कर्नाटक में गन्ना किसानों और चीनी मिल मालिकों की बातचीत सफल, दो दिन में होगा अंतिम फैसला

कर्नाटक में गन्ना किसानों और चीनी मिल मालिकों की बातचीत सफल, दो दिन में होगा अंतिम फैसला

कर्नाटक में गन्ना किसानों और चीनी मिल मालिकों के बीच गन्ने की कीमत को लेकर बातचीत सफल रही है. मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य तय होने के बाद गन्ने के दाम पर फैसला लिया जाएगा.

CM DK Shivakumar, KarnatakaCM DK Shivakumar, Karnataka
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Oct 27, 2026,
  • Updated Oct 27, 2026, 9:51 AM IST

कर्नाटक में गन्ना किसानों और चीनी मिल मालिकों के बीच गन्ने के दाम को लेकर जारी विवाद सुलझने की दिशा में आगे बढ़ा है. मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंगलवार को बताया कि दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत सफल रही है. सहमति बनी है कि केंद्र सरकार चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य (MSP) तय करने के बाद किसानों को दिए जाने वाले गन्ने के दाम पर फैसला लिया जाएगा. गन्ना किसान प्रति टन 6,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की मांग कर रहे हैं. मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, किसान और चीनी मिल मालिक प्रस्ताव पर आपस में चर्चा करने के बाद अगले दो दिनों में अपना अंतिम निर्णय घोषित करेंगे.

करीब 10 घंटे तक चली बातचीत

विवाद सुलझाने के लिए सोमवार को बेलगावी स्थित सुवर्ण विधान सौधा और सर्किट हाउस में पांच दौर की बातचीत हुई. सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई चर्चा आधी रात तक चली. शुरुआती वार्ता के बाद मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सर्किट हाउस में दो और दौर की बैठकें कीं, जिनमें गतिरोध दूर करने के लिए संभावित समाधान पर चर्चा हुई.

केंद्र सरकार से भी बातचीत करेंगे दोनों पक्ष

मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बताया कि किसानों ने केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी के साथ भी चर्चा की है. किसानों को आश्वासन मिला है और चीनी मिल मालिकों ने केंद्र सरकार की ओर से चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य तय किए जाने के बाद गन्ने की कीमत पर निर्णय लेने पर सहमति जताई है. शिवकुमार ने कहा कि दोनों पक्ष केंद्र सरकार से भी बातचीत करेंगे और राज्य सरकार भी इस मामले में चर्चा के लिए तैयार है.

'किसानों और मिलों, दोनों का अस्तित्व जरूरी'

डीके शिवकुमार ने कहा कि किसानों और चीनी मिलों, दोनों का बने रहना जरूरी है. उन्होंने कहा कि किसानों की आजीविका राज्य सरकार के लिए महत्वपूर्ण है और सरकार उनके समर्थन में खड़ी रहेगी. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आंदोलन सौहार्दपूर्ण समाधान की दिशा में पहुंचा है. उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों की ओर से दिए गए आश्वासनों के पूरा होने की उम्मीद जताई और जरूरत पड़ने पर केंद्र सरकार से किसी भी समय बातचीत करने की तत्परता जाहिर की.

बैठक में 79 चीनी मिलों के प्रतिनिधि हुए शामिल

सोमवार को हुई बातचीत में नौ मंत्री और करीब 70 विधायक शामिल हुए. राज्य की 80 में से 79 चीनी मिलों के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया. इस दौरान किसान नेताओं और मिल मालिकों ने अपनी मांगों और प्रस्तावों पर चर्चा की. बैठक में मंत्री सतीश जारकीहोली, लक्ष्मण सावदी और संतोष लाड के अलावा विधायक यशवंत राय गौड़ा पाटिल और एनएच कोनारेड्डी भी मौजूद रहे.

दो दिन में स्पष्ट होगी आगे की रणनीति

मुख्यमंत्री ने कहा कि  किसानों ने प्रस्ताव पर आपसी विचार-विमर्श के लिए दो दिन का समय मांगा है. इसके बाद दोनों पक्ष अंतिम निर्णय की घोषणा कर सकते हैं. फिलहाल गन्ने की कीमत को लेकर अंतिम फैसला होना बाकी है और आगे की स्थिति केंद्र सरकार की ओर से चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य तय किए जाने और दोनों पक्षों की चर्चा पर निर्भर करेगी. (पीटीआई)

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