
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार कृषि और डेयरी क्षेत्र को मजबूत बनाने के साथ किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है. राज्य का लक्ष्य दूध उत्पादन में देश में तीसरे स्थान से पहले स्थान पर पहुंचना है. इसके साथ ही विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित की जाने वाली किसानों की जमीन का मुआवजा मौजूदा दर से चार गुना दिया जाएगा. मुख्यमंत्री ने रविवार को भोपाल में मध्य प्रदेश स्थापना दिवस के 71वें समारोह का उद्घाटन करते हुए ये बातें कहीं.
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश की कृषि विकास दर 24 फीसदी से अधिक है. खेती को और मजबूत बनाने के लिए राज्य में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के कल्याण और कृषि क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता दे रही है. वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है, जिसके तहत कृषि क्षेत्र को विकसित करने के लिए कई पहल की गई हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अलग-अलग विकास परियोजनाओं के लिए जिन किसानों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी, उन्हें प्रचलित मुआवजा राशि से चार गुना भुगतान किया जाएगा. सरकार का उद्देश्य विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के साथ किसानों के हितों की रक्षा करना है.
डेयरी क्षेत्र का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश फिलहाल देश में दूध उत्पादन के मामले में तीसरे स्थान पर है. राज्य सरकार इसे पहले स्थान पर लाने के लिए प्रयास कर रही है. इसके लिए दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और पशुपालन क्षेत्र को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जा रहा है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश उद्योग, रोजगार, कृषि, पर्यटन और विरासत संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है. राज्य में करीब 12 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतरे हैं और निवेश की प्रक्रिया लगातार जारी है. उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में उद्योग वर्ष की पहल से बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार के अवसर मिले. वहीं, 29 अक्टूबर को सरकार ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को 490 करोड़ रुपये की सब्सिडी वितरित की.
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश में चल रही प्रमुख विकास परियोजनाओं का भी उल्लेख किया. इनमें धार जिले में पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क, बीना रिफाइनरी का विस्तार, केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजनाएं शामिल हैं. इसके अलावा मोहासा-बाबई में नवीकरणीय ऊर्जा और बिजली उपकरण निर्माण क्षेत्र विकसित किया जा रहा है.
स्थापना दिवस समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने किसान कल्याण स्वाभिमान पर्व क्विज के विजेताओं और भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति योजना के तहत प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित किया. कुल 102 विद्यार्थियों को एक-एक लाख रुपये और प्रमाण पत्र दिए गए. वहीं, क्विज प्रतियोगिता के विजेताओं को ट्रैक्टर, बुलेट मोटरसाइकिल और ई-स्कूटर प्रदान किए गए.
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 15 जनवरी को भोपाल में सेना दिवस से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इनमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि इस आयोजन से युवाओं में देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना मजबूत होगी. मुख्यमंत्री ने देश की सुरक्षा में सशस्त्र बलों के योगदान की सराहना भी की.
तीन दिवसीय समारोह की शुरुआत 71 बच्चों द्वारा वंदे मातरम् के गायन से हुई. इसके बाद पुलिस बैंड ने राष्ट्रगान की प्रस्तुति दी और आतिशबाजी की गई. कार्यक्रम में गायिका मोनाली ठाकुर और उनकी टीम ने संगीत प्रस्तुति दी. लाल परेड ग्राउंड में राजा भोज के भोपाल विषय पर 160 जलरंग चित्रों की प्रदर्शनी भी लगाई गई. इसके साथ ही उन्नत कृषि तकनीकों और जैविक खेती पर राज्यस्तरीय संगोष्ठी आयोजित की गई.
2 नवंबर को समारोह के दूसरे दिन शाम 6:30 बजे मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों के कलाकार लोक एवं जनजातीय नृत्यों की प्रस्तुति देंगे. इसके अलावा कृषि, विरासत, जनकल्याण और स्थानीय संस्कृति पर आधारित प्रदर्शनियां दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे तक खुली रहेंगी. समारोह में किसान बाजार, महिला उद्यमिता पवेलियन और स्थानीय व्यंजनों का फूड फेस्टिवल भी आयोजित किया जा रहा है. (पीटीआई)