Green Fodder silage: मई-जून में गाय-भैंस के लिए चाहिए भरपूर हरा चारा तो मार्च में कर दें चार फसलों की बुवाई

Green Fodder silage: मई-जून में गाय-भैंस के लिए चाहिए भरपूर हरा चारा तो मार्च में कर दें चार फसलों की बुवाई

Green Fodder silage केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थांन, मथुरा के चारा एक्सपर्ट डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि जब चारा फसल की कटाई हो तो इन्हें आसानी से सुखाकर साइलेज बनाकर स्टोर किया जा सकता है. लेकिन किसी भी चारे की फसल को स्टोर करते वक्त इस बात का भी खास ख्याल रखें कि स्टोर किए जा रहे चारे की मात्रा उतनी ही हो कि चारे की आने वाली नई फसल तक स्टोर किया गया चारा खत्म हो जाए.

नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Feb 06, 2026,
  • Updated Feb 06, 2026, 10:09 AM IST

मई-जून वो महीने हैं जब भीषण गर्मी पड़ रही होती है. ऐसे में गाय-भैंस से भरपूर दूध लेने के लिए हरे चारे की जरूरत होती है. ऐसा हरा चारा जो पौष्टिाकता से भरपूर हो. हरा चारा पानी की कमी को भी पूरा करता है. लेकिन ऐसे वक्त में पौष्टि‍क हरा चारा मिलना मुश्किल होता है. यही वजह है कि फोडर एक्सपर्ट खासतौर पर मई-जून में हरे चारे की जरूरत को पूरा करने के लिए मार्च में चार प्रमुख चारा फसलों को लगाने की सलाह देते हैं. अगर मार्च में इनकी बुवाई कर ली जाती है तो फिर मई-जून में हरे चारे की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा. साथ ही मार्च में होने वाली बुवाई के लिए फरवरी से ही तैयारी शुरू करने की सलाह दी जाती है. 

इंडियन डेयरी एसोसिएशन के प्रेसिडेंट और अमूल के पूर्व एमडी आरएस सोढ़ी का कहना है कि पौष्टिकता से भरपूर और सस्ता हरा चारा दूध की कीमतें कम करने में मदद करता है. दूध की लागत दूध का उत्पादन बढ़ाकर कम की जा सकती है और हरा चारा उत्पादन बढ़ाने का काम करता है. शायद इसी के चलते चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के चारा एक्सपर्ट भी गर्मियों के लिए मार्च में चारा बुवाई की सलाह देते हैं. 

मार्च में इन चार फसलों की होगी बुवाई 

फोडर एक्सपर्ट ने सलाह देते हुए कहा है कि खासतौर पर गर्मियों में हरे चारे की बेहद कमी हो जाती है. इसलिए मई-जून में पशुओं के लिए हरे चारे की कोई कमी ना रहे इसके लिए मार्च में ही चारे की बुवाई शुरू कर दें. खासतौर पर ज्वार, बाजरा, लोबिया और मक्का की बुवाई कर अच्छा पौष्टिक चारा लिया जा सकता है. मार्च में बुवाई करने से मई में फसल काटी जा सकती है. साथ ही किसान चारे की फसल के बीज बेचकर भी अपनी इनकम बढ़ा सकते हैं. अगर बरसीम, जई और रिजका की फसल से बीज उत्पादन किया जाए तो अच्छी इनकम होगी. 

चारा फसल कटने पर ऐसे बनाएं साइलेज 

फोडर एक्सपर्ट ने चारे से साइलेज बनाने के बारे में बात करते हुए बताया कि घर पर भी हरे चारे से हे और साइलेज बड़ी ही आसानी से बनाया जा सकता है. लेकिन जरूरत है बस थोड़ी सी जागरुकता की. जैसे पतले तने वाले चारे की फसल को पकने से पहले ही काट लें. उसके बाद तले के छोटे-छोटे टुकड़े कर लें. उन्हें तब तक सुखाएं जब तक उनमे 15 से 18 फीसद तक नमी ना रह जाए.

हे और साइलेज के लिए हमेशा पतले तने वाली फसल का चुनाव करें. क्योंकि पतले तने वाली फसल जल्दी सूखेगी. कई बार ज्यादा लम्बे वक्त तक सुखाने के चलते भी चारे में फंगस की शिकायत आने लगती है. यानि चारे का तना टूटने लगे इसके बाद इन्हेंय अच्छी तरह से पैक करके इस तरह से रख दें कि चारे को बाहर की हवा न लगे.

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