
कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु के पास प्रस्तावित बिदादी या ग्रेटर बेंगलुरु इंटीग्रेटेड सबर्ब प्राजेक्ट को लेकर उठ रहे विवादों और अलग-अलग पक्षों की राय का अध्ययन करने के लिए एक हाईलेवल कमेटी का गठन किया है. यह समिति अगले 30 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी. राज्य सरकार ने कहा है कि परियोजना के सभी पहलुओं की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी.
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, समिति की अध्यक्षता न्यायमूर्ति गुहानाथन नरेंद्र करेंगे. समिति में पूर्व मुख्य सचिव एस. वी. रंगनाथ, पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव एस. आर. उमाशंकर और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी प्रसन्न कुमार को सदस्य बनाया गया है. यह समिति परियोजना का कानूनी, मानवीय और समग्र विकास के नजरिए से मूल्यांकन करेगी.
राज्य सरकार ने एक बार फिर साफ किया है कि इस प्रोजेक्ट के लिए किसी भी किसान या जमीन मालिक की भूमि जबरन अधिग्रहित नहीं की जाएगी. लोगों की सहमति और हितों को प्राथमिकता देते हुए ही आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी. बिदादी के पास एक एकीकृत उपनगर विकसित करने की योजना पहली बार वर्ष 2006 में बनाई गई थी, लेकिन यह लंबे समय तक आगे नहीं बढ़ सकी.
अब बेंगलुरु में बढ़ती निवेश मांग और शहरी विस्तार को देखते हुए सरकार ने इसे ग्रेटर बेंगलुरु इंटीग्रेटेड सबर्ब परियोजना के रूप में दोबारा शुरू करने का फैसला लिया है. सरकार का दावा है कि नई योजना में आबादी वाले क्षेत्रों के विस्थापन को कम करने और जमीन मालिकों को बेहतर मूल्य देने पर जोर रहेगा.
सरकार का कहना है कि परियोजना को लोगों के अनुकूल बनाने के लिए आम जनता और सभी संबंधित पक्षों से सुझाव लिए जाएंगे. इन सुझावों के आधार पर परियोजना में आवश्यक बदलाव करने पर भी विचार किया जाएगा ताकि विकास और स्थानीय हितों के बीच संतुलन बनाया जा सके.
13 अगस्त से शुरू होने वाले कर्नाटक विधानसभा सत्र से पहले यह मुद्दा राजनीतिक रूप से भी अहम हो गया है. भाजपा और जेडी(एस) पहले ही ऐलान कर चुके हैं कि वे इस मामले को विधानसभा में जोरदार तरीके से उठाएंगे. जेडी(एस) ने 14 अगस्त के आसपास बिदादी तक पदयात्रा निकालने की भी घोषणा की है.
बेंगलुरु दक्षिण जिले से सटे बिदादी क्षेत्र में प्रस्तावित एआई आधारित इंटीग्रेटेड टाउनशिप का विभिन्न किसान संगठनों और स्थानीय ग्रामीणों की ओर से लगातार विरोध किया जा रहा है. हाल ही में सरकार ने रामनगर और हरोहल्ली तालुक की तीन गांवों में लगभग 499 एकड़ जमीन के अधिग्रहण की अंतिम अधिसूचना जारी की है. प्रस्तावित परियोजना का कुल दायरा करीब 7,481 एकड़ में फैला होगा और इसे भारत की पहली एआई आधारित इंटीग्रेटेड टाउनशिप के रूप में विकसित करने की योजना है. (पीटीआई)