Himachal Weather Update: चार महीने के सूखे के बाद हिमाचल प्रदेश में हुई ताजा बर्फबारी और बारिश ने राहत की उम्मीद जगा दी है. शिमला समेत ऊंचाई वाले इलाकों में सफेद चादर बिछने से किसान, बागवान और पर्यटन कारोबार से जुड़े लोग उत्साहित हैं.
हिमाचल प्रदेश में दिसंबर के दौरान सभी 12 जिलों में 100 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है. सामान्य से अधिक तापमान ने किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ा दी है. शिमला सहित कई इलाकों में रातें गर्म रहीं, जबकि मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक शुष्क मौसम का अनुमान जताया है.
हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है और लाहौल-स्पीति में बर्फबारी शुरू हो गई है.सुबह जब लोग घरों से बाहर निकले तो पूरे क्षेत्र बर्फ की सफेद चादर में ढका दिखाई दिया.
Himachal Pradesh Cloudburst: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में गुतराहण गांव में बादल फटने से कई वाहन मलबे में दब गए और खेतों को भारी नुकसान हुआ. गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई.
हिमाचल के कुल्लू में भारी बारिश से पहाड़ी दरकने पर अखाड़ा बाज़ार में तीन मकान ढह गए. हादसे में 10 लोग मलबे में दबे, अब तक 4 निकाले गए, जिनमें एक की मौत हो गई. एनडीआरएफ, आईटीबीपी और प्रशासन की टीमें रेस्क्यू में जुटी हैं.
Kullu Cloud Burst News: हिमाचल के कुल्लू में लगातार दूसरे दिन बादल फटा. शास्त्री नगर नाले में बाढ़ से तीन गाड़ियां और दो बाइक बह गईं, कई दुकानों व मकानों में मलबा भर गया. रातभर तेज आवाजों से लोग दहशत में घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों पर चले गए. गनीमत रही कि जनहानि नहीं हुई.
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का दौर जारी है. मौसम विभाग ने आगे भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक 21 और 22 जुलाई को कई जिलों में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है. इसे देखते हुए लोगों को सावधान रहने की अपील की गई है.
Himachal Weather: मई के अंत में हिमाचल प्रदेश के रोहतांग दर्रे में हुई ताज़ा बर्फबारी ने पर्यटकों को रोमांचित कर दिया. बर्फबारी से निचले इलाकों में तापमान में गिरावट आई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली. इस मौसम परिवर्तन से मनाली का पर्यटन कारोबार भी तेज़ी पकड़ने की उम्मीद है.
हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों दोनों को उत्साहित कर दिया है. मौसम विभाग के अनुसार, मनाली, नारकंडा, कुफरी, सोलंग वैली, सिस्सू और आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बर्फबारी होने की संभावना है. इसके अलावा, राजधानी शिमला में बारिश का अनुमान भी है.
हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर भूस्खलन और अचानक बाढ़ आने की संभावना के बारे में भी चेतावनी दी है और तेज हवाओं और निचले इलाकों में जलभराव के कारण बागानों, खड़ी फसलों, कमजोर संरचनाओं और कच्चे घरों को नुकसान पहुंचने की भी चेतावनी दी है. अधिकारियों के अनुसार, 27 जून से 5 अगस्त के बीच बारिश से संबंधित घटनाओं में 87 लोग मारे गए और राज्य को 684 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ.
मौसम विभाग की ओर से उत्तर प्रदेश के लिए अच्छी खबर है. मंगलवार से राज्य के कई इलाकों में मॉनसून की सक्रियता बढ़ जाएगी. लोग उमस और गर्मी से परेशान हैं और किसान बेसब्री से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं. अगले चार-पांच दिनों तक उत्तर प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में मॉनसून के सक्रिय रहने की उम्मीद है.
मंगलवार रात से रुक-रुक कर बर्फबारी का क्रम जारी है. साथ ही अधिक बर्फबारी की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग ने 31 जनवरी और 1 फरवरी को अलग-अलग स्थानों पर भारी बर्फबारी और बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है. इस बारिश से किसानों को राहत मिली है बारिश और भारी बर्फबारी के पूर्वानुमान ने फल और सब्जी उत्पादकों को खुश कर दिया है, जिन्हें सूखे के कारण फसलों और बागवानीका बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ था.
शिमला में सुबह आसमान साफ था, लेकिन दोपहर तक आसमान में घने बादल छा गए और शहर में रुक-रुक कर भारी बारिश और ओलावृष्टि हुई, जिससे लोगों को घर के अंदर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा. रोहतांग और कुंजुम दर्रे पर भारी बर्फबारी के कारण मनाली-लेह राजमार्ग अवरुद्ध हो गया है.
वेस्टर्न डिस्टरबेंस के चलते अब पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी होगी जिसके कारण मैदानी इलाकों में भी तापमान घटेगा राजधानी दिल्ली में भी तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी. दिल्ली की बात करें तो लगातार पांच दिनों तक गंभीर वायु गुणवत्ता के बाद दिल्ली में प्रदूषण का स्तर मंगलवार सुबह थोड़ा कम हुआ.
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक डॉ. संदीप ने बताया कि अमूमन प्रदेश से मॉनसून की विदाई 24 सितंबर तक होती है, लेकिन फिलहाल अभी मॉनसून के जाने के बारे में कुछ नहीं बताया जा सकता. एक जून से लेकर 31 अगस्त तक प्रदेश भर में सामान्य से 33 फ़ीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई.
19 से 21 अगस्त तक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट सात से आठ जिलों के लिए जारी किया गया है. इसमें 21 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. उन्होंने कहा कि भारी बारिश के बाद नदी नालों का जलस्तर बढ़ रहा है.
हिमाचल के कुछ हिस्सों में शुक्रवार को हल्की से भारी बारिश हुई. भोरंज में 127 मिमी, कटौला में 118 मिमी, धर्मशाला में 76 मिमी, रामपुर में 49 मिमी, मंडी में 63 मिमी, नैना देवी और सुंदरनगर में 42 मिमी और कांगड़ा में 36 मिमी बारिश हुई. शनिवार को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
किन्नौर और लाहौल स्पीति में जहां मॉनसून में काफी कम बारिश होती थी. इन दो जिलों में भी इस बार जमकर बारिश हुई है और लाहौल स्पिति में बर्फबारी भी हुई है. प्रदेश में मॉनसून की बारिश के चलते नदी नालों में भी पानी का स्तर काफी ज्यादा बढ़ गया है. इसके बाद जिला मंडी और कुल्लू में काफी नुकसान भी हुआ है.
अभी तक हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तरी हरियाणा, पश्चिमी यूपी में अति भारी बारिश दर्ज की गई है. इसके अलावा पूर्वी राजस्थान, बिहार, पूर्वी यूपी, सिक्किम, असम और मेघालय, गुजरात में भारी बारिश हुई है. इन राज्यों में सात सेमी से अधिक और 11 सेमी से कम बारिश दर्ज की गई है.
मौसम विभाग कार्यालय ने शनिवार को हिमाचल प्रदेश के सात जिलों के लिए 'रेड' अलर्ट जारी किया, जिसमें आठ और नौ जुलाई को अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. अति भारी बारिश का 'रेड' अलर्ट एक दिन में 204 मिमी से अधिक बारिश की संभावना को बताता है.
हिमाचल प्रदेश में बारिश का भारी असर देखने को मिल रहा है. कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति है. कई जगह बादल फटने, लैंडस्लाइड और फ्लैश फ्लड से लोगों की परेशानी बढ़ी है. बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में 43 लोगों की मौत हुई है जबकि सरकारी संपत्ति का भी भारी नुकसान हुआ है.
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