महाराष्ट्र में एग्रीकल्‍चर सेक्‍टर में AI के इस्‍तेमाल पर विचार कर रही सरकार, ड‍िप्टी CM ने कही ये बात

महाराष्ट्र में एग्रीकल्‍चर सेक्‍टर में AI के इस्‍तेमाल पर विचार कर रही सरकार, ड‍िप्टी CM ने कही ये बात

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार ने सोमवार को कहा कि राज्‍य सरकार कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेली‍जेंस (एआई) के इस्‍तेमाल पर विचार कर रही है. हम मिट्टी में कार्बन के स्तर को मापने और कीटों, बीमारियों और यहां तक ​​कि खरपतवार के प्रकारों की पहचान करने में सक्षम होंगे, जिससे किसानों को उनकी फसलों और भूमि के बारे में विस्तृत जानकारी मिलेगी.

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महाराष्ट्र में एग्रीकल्‍चर सेक्‍टर में AI के इस्‍तेमाल पर विचार कर रही सरकार, ड‍िप्टी CM ने कही ये बातसमीक्षा बैठक करते हुए उप मुख्‍यमंत्री अजीत पवार

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार ने सोमवार को कहा कि राज्‍य सरकार कृषि क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ाने और उत्पादन लागत घटाने के लिए प्रैक्‍टिकल तौर पर आर्टिफिशियल इंटेली‍जेंस (एआई) के इस्‍तेमाल को लेकर विचार कर रही है. फसल स्वास्थ्य, मिट्टी के कार्बन स्तर और मिट्टी के स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण कारकों की निगरानी एआई के इस्‍तेमाल से आसानी से की जा सकती है, इसलिए हम उत्पादकता बढ़ाने और किसानों के लिए उत्पाद लागत कम करने के लिए कृषि क्षेत्र में प्रयोगात्मक आधार पर इसका इस्‍तेमाल कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि बदलाव किसानों के लिए व्यावहारिक और वित्तीय रूप से संभव होना चाहिए.

कृषि क्षेत्र को AI से दूर नहीं रखना चाहिए: डिप्‍टी सीएम

डिप्‍टी सीएम ने कहा कि एआई दुनिया भर के क्षेत्रों में क्रांति ला रहा है और कृषि को पीछे नहीं छोड़ना चाहिए. आने वाले वर्षों में किसानों के पास एआई को न अपनाने जैसा विकल्‍प नहीं  होगा, क्योंकि वे बदलते मौसम, बेमौसम बारिश, कीटों के हमले और श्रम की कमी जैसी चुनौतियों से जूझ रहे हैं. ऐसे में उन्‍हें इसकी अन‍िवार्य रूप से जरूरत होगी. एआई उत्पादन लागत को कम करते हुए उत्पादकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.

किसानों को जमीन-फसल की मिलेगी व‍िस्‍तृत जानकारी

पवार ने कहा कि हम मिट्टी में कार्बन के स्तर को मापने और कीटों, बीमारियों और यहां तक ​​कि खरपतवार के प्रकारों की पहचान करने में सक्षम होंगे, जिससे किसानों को उनकी फसलों और भूमि के बारे में विस्तृत जानकारी मिलेगी. ये प्रगति अधिक सटीक खेती के तरीके और संसाधनों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करेगी. एआई के इस्‍तेमाल से सप्‍लाई चैन में ज्‍यादा दक्षता आएगी और कुल लागत में कमी आएगी.

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कटाई की दक्षता में सुधार, रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के उपयोग को कम करने और रोग प्रबंधन को बढ़ाने से, एआई किसानों को श्रम और इनपुट लागत बचाने में मदद करेगा. कृषि में एआई का एकीकरण केवल पैदावार में सुधार करने के बारे में नहीं है, बल्कि खेती के लिए अधिक टिकाऊ और लागत प्रभावी दृष्टिकोण सुनिश्चित करना भी है.

सहकारिता विभाग के साथ काम करने के निर्देश

पवार ने एक समीक्षा बैठक के दौरान, राज्य के कृषि विभाग को परियोजना की तकनीकी और वित्तीय व्यवहार्यता का आकलन करने के लिए सहकारिता विभाग के साथ काम करने का निर्देश दिया. बैठक में राज्य के कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे, कृषि राज्य मंत्री आशीष जायसवाल, सहकारिता राज्य मंत्री पंकज भोयर, अखिल भारतीय अंगूर उत्पादक संघ के अध्यक्ष कैलास पाटिल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए.

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