NLM Scheme: डेयरी-पशुपालन शुरू करने और छोटे से बड़ा करने में मददगार है NLM 

NLM Scheme: डेयरी-पशुपालन शुरू करने और छोटे से बड़ा करने में मददगार है NLM 

NLM Scheme पशुपालन को बढ़ावा देने और रोजगार के अवसर खोलने के लिए भारत सरकार ने केन्द्रीय मत्स्य, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के माध्यम से नेशनल लाइव स्टॉक मिशन (NLM) योजना की शुरुआत की थी. एनएलएम के तहत लाइव स्टॉक से जुड़े तीन अलग-अलग सेक्टर में सब्सि‍डी दी जाती है. योजना के लिए आनलाइन आवेदन करने की सुविधा दी गई है.

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NLM Scheme: डेयरी-पशुपालन शुरू करने और छोटे से बड़ा करने में मददगार है NLM 

डेयरी-पशुपालन की शुरुआत करनी हो या फिर छोटे फार्म या प्लांट को बड़ा करना हो तो केन्द्र सरकार की एक खास योजना बहुत मददगार साबित हो रही है. और ये योजना है नेशनल लाइव स्टॉक मिशन (NLM). इसकी मदद से आप 5 से लेकर 100 गाय-भैंस भी पाल सकते हैं. अगर आप पशुपालन नहीं करना चाहते हैं तो पशुओं के चारे का कारोबार करके भी मोटा मुनाफा कमा सकते हैं. अगर डेयरी और पशुपालन एक्सपर्ट की मानें तो भारत को दूध उत्पादन में नंबर वन बनाने में एनएलएम योजना का बड़ा हाथ है. इस योजना को चलते हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं. 

पशुपालक और डेयरी संचालक दोनों ही इस योजना का फायदा उठा रहे हैं. एनएलएम योजना का खास मकसद गाय-भैंस की सभी तरह की देसी नस्ल को बढ़ावा देना है. साथ ही दूध की बढ़ती डिमांड को देखते हुए दूध उत्पादन में बढ़ोतरी भी एक मकसद है. और हुआ भी कुछ ऐसा ही है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 10 साल में दुधारू पशुओं की संख्या आठ करोड़ से 12 करोड़ पर पहुंच गई.  

राष्ट्रीय पशुधन मिशन (एनएलएम)- 

कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से श्रेष्ठ नर जर्मप्लाज्म का प्रचार, वैकल्पि क प्रजनन से भेड़ और बकरी की नस्लों के आनुवंशिक सुधार कार्यक्रम चलाए जाते हैं. साथ ही वीर्य स्टेशन, वीर्य प्रयोगशालाओं, वीर्य बैंकों, पशु कृत्रिम गर्भाधान केंद्रों पर छोटे पशुओं के लिए राज्यों को सहायता दी जाती है. 

राष्ट्रीय पशुधन मिशन के लक्ष्य 

पशुपालन विभाग प्रति पशु उच्च उत्पादकता के साथ देशी संकर पशुओं के आनुवंशिक विकास के लिए मौजूदा देशी जीनपूल में बेहतर नर जर्मप्लाज्म को शामिल करने का समर्थन करता है.
विभाग वैज्ञानिक प्रजनन कार्यक्रमों के माध्यम से देशी पशुओं में सुधार करने के लिए अच्छे आनुवंशिकी वाले छोटे पशुओं के आयात की अनुमति दे रहा है.

विभाग इनोवेशन और विस्तार उप-मिशन को बढ़ावा दे रहा है जिसका मकसद भेड़, बकरी और फीड एवं चारा क्षेत्र, पशुधन बीमा और इनोवेशन से संबंधित अनुसंधान और विकास करने वाले संस्थानों, विश्वविद्यालयों, संगठनों को प्रोत्साहित करना है. 

फीड और चारा के उप-मिशन के तहत चारा उत्पादन के लिए आवश्यक प्रमाणित चारा बीज की उपलब्धता में सुधार करने, चारा बीज श्रृंखला को मजबूत करने और प्रोत्साहन के माध्यम से चारा ब्लॉक, घास बांधने (हे बेलिंग) और साइलेज बनाने वाली यूनिट की स्थापना के लिए 50 लाख रुपये तक की 50 फीसद सब्सिडी दी जा रही है.

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