Rajasthan Rain ALert: राजस्थान में प्री-मॉनसून की जोरदार एंट्री से बुधवार को मौसम में बदलाव हुआ और कई जिलों में भारी बारिश देखने को मिली. सीकर, चूरू, जयपुर में तापमान में भारी गिरावट दर्ज हुई. वहीं, ओलावृष्टि और आंधी से नुकसान भी हुआ है. लेकिन, बिजली की खपत घट गई. मौसम विभाग ने 29 जिलों में बारिश-अंधड़ का अलर्ट जारी किया है.
राजस्थान के टोंक में गुरुवार को बारिश के साथ ओले भी गिरे. वहीं, अब शुक्रवार को भी कई जिलों में बारिश का अनुमान है. कुछ जिलों में आंधी चलने के भी आसार हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी ने बताया कि गुरुवार सुबह से शाम 5.30 बजे तक अजमेर में 10.8 मिमी, भीलवाड़ा में 9 मिमी, डबोक (उदयपुर) में 7.9 मिमी, वनस्थली में 4.4 मिमी और पिलानी में 3 मिमी बारिश दर्ज की गई.
हिंडौन शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया है. पानी का जलस्तर पांच से छह फीट तक बढ़ गया है. जलस्तर बढ़ने के कारण सड़कों पर बाढ़ जैसी स्थिति हो गई है. पानी लोगों के घरों में घुस रहा है. शहर के कई हिस्से पानी में डूब चुके हैं.
राजस्थान में चुनावों की सरगर्मियों के साथ अब रेगिस्तानी इलाकों में सूर्यदेवता भी अपना कहर बरपाने लगे हैं. आलम यह है कि सुबह सूरज निकलने के साथ ही बढ़ती उमस से जहां लोग पसीने से तरबतर हो रहे हैं तो दूसरी तरफ तपतपाती धूप में लोगों का घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है. राजस्थान प्रदेश ही नहीं पूरे देश में मंगलवार यानी सात मई के दिन बाड़मेर सबसे गर्म जिला रहा.
मंगलवार सुबह जैसलमेर और सीकर में सबसे सर्द सुबह रही. दोनों जिलों में क्रमश:7 और 7.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया. इसी तरह सिरोही में 7.3 डिग्री, बाडमेर और बीकानेर में 7.7 डिग्री, एरनपुरा रोड, श्रीगंगानगर और फलोदी में 7.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया.
मौसम केन्द्र, जयपुर के अनुसार अगले 48 घंटों में प्रदेश के अधिकांश भागों में उत्तरी हवाओं के प्रभाव से न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होगी. वहीं, राज्य में कहीं-कहीं हल्के से मध्यम दर्जे का कोहरा भी दर्ज होने की सम्भावना है. कोटा, उदयपुर व भरतपुर संभाग में अगले दो-तीन दिन कहीं-कहीं घना कोहरा भी दर्ज होने की संभावना है.
बीते 24 घंटों में कुछ भागों में हल्के से मध्यम दर्जे तक बारिश हुई है. सबसे ज्यादा बारिश सवाई माधोपुर में हुई है. यहां 29 मिमी बारिश मौसम विभाग ने दर्ज की है. वहीं, आज सुबह से जयपुर शहर को कोहरे ने अपने आगोश में लपेट लिया.
राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है. इससे मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है. किसी जिले में धूप है तो किसी जिले में बादल छाए हुए हैं. वहीं, आज कहीं- कहीं पर रूक- रूक कर हल्की बारिश भी हुई है. मौसम विभाग का कहना है कि सोमवार को भी कई जिलों में ओलावृष्टि के साथ बारिश हो सकती है
25 नवंबर को प्रदेश के जोधपुर और उदयपुर संभाग के कई जिलों में हल्की बारिश हो सकती है. इससे रबी किसानों को फायदा होगा. मौसम केन्द्र, जयपुर के अनुसार एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है. इससे दक्षिणी राजस्थान के जोधपुर और उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं बादल गरजेंगे और हल्की बारिश होगी.
राजस्थान में मौसम तेजी से बदल रहा है. पिछले 24 घंटों के दौरान बाड़मेर और जैसलमेर इलाकों में बारिश हुई. जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई. जैसलमेर में अधिकतम तापमान 28.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इसी तरह श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 30 डिग्री रहा.
