मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने आंध्र प्रदेश के जलीय कृषि और तंबाकू किसानों की मुश्किलों को लेकर केंद्र सरकार से बड़ी अपील की है. मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर कहा कि अमेरिका की नई टैरिफ नीति से राज्य के झींगा किसानों और निर्यातकों पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है. CM नायडू ने बताया कि अमेरिका द्वारा भारत से झींगा आयात पर भारी टैरिफ लगाए जाने के कारण भारतीय निर्यात पर करीब 60 फीसदी तक का कर बोझ बढ़ गया है. इसका सीधा असर आंध्र प्रदेश से होने वाले जलीय उत्पादों के निर्यात पर पड़ रहा है.
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में चिंता जताते हुए कहा कि इस बढ़ते टैरिफ की वजह से राज्य के झींगा किसान और निर्यातक बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं और करीब 25 हजार करोड़ रुपये के निर्यात कारोबार पर खतरा मंडरा रहा है. उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले में जल्द हस्तक्षेप कर किसानों और कारोबारियों को राहत दिलाने की मांग की है.
CM नायडू के अनुसार, लगभग 2.5 लाख जलीय कृषि किसानों के परिवार और 30 लाख से अधिक श्रमिक, जो इस क्षेत्र पर निर्भर हैं, आजीविका के संकट का सामना कर रहे हैं. नायडू ने बताया कि मौजूदा संकट के बीच घरेलू बाजार में जलीय कृषि उत्पादों की कीमतें पहले ही 25 प्रतिशत तक गिर चुकी हैं. उन्होंने केंद्र सरकार को सूचित किया कि आंध्र प्रदेश सरकार ने किसानों का समर्थन करने और इस उद्योग को बचाने के लिए झींगा के चारे की कीमतें पहले ही 9 रुपये प्रति किलोग्राम कम कर दी हैं, और जलीय कृषि क्षेत्र को 1.5 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध करा रही है.
राहत की मांग करते हुए एन. चंद्रबाबू नायडू ने केंद्र सरकार से कई अहम कदम उठाने की अपील की है. उन्होंने कहा कि जलीय कृषि कारोबार से जुड़े किसानों और निर्यातकों को फिलहाल आर्थिक राहत की जरूरत है. मुख्यमंत्री ने मांग की कि कारोबारियों की कार्यशील पूंजी की सीमा 30 फीसदी तक बढ़ाई जाए, ताकि उन्हें आर्थिक दबाव से राहत मिल सके. इसके अलावा ब्याज भुगतान के लिए 240 दिनों की अतिरिक्त मोहलत देने और कुछ समय के लिए 5 फीसदी ब्याज और 5 फीसदी GST में छूट देने की भी अपील की गई है.
नायडू ने केंद्र सरकार से यह भी कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत कर झींगा निर्यात पर लगे टैरिफ को कम कराने की कोशिश की जाए. साथ ही रूस, यूरोपीय संघ और ऑस्ट्रेलिया जैसे नए बाजारों में भारतीय झींगा निर्यात बढ़ाने के लिए भी कदम उठाए जाएं, ताकि किसानों और निर्यातकों को नुकसान से बचाया जा सके. एन. चंद्रबाबू नायडू ने केंद्र सरकार से जलीय कृषि और तंबाकू किसानों को राहत देने के लिए कई बड़े कदम उठाने की मांग की है. मुख्यमंत्री ने कहा कि झींगा किसानों को सहारा देने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों के भोजन मेनू में झींगा को शामिल किया जाए. साथ ही उन्होंने जलीय कृषि किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने और दक्षिण भारत से उत्तर भारत तक झींगा पहुंचाने के लिए विशेष रेल सुविधा शुरू करने की भी मांग की.
वहीं, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लिखे अलग पत्र में नायडू ने आंध्र प्रदेश में ‘झींगा उत्पादक समन्वय समिति’ बनाने के लिए राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (NFDB) के जरिए 100 करोड़ रुपये का फंड मंजूर करने की अपील की. इसके अलावा राज्य में एक नया क्षेत्रीय मत्स्य संस्थान खोलने की भी मांग की गई. इसी बीच मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और निर्मला सीतारमण को तंबाकू किसानों की परेशानियों को लेकर भी पत्र लिखा. उन्होंने कहा कि 1 फरवरी 2026 से लागू नई टैक्स नीति के बाद FCV तंबाकू किसानों की हालत खराब हो गई है.
CM नायडू के मुताबिक, सिगरेट पर GST को 28 फीसदी से बढ़ाकर 40 फीसदी कर दिया गया है. साथ ही सिगरेट पर एक्साइज ड्यूटी भी काफी बढ़ाई गई है. इसका असर सीधे तंबाकू किसानों और कारोबार पर पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि टैक्स बढ़ने से बाजार में खरीद धीमी हो गई है और कंपनियां कम मात्रा में तंबाकू खरीद रही हैं. मुख्यमंत्री ने बताया कि तंबाकू की शुरुआती नीलामी कीमत पिछले साल 280 रुपये प्रति किलो थी, जो इस साल घटकर 250 रुपये प्रति किलो रह गई है. इससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय हालातों की वजह से निर्यातकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
नायडू ने चेतावनी दी कि कानूनी सिगरेट पर जरूरत से ज्यादा टैक्स लगाने से बाजार में अवैध तंबाकू उत्पाद बढ़ सकते हैं. उन्होंने केंद्र सरकार से किसानों के हितों की रक्षा करने और बाजार को स्थिर रखने के लिए नई टैक्स नीति और एक्साइज ड्यूटी की समीक्षा करने की मांग की.
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