
कर्नाटक में गन्ना किसानों और चीनी मिल मालिकों के बीच जारी गतिरोध को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सोमवार को बेलगावी में हाईलेवल बैठकें की. उन्होंने स्थानीय विधायकों, किसान प्रतिनिधियों और चीनी मिल मालिकों से अलग-अलग चर्चा कर गन्ने की कीमतों और उद्योग से जुड़े वित्तीय मुद्दों का समाधान निकालने की कोशिश की. मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समस्या का समाधान निकालने के लिए चीनी मिल मालिकों की परेशानियों को भी समझना जरूरी है.
उन्होंने कहा कि किसान किट्टूर दौरे के दौरान अपनी समस्याएं सामने रख चुके हैं और सभी पक्षों से बातचीत के बाद ही कोई फैसला लिया जाना चाहिए. सीएम ने कहा, "इस मुद्दे पर दो अहम बैठकें हो रही हैं. मैंने अधिकारियों, विधायकों और किसान प्रतिनिधियों से उनकी राय मांगी है. उन्होंने बताया है कि उन पर किस तरह का दबाव है. अब मैं चीनी मिल मालिकों के साथ बैठक करूंगा. किसानों के हितों की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है, लेकिन मैं मिल मालिकों की परेशानियां भी सुनूंगा. सभी से चर्चा के बाद फैसला लिया जाना चाहिए. इस प्रक्रिया में केंद्र सरकार को भी विश्वास में लेना होगा."
बेलगावी जिले के प्रभारी मंत्री सतीश जारकीहोली ने चीनी उद्योग की समस्याओं का जिक्र करते हुए बताया कि मिल मालिकों की कई मांगें पिछली चर्चाओं के दौरान पूरी नहीं हो सकी थीं. उन्होंने कहा कि चीनी मिलों से खरीदी गई बिजली का भुगतान समय पर नहीं मिलने से उद्योग की नकदी संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं.
मिल मालिकों ने बिजली खरीद समझौतों की अवधि बढ़ाकर 20 साल करने की मांग भी उठाई है. इसके अलावा, चीनी मिलों पर हाल में बढ़ाए गए जल कर को कम करने की मांग की जा रही है. उद्योग का कहना है कि इन समस्याओं का समाधान किए बिना गन्ने की कीमतों को लेकर सहमति बनाना मुश्किल हो रहा है.
चीनी मिल मालिकों ने गन्ने के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से जुड़े ढांचे में बदलाव की जरूरत बताई है. उनका दावा है कि कीमतों की व्यवस्था में संशोधन से चीनी उद्योग और गन्ना किसानों, दोनों को फायदा मिल सकता है. वहीं, किसान प्रतिनिधि गन्ने की खरीद दरों को लेकर जल्द स्पष्ट आश्वासन चाहते हैं.
मंत्री ने कहा कि सरकार इस समस्या का समाधान निकालने की कोशिश कर रही है. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने किट्टूर में किसानों की समस्याएं सुनने के बाद चीनी मिल मालिकों के साथ बैठक करने की बात कही थी. पिछली चर्चाओं में उठाई गई मांगों पर सहमति नहीं बन पाई थी, इसलिए अब होने वाली बैठक में किसी ठोस फैसले की संभावना पर नजर रहेगी. (एएनआई)