल की खेती करने के लिए भी सरकार किसानों की मदद करेगी.
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बता दें कि इसी तरह की स्थिति पश्चिम बंगाल के उन जिलों में देखी गई जो झारखंड की सीमा से सटे हुए हैं. झारखंड में लगातार हुई बारिश के कारण डीवीसी डैम का फाटक खोल दिया गया था, इसके कारण पश्चिम बंगाल के कई जिलों के गांवों में पानी भर गया था और हजारों एकड़ में लगी फसल बर्बाद हो गई थी. इसे लेकर ममत बनर्जी ने झारखंड सरकार पर निशाना साधा था और कहा कि सरकार की अनदेखी के कारण बंगाल में ऐसी स्थिति हुई है और किसानों को नुकसान हुआ है. उन्होंने भी किसानों के लिए मुआवजे का एलान किया था.
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