सिरसा में जमीन अध‍िग्रहण का मुआवजा बढ़ाने की मांग, बिजली टावरों पर चढ़कर किसानों ने रुकवाया काम

सिरसा में जमीन अध‍िग्रहण का मुआवजा बढ़ाने की मांग, बिजली टावरों पर चढ़कर किसानों ने रुकवाया काम

हरियाणा के सिरसा जिले के वैदवाला गांव में बिजली ट्रांसमिशन लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण के मुआवजे को लेकर 9 किसान बिजली टावरों पर चढ़ गए. किसानों ने मुआवजा बढ़ाने की मांग की. प्रशासन, बिजली विभाग और किसान नेताओं की बैठक के बाद फिलहाल परियोजना का काम रोक दिया गया...

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सिरसा में जमीन अध‍िग्रहण का मुआवजा बढ़ाने की मांग, बिजली टावरों पर चढ़कर किसानों ने रुकवाया कामटावर पर चढ़े किसान (AI Image)

हरियाणा के सिरसा जिले के वैदवाला गांव में बिजली ट्रांसमिशन लाइन के लिए जमीन अधिग्रहण के बदले ज्‍यादा मुआवजे की मांग को लेकर किसानों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया. बुधवार को नौ किसान बिजली ट्रांसमिशन टावरों पर चढ़ गए और काम रुकवाने की मांग करने लगे. स्थिति को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया और आसपास के गांवों से भी किसान प्रदर्शन स्थल पर पहुंच गए.

खेत में जाने से रोकने के आरोप के बाद बढ़ा विवाद

प्रदर्शन की शुरुआत उस समय हुई, जब किसान भूपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग से जुड़े कर्मचारियों ने उन्हें उनके खेत में जाने से रोक दिया, जहां ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण कार्य चल रहा था. इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया और भूपेंद्र सिंह एक टावर पर चढ़ गए. इसके बाद आठ अन्य किसान, जिनमें एक दिव्यांग किसान भी शामिल था, विरोध जताने के लिए अलग-अलग टावरों पर चढ़ गए.

दूसरे जिलों जैसी मुआवजा नीति की मांग

प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कहा कि बिजली टावर लगाने के लिए उनकी जमीन के बदले दिया जा रहा मुआवजा पर्याप्त नहीं है. किसानों ने मांग की कि मुआवजे की दरों को सोनीपत समेत उन जिलों के समान किया जाए, जहां अधिक भुगतान किया गया है. विरोध के दौरान टावरों पर बैठे किसानों तक भोजन और चारपाइयां भी पहुंचाई गईं.

किसान नेताओं और प्रशासन के बीच बनी सहमति

बढ़ते तनाव के बीच जिला प्रशासन, बिजली विभाग के अधिकारियों और किसान नेताओं के बीच बैठक हुई. बैठक में भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी और पगड़ी संभाल जट्टा के प्रदेश अध्यक्ष मनदीप नाथवान भी शामिल हुए. बातचीत के बाद प्रशासन ने अगली सूचना तक ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण कार्य रोकने पर सहमति जताई. इसके बाद सभी नौ किसान सुरक्षित नीचे उतर आए.

संयुक्त समिति करेगी मुआवजे की समीक्षा

सिरसा के उपायुक्त शांतनु शर्मा ने बताया कि फिलहाल परियोजना का काम रोक दिया गया है. उन्होंने कहा कि बिजली निगम के अधिकारियों और किसान प्रतिनिधियों की एक संयुक्त समिति बनाई जाएगी, जो जमीन के मूल्यांकन और किसानों की बढ़े हुए मुआवजे की मांग की समीक्षा करेगी. समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा.

बिजली आपूर्ति मजबूत करने के लिए है परियोजना

हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम के उपमंडल अधिकारी कुलदीप सिंह के अनुसार, चोरमार पावर स्टेशन से सिरसा सब-स्टेशन तक 220 केवी डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन बिछाई जा रही है. यह परियोजना अंतिम चरण में है और इसके पूरा होने के बाद क्षेत्र में बिजली आपूर्ति अधिक भरोसेमंद होगी. उन्होंने बताया कि मौजूदा फतेहाबाद-सिरसा-मताना सिंगल सर्किट लाइन खराब मौसम और ओवरलोडिंग के दौरान अक्सर प्रभावित हो जाती है, इसलिए नई लाइन वैकल्पिक ट्रांसमिशन मार्ग के रूप में काम करेगी. (पीटीआई)

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