
कर्नाटक में गन्ने के दाम बढ़ाने की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन जारी है. इस बीच मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शनिवार को बेलगावी में प्रदर्शन कर रहे किसानों से गन्ने की कटाई फिर से शुरू करने की अपील की. उन्होंने कहा कि आंदोलन लंबा खिंचने से किसानों को ही नुकसान हो सकता है और उनकी फसल बर्बाद होने का खतरा है. मुख्यमंत्री ने भरोसा दिया कि राज्य सरकार किसानों को उनका उचित भुगतान दिलाने के लिए जिम्मेदारी निभाएगी. उन्होंने कहा कि किसानों को केंद्र सरकार के मूल्य निर्धारण संबंधी फैसले के अनुसार भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा. पहले बनी सहमति के मुताबिक, चीनी की कीमत केंद्र सरकार तय करेगी और चीनी मिलें उसी आधार पर किसानों को भुगतान करेंगी.
CM शिवकुमार ने कहा कि राज्य सरकार ने चीनी की कीमत में कम से कम 50 रुपये की बढ़ोतरी की मांग रखी है. उनका कहना है कि पिछले आठ साल में चीनी की कीमत में एक रुपये की भी बढ़ोतरी नहीं हुई है. इससे किसानों के लिए खेती का खर्च निकालना और अपना गुजारा करना मुश्किल हो रहा है. उन्होंने बताया कि इस मामले में उन्होंने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है. साथ ही संबंधित केंद्रीय मंत्रियों से भी बातचीत करेंगे. शिवकुमार ने कहा कि केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी किसानों को केंद्र सरकार के हस्तक्षेप का भरोसा दिया था.
मुख्यमंत्री ने किसानों से अपील की कि वे अपनी गन्ने की फसल को बर्बाद न होने दें. उन्होंने कहा कि कटाई में देरी होने से गन्ने में रस की मात्रा कम हो सकती है. इसके अलावा खेतों में खड़ी फसल में आग लगने का खतरा भी बढ़ सकता है. CM शिवकुमार के मुताबिक, राज्य सरकार को पहले केंद्र से सितंबर में गन्ने की कटाई शुरू करने के निर्देश मिले थे. लेकिन किसानों और अन्य संबंधित पक्षों से बातचीत के बाद पता चला कि उस समय फसल पूरी तरह तैयार नहीं थी, इसलिए कटाई शुरू करने में देरी हुई.
उन्होंने किसान नेताओं से पहले बनी सहमति का सम्मान करने और कटाई फिर से शुरू करने की अपील की. साथ ही भरोसा दिया कि चीनी मिलों और केंद्र सरकार की ओर से जो भी फैसला लिया जाएगा, उसके अनुसार किसानों को भुगतान दिलाना राज्य सरकार की जिम्मेदारी होगी.
दरअसल, उत्तरी कर्नाटक में गन्ने का खरीद मूल्य बढ़ाने की मांग को लेकर किसानों ने आंदोलन तेज कर दिया है. शनिवार को किसानों ने कई जगहों पर प्रदर्शन किया और राजमार्गों को जाम करने की कोशिश की. बेलगावी बस स्टैंड पर किसानों ने बसों के सामने धरना दिया, जबकि धारवाड़ में सड़क जाम करने का प्रयास किया गया. इसके अलावा विजयपुरा और बागलकोट में भी विरोध-प्रदर्शन की खबरें सामने आईं. किसानों की मांग है कि उन्हें गन्ने का बेहतर दाम मिले. वहीं, मुख्यमंत्री ने उनसे आंदोलन के साथ-साथ फसल की कटाई भी जारी रखने की अपील की है, ताकि देरी के कारण किसानों को अतिरिक्त नुकसान न उठाना पड़े. (PTI)