कश्मीर में हो रही बर्फबारी के चलते राजस्थान के तापमान में बदलाव देखा जा रहा है और तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है. इसके अलावा प्रदेश की कई हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी भी देखने के लिए मिली जिसके कारण तापमान में कमी देखने के लिए मिल रही है.
इस साल मॉनसून सीजन की शुरूआत अच्छी बारिश के साथ हुई थी. क्योंकि किसानों ने बिपरजॉय की बरसात के बाद ही बुवाई शुरू कर दी. इसीलिए इस साल खरीफ सीजन में 162.88 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई की गई थी.
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 25 सितंबर तक मॉनसून विदा हो जाएगा. वहीं, पिछले 24 घंटों में पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की और एक-दो जगह भारी बारिश दर्ज हुई है.
मौसम केन्द्र, जयपुर के अनुसार गुरुवार को पूर्वी राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, अजमेर संभाग में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावना है. हालांकि अब बारिश होने से किसानों को काफी नुकसान होगा. इससे पहले पिछले दो हफ्तों में हुई बारिश से किसानों की करोड़ों रुपये की फसलें खराब हो चुकी हैं. सबसे ज्यादा नुकसान मूंग, बाजरा, मक्का और कपास में हुआ है.
राज्य के ऊपर बना परिसंचरण तंत्र आज दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान के ऊपर स्थित है. एक और नया परिसंचरण तंत्र बंगाल की खाड़ी में बना हुआ है. वहीं, जोधपुर व बीकानेर संभाग के कुछ भागों में आज भी बादल छाए रहने तथा रुक-रुक कर हल्के से मध्यम बारिश जारी रहने की सम्भावना है.
फिलहाल बारिश फसलों के लिए नुकसानदायक साबित होगी. क्योंकि पानी से उपज भीगेगी और इससे बीज खराब होगा. साथ ही होने वाला चारा भी खराब हो जाएगा. इससे किसानों को दो-तरफा नुकसान होगा.
मौसम केन्द्र, जयपुर से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है. इसके अगले 24 घंटों में और तेज होने की संभावना है. साथ ही अगले दो-तीन दिनों के दौरान उड़ीसा, छत्तीसगढ़ की ओर आगे बढ़ने की संभावना है. मानसून ट्रफ लाइन आज बीकानेर से होकर कम दबाव के क्षेत्र तक फैली है.
मौसम केन्द्र, जयपुर के अनुसार मंगलवार को भी 12 जिलों में बारिश हो सकती है. तीन जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है. इसी के साथ मौसम केन्द्र ने बताया कि 14 सितंबर तो बंगाल की खाड़ी में एक नया सिस्टम बनने की संभावना है. इससे पूर्वी राजस्थान में अगले 3-4 दिन में बारिश हो सकती है.
राजस्थान में इस साल बारिश ने अगस्त के महीने में सबसे ज्यादा निराश किया. वहीं, सितंबर के पहले हफ्ते में भी पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं छुटपुट बारिश हुई है. लेकिन प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में बरसात नहीं होने के कारण फसलें सूख गई हैं. ज्यादातर फसलों में 50 फीसदी तक नुकसान हुआ है.
मौसम केन्द्र, जयपुर के अनुसार इस साल अगस्त में बारिश में बेहद कमी दर्ज की गई है. राजस्थान में अगस्त में सिर्फ 30.9 मिमी बारिश हुई है. यह इतिहास में तीसरी सबसे कम बारिश दर्ज हुई है. इससे पहले साल 1905 में अगस्त महीने में 15.2 मिमी बारिश हुई थी.
जाता हुआ यह महीना किसानों को तर कर जाए. मौसम केन्द्र, जयपुर के अनुसार अगले कुछ दिनों में पूर्वी राजस्थान में बारिश होने की संभावना है, लेकिन प्रदेश के बाकी हिस्सों में मौसम शुष्क ही रहेगा. पिछले 24 घंटो में दौसा, भरतपुर, अलवर, धौलपुर, करौली जिलों में कहीं भारी व कहीं अतिभारी बारिश दर्ज की गई है.
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