झारखंड की पलाश योजना ने ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है. एशियाई विकास बैंक संस्थान (ADBI) ने इस योजना को अपनी केस स्टडी में शामिल किया है, जो टोक्यो तक पहुंची सफलता की कहानी है.
झारखंड में मॉनसून की दस्तक के साथ ही गिरिडीह के किसानों को सरकार की ओर से बड़ी राहत मिली है. अब खरीफ फसलों की बुआई के लिए किसानों को प्रमाणित बीज मुफ्त में दिए जा रहे हैं. जानिए कैसे और कहां से मिलेंगे ये बीज.
Organic Farming: झारखंड की कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि राज्य जैविक खेती को बढ़ावा देकर इसे अग्रणी राज्य बनाना चाहता है. किसानों को सिक्किम और मध्य प्रदेश भेजा जाएगा, ताकि वे जैविक खेती की सर्वोत्तम तकनीक सीख सकें. सरकार का उद्देश्य किसानों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य उपलब्ध कराना है.
Cold Storage: पटमदा क्षेत्र में किसान सब्जियों की खेती करते हैं, लेकिन उचित भंडारण सुविधाओं के अभाव में उन्हें नुकसान उठाना पड़ता था. अब झारखंड के मुख्यमंत्री ने किसानों और स्थानीय विधायक की पहल पर पटमदा में कोल्ड स्टोरेज की सौगात दी है, जिससे किसानों को अपनी फसलों को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी.
मईयां सम्मान योजना का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों को आर्थिक मदद देना है, लेकिन तकनीकी और प्रशासनिक समस्याओं के कारण यह योजना कई लाभार्थियों के लिए समय पर मदद नहीं पहुंचा पा रही है. सरकारी अधिकारियों का कहना है कि यह समस्याएं जल्द ही सुलझा ली जाएंगी और सभी लाभार्थियों को उनकी राशि मिलेगी.
इस योजना का लाभ राज्य के सभी सेवाओं के कर्मी, विधानसभा सदस्य, रिटायर्ड कर्मचारी, पारिवारिक पेंशन प्राप्तकर्ता और उनके आश्रित, राज्य विधानसभा के पूर्व सदस्य, अखिल भारतीय सेवाओं के इच्छुक सेवारत/सेवानिवृत्त पदाधिकारी, राज्य सरकार के विभिन्न बोर्ड, निगम, संस्थान, संस्था में कार्यरत/सेवानिवृत्त नियमित कर्मी, विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों के कार्यरत/सेवानिवृत शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मी और निबंधित अधिवक्ताओं को मिलेगा.
झारखंड सरकार की मुख्यमंत्री मैया सम्मान योजना (JMMSY) का है, जिसमें हजारों लोगों ने गलत तरीके से पैसे हासिल करने के लालच से आवेदन किया. राज्य सरकार ने महिलाओं को आर्थिक सहायता पहुंचाने और उन्हें सशक्त बनाने के इरादे से यह योजना चलाई है. जांच में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है, जहां झारखंड के पड़ोसी राज्य बंगाल से एक युवक ने अलग-अलग नाम से 94 आवेदन किए.
कृषि ऋण माफी योजना का उद्देश्य किसानों को कर्ज के वित्तीय दबाव से राहत दिलाना है. हेमंत सोरेन की अगुआई वाली सरकार ने पिछले महीने 1.77 लाख किसानों के 400.66 करोड़ रुपये के कृषि ऋण माफ किए, जिन्होंने 2 लाख रुपये तक का ऋण लिया था. इससे पहले सरकार ने करीब 4.73 लाख किसानों के 50,000 रुपये तक के कृषि ऋण माफ किए थे.
दूसरे राज्यों से पशु उत्पाद खरीदने की निर्भरता कम करने और राज्य में खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा और किसानों की आय बढ़ाने के लिए झारखंड सरकार ने मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना शुरू की है, जिसका असर अब देखने को मिल रहा है. कई किसानों की आय बढ़ने के अलावा पशु चिकित्सा को बढ़ावा मिला है.
झारखंड में आज मुख्यमंत्री ने राजधानी रांची के धुर्वा स्थित प्रभात तारा मैदान में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग द्वारा आयोजित झारखंड कृषि ऋण माफी योजना कार्यक्रम से पौने दो लाख से ज्यादा किसानों की लोन माफ करने की घोषणा की. इस दौरान बिरसा किसान इंटीग्रेटेड पोर्टल लॉन्च किया और डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए एक MoU भी साइन किया गया.
