नंदिनी दही की कीमतों में बढ़ोतरी पर विवाद, केंद्रीय मंत्री और होटल एसोसिएशन ने जताई नाराजगी

नंदिनी दही की कीमतों में बढ़ोतरी पर विवाद, केंद्रीय मंत्री और होटल एसोसिएशन ने जताई नाराजगी

Nandini Dahi Price Controversy: कर्नाटक में नंदिनी दही की कीमतों में 14 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी पर विवाद शुरू हो गया है. केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और बेंगलुरु होटल एसोसिएशन ने इस फैसले का विरोध किया है.

₹14 hike in Nandini dahi prices₹14 hike in Nandini dahi prices
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Nov 01, 2026,
  • Updated Nov 01, 2026, 2:19 PM IST

कर्नाटक में नंदिनी दही 14 रुपये प्रति किलो तक महंगा हो गया है. 1 नवंबर से लागू नई कीमतों के तहत 500 ग्राम का पैकेट 28 रुपये से बढ़कर 34 रुपये और एक किलो का पैकेट 54 रुपये से बढ़कर 68 रुपये हो गया है. केंद्रीय मंत्री प्रल्‍हाद जोशी ने इसे आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ बताया है. वहीं, बेंगलुरु होटल एसोसिएशन ने कीमतों में बढ़ोतरी को अनुचित बताते हुए इसे 8 रुपये प्रति किलो तक सीमित रखने की मांग की है.

1 नवंबर से लागू हुईं दही की नई कीमतें

कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (KMF) ने नंदिनी ब्रांड के दूध और दही की कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा की है. नई दरें 1 नवंबर से लागू हो गई हैं. इसके तहत 500 ग्राम दही के पैकेट की कीमत 28 रुपये से बढ़ाकर 34 रुपये कर दी गई है. वहीं, एक किलो दही का पैकेट अब 54 रुपये के बजाय 68 रुपये में मिलेगा. इस तरह 500 ग्राम के पैकेट पर 6 रुपये और एक किलो के पैकेट पर 14 रुपये की बढ़ोतरी हुई है.

प्रल्‍हाद जोशी ने कांग्रेस सरकार पर साधा निशाना

दही की कीमतों में इस बढ़ोतरी को लेकर केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्‍हाद जोशी ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार की आलोचना की है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि सरकार ने कीमतों में अभूतपूर्व बढ़ोतरी करके आम लोगों पर बोझ डाला है. कर्नाटक के इतिहास में इस तरह की बढ़ोतरी पहले कभी नहीं देखी गई.

प्रल्‍हाद जोशी ने कहा कि 500 ग्राम दही का पैकेट 6 रुपये यानी 21.43 फीसदी महंगा हुआ है. वहीं, एक किलो के पैकेट की कीमत में 14 रुपये यानी 25.93 फीसदी की वृद्धि की गई है. उन्होंने कहा कि दही कोई लग्जरी उत्पाद नहीं है, बल्कि लोगों के रोजाना के खानपान का अहम हिस्सा है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने वित्तीय कुप्रबंधन और खाली होते खजाने का बोझ आम नागरिकों पर डाल रही है.

बेंगलुरु होटल एसोसिएशन ने भी किया विरोध

नंदिनी दही की कीमतों में बढ़ोतरी का बेंगलुरु होटल एसोसिएशन ने भी विरोध किया है. एसोसिएशन ने KMF से दही की कीमतों में वृद्धि को 14 रुपये के बजाय 8 रुपये प्रति किलो तक सीमित रखने की मांग की है. संगठन का कहना है कि हाल ही में दूध की कीमतों में भी 8 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है. इससे होटल कारोबारियों और आम उपभोक्ताओं की लागत पहले ही बढ़ चुकी है.

एसोसिएशन ने अपने बयान में कहा कि 1 नवंबर से दही की कीमत में 14 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी करना और इसकी पहले से सूचना नहीं देना उचित नहीं है. पुराने मूल्य निर्धारण के हिसाब से दही की कीमत में केवल 8 रुपये प्रति किलो की वृद्धि होनी चाहिए थी. एसोसिएशन के मानद अध्यक्ष पीसी राव ने कहा कि दूध की कीमत 8 रुपये बढ़ाई गई है तो दही की कीमत भी उतनी ही बढ़नी चाहिए थी. 14 रुपये की बढ़ोतरी करना आम लोगों के साथ अन्याय है.

मंत्रियों की बैठक में मंजूरी को लेकर भी उठाए सवाल

पीसी राव ने कीमतों में बढ़ोतरी के फैसले की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि मंत्रियों की बैठक में मंजूरी लिए बिना दूध और उससे जुड़े उत्पादों की कीमतें बढ़ाने का फैसला गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है. एसोसिएशन ने कहा कि दही की कीमतों में इस तरह की वृद्धि का असर होटल उद्योग के साथ आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ेगा.

KMF ने बताया क्यों बढ़ाए दाम

वहीं, KMF ने कीमतों में बढ़ोतरी का बचाव करते हुए कहा है कि यह फैसला डेयरी किसानों के हितों को ध्यान में रखकर लिया गया है. फेडरेशन के मुताबिक, पशुओं के रखरखाव, पशु चिकित्सा सेवाओं, दवाइयों और चारे की लागत लगातार बढ़ रही है. इसके अलावा कम और अनियमित बारिश के कारण कई इलाकों में सूखे जैसी स्थिति बनी हुई है, जिससे डेयरी किसानों की मुश्किलें बढ़ी हैं.

KMF ने 30 अक्टूबर को जारी प्रेस रिलीज में बताया कि दूध उत्पादक किसान खरीद मूल्य में कम से कम 10 से 12 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे. राज्य मंत्रिमंडल के साथ चर्चा के बाद नंदिनी टोंड मिल्क की बिक्री कीमत में 8 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई है. इसमें से 7 रुपये प्रति लीटर की अतिरिक्त राशि दूध उत्पादकों को दी जाएगी.

26.89 लाख डेयरी किसान KMF से जुड़े

फेडरेशन ने बताया कि दूध और दही की अलग-अलग किस्मों की नई कीमतें उनमें मौजूद फैट की मात्रा, डेयरी किसानों के हितों और बाजार में प्रतिस्पर्धी ब्रांडों की कीमतों को ध्यान में रखकर तय की गई हैं. KMF के अनुसार, कर्नाटक में करीब 26.89 लाख डेयरी किसान इसके सदस्य हैं. इनमें से लगभग 8.9 लाख किसान रोजाना सहकारी समितियों को दूध की आपूर्ति करते हैं.

KMF फिलहाल दूध उत्पादकों को प्रतिदिन औसतन 28.60 करोड़ रुपये का भुगतान कर रहा है. फेडरेशन ने कहा कि KMF-नंदिनी केवल एक दूध ब्रांड नहीं है, बल्कि लाखों डेयरी किसानों की आजीविका और कर्नाटक की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है. उसने उपभोक्ताओं से नंदिनी उत्पाद खरीदकर राज्य के डेयरी किसानों को समर्थन जारी रखने की अपील की है. (पीटीआई)

MORE NEWS

Read more!