ISMA और ADT बारामती ने गन्ना खेती के लिए देशव्यापी AI-ML नेटवर्क लॉन्च किया है. इस पहल से पैदावार, गुणवत्ता और किसानों की आमदनी बढ़ेगी. प्रिसिजन फार्मिंग, IoT, सैटेलाइट डेटा और मशीन लर्निंग के जरिये खेती स्मार्ट और टिकाऊ होगी .
पुणे के मावल में किसान चार सूत्री तरीके से धान की खेती करते हैं. इसमें मुख्य तौर पर इंद्रायणी धान की खेती की जाती है जिसके चावल की बहुत मांग है. इस धान की खेती में पानी कम लगता है और किसानों को आय दोगुनी होती है.
AI Use In Sugarcane Farming: महाराष्ट्र में गन्ना खेती में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए पुणे में एक कार्यक्रम आयोजित हुआ. शरद पवार ने कहा कि AI तकनीक से गन्ने की पैदावार बढ़ाकर किसानों की आय और जीवनस्तर सुधारा जा सकता है. इसके लिए प्रति हेक्टेयर 25,000 रुपये की लागत में से किसानों को केवल 9,000 रुपये देने होंगे.
महाराष्ट्र के देवगढ़ में उगने वाले खास ‘हापुस’ आम को लेकर फल के उत्पादकों ने छेड़छाड़-रोधी खास आइडेंटिटी सील बनाई है. कृषि उत्पादकों की एक सहकारी समिति के एक बोर्ड मेंबर ने बताया कि देवगढ़ अल्फांसो आम एक प्रतिष्ठित ब्रांड की तरह है, इसलिए इसकी प्रमाणिकता को बनाए रखने के लिए कानूनी रूप से इसकी मार्केटिंग (खरीद-बिक्री) के लिए टीपी सील स्टिकर लगाना जरूरी है.
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) के इस्तेमाल पर विचार कर रही है. हम मिट्टी में कार्बन के स्तर को मापने और कीटों, बीमारियों और यहां तक कि खरपतवार के प्रकारों की पहचान करने में सक्षम होंगे, जिससे किसानों को उनकी फसलों और भूमि के बारे में विस्तृत जानकारी मिलेगी.
बारामती कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ तुषार जाधव ने कहा, एआई तकनीक का इस्तेमाल करके उगाई गई फसल पारंपरिक गन्ना खेती की तुलना में गन्ना उत्पादन की क्वालिटी और मानक को बढ़ाने में मदद की है. किसान खुद भी विश्वास जता रहे हैं कि इस तकनीक से प्रति एकड़ गन्ने का उत्पादन 30 प्रतिशत बढ़ जाएगा. इस प्रयोग पर माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला का ध्यान गया, जो भारत की यात्रा पर थे.
महाराष्ट्र में गन्ने की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है. यही वजह है कि यह गन्ना उत्पादन में शीर्ष राज्यों में शामिल रहता है और यहां चीनी उत्पादन भी अधिक होता है. बीते कुछ सालों में गन्ने की पैदावार में अनश्चितता के चलते अब AI का उपयोग बहुत जरूरी हो गया है. इसके लिए बारामती से एक प्रोजेक्ट भी चल रहा है, जो इस दिशा में काम कर रहा है.
भारत में पहली बार महाराष्ट्र के बारामती जिले में गन्ने के साथ-साथ भिंडी, टमाटर, मिर्च, तरबूज, कद्दू, फूल, पत्तागोभी जैसी फसलें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तकनीकी से उगाई गई हैं. बारामती में पहली बार कृषि में किया गया यहा प्रयोग सफल भी रहा है.
महाराष्ट्र के कोल्हापुर में रहने वाले दिलीप कांबले 2015 में मोती की खेती शुरू की लेकिन 2018 तक उन्हें घाटा होता रहा. इसके बाद ओडिशा में ट्रेनिंग मिलने के बाद सफलता मिली. उनका कहना है कि मोती की खेती में ज्यादा लागत नहीं आती सिर्फ शर्त यह है कि ट्रेनिंग अच्छी हो.
दरअसल, भंडारण स्थान की अनुपलब्धता के कारण किसानों को नुकसान का सामना करना पड़ रहा है. परमाणु प्रौद्योगिकी पर आधारित प्याज बैंक की अवधारणा यह सुनिश्चित करेगी कि भंडारण के दौरान प्याज की फसल को नुकसान न हो. शिंदे ने कहा, यह परियोजना प्याज के उत्पादन को बढ़ावा देगी और किसानों को उनकी उपज के लिए अच्छी कीमत दिलाने में भी मदद करेगी.
वेस्ट इंडियन शुगर मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष बीबी थोंबरे ने कहा कि आने वाले गन्ना पेराई सीजन में चीनी कंपनिया अधिक से अधिक गन्ना पेराई कर सके और अधिक से अधिक चीनी उत्पादन के लक्ष्य को पूरा कर सके गन्ने की मशीनों से कटाई करने के अलावा और कोई दूसरा विकल्प नहीं है.
पुणे की कंपनी वाटरलैब सॉल्यूशन्स ने भूजल ऐप तैयार किया है. इस ऐप की खासियत है कि महज आधा मिनट में पता चल जाएगा कि बोरवेल में कितना पानी है. भूजल ऐप पानी की मॉनिटरिंग करने वाला ऐप है जो पूरी तरह से सोनार टेक्नोलॉजी पर काम करता है.
Future Farming: देश आजाद हुआ था उस वक्त हम 35 करोड़ लोग थे लेकिन अब 135 करोड़ से अधिक जनसंख्या है. ऐसे में संसाधनों को लेकर कई सवाल सामने हैं. इन्हीं मे से एक सवाल ये है कि आने वाले समय में खेती कैसे होगी? इस रिपोर्ट में जानिए इस सवाल का जवाब सीधे ग्राउंड से
वर्धा के एक युवा किसान ने छोटे किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जुगाड़ से बनाया पावर विडर, पावर टिलर और छोटा ट्रैक्टर. क्षेत्र के किसान हुए मुरीद. अब तक डेढ़ सौ मशीनें बेचीं. किसानों का पैसा और समय दोनों की बचत करने का दावा किसान ने किया. जानिए युवा किसान की कहानी.
किसान अपनी फसलों पर लगने वाले कीट-पतंगों से बचाव के लिए कई उपाय करते हैं यहां तक कि कैमिकल दवाओं का स्प्रे भी करते हैं. इस वीडियो में देखें कि एक कार्ड की मदद से अपनी फसल को कीटों से कैसे बचा सकते हैं
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