यूं तो किसानों के लिए केंद्र और अलग-अलग राज्य सरकारें ट्रैक्टर और उपकरण की खरीद पर सब्सिडी की योजनाएं चलाती हैं, लेकिन झारखंड सरकार की ट्रैक्टर स्कीम थोड़ी अलग है. इसमें ट्रैक्टर के साथ दो उपकरणों की खरीद पर 80 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा. जानिए इस योजना के बारे में...
झारखंड में जोड़ा बैल योजना के तहत राज्य के छोटे और सीमांत किसानों को एक जोड़ा बैल की खरीद पर 90 फीसदी सब्सिडी दी जा रही है. किसानों को बैल की आपूर्ति करने के लिए एजेंसी का चयन सरकार की तरफ से किया जाएगा. किसान उस ऐजेंसी से जाकर बैल खरीद सकते हैं.
बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ सीजन की फसलों धान, मक्का और रबी की फसलों में चना, गेहूं और आलू फसल का बीमा किसान करा सकते हैं. इसके लिए उन्हें सिर्फ एक रुपये की प्रीमियम राशि का भुगतान करना होगा.
इस योजना का नाम बिरसा हरित ग्राम योजना है जिसमें गांव में खाली पड़ी सरकारी और रैयती जमीन पर आम, अमरूद और नींबू जैसे फलों की खेती की जाती है. इसके अलावा ग्रामीणों को टिंबर प्लांट, लाह की खेती और तसर उत्पादन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है.
झारखंड में बिरसा कूप निर्माण योजना में तेजी दर्ज आई है. इससे सिंचाई की सुविधा बढ़ गई है. सूखे से त्रस्त झारखंड में किसानों को इससे बड़ी राहत मिलने वाली है. सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए चलाई जा रही बिरसा कूप निर्माण योजना में मनरेगा के तहत काम कराया जा रहा है. इसमें मजदूरों को 100 दिनों का रोजगार भी दिया जाता है. झारखंड में इस योजना के लिए 500 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं.
मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत अब तक 43 लाख महिलाओं ने निबंधन कराया है. इनमें से 37 लाख महिलाओं के आवेदन स्वीकृत किए गए हैं. राज्य सरकार का लक्ष्य है कि 31 अगस्त से पहले सभी महिलाओं के खाते में योजना की राशि आ जाएगी.
मोटे अनाज यानी कि Millets की खेती करने के लिए किसानों को प्रोत्साहन राशि दी जा रही है. मोटे अनाज की खेती पर प्रोत्साहन राशि का लाभ उन किसानों को मिलेगा जो कम से एक एकड़ और अधिक से अधिक पांच एकड़ में मोटे अनाज की खेती करेंगे.
झारखंड सरकार राज्य के किसानों को राहत पहुंचाने के लिए कई तरह से प्रयास कर रही है ताकि किसानों को परेशानी से मक्त कराया जा सके. खास कर किसानों को आर्थिक परेशानी से मुक्त करने की पहल राज्य सरकार की तरफ से की जा रही है. इसी के तहत राज्य सरकार ने राज्य के किसानों के लिए बड़ी ऋण माफी की घोषणा की है.
बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना केंद्र सरकार की योजना है. झारखंड कैबिनेट ने इस योजना को राज्य में फिर से नए नाम के साथ लागू करने का फैसला किया है. इस योजना को अब बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के नाम से लागू किया जाएगा.
झारखंड सरकार युवाओं को सरकार माली का प्रशिक्षण देगी. इस योजना का उद्देश्य शहरों के सौदंर्यीकरण करने के लिए राज्य के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है. इसके लिए भारत सरकार और राज्य सरकार के चिह्नित संस्थानों या एग्रीकल्चर स्किल काउंसिंल ऑफ इंडिया की तरफ से मान्यता प्राप्त संस्थानों में यह प्रशिक्षण दिया जाएगा.
इस योजना का लाभ राज्य के उन परिवारों को मिलेगा जिनके परिवार की वार्षिक आय आठ लाख रुपये से कम होगी. कैबिनेट द्वारा मंजूर की गयी मुख्यमंत्री बहन-बेटी (माई-कुई) स्वावलंबन प्रोत्साहन योजना के तहत सभी वर्गों की 21 से 50 वर्ष तक की महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जायेगी.
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