भैंस की टॉप 4 नस्लेंपशुओं को अगर बैलेंस डाइट खाने में मिले तो उनका उत्पादन बढ़ जाता है. एक्सपर्ट के मुताबिक बैलेंस डाइट वो होती है जिसमे हरा-सूखा चारा, दाना ओर मिनरल मिक्चर शामिल हो. पशुओं को मिनरल मिक्चर खिलाने के बहुत फायदे होते हैं. मिनरल मिक्चर पशुओं का उत्पादन बढ़ाता है. लेकिन ये भी सच है कि पशुओं को चारे और मिनरल मिक्चर खिलाने में की गई जरा सी लापरवाही बड़ा नुकसान करा सकती है. पशुओं खासतौर से भैंसों को खुराक कैसे खिलाई जाए इसे लेकर केन्द्रीय भैंस अनुसंधान संस्थान (सीआईआरबी), हिसार, हरियाणा भी एडवाइजरी जारी कर चुकी है.
पशुओं की खुराक तय करने में मौसम का बड़ा रोल होता है. उसी के मुताबिक सुबह-दोपहर, शाम के हिसाब से पशुओं की खुराक तय होती है. पहले से तय खुराक के मुताबिक पशुओं को ना कोई चीज कम और ना कोई दूसरी चीज ज्यादा खिला सकते हैं.
सीआईआरबी के रिटायर्ड साइंटिस्ट डॉ. सज्जन सिंह का कहना है कि दाना मिक्सचर को चारे के साथ अच्छी तरह मिलाकर खिलाने से कम गुणवत्ता और कम स्वाद वाले चारे की भी खपत बढ़ जाती है. इसके चलते चारे की बरबादी नहीं होती है. क्योंकि भैंस चुन-चुन कर खाने की आदत के कारण बहुत सारा चारा खाने के दौरान बरबाद कर देती है.
एकसपर्ट का कहना है कि भैंस को दाना मिक्सचर खिलाने से पहले उसे अच्छी तरह से पीस लेना चाहिए. क्योंकि अगर साबुत दाना मिक्सचर भैंस को खाने में दिया तो वो गोबर के साथ निकल जाता है. इसलिए ठीक तरह से पिसा दाना मिक्सचर ही भैंस को खिलाना चाहिए. क्योंकि खराब तरह से पिसा दाना मिक्सचर भैंस को पचता भी नहीं है. भैंस को खिलाने से पहले दाना मिक्सचर को भिगोने से वह और स्वादिष्ट-पाचक हो जाता है.
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