हिमाचल के लाहौल में ताजा बर्फबारी, (सांकेतिक तस्वीर)पूरे देश के मौसम ने एक बार फिर करवट ली है. इसके कारण जहां पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी हो रही है वहीं मैदानी इलाकों में बारिश हो रही है. जबकि दक्षिण भारत में के राज्यों में भारी बारिश हो रही है. उत्तराखंड के चमोली में भी एक बार फिर से मौसम ने करवट बदल दी है. मौसम के करवट बदलने के साथ ही चमोली स्थित नीतीघाटी के मलारी में जबरदस्त बर्फबारी हो रही है. इस इलाके में आज सुबह ही तेज बर्फबारी शुरू हुई जो अभी दिन तक जारी रही. इसके कारण यहां पर बर्फ की आधी फीट मोटी चादर बिछ चुकी है.
ठंड के मौसम में हो रही इस बारिश का आंनद कोई ले रहा है. हर कोई बर्फबारी का दीदार कर रहा है. हालांकि बर्फबारी शुरू होने के साथ ही यहां के तामपान में गिरावट आई है. जिसके चलते यहां कड़ाके की ठंड का प्रकोप भी देखने को मिल रहा है. बावजूद इसके लोगं के उत्साह में किसी प्रकार की कमी दिखाई नहीं दे रही है. हर कोई यहां पर बर्फबारी देखने के लिए पहुंच रहा है. बर्फबारी के कारण यहां पर ठंड काफी बढ़ गई है. वहीं स्थानीय लोगों के चेहरे पर मौसम में हुए इस खूबसूरत बदलाव की खुशी दिखाई दे रही है. मलारी इस समय एक बार फिर से बर्फ की सफेद मोटी चादर से लिपट चुका है.
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हालांकि इस समय मलारी में कुछ ही लोग रह रहे हैं, क्योंकि हर साल ठंड के मौसम में यहां के स्थानीय लोग ठंड से बचने के लिए निचली जगहों पर चले जाते हैं. इसके बाद फिर गर्मी के मौसम में वापस रहने के लिए मलारी चले आते हैं. ऐसे में इस समय घाटी पूरी तरह से खाली है, पर कुछ लोग अभी भी यहां पर मौजूद है जो यहां बर्फबारी का आंनद ले रहे हैं. इतना ही नहीं कड़ाके की ठंड का भी सामना भी इन्हें करना पड़ रहा है. बर्फबारी के बाद एक बार फिर से पूरी घाटी में जबरदस्त शीतलहर का प्रकोप देखने को मिल रहा है.
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वहीं बागेश्वर में देर शाम हुई बारिश ने किसानों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है. बारिश के कारण किसान खुश है वहीं इसके कारण आम जनजीवन भी खासा प्रभावित हुआ है. कड़ाके की ठंड के कारण आम लोगों और व्यापारियों के कामकाज पर खासा असर पड़ा है. ठंड के कारण व्यापारी अपने दुकानों में बैठकर आग सेकते दिखाई दिए. यहां पर बर्फीली हवाएं चलने जैसी कनकनी है. जिससे पूरा बागेश्वर शीतलहर की चपेट में है.
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