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क्या है फोलियर स्प्रे फर्टिलाइजर जो मरे पौधों को भी जिंदा कर देता है, कैसे करते हैं इस्तेमाल

क्या है फोलियर स्प्रे फर्टिलाइजर जो मरे पौधों को भी जिंदा कर देता है, कैसे करते हैं इस्तेमाल

इसका छिड़काव पत्तियों में किया जाता है.  पत्तियों में इसका छिड़काव इसलिए किया जाता है क्योंकि पत्तियों पर छिड़काव करना तनों और जड़ों की तुलना में अधिक प्रभावी माना जाता है. इनका उपयोग पौधो की बढ़वार के दौरान किया जाता है. इसके इस्तेमाल से बेजान पौधों में भी जान आ जाती है.

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होम गार्डेन में लगे पौधों की खास देखभाल की जरूरत होती है. इन्हें भी समय पर खाद पानी और दवाई की जरुरत पड़ती है. समय पर इनमें अगर खाद और दवाई का प्रयोग नहीं किया जाए तो यह बेजान दिखने लगते हैं. ऐसे में इन्हें फिर से हरा-भरा करने के लिए पोषण की जरूरत पड़ती है. कई बार ऐसा होता है कि मिट्टी में डाले गए पोषक तत्व पोधों की जरुरतों को पूरा कर पाने में सक्षम नहीं होते हैं. क्योंकि इससे भी उन्हें आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति नहीं हो पाती है. इस स्थिति में अगर आप फिर से पौधों को जीवित करना चाहते हैं तो फिर फोलियर स्प्रे फर्टिलाइजर का उपयोग किया जा सकता है. 

पर इसके उपयोग से पहले यह जानना जरूरी है कि यह क्या होता है और इसका इस्तेमाल किस प्रकार से किया जाता है. फोलियर स्प्रे फर्टिलाइजर कीटनाशक, फंगीसाइड और उर्रवरक के तरल रुप को कहा जाता है. इसका छिड़काव पत्तियों में किया जाता है.  पत्तियों में इसका छिड़काव इसलिए किया जाता है क्योंकि पत्तियों पर छिड़काव करना तनों और जड़ों की तुलना में अधिक प्रभावी माना जाता है. इनका उपयोग पौधो की बढ़वार के दौरान किया जाता है. इसके इस्तेमाल से बेजान पौधों में भी जान आ जाती है. पौधों को तुरंत पोषण देने के लिए फोलियर स्प्रे की प्रक्रिया को अपनाया जाता है. इसका छिड़काव पत्तों में होता है इसलिए इसे फोलियर सप्रे कहा जाता है. इसमें जिन तरल तत्वों को प्रयोग होता है उन्हें फोलियत स्प्रे फर्टिलाइजर कहा जाता है. 

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स्प्रे करने का सही तरीका

फोलियर स्प्रे तीन प्रकार के होते हैं. इसका उपयोग हमेशा सूबह के समय करना चाहिए. इस स्प्रे को करने के लिए सुबह का समय सबहे बेहतर माना गया है. क्योंकि इस समय तापमान कम होता है और पत्तियों के छेद खुल होते हैं. इस दौरान पत्तियों में स्प्रे करने से पत्तियां पोषक तत्वों को तुरंत सोख लेती हैं. फोलियर स्प्रे का छिड़काव हमेशा सूबह 10 बजे से पहले और शाम में पांच बजे के बाद करना चाहिए. तो इसके छिड़काव के बेहतर फायदे मिलते हैं. हालांकि जिस समय पौधों में फूल आ रहे हैं इस समय फोलियर स्प्रे का छिड़काव करने से बचना चाहिए. 

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कब करें स्प्रे

अब हमे यह जानना जरूरी है कि पौधों में फोलियर स्प्रे का छिड़काव कब करना चाहिए. जिस समय पौधें बड़े हो रहे हैं उस समय उन्हें अधिक पोषक तत्वों की जरूरत होती है. इस समय पौधों में स्प्रे का छिड़काव करें. अगर पत्तियों में पीलापन दिखाई दे रहा है तब उनपर फोलियर स्प्रे का छिड़काव करना चाहिए. मुरझाए हुए पौधों को फिर से हरा भरा करने के लिए इस स्प्रे का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके अलावा अगर पौधों में किसी विशेष पोषक तत्वों की कमी हैं तो पौधों में फल या फूल आने से पहले इसका छिड़काव कर सकते हैं.