प्याज किसानों की सरकार से मांगमहाराष्ट्र में लगातार हो रही बारिश के बीच प्याज उत्पादक किसानों ने राज्य सरकार से बड़ी मांग की है. दरअसल, महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ ने कहा है कि सरकार को बारिश और प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों की समस्याओं पर भी उतनी ही गंभीरता से ध्यान देना चाहिए, जितना वह शहरों में ट्रैफिक जाम या सड़क हादसों जैसी घटनाओं पर देती है. संघ का कहना है कि किसानों को हर साल भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है, लेकिन किसानों की परेशानियों पर अक्सर वैसा ध्यान नहीं दिया जाता, जैसे दिया जाना चाहिए.
प्याज उत्पादक संघ के अध्यक्ष भरत दिघोले ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि हाल ही में मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर भूस्खलन के कारण यातायात बाधित होने की घटना पर सरकार और प्रशासन ने तुरंत सक्रियता दिखाई. लेकिन जब भारी बारिश, ओलावृष्टि, बाढ़, सूखा या बेमौसम बारिश से किसानों की फसलें बर्बाद होती हैं, तब उसी स्तर की तत्परता देखने को नहीं मिलती. उन्होंने कहा कि शहरों में कुछ घंटों के ट्रैफिक जाम पर पूरे राज्य का ध्यान चला जाता है, जबकि किसान प्राकृतिक आपदाओं के कारण लाखों रुपये का नुकसान झेलते हैं और फिर भी खेती करना नहीं छोड़ते.
भरत दिघोले ने कहा कि किसान सिर्फ मौसम की मार ही नहीं झेल रहे हैं, बल्कि फसलों में लगने वाली बीमारियां, मंडियों में गिरते दाम, परिवहन की समस्याएं और बढ़ती लागत जैसी कई चुनौतियों का सामना भी कर रहे हैं. कई बार एक ही दिन में किसानों की पूरी फसल खराब हो जाती है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. उन्होंने कहा कि इसके बावजूद किसान हार नहीं मानते और पूरी मेहनत के साथ खेती जारी रखते हैं. ऐसे में सरकार को किसानों के हितों को भी प्राथमिकता देनी चाहिए.
संघ के अध्यक्ष ने कहा कि मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर भूस्खलन जैसी घटनाएं प्राकृतिक आपदाओं के दौरान हो सकती हैं. ऐसे मामलों का राजनीतिकरण करने के बजाय भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने, आपातकालीन व्यवस्था को मजबूत करने और लोगों की परेशानी कम करने पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि सड़क, पुल, सुरंग और एक्सप्रेसवे जैसे बुनियादी ढांचे का विकास जरूरी है, क्योंकि इससे किसानों को भी फायदा मिलता है. प्याज, फल और सब्जियों जैसी जल्दी खराब होने वाली फसलों को समय पर बाजार तक पहुंचाने के लिए बेहतर सड़क और परिवहन व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण है. इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिलने की संभावना बढ़ जाती है.
भरत दिघोले ने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं है. संगठन का उद्देश्य केवल किसानों के हितों की रक्षा करना है. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के विकास के लिए शहर और गांव दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं, इसलिए सरकार को शहरी क्षेत्रों में होने वाली परेशानियों के साथ-साथ किसानों की समस्याओं और प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान पर भी समान गंभीरता से ध्यान देना चाहिए, ताकि किसानों को समय पर राहत और आवश्यक सहायता मिल सके. (PTI)
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today