बिहार में उर्वरक के साथ जबरन बंडलिंग पर सरकार ने सख्ती दिखाई है. किसानों की शिकायतों के बाद कृषि विभाग ने बड़ा आदेश जारी किया है. उर्वरक कंपनियों और विक्रेताओं पर कार्रवाई के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं.
पूर्वी चंपारण जिले में उर्वरकों की कालाबाजारी एवं अवैध भंडारण को लेकर कृषि विभाग ने छापेमारी की. करीब 1900 के आसपास उर्वरक बैग को कृषि विभाग ने जब्त किया. विभाग के प्रधान सचिव ने कहा राज्य में उर्वरकों की कमी नहीं है.
बिहार सरकार ने रबी 2025-26 में खाद की कमी के आरोपों को खारिज किया है. कृषि विभाग के अनुसार राज्य में यूरिया, डीएपी समेत सभी उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं. कालाबाजारी और तस्करी पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत 86 प्रतिष्ठानों पर FIR दर्ज की गई है, जबकि खाद को लेकर सियासत तेज हो गई है.
बिहार के किसानों के लिए बिस्कोमान खाद के अधिक केंद्र खोलने का एलान किया गया है. बिस्कोमान मात्र 250 रुपए में किसानों को खाद उपलब्ध कराती है. इसके अध्यक्ष ने ऐलान किया कि आने वाले समय में 300 से अधिक सस्ते दरों पर खाद बेचने के लिए केंद्र खोले जाएंगे.
खेती के मौसम में किसानों पर दबाव डालने वालों पर सरकार सख्त, अब उर्वरकों के साथ जबरन टैगिंग पर पूरी तरह रोक. उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा-‘जीरो टॉलरेंस नीति’ के तहत जबरन बिक्री करने वालों पर होगी कार्रवाई.
Bihar News: कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने शारदीय (खरीफ) 2025 के लिए 20 जून तक किसानों को बीज उपलब्ध कराने का दिया निर्देश. मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि बीजों के समय पर वितरण से किसानों को खरीफ सीजन में लाभदायक खेती का अवसर मिलेगा.
उप-मुख्यमंत्री सह कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने किसान कल्याण संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ किया. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए कटिबद्ध है. मखाना बोर्ड के गठन से मिथिला के किसानों की जिंदगी में बड़ा बदलाव आएगा.
बिहार के कृषि विभाग ने किसानों से सब्सिडी रेट पर बीज पाने के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगा है. इसमें मधेपुरा जिले के कई प्रखंडों का चयन किया गया है जहां किसानों को सब्सिडी पर स्वीट और बेबी कॉर्न का बीज दिया जाएगा. इन क्षेत्रों में चौसा, पुरैनी, आलमनगर, उदाकिशुनगंज और बिहारीगंज शामिल हैं. स्वीट कॉर्न की खेती मधेपुरा, कुमारखंड और मुरलीगंज में होगी. यहां के किसान कम समय में स्वीट कॉर्न की खेती कर अधिक मुनाफा कमा सकेंगे.
बिहार में खाद-बीज दुकान का लाइसेंस लेने के लिए आप ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए सरकार ने प्रक्रिया को आसान बना दिया है. लाइसेंस लेने के लिए आपको कुल 11 दस्तावेज जमा करने होंगे. इन दस्तावेजों की जानकारी हम आपको नीचे दे रहे हैं.
लाही सरसों का एक प्रमुख कीट है. लाही कीट पीला-हरा या काले भूरे रंग का मुलायम, पंखयुक्त और कभी-कभी बिना पंख का कीट होता है. इस कीट का वयस्क और शिशु कीट दोनों ही मुलायम पत्तियों, टहनियों, तनों, फूल के गुच्छों और फलियों से रस चूसते हैं.
रबी सीजन की शुरुआत हो चुकी है. ऐसे में रबी फसलों की खेती करने वाले किसानों के लिए बिहार सरकार की ओर से एक एडवाइजरी जारी की गई है. इसमें बताया गया है कि किसान खेती से पहले अपने बीजों का उपचार किस विधि से करें.
एक्सपर्ट का कहना है कि ये हाईब्रिड बीज तीन महीने में ही तैयार हो जाएंगे. यानी इसके बाद आप फसल की कटाई कर सकते हैं. खास बात यह है कि मक्के की खेती जैविक विधि से करने की बात कही गई है. विषेशज्ञों का कहना है कि किसानों को मक्के की खेती में रसायनों का उपयोग त्यागना होगा.
पटना जिले के अमरजीत सिन्हा बीज की खेती से सालाना दस लाख से अधिक की कमाई कर रहे हैं. ये मटर, प्याज के बीज बड़े पैमाने पर तैयार करते हैं.
बीएयू के मृदा विज्ञान विभाग के वैज्ञानिकों ने फास्फोरस की कमी को दूर करने के लिए नैनो रॉक फॉस्फेट फार्मूलेशन को विकसित किया है. इस तकनीक की मदद से देश में पाए जाने वाले निम्न ग्रेड रॉक फॉस्फेट के भंडार का सही उपयोग किया जा सकेगा. वहीं भारत सरकार द्वारा नवीन पद्धति को पेटेंट प्रदान किया गया है.
बिहार के किसान राजकुमार सिंंह ने केमिकल खेती छोड़ जैविक खेती शुरू की. अब राजकुमार सिंह जैविक खेती से मोटा नुमाफा कमा रहे हैं.
खरीफ सीजन में धान की खेती करने वाले किसान 25 मई से धान की नर्सरी लगा सकते हैं. वहीं किसान इस सीजन धान की दो नई किस्मों का चयन भी कर सकते हैंऋ इन दोनों किस्मों को केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय भागलपुर ने विकसित किया है.
खरीफ सीजन के शुरू होने से पहले ही धान की एक नई किस्म को सैंट्रल वैरायटी रिलीज कमेटी से स्वीकृत मिल गई है. सबौर मसूरी धान की इस किस्म को बिहार कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ प्रकाश सिंह ने विकसित किया है. धान की यह किस्म किसानों को समृद्ध करने का काम करेगी. वहीं इस किस्म को देश के 10 राज्यों के लिए उपयुक्त पाया गया है
बांका जिले की महिला किसान बिंदु बाला ने खेती की बारीकियां समझकर फ्रेंचबीन की खेती में सहीं तकनीक को अपनाई. इसका नतीजा ये रहा कि जहां किसान 10 डिसमिल के खेत से 5 से लेकर 7 क्विंटल तक फ्रेंचबीन उत्पादन ले पाते हैं. वहीं बिंदु बाला ने 10 डिसमिल खेत से अब तक 10 क्विंटल तक उत्पादन लिया है .
बाजार से बिचौलियों को खत्म कर किसानों अपने उपज बेहतर दाम मिले इसके लिए रोहतास जिले मसोना गांव के किसानो ने मिलकर उपाय निकाला है.गांव के किसान प्रगतिशील किसान क्लब नाम से एक समूह बनाकर सामूहिक रूप से खेती करते है . समूह के माध्यम से अपनी उपज को दूसरे राज्यों में अधिक कीमत पर बेचते हैं. इस नतीजा ये समूह के प्रत्येक सदस्य की कमाई कम से कम सालना डेढ़ लाख से उपर है.
चौथा कृषि रोडमैप को लेकर पटना के बापू सभागार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किसान समागम सूत्रण का उद्घाटन किया. इस कार्यक्रम में 5 हजार किसान शामिल हुए. वहीं 22 किसानों ने मुख्यमंत्री को कृषि से जुड़ा सुझाव दिया.
बिहार में यूरिया खाद की काफी किल्ल्त देखने को मिल रही है. कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत ने कहा कि केंद्र सरकार बिहार को कम खाद भेज रही है. वहीं बीजेपी का कहना है कि केंद्र सरकार खाद कम नहीं भेज रही है, बल्कि सरकार अपने लाभ के लिए खाद कम होने की बात कह रही है.
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