
पटना में रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य में बाढ़ और कम बारिश से बने हालात को लेकर बिहार सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने दावा किया कि राज्य में 45 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि इस बार बारिश 35 फीसदी से भी कम रहने के कारण कई इलाकों में सुखाड़ जैसे हालात हैं. तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार करीब एक महीने से आपदा जैसी स्थिति का सामना कर रहा है. राज्य के कुछ हिस्से बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि दूसरे इलाकों में कम बारिश के कारण किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं.
तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर हुए दीप प्रज्वलन और लाइटिंग से जुड़े आयोजनों के खर्च को लेकर सरकार पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि जब बिहार में बाढ़ से लोगों की जान जा रही थी, तब 'दीया-बाती' पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए. उन्होंने केंद्र और बिहार की डबल इंजन सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में संकट के बीच राहत और सहायता पर पर्याप्त ध्यान दिया जाना चाहिए.
तेजस्वी यादव ने बाढ़ का पानी उतरने के बाद राहत शिविरों और सामुदायिक रसोइयों को बंद किए जाने पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि पानी कम होने के बाद भी बाढ़ प्रभावित परिवारों की परेशानियां खत्म नहीं होती हैं. उन्होंने मांग की कि प्रभावित लोगों की जरूरतों को देखते हुए राहत शिविर और सामुदायिक रसोई तब तक संचालित की जाएं, जब तक उन्हें पर्याप्त सहायता नहीं मिल जाती.
आरजेडी नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर हुए कार्यक्रमों के खर्च और बिहार को पीएम केयर्स फंड से मिली मदद की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की. तेजस्वी यादव ने सवाल किया कि क्या केंद्र सरकार को बिहार की याद सिर्फ चुनाव के समय आती है.
तेजस्वी यादव ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बिहार दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के साथ कम बारिश वाले इलाकों का भी जायजा लेना चाहिए था. उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में 35 फीसदी से कम बारिश हुई है, वहां किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं. ऐसे इलाकों का भी निरीक्षण किया जाना चाहिए था.
तेजस्वी यादव ने राज्य के सूखा प्रभावित किसानों के लिए तत्काल आर्थिक सहायता की मांग की. उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार को हर सूखा प्रभावित किसान को कम से कम 15 हजार रुपये की सहायता देनी चाहिए. उन्होंने कहा कि कई इलाकों में कम बारिश के कारण किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं और सरकार को उनकी आर्थिक मदद करनी चाहिए.
तेजस्वी यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास अपना कोई स्पष्ट विजन और रोडमैप नहीं है. बाढ़ और सुखाड़ के बीच लोगों को पर्याप्त राहत नहीं मिल रही है. उन्होंने कहा कि बिहार एक तरफ बाढ़ से जूझ रहा है तो दूसरी तरफ कई इलाकों में सूखे जैसे हालात हैं. ऐसे समय में सरकार को राहत कार्यों पर ध्यान देना चाहिए.
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 20 सितंबर तक बिहार के 16 जिलों में करीब 40.72 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. बाढ़ का असर 88 प्रखंडों और 676 ग्राम पंचायतों तक बताया गया है. प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अरवल शामिल हैं.
बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान जारी है. कई जिलों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमें तैनात हैं. प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने के लिए राहत शिविर, सामुदायिक रसोई और नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है. (एएनआई)