उत्तराखंड में भारी बारिश से अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है और 144 घरों को नुकसान पहुंचा है. 133 से अधिक सड़कें, जिनमें NH और SH शामिल हैं, बंद हैं. कई गांव जिला मुख्यालय से कट चुके हैं और राहत कार्य जारी है.
Uttarakhand Weather Update: उत्तराखंड में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना है. मौसम विभाग ने देहरादून, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग, चमोली और नैनीताल में बहुत भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी है. यात्रियों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और जलभराव का खतरा बना हुआ है.
बर्फबारी नहीं होने के कारण यहां पर आने वाले पर्यटकों की संख्या में काफी कमी देखी जा रही थी. आमतौर पर पर दिसंबर और जनवरी के महीने में औली बर्फ की चादर से ढंका रहता है.
मौसम विभाग के अनुसार 9 और 10 जनवरी को राज्य के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक रोहित थपलियाल ने बताया कि अगले पांच दिनों तक प्रदेश में तापमान सामान्य रहेगा. कुछ इलाकों में घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया गया है.
चमोली जनपद में दिसंबर शुरू होने के साथ ही जबरदस्त ठंड का प्रकोप देखने को मिल रहा है. जोशीमठ बद्रीनाथ हेमकुंड साहिब या नीति घाटी हर तरफ इस समय जबरदस्त शीतलहरी का प्रकोप देखने के लिए मिल रहा है.
हालांकि बर्फबारी शुरू होने के साथ ही यहां के तामपान में गिरावट आई है. जिसके चलते यहां कड़ाके की ठंड का प्रकोप भी देखने को मिल रहा है. बावजूद इसके लोगं के उत्साह में किसी प्रकार की कमी दिखाई नहीं दे रही है. हर कोई यहां पर बर्फबारी देखने के लिए पहुंच रहा है.
कुदरत ने यहां भगवान बद्री विशाल के धाम का श्रृंगार बर्फ की सफेद चादर से कर दिया है. अब एक महीने कुछ दिन का समय शेष रह गया है, जब भगवान बद्री के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे, लेकिन उससे पहले यहां कुदरत मेहरबान दिखाई दे रही है. तीर्थ यात्रा करने वाले लोग इसका फायदा उठा रहे हैं.
पिछले कुछ दिनों से बिहार (Bihar) के कई जिलों में लगातार बारिश (Rain) देखने को मिल रही है. जिससे किसान तो खुश हैं, लेकिन आने वाले दिनों में मौसम में क्या बदलाव देखने को मिल सकता है. मौसम वैज्ञानिक डॉo अब्दुस सत्तार ने किसानों को तमाम हिदायत दी.
उत्तराखंड के अलग-अलग जिलों में भारी बारिश के आसार हैं. अभी कई जगहों पर लैंडस्लाइड की घटनाएं सामने आ रही हैं. बादल फटने की घटना भी सामने आई है. इस बीच उत्तराखंड सरकार ने कहा है कि बाढ़ के खतरे से बचने के लिए बांधों और संवेदनशील जगहों पर सायरन लगाया जाएगा.
अगर बारिश की बात की जाए तो चौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत, नैनीताल, चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी में बारिश देखने को मिल रही है. इसके साथ ही चारधाम की अगर हम बात करें तो दोपहर बाद चारधामों में मौसम बदलने लगता है. इसी के साथ बर्फबारी से भी परेशानी बढ़ी है.
आकाशीय बिजली गिरने से बागेश्वर के लेटी गांव में 14 मवेशियों की मृत्यु हो गई है. घटना की सूचना मिलने पर पटवारी औक पशु चिकित्सा अधिकारी की टीम की ओर से आवश्यक कार्यवाही की जा रही है. बेमौसमी इस बारिश से साबसे ज्यादा किसान नाखुश हैं. किसानों का कहना है कि अभी फसलों की मड़ाई और कटाई का काम किया जा रहा है. ऐसे में रोज बारिश दखल डाल रही है.
मैदानी इलाकों में भयंकर गर्मी चल रही है. कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश को छोड़ दें तो अधिकांश इलाके 40-42 डिग्री तापमान में तप रहे हैं. लोगों को घर से निकलना मुहाल हो गया है. दूसरी ओर, उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में जमकर बर्फबारी हो रही है. इससे ठंड बढ़ गई है. पढ़िए ये खास रिपोर्ट.
बर्फबारी नहीं होने या कम होने से पूरे पहाड़ों में कई संकट छा सकते हैं. बर्फ नहीं गिरने से ग्लेशियर नहीं बनेंगे जिससे पानी के स्रोत सूख सकते हैं. इससे पेयजल का संकट तो होगा ही, खेती के लिए सिंचाई का पानी भी नहीं मिलेगा.
इस बार पहाड़ों में मौसम का परिवर्तन कुछ अधिक ही देखने को मिल रहा है. बहुत कम बर्फबारी के कारण फरवरी में ही उत्तरकाशी की अधिकांश पहाड़ियां काली नजर आ रही हैं. यमुनोत्री और गंगोत्री सहित उत्तरकाशी के जिन पहाड़ों में बर्फ की सफेदी साफ देखने को मिलती थी, वहां अब बर्फ नहीं दिख रही है.
उत्तराखंड में बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है. इस बार इसमें देरी देखी गई. IMD के Weather Updates में बर्फबारी की संभावना जताई गई थी. औली, बद्री धाम और केदारनाथ धाम में तेज बर्फबारी देखी जा रही है. इससे पर्यटकों और स्थानीय व्यवसायियों में खुशी की लहर है. इस बार बर्फबारी कुछ देर से हुई है.
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