राजस्थान के नागौर में अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. अलाय गांव में तेज बारिश और ओलावृष्टि से खेतों में ओलों की सफेद चादर बिछ गई. इससे खड़ी और कटी हुई फसलों को नुकसान पहुंचा है. किसानों ने प्रशासन से जल्द सर्वे कराकर राहत देने की मांग की है.
राजस्थान में 13 जुलाई 2026 तक खरीफ फसलों की बुवाई 104.12 लाख हेक्टेयर रही, जो लक्ष्य का 63% है. पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले करीब 17.83 लाख हेक्टेयर कम क्षेत्र में बुवाई हुई है. जानिए फसलवार बुवाई के आंकड़े...
राजस्थान में खरीफ 2026 सीजन की बुवाई ने रफ्तार पकड़ ली है. 9 जुलाई तक 165.39 लाख हेक्टेयर लक्ष्य के मुकाबले 92.65 लाख हेक्टेयर यानी 56% क्षेत्र में बुवाई हो चुकी है. कपास (72%) और मूंगफली (80%) लक्ष्य के सबसे करीब हैं, जबकि धान, तिल, ग्वार और अरंडी की बुवाई अभी पीछे है.
राजस्थान में खरीफ सीजन 2026 की बुवाई धीमी बनी हुई है. 6 जुलाई तक 76.12 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई, जो लक्ष्य का सिर्फ 46% है. पिछले साल के मुकाबले बुवाई का रकबा 21.25 लाख हेक्टेयर यानी करीब 22% कम रहा. जानिए फसलवार बुवाई का क्या हाल है...
राजस्थान में MSP पर चना बेचने वाले किसानों को बड़ी राहत मिली है. राजफेड ने रजिस्ट्रेशन नियम बदल दिए हैं, जिससे अब एक ही परिवार के सभी खातेदार किसान अलग-अलग रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे. किसान महापंचायत ने इसे लंबे संघर्ष की जीत बताया है.
राजस्थान में खरीफ-2026 सीजन के लिए बीटी कपास हाइब्रिड बीजों की बिक्री को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल गई है. 34 बीज कंपनियों को तय नियमों के तहत सप्लाई की अनुमति दी गई है. बीजों के परीक्षण, कीमत, क्वालिटी, QR कोड, और किसानों को प्रशिक्षण जैसे सख्त प्रावधान लागू किए गए हैं, जबकि कुछ जिलों में रोग-संवेदनशील बीजों की बिक्री पर रोक भी लगाई गई है.
भामाशाह मंडी में गेहूं की कम कीमत मिलने से तनाव में आए किसान की कथित हार्ट अटैक से मौत हो गई. पहले से बारिश और कर्ज के दबाव से जूझ रहे किसान के परिवार पर अब गहरा संकट आ गया है.
Dholpur में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं सहित रबी फसलों को भारी नुकसान हुआ है. किसानों के अनुसार करीब 50% तक फसल प्रभावित हुई है और मुआवजे की मांग उठ रही है.
Rajasthan Crop Loss: राजस्थान में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से कई जिलों में फसलों को भारी नुकसान हुआ है. गेहूं और मसाला फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित बताई जा रही हैं. प्रभावित किसानों के लिए तत्काल आर्थिक सहायता की मांग उठी है, जबकि मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और खराब मौसम की चेतावनी दी है.
सूरतगढ़ में लगातार दूसरे दिन बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से जनजीवन प्रभावित रहा, हाईवे पर ओलों की परत जम गई और तापमान में गिरावट दर्ज की गई. मौसम के इस बदलाव से खड़ी और कटी फसलों को नुकसान की खबरें सामने आई हैं.
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