मेथी की खेतीराजस्थान के मशहूर नागौरी पान मेथी को भारतीय मसाला बोर्ड की अनुसूची में शामिल के लिए भारत सरकार ने मुहर लगा दी है. सरकार ने इसका गजट नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है. इसी के साथ अब नागौरी पान मेथी को जीआई टैग (GI Tag) मिलने का रास्ता साफ हो गया है. सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने नागौरी पान मेथी को भारतीय मसाला बोर्ड में शामिल करने का गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. सरकार के इस फैसले से नागौरी पान मेथी को दुनिया में नई पहचान मिलेगी.
इस फैसले पर केंद्रीय राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी ने खुशी जाहिर की है. उन्होंने एक पोस्ट में लिखा, नागौरी पान मेथी को भारत सरकार के मसाला बोर्ड की शेड्यूल लिस्ट में शामिल कर लिया गया है. भारत सरकार के उद्योग और वाणिज्य मंत्रालय ने इस बारे में गैजेट नोटिफिकेशन इशू कर दिया है. नागौर के मेरे प्यारे किसान भाइयों को बहुत बहुत बधाई. अब यह सूखी मेथी नहीं बल्कि नागौर की विश्व प्रसिद्ध नागौरी पान मैथी मसाला फसल बन गई है. कसूरी नहीं, नागौरी पान मेथी कहिए जनाब.
नागौरी पान मेथी को शेड्यूल लिस्ट में शामिल करने के लिए किसान लंबे दिनों से मांग उठा रहे थे. नागौर के सांसद और राष्ट्रीय जनतांत्रिक पार्टी के नेता हनुमान बेनीवाल भी केंद्र सरकार से कई बार मांग उठा चुके हैं. सरकार ने इस मांग को पूरा कर दिया है. इसी के साथ नागौर में पान मेथी की खेती करने वाले किसानों को अब अधिक लाभ होगा. इससे नागौरी पान मेथी उगाने वाले किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और उनकी आय बढ़ेगी. देश के बाजार के अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी इसे प्राथमिकता मिलेगी और दाम भी अच्छे मिलेंगे.
सरकार के इस कदम से नागौरी पान मेथी को जीआई टैग मिलने का रास्ता साफ हो गया है. किसान इस टैग के लिए वर्षों से मांग उठा रहे थे. जीआई टैग मिलने से देश-विदेश के बाजारों में इसकी मांग बढ़ेगी और निर्यात में प्राथमिकता मिलेगी. इसे विशिष्ट पहचान मिलने से इसकी मांग बढ़ने के साथ ही कीमतों में भी वृद्धि होगी. किसान अब नागौरी पान मेथी को जल्दी जीआई टैग दिलाने की मांग को बढ़ाएंगे ताकि सरकार इस पर भी फैसला ले सके. इससे पान मेथी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में मदद मिलेगी.
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