खेतों से ज्यादा अब पंपों पर दिख रहे किसान, डीजल संकट ने बढ़ाई किसानों की मुसीबतें

खेतों से ज्यादा अब पंपों पर दिख रहे किसान, डीजल संकट ने बढ़ाई किसानों की मुसीबतें

गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में डीजल की कमी से किसानों की परेशानी बढ़ गई है. पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनें लग रही हैं और किसान घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं. खेती, जुताई और फसल कटाई का काम प्रभावित हो रहा है. किसानों का कहना है कि बढ़ती लागत और डीजल संकट से खेती करना मुश्किल होता जा रहा है.

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खेतों से ज्यादा अब पंपों पर दिख रहे किसान, डीजल संकट ने बढ़ाई किसानों की मुसीबतेंडीजल खत्म तो खेती बंद!

गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में इन दिनों किसानों की परेशानी बहुत बढ़ गई है. गांवों में डीजल की कमी होने लगी है. खेती के काम के लिए किसानों को डीजल बहुत जरूरी होता है, लेकिन अब उन्हें डीजल लेने के लिए घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है. कई पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही किसानों की लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं. किसान अपने साथ केन और बड़े ड्रम लेकर पंपों पर पहुंच रहे हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा डीजल ले सकें.

गांव-गांव में दिख रही है यही परेशानी

ये तस्वीरें गिर सोमनाथ जिले की कोडिनार तहसील के आलीदर गांव की हैं. लेकिन ऐसा नहीं है कि परेशानी सिर्फ इसी गांव में है. जिले के कई दूसरे गांवों में भी इसी तरह के हालात बने हुए हैं. हर जगह किसान डीजल के लिए परेशान दिखाई दे रहे हैं.

आलीदर गांव के इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर सुबह से ही किसानों की भीड़ लगी रही. आसपास के कई गांवों के किसान यहां डीजल लेने पहुंचे. किसानों ने बताया कि पिछले दो दिनों से पंप पर डीजल नहीं था. जब आज डीजल का टैंकर पहुंचा, तो बड़ी संख्या में किसान वहां इकट्ठा हो गए.

खेती के लिए बहुत जरूरी है डीजल

किसानों का कहना है कि इस समय खेतों में कई जरूरी काम चल रहे हैं. कुछ किसान ट्रैक्टर से खेत की जुताई कर रहे हैं. वहीं कई किसान तिल और मूंग जैसी फसलों की कटाई में लगे हैं. इन सभी कामों के लिए ट्रैक्टर और दूसरी मशीनों की जरूरत पड़ती है, और ये मशीनें डीजल से चलती हैं.

अगर डीजल नहीं मिलेगा, तो खेती का काम रुक जाएगा. किसानों का कहना है कि खेती पहले से ही आसान नहीं है. अब डीजल की कमी ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है.

घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर किसान

डीजल लेने के लिए किसान कई-कई घंटे लाइन में खड़े रहते हैं. तेज गर्मी में भी किसान अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं. कई किसान सुबह जल्दी घर से निकल जाते हैं ताकि उन्हें समय पर डीजल मिल सके.

कुछ किसानों ने बताया कि उन्हें डर है कि कहीं लाइन में लगने के बाद भी डीजल खत्म न हो जाए. क्योंकि पंप पर कितना डीजल है और अगली सप्लाई कब आएगी, इसकी कोई सही जानकारी नहीं दी जा रही है.

बढ़ती लागत से किसानों की चिंता बढ़ी

किसानों का कहना है कि खेती का खर्च पहले ही बहुत बढ़ चुका है. खाद के दाम बढ़ गए हैं. पेट्रोल और डीजल भी महंगे हो गए हैं. अब ऊपर से डीजल की कमी ने नई परेशानी खड़ी कर दी है.

किसानों का कहना है कि उन्हें खेती के हर काम में ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ रहा है. लेकिन फसल बेचने पर उतना फायदा नहीं मिल रहा. ऐसे में खेती करना दिन-ब-दिन मुश्किल होता जा रहा है.

ड्रम और केन लेकर पहुंच रहे किसान

डीजल की कमी के कारण किसान छोटे डिब्बों की जगह बड़े ड्रम और केन लेकर पेट्रोल पंपों पर पहुंच रहे हैं. किसान चाहते हैं कि एक बार में ज्यादा डीजल मिल जाए ताकि उन्हें बार-बार लाइन में न लगना पड़े.

पंपों पर भीड़ इतनी ज्यादा हो रही है कि कई बार लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है. कुछ जगहों पर किसानों के बीच बहस भी देखने को मिली क्योंकि सभी जल्दी डीजल लेना चाहते हैं.

आने वाले दिनों को लेकर डर

किसानों को सबसे ज्यादा चिंता आने वाले दिनों की है. उनका कहना है कि अगर जल्द ही डीजल की सप्लाई ठीक नहीं हुई, तो खेती का काम बुरी तरह प्रभावित हो सकता है. कई किसानों ने कहा कि बिना डीजल के ट्रैक्टर नहीं चलेंगे और खेतों का काम रुक जाएगा. किसानों का कहना है कि सरकार को इस समस्या पर जल्दी ध्यान देना चाहिए. गांवों में समय पर डीजल पहुंचना बहुत जरूरी है. अगर ऐसा नहीं हुआ, तो किसानों के लिए खेती करना लगभग नामुमकिन हो जाएगा. आज गिर सोमनाथ जिले के गांवों में किसान सिर्फ एक ही उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जल्द से जल्द डीजल की समस्या खत्म हो और वे बिना परेशानी अपने खेतों का काम कर सकें.

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