Karnataka Drought: ‘सूखे से 80 फीसदी तक फसल बर्बाद’, कर्नाटक सरकार ने केंद्र से फिर लगाई मदद की गुहार

Karnataka Drought: ‘सूखे से 80 फीसदी तक फसल बर्बाद’, कर्नाटक सरकार ने केंद्र से फिर लगाई मदद की गुहार

कर्नाटक में सूखे के कारण कुछ इलाकों में 80 फीसदी तक फसलें बर्बाद हो गई हैं. उप मुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने केंद्र सरकार से सूखा राहत राशि जारी करने की मांग की है. राज्य सरकार ने किसानों के लिए 1,250 करोड़ रुपये की राहत घोषित की है और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया जारी है.

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क‍िसान तक
  • Noida,
  • Oct 26, 2026,
  • Updated Oct 26, 2026, 10:14 AM IST

कर्नाटक में सूखे के कारण कृषि उत्पादन पर गंभीर असर पड़ रहा है. राज्य के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने कुछ इलाकों में फसल नुकसान 80 फीसदी तक पहुंचने की बात कही है. उन्होंने केंद्र सरकार से सूखा राहत के लिए राशि जारी करने की मांग करते हुए कहा कि किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया में देरी नहीं होनी चाहिए.

कुछ इलाकों में 80 फीसदी तक फसल नुकसान

उप मुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सूखे की वजह से राज्य के कुछ हिस्सों में करीब 80 फीसदी फसलें बर्बाद हो गई हैं. इसका असर आने वाले महीनों में खाद्यान्न उत्पादन और उपलब्धता पर भी पड़ सकता है. फिलहाल राज्य में खाद्यान्न का पर्याप्त भंडार है, लेकिन उत्पादन में गिरावट आने पर स्थिति का आकलन कर जरूरी कदम उठाने होंगे.

किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया जारी

परमेश्वर ने बताया कि राज्य सरकार ने किसानों को मुआवजा देने के लिए आदेश जारी कर दिए हैं. वित्त विभाग से भी मंजूरी मिल चुकी है और मुआवजा जारी करने की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत आगे बढ़ रही है. राशि जारी होने के बाद इसे जिला उपायुक्तों के माध्यम से किसानों तक पहुंचाया जाएगा. उन्होंने वित्त विभाग को निर्देश दिया है कि मुआवजे के भुगतान में देरी न हो.

राज्य ने 1,250 करोड़ रुपये की राहत घोषित की

उपमुख्यमंत्री के मुताबिक, कर्नाटक सरकार ने सूखा प्रभावित किसानों के लिए 1,250 करोड़ रुपये की राहत घोषित की है. हालांकि, उन्होंने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) के तहत केंद्र से राहत राशि नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया. परमेश्वर ने कहा कि राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारी निभा रही है और केंद्र को भी अपनी जिम्मेदारी पूरी करनी चाहिए.

केंद्र से फंड के लिए मांगा समय

परमेश्वर ने बताया कि राज्य सरकार केंद्र से मुलाकात के लिए समय मांग रही है, लेकिन अभी तक उसे समय नहीं मिला है. उन्होंने कर्नाटक के सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों से अपील की कि वे राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सूखा राहत के मुद्दे पर राज्य का साथ दें और केंद्र से आवश्यक राशि जारी कराने की मांग करें.

उत्पादन घटा तो अनाज उपलब्धता का करना होगा आकलन

उप मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि अगर सूखे के कारण अनाज उत्पादन उम्मीद से कम रहता है तो आने वाले महीनों में इसका असर दिखाई दे सकता है. उन्होंने कहा कि फिलहाल राज्य में अनाज का पर्याप्त भंडार है, लेकिन उत्पादन में कमी आने पर खाद्यान्न की उपलब्धता की समीक्षा करनी होगी और जरूरत के अनुसार कदम उठाने होंगे. (पीटीआई)

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