PDFA Expo: इनाम में ट्रैक्टर-बुलैट जीतने से पहले गाय-भैंसों को कराना होगा डोप टेस्ट

PDFA Expo: इनाम में ट्रैक्टर-बुलैट जीतने से पहले गाय-भैंसों को कराना होगा डोप टेस्ट

PDFA Expo 7 से 9 फरवरी तक जगरांव, लुधि‍याना, पंजाब में देश का बड़ा पशु मेला लगने जा रहा है. तीन दिन तक लगने वाले इस मेले में दो गाय और दो भैंसों की नस्लीय कैटेगिरी में मिल्किंग कम्पटीशन होगा. प्रोग्रेसिव डेयरी फार्मर एसोसिएशन (PDFA) के इस एक्सपो में तीन लाख से ज्यादा लोग आते हैं. विदेश से भी डेयरी एक्सपर्ट एक्सपो में हिस्सा लेने आते हैं. 

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PDFA Expo: इनाम में ट्रैक्टर-बुलैट जीतने से पहले गाय-भैंसों को कराना होगा डोप टेस्टपीडीएफए एक्सपो का फाइल फोटो.

लुधि‍याना में एक बड़ा पशु मेला होने जा रहा है. प्रोग्रेसिव डेयरी फार्मर एसोसिएशन (PDFA) एक्सपो के नाम से तीन दिन तक आयोजन किया जा है. एक्सपो में गाय-भैंस का मिल्किंग कम्पटीशन होता है. ज्यादा दूध देने वाली गाय-भैंस को इनाम में ट्रैक्टर-बुलैट दिए जाएंगे. लेकिन ट्रैक्टर-बुलैट जीतने से पहले एक्सपो में हिस्सा लेने वालीं गाय-भैंस को अपना डोप टेस्ट कराना होगा. इतना ही नहीं डोप टेस्ट भी गुरु अंगद देव वेटरनरी और एनिमल साइंस यूनिवर्सिटी (Gadvasu), लुधियाना करेगी. साथ ही एक्सपो में आ रहीं सभी गाय-भैंस में बीमारियों की भी जांच की जाएगी. 

सभी तरह के टेस्ट के बाद ही गाय-भैंस को एक्सपो में एंट्री मिलती है. आयोजकों के मुताबिक एक्सपो में यूरोप का डेलीगेशन भी आ रहा है. साथ ही देश के सभी राज्यों समेत पड़ोसी देशों से भी पशुपालक एक्सपो में हिस्सा लेने आते हैं. आयोजकों का ये भी कहना है कि इस बार गाय की कैटेगिरी में ज्यादा दूध देने का पहला इनाम जीतने वाली गाय 85 लीटर दूध देने वाली हो सकती है. 

आयोजक बोले क्यों जरूरत पड़ी टेस्ट की 

पीडीएफए के राष्ट्रीय संयोजक उदय तिवारी ने किसान तक को बताया कि कुछ पशुपालक प्रतियोगिता के दौरान या उससे पहले गाय-भैंस को एक ऐसा टीका देते हैं जो सिंथेटिक ग्रोथ हॉर्मोन का होता है. इससे होता ये है कि जो गाय-भैंस 20 लीटर दूध दे रही है वो इस टीके के बाद 30 से 35 लीटर तक दूध देने लगती है. इसी की जांच करने के लिए पीडीएफए के प्रेसिडेंट दलजीत सिंह गिल की सलाह पर हमने प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए आने वाले पशुओं की जांच कराना शुरू कर दिया है. डोप टेस्ट की तरह से लैब में इनके ब्लड और मिल्क की जांच की जाती है. गडवासु यूनिर्सिटी के बॉयो टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट ने इसकी जांच का तरीका खोजा है. 

अमेरिका-पाकिस्तान तक इस्तेमाल हो रहा ये टीका

वाइस चांसलर और एनिमल एक्सपर्ट डॉ. इन्द्रजीत सिंह ने बताया कि अमेरिका, कनाडा, ब्राजील और पाकिस्ता‍न में ज्यादा दूध लेने के लिए धड़ल्ले से पशुओं को ये टीका दिया जा रहा है. लेकिन हमारे देश में इसकी मंजूरी नहीं है. भारत में भी साल 2010 से 2013 के बीच इसका टेस्ट किया गया था. मैंने खुद कुछ भैंसों पर इसका इस्ते‍माल किया था. लेकिन भारत सरकार ने इसकी मंजूरी नहीं दी थी. तब से कुछ लोग चोरी-छिपे इसे देश में लाते हैं और पशु पालकों को बेचते हैं.   

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