केंद्र की कृषि योजनाओं ने किसानों को महायुति की तरफ मोड़ा और उन्होंने थोक में वोट दिया. इसमें महायुति को सबसे बड़ी मदद पीएम किसान सम्मान निधि योजना (PM-Kisan) से मिली जिसमें किसानों को तीन किस्तों में सालाना 6,000 रुपये दिए जाते हैं. महाराष्ट्र की 76 परसेंट आबादी में यह योजना सुपर हिट है. इस योजना के लाभार्थियों में 51 परसेंट ने जहां महायुति को वोट दिया, वहीं 35 फीसद वोट महाविकास अघाड़ी को मिले.
सरकार महाराष्ट्र में किसानों से 6000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से सोयाबीन खरीद सकती है, जिससे उन्हें उचित मूल्य मिल सके. इससे किसानों की मांग भी पूरी हो जाएगी जिसमें वे एमएसपी को लेकर गहरी चिंता जता रहे हैं. उनकी मांग एमएसपी की है जो कि 4892 रुपये प्रति क्विंटल है. ऐसे में सरकार अगर 6,000 रुपये के रेट से सोयाबीन खरीदती है तो किसानों को बहुत फायदा होगा.
महाराष्ट्र में भाजपा गठबंधन की महाजीत में किसानों की बड़ी भूमिका उभरकर सामने आई है. चुनाव के दौरान कपास और सोयाबीन के दाम और नमी के साथ खरीद को लेकर किए गए ऐलान ने किसानों को वोट में बदल दिया. कपास के दाम बढ़ाने, महिलाओं के लिए लाडकी बहिण योजना समेत महायुति के कई बड़े ऐलान किसानों को अपनी ओर झुका ले गए.
भाजपा के लिए चुनाव प्रभारी रहे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह के लिए झारखंड की हार बड़े फेल्योर के रूप में देखी जा रही है. मतगणना से पहले उन्होंने जीत का दावा किया था और कहा था कि उन्होंने झारखंड को पांव-पांव नापा है और वह जानते हैं कि पार्टी की जीत तय है. चुनाव के लिए उन्होंने कई विभागीय कार्यक्रमों को भी टाला, कई में पहुंच नहीं पाए.
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने जीत की हैट्रिक लगाई है. महायुति ने महाराष्ट्र की सत्ता में बैठने के लिए बहुमत के आंकड़े 145 से भी ज्यादा 200 के आंकड़े को पार कर लिया है. आखिर इस जीत के पीछे की वजह क्या रही? इस सवाल के जवाब में बीजेपी की आईटी सेल के चीफ अमित मालवीय ने जो कारण गिनाए उनमें किसानों की अहम भूमिका नजर आ रही है, सुनिए उन्होंने क्या कहा है-
उत्तरी महाराष्ट्र, देश के प्याज उत्पादन का गढ़ है. नासिक इसी क्षेत्र में है. यहां तीन सीटें आती हैं जहां बीजेपी ने अपनी जीत दर्ज की है. पूरे उत्तरी महाराष्ट्र की बात करें तो इस क्षेत्र में कुल 47 विधानसभा सीटें हैं. साल 2019 में इस क्षेत्र की कुल 47 सीटों में से बीजेपी ने सबसे ज्यादा 16 सीटें हासिल की थीं.
महाराष्ट्र, झारखंड और कई सीटों पर उप चुनाव के नतीजे अब लगभग सामने आ चुके हैं. वहीं, अगले साल दिल्ली में विधानसभा चुनाव होने जा रहे है. अब तक अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी बड़ी जीत हासिल करती आई है. लेकिन, क्या अब ये समीकरण काम करेंगे.
बीजेपी नेता प्रवीण दारेकेर ने उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सीएम पद के लिए अपना नेता बताया. उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि अगर बीजेपी से कोई मुख्यमंत्री बनेगा तो वह देवेंद्र फडणवीस होंगे." एनसीपी नेता अमोल मिटकरी ने इस पद के लिए अपनी पार्टी के प्रमुख और उपमुख्यमंत्री अजित पवार का नाम आगे बढ़ाया.
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की वोटिंग संपन्न होने के बाद राज्य के दोनों गठबंधन सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं. इसके पहले महा विकास अघाड़ी में सीएम की कुर्सी पर जंग छिड़ गई है. कांग्रेस ने कहा कि सीएम उनका बनेगा. इसपर शिवसेना यूबीटी ने कहा है कि वे नहीं मानेंगे. बैठक के बाद सीएम तय होगा.
झारखंड में आज विधानसभा चुनाव का दूसरा और अंतिम चरण है. राज्य के सीएम हेमंत सोरेन की पत्नी और गांडेय विधानसभा सीट से उम्मीदवार कल्पना सोरेन ने बीजेपी पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि राज्य में महागठंबधन की सरकार बनने जा रही है. बीजेपी सिर्फ बांंटने की राजनीति करती है.
फिलहाल विधानसभा में बीजेपी के 251 विधायक हैं, जबकि एसपी के 105 विधायक हैं. बीजेपी की सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) के 13 विधायक हैं, आरएलडी के 8 विधायक हैं, एसबीएसपी के 6 विधायक हैं और निषाद पार्टी के 5 विधायक हैं. कांग्रेस और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के दो-दो विधायक हैं, जबकि बीएसपी के एक विधायक हैं.
Maharashtra Politics: कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बयान पर महाराष्ट्र के किसान नेता ने पूछे तीखे सवाल. अनिल घनवत ने कहा कि खाद्य तेलों की इंपोर्ट ड्यूटी घटाकर किसने जीरो परसेंट की थी, क्या किसी और सरकार ने? सोयाबीन और कॉटन का दाम दो साल पहले एमएसपी से ज्यादा था तो इस साल कैसे कम हुआ?
महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और विदर्भ में सोयाबीन की सरकारी खरीद का मुद्दा गंभीर बना हुआ है. किसानों की परेशानी को देखते हुए प्रधानमंत्री से लेकर कृषि मंत्री तक को जवाब देना पड़ा है. राजनीति इतनी तेज हुई है कि विपक्षी दलों ने इसे जीत का हथियार बना लिया है. इन तमाम आरोप-प्रत्यारोप और लड़ाई-झगड़े के बीच मध्य प्रदेश ने सोयाबीन खरीद में महाराष्ट्र को पीछे छोड़ दिया है.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि हम 15 फीसदी नमी वाला सोयाबीन भी किसानों से खरीद रहे हैं. उधर, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कपास और सोयाबीन के कम दाम को लेकर बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि 10 साल से सोयाबीन का दाम नहीं बढ़ा है.
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान महाराष्ट्र चुनाव में जमकर प्रचार प्रसार कर रहे हैं. उन्होंने आज एक प्रेस वार्ता और जनसभा के दौरान यहां के किसानों के लिए सरकार की ओर से किए गए कामों का जिक्र किया. साथ ही विपक्षी MVA पर भी हमला बोला.
20 नवबंर को होने वाले महराष्ट्र चुनाव को लेकर राज्य में प्रचार अभियान के दौरान नेताओं में जुबानी वार-पलटवार जारी है. इस बीच, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार ने सत्तारूढ़ महायुति सरकार पर हमला बोला. उन्होंने जनसभा में किसानों की आत्महत्या का मुद्दा भी उठाया.
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार की योजनाओं से 4 लाख से अधिक किसानों को फायदा मिला है. इसमें नमो शेतकरी योजना बड़ी भूमिका निभा रही है. इस योजना में किसानों को डबल पैसा मिल रहा है. पीएम मोदी ने कहा, हमारी सरकार सोयाबीन किसानों को संकट से उबारने को अलग से 5,000 रुपये दे रही है. महायुति सरकार ने सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 6,000 रुपये प्रति क्विंटल करने का भी वायदा किया है.
चुनाव प्रचार में विपक्ष को जवाब देते हुए कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, जब सोयाबीन की कीमत में गिरावट आई तो सरकार ने तुरंत पाम ऑयल पर आयात शुल्क शून्य से बढ़ाकर 27.5 प्रतिशत कर दिया. उन्होंने कहा, "मैं किसानों को बताना चाहता हूं कि सोयाबीन की नमी 15 प्रतिशत होने पर भी खरीद केंद्र पर ले जाया जाएगा, जबकि पहले इसकी सीमा 12 प्रतिशत थी."
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में 10 लाख लोग वोट नहीं दे पाएंगे. ऐसा इसलिए क्योंकि राज्य में 15 नवंबर से गन्ने की पेराई शुरू होने वाली है. वहीं, ये मजदूर गन्ना काटने के लिए अपने घरों से कई पड़ोसी राज्यों में और जिलों में जा रहे हैं.
करहल में सबसे ज्यादा 1 लाख 25 हज़ार यादव मतदाता हैं. दूसरे नंबर पर शाक्य वोट माना जाता है जो तकरीबन 35000 है. जाटव वोट 30 हजार है, क्षत्रिय 30 हजार, ब्राह्मण 18 हज़ार, पाल 18 हजार, लोधी 13 हज़ार और मुसलमान 15 हज़ार वोट है. बीजेपी इस बार यादवों के अलावा सभी गैर यादव ओबीसी वोटों को अपने साथ रखने की जद्दोजहद में है.
जयराम रमेश ने पूछा कि किसानों की आत्महत्या को रोकने के लिए भाजपा क्या कर रही है. उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में औसतन हर दिन 7 किसान आत्महत्या कर लेते हैं. इसके अलावा महाराष्ट्र के चीनी उद्योग की उपेक्षा करने के आरोप लगाए हैं.
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