भारत-इंडोनिशिया के बीच कृषि क्षेत्र में अहम समझौते हुए (फोटो- X@narendramodi)प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय इंडोनेशिया के दौरे पर हैं. इंडोनेशिया ने उन्हें सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'बिंतांग आदिपूर्णा' (Bintang Adipurna) से सम्मनित किया है. राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने भारत-इंडोनेशिया संबंधों को मजबूत करने में उनके नेतृत्व और विशेष योगदान के लिए यह सम्मान दिया. सम्मान ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री ने इसे भारत और इंडोनेशिया की जनता और दोनों देशों के ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंधों को समर्पित बताया. इसी दौरे के दौरान दोनों देशों ने कृषि क्षेत्र में सहयोग को नई मजबूती देने के लिए महत्वपूर्ण फैसले किए. भारत ने इंडोनेशिया को 100 टन उच्च गुणवत्ता वाले गेहूं के बीज उपलब्ध कराने की घोषणा की, जबकि टिकाऊ खेती और कृषि प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने पर भी सहमति बनी.
राष्ट्रपति भवन इस्ताना मर्देका में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर और सीमित प्रारूप में बातचीत हुई. दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, रक्षा, ऊर्जा, स्वास्थ्य, डिजिटल प्रौद्योगिकी, समुद्री सहयोग और कृषि समेत व्यापक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की. बातचीत के बाद कृषि और इससे जुड़े क्षेत्रों सहित कई क्षेत्रों में समझौतों और सहमति पत्रों का आदान-प्रदान किया गया.
संयुक्त प्रेस वक्तव्य में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया दोनों के लिए खाद्य सुरक्षा और फसलों की उत्पादकता बढ़ाना महत्वपूर्ण प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि भारत में विकसित गेहूं की उन्नत किस्मों के बीज इंडोनेशिया को उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे वहां की खाद्य सुरक्षा को मजबूती मिलेगी.
इसके साथ ही दोनों देश सस्टेनेबल फार्मिंग और एग्रो-टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान करेंगे. प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि भारत ने अपने सार्वजनिक वितरण प्रणाली और मिड-डे मील कार्यक्रम के अनुभव इंडोनेशिया के साथ साझा किए हैं और दोनों देश इस सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमत हुए हैं.
दोनों देशों के बीच जारी किए गए साझा परिणामों में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में सहयोग संबंधी समझौता भी शामिल है. भारत की ओर से इंडोनेशिया को 100 टन उच्च गुणवत्ता वाले डीडब्ल्यूआर-162 गेहूं बीज उपलब्ध कराने की घोषणा की गई. यह पहल कृषि सहयोग को व्यावहारिक रूप देने और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.
दौरे के दौरान दोनों देशों ने डिजिटल सहयोग, स्वास्थ्य, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, समुद्री सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और शिक्षा सहित कई क्षेत्रों में भी नए समझौतों की घोषणा की. साथ ही इंडोनेशिया में भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) बेंगलुरु का परिसर स्थापित करने, प्रम्बानन मंदिर के संरक्षण में भारत के सहयोग और वर्ष 2027 को 'टैगोर-देवान्तरा सांस्कृतिक एवं शैक्षिक कूटनीति वर्ष' के रूप में संयुक्त रूप से मनाने का भी ऐलान किया गया.